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LPG संकट के बीच पंजाब सरकार का निर्णय, नीले कार्ड धारकों को मिलेगा फायदा

लुधियाना केंद्र की मोदी सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों, देश के विभिन्न राज्यों सहित पंजाब में करीब 14 वर्षों के बाद कैरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) का कोटा एक बार फिर से जारी कर दिया गया है। मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक पंजाबभर के राशन कार्ड होल्डरों को आने वाले दिनों में कैरोसिन ऑयल का कोटा जारी कर दिया जाएगा। ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स फैडरेशन यूनियन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव करमजीत सिंह अड़ेचा ने बताया कि पंजाब में वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. प्रकाश सिंह बादल द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गए पत्र में राज्य की जनता को एल.पी.जी, सिलैंडर की सुविधा मिलने के कारण कैरोसिन ऑयल की कोई जरूरत नहीं होने संबंधी सिफारिश की गई थी जिसके चलते साल 2012 में केंद्र सरकार द्वारा पंजाबभर में चलने वाले करीब 22,000 से अधिक राशन डिपुओं पर जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले कैरोसिन ऑयल की सप्लाई पूर्ण तौर पर बंद कर दी गई थी। वहीं मौजूदा समय दौरान पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अमरीका और इसराईल द्वारा ईरान सहित दर्जनों खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के कारण कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलैंडरों के छाए गंभीर संकट को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए एक अहम फैसले के दौरान केंद्र सरकार द्वारा कैरोसिन ऑयल का कोटा फिर से जारी कर दिया गया है जिससे पंजाबभर के राशन डिपो होल्डरों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा आने वाले दिनों में पंजाब भर के राशन डिपुओ पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से जुड़े करीब 38 लाख परिवारों से संबंधित 1.57 करोड़ लोगों को फिर से कैरोसिन ऑयल का कोटा मिलने की संभावना बन गई है। राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक मैंबर को प्रति 3 महीने के बाद 5 लीटर मिट्टी का तेल मिल सकता है।

वास्तु चेतावनी: भूलकर भी इस दिशा में न रखें कामधेनु गाय, वरना घर में आ सकती हैं परेशानियाँ

वास्तु शास्त्र में गाय को सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि साक्षात देवी का स्वरूप माना गया है। घर में कामधेनु गाय की मूर्ति रखना सुख-समृद्धि और चमत्कारी बदलाव ला सकता है। अगर आप भी अपने घर में बरकत चाहते हैं, तो इस मूर्ति को सही दिशा में रखना जरूरी है। हिंदू धर्म में गाय को 'गौमाता' कहा गया है, जिनके भीतर 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है। वास्तु के हिसाब से, कामधेनु गाय की मूर्ति घर के कई दोषों को खत्म कर देती है। यह मूर्ति सिर्फ एक सजावट का सामान नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। सही दिशा का चयन     वास्तु के अनुसार, कामधेनु गाय की मूर्ति रखने के लिए सबसे शुभ जगह उत्तर-पूर्व दिशा है, जिसे ईशान कोण कहा जाता है।     चूंकि, ईशान कोण को देवी-देवताओं का निवास स्थान माना जाता है, इसलिए यहां मूर्ति रखने से घर में दैवीय कृपा बनी रहती है।     इस सही दिशा में मूर्ति स्थापित करने से परिवार के सदस्यों का मानसिक और शारीरिक कल्याण होता है और घर में सुख-शांति आती है।     अगर उत्तर-पूर्व कोने में जगह उपलब्ध न हो, तो आप मूर्ति को अपने घर के पूजा स्थल (मंदिर) में भी रख सकते हैं।     मंदिर के अलावा, आप इसे घर की पूर्व दिशा में भी स्थापित कर सकते हैं, जिसे वास्तु में उन्नति और समृद्धि की दिशा माना गया है। कैसी मूर्ति है सबसे शुभ? हमेशा ऐसी मूर्ति लाएं जिसमें गाय के साथ उसका बछड़ा (calf) भी हो। मां और बछड़े की यह जोड़ी ममता और प्रेम का प्रतीक है। माना जाता है कि ऐसी मूर्ति से घर के बच्चों की उन्नति होती है। मूर्ति अगर सफेद पत्थर, पीतल (brass) या चांदी की हो, तो इसे बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। मूर्ति रखने के फायदे आर्थिक मजबूती: कामधेनु गाय 'मनोकामना पूरी करने वाली' मानी जाती है। इसे सही दिशा में रखने से पैसे की तंगी दूर होती है। मानसिक शांति: अगर घर में हमेशा तनाव या क्लेश रहता है, तो गाय की मूर्ति से मन को शांति मिलती है। बच्चों का करियर: पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए बच्चों के स्टडी रूम में भी छोटी सी मूर्ति रखी जा सकती है। घर में गाय की महिमा और उसकी स्थापना का विवरण हमारे प्राचीन 'मत्स्य पुराण' और 'वास्तु शास्त्र' के ग्रंथों में मिलता है। इनमें गाय को 'सर्व देवमयी' (सभी देवताओं का स्वरूप) बताया गया है। दिशाओं के नियम 'वास्तु विद्या' के आधार पर तय किए गए हैं।  

