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धार्मिक आयोजन की धूम: हनुमान जयंती पर 5 दिन चलेगी रामकथा, बड़े नेता होंगे शामिल

रायपुर. हनुमान जयंती के अवसर पर राम जानकी मंदिर, नर्मदा कुंड, निर्वाणी अखाड़ा में इस वर्ष 5 दिवसीय भव्य रामकथा आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में शामिल होने राज्यपाल रमेन डेका के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी आमंत्रण पत्र सौंपा गया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए उपस्थित रहने की सहमति प्रदान की है. पांच दिवसीय भव्य आयोजन का निमंत्रण पत्र देने दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन दास एवं धर्म स्तंभ काउंसिल छत्तीसगढ़ के सभापति डॉ सौरव निर्वाणी राजभवन में राज्यपाल से भेंट की. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पहुँच मुख्यमंत्री साय को निमंत्रण पत्र सौंपा. बताया कि आयोