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इजरायल का विवादित कदम: वेस्ट बैंक में कब्जा करने की तैयारी, 8 मुस्लिम देशों ने विरोध जताया

तेल अवीव इजरायल सरकार ने पश्चिमी तट में जमीन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के हालिया फैसले की आठ मुस्लिम देशों द्वारा निंदा करने वाले संयुक्त बयान को बेबुनियाद और गुमराह करने वाला बताया है। मंगलवार को तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने पश्चिमी तट में जमीन को सरकारी सम्पति घोषित करने और उनके पंजीकरण और मालिकाना हक के सेटलमेंट के लिए प्रक्रिया को मंजूरी देने के इजरायली सरकार के फैसले की निंदा की। मंत्रालय ने आज एक बयान में कहा, 'यह बयान असल में बेबुनियाद और जानबूझकर गुमराह करने वाला है। फिलिस्तीनी अधिकारी ही क्षेत्र सी में गैर-कानूनी जमीन पंजीकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे है, जो कानून और मौजूदा समझौतों का उल्लंघन है।' मंत्रालय ने बताया कि इजरायली सरकार ने सिविल और सम्पति कानून के तहत प्रशासनिक कदम को मंजूरी दी है। क्या बोला सऊदी अरब सऊद अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह कदम कब्जे वाले इलाके में एक नई कानूनी और प्रशासनिक हकीकत को थोपता है, जिससे द्वि-राष्ट्र समाधान और फिलिस्तीनी अधिकार कमज़ोर होते हैं। मंत्रालय ने कहा कि फिलिस्तीनी जमीन पर इजरायल का कोई हक नहीं है। मंत्रालय ने इन कदमों को फिलिस्तीनी लोगों के चार जून, 1967 की सीमाओं पर एक आजाद देश बनाने के कानूनी हक पर हमला बताया, जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम हो। प्रस्ताव उल्लेखनीय है कि इजरायली सरकार ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के बड़े इलाकों को अपनी भूमि के तौर पर वर्गीकृत करने की योजना को मंजूरी दी, अगर फिलिस्तीनी मालिकाना हक साबित नहीं कर पाते। यह प्रस्ताव दक्षिणपंथी मंत्रियों बेज़ालेल स्मोट्रिच (वित्त), यारिव लेविन (न्याय), और इजरायल काट्ज (रक्षा) ने रखा था। स्मोट्रिच ने इस योजना को 'हमारी सभी जमीनों पर नियंत्रण करने के लिए समाधान क्रांति' का अगला कदम बताया, जबकि लेविन ने इसे इज़रायल के अपने सभी हिस्सों पर अपनी पकड़ मज़बूत करने की प्रतिबद्धता का प्रदर्शन बताया। इस मंजूरी से ज़मीन के मालिकाना हक के समाधान की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई हैं, जो 1967 में वेस्ट बैंक पर इजरायल के कब्जे के बाद से रुके हुए थे।

जम्मू-कश्मीर पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा संकेत, अर्जुन मेघवाल बोले- जल्द सुनेंगे फैसला

