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मजदूर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का संकल्प, मंत्री पटेल का बड़ा बयान

मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल की 64वीं बैठक हुई भोपाल मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल की 64वीं बैठक में श्रमिकों के बच्चों के शैक्षणिक उत्थान को केंद्र में रखते हुए मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन देने और प्रारंभिक स्तर पर कॅरियर काउंसलिंग की व्यवस्था विकसित करने पर प्राथमिकता दी गई। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मंडल की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को इन अवसरों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में मंडल का आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट माननीय सदस्यों द्वारा चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन, कल्याण आयुक्त संजय कुमार एवं श्रमिकों एवं नियोजकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना शासन की जिम्मेदारी है। वेतनमान से जुड़े मामलों में देरी कार्यकुशलता को प्रभावित करती है, इसलिए सभी लंबित प्रकरणों की सूची बनाकर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सामाजिक सुरक्षा अंशदान जमा न करने वाले प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की जानकारी पोर्टल पर सार्वजनिक करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण, श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रगति, खेल एवं कौशल विकास गतिविधियों तथा नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन ने बताया कि श्रम कल्याण बोर्ड में संपूर्ण कंप्यूटरीकरण एमपीएसईडीसी के माध्यम से किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा नवीन श्रम संहिताओं पर संभागीय स्तर की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें से एक भोपाल में संपन्न हो चुकी है। इन संहिताओं के आधार पर राज्य में श्रम कानूनों में संशोधन किए जा रहे हैं। सिलाई केंद्रों का पुनः संचालन, 17 केंद्र सक्रिय बैठक में बताया गया कि चचाई और इंदौर में सिलाई केंद्रों को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। वर्तमान में 27 श्रम कल्याण केंद्रों में से 17 में सिलाई-कढ़ाई केंद्र संचालित हो रहे हैं। कौशल विकास विभाग द्वारा प्रशिक्षणार्थियों का परीक्षण कराया गया है। मंडल के अंतर्गत संचालित श्रम कल्याण केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण, राष्ट्रीय पर्व, विश्वकर्मा जयंती जैसे आयोजन नियमित रूप से किए जा रहे हैं। श्रमिकों के लिए कंप्यूटर केंद्र भी संचालित हैं। खेलों को बढ़ावा, समयावधि बढ़ाने का प्रस्ताव बैठक में खेल प्रतियोगिताओं की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। बताया गया कि खेलों के माध्यम से श्रमिकों का सर्वांगीण विकास संभव है। साथ ही नियमित कर्मचारियों को समयमान वेतनमान के एरियर भुगतान को शीर्ष प्राथमिकता देने की बात कही गई। भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा हुई। अंत में सभी सदस्यों ने श्रमिक एवं कर्मचारी हितों को सर्वोपरि रखते हुए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।  

