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गर्मी का प्रकोप तेज: छत्तीसगढ़ में तापमान बढ़ने के आसार, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो आगामी सात दिनों तक इसमें भी किसी बड़े परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। यानी दिन में गर्मी बढ़ेगी, जबकि रात का तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा। प्रदेश में पूरे दिन मौसम साफ और शुष्क बना रहा। कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिन और रात के तापमान में यह अंतर आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक और दोपहर में गर्मी महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर बांग्लादेश और उससे सटे मेघालय क्षेत्र से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर बनी हुई है। हालांकि वर्तमान में इस प्रणाली का छत्तीसगढ़ के मौसम पर कोई विशेष प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस सिस्टम की सक्रियता बढ़ती है तो हल्के बादल छाने या आंशिक परिवर्तन की स्थिति बन सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं। दिन में धूप तेज रहेगी और दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक महसूस किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तापमान तेजी से बढ़ेगा। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर महसूस हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञों ने दोपहर में अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

विगत तीन सप्ताह में विभिन्न जिलों से 3 करोड़ 73 लाख से अधिक के 1835 गुम/चोरी हुए मोबाइल बरामद

भोपाल रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर आमजन की खुशियों को सुरक्षित एवं सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की शीघ्र बरामदगी हेतु विशेष प्राथमिकता के साथ प्रभावी कार्यवाही की गई है। आमजन की संपत्ति की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीकी संसाधनों, सायबर विश्लेषण, CEIR एवं NCRP पोर्टल के समन्वित उपयोग तथा थाना स्तर पर गठित विशेष टीमों के माध्यम से उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए गए हैं। विगत तीन सप्ताह में विभिन्न जिलों में कुल 1835 गुम/चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वैध स्वामियों को सुपुर्द किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कुल कीमत 3 करोड़ रुपए से अधिक है। कई जिलों में स्थानीय स्तर पर विशेष अभियान संचालित कर होली के अवसर पर मोबाइल वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे नागरिकों के चेहरे पर मुस्कान लौटी और पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ। प्रमुख कार्यवाहियां ग्‍वा‍लियर होली के पावन पर्व पर आमजन को विशेष उपहार स्वरूप ग्वालियर पुलिस द्वारा गुम हुए मोबाइलों की बड़ी रिकवरी कर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की गई है। सायबर सेल ने CEIR पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कंपनियों के कुल 551 गुम मोबाइल फोन देश के अलग-अलग राज्यों एवं शहरों से ट्रेस कर बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 33 लाख रुपए है। बरामद मोबाइलों में दृष्टिबाधित कर्मचारी, चिकित्सक, मजदूर दंपत्ति, फूलमाला विक्रेता, किस्तों पर मोबाइल लेने वाली श्रमिक महिला, सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा छात्र के मोबाइल शामिल थे, जिनके लिए यह उपकरण उनके जीवनयापन, शिक्षा अथवा दैनिक कार्य का प्रमुख साधन था। छतरपुर सायबर सेल एवं विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत 90 गुम मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए। इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 14 लाख रुपए है। एक अन्य कार्यवाही में पुलिस ने 110 गुम मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपए है। ये सभी मोबाइल केवल जिले से ही नहीं, बल्कि आंध्रप्रदेश, दिल्ली, महोबा, झांसी (उ.प्र.), सागर, पन्ना एवं निवाड़ी सहित विभिन्न स्थानों से तकनीकी ट्रैकिंग के माध्यम से प्राप्त किए गए। उज्जैन उज्जैन पुलिस ने CEIR पोर्टल एवं साइबर सेल की सहायता से दो अलग-अलग कार्यवाहियों में 409 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए है।लौटाये गये मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 73 लाख 50 हजार रुपए है। सिंगरौली सिंगरौली में “संचार साथी (CEIR) पोर्टल” के माध्यम से सायबर सेल एवं थाना/चौकी टीमों द्वारा तकनीकी कार्यवाही कर 172 गुम मोबाइल फोन बरामद किए है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 42 लाख रुपए है। बरामद मोबाइल मध्यप्रदेश के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, दिल्ली, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे विभिन्न राज्यों से ट्रैक किए गए है। मंडला पुलिस द्वारा सायबर डेस्क की सक्रियता एवं CEIR/NCRP पोर्टल के प्रभावी उपयोग से कुल 253 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 38 लाख रुपए है। पुलिस द्वारा मोबाइल वितरण की विकेंद्रीकृत व्यवस्था लागू की गई, जिसके अंतर्गत जिला मुख्यालय के अतिरिक्त थाना स्तर पर भी सुपुर्दगी सुनिश्चित की गई। विशेष रूप से कान्हा नेशनल पार्क से लगे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रोबीट अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों के घर पहुंचकर मोबाइल सुपुर्द किए गए, जिससे नागरिकों को आवागमन की असुविधा से राहत मिली। इस मानवीय पहल ने पुलिस-जन संवाद को और सशक्त किया। कटनी कटनी के थाना कोतवाली पुलिस ने सब्जी मंडी स्थित एक मोबाइल स्टोर में हुई चोरी की घटना का त्वरित खुलासा किया। प्रकरण में सक्रिय अंतर्राज्यीय गिरोह के 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन (अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपए) बरामद किए गए । गुना गुना पुलिस द्वारा गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की खोज हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया है। तकनीकी टीम एवं CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 213 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से अधिक है। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किए गए है। जबलपुर (जीआरपी) जबलपुर जीआरपी इकाई के थाना गाडरवारा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 06 चोरी के मोबाइल फोन (अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए) जप्त किए है। रतलाम जावरा थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस द्वारा 11 गुम मोबाइल फोन (अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 50 हजार रुपए) बरामद किए गए। जनविश्वास सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयास प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस आधुनिक तकनीकी संसाधनों एवं संवेदनशील पुलिसिंग के माध्यम से आमजन की संपत्ति की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। गुम एवं चोरी हुए मोबाइलों की निरंतर रिकवरी से नागरिकों में होली पर्व की खुशियों को दोगुना करने के साथ-साथ पुलिस के प्रति सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