श्रीनगर  जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा मिलने को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. दरअसल, केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री, अर्जुन राम मेघवाल ने  इस पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आप बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे. अर्जुन मेघवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को जल्द ही राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा एक सेंसिटिव मुद्दा है. अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले ही संसद में भरोसा दिला चुके हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनका हक जरूर मिलेगा। मेघवाल ने कहा, 'हमारे गृह मंत्री ने लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का जो भी हक है, वह दिया जाएगा। मुझे विश्वास है कि आप इस बारे में बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे।' गौरतलब है कि अगस्त 2019 में भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म कर दिया था और तत्कालीन राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया था। तब से राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा लगातार चर्चा में है। जम्मू-कश्मीर के लोगों में नई उम्मीद केंद्रीय मंत्री के इस ताजा बयान ने राजनीतिक हलकों और जम्मू-कश्मीर के लोगों में नई उम्मीद जगाई है। जानकारों का कहना है कि अगर राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला वाकई जल्द ही होता है तो यह पिछले कई सालों में सबसे बड़ा राजनीतिक विकास होगा। केंद्र सरकार ने पहले भी इशारा किया था कि राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला विधानसभा चुनाव के बाद लिया जा सकता है। आज के बयान में हालांकि समय सीमा साफ नहीं की गयी है। फिर भी, बहुत जल्द शब्द ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। बड़ा कदम उठाने की तैयारी राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार का यह बयान इस बात का इशारा हो सकता है कि केंद्र ने इस बारे में कोई बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अगर आने वाले दिनों या हफ्तों में कोई औपचारिक निर्णय होता है तो यह 2019 के बाद सबसे बड़ा संवैधानिक बदलाव होगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने केंद्र शासित प्रदेश में कई पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, 'इससे स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी और पर्यटन पर निर्भर आजीविका को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।' मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में उनकी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने पिछले वर्ष बंद किए गए पर्यटन स्थलों को खोलने का आग्रह किया था। 'बहुत जल्द सुनेंगे बड़ा फैसला' दरअसल, श्रीनगर में एक कार्यक्र के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने केंद्र सरकार के वादे को दोहराते हुए कहा, "हमारे गृह मंत्री ने लोकसभा में पहले ही भरोसा दिलाया है कि सही प्रोसेस का पालन किया जाएगा, और लोगों को उनका हक मिलेगा." फैसले के समय के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आप इस पर बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे." 2019 में आर्टिकल 370 के तहत स्पेशल स्टेटस किया था खत्म गौरतलब है कि अगस्त 2019 में, भारत सरकार ने संविधान के आर्टिकल 370 के तहत इस क्षेत्र का स्पेशल स्टेटस खत्म कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों,जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था. उमर अबदुल्ला बोले- केंद्र से बातचीत जारी इस इवेंट में जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अबदुल्ला भी मौजूद थे। उन्होंने भी कानून मंत्री की बातों पर थोड़ी उम्मीद जताई। उमर अबदुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र से लगातार बातचीत कर रही है। सीएम उमर अबदुल्ला ने ये भी कहा कि इस प्रोसेस में उम्मीद से ज्यादा समय लग गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग डेढ़ साल से अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्री का जल्द फैसले का इशारा आखिरकार सच होगा। केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद जानकारों का कहना है कि अगर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केंद्र सरकार जल्द लेती है तो ये अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक विकास होगा।  

मौसम अपडेट: एमपी में 2 सिस्टम का असर, रतलाम में बारिश और 22 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 22 जिलों में बुधवार, 18 फरवरी को आंधी, बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन भी शामिल हैं। इसी बीच रतलाम जिले के कई इलाकों में मंगलवार रात को बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण मौसम बदलेगा। गुरुवार, 19 फरवरी को भी ग्वालियर-चंबल में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इन जिलों में बारिश का अलर्ट बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रह सकते हैं। गुरुवार को भी रहेगा असर, फिर थमेगा सिलसिला गुरुवार को ग्वालियर-चंबल संभाग के ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा और मौसम सामान्य हो जाएगा। फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मिजाज इस महीने की शुरुआत में दो बार ओले, बारिश और तेज हवाओं ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था। प्रभावित इलाकों में सर्वे की प्रक्रिया भी कराई गई। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे किसानों की चिंता फिर बढ़ सकती है। दिन गर्म, रात में हल्की सर्दी फिलहाल दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। मंगलवार को 20 से ज्यादा जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं रात में हल्की सर्दी बनी हुई है, हालांकि न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। कटनी जिले के करौंदी में सबसे कम 8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों में भोपाल में 14 डिग्री, इंदौर में 16.8 डिग्री, ग्वालियर में 13 डिग्री, उज्जैन में 16.2 डिग्री और जबलपुर में 13.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 18 फरवरी: 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी, कहीं-कहीं तेज हवा चल सकती है। 19 फरवरी: ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश का असर, उसके बाद मौसम साफ होने के संकेत।  मध्य प्रदेश में कितना होगा असर उत्तरी राज्यों में ठंड फिर से दस्तक देने वाली है. क्योंकि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मोंथा 21 राज्यों में एंट्री करने वाला है. हालांकि मध्य प्रदेश में इसका असर देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन तेज हवाएं चलने के आसार हैं. इससे पहले अक्टूबर 2025 चक्रवातीय तूफान मोंथा ने आंध्रप्रदेश सहित दक्षित भारत के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी. मध्य प्रदेश में आज 22 जिलों में बारिश! मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है. जिसके चलते आज बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत कुल 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. भोपाल, देवास, सीहोर और विदिशा जैसे जिलों में दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं. फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है मोंथा खतरनाक तूफान मोंथा का असर यह होगा कि, जिन राज्यों में तूफान आएगा वहां ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने से गेहूं, सरसों जैसी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा पहाड़ी मार्गों पर हिमपात बढ़ सकता है. बिना मौसम की जानकारी के यात्रा करने से बचना चाहिए. ऐसे समय में सावधानी जरूरी है. घरों की खिड़कियां रखें, आवश्यक इमरजेंसी सामान तैयार रखें. स्थानीय मौसम विभाग के अलर्ट को फॉलो करें. 

ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिली मेट्रो सुविधा, सेक्टर-61 से गौर चौक तक कनेक्टिविटी होगी आसान

ग्रेटर नोएडा  ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है.  लंबे समय से मेट्रो कनेक्टिविटी की मांग कर रहे इस इलाके को अब मेट्रो का तोहफा मिलने जा रहा है. नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की एक्वा लाइन मेट्रो का विस्तार करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. इस नए रूट के बनने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के करीब 5 लाख लोगों और करीब 113 हाउसिंग सोसाइटी को सीधा फायदा मिलेगा. योजना के मुताबिक मेट्रो की यह नई लाइन नोएडा सेक्टर-61 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक तक जाएगी. इस पूरे रूट पर कुल 4 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे. फिलहाल ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो की कमी के कारण लोगों को रोजाना भारी जाम, बसों और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है. मेट्रो के आने से यह परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी. जेवर एयरपोर्ट पहुंचने में होगी आसानी अधिकारियों के अनुसार यह रूट यूपी कैबिनेट से पहले ही मंजूर नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो विस्तार योजना का ही हिस्सा है, लेकिन इसे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 स्टेशन पर आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) से भी जोड़ा जाएगा. इससे लोगों को सिर्फ मेट्रो ही नहीं, बल्कि तेज रफ्तार आरआरटीएस की सुविधा भी मिलेगी.  इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान हो जाएगी. बताया जा रहा है कि आरआरटीएस सराय काले खां से चलकर गाजियाबाद होते हुए नॉलेज पार्क-5 तक जाएगी और वहीं से यह मेट्रो लाइन ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ेगी. सेक्टर-61 में पहले से दिल्ली मेट्रो और आगे जाने वाली एनएमआरसी मेट्रो की कनेक्टिविटी मौजूद है.  ऐसे में लोग दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बीच बिना ज्यादा परेशानी के आ-जा सकेंगे. रूट की फाइनल डीपीआर बनकर तैयार इस रूट की फाइनल डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली गई है. कुछ जरूरी संशोधन के बाद इसे दोबारा यूपी कैबिनेट के पास भेजा जाएगा.  वहां से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है. माना जा रहा है कि इस मेट्रो लाइन के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ट्रैफिक जाम कम होगा, प्रॉपर्टी के दाम बढ़ेंगे और लोगों को सुरक्षित, सस्ता और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन मिलेगा. कुल मिलाकर, मेट्रो विस्तार की यह योजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विकास को नई रफ्तार देने वाली साबित होगी और यहां रहने वाले आम लोगों के रोजमर्रा के सफ़र को आसान बनाएगा. 

डॉ. यादव ने बताया 2026-27 का बजट खास, कहा– ऐतिहासिक होगा राज्य के लिए

ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026-27 का बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप मुख्यमंत्री  देवड़ा तथा वित्त विभाग की टीम को दी बधाई और शुभकामनाएं मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुआ वंदे मातरम का गान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मन्त्रि-परिषद की बैठक विधानसभा समिति कक्ष में वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले, विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले वर्ष 2026- 27 के बजट के लिए उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा सहित वित्त विभाग की टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026- 27 का बजट ऐतिहासिक है। यह बजट सभी को साथ लेकर कदम दर कदम आगे बढ़ते जाने के संकल्प का प्रमाण है। यह बजट प्रदेश में केंद्र सरकार के मूल मंत्र "ज्ञान" के अंतर्गत  गरीब-युवा-अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को समर्पित है।  

नीतीश द्विवेदी ने खुद का संगठन लॉन्च किया, 19 महीने में पूरे बिहार में करेंगे यात्रा

