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अफीम की खेती वाले ‘दाऊजी’ से शमशान जाने की भी लेते थे परमिशन

भिलाई नगर. निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकर के समोदा गांव के 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में 8 करोड़ कीमत के अफीम के पौधे जब्त मामले में कई नए खुलासे हो रहे हैं. अब ग्रामीण अलग-अलग तरह के आरोप लगा रहे हैं. गांव की महिलाएं बताती है कि विनायक का इतना दहशत है कि गांव में अगर किसी की मौत हो जाती है तो श्मशान ले जाने के लिए भी दाऊजी (विनायक ताम्रकर) की परमिशन लेनी पड़ती है. जब तक वे नहीं कहते, तब तक लाश को अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाया जाता. यहां तक कि गांव के सरकारी शौचालय पर भी उनका कब्जा है, बिना उनकी मर्जी के हम वहां तक नहीं जा सकते. निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकार पिछले 5 वर्षों से अफीम की खेती कर रहे थे. लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी. एक दिन गांव के बच्चों के हाथ अजीब सा कुछ पौधा लगा. गूगल में सर्च करने पर पता चला कि यह अफीम है. बस फिर यही से पूरे गांव में हल्ला मच गया और 6 मार्च को मामला सामने आया. बताते हैं कि फार्म हाउस के चारों ओर गेट लगाए गए थे, जिससे आम लोगों का अंदर जाना लगभग असंभव था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 8 करोड़ कीमत के पौधे जब्त किए हैं. इसके बाद गांव का माहौल पूरी तरह बदला हुआ था. महिलाएं समूह बनाकर विनायक ताम्रकर के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध के लिए निकल पड़ी थी. ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ कुआं ही नहीं, बल्कि आसपास के तालाब और वहां तक जाने वाली सड़क पर भी ताम्रकार का दबदबा रहा. गांव वालों का कहना है कि इन जगहों का इस्तेमाल करने में भी उन्हें धमकाकर रोक दिया जाता था. वहीं दूसरा दिलचस्प मामला यह है कि अफीम के पौधों की सिंचाई के लिए शिवनाथ नदी से पानी चोरी करने की बात सामने आई है. मौके पर निरीक्षण के दौरान संयुक्त टीम को शिवनाथ नदी पर मोटर पंप लगाए जाने का प्रमाण मिला है. जिस जगह पर पंप लगाया गया है, वहां विनायक ताम्रकार के खेत तक पाइप लाइन का विस्तार किया गया है . इसके लिए किसी तरह की अनुमति नहीं लिए जाने की बात सामने आ रही है. लिहाजा इसे पानी की चोरी करार दिया जा रहा है.

16 लाख किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण: मंत्री बघेल

रायपुर. विधानसभा के बजट सत्र में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने सवालों का जवाब दिया. धान खरीदी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया है कि 16 लाख 55 हजार से अधिक किसानों ने दो लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण किया है. इस संबंध में कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने सवाल पूछा था. दिलीप लहरिया ने सवाल पूछा था कि खरीफ विपणन वर्ष2025–26 में प्रदेश में तकनीकी कारणों, एग्रीस्टेक पोर्टल और खरीदी की समय सीमा समाप्त होने के कारण अनेक किसान पंजीयन एवं टोकन होने के बावजूद धान नहीं बेच पाए हैं? यदि हां तो ऐसे किसानों की संख्या कितनी है. एग्रीस्टेक पोर्टल में रकबा/ शून्य कम अथवा त्रुटिपूर्ण दर्शाए जाने के कारण धान विक्रय से वंचित किसानों की आर्थिक क्षति का आकलन किया गया है या नहीं? यदि हां तो क्षतिपूर्ति के लिए शासन ने क्या किया है. इसके अलावा यह भी पूछा गया था कि किसानों से रकबा समर्पण किन परिस्थितियों में तथा शासन की किस नीति या आदेश के तहत कराया गया है ? अब तक कितने किसानों ने रकबा खसरा समर्पित किया है. ऋण वसूली के संबंध में भी सवाल पूछते हुए कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने पूछा कि जिन ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा जा सकता है. उनके अल्पकालीन कृषि ऋण के संबंध में शासन की क्या नीति है? खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने जवाब में बताया है कि धान खरीदी अवधि के दौरान किसानों द्वारा लाये गये मानक धान का पूर्ण खरीदी किया गया है. जिन किसानों के द्वारा धान विक्रय का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, उनसे रकबा समर्पण कराया जा सकता है. संबंधी निर्देश थे. खरीफ वर्ष 2025-26 में 1655149 किसानों ने 2.16 लाख हेक्टेयर रकबा का समर्पण किया. मंत्री ने बताया है कि जिन ऋणी कृषकों के द्वारा धान उपार्जन अवधि के दौरान अपना धान उपार्जन केन्द्रों विक्रय के लिए नहीं लाया गया है. उनके शेष ऋणों की वसूली देय तिथि के पूर्व कृषकों से व्यक्तिगत संपर्क कर नगद राशि वसूली की कार्यवाही की जाती है.