होटल और रेस्तरां उद्योग को LPG संकट से राहत, सरकार का फैसला रसोई संचालन को सुरक्षित रखेगा

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जंग के कारण पैदा हुए वैश्विक गैस संकट के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. इसमें होटल-रेस्तरां इंडस्ट्री को राहत देने की तैयारी है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कमर्शियल एलपीजी की मौजूदा स्थिति और इसका होटल-रेस्तरां तथा पर्यटन सेक्टर पर पड़ रहे असर पर चर्चा की गई. सरकार ने हालात को संभालने के लिए तुरंत कुछ कदम उठाने का फैसला किया है. आज से व्यवसायों को हर महीने की औसत कमर्शियल LPG जरूरत का करीब 20 फीसदी कोटा दिया जाएगा, ताकि होटल और रेस्तरां की रसोई चलती रहे। इसके अलावा होटल और रेस्तरां को अतिरिक्त गैस सप्लाई देने के उपायों पर भी काम किया जा रहा है. पेट्रोलियम और पर्यटन मंत्रालय आपस में मिलकर और उद्योग से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे, ताकि हालात पर नजर रखी जा सके और समस्याओं का जल्दी समाधान किया जा सके. सरकार का कहना है कि गैस की मौजूदा परेशानी चल रहे युद्ध की वजह से पैदा हुए वैश्विक संकट का हिस्सा है। होटल इंडस्ट्री परेशान दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग ने वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है. भारत में 80-85 प्रतिशत एलपीजी आयात इसी इलाके से होता है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से. जहाजों की आवाजाही रुकने से देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (नीले रंग वाले) की भारी कमी हो गई है. होटल, रेस्तरां, ढाबे और पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हैं. कई शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली में रेस्तरां मेन्यू कम कर रहे हैं, कुछ बंद हो रहे हैं या समय कम कर रहे हैं. मुंबई में 20 प्रतिशत तक होटल-रेस्तरां बंद हो चुके हैं, और अगर हालात नहीं सुधरे तो दो-तीन दिनों में 50 प्रतिशत तक बंद हो सकते हैं. बेंगलुरु में होटल एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि सप्लाई बंद रहने पर हजारों जगहें बंद हो जाएंगी। घरेलू सेक्टर पर जोर बैठक के बाद पुरी ने कहा कि ये समस्या वैश्विक है, जंग की वजह से पैदा हुई है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं (घरों में इस्तेमाल वाली गैस) को प्राथमिकता दे रही है. घरेलू क्षेत्र कुल खपत का 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सिर्फ 13 प्रतिशत. सरकार ने तुरंत राहत के कदम उठाए हैं. आज से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) व्यवसायों को उनकी औसत मासिक कमर्शियल एलपीजी जरूरत का करीब 20 प्रतिशत कोटा देंगी. राज्य सरकारों के साथ मिलकर ये कोटा असली जरूरतमंदों को दिया जाएगा, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी न हो. ये कदम ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए है. इसके अलावा अतिरिक्त गैस सप्लाई के उपायों पर काम चल रहा है. पेट्रोलियम और पर्यटन मंत्रालय मिलकर उद्योग से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे।

