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महादेव की होली सीहोर में धूमधाम से, पंडित मिश्रा ने नबाव के बंद करने की बात बताई और शांति की कामना की

सीहोर  सीहोर में महादेव की होली गुरुवार को शुरू हो चुकी है। काशी, मथुरा और बरसाना की तर्ज पर यहां पर फूल-गुलाल से होली खेली जाएगी। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि पहले सीवन नदी किनारे होली खेली जाती थी। नबाव साहब ने इसे बंद करा दिया था, अब हमने फिर से शुरू किया।  उन्होंने कहा भगवान शिव के स्वरूप को सब जानें कि उनकी भक्ति का रंग अजर-अमर है। इजराइल-अमेरिका, ईरान में चल रहे युद्ध पर भी कथावाचक ने कहा कि किसी न किसी कारण से देश बर्बाद हो रहे हैं। सारे राष्ट्र में अब शांति हो यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। सब पर बाबा देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे। भारत का एक-एक नागरिक प्रार्थना करता है कि सभी जगह पर शांति हो। फूल-गुलाल से खेली जाती है होली इस होली की खास बात यह है कि इसमें केवल गुलाल और फूलों का उपयोग किया जाता है। पानी या पानी में घुले रंगों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। इसका उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को वापस घर लौटते समय किसी तरह की असुविधा न हो। पांच शिव मंदिरों में खेली जाती है होली महादेव की होली शहर के छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर विभिन्न शिव मंदिरों से होती हुई आगे बढ़ती है। इसके बाद यह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचती है। यहां विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन किया जाता है। शिव और गुरु के साथ होली का संदेश पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार यह होली शिव और गुरु के साथ खेली जाती है, जो यह संदेश देती है कि बड़ों के सानिध्य में जीवन खुशियों के रंगों से भर जाता है। उनका कहना है कि शिव ही ऐसे हैं जिनका रंग एक बार चढ़ जाए तो जीवन भर नहीं उतरता। देशभर के श्रद्धालुओं को किया आह्वान पंडित मिश्रा ने देशवासियों से अपने-अपने शिव मंदिरों में भगवान शिव को चंदन युक्त जल अर्पित करने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महादेव की होली उत्साह के साथ लेकिन पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाएं।

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं

जन समस्याओं के निस्तारण में शिथिलता अक्षम्य: मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान: सीएम योगी गोरखपुर,  गोरखपुर में जनता के साथ बुधवार दिनभर होली की खुशियां साझा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही अक्षम्य होगी। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठे लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चलकर पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की और सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।  सीएम ने अफसरों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले और कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।

PCB का बड़ा फैसला: पाकिस्तानी टीम के नए टेस्ट कोच के रूप में सरफराज अहमद पर भरोसा

 इस्लामाबाद पाकिस्तानी मेन्स क्रिकेट टीम को जल्द ही नया टेस्ट कोच मिलने जा रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चाहता है कि अगली टेस्ट सीरीज से पहले स्थायी कोच की नियुक्ति कर दिया जाए, ताकि लंबे समय की योजना पर काम शुरू हो सके. पीसीबी ने हेड कोच पद के लिए पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को औपचारिक प्रस्ताव दिया है. पीसीबी उनके जवाब का इंतजार कर रहा है। सरफराज अहमद इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हैं, तो वह ऐसे समय में कमान संभालेंगे जब पाकिस्तानी टीम निरंतर बदलाव और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है. पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान के टेस्ट कोचिंग सेटअप में स्थिरता की कमी रही है. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र में पाकिस्तानी टीम को स्पष्ट रणनीति, सही सेलेक्शन प्रोसेस और मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। सरफराज अहमद की सबसे बड़ी ताकत उनकी नेतृत्व शैली मानी जाती है. उन्हें एक ऐसे कप्तान के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूम में ऊर्जा और एकजुटता बनाए रखी. पाकिस्तान क्रिकेट में अक्सर प्रतिभा की कमी नहीं होती, लेकिन निरंतरता और संरचना की चुनौती रहती है. पीसीबी को उम्मीद है कि 38 साल के सरफराज इन दोनों पहलुओं में संतुलन ला सकते हैं। राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद भी सरफराज अहमद सिस्टम से जुड़े रहे. उन्होंने पाकिस्तान शाहीन्स और अंडर-19 स्तर पर मेंटर की भूमिका निभाई है. वह खिलाड़ियों की मानसिकता और टीम के प्रेशर पॉइंट्स को करीब से जानते हैं. अगर सरफराज प्रस्ताव स्वीकार करते हैं, तो उनकी कोचिंग इनिंग्स की शुरुआत मई में बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से हो सकती है. बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियां स्पिनर्स के मुफीद मानी जाती है. ऐसे में नए कोच के सामने शुरुआत से ही बड़ी चुनौती होगी। …जब पाकिस्तानी टीम ने जीती चैम्पियंस ट्रॉफी सरफराज अहमद ने पाकिस्तानी टीम के लिए तीन फॉर्मेट को मिलाकर कुल 232 मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 34.24 के एवरेज से 6164 रन बनाए. सरफराज ने अपनी कप्तानी में पाकिस्तान को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 का खिताब दिलाया था। अब देखना यह होगा कि क्या वह अपनी कोचिंग में टेस्ट टीम को सफलता दिला पाते हैं या नहीं. फिलहाल सबकी नजर सरफराज के फैसले पर टिकी हैं. यदि वह हां कहते हैं, तो पाकिस्तानी टेस्ट क्रिकेट में एक नए अध्याय की शुरुआत तय मानी जाएगी।