‘एमपी पेवेलियन’ में एआई गवर्नेंस मॉडल ने खींचा सबका ध्यान

भोपाल  इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट–2026 ‘सशक्त भारत के लिए एआई आधारित सुशासन’ के विजन पर आधारित मध्यप्रदेश के 14 प्रमुख स्टार्ट-अप और विभिन्न शासकीय विभागों के नवाचारों के प्रदर्शन से नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट–2026’ में ‘एमपी पेवेलियन’ विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पेवेलियन में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, औद्योगिक स्वचालन, डिजिटल हेल्थ केयर, संचार प्रशिक्षण और रोबोटिक्स जैसे विविध क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग की सशक्त झलक प्रस्तुत की गई है। स्टार्ट-अप श्रेणी में नोवोसएज (एग्रीदूत)ने एआई, एमएल, आईओटी और जीआईएस आधारित प्रिसीजन फार्मिंग प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किया, जो किसानों को रीयल-टाइम खेत-स्तरीय जानकारी, फसल रोग पूर्वानुमान और उपग्रह आधारित विश्लेषण उपलब्ध कराता है और 15 से अधिक एफपीओ और 15,000 से अधिक किसानों को सेवा दे रहा है। नुआइग ने हेल्थ टेक और वृद्धजन देखभाल के लिए एआई एजेंट, प्रिडिक्टिव केयर इंजन और डॉक्टर–रोगी संवाद के स्वचालित सारांश जैसे समाधान प्रस्तुत किए। क्वासी इंटेलिजेंस ने ‘क्वासी विज़न प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से चौबीस घंटे औद्योगिक सुरक्षा निगरानी, उत्पादन ट्रैकिंग और वेयरहाउस विश्लेषण की सुविधा प्रदर्शित की, जबकि ग्रेडिन डॉट एआई ने प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस तकनीक से उद्योगों की परिचालन लागत में 15–20 प्रतिशत तक कमी की संभावनाएं दर्शाईं। आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आईआईटी इंदौर) ने हाई-फिडेलिटी पेशेंट सिम्युलेटर, पोर्टेबल टेस्ट किट और एआई डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल हेल्थ केयर नवाचार प्रस्तुत किए। कॉमोनिफाई (कॉमन स्कूल) ने एआई-आधारित इमर्सिव कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इंटरव्यू, मीटिंग और पेशेवर प्रशिक्षण के लिए रीयल-टाइम फीडबैक आधारित समाधान प्रदर्शित किया। आरएसईएनएल एआई फिल्म्स ने जनरेटिव एआई आधारित सिनेमैटिक स्टोरीटेलिंग मॉडल प्रस्तुत किया, जो कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले विजुअल निर्माण को संभव बनाता है। यंगोवेटर ने रोबोटिक्स एवं स्टेम शिक्षा के लिए ह्यूमनॉइड और थ्रीडी प्रिंटेड रोबोट सहित इंटरैक्टिव लैब प्रदर्शित की, जिसने अब तक 25,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है। जैंगोह (न्यूज़ेरा टेक लैब्स) ने सॉवरेन एआई आधारित समाधान जैसे भीड़ विश्लेषण, बहुभाषीय अनुवाद और सरकारी योजना सहायता प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किए। आस्कगैलोर ने थ्रीडी एआई डिजिटल ह्यूमन असिस्टेंट प्रदर्शित किए जो बहुभाषीय और संदर्भ-संवेदनशील संवाद में सक्षम हैं। रिमोट फिज़ियोस ने आईओटी और एआई आधारित टेली-रिहैबिलिटेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर बैठे विशेषज्ञ निगरानी में उपचार की सुविधा दिखाई। ट्रायोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ ने एआई-सक्षम एक्सआर इनडोर नेविगेशन सिस्टम का प्रदर्शन किया जो जटिल परिसरों में जीपीएस रहित मार्गदर्शन प्रदान करता है। प्लांटिक्स ने एआई आधारित डिजिटल क्रॉप इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया, जो 800 से अधिक फसल रोगों का उच्च सटीकता से निदान कर 22 मिलियन किसानों को सशक्त बना रहा है। समिट में मध्यप्रदेश के शासकीय विभागों ने भी एआई-सक्षम शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण के अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने डिजिटल पर्यटन प्रचार उपकरणों का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने तपेदिक जोखिम पूर्वानुमान ‘पाटो’, एआई आधारित जांच एवं ‘सुमन सखी’ जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य समाधान प्रदर्शित किए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (मनरेगा) ने एआई आधारित जिला प्रदर्शन प्रणाली प्रस्तुत की, जबकि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने ‘एमपी अर्बन लॉकर’ सहित शहरी शासन से जुड़े डिजिटल नवाचारों का प्रदर्शन किया। एमपी पेवेलियन राज्य की तकनीकी प्रगति, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और एआई-सक्षम सुशासन की दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है।  

