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मौसम ने बदला मिजाज: फरवरी में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, दिन के साथ रातें भी तपने लगीं

रांची झारखंड में मौसम अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है, वहीं कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि रात का तापमान भी पहले के मुकाबले बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज रांची, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि बीते दिन भी बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन रांची में बारिश नहीं हुई और तेज धूप देखने को मिली। अगर आज बारिश होती है तो दोपहर और शाम के समय ठंडी हवा चल सकती है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। पिछले 48 घंटे में झारखंड के न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां पहले तापमान 14 डिग्री तक था, अब ज्यादातर जिलों में यह 15 से 16 डिग्री तक पहुंच गया है। कुछ जिलों में तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री तक रहने की संभावना है। पाकुड़, गोड्डा, कोडरमा, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे जिलों में आज न्यूनतम तापमान 17 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है। ऐसे में रात में ठंड पहले जैसी महसूस नहीं होगी। दिन में तेज धूप से बढ़ी परेशानी सिर्फ रात का ही नहीं, दिन का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिणी जिलों जैसे जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंच गया है। अभी मार्च चल रहा है और अप्रैल-मई की गर्मी बाकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। राज्य के अन्य जिलों में भी अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच बना हुआ है। दोपहर में तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस बार पहले कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान किया और अब गर्मी भी अपना असर दिखाने लगी है।  

छात्रा के साथ अभद्रता पर बवाल, यूपी में नस्लीय टिप्पणी से बढ़ा आक्रोश

गोरखपुर साउथ दिल्ली के मालवीय नगर में किराए के फ्लैट में एसी लगवाने के दौरान अरुणाचल प्रदेश की एक प्रतियोगी छात्रा और उसकी दो सहेलियों द्वारा लगाए गए नस्लीय टिप्पणी के आरोपों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब यूपी के गोरखपुर शहर में उत्तर-पूर्व भारत की एक मेडिकल छात्रा बदसलूकी की घटना सामने आ गई है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि शहर के ओरियन मॉल से बाहर निकलने के दौरान उसके साथ ‘बैड टच’ और दुर्व्यवहार की यह घटना हुई। घटना 22 फरवरी की रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। छात्रा ने नस्लीय टिप्प्णी किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक घटना के बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया है। एम्स गोरखपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही इस छात्रा ने आरोप लगाया है कि घटना उस वक्त हुई जब वह मॉल से बाहर निकल रही थी। छात्रा के अनुसार तीन युवकों ने उसका पीछा करते हुए नस्लीय टिप्पणी की और गाली-गलौज की। डॉक्टर उत्तर-पूर्व भारत की रहने वाली हैं। मॉल से लेकर एम्स गोरखपुर के गेट नंबर दो तक, लगभग डेढ़ किलोमीटर तक तीनों उनके पीछे-पीछे चलते रहे। आरोप है कि गेट नंबर दो के पास सेना शिविर के पास एक युवक ने शर्ट उतारकर अशोभनीय हरकत की और डॉक्टर के साथ ‘बैड टच’ किया। इस मामले को लेकर नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया है। पोस्ट में इसे गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न का मामला बताया गया है। नाफोर्ड क्या है नाफोर्ड का फुल फार्म नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स है। यह संगठन मुख्यत:रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए लड़ता है। यह संगठन रेजिडेंट डॉक्टरों के अधिकारों की सुरक्षा और बेहतर कार्य स्थितियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करता है। इस मामले में नाफोर्ड ने कहा है कि रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपनी सेवाएं दे सकें। संगठन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी से इनकार कर रही पुलिस गोरखपुर में पुलिस तक अभी यह मामला नहीं पहुंचा है। कैंट और एम्स थाना पुलिस ने ऐसे किसी मामले की औपचारिक जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में क्या हुआ है? रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के मालवीय नगर थाना क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियां एक फ्लैट के चौथे फ्लोर पर किराए पर रहती हैं। 20 फरवरी की दोपहर वे अपने फ्लैट में एसी लगवा रही थीं। इस दौरान ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। ड्रिलिंग के दौरान गलती से थोड़ा मलबा और धूल नीचे के फ्लोर पर गिर गई। इससे नाराज नीचे के फ्लैट में रहने वाला दंपती ऊपर पहुंचा और आपत्ति जताई। आरोप है कि इस दौरान पति-पत्नी ने युवतियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके उत्तर-पूर्वी मूल को लेकर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।  

गरीबों को राहत: ‘मेरी रसोई योजना’ का विस्तार, पांच जरूरी राशन एक साथ देने की तैयारी

पठानकोट पंजाब सरकार ने राज्य के जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत मिलने वाले राशन में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। अब लाभार्थियों को गेहूं (कनक) के साथ-साथ पांच अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे महंगाई के दौर में घरेलू रसोई का खर्च कम होगा और पोषण स्तर भी सुधरेगा। 'महंगाई से मिलेगी राहत' पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चन्द कटारूचक्क ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ‘मेरी रसोई योजना’ के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री भागवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद करते हुए इस फैसले की सराहना की है। मंत्री ने कहा कि यह कदम आम लोगों विशेषकर जरूरतमंद परिवारों की रसोई को मजबूत करने और महंगाई से राहत देने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस योजना से राज्य के करीब 40 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य है कि गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों को केवल अनाज ही नहीं, बल्कि दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री भी सुनिश्चित की जाए। मेरी रसोई योजना के तहत अब लाभार्थियों को कनक (गेहूं) पूर्व की तरह के साथ 2 किलोग्राम चीनी, 2 किलोग्राम चने की दाल, 1 किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी एवं 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा। डिपो स्तर पर होगा राशन का वितरण इन वस्तुओं को शामिल करने का उद्देश्य रसोई की बुनियादी जरूरतों को एक ही योजना में पूरा करना है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने वर्षभर वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए इसे चार सर्कलों में बांटा है जिसमें पहला सर्कल 1 अप्रैल से शुरू, दूसरा सर्कल जुलाई से शुरू, तीसरा अक्टूबर से और चौथा सर्कल जनवरी से शुरू होगा। इस चरणबद्ध प्रणाली से वितरण में पारदर्शिता और नियमितता सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत आवश्यक खाद्य सामग्री की खरीद की जिम्मेदारी मार्कफेड को सौंपी गई है। यह एजेंसी राज्य स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध सप्लाई उपलब्ध करवाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा डिपो स्तर पर राशन का वितरण किया जाएगा, ताकि लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। 'आम लोगों की रसोई होगी मजबूत' सरकार ने फेयर प्राइस शॉप (डिपो) संचालकों को राहत देते हुए उनका मार्जिन 45 पैसे प्रति किलोग्राम कर दिया है। इससे डिपो होल्डरों की आय में वृद्धि होगी और वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का किया धन्यवादखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने इस जनहितकारी फैसले के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आम लोगों की रसोई को मजबूत करने वाली ऐतिहासिक पहल है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार महंगाई के कारण आवश्यक खाद्य सामग्री से वंचित न रहे, और यह निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम है। सरकार का मानना है कि इस विस्तारित योजना से न केवल खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि गरीब परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी और पोषण संतुलन भी बेहतर होगा।  

गुजरात का बुलडोजर अभियान तेज़: राजकोट में 1400+ अवैध ढांचों पर कार्रवाई

राजकोट गुजरात के राजकोट में रविवार को नगर निगम के अधिकारियों ने शहर में अवैध कब्जे हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में 1,489 अवैध इमारतों को गिराया जाएगा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी के आदेश मिलने के बाद, राजकोट नगर निगम (आरएमसी) ने जंगलेश्वर इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।   क्या बोले अधिकारी? म्युनिसिपल कमिश्नर तुषार सुमेरा ने बताया कि पुलिस की मदद से जंगलेश्वर में अजी नदी के किनारे और म्युनिसिपल टाउन प्लानिंग रोड पर बनी 1,489 संपत्तियों को हटाया जाएगा। निगम ने शनिवार से ही लोगों से घर खाली करवाना शुरू कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम इस अभियान को पूरा करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भक्तिनगर सर्कल के पास सेठ हाई स्कूल में 2,500 से ज्यादा निगम अधिकारी और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि कई लोग शांति से घर खाली कर रहे हैं और उन्हें अपना सामान ले जाने की छूट दी गई है। यह काम नियमों के मुताबिक ही किया जाएगा। कमिश्नर सुमेरा ने बताया कि मौके पर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है और वे खुद पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। क्या बोले लोग? हालांकि, प्रशासन के इस कदम से वहां दशकों से रह रहे लोगों में काफी गुस्सा है। जंगलेश्वर गली नंबर तीन के रहने वाले हारुनभाई सुमरा ने बताया कि वे 43 साल से इस इलाके में रह रहे हैं। वे और उनकी बहन दोनों दिव्यांग हैं और मजदूरी करके पेट पालते हैं। उन्होंने कहा, 'हमें सिर्फ दो दिन पहले बताया गया कि हमारा घर गिरा दिया जाएगा। अब हम कहां जाएंगे? हमें शायद सड़कों पर रहना पड़े।' वहीं, एक अन्य निवासी हालिनबेन ने कहा कि उनका परिवार 50 साल से यहां रह रहा है और उन्हें घर खाली करने का आदेश मिला है। उन्होंने कहा, 'आठ लोगों के परिवार को कोई भी किराए पर घर देने के लिए तैयार नहीं है। हम सड़क पर रहने की तैयारी कर रहे हैं।'

हालात बिगड़े, भारत की एडवाइजरी जारी: ईरान छोड़ें भारतीय नागरिक

ईरान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने के बाद भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। ईरान में स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर नागरिकों से देश छोड़ने की अपील की है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि लोग किसी भी तरह से जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकल जाए। दूस्तवास ने इस संबंध में कई अन्य निर्देश भी दिए हैं। भारत सरकार ने जनवरी में जारी अपनी पिछली एडवाइजरी को दोहराया है जिसमें लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई थी। एडवाइज़री में लिखा था, “सभी भारतीय नागरिकों और PIO को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध या प्रदर्शन वाली जगहों से बचना चाहिए, ईरान में भारतीय एम्बेसी के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी डेवलपमेंट के लिए लोकल मीडिया पर नजर रखनी चाहिए।” हेल्पलाइन नंबर भी जारी दूतावास ने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह देते हुए, उनसे अपने इमिग्रेशन और ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स अपने पास रखने और किसी भी मदद के लिए इंडियन एम्बेसी से संपर्क करने को कहा है। भारतीय दूतावास ने इस संबंध में भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। फंसे हुए नागरिक इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर मदद मांग सकते हैं: +989128109115; +989128109109, +989128109102, +989932179359। कभी भी हमला कर सकता है अमेरिका गौरतलब है कि बीते महीने ईरान में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद से ही अमेरिका खामेनेई शासन को सैन्य हस्तक्षेप की धमकियां दे रहा है। बीते महीने से लेकर अब तक अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में बड़ी सैन्य तैनाती कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सप्ताह एक बार फिर यह बयान दिया है कि वह ईरान पर हमले का विचार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ दोनों पक्षों के बीच परमाणु वार्ता भी जारी है। हालांकि इससे कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। अगले दौर की वार्ता कब? इन सब के बीच ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। बद्र अल-बुसैदी ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए खुशी हो रही है कि 'समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है'। ओमान ने इससे पहले जिनेवा में हुई वार्ता की भी मेजबानी की थी।  