आज से शुरू हो रहा स्वदेशी मेला, सीएम विष्णु देव साय की मौजूदगी में होगा उद्घाटन

 भिलाई  स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र CBMD द्वारा आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले का भव्य शुभारंभ जयंती स्टेडियम के सामने मैदान में शुक्रवार शाम 7 बजे किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और मेले का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम करेंगे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रेम प्रकाश पांडेय-पूर्व विधानसभा अध्यक्ष छत्तीसगढ़, विधायक ललित चंद्राकर, रिकेश सेन, देवेंद्र यादव, महापौर नगर निगम भिलाई नीरज पाल, महापौर नगर निगम दुर्ग अलका बाघमार, दीपक शर्मा अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख, जगदीश पटेल, प्रांत संयोजक स्वदेशी जागरण मंच, अमर बंसल प्रांत स्वदेशी मेला प्रमुख, सतीश थोरानी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, व्यापारी वर्ग, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहेंगे। स्वदेशी मेला प्रांत प्रमुख अमर बंसल, प्रबंधक सुब्रत चाकी, मेला संयोजक अजय भसीन ने बताया कि मेला स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमियों को मंच प्रदान करने और भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें स्वदेशी उत्पाद, हस्तशिल्प, वस्त्र, घरेलू उद्योग, दैनिक उपयोग की सामग्री सहित कई नवाचारपूर्ण उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। मेले में आने वाले लोगों के लिए मनोरंजन के विशेष आकर्षण भी रखे गए हैं। बच्चों और परिवारों के लिए आकर्षक झूले एवं मनोरंजन गतिविधियाँ उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही स्वाद प्रेमियों के लिए एक विशेष फूड जोन बनाया गया है, जहाँ विभिन्न प्रकार के पारंपरिक और आधुनिक व्यंजन उपलब्ध होंगे। इसके अलावा मेले में ऑटोमोबाइल जोन भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जहाँ विभिन्न कंपनियों के नवीनतम वाहनों और तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। स्वागत समिति के अध्यक्ष दिनकर बसोतिया ने बताया कि स्वदेशी मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और परंपराओं की भी झलक देखने को मिलेगी, जिससे यह आयोजन केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का रूप लेगा। विपणन प्रबंधक जीआर जगत व जयेश पांचाल ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ मेले में पहुँचकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने में सहभागी बनें। मीडिया प्रभारी शंकर सचदेव के मुताबिक मेला काफी रोमांचक होने वाला है। शहरवासियों से अपील की गई कि परिवार संग जरूर आएं।

अफीम की खेती के खिलाफ कड़ा एक्शन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए सख्त निर्देश

संलिप्त लोगों के विरुद्ध की गई कड़ी कार्रवाई रायपुर, प्रदेश में अवैध रूप से अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी कीमत पर अवैध मादक पदार्थों की खेती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शासन और प्रशासन के सभी अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से जांच करने तथा इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त, भू-अभिलेख छत्तीसगढ़ द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि अपने-अपने जिलों के संवेदनशील एवं संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराया जाए। कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि 15 दिवस के भीतर सर्वे पूर्ण कर अपने हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र सहित विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजें, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख हो कि जिले में कहीं भी अवैध रूप से अफीम की खेती तो नहीं की जा रही है। प्रदेश में हाल ही में कुछ स्थानों पर अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आए हैं, जिन पर प्रशासन ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को जब्त कर नष्ट किया गया तथा आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।अवैध क़ब्ज़े के जेसीबी मशीन से हटाया गया । इसी प्रकार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुर्रीपानी (खजुरी) में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए लगभग 1.47 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 18 क्विंटल 83 किलोग्राम अफीम के पौधे (लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य) जब्त किए गए तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 एवं 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण, परिवहन या कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ईद पर सड़क पर नमाज, तो मेरठ में FIR और पासपोर्ट रद्द होने का खतरा

 मेरठ मेरठ पुलिस प्रशासन ने आगामी ईद और अलविदा जुमे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ईदगाह कमेटी और मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस दौरान एसएसपी अविनाश पांडे ने निर्देश दिए हैं कि ईद की नमाज किसी भी हाल में सार्वजनिक सड़क पर अदा नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ पासपोर्ट जब्ती और सख्त मुकदमेबाजी जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  फिलहाल, शहर की 544 मस्जिदों और 140 ईदगाहों की सुरक्षा के लिए पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है. ड्रोन कैमरों और 112 की गाड़ियों के जरिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. शरारती तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।  शरारती तत्वों को SSP की सीधी चेतावनी मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने स्पष्ट किया कि 99 प्रतिशत लोग शांतिप्रिय होते हैं, लेकिन मुट्ठी भर अपराधी किस्म के लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. यह सख्त संदेश उन्हीं लोगों के लिए है जो कानून हाथ में लेंगे. उन्होंने बताया कि शहर काजी के साथ बैठक बहुत अच्छे माहौल में हुई है और सभी को पुराने निर्देशों के बारे में दोबारा बता दिया गया है. पुलिस का लक्ष्य बहुत स्पष्ट है- शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार संपन्न कराना और किसी भी बाधा को जीरो टॉलरेंस के साथ निपटाना।  ड्रोन से निगरानी और भारी पुलिस बल तैनात सुरक्षा के लिहाज से मेरठ को सेक्टर और ज़ोन में बांटा गया है. एसएसपी ने बताया कि निगरानी के लिए 6 एक्टिव ड्रोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं. नमाज के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एसपी ट्रैफिक को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि 112 और फायर टेंडर की गाड़ियां भी मौके पर मुस्तैद रहेंगी. प्रशासन ने बिजली, पानी और नाले की सफाई से जुड़ी 90 प्रतिशत समस्याओं का निराकरण कर दिया है ताकि नमाजियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। 