केला निर्यात में फ्रूट केयर और पैक हाउस अपनाने से बढ़ेगा निर्यात

भोपाल  कृषक कल्याण वर्ष-2026 जिले को केले के एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कृषि उन्नयन संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विशेषज्ञों, निर्यातकों और प्रगतिशील किसानों सहित बड़ी संख्या में जिले के प्रेक्षक सम्मिलित हुए, जहाँ जिले के केले को वैश्विक मानकों पर खरा उतारने के लिए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। अंतर्राष्ट्रीय केला विशेषज्ञ  के. बी. पाटिल ने किसानों को कहा कि जिस प्रकार बच्चों को संभाला जाता है, उसी प्रकार पैकिंग के दौरान केले की फ्रूट केयर जरूरी है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अब स्पॉटलेस और फ्रेश केले की मांग है। केला निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक फ्रूट केयर और वैज्ञानिक पैकेजिंग पर ध्यान देना ज़रूरी हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्यात और प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। क्योंकि पहले केला आंखों से देखा जाता है, इसके बाद खाया जाता है। क्योंकि अब वह ज़माना गया जब फल विक्रेता केलों को यह कहकर बेचते थे कि ले जाइए साहब छींटे वाला केला है, परतु वास्तविक में यह पकने की नहीं बल्कि सड़न की प्रक्रिया की शुरूआत होती है।  पाटिल ने कहा कि पैक हाउस के महत्व को बताते हुए कहा कि केले की पैकिंग खेतों के बजाय पैक्स हाउस में की जानी चाहिए जिससे वे लंबे समय तक ताजे रहें। उन्होंने कहा कि कृषकों एवं उद्योग के दृष्टिकोण से केले के उत्पादन संबंधी चुनौतियों,संभावनाओं एवं उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। जिले में लगभग 3,600 हेक्टेयर में केले की खेती हो रही है, जिसकी उत्पादकता 850 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यहाँ के किसानो ने क्लाइमेट चेंज को मात देने वाले मॉडल्स अपनाए हैं। किसानों को टिश्यू कल्चर के लाभों और उद्योग की चुनौतियों को समझते हुए चहुमुखी प्रयास करने होंगे। केला निर्यात विशेषज्ञ  अमोल महाजन ने बताया कि भारत दुनिया का 26 प्रतिशत केला उत्पादित करता है, लेकिन निर्यात के मामले में हम अभी 9वें स्थान पर हैं। भौगोलिक स्थिति के आधार पर फिलीपींस और इक्वाडोर जैसे देशों की तुलना में भारत से मिडिल ईस्ट देशों तक माल पहुँचाना आसान और कम समय लेने वाला है। निर्यात के क्षेत्र में एक बहुत अच्छा अवसर है। निर्यात एवं व्यापार में नए अवसर के लिये पैक हाउस,कोल्ड स्टोरेज, फ्रूट सर्विस, ट्रांसपोर्ट, वेंडर एवं मटेरियल सप्लाई के लिये प्रयास किए जाए तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही, पैकिंग कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मिर्च एक्सपोर्ट की जानकारी खरगोन के  अभिषेक पाटीदार ने दी। उन्होंने मार्केट चेन, कृषि लागत ,जैविक एवं प्राकृतिक खेती के सम्बन्ध में भी अपनी विचार साझा किए। कृषि संवाद कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को कृषि के क्षेत्र में मार्गदर्शन दिया गया। इस क्रम में जैन इरीगेशन जलगांव के अंतर्राष्ट्रीय केला विशेषज्ञ  केबी पाटिल, एग्रोनॉमिस्ट  अजहर जैदी, जैन कृषि तीर्थ जलगांव के डॉ. सुधीर भोंगले द्वारा टिश्यू कल्चर तकनीक पर, मुंबई एवं बुरहानपुर के केला एक्सपोर्टर  अमोल महाजन द्वारा केला एक्सपोर्ट, खरगोन के  अभिषेक पाटीदार, वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र सिंह, रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. व्हायके जैन, अवार्ड टू बनाना फॉर्मर ऑफ इंडिया  संतोष लछेटा द्वारा केला उत्पादन तकनीक एवं जिले के प्रगतिशील किसान  भरत पाटीदार,  बलराम जाट एवं कृषि विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन विभाग द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत बीजों की प्रदर्शनी लगाई गई। पात्र किसानों को कृषि उपकरणों के लिये अनुदान सहायता राशि के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद  गजेन्द्र सिंह पटेल,जिला पंचायत अध्यक्ष  बलवंत सिंह पटेल ,पूर्व कैबिनेट मंत्री  प्रेम सिंह पटेल, कलेक्टर मती जयति सिंह सहित अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की उपस्थिति में किसानों को आधुनिक खेती और वैश्विक बाजार से जुड़ने की रणनीतियां बताई गई।  

प्यार का दिखावा, फिर हत्या की साजिश: गर्भवती पत्नी का गला घोंटने वाला CA गिरफ्तार