पंजाब में 10वीं की अब ऑनलाइन चेक होंगी Answer Sheets

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 10वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा 2026 को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अनुसार इस बार 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। जारी आदेशों के मुताबिक संबंधित अध्यापक अपने Registered E-mail ID और Registered Phone Number के जरिए लॉगिन करके Answer Sheets की मार्किंग करेंगे। यदि किसी शिक्षक के पास लॉगिन आईडी या पासवर्ड नहीं है तो वे बोर्ड कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड की ओर से जानकारी दी गई है कि 11 मार्च 2026 को सुबह 5 बजे से शिक्षकों की Login ID में 5 Dummy Answer Sheets अपलोड की जाएंगी, जिनकी जांच करके उन्हें Evaluation के लिए अपलोड करना होगा। इसके बाद उसी दिन सुबह 4 बजे तक उनकी स्क्रीन पर परिणाम दिखाई देगा और सही जांच करने वाले अध्यापकों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना जाएगा। इसके बाद चयनित शिक्षकों को पेन-पेपर टेस्ट और अन्य चरणों से भी गुजरना होगा। यह प्रक्रिया 12 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस दौरान तकनीकी टीम भी मौजूद रहेगी, ताकि अध्यापक अपनी किसी भी प्रकार की Doubts या Query का समाधान कर सकें। बोर्ड ने कहा है कि इस नई प्रणाली का उद्देश्य परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।

लुधियाना में तीन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी

लुधियाना. महानगर के 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

टोल से राहत देने वाला NHAI का एनुअल पास अब पड़ेगा भारी, बढ़ सकती है फीस

नई दिल्ली आप अक्सर सड़कों पर मोटर गाड़ी (Car/Jeep/Van) लेकर निकल पड़ते हैं। राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर हर कुछ किलोमीटर पर बने टोल प्लाजा पर फीस भरते-भरते आप परेशान हैं। तो आपके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एनुअल पास जारी कर दिया है। अब यही पास महंगा होने वाला है। जी हां, एनएचएआई का एनुअल पास अगले एक अप्रैल से महंगा होने वाला है। कितना महंगा होगा एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनएचएआई का एनुअल पास आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन मतलब कि एक अप्रैल से महंगा होने वाला है। जब पूछा गया कि कितना महंगा होगा तो उन्होंने बताया कि इसमें 75 रुपये से 100 रुपये के बीच बढ़ोतरी हो सकती है। यह पास अभी 3,000 रुपये में मिलता है। क्यों महंगा होगा एनएचएआई का टोल जिस तरह से हर साल एक अप्रैल से बढ़ता है, उसी तरह से एनुअल पास में भी यही व्यवस्था है। टोल के दर में या एनुअल पास के रेट में बढ़ोतरी मुद्रास्फीति के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित है। साल भर में डब्ल्यूपीआई इंडेक्स में जितनी बढ़ोतरी होती है, उसी हिसाब से एनएच के टोल भी बढ़ जाते हैं। उसी तरह से इस साल एनुअल पास का रेट करीब 100 रुपये बढ़ जाएगा। क्या है एनुअल पास जो व्यक्ति एनएच पर बराबर यात्रा करते हैं, उनकी सहूलियत के लिए पिछले साल 15 अगस्त से एनुअल पास की स्कीम लाई गई है। इसके तहत अभी 3,000 रुपये में एक पास जारी किया जाता है जो कि देश के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) या राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) के टोल प्लाजा पर वैलिड है। इस पास को खरीद लेने के बाद मोटर वाहन के मालिक एक साल या 200 टोल प्लाजा बिना शुल्क दिए पास कर सकते हैं। यदि आपने एक साल पूरा होने से पहले ही 200 टोल प्लाजा पार कर लिए तो उससे पहले ही पास खत्म हो जाएगा। कौन खरीद सकते हैं एनुअल पास एनएचएआई के एनुअल पास को कोई भी प्राइवेट या निजी कार, जीप या वैन के मालिक खरीद सकते हैं। कोई भी कॉमर्शियल व्हीकल या भाड़ा कमाने वाली गाड़ी के मालिक इसे नहीं खरीद सकते हैं। इस पास को राजमार्ग यात्रा ऐप और एनएचएआई पोर्टल से खरीदा जा सकता है।