हरियाणा में 20 मार्च से एमएसपी पर होगी रबी फसलों की खरीद

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है। मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी, तापमान सामान्य से 3°C ऊपर; इंदौर-उज्जैन संभाग में रिकॉर्ड हाई, होली पर भोपाल और ग्वालियर-जबलपुर भी गर्म

भोपाल  मार्च का पहला सप्ताह खत्म होते-होते ही मध्यप्रदेश में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। होली के मौके पर अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है, जिससे मौसम में गर्मी का अहसास तेज हो गया है। सबसे ज्यादा असर इंदौर और उज्जैन संभाग में देखने को मिला। वहीं भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी होली के दिन तेज धूप ने लोगों को झुलसाया। प्रदेशभर में आसमान साफ रहा और बारिश या बादलों की कोई स्थिति नहीं बनी, जिससे तापमान तेजी से ऊपर चढ़ा।  मौसम विभाग के अनुसार इंदौर और उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। वहीं भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर भी गर्म रहे। अगले चार दिनों में और बढ़ेगा तापमान भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रहेगा। दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। 6 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हल्का बदलाव आ सकता है और बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। 40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। होली पर तेज धूप से बढ़ी गर्मी होली के दिन पूरे प्रदेश में तेज धूप रही और कहीं भी बारिश या बादल नहीं दिखाई दिए। इस कारण गर्मी का असर अधिक महसूस किया गया। नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। धार, रतलाम और सागर में भी तापमान 36 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा गुना, दमोह, खंडवा, टीकमगढ़, खजुराहो, खरगोन, श्योपुर और मंडला में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहा। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में ही तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। रात का तापमान भी बढ़ा प्रदेश में दिन के साथ रातें भी गर्म हो गई हैं। मंगलवार-बुधवार की रात बैतूल, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे अधिक न्यूनतम तापमान धार में 19 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अप्रैल-मई में चल सकती है लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च में लू चलने की संभावना कम है, लेकिन अप्रैल और मई में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। इन महीनों में करीब 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। मार्च में तीनों मौसम का असर पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में मार्च के दौरान दिन गर्म और रातें ठंडी रहती हैं, जबकि कभी-कभी बारिश भी होती है। अनुमान है कि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक पहुंच सकता है, जबकि रात का तापमान 10 से 17 डिग्री के बीच रह सकता है। फरवरी में चार बार बदला मौसम इस साल फरवरी में प्रदेश में चार बार मौसम बदला। महीने की शुरुआत में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर चला, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश हुई और 19, 20 और 21 फरवरी को भी इसका असर रहा। वहीं 23 और 24 फरवरी को चौथी बार ओले और बारिश दर्ज की गई।

इंदौर के जंगलों में बाघ लौटे, बन रहा है एक नया वाइल्डलाइफ कॉरिडोर

 इंदौर  वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के मौके पर इंदौर वनमंडल से एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। यहां के जंगल इन दिनों बाघों और तेंदुओं के लिए तेजी से अनुकूल बनते जा रहे हैं। घने वन, पर्याप्त जल स्रोत और शिकार की उपलब्धता ने चोरल-महू-मानपुर क्षेत्र को फिर से बड़े वन्यजीवों का ठिकाना बना दिया है। जनवरी से फरवरी के बीच चोरल क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। कई स्थानों पर बाघ के पंजों के निशान और विष्ठा पाई गई है, जबकि तेंदुओं की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। उदयनगर से बड़वाह तक नया टेरीटरी विकसित कर रहे दिसंबर में हुई बाघ गणना के दौरान भी इंदौर वनमंडल के नाहरझाबुआ-भड़किया, उमठ-वेका और मलेंडी-मांगलिया क्षेत्रों में बाघ की हलचल दर्ज की गई। वन अधिकारियों के अनुसार बाघ अब उदयनगर से बड़वाह तक नया टेरीटरी विकसित कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि खिवनी अभयारण्य से लेकर उदयनगर-बड़वाह तक का क्षेत्र एक संभावित वाइल्डलाइफ कारिडोर के रूप में उभर रहा है। देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण कॉरिडोर मानता है। हालांकि, विकास परियोजनाओं के कारण जंगलों का दायरा प्रभावित हुआ है। नए सुरक्षित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं इंदौर-खंडवा मार्ग, महू-सनावद रेल लाइन और अन्य परियोजनाओं से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास बाधित हुआ, जिससे वे नए सुरक्षित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि 2022 से 2024 के बीच कई बार बाघ इन इलाकों में नजर आए हैं। चोरल, महू और इंदौर के कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए वन विभाग ने बाघ और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चोरल, महू और इंदौर के कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए हैं। इनसे मिली तस्वीरों का अध्ययन देहरादून स्थित संस्थान में किया जा रहा है, ताकि बाघों की संख्या और मूवमेंट का सटीक आकलन हो सके। इसलिए बढ़ रही है गतिविधि विशेषज्ञों के अनुसार क्षेत्र में सांभर, चीतल, हिरण और नीलगाय जैसे शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से बाघों को पर्याप्त शिकार मिल रहा है। वहीं जंगलों में बढ़ती मानव गतिविधियों और निर्माण कार्यों के कारण वन्यजीव नए सुरक्षित आवास की तलाश में हैं। मांचल और मोरोद जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक और अन्य प्रस्तावित गतिविधियों से भी वनक्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती विशेषज्ञ अभय जैन का कहना है कि यदि इस उभरते कारिडोर को संरक्षित किया जाए तो बाघों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए विकास और संरक्षण के बीच संतुलन जरूरी है।     सूचना तंत्र मजबूत किया जा रहा है और गर्मियों में आग, अतिक्रमण व अवैध कटाई को रोकने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है। इंदौर-चोरल-महू क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी एक ओर जहां संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है, वहीं यह जिम्मेदारी भी बढ़ाती है कि इन जंगलों और वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जाए।     -लाल सुधाकर सिंह, डीएफओ, इंदौर वनमंडल  

हाईकोर्ट ने गुरदासपुर एनकाउंटर पर उठाई कड़ी प्रतिक्रिया, डीजीपी गौरव यादव से पूछताछ के लिए बुलाया