हाई कोर्ट जज की सख्त टिप्पणी: गुरु का आदर न करने वालों पर तीखा प्रहार

मद्रास मद्रास हाईकोर्ट के जज जीआर स्वामीनाथन नए विवाद में पड़ गए हैं। खबर है कि एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कह दिया कि आध्यात्मिक गुरुओं को नहीं मानने वाले दुष्ट होते हैं। मदुरै की तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर 'कार्तिगई दीपम्' जलाने के मामले में जस्टिस स्वामीनाथन विवादों में आ गए थे। उन्होंने 1 दिसंबर 2025 में उन रिट याचिकाओं को स्वीकार किया था, जिसमें दीप जलाने की अनुमति मांगी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जज ने कहा, 'तमिलनाडु में कुछ लोग खुद को रेशनलिस्ट (तर्कवादी) कहते हैं। वो हमें बदमाश, मूर्ख और क्रूर कहते हैं, क्योंकि हम गुरु को भगवान के रूप में देखते हैं। मैं कहता हूं कि ऐसा कहने वाले ही बदमाश, मूर्ख और क्रूर हैं।' वह तमिलनाडु में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में पहुंचे थे और कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मेरी सेवा चार साल की और बची है। मुझे लगता है कि मुझे आगे आना चाहिए और हिम्मत के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।' इस दौरान उन्होंने मुश्किल समय में आध्यात्मिक मार्गदर्शन की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें हिम्मत और समर्थन गुरु के आशीर्वाद से मिला है। जज बताते हैं कि वह अभी तेनकासी के पास एक योगी के संपर्क में हैं। जब वेदों को लेकर दिया बयान कुछ समय पहले जस्टिस स्वामीनाथ ने वेदों को लेकर भी बयान दे दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा था, 'अगर हम वेदों की रक्षा करेंगे, तो वेद हमारी रक्षा करेंगे।' इस बयान को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया था। आरोप लगाए जा रहे थे कि जज संविधान के ऊपर धार्मिक बातों को प्राथमिकता दे रहे हैं। क्या था दीप जलाने का मामला जस्टिस स्वामीनाथन ने एक दिसंबर, 2025 को उन रिट याचिकाओं को स्वीकार कर लिया था जिनमें एक दरगाह के निकट तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित पत्थर के दीप स्तंभ 'दीपथून' पर कार्तिकई दीपम् को प्रज्वलित करने के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ तो जस्टिस स्वामीनाथन ने तीन दिसंबर को एक और आदेश पारित किया जिसमें श्रद्धालुओं को स्वयं दीपक जलाने की अनुमति दी गई और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष अदालत का रुख किया।  

धूप वाला पानी और विटामिन-D: हकीकत, भ्रम या देसी नुस्खा?

आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला अजीबोगरीब दावा कर रही है। उसका कहना है कि एक कांच की बोतल में पानी भरें, उसमें थोड़ी जगह खाली छोड़ दें और उसे दिनभर के लिए धूप में रख दें। महिला के अनुसार, इस धूप में रखे पानी को पीने से आपके शरीर में 'विटामिन डी' की कमी पूरी हो जाएगी। डॉक्टर के अनुसार, धूप में पानी रखकर उसे पीने से विटामिन डी मिलने की बात पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद है। यह वैज्ञानिक रूप से बिल्कुल भी प्रमाणित नहीं है। डॉक्टर स्पष्ट चेतावनी देते हैं कि लोगों को इस तरह के गलत प्रयोग बिल्कुल नहीं करने चाहिए। शरीर में कैसे बनता है विटामिन डी? डॉक्टर ने समझाया कि शरीर में विटामिन डी बनने की एक पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है। पानी पीने से इसका कोई लेना-देना नहीं है। असली प्रक्रिया कुछ इस तरह काम करती है:     धूप का सीधा संपर्क: जब आप अपने शरीर की कम से कम आधी त्वचा को सीधे धूप के संपर्क में लाते हैं, तो सूरज से अल्ट्रावायलेट किरणें आपकी त्वचा पर पड़ती हैं।     त्वचा में रिएक्शन: ये किरणें त्वचा में मौजूद रसायन 'डीहाइड्रोकोले कैल्सिफेरोल' के साथ रिएक्शन करती हैं।     विटामिन डी3 का निर्माण: इस रिएक्शन के बाद शरीर में 'विटामिन डी3' बनता है। शरीर में कैसे काम करता है यह विटामिन? त्वचा में विटामिन डी3 बनने के बाद यह सीधा आपके लिवर में जाता है और वहां जाकर एक्टिवेट होता है। इसके बाद यह हड्डियों से जुड़ता है, जिससे आपकी बोन हेल्थ बेहतर होती है और यह 'ऑस्टियोपोरोसिस' जैसी हड्डियों की गंभीर बीमारी में भी मदद करता है। धूप से विटामिन डी लेने का सही तरीका क्या है? डॉक्टर के मुताबिक, अगर आप कपड़े पहनकर धूप में बैठते हैं, तो आपको विटामिन डी नहीं मिलेगा। कपड़े सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों को आपकी त्वचा तक जाने से रोक देते हैं। इसलिए, सूरज की किरणों का त्वचा से सीधा संपर्क होना बहुत जरूरी है। आपने अक्सर देखा होगा कि विदेशी लोग समुद्र के किनारे लेटकर धूप सेंकते हैं। वे ऐसा टैनिंग के साथ-साथ सीधे अपनी त्वचा पर विटामिन डी और अल्ट्रावायलेट किरणें प्राप्त करने के लिए ही करते हैं। धूप में रखे पानी से विटामिन डी मिलने का कॉन्सेप्ट पूरी तरह से गलत है। अगर आप सच में विटामिन डी पाना चाहते हैं, तो दिन में कम से कम आधा घंटा अपने शरीर के आधे हिस्से को बिना कपड़ों के सीधे धूप दिखाएं या फिर, जरूरत पड़ने पर विटामिन डी का सप्लीमेंट लें।  

बाफ्टा अवॉर्ड्स के रेड कार्पेट पर छाईं आलिया भट्ट

मुंबई,  बाफ्टा अवॉर्ड्स 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार भारतीय सिनेमा की चमक साफ नजर आई, जब अभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपनी मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर खास पहचान बनाई। लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में आलिया बतौर प्रेजेंटर शामिल हुईं और अपने एलिगेंट अंदाज से सबका ध्यान खींच लिया। सिल्वर गाउन में सजी आलिया की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। उनके आत्मविश्वास और ग्लैमरस लुक ने रेड कार्पेट पर उन्हें चर्चा का केंद्र बना दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान आलिया ने अपनी बेटी राहा को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि राहा को बढ़ते और खिलते हुए देखना उनके लिए किसी जादू से कम नहीं है। आलिया के मुताबिक, वह अपने अभिनय से बेहद प्यार करती हैं, लेकिन घर पर राहा की मौजूदगी उन्हें और बेहतर करने और अपनी सीमाओं को पार करने की प्रेरणा देती है। समारोह के दौरान आलिया ने 'बेस्ट फिल्म नॉट इन द इंग्लिश लैंग्वेज' श्रेणी में विजेता के नाम की घोषणा की, जिसमें नॉर्वे की फिल्म 'सेंटिमेंटल वैल्यू' ने बाजी मारी। मंच पर उनकी गरिमामयी प्रस्तुति और आत्मविश्वास ने दर्शकों का दिल जीत लिया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर आलिया का यह डेब्यू बेहद यादगार साबित हुआ, जिसने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय कलाकार अब वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।  

रायपुर में पार्किंग की समस्या होगी खत्म: पहली मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग बनकर तैयार, जल्द शुरू होगी सेवा