हथियार छोड़ रंगों को अपनाया: भूपति की जिंदगी में नई शुरुआत की होली

बीजापुर कभी बस्तर के घने जंगलों में बंदूक की गूंज के बीच ’खून की होली’ खेलने वाला माओवादी नेता भूपति इस बार बारूद की जगह रंग और गुलाल में सराबोर दिखा। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों के साथ उसने होली मनाई। भूपति, जो कभी प्रतिबंधित संगठन की पोलित ब्यूरो व केंद्रीय समिति का सदस्य रहा और केंद्रीय वैचारिक प्रभारी के तौर पर माओवादी विचारधारा की देश भर में अगुवाई करते हुए वर्षों तक हिंसा की उस राह पर चला, जहां उत्सव की जगह जंगल की जंग थी, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उसकी जिंदगी ने करवट ली है। इस बार उसके हाथ में हथियार नहीं, बल्कि गुलाल था। पत्नी तारक्का और अन्य पूर्व साथियों के साथ उसने रंग लगाया, गले मिला और नई शुरुआत का संदेश दिया। पुनर्वास केंद्र में होली का यह दृश्य बदलाव की कहानी भी कह रहा था। सुरक्षा बलों और प्रशासन के अधिकारियों ने भी इस अवसर को शांति और पुनर्वास नीति की सफलता के प्रतीक के रूप में देखा। दशकों से हिंसा की मार झेल रहे बस्तर अंचल के लिए यह तस्वीर उम्मीद जगाने वाली है। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि जब कभी कठोर विचारधारा का चेहरा रहे लोग मुख्यधारा में लौटकर त्योहार मनाते हैं, तो यह समाज के लिए सकारात्मक संकेत होता है। भूपति का यह कदम उन युवाओं के लिए भी संदेश है, जो अब भी जंगलों में भटके हुए हैं। इस होली पर रंगों ने बंदूकों को पीछे छोड़ दिया। और शायद यही वह क्षण है, जब बस्तर और गढ़चिरौली शांति की असली होली की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।  

ईरान पर सख्त तेवर में Benjamin Netanyahu, बोले- ‘कई साल नहीं लगेंगे, जल्द होगा फैसला’

ईरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध कई साल नहीं चलेगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह युद्ध शनिवार को शुरू हुआ जब यूएस और इजरायल ने हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को मार गिराया गया। नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम हैनिटी में कहा, 'मैंने कहा था कि यह तेज और निर्णायक हो सकता है। इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह कई साल नहीं चलेगा। यह कोई अनंत युद्ध नहीं है।' बेंजामिन नेतन्याहू ने क्षेत्रीय पिछले युद्धों से अलग इसे सीमित और निर्णायक बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू में युद्ध को चार से पांच सप्ताह का अनुमान लगाया था, लेकिन अब इसे व्यापक और खुला युद्ध सही ठहरा रहे हैं। जंग तेजी से फैल रही है। इजरायल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह मिलिशिया पर फिर से हमले किए हैं, जबकि ईरान ने अमेरिकी आधार वाले खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए हैं। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया, जिसमें कई लक्ष्य नष्ट होने का दावा किया गया है। सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले हुए, जिससे आग लगी। कैसे युद्ध का हो रहा विस्तार इजरायल ने तेहरान में ईरान की स्टेट ब्रॉडकास्टर IRIB परिसर पर हमला किया और लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अधिक सैनिक तैनात किए हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान में 1,250 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए और 11 ईरानी जहाज नष्ट किए। इस संघर्ष में ईरान, इजरायल, लेबनान और अन्य देशों में सैकड़ों नागरिक मारे गए हैं। युद्ध के कारण क्षेत्रीय अराजकता फैल गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरने वाला विश्व का 5वां तेल व्यापार प्रभावित हुआ है, जिससे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। हजारों यात्री अभी तक फंसे दुबई सहित प्रमुख खाड़ी हवाई अड्डे चौथे दिन भी बंद हैं, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं। कई उड़ानें रद्द हो गईं और एशियाई एयरलाइंस के शेयर गिरे हैं। शिपिंग दरें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने बहरीन, इराक और जॉर्डन से गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने का लक्ष्य बिना जमीनी सेना के हासिल किया जा सकता है, लेकिन ट्रंप किसी विकल्प को नहीं खारिज कर रहे। इजरायली अधिकारी ने कहा कि अभियान सप्ताहों तक चल सकता है, लेकिन जमीनी सेना ईरान में भेजना अभी मुश्लिकल लग रहा है।  

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान के एक्शन से अमेरिका बैकफुट पर, जानें कौन से 10 फैसले लिए

ईरान अमेरिका को भी अब इन हालातों में अपने सुरक्षाकर्मियों, राजदूतों और अन्य नागरिकों की चिंता सताने लगी है। उसने आनन-फानन में इजरायल, सऊदी अरब से लेकर बहरीन तक अपनी सुरक्षा के लिहाज से कुछ कदम उठाए हैं। कई देशों में दूतावास ही उसे बंद करने पड़े हैं। ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह खामेनेई मारे गए हैं। इजरायल और अमेरिका की ओर से तेहरान समेत ईरान के अलग-अलग शहरों में हमले किए जा रहे हैं। इसके बाद भी ईरान के हौसले गिरे नहीं हैं। उसने ताबड़तोड़ हमले अब भी जारी रखे हैं। इजरायल के अलावा ईरान की ओर से मिडल ईस्ट के देशों पर भी लगातार हमले किए जा रहे हैं। यही नहीं अमेरिका को भी अब इन हालातों में अपने सुरक्षाकर्मियों, राजदूतों और अन्य नागरिकों की चिंता सताने लगी है। उसने आनन-फानन में इजरायल, सऊदी अरब से लेकर बहरीन तक अपनी सुरक्षा के लिहाज से कुछ कदम उठाए हैं। 1. यरूशलम में स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को निईकालने में मदद पर हाथ खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे इजरायल के पर्यटन मंत्रालय की मदद से किसी भी तरह बाहर निकलें। दूतावास ने कहा कि फिलहाल हम स्थिति में नहीं हैं कि आप लोगों को बाहर निकाल सकें। 2. अमेरिकी कंपनी अमेजन के डेटा सेंटर को संयुक्त अरब अमीरात में हुए ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है। इस डेटा सेंटर पर ईरान के ड्रोन्स ने हमला किया। इसके चलते पूरे मिडल ईस्ट में अमेजन की क्लाउड सर्विस प्रभावित हुई है। बहरीन में भी अमेजन के एक फैसिलिटी सेंटर को ड्रोन अटैक से नुकसान पहुंचा है। 3. अमेरिका ने सऊदी अरब में अपनी कौंसुलर सर्विसेज को बंद कर दिया है। सोमवार को ही उसके एक दफ्तर पर हमला हुआ था। यह ड्रोन अटैक था और खामेनेई की हत्या के बाद किया गया था। इसी डर के चलते कनाडा ने भी फिलहाल सऊदी अरब में स्थित दूतावास को बंद कर दिया है। 4. इराक में स्थित अपने दूतावास से अमेरिका ने सभी सरकारी कर्मचारियों से निकलने को कहा है। इसके अलावा ट्रैवल को लेकर भी एडवाइजरी जारी की गई है। 5. इस तनाव को देखते हुए कुवैत में भी अमेरिका अलर्ट है। उसने यहां अपने दूतावास को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। ईरान के हमले के बाद यहां दूतावास से धुआं उठता देखा गया था। दूतावास के लिए सभी तरह के अपॉइंटमेंट्स भी कैंसिल कर दिए गए हैं। 6. ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी एयरबेस को भी टारगेट किया गया है। यहां पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन अटैक हुए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 20 ड्रोन्स और तीन मिसाइलों के जरिए यहां हमला किया गया था। 7. दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई के सबसे अहम रूट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान ने बंद करने का ऐलान किया है। इससे अमेरिका के मित्र देशों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा, जो इस रास्ते के माध्यम से तेल सप्लाई करते हैं। 8. एक दिलचस्प घटना कुवैत में हुई है, जहां अमेरिका के तीन फाइटर जेट्स मार गिराए गए। गलती से कुवैत ने ही यह हमला कर दिया। 9. अमेरिका ने सभी मिडल ईस्ट देशों को लेकर एक साझा बयान जारी किया है। अपने नागरिकों से तत्काल निकलने को कहा है। 10. सबसे बड़ा झटका अमेरिका यह लगा है कि उसे उम्मीद थी कि खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान पर उसकी पिट्ठू सरकार होगी। वहां के स्थानीय लोग खुद ही सत्ता बदल की मांग करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।  

आज बसिऔड़ा, कल गुलाल: बिहार में होली मनाने की परंपरा क्यों है सबसे अलग?

पटना मथुरा के बरसाने की लट्ठमार और वृंदावन की फूलों की होली तो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इसे देखने देश-विदेश से लोग आया करते हैं, लेकिन होली के मामले में बिहार भी पीछे नहीं है। यहां की होली भी रंग-बिरंगी है और रूप अनेक हैं। मतलब, बिहार के अलग-अलग इलाकों में होली कई अलग-अलग रूपों में मनाई जाती है। होली के त्योहार की शुरुआत इस बार 02 मार्च की रात होलिका दहन से हो चुकी है। आज गांव-देहात में धुरखेली जैसी परंपरा के तहत धूल-कीचड़ से होली की शुरुआत हो चुकी है। इस एक स्टोरी में जानिए, होलिका दहन और होली से बिहार में कहां-कैसे संस्कृति को जिंदा रखे हुए है। इसके साथ ही फगुआ या फाग कैसे रंग जमाता है, वह भी पढ़िए। होलिका दहन के पहले गांवों में गोइठा मांगने की रही है परंपरा बिहार के गांवों में होली के आगमन के पहले होलिका दहन करने के लिए घर-घर से चंदा के रूप में गोइठा मांगने की प्राचीन परंपरा रही है। इस परंपरा के तहत युवाओं, खासकर बच्चों की टोली अपने-अपने गांव में बोरियां लेकर घूमती और हर घर जाकर चंदा के रूप में गोइठा मांगती रही है। इस दौरान बच्चे और युवा, "अगजा गोसाईं गोड़ लागे ली, घूम-घूम के गोइठवां मांगे ली" का यह गीत गाते गांव में फिरते हैं। जैसे ही वे किसी के घर पर गोइठा मांगने पहुंचते हैं, तो उनका दूसरा गीत शुरू होता है। घर की मालकिन महिला को संबोधित करते हुए वे गाते हैं, "ए जजमानी तोरा सोने के केवाड़ी, दू (चार, पांच, दस की संख्या) गोइठा दा"। इसके बाद उस घर से गोइठा मिलने के बाद रुख अगले घर की ओर और गीत के वही बोल। यह सिलसिला होलिका दहन का दिन आने तक चलता रहता था। बच्चे और युवक चंदे में मिले गोइठों को अपने गांव में एक स्थान पर जमा करते हैं। इसके बाद जमा किए गए गोइठा होलिका दहन में जलाए जाते हैं। हालांकि, कई गांवों में होलिका दहन के लिए गोइठा मांगने की यह परंपरा अब लुप्त होती जा रही है। दरभंगा में डंफा की थाप पर होलिका दहन परिक्रमा की परंपरा दरभंगा के ग्रामीण इलाकों में डंफा (एक तरह का ढोल) की थाप पर पारंपरिक होली गीतों के गायन के साथ जलती हुई होलिका की परिक्रमा करने की समृद्ध परंपरा रही है। हालांकि, यह परंपरा अब धीरे-धीरे लुप्त हो रही है। कुछ गांवों में ही इस परंपरा का निर्वहन हो रहा है। फगुआ (फाग) गायन अब गांव से शहरों तक पहुंचा हुआ है होली के आगमन के पहले बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) के दिन से बिहार में फगुआ (फाग) गायन की समृद्ध परंपरा रही है। यह परंपरा आज भी जीवित है। इसके तहत गांवों में सार्वजनिक स्थान पर और शहरी इलाकों में देवी-देवताओं के मंदिरों के परिसर में फगुआ गाए जाते हैं। फगुआ गायन बसंत पंचमी से शुरू होकर होली तक चलता है। इस दौरान लोग राम-सीता, कृष्ण-राधा, शिव-पार्वती, विष्णु-लक्ष्मी और अन्य देवी-देवताओं के होली खेलने के गीत गाते हैं। होली के दिन फाग गायन के समाप्त होने के बाद चैत्र (चैत) माह के शुरू होने के साथ ही चैता गायन शुरू होता है, जो रामनवमी तक चलता है। इस दौरान "चैत मासे लिहले जनमवा हो रामा चैत मासे…" आदि पारंपरिक लोकगीत उमंग के साथ गाए जाते हैं। बिहार में होली के साथ कुछ गंदी परंपराएं भी चली आ रही हैं। इनमें हंड़िया टांगने और कीचड़ वाली होली शामिल है। हंड़िया टांगने वाली परंपरा पूरी तरह शरारत से भरी है। इस परंपरा में गांवों में शरारती किस्म के युवक मिट्टी की हांडी की गर्दन में रस्सी बांधते हैं और हांडी में मल-मूत्र, गंदगी या कीचड़ भर कर रात में किसी घर के मुख्य दरवाजे पर टांग देते हैं। साथ ही दरवाजे पर कीचड़, गंदगी या मल-मूत्र बिखेर देते हैं। यहां तक कि किसी छोटे जानवर का मृत शरीर भी घर के दरवाजे पर टांग देते हैं। सुबह होते ही घर का मालिक या परिवार का कोई सदस्य जैसे ही दरवाजा खोलता है, वह हंड़िया से टकरा जाता है और सारी गंदगी उस पर गिर जाती है तथा पैर भी दरवाजे पर गिराई गई गंदगी से सन जाते हैं। स्वाभाविक है कि ऐसा जिस घर के साथ होगा, उस घर के लोग ऐसा करने वालों को गालियां देंगे; और ऐसा करने वाले लोग भी उसी टोले-मुहल्ले के होते हैं, जो गालियां सुनकर खुद मजे लेते हैं तथा उन्हें और गाली देने के लिए प्रेरित भी किया करते हैं। गांवों में शरारती किस्म के युवक हंड़िया टांगने वाला काम बहुधा उन्हीं घरों पर करते हैं, जिस घर के लोग चिढ़ने और गुस्सा करने वाले होते हैं। होली की दूसरी गंदी और गलत परंपरा कीचड़ तथा गंदगी वाली होली है। इस होली में लोग नाली के कीचड़, गोबर, मिट्टी, मल-मूत्र से होली खेलते हैं। इस तरह की होली झगड़े का भी सबब बन जाती है। सुखद बात यह है कि सभ्यता के विकास के दौर में होली से जुड़ी ये गलत परंपराएं अब समाप्त हो रही हैं।

प्रयागराज में पशुओं को मिलेगा 12 अंकों का यूनिक आधार, स्वास्थ्य रिकार्ड होगा पोर्टल पर

प्रयागराज  पशुपालन विभाग नए कलेवर में आ रहा है। विभाग ने नेशनल डिजिटल लाइव स्टाक मिशन (एनडीएलएम) पोर्टल पर पशुओं व उनके पालकों का विवरण अपलोड करने की योजना शुरू की है। पशुओं को 12 अंकों का यूनिक आधार (पशु आधार) दिया जाएगा। डिजिटल रिकार्ड में पशुपालक का विवरण, टीकाकरण, नस्ल सुधार और बीमारी की स्थिति दर्ज होगी। मवेशियों के नस्ल लेकर पशु का स्वास्थ्य रिकार्ड होगा इस डाटा फीडिंग की नियमित निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य पशुओं का डिजिटल डेटा बेस तैयार करना है। इस पोर्टल पर पशुधन की संख्या, पशुपालकों का आधार, मोबाइल नंबर व जन्म-मृत्यु का ब्योरा मिलेगा। मवेशियों के नस्ल लेकर पशु का स्वास्थ्य रिकार्ड, टीकाकरण की तारीख, उम्र और इलाज का इतिहास अब आनलाइन होगा। खास-खास – 12 अंकों का पशु आधार बनेगा, मवेशियों व उनके पालकों का भी बनेगा डेटा बेस – 14 लाख के करीब जनपद में दुधारू पशु, जिनमें गाय-भैंस, बकरी व भेड़ अधिक पूरा ब्योरा एनडीएलएम पोर्टल पर अपलोड होगा पशु की सेहत कैसी है, वह बीमार तो नहीं। कब उसका गर्भाधान कराया गया और कब कौन टीका लगा। एक-एक पशु का यह पूरा ब्योरा एनडीएलएम पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे बीमारी की पहचान जल्दी होती है और समय पर उपचार संभव होगा। शासन के फरमान पर विभाग ने कवायद तेज कर दी है। विभाग के कामकाज को धीरे-धीरे डिजिटाइज्ड किया जा रहा है। पशुधन प्रबंधन, स्वास्थ्य व उत्पादकता में सुधार को प्रयास सरकारी स्थायी व अस्थायी गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों पर हो रहे खर्च से लेकर भुगतान तक की आनलाइन निगरानी की व्यवस्था पहले से ही है। हर पशु की एक-एक जानकारी को विभागीय पोर्टल में समेटने की तैयारी है। पशुधन प्रबंधन, स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार को यह प्रयास हो रहा है। पशुओं का स्वास्थ्य रिकार्ड आसानी से उपलब्ध होगा पशुओं का तैयार होने वाला पशु आधार स्वास्थ्य रिकार्ड, टीकाकरण इतिहास, प्रजनन डिटेल और प्रोडक्शन मेट्रिक्स को साथ जोड़ेगा। इससे पशुओं की पहचान, बीमारियों का प्रबंधन और स्वास्थ्य रिकार्ड आसानी से उपलब्ध होगा। क्या कहते हैं सीवीओ? सीवीओ डाॅ. शिवनाथ यादव का कहना है कि इसके लिए जनपद की कमेटी गठित कर ली गई है, जिसमें डीएम मनीष कुमार वर्मा अध्यक्ष, सीडीओ हर्षिका सिंह सचिव व सीवीओ सदस्य सचिव हैं। ब्लाक स्तर पर एसडीएम, बीडीओ, पशु चिकित्सक की कमेटी बनाई गई है। वहीं क्लस्टर और ग्राम पंचायत स्तर पर इसी माह कमेटी गठित होगी। ग्राम पंचायतों में पशुधन प्रसार अधिकारी और दुग्ध समितियों के पदाधिकारी शामिल किए जाएंगे।    