गुरुग्राम हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। पत्नी 5 महीने की गर्भवती भी थी। सामने आई जानकारी के मुताबित पति ने सोझी समझी साजिश के तहत इस खौफनाक कांड को अंजाम दिया। पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। दोनों की शादी कुछ महीने पहले सितंबर 2025 में हुई थी। पति पत्नी वैलेंटाइन डे मनाने के बाद हिसार से वापस गुरुग्राम लौट रहे थे, तभी पति ने झज्जर के बादली थाना क्षेत्र के पासौर गांव के पास पत्नी की धार दार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों की पहचान 27 साल की महक और अंशुल धवन के तौर पर हुई है। पुलिस को खुद किया फोन झज्जर पुलिस ने कहा कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन किया और मामले को लूट की वारदात के रूप में पेश करने की कोशिश की। हालांकि, जब बादली पुलिस उसे अपराध स्थल पर ले गई, तो वह घटनाक्रम और हमलावरों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो अंशुल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। महक के पिता कृष्ण कथूरिया, जो हांसी में सब्जी की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी सितंबर 2025 में हुई थी। उन्होंने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो महक का शव खेतों में पड़ा था और उसकी गर्दन पर चोट के गहरे निशान थे। पिता ने आरोप लगाया कि अंशुल ने पहले महक का गला घोंटा फिर धार दार हथियार से वार किया। पुलिस ने बताया कि रास्ते में दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी ने अपने पिता को भी गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि किसी ने उसकी पत्नी की हत्या कर दी है। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। संबंधित धाराओं के तहत FIR) दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

विगत पांच दिनों में त्वरित पुलिस कार्यवाही से चार अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों को मिला जीवनदान

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत 5 दिनों के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में घटित चार गंभीर घटनाओं में तत्परता, साहस एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए समय पर राहत एवं बचाव कार्य कर तीन नागरिकों को सुरक्षित बचाया। इन घटनाओं में पुलिसकर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया एवं समर्पित सेवा भावना के चलते संभावित बड़े हादसों को टालते हुए पीड़ितों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। थाना सनावद जिला खरगौन दिनांक 16 फरवरी को थाना सनावद क्षेत्र में भ्रमण के दौरान प्रधान आरक्षक श्री गंभीर मीणा एवं आरक्षक श्रीकृष्ण बिरला ने ढकलगांव रोड के समीप एक व्यक्ति को मोटर साइकिल से अचेत अवस्था में सड़क पर गिरा हुआ देखा, जिसके पास एक महिला घबराई हुई स्थिति में खड़ी थी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए तत्परता दिखाई। आरक्षक श्रीकृष्ण बिरला द्वारा तत्काल व्यक्ति को सीपीआर प्रदान किया गया, वहीं प्रधान आरक्षक श्री गंभीर मीणा द्वारा तुरंत डायल-112 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क कर मौके पर बुलाया गया। पुलिस द्वारा समय रहते दिए गए CPR जैसी जीवनरक्षक तकनीक का उपयोग करते हुए जीवनरक्षक प्रयास शुरू किए। कुछ ही मिनटों की सतर्कता और निरंतर प्रयासों से युवक की धड़कनें सामान्य हुईं। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। राजगढ़- थाना लीमा चौहान दिनांक 14 फरवरी 2026 को ग्राम निपानिया में प्रधानमंत्री रोजगार सड़क निर्माण योजना अंतर्गत नाली निर्माण कार्य के दौरान साइड की कच्ची दीवार की मिट्टी अचानक धंसने से दो मजदूर मिट्टी में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना लीमा चौहान पुलिस द्वारा तत्काल पुलिस बल एवं दो जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचकर बिना विलंब रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया। इस दौरान कार्यवाहक आरक्षक 226 श्री अमितेंद्र रघुवंशी एवं कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 659 श्री दिवाकर वर्मा द्वारा मौके पर ही सीपीआर (CPR) प्रदान कर एक मजूदर को बचाया। तत्पश्चात उसे तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया। दुर्भाग्यवश दूसरे मजूदर को मृत अवस्था में निकाला गया, जिनका पोस्टमार्टम कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। थाना खिलचीपुर, जिला राजगढ़ 15 फरवरी 2026 को थाना खिलचीपुर क्षेत्र अंतर्गत झारखंडेश्वर मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्टॉप पानी डेम के समीप पैदल पुल पार करते समय 15-16 वर्ष की किशोरी संतुलन बिगड़ने से नदी में गिर गई। सूचना प्राप्त होते ही ड्यूटी पर तैनात आरक्षक 53 श्री अविनाश शर्मा, थाना खिलचीपुर तथा एसडीईआरएफ जवान 89 श्री संजय वर्मा द्वारा तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए नदी में उतरकर किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर की गई त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। किशोरी पूर्णतः सुरक्षित है। थाना कनाडिया, जिला इंदौर दिनांक 13 फरवरी 2026 को थाना कनाडिया क्षेत्रांतर्गत स्नेह जीव मैरिज गार्डन में विद्युत सुधार कार्य के दौरान एक व्यक्ति दो मंजिला टावर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसीपी खजराना श्री कुंदन मंडलोई, थाना प्रभारी कनाडिया डॉ. सहर्ष यादव एवं पुलिस स्टाफ द्वारा तत्परता से घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया। उपरोक्त घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं, बल्कि संकट की प्रत्येक घड़ी में नागरिकों के साथ खड़ी है। मानवीय संवेदना, साहस एवं त्वरित निर्णय क्षमता के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस निरंतर जनसेवा के अपने दायित्व का निर्वहन कर रही है और समाज में सुरक्षा, विश्वास व सहयोग की सुदृढ़ भावना को सशक्त कर रही है।  