रायपुर राजधानी रायपुर में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने महानगरों की तर्ज पर पहला मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार कर लिया है। यह पार्किंग निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई है। इस अत्याधुनिक पार्किंग सिस्टम को एक सप्ताह के भीतर शुरू भी कर दिया जाएगा। फिलहाल इसमें नगर निगम की गाड़ियां ही खड़ी की जाएंगी। बता दें कि निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई यह पार्किंग करीब 20 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई है, जहां एक समय में 12 कारों को पार्क करने की सुविधा होगी। पूरी तरह से तैयार हो चुके इस पार्किंग सिस्टम में हाइड्रोलिक सिस्टम लगाया गया है, जिससे कम जगह में अधिक वाहनों को सुरक्षित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा। नगर निगम के अधीक्षक अभियंता इमरान खान ने बताया कि मैकेनाइज्ड पार्किंग पूरी तरह बनकर तैयार है और एक सप्ताह के भीतर इसे निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां केवल निगम की गाड़ियां ही पार्क की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से परिसर में जगह की बचत होगी और वाहन सुरक्षित भी रहेंगे। पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास बन रही दूसरी पार्किंग गौरतलब है कि निगम मुख्यालय परिसर के अलावा पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास भी मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार की जा रही है, जिसकी क्षमता 16 कारों की होगी। शहर में स्मार्ट और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर निगम का मानना है कि भविष्य में ऐसे और भी मैकेनाइज्ड पार्किंग सिस्टम विकसित किए जा सकते हैं, जिससे शहर में पार्किंग की समस्या को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।

कोर्ट में बढ़ी तल्खी: अडानी-अंबानी का नाम लेते ही CJI सूर्यकांत ने वकील को चेताया

नई दिल्ली भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान नाराज हो गए। खबर है कि इसकी वजह वकील की तरफ से पेश की गई दलील थी, जिसमें उन्होंने अदालत पर सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए थे। नौबत यहां तक आ गई कि सीजेआई ने वकील को दो टूक कह दिया कि वह अदालत में पेश होने और सामग्री पेश करने के दौरान सावधान रहें। वाकया सोमवार का है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का दौर चल रहा था। उस दौरान एडवोकेट मैथ्यूज नेदुम्पारा की बात पर सीजेआई ने आपत्ति जताई थी। लाइव लॉ के अनुसार, एडवोकेट नेदुम्पारा ने कहा अडानी और अंबानी के लिए बेंच बन रहीं हैं, लेकिन NJAC की चुनौती पर सुनवाई नहीं हो रही है। इतना कहते ही सीजेआई ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और चेतावनी भी दे दी। सीजेआई ने कहा, 'मिस्टर नेदुम्पारा, आप जो भी मेरी कोर्ट में पेश कर रहे हैं, उसे लेकर जरा सावधान रहें। आपने मुझे चंडीगढ़ में देखा है, दिल्ली में देखा है…। मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं, सावधान रहें। ऐसा बिल्कुल भी मत सोचिएगा कि आप जिस तरह की बदतमीजी कर रहे हैं, वैसा ही करते रहेंगे। मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं।' इससे पहले एक जनहित याचिका पर जताई थी आपत्ति बीते गुरुवार को सीजेआई एक जनहित याचिका देखकर भी नाराज हुए थे। उन्होंने कहा था, 'अगर भारत के शीर्ष न्यायालय के सामने याचिकाओं का ऐसा स्तर है, तो भगवान याचिका के कानून को बचाए।' साथ ही उन्होंने इसपर सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया था। इससे पहले वह वकीलों की तरफ से AI यानी आर्टिफिशिलय इंटेलिजेंस की मदद से याचिकाएं लिखने पर भी नाराज हो गए थे। आज इन मामलों पर होगी सुनवाई सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होनी है। कोर्ट दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर विचार करेगा। इसके साथ ही, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी। एक अन्य प्रमुख मामले में, अदालत मेटा और व्हाट्सएप की उन याचिकाओं पर गौर करेगी जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा उनकी गोपनीयता नीति के कारण लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने को चुनौती दी गई है।