पटना  मुकेश सहनी के करीबी माने जाने वाले नीतीश कुमार द्विवेदी ने अब अपनी नई राह चुन ली है. उन्होंने ‘नौजवानों की आवाज’ नाम से एक सामाजिक संगठन बनाने की घोषणा की है. इसी के साथ उन्होंने युवाओं के मुद्दों पर सड़क पर उतरने का ऐलान किया है. पहली बैठक में तय हुई रूपरेखा नई संगठन की पहली बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार द्विवेदी ने की. इस दौरान संगठन के विस्तार और मजबूती पर चर्चा हुई. बैठक में चार अलग-अलग प्रकोष्ठ बनाने का फैसला लिया गया. इसका मकसद युवाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यवस्थित तरीके से काम करना है. संगठन शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास जैसे विषयों पर फोकस करेगा. 19 महीने में करेंगे 38 जिलों की यात्रा नीतीश कुमार द्विवेदी ने घोषणा की कि वह बिहार के 38 जिलों में 19 महीने की यात्रा पर निकलेंगे. इस दौरान वे युवाओं से सीधे संवाद करेंगे. उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान के लिए पहल करेंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भी वह लगातार जनता के बीच रहे. करीब एक लाख लोगों से सीधे मुलाकात की. कई बार 10 दिन तक घर नहीं गए. जहां जगह मिली, वहीं रुक गए. पहले भी दिखा चुके हैं बागी तेवर नीतीश कुमार द्विवेदी विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं. वह पहले भी पार्टी से बागी होकर महराजगंज से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. अब वह अपने संगठन के जरिए युवाओं की आवाज बनने का दावा कर रहे हैं. युवाओं की बात प्रशासन तक पहुंचाने का दावा उन्होंने कहा कि उनकी टीम गांव-गांव और जिले-जिले जाएगी. युवाओं से सीधा फीडबैक लिया जाएगा. फिर संबंधित विभागों और प्रशासन तक उनकी बात पहुंचाई जाएगी. 

तीन युवकों की जान गई, उदयपुर में ओवरटेक करते समय हुआ भीषण टकराव

उदयपुर जिले के कोटड़ा ब्लॉक स्थित मांडवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। कोदरमाल गाँव के पास ओवरटेक करने के प्रयास में एक बाइक बेकाबू होकर ऑटो से जा टकराई। इस भीषण भिड़ंत में तीन युवकों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है। हादसे का मंजर : दो की मौके पर मौत, एक ने अस्पताल में तोड़ा दम पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। राहगीरों और पुलिस की मदद से तीसरे गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत कोटड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; इलाज के दौरान उसकी भी सांसें थम गईं। मृतकों की पहचान : हादसे का शिकार हुए तीनों युवक कोटड़ा क्षेत्र के ही निवासी थे, हरीश (24) पुत्र मसरू गमार, शंकरलाल (25) पुत्र सुनील खराड़ी, कालाराम (23) पुत्र किसनाराम। कैसे हुआ हादसा? मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 'ओवरटेक' हादसे का मुख्य कारण सामने आया है। बाइक सवार युवक मांडवा से कोटड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आगे चल रहे एक ऑटो को ओवरटेक करने की कोशिश की। तभी सामने से एक तेज रफ्तार जीप आ गई। जीप से बचने और ऑटो को पार करने की जद्दोजहद में बाइक सीधे ऑटो से जा टकराई। पुलिस की कार्रवाई हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुँचकर खुलवाया। मांडवा थाना पुलिस ने तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। सावधान! आपकी एक गलती जानलेवा है यह हादसा उन युवाओं के लिए एक कड़ा सबक है जो सड़कों पर रफ्तार और ओवरटेक को रोमांच समझते हैं। मांडवा-कोटड़ा मार्ग जैसे संकरे और घुमावदार रास्तों पर जरा सी लापरवाही मौत का बुलावा साबित हो सकती है।