कोर्ट में AI का खेल उजागर: वकीलों ने गढ़ दिए नकली केस, CJI सूर्यकांत नाराज

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत समेत शीर्ष न्यायालय के कई जजों ने कहा है कि कई वकील ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एआई की मदद ले रहे हैं। इस दौरान न्यायाधीशों ने कहा कि ड्राफ्ट में ऐसे उदाहरण दिए जा रहे हैं, जिनका अस्तित्व ही नहीं है। जानकारों का कहना है कि एआई जजों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि सहायक की भूमिका निभा सकता है। बार एंड बेंच के अनुसार, याचिकाएं तैयार करने के लिए AI के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'हमें हैरान करने वाले बात बताई गई है कि कुछ वकीलों ने ड्राफ्टिंग के लिए एआई का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।' जस्टिस बीवी नागरत्न ने कहा, 'एक केस था मर्सी बनाम मैनकाइंड, जो वजूद में ही नहीं था।' सीजेआई ने कहा, 'जस्टिस दीपांकर दत्ता के साथ भी ऐसा कुछ हुआ है। बताए गए सभी उदारहण कभी थे ही नहीं।' जस्टिस नागरत्न ने कहा, 'कुछ सुप्रीम कोर्ट के असली केसों के हवाला दे रहे थे, लेकिन उनके कुछ बताए गए हिस्से फैसले में थे ही नहीं।' एआई जज की जगह नहीं ले सकता, पूर्व जज बोले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने हाल ही में कहा कि AI न्यायिक प्रणाली में जज की जगह नहीं ले सकता है। उन्होंने कहा कि एआई सिर्फ न्याय प्रणाली में सहायक की भूमिका निभा सकता है। जस्टिस माहेश्वरी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘भारतीय न्याय प्रणाली को बदलने के लिए एआई का इस्तेमाल’ परिचर्चा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ज्ञान को बढ़ाने और काम में मदद करने का एक सहायक उपकरण है, लेकिन यह इंसानी समझ की जगह नहीं ले सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई में स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता नहीं होती और न ही इसमें मानवीय संवेदना या परिस्थितियों की भावनात्मक समझ है, जो न्याय के लिए जरूरी है। एआई सिर्फ सहायक टूल के तौर पर काम करे परिचर्चा के अंत में वक्ताओं ने माना कि मुकदमों के बोझ कम करने और मामलों के त्वरित निपटारे में एआई के इस्तेमाल के तरीकों पर जोर दिया। साथ ही न्यायिक आजादी और कानून के राज में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए। बातचीत में यह आम सहमति दिखी कि एआई को न्यायिक तर्क के विकल्प के बजाय एक सहायक टूल के तौर पर काम करना चाहिए।

स्वदेशी तकनीक का दम: पीएम मोदी ने पहने ‘Sarvam Kaze’, भारतीय कंपनी की AI में उड़ान

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में एक शानदार चश्मा पहने हुए देखा गया। यह साधारण नहीं बल्कि AI डिवाइस है। इस वियरेबल का नाम sarvam kaze है। एआई ग्लासेस को देश के AI स्टार्टअप सर्वम AI ने बनाया है। एआई समिट 2026 में जियो ने भी अपने एआई ग्लासेस पेश किए हैं। ऐसे में पीएम मोदी द्वारा स्वदेशी एआई ग्लासेस को पहनना कोई आम बात नहीं है। ये एआई ग्लासेस कई दमदार फीचर्स के साथ लाए जाएंगे। पीएम मोदी ने टेस्ट किए एआई ग्लासेस 16 फरवरी से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में Sarvam Kaze पेश किए गए हैं। यह एक AI वियरेबल है। इसकी मदद से अन्य स्मार्ट ग्लासेस की तरह ही यूजर रियल समय में देखी जाने वाली चीजों के बारे में सुन सकते हैं। यह एआई ग्लासेस आपकी बातों का जवाब देता है और इसके जरिए आप कुछ भी कैप्चर कर सकते हैं। भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में वॉक फेंक के दौरान पीएम मोदी ने यह चश्मा पहना था। सर्वम AI के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार द्वारा शेयर की गई फोटोज में प्रधानमंत्री एग्जीबिशन फ्लोर पर इसके रियल-टाइम रिस्पॉन्स को टेस्ट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। चैट फीचर लाने की योजना में कंपनी कंपनी इस हफ्ते एक चैट फीचर भी लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस डिवाइस को आवाज और विजुअल इंटरैक्शन के जरिए असल दुनिया में इंटेलिजेंस लाने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यूजर्स सर्वम प्लेटफॉर्म पर जाकर कस्टम एक्सपीरियंस भी पा सकते हैं। इस एआई डिवाइस को भारत में डिजाइन और बनाया गया है। कंपनी इसे पूरी तरह से देसी AI प्रोडक्ट के तौर पर पेश कर रही है। कंपनी के अनुसार इस डिवाइस को मई में भारतीय बाजार में लॉन्च किया जा सकता है। बिना इंटरनेट वाला एआई भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI ने हाल ही में Sarvam Edge लॉन्च किया है। इसकी खासियत है कि यह बिना इंटरनेट के चल रहा है। इसकी मदद से आप अपने फोन या लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के भी AI का इस्तेमाल कर पाएंगे। ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, Sarvam AI ने बताया है कि यह एक ऐसा ऑन डिवाइस AI प्लेटफॉर्म होगा, जिसे चलाने के लिए ना तो क्लाउड सर्वर की जरूरत है और ना ही इंटरनेट कनेक्शन की। Sarvam Edge उन लोगों तक भी AI को पहुंचाएंगा, जो महंगे इंटरनेट प्लान का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं और जिनके क्षेत्र में नेटवर्क नहीं आते हैं। Sarvam Edge की खासियत होगी कि यह आपके डिवाइस की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करेगा और इंटरनेट से जुड़ा ना होने की वजह से 100% सुरक्षित भी रहेगा। इससे देखकर लग रहा है कि अब भारतीय कंपनियों ने भी एआई के क्षेत्र में देश को टॉप पर पहुंचाने के लिए अपनी कमर कस ली है।

रील के चक्कर में मौत का खेल! दिल्ली स्कॉर्पियो केस से दहली राजधानी, परिवार की इंसाफ की गुहार