चंडीगढ़  गुरदासपुर के आदियां पुलिस चौकी में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी रणजीत सिंह के एनकाउंटर मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने डीजीपी गौरव यादव को मामले में जवाब देने के लिए तलब किया है। उन्हें आज दोपहर दो बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।  इसी दौरान गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल इंटरव्यू से जुड़े मामले की सुनवाई भी अदालत में होगी। हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में अपना जवाब तैयार रखें। रणजीत सिंह के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर बताया था। परिवार का कहना है कि अभी तक युवक का अंतिम संस्कार भी नहीं किया गया है। इसी विवाद के बीच हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया है। यह दूसरा मौका है जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने किसी चर्चित आपराधिक मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इससे पहले मोहाली में कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया हत्याकांड में भी अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया था।  22 फरवरी को गुरदासपुर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आदियां गांव की पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतकों में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड कांस्टेबल अशोक कुमार शामिल थे। पुलिस के अनुसार यह हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर करवाया गया था। आरोप है कि तीन युवकों को करीब 20 हजार रुपये देने का लालच देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया।  मामले में मुख्य आरोपी 19 वर्षीय रणजीत सिंह, जो आदियां गांव का रहने वाला था, को 25 फरवरी को पुरानाशाला इलाके में पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया। पुलिस का कहना है कि वह हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था और उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। पुलिस ने दूसरे आरोपी दिलावर सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि तीसरे आरोपी इंदरजीत सिंह को बाद में अमृतसर से पकड़ा गया। हालांकि रणजीत सिंह के एनकाउंटर को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पंजाब डीजीपी से जवाब मांगा है। पंजाब में पुलिस द्वारा किए जा रहे एनकाउंटर और हिरासत में हुई मौतों के मामले की सीबीआई जांच को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल हुई है। एडवोकेट निखिल सराफ ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में गुरदासपुर में युवक की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इस याचिका पर आज चीफ जस्टिस की बेंच भी दोपहर बाद सुनवाई करेगी। एक अन्य बैंच ने भी रणजीत मर्डर केस पर संज्ञान लिया है। सुखपाल खैरा ने की सीबीआई जांच की मांग कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने कहा कि मैं पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा रणजीत सिंह की एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग पर खुद संज्ञान लेने का स्वागत करता हूं, जिन्होंने आज ही डीजीपी को तलब किया है। यह पिछले कुछ महीनों में भगवंत मान सरकार के तहत पुलिस द्वारा बनाई गई 42वीं फेक एनकाउंटर की कहानी है। हम अपील करते हैं कि हाई कोर्ट की निगरानी में सीबीआई द्वारा समय पर जांच हो ताकि सच्चाई सामने आए और उन सभी दोषी पुलिस अधिकारियों और ताकतवर नेताओं को सज़ा मिले जो लोगों को बेरहमी से मारने के ऐसे गैर-कानूनी आदेश देने में शामिल थे। 