5 साल पुराने कांड में विवाद, रवनीत बिट्टू ने प्रियंका गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़  केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोला है। बिट्टू ने ऐलान किया है कि वह प्रियंका गांधी के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज करवाएंगे। यह शिकायत करीब पांच साल पहले किसान आंदोलन के दौरान घटी उस घटना की जांच के लिए होगी, जब बिट्टू को प्रदर्शनकारी किसानों के बीच भेजा गया था और वहां उन पर 'जानलेवा हमला' हुआ था। बिट्टू का दावा: 'लिंचिंग' की साजिश थी 'द ट्रिब्यून' को दिए एक इंटरव्यू में रवनीत बिट्टू ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें प्रियंका गांधी की मंशा पर कोई संदेह नहीं था, बावजूद इसके कि प्रियंका यह अच्छी तरह जानती थीं कि किसान बिट्टू के प्रति कितने आक्रोशित थे। बिट्टू ने कहा- मैं इस बात की जांच करवाना चाहता हूं कि आखिर मुझे वहां भेजने के पीछे उनकी मंशा क्या थी। क्या वह कोई बड़ी घटना करवाना चाहती थीं? उस दिन कुछ भी हो सकता था। प्रियंका गांधी की ओर से यह एक हताशा भरा प्रयास था ताकि किसानों के बीच भाजपा विरोधी भावनाओं को और भड़काया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि वह और विधायक कुलबीर जीरा उस दिन किसानों की भीड़ द्वारा लगभग 'लिंच' कर दिए गए होते। उन्हें अब आशंका है कि उन्हें नुकसान पहुंचाने का एक पूर्व-नियोजित 'प्लान और डिजाइन' तैयार किया गया था, ताकि इसे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदला जा सके। राहुल गांधी के 'गद्दार' वाले बयान पर पलटवार बिट्टू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उन्हें गद्दार कहे जाने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस तरह की हल्की बातें करके अपने पद की गरिमा गिराई है। बिट्टू ने सवाल किया कि कांग्रेस में कई ऐसे नेता और सांसद हैं जो दूसरी पार्टियों से आए हैं। तो क्या राहुल गांधी का मतलब है कि उनके साथ मौजूद ऐसे सभी नेता गद्दार हैं? कांग्रेस का पलटवार: 'आकाओं को खुश करने की कोशिश' पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने बिट्टू के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि बिट्टू द्वारा प्रियंका गांधी को इस विवाद में घसीटना केवल सुर्खियां बटोरने की एक हताश कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- सालों बाद बिट्टू की याददाश्त अचानक वापस आ गई है, ठीक उसी वक्त जब उनके राजनीतिक आकाओं ने उन पर शिकंजा कसा है। पंजाब की राजनीति का यह 'फुस हो चुका कारतूस' अब सबसे ज्यादा शोर मचा रहा है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बिट्टू के आरोपों को बचकानी हरकत बताया। उन्होंने कहा- यह कहना कि प्रियंका गांधी ने उन्हें जबरदस्ती विरोध प्रदर्शन स्थल पर भेजा, हास्यास्पद है। बिट्टू को अपने नए आकाओं की 'गुड बुक्स' में रहने के लिए क्या-क्या करना पड़ रहा है, यह देखकर दुख होता है।

महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण पर बड़ा ऐलान, सरकार का 5% आरक्षण देने का निर्णय

मुंबई  महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5 फीसदी आरक्षण से जुड़ा पुराना फैसला रद्द कर दिया है. साल 2014 में एक अध्यादेश के जरिए मुस्लिम समाज को विशेष पिछड़ा प्रवर्ग-ए (SBC-A) के तहत सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 5 फीसदी आरक्षण दिया गया था. इसके आधार पर जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र भी जारी किए जा रहे थे. नवंबर 2014 में हाई कोर्ट ने लगा दी थी रोक लेकिन इस अध्यादेश को मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. 14 नवंबर 2014 को हाईकोर्ट ने इस पर रोक (स्टे) लगा दी. बाद में यह अध्यादेश 23 दिसंबर 2014 तक कानून में नहीं बदल पाया, जिससे वह स्वतः निरस्त (लैप्स) हो गया. अब सरकार ने साफ किया है कि उस अध्यादेश के आधार पर जारी सभी शासन निर्णय और परिपत्र भी रद्द माने जाएंगे. अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश वहीं सोमवार (16 फरवरी) को महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उन 75 स्कूलों को दिए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश दिया है, जिनके बारे में खबरें थीं कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तुरंत बाद इन विद्यालयों को मंजूरी दी गई थी. इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक विकास मंत्री सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने में कथित अनियमितता की विस्तृत जांच करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया.  अल्पसंख्यक विकास विभाग सुनेत्रा पवार के पास अधिकारियों के अनुसार, 28 जनवरी से दो फरवरी के बीच 75 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया. बताया जाता है कि पहला प्रमाण पत्र 28 जनवरी को दोपहर तीन बजकर नौ मिनट पर  जारी किया गया था, उसी दिन अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. उस दिन सात संस्थानों को स्वीकृति मिली और अगले तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर 75 हो गई. उस समय अजित पवार अल्पसंख्यक विकास विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे. यह विभाग अब सुनेत्रा पवार के अधीन है, जिन्होंने हाल ही में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. 