नई दिल्ली दिल्ली के द्वारका इलाके में पिछले दिनों हुए दर्दनाक हादसे से हर कोई सन्न है। एक नाबालिग के रील बनाने का जुनून 23 साल के साहिल की जान पर भारी पड़ गया। घटना उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार एसयूवी एक टैक्सी और बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर मौजूद साहिल धनेश्वा की मौके पर ही मौत हो गई। दिल्ली के द्वारका इलाके में पिछले दिनों हुए स्कॉर्पियों कांड से हर कोई सन्न है। एक नाबालिग के रील बनाने का जुनून 23 साल के साहिल की जान पर भारी पड़ गया। घटना उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार एसयूवी एक टैक्सी और बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर मौजूद साहिल धनेश्वा की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में अब खुलासे हो रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक जिस एसयूवी से इतना बड़ा हादसा हुआ, वो एक 17 साल का नाबालिग चला रहा था। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था और गाड़ी पर पहले से ही ओवरस्पीडिंग के कई चालान थे। जानकारी के मुताबिक आरोपी अपनी बहन के साथ मौजूद था और हादसे के वक्त रील बना रहा था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें हादसे के वक्त आरोपी अपनी बहन के साथ रील बनाते नजर आ रहा है। मां का क्या आरोप? अब इस मामले में मृक की मां इन्ना माकन ने न्याय की गुहार लगाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि आरोपी स्टंट मारते हुए गाड़ी चला रहा था। उसे गाड़ी चलानी भी नहीं आती थी और ना ही उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस था। उन्होंने बताया कि आरोपी अपनी बहन के साथ स्कॉर्पियो में रील बनाने निकला था और गलत लेन में स्टंट कर रहा था। इस दौरान वह बस के सामने आ गया। उन्होंने आगे कहा कि टक्कर के बाद भी एसयूवी ड्राइवर ने ब्रेक नहीं लगाए। इस हादसे में बस और पास में खड़ी टैक्सी को भारी नुकसान हुआ। इन्ना माकन ने कहा कि रील बनाने के जुनून और रईस मां-बाप की शह ने उनके बेटे की जान ले ली। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार चालान कटने के बावजूद पिता ने नाबालिग को गाड़ी चलाने से क्यों नहीं रोका। उन्होंने कहा कि यह उस मानसिकता का परिणाम है जहां अमीर लोग समझते हैं कि वे पैसे के दम पर कानून को अपनी जेब में रख सकते हैं। वीडियो में मां ने कहा कि आरोपी स्टंट बनाने के लिए घर से निकला और मेरे बेटे को उड़ा दिया। उन्होंने ये भी बताया कि वह एक सिंगल मदर हैं और उन्होंने 23 साल से अपने बेटे को अकेले ही पाला है। विदेश जाने वाला था साहित साहिल की मां ने कहा, मेरा बेटा बीबीए का छात्र था, लास्ट ईयर में था और उसका आखिरी सेमेस्टर चल रहा था। कुछ ही महीनों में उसे विदेश जाना था। उसका कॉल लेटर आ चुका था और वह खूब मेहनत कर रहा था। मैंने मीडिया को सब कुछ बता दिया है। मैं इस कानून को स्वीकार नहीं करती और न ही कभी करूंगी। चाहे जो भी हो, इसे हम पर थोपा नहीं जा सकता। कानून व्यवस्था जनता के लिए है। इसे जनता पर थोपा नहीं जा सकता। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। कानूनी कार्रवाई की बात करें तो दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी नाबालिग को घटना स्थल से ही पकड़ लिया गया था और उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे प्रेक्षण गृह भेज दिया गया। हालांकि, 10 फरवरी 2026 को बोर्ड ने उसकी 10वीं की परीक्षाओं को आधार मानते हुए उसे अंतरिम जमानत दे दी है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल तीनों वाहनों को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच जारी है। कैसे हुआ हादसा घटना 3 फरवरी की है। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में मंदो कारों और एक बाइक की टक्कर में 23 वर्षीय मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि एक टैक्सी ड्राइवर घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि शुरुआती जांच के अनुसार, एसयूवी गुरुद्वारे की दिशा से आ रही थी, जबकि मोटरसाइकिल विपरीत दिशा से आ रही थी। एसयूवी और मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद, एसयूवी सड़क किनारे खड़ी टैक्सी से टकरा गई।

हिमंत सरमा का बंगाल पर कटाक्ष: ‘असली बाबरी मस्जिद नहीं, अब पुतला बनाकर क्या मिलेगा?’

मिर्जापुर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तृणमूल कांग्रेस के सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर के पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद बनाने के ऐलान पर तंज कसा है। प्रस्तावित मस्जिद के बारे में पूछे जाने पर, सरमा ने सोमवार को मिर्जापुर में रिपोर्टर्स से कहा, "यह बाबरी मस्जिद का 'पुतला' (डमी) है, असली (मस्जिद) नहीं। जब असली मस्जिद ही नहीं रही, तो 'पुतला' क्या करेगा?" पिछले बुधवार को, कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तरह बनी बहुत चर्चित मस्जिद का कंस्ट्रक्शन शुरू किया। कबीर, जिन्होंने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से निकाले जाने के बाद जनता उन्नयन पार्टी (JUP) बनाई है, ने घोषणा की कि बेलडांगा के रेजिनगर में मस्जिद दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी और इस पर लगभग 50-55 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। निर्माण कार्य में भागीदारी दर्शाने के लिए कई समर्थक अपने सिर पर ईंटें ढोते हुए देखे गए। जेयूपी प्रमुख कबीर ने कहा, "विरोध करने वालों से मैं कहना चाहूंगा कि वे हट जाएं। लोगों को अपने-अपने धर्मों का पालन करने तथा मंदिर, गिरजाघर या जो चाहें बनाने की पूरी आजादी है। मैं इस्लाम के नाम पर किसी का विरोध नहीं करूंगा। मेरा उद्देश्य अल्लाह को प्रसन्न करना और अपनी धार्मिक आस्था को निभाना है, किसी पर कुछ थोपना नहीं।" उन्होंने कहा,''इस मस्जिद के निर्माण को रोकने वाली धरती पर कोई ताकत नहीं है। अल्लाह की कृपा से हम दो साल के भीतर इसका निर्माण पूरा कर लेंगे। इसे बनाने में 50-55 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।'' कबीर ने घोषणा की कि बोर्ड परीक्षाएं होने के चलते वह फिलहाल निर्धारित 'बाबरी यात्रा' – नादिया के पलाशी से उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार तक 235 किलोमीटर की रैली – को स्थगित रखेंगे। 11 एकड़ की जमीन पर बन रही मस्जिद मस्जिद 11 एकड़ की जमीन पर बन रही है और इसमें लगभग 12,000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे। कबीर की घोषणा के बाद, एक दक्षिणपंथी ग्रुप, विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने उत्तर प्रदेश के लोगों से मुर्शिदाबाद तक मार्च करने की अपील की थी। 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों के एक बड़े ग्रुप ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिरा दी थी। सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर 2019 के फैसले ने इस मामले को सुलझा दिया, जिसमें विवादित जगह पर एक ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर बनाने का फैसला सुनाया गया और मस्जिद के लिए पांच एकड़ की दूसरी जगह दी गई। इस आदेश के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। वहीं, उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए दी गयी पांच एकड़ जमीन पर अभी कोई काम शुरू नहीं हुआ है।  