उप निरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा 14-15 मार्च को

उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों के लिए लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दोनों दिन दो – दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने समस्त प्रतिभागियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा प्रदेश के 75 जनपदों के 1090 परीक्षा केन्द्रों में 14 मार्च  एवं 15 मार्च को दो-दो पालियों में आयोजित कर रहा है। पूर्वान्ह में 10.00 बजे से मध्यान्ह 12.00 बजे तक एवं अपरान्ह 03.00 बजे से सायं 05.00 बजे तक परीक्षा होगी।  उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सीधी भर्ती-2025 के अन्तर्गत 4543 पदों पर अभ्यर्थियो से आवेदन आमंत्रित किए थे। इसमें कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें पुरूष-11,66,386 हैं जबकि 4,09,374 अभ्यर्थी महिला हैं।   लिखित परीक्षा के आयोजन हेतु गुणवत्तापूर्ण परीक्षा केन्द्रों के चयन निर्धारण के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालय, राजकीय डिग्री कॉलेज, राज्य/ केन्द्र के विद्यालय/ विश्वविद्यालय, पालीटेक्निक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज आदि ही सम्मिलित किए गये हैं। महिला अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु उनके मण्डल का ही जनपद आवंटित किया गया है। लिखित प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी, नकलविहीन एवं शुचितापूर्ण ढंग से कराये जाने के संबंध में इम्पर्सीनेशन कंट्रोल (प्रतिरूपण नियंत्रण) हेतु उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कई इंतजाम किए हैं। परीक्षा केन्द्रों की सीसीटीवी से मानीटरिंग हेतु त्रिस्तरीय कन्ट्रोल एवं कमांड सेंटर (परीक्षा केन्द्र, जनपद एवं बोर्ड) व्यवस्था की गई है। परीक्षा के निष्पक्ष, नकलविहीन एवं शुचितापूर्ण परीक्षा सम्पन्न कराए जाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड एवं एस०टी०एफ० द्वारा सघनता एवं सूक्ष्मता से सतर्क दृष्टि रखी जाएगी। यदि कोई अवांछनीय गतिविधियों मे संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि अनुचित साधनों के प्रयोग, प्रतिरूपण, अवांछनीय कृत्यों, दलालों और नौकरी रैकेट चलाने वालों से सावधान रहें । असुविधा से बचने के लिए परीक्षा केन्द्र पर समय से पहुंचें। प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा प्रारंभ होने से 02 घंटा पूर्व प्रवेश पत्र, आधार कार्ड / पहचान पत्र (डी०एल०, पासपोर्ट), काला/नीला बाल प्वाइंट पेन के साथ उपस्थित हों।  परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा तथा इसके बाद किसी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों द्वारा अपने आवेदन पत्र कों आधार नंबर के द्वारा पंजीकृत नहीं किया गया है, अथवा आवेदन के चरण में आधार नम्बर मिसमैच पाए गये हैं, उनसे अपेक्षा है कि वह अनिवार्यतः परीक्षा प्रारंभ होने से 02.30 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र पर रिपोर्ट करें। इससे निर्धारित समयावधि में उनका सत्यापन किया जा सके। अभ्यर्थी अपना अपडेटेड एवं अनलॉक्ड आधार कार्ड के साथ लिखित परीक्षा हेतु उपस्थित होगें। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने समस्त प्रतिभागियों को लिखित परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं हैं।    यह सामान नहीं लाएं साथ परीक्षा केन्द्रों पर पाठ्य सामग्री (मुद्रित या लिखित), कागज के ज्यामितीय-पेंसिल बाक्स, प्लास्टिक पाउच, किसी भी प्रकार का कैल्कुलेटर, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, स्केल, कॉपी, पेन ड्राइव, इरेजर, लॉग टेबुल/ इलेक्ट्रानिक पेन/स्कैनर, डिजिटल पेन, इलेक्ट्रानिक गैजेट जैसे मोबाइल फोन, चाभी, किसी प्रकार की घड़ी, ज्वैलरी, स्मार्ट वाच, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन, पेजर, हेल्थ बैण्ड, बटुआ/ पर्स, काला चश्मा, हैण्डबैग, टोपी, खाने का सामान, सिगरेट, लाइटर, माचिस, गुटखा लाना पूर्ण रूप से वर्जित है। परीक्षा अवधि में अभ्यर्थी के पास उपरोक्त सामग्री पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

14 मार्च तक चुकाएं ई-चालान, नहीं तो लोक अदालत आदेशानुसार वाहन जब्त किए जाएंगे

रायपुर   अगर आपके वाहन का भी ई-चालान लंबे समय से लंबित है तो 14 मार्च की तारीख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में इस दिन लोक अदालत का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह बकाया जुर्माना भरने का अंतिम अवसर है। इसके बाद पुलिस का डंडा चलना तय है। न्यायालय और पुलिस विभाग के समन्वय से आयोजित होने वाली यह लोक अदालत भौतिक और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित होगी। रायपुर में अब तक छह हजार से अधिक ई-चालानों का पंजीयन किया जा चुका है। जो लोग कोर्ट नहीं पहुंच सकते, वे आनलाइन माध्यम से भी अपने मामलों का निराकरण करा सकेंगे। 135 दिन की मियाद खत्म, अब होगी सख्ती पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वाहन चालकों को चालान भरने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। नियमतः प्रथम 90 दिन पोर्टल पर भुगतान का समय दिया जाता है। इसके बाद अगले 45 दिनों में मामला कोर्ट ट्रांसफर होने के बाद की मोहलत मिलती है। कुल 135 दिनों की अवधि बीत जाने के बाद भी जुर्माना न भरने वालों के वाहन जब्त किए जाएंगे। 15 अक्टूबर से पहले जारी हुए चालानों का होगा निपटारा इस लोक अदालत में केवल उन्हीं ई-चालानों को शामिल किया गया है, जो 15 अक्टूबर 2025 से पहले जारी हुए हैं और वर्तमान में न्यायालय में लंबित हैं। यातायात पुलिस द्वारा संबंधित वाहन मालिकों को मोबाइल काल और व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार सूचनाएं भेजी जा रही हैं, ताकि वे इस अवसर का लाभ उठा सकें। यातायात पुलिस के अधिकारियों ने अपील की है कि 14 मार्च को लोक अदालत में पहुंचकर अपने लंबित चालानों का निराकरण कराएं। इसके बाद बिना किसी रियायत के सघन चेकिंग अभियान चलाकर गाड़ियां जब्त की जाएंगी।