युद्ध के बीच ChatGPT पर नाराज़गी, 300% तक बढ़ा अनइंस्टॉलेशन रेट

वाशिंगटन अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला कर रहे हैं और ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इस दौरान अमेरिका AI कंपनियां भी चर्चा में हैं. इसमें Anthropic और OpenAI की काफी चर्चा की गई है. इस दौरान OpenAI ने जल्दबाजी में पेंटागन के साथ पार्टनरशिप कर ली लेकिन लोगों ने सोशल मीडिया पर कंपनी की काफी आलोचना की. इसके बाद ओपनएआई के चैटजीपीटी ऐप को लोगों ने अनइंस्टॉल करना शुरू किया, जिसका आंकड़ा 300 परसेंट तक पहुंच गया. इसके बाद OpenAI के सीईओ ने गलती को सुधारा। अमेरिकी AI कंपनी और चैटजीपीटी मेकर OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने माना है कि अमेरिका डिफेंस डिपार्टमेंट के साथ पार्टनरशिप करने में थोड़ा समय लेना चाहिए था. OpenAI ने पेंटागन के साथ शुरुआती डील ऐसे समय कि जब  Anthropic का कॉन्ट्रैक्सट खत्म हुआ. इसके बाद सोशल मीडिया पर ओपनएआई को विरोध का सामना करना पड़ा। ChatGPT ऐप किया अनइंस्टॉल  लोगों ने ओपनएआई का विरोध तो किया, साथ ही उसके ChatGPT ऐप को अनइंस्टॉल करना शुरू किया. सेंसर टावर के मुताबिक, 28 फरवरी को ChatGPT के अनइंस्टॉल दिन-प्रतिदिन के आधार पर 295% तक बढ़ चुके थे. वहीं दूसरी ओर Anthropic के Claude चैटबॉट के डाउनलोड्स की संख्या 51 परसेंट तक बढ़ी. साथ ही Claude अमेरिका में Apple App Store पर नंबर 1 स्थान तक पहुंच गया।  ऑल्टमैन ने किया X पर पोस्ट  सैम ऑल्टमैन ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट किया और बताया है कि ओपनएआई ने अब पेंटागन के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट को अपडेट कर दिया है. कंपनी अपने प्रिन्सिपल को क्लीयर कर दिया है।  उन्होंने आगे बताया है कि पेंटागन के साथ जल्दी करने का मकसद था कि अमेरिकी रक्षा विभाग और एआई इंडस्ट्री के बीच तनाव और न बढ़े. Anthropic का पेंटागन के साथ कॉन्ट्रैक्ट इसलिए खत्म हो गया था. ऑल्टमैन ने माना कि पूरी स्थिति अंत में मौकापरस्ती और अव्यवस्थित लगने लगी. ऑल्टमैन ने कहा कि वह इस अनुभव को भविष्य के फैसलों पर ध्यान रखेंगे। कैटी पेरी ने भी जताया विरोध  पॉप स्टार कैटी पेरी ने भी X प्लेटफॉर्म पर Claude के स्क्रीनशॉट के साथ दिल वाले इमोजी के साथ शेयर किया. कैटी पेरी के इस पोस्ट से पता चलता है कि वह पेंटागन की मांगों को ठुकराने वाले Anthropic के फैसले को सपोर्ट कर रही हैं।  ओपनएआई ने क्या बदलाव किए? सैम ऑल्टमैन ने एक इन्टरनल मेमो भी शेयर किया है. मेमो में बताया है कि ओपनएआई के सिस्टम का यूज अमेरिकी नागरिक पर बड़े पैमाने पर  घरेलू निगरानी में नहीं किया जा सकता है. यह प्रतिबंध अमेरिकी संविधान के National Security Act 1947 के चौथे संशोधन और FISA Act 1978 जैसे कानूनों पर बेस्ड है।    

संजय भाटिया ने सीएम सैनी की मौजूदी में भरा राज्यसभा के लिए नामांकन

चंडीगढ़. बीजेपी के संजय भाटिया ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी मौजूद रहे। संजय भाटिया की गिनती केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल के करीबी नेताओं में होती है। पानीपत के रहने वाले संजय भाटिया 2019 के लोकसभा चुनाव में करनाल सीट से सांसद चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा को उस चुनाव में 6 लाख 56 हजार 142 वोटों के भारी अंतर से हराया था, जो हरियाणा के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी जीत थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करनाल सीट से संजय भाटिया के स्थान पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को टिकट दिया था। मनोहर लाल तब लोकसभा का चुनाव जीते और केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बने थे। तब के बाद से संजय भाटिया को कभी संगठन तो कभी सरकार में एडजेस्ट करने की कोशिश हो रही थी, जो अब जाकर पूरी हुई है।