सरकार का बड़ा ऐलान: किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप और 25 हजार करोड़ रुपये का ऋण प्रस्ताव, आबकारी नीति पास

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर रही है। क्या युवाओं को मिलेगी पक्की नौकरी? क्या किसानों और महिलाओं के लिए खुलेगा सरकारी खजाना? विकास की सौगात से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश तक, बजट की हर बड़ी घोषणा और उसका आपकी जेब पर होने वाला सीधा असर देखिए हमारे इस लाइव ब्लॉग में। विधानसभा से हर पल की सटीक और सबसे तेज अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें। जन धन योजना: 4.61 करोड़ खातों के साथ वित्तीय समावेशन वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं। इसने बैंकिंग सेवाओं को गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान- वित्त मंत्री वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। शिक्षा के लिए खास बजट में शिक्षा के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को लिए ये भी     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग को मिले ₹1335 करोड़, श्रमिकों का होगा कल्याण असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए श्रम विभाग के बजट में ₹1,335 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। यह राशि श्रमिकों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और विभिन्न सहायता योजनाओं पर खर्च की जाएगी। जनजातीय विकास: 11,277 गांवों के लिए ₹793 करोड़ जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है। जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए ₹793 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा लाभ पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों को मिलेगा। ग्रामीण सड़कों का जाल: ₹21,630 करोड़ की मंजूरी ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 'मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना' के तहत ₹21,630 करोड़ की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सकेगा। मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए ₹412 करोड़ का फंड नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में ₹412 करोड़ के निवेश का प्रावधान किया है। इससे न केवल मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। 'देश का तीसरा युवा प्रदेश' बनेगा आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की जनसांख्यिकी का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधानों का खाका खींचा गया है। सिंहस्थ 2028 के लिए 'विशेष फंड' का प्रावधान उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए सरकार ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। चूंकि केंद्र सरकार के बजट में इसके लिए अलग से राशि नहीं मिली थी, इसलिए राज्य सरकार ने अपने बजट में सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि आयोजन से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में ही पूरे कर लिए जाएं। किसान सम्मान निधि और कल्याण योजना से ₹12,000 की मदद वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में किसान परिवारों को 'किसान सम्मान निधि' और 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के संयोजन से प्रति वर्ष कुल ₹12,000 की नकद सहायता दी जा रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज की खरीद में सीधी मदद मिल रही है। सोयाबीन के लिए किसानों को करोड़ों का भुगतान जगदीश देवड़ा ने कहा, ''मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है. मध्य प्रदेश में युवाओं की बड़ी संख्या है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रस्थान तथा पोस्ट हार्वेस्ट कार्रवाई प्रबंधन जैसी गतिविधियों द्वारा कृषि कार्य के प्रत्येक चरण में किसानों के साथ हमारी सरकार खड़ी है. इसके साथ ही किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मन निधि तथा शून्य ब्याज पर कृषि दिन जैसी आर्थिक समर्थन की योजनाएं भी प्रचलित है कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई की आवश्यकता सर्वोपरि है. किसानों को स्थाई सिंचाई पंप कनेक्शन की योजना अंतर्गत 125000 ट्रांसफार्मर स्थापित है. सिंचाई के लिए ऊर्जा की निर्माण आपूर्ति के सुधार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषक सूर्यमित्र योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में रुपए 3000 करोड़ की लागत से 11 सोलर सिंचाई पंप किसानों को उपलब्ध कराया जाना लक्षण है. हमारी सरकार किसानों के लिए कृषि उद्यानिकी पशुपालन तथा मत्स्य पालन आदि को मूल्य संवर्धन से जोड़कर … Read more