वास्तु शास्त्र की चेतावनी: शेर की तस्वीर से बढ़ सकता है तनाव और विवाद

घर सजाते समय हम अक्सर सुंदर पेंटिंग और आकर्षक तस्वीरें लगा लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार हर चित्र घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है। विशेष रूप से शेर की तस्वीर को लेकर वास्तु में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वास्तु ग्रंथ जैसे समरांगण सूत्रधार, प्रासाद मंडन और बृहत संहिता में बताया गया है कि घर में रखी वस्तुएं वहां रहने वाले लोगों के स्वभाव, संबंध और समृद्धि पर गहरा प्रभाव डालती हैं। शेर की तस्वीर क्यों मानी जाती है अशुभ? शेर को जंगल का राजा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है, लेकिन वास्तु के अनुसार शेर आक्रामकता, अहंकार और प्रभुत्व (Dominance) का प्रतीक भी है। घर में शेर की तस्वीर लगाने से: परिवार के सदस्यों में वाद-विवाद बढ़ सकते हैं। क्रोध और तनाव की स्थिति बन सकती है। रिश्तों में अहंकार टकराव पैदा कर सकता है। वास्तु सिद्धांत कहते हैं कि घर शांति और सौहार्द का स्थान है, इसलिए यहां उग्र और हिंसक पशुओं की तस्वीरें लगाने से बचना चाहिए। नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा आक्रामक पशुओं की तस्वीरें घर की सकारात्मक ऊर्जा को बाधित कर सकती हैं। वास्तु के अनुसार, दीवारों पर लगे चित्र मानसिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। शेर, बाघ या युद्ध दर्शाने वाली तस्वीरें मानसिक अशांति बढ़ा सकती हैं। निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। बच्चों के स्वभाव पर भी असर पड़ता है। किन तस्वीरों से बचें? वास्तु के अनुसार निम्न पक्षियों/पशुओं की तस्वीरें भी घर में नहीं लगानी चाहिए गिद्ध, उल्लू, कौआ, बाज और बगुला। इनको अशुभ संकेत और एकाकीपन का प्रतीक माना गया है। कौन सी तस्वीरें मानी जाती हैं शुभ? घर में शांत और सकारात्मक प्रतीकों वाली तस्वीरें लगाना श्रेष्ठ माना गया है। जैसे: गाय – समृद्धि और मातृत्व का प्रतीक सात दौड़ते घोड़े – सफलता और प्रगति हाथी – शक्ति और स्थिरता कछुआ – दीर्घायु हंस – ज्ञान और विवेक मोर – सौभाग्य और सुंदरता ये प्रतीक घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्द बढ़ाते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ऊर्जा का केंद्र होता है। इसलिए सजावट करते समय केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि उसके प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप घर में सुख-शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो शेर जैसी आक्रामक तस्वीरों से बचें और शुभ प्रतीकों को अपनाएं।

एमपी सरकार का फैसला: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आधारित फिल्म ‘शतक’ हुई टैक्स फ्री

भोपाल आरएसएस पर बनी फिल्म 'शतक' को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा करते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसकी जानकारी दी है। सीएम मोहन ने लिखा कि, हिंदी फिल्‍म 'शतक' को सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया है। ये फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कारों की उस परंपरा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से जीवित रखा है। फिल्म 'शतक' संदेश देती है कि संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। फिल्म 20 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (2155) के 100 साल की यात्रा दिखाई है। फिल्‍म की शुरुआत 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार (डॉक्टरजी) द्वारा संघ की स्थापना से होती है। इसमें दिखाया है कि, कैसे एक छोटे से समूह से शुरू हुआ ये संगठन आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।   -प्रमुख व्यक्तित्व फिल्म में संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और उनके उत्तराधिकारी गुरुजी (माधव सदाशिव गोलवलकर) के जीवन और उनके संघर्षों को प्रमुखता से दिखाया है। फिल्म में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संघ के योगदान, विभाजन के समय की स्थिति, दादरा और नगर हवेली की मुक्ति, कश्मीर का मुद्दा और 1975 के आपातकाल के दौरान संगठन के संघर्षों का चित्रण किया गया है। -AI से बनाए गए ग्राफिक्स इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि, इसमें 1 (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और उन्नत ग्राफिक्स का इस्तेमाल कर वीर सावरकर, महात्मा गांधी, सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को पर्दे पर जीवंत किया गया है। फिल्म की कहानी को बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने अपनी आवाज़ दी है।