ऑनलाइन बुकिंग के बिना नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर

फरीदकोट. मध्य पूर्व में बढ़ रहे ईरान–इजराइल तनाव का असर अब भारत में एलपीजी गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। भारत सरकार द्वारा जारी नई हिदायतों के अनुसार. अब उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर केवल ऑनलाइन बुकिंग के बाद ही मिलेगा। उल्लेखनीय है कि नई प्रक्रिया के मुताबिक,अब सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के बाद मिलने वाले डीएसी कोड के आधार पर ही की जाएगी। इसका उद्देश्य सप्लाई प्रणाली को पारदर्शी बनाना और गलत इस्तेमाल को रोकना बताया जा रहा है। दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर भी दिक्कतें आने की संभावना जताई जा रही है। कमर्शिल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार फिलहाल 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। फरीदकोट की गैस एजेंसियों के संचालकों ने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अब हर उपभोक्ता को सिलेंडर लेने के लिए पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी और डिलीवरी के समय मिलने वाला डीएसी कोड दिखाना जरूरी होगा। गैस एजेंसी संचालक संजीव जैन ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि जब सप्लाई फिर से शुरू होगी तभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपनी ई-केवाइसी जल्द से जल्द करवा लें, ताकि भविष्य में सिलेंडर लेने के समय किसी तरह की परेशानी न हो। फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई बड़ी कमी नहीं है और बुकिंग के बाद एक से दो दिनों के भीतर सप्लाई दी जा रही है। हालांकि आने वाले दिनों में सरकार सप्लाई को लेकर कोई कोटा भी तय कर सकती है।

Chaitra Navratri 2026: 19 या 20 मार्च से होगी शुरुआत? देखें घटस्थापना का सही समय

चैत्र नवरात्रि शुरू होने वाली है. चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि से ये नवरात्रि शुरू होती है. चैत्र नवरात्रि में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है कलश स्थापना करना, जोकि पहले ही दिन की जाती है. इसके बाद नौ दिनों तक माता दुर्गा के 09 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. इस दौरान भक्त उपवास करते हैं. माता को अलग-अलग तरह के पकवानों का भोग लगाते हैं. नवरात्रि के दिनों में माता अपने भक्तों के दुख हरने के लिए आती हैं. नवरात्रि में अष्टमी और नवमी का दिन बहुत विशेष माना जाता है. इस दौरान भक्त कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उन्हें घर आने के लिए आमंत्रित करते हैं और फिर उन्हें भोग-प्रसाद खिलाते हैं. हालांकि, इस बार लोगों के मन में चैत्र नवरात्रि की तारीख को लेकर संशय है कि ये 19 से शुरू हो रही है या 20 मार्च से. ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि की सही तारीख और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त. चैत्र नवरात्रि कब से है? पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से होगा. 27 मार्च को रामनवमी के साथ चैत्र नवरात्रि का समापन हो जाएगा. चैत्र नवरात्रि 2026 कलश स्थापना शुभ मुहूर्त इस साल चैत्र नवरात्र पर कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. 19 मार्च के दिन पहला शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगा. ये मुहूर्त सुबह 07 बजकर 43 मिनट पर खत्म होगा. इस दिन दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना संभव होगी. कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगा. ये मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा.

ट्रैफिक और प्रदूषण पर काबू के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नए ऑटो परमिट पर लगाई रोक

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में पहले से ही बहुत बड़ी संख्या में ऑटो परमिट जारी हो चुके हैं, जिससे शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप से बढ़ गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक करीब 14 लाख ऑटो रिक्शा परमिट जारी किए जा चुके हैं. इनकी अधिकता के कारण मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में यातायात का बोझ बढ़ गया है. सड़कों पर भीड़-भाड़ से वाहनों की गति कम हो रही है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और  प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. मौजूदा ऑटो परमिट धारकों ने भी सरकार से शिकायत की थी कि नए परमिट जारी होने से रिक्शा चालकों में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है और उन्हें पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही हैं. जिससे आय पर भी बुरा असर पड़ रहा है. सरकार ने इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ये महत्वपूर्ण कदम उठाया है. महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा के बाहर ये घोषणा करते हुए बताया कि ट्रैफिक जाम, बढ़ता प्रदूषण और अवैध परमिट धारकों की शिकायतों के बाद ये कड़ा कदम उठाया गया है. इसके अलावा जांच में ये भी सामने आया है कि कुछ मामलों में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को भी ऑटो परमिट मिल गए थे. इस मामले की भी जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. ऑटो रिक्शा की अधिकता के कारण मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में यातायात का बोझ बढ़ गया है. सड़कों पर भीड़-भाड़ से वाहनों की गति कम हो रही है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और  प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में नए ऑटो परमिट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है.

राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह पर सपा! असम चुनाव में उम्मीदवार उतारने की तैयारी में अखिलेश यादव

लखनऊ लोकसभा चुनाव 2024 में जबरदस्‍त सफलता हासिल करने के बाद समाजवादी पार्टी ने राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लक्ष्‍य पर नजर गड़ा दी है। इस रणनीति के तहत पार्टी पहली बार असम विधानसभा चुनाव में हिस्‍सा लेने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है सपा पांच से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतार सकती है। जल्‍द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। असम में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बताया जा रहा है कि सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने प्रत्‍याशी उतारेगी। सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव भी वहां चुनाव प्रचार करने जा सकते हैं। महाराष्‍ट्र में दो और गुजरात में 1 सपा विधायक यूपी के बाहर की बात करें तो सपा के महाराष्‍ट्र में दो विधायक और गुजरात में एक विधायक हैं। यह राष्‍टीय पार्टी के मानक से काफी कम है। दरअसल, राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों में न्‍यूनतम चार राज्‍यों में कुल वैध वोटों का कम से कम 6 प्रतिशत होना जरूरी है। साथ ही लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना चाहिए या लोकसभा चुनावों में कम से कम तीन अलग राज्‍यों से कुल सीटों का 2 प्रतिशत यानी 11 सीटें जीती हों। देखा जाए तो सपा के पास लोकसभा में इससे कहीं ज्‍यादा सीटें हैं पर वह एक ही राज्‍य उत्‍तर प्रदेश में है। इसलिए वह राष्‍ट्रीय पार्टी के मानकों को पूरा नहीं करती। यूपी में सपा के 37 सांसद गौरतलब है कि 2024 में सपा ने लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। सीटों के लिहाज से सपा बीजेपी और कांग्रेस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास 37 सांसद हैं। सपा ने बीजेपी के गढ़ माने जाने वाली कई सीटों पर अपना परचम लहराया था। इसमें अयोध्‍या उल्‍लेखनीय है। असम में इसी साल होने हैं विधानसभा चुनाव राष्‍ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्‍त करने के लिए समाजवादी पार्टी की नजर असम विधानसभा चुनावों पर है। असम में इसी साल तक चुनाव होने हैं। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम वोटों पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसी रणनीति के तहत सपा असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में ही प्रत्‍याशी खड़ा करने की योजना बनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपा 5 से 10 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार खड़े कर सकती है।

बिहार में मौसम का मिजाज बदला: पटना-पूर्णिया समेत 27 जिलों में बारिश की चेतावनी

पटना बिहार में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, सोमवार (9 मार्च) से बुधवार (11 मार्च) तक राज्य के 27 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर, मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार के 27 जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, कटिहार, अररिया, किशनगंज और सहरसा समेत अन्य जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना है। इन इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। पश्चिमी बिहार में तपिश जारी रहेगी वहीं बक्सर, भोजपुर, रोहतास और औरंगाबाद जैसे पश्चिमी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। यहाँ तापमान में कोई विशेष कमी आने के संकेत नहीं हैं और गर्मी का सितम जारी रह सकता है। रविवार को कैमूर में अधिकतम तापमान 34.8°C दर्ज किया गया, जबकि पटना और फारबिसगंज में न्यूनतम तापमान भी 23.5°C तक पहुँच गया। तेज धूप और पछुआ हवाओं ने लोगों को बेहाल कर रखा था, लेकिन अब बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट की उम्मीद है। किसानों को जारी हुई एडवाइजरी मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान वे पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रहें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों को चिंता में डाल दिया हैं। इस समय गेहूं की फसल तैयार हो रही है और आम के पेड़ों पर मंजर आए हुए हैं। तेज आंधी और बारिश से मंजरों के गिरने और गेहूं की खड़ी फसल को खतरा है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फिलहाल कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।