मशहूर इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में बेरहमी से हत्या

चंडीगढ़. कनाडा से सनसनीखेज खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार यहां पंजाबी मूल की यूट्यूबर नैंसी ग्रेवाल की मॉन्ट्रियल के पास लासाल में उनके घर में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इंफ्लूएंसर नैन्सी ग्रेवाल के घर में घुसकर हमलावरों ने उस पर चाकू से हमला किया। खबर मिली है कि पुलिस को सेंट-लूस क्रिसेंट में स्थित बिल्डिंग से इमरजेंसी कॉल मिली। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को नैंसी ग्रेवाल गंभीर रूप से घायल हालत में मिली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया पर उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसके शरीर पर चाकू से गोदने के कई निशान थे और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हुई। ये खबर मिलते ही कनाडा और पंजाब में रहने वाले नैन्सी ग्रेवाल के परिवार में दुख की लहर पाई जा रही है। मॉन्ट्रियल पुलिस (SPVM) मामले की गहराई से जांच कर रही है। हत्या के असली कारणों का पता चलने की कोशिश की जा रही है। नैन्सी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर वीडियो बना कर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों की आलोचना करती थी। इसके साथ ही उसने कई नेताओं के विरोध में भी वीडियो डाली थी। नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल पर पुलिस की 3 अहम बातें…     टीम रात में पहुंची, अस्पताल में दम तोड़ दिया: कनाडा पुलिस के अधिकारी पियर्स ने बताया कि हमले की सूचना मंगलवार (3 मार्च) की रात को मिली थी। इसके बाद पुलिस और पैरामेडिक्स रात करीब साढ़े 9 बजे तक टॉड लेन (Todd Lane) के 2400 ब्लॉक में पहुंचे। इसके अलावा एसेक्स-विंडसर इमरजेंसी मेडिकल टीम के मेंबर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।     सीढ़ी-रास्ते से सबूत जुटाए, एक किमी एरिया सील किया: इसके बाद बुधवार सुबह पुलिस अफसर नैन्सी के घर पहुंचे। उन्होंने विंडसर में टॉड लेन पर कनाडा स्ट्रीट और बिशप स्ट्रीट के बीच 2 घरों की घेराबंदी की। एक घर के मुख्य दरवाजे तक जाने वाली सीढ़ियों और रास्ते से सबूत इकट्‌ठा किए गए। इसके बाद पुलिस ने हत्या वाली जगह से करीब एक किलोमीटर दूर टॉड लेन पर ही एक जंगली इलाके के आसपास पीली पुलिस टेप लगाकर एरिया को सील कर दिया। यहां हर्ब ग्रे पार्कवे के पास पैदल चलने वाले रास्तों की एंट्री है।     CCTV खंगाले जा रहे, सबूत हों तो सार्जेंट से संपर्क करें: कनाडा पुलिस के अधिकारी पियर्स ने नैन्सी ग्रेवाल के परिवार व उसके दोस्तों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि इस हत्या की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। जल्दी ही आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। वारदात के आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी के पास इस घटना के बारे में कोई जानकारी या सुरक्षा कैमरे (CCTV) की फुटेज है, तो वे डिटेक्टिव सार्जेंट जेमी नेस्टर से संपर्क करें। बेटी के कत्ल को लेकर मां ने क्या कहा     बेटी नर्स थी, 2 कंपनियों में काम करती थी: नैन्सी की मां छिंदरपाल कौर ने कहा- बेटी 2018 में कनाडा में गई थी। वहां उसने नर्स का कोर्स किया था। जिसके बाद वह पैरामिड कंपनी में सुबह नौकरी करती थी और देर शाम केयर पार्ट वेयर कंपनी में नौकरी करती थी। आखिरी बार उससे 2 मार्च को फोन पर बात हुई थी। बेटी ज्यादा बिजी रहती थी, इस वजह से वह फोन नहीं करती थी बल्कि बेटी ही कॉल करती थी।     पहले भी हमला हुई, कई बार थ्रेट कॉल आईं: मां छिंदरपाल कौर ने कहा- बेटी पर पहले भी हमला हो चुका है। उस दौरान घर में आग लगाई गई थी। वह उस दौरान बच गई थी, लेकिन उस मामले में अब तक इंसाफ नहीं मिला। उसे पहले भी कई बार थ्रेट कॉल आ चुकी थी। इसको लेकर कनाडा पुलिस को सभी धमकियों की शिकायत भी दी गई थी।     बेटी की रेकी की गई, बेरहमी से मारा गया: मां ने कहा कि आग लगने की वजह से नैन्सी बच गई तो अब बेटी की रेकी करने के लिए एक व्यक्ति को घर पर भेजा गया था। उसने मुंह ढका हुआ था। जिसके बाद सीसीटीवी कैमरे लगे देखकर वह डरकर भाग गया। दुश्मनों ने बेरहमी से बेटी का कत्ल किया। बेटी अस्पताल भी नहीं पहुंची पाई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।     3-4 व्यक्ति शामिल, इनके नाम मेरे पास: छिंदरपाल कौर ने कहा कि बेटी गरीबों की मसीहा थी और उनकी मदद करती थी। वह सच के रास्ते पर चलने वाली लड़की थी। उन्होंने कनाडा पुलिस से अपील की कि जो 3 से 4 व्यक्ति है, जिनके नाम उनके पास मौजूद है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सलाखों के पीछे डाला जाए और बेटी की मौत को लेकर उन्हें इंसाफ दिलाया जाए। उसके दुश्मन वहीं गुरुद्वारे में बैठे हैं।