हवाई सफर के बीच खतरे की घंटी! मुंबई से दुबई जा रही फ्लाइट को मिसाइल अलर्ट, प्रशासन हरकत में

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान में जारी जंग के बीच एक विमान हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। जानकारी के मुताबिक मुंबई से दुबई के लिए उड़ान भरने वाली इस फ्लाइट को रास्ते में अचानक मिसाइल का अलर्ट मिला, जिसके बाद एक अप्रत्याशित कदम उठाना पड़ा। मिसाइल हमले का अलर्ट मिलने के तुरंत बाद एमिरेट्स के विमान को UAE एयरस्पेस में रेयर गतिविधि करते देखा गया। Flightradar24 के डेटा के मुताबिक EK501 नाम का विमान मंगलवार सुबह UAE एयरस्पेस के बाहर रोक दिया गया। रक्षा मंत्रालय ने अलर्ट भेजा कि देश के एयर डिफेंस ईरान की तरफ से लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइलों का जवाब दे रहे हैं और विमान को खतरा हो सकता है। इसके बाद लाइव प्लेन ट्रैकर के मुताबिक विमान को दुबई में लैंड करने से पहले डबल रिवर्स करते देखा गया, जिसे बेहद ‘दुर्लभ’ कदम बताया जा रहा है। फ्लाइट को पहले मुंबई वापस जाते देखा गया था। हालांकि बाद में अधिकारियों द्वारा रोके जाने से पहले विमान वापस दुबई की ओर जाने लगी। चुनिंदा उड़ानें शुरू इससे पहले तनाव के बीच भारतीय विमान सेवा कंपनियों ने मंगलवार से पश्चिम एशिया के चुनिंदा शहरों के लिए नियमित और विशेष उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है। निजी विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट ने बताया है कि वह आज और अगले कुछ दिनों के लिए संयुक्त अरब अमीरात के फूजैराह से दिल्ली और कोच्चि के लिए एक-एक और मुंबई के लिए दो विशेष उड़ानों का परिचालन करेगी। इसके अलावा 4 मार्च से वह फूजैराह से दिल्ली और मुंबई के लिए अपनी नियमित उड़ानें शुरू करेगी। वहीं अकासा ने भी 3 मार्च से मुंबई और सऊदी अरब के शहर जेद्दा के बीच अपनी नियमित उड़ान शुरू करने की घोषणा की है। वह बुधवार से मुंबई और अहमदाबाद से जद्दा के लिए नियमित उड़ानों का परिचालन करेगी। हालांकि अबू धाबी, दोहा, कुवैत और रियाद को जाने वाली उसकी सभी उड़ानें 4 मार्च तक रद्द रहेंगी। इंडिगो जेद्दा से आज मुंबई, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए चार उड़ानों का परिचालन कर रही है। उसने बताया है कि इन उड़ानों का परिचालन उन यात्रियों के लिए किया जा रहा है जिन्होंने पहले से इंडिगो की फ्लाइट में टिकट बुक कराये हुए थे। एयर इंडिया ने भी शुरू की सेवाएं इसके अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी आज से ओमान की राजधानी मस्कट से दिल्ली, कोच्चि, कोझीकोड, बेंगलुरु, मुंबई और तिरुचिरापल्ली के लिए नियमित उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को जाने वाली उसकी सभी उड़ानें आज आधी रात तक रद्द रहेंगी। वहीं एयर इंडिया ने अमेरिका, कनाडा, यूरोप और ब्रिटेन को जाने वाली अपनी सभी उड़ानें आज से नियमित रूप से चलाने की घोषणा की है। उसने बताया है कि आज आधी रात तक पश्चिम एशिया को जाने वाली उसकी सभी उड़ानें रद्द है।