एक्ट्रेस मलाइका की लव लाइफ: 17 साल छोटे बिजनेसमैन के साथ रिलेशनशिप की चर्चा

मुंबई लाइका अरोड़ा बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस में से एक मानी जाती हैं. 52 की उम्र में भी उनका ग्लैमरस अवतार हर किसी को पसंद आता है. मलाइका अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहती हैं. कहा जा रहा है कि अर्जुन कपूर से ब्रेकअप के बाद, एक्ट्रेस अब डायमंड मर्चेंट हर्ष मेहता को डेट कर रही हैं।  फिर सुर्खियों में आई मलाइका की डेटिंग लाइफ मलाइका और हर्ष को पहली बार एक साथ मुंबई में कॉन्सर्ट के दौरान देखा गया था. वहां से दोनों की डेटिंग की खबरें सामने आने लगीं. फिर उनकी इटली वेकेशन से एक फोटो वायरल हुई, जिसमें मलाइका और हर्ष सेल्फी लेते दिखाई दिए. अब दोनों एक बार फिर सुर्खियों में आए हैं. मलाइका अरोड़ा और हर्ष मेहता गुरुवार 12 मार्च की शाम गौरव कपूर और कृतिका कामरा की रिसेप्शन पार्टी में साथ थे।  मलाइका पार्टी में अपने ग्लैमरस अंदाज में नजर आईं. सिल्वर कलर की डीप-नेक ड्रेस में वो बेहद खूबसूरत दिखीं. एक्ट्रेस ने पैप्स को भी पोज दिए. लेकिन इसके कुछ पलों बाद हर्ष मेहता भी पार्टी में पहुंचे. हालांकि उन्होंने इस दौरान पैप्स को इग्नोर किया. हर्ष गाड़ी से उतरकर सीधा पीछे के दरवाजे से पार्टी में दाखिल हुए. पैप्स ने उन्हें तुरंत स्पॉट किया और इसका वीडियो भी बनाया।  मलाइका अरोड़ा एक बार फिर अपने से छोटी उम्र के आदमी को डेट करने के लिए सुर्खियों में बनी हुई हैं. हालांकि दोनों में से किसी ने भी अपनी डेटिंग की चर्चाओं पर रिएक्ट नहीं किया है. फैंस के लिए उनका रिश्ता अभी भी सस्पेंस बना हुआ है. मगर कई लोग मलाइका को उनसे 17 साल छोटे हर्ष को डेट करने के लिए ट्रोल करते दिख रहे हैं।  मलाइका का साल 2017 में अरबाज खान से तलाक हो गया था. दोनों की शादी करीब 19 साल चली जिनसे आज उन्हें एक बेटा अरहान भी है, जिसकी उम्र 23 साल है. हालांकि तलाक के बावजूद, मलाइका खान परिवार के करीब हैं. हाल ही में जब सलीम खान की तबीयत बिगड़ी थी, तब मलाइका को उनसे मिलने अस्पताल जाते देखा गया था। 

जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के निर्देश के अनुक्रम में स्टाइपेंड वृद्धि आदेश जारी 1 अप्रैल 2025 से होंगे प्रभावशील भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल के निर्देशों के अनुपालन में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त एवं जनोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जूनियर डॉक्टर पूर्ण समर्पण से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और सुदृढ़ करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभायेंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूर्ण करते हैं। मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी जूनियर डॉक्टर अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जूनियर डॉक्टर के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को सकारात्मक समाधान के निर्देश दिए थे। उसके अनुक्रम में विभाग द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि करते हुए 1 अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है। इसके तहत पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये, द्वितीय वर्ष का 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये तथा तृतीय वर्ष का 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है। इसी प्रकार इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये किया गया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये तथा जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एवं सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।