आकाश इंस्टीट्यूट भोपाल के तनिष्क सिंघल बने भोपाल टॉपर

भोपाल  एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड  (AESL) के भोपाल के छात्रों ने एक बार फिर जेईई मेन (सेशन 1) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपने क्षेत्र में संस्थान के मजबूत शैक्षणिक कार्यक्रम को साबित किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 16 फरवरी को जारी परिणामों के अनुसार, जेईई मेन 2026 में आकाश इंस्टीट्यूट, भोपाल के 11 छात्रों ने 98 परसेंटाइल से अधिक प्राप्त कर बेहतरीन प्रदर्शन दिया। जेईई मेन  2026 में, आकाश इंस्टीट्यूट भोपाल शाखा के छात्रों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तनीष्क सिंगल ने 99.925 परसेंटाइल प्राप्त कर भोपाल सिटी रैंक 1 हासिल किया। यह पिछले 3 वर्षों में दूसरी बार है जब भोपाल सिटी टॉपर Aakash Institute की भोपाल शाखा का छात्र बना है। उनके बाद अर्श गिरी ने 99.56 परसेंटाइल और कृष्णा वर्मा ने 99.55 परसेंटाइल के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंशिका धाकड़ और अनुज सिंह दोनों ने 99.48 परसेंटाइल हासिल किए, निहारिका मीणा ने 99.17, सालेहा अंसारी ने 98.79, आराध्य रैकवार ने 98.75, वेदांत पचौरी ने 98.50, मोहम्मद अज़लान सिद्दीकी ने 98.31 तथा वैभव रंजन ने 98.12 परसेंटाइल प्राप्त किए। यह प्रदर्शन भोपाल शहर में सर्वश्रेष्ठ चयन प्रतिशत में से एक माना जा रहा है। छात्रों की उपलब्धियों पर टिप्पणी करते हुए, डॉ. एच.आर. राव, चीफ़ ऑफ़ एकेडेमिक्स एवं बिज़नेस हेड, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) ने कहा: “भोपाल के छात्रों का उत्कृष्ट परिणाम उनके समर्पण और आकाश के मजबूत शैक्षणिक तंत्र का प्रमाण है। हमें उनकी मेहनत पर गर्व है और हम उन्हें दिल से बधाई देते हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।” कई छात्रों ने बताया कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास, कठोर प्रशिक्षण, समय पर मार्गदर्शन और नियमित मूल्यांकन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, योग्य शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित मॉक टेस्ट के अवसरों ने उन्हें अपनी कमजोरियों को जल्दी पहचानने और लगातार सुधार करने में सहायता की। जेईई मेन, जो वर्ष में दो बार आयोजित होता है, छात्रों को अपने पिछले स्कोर में सुधार का अवसर देता है और इसके आधार पर छात्र एनआईटी, आईआईआईटी एवं अन्य सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं। यह परीक्षा जेईई एडवांस्ड  के लिए भी क्वालिफाई करने का माध्यम है, जो इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी ) में प्रवेश हेतु आयोजित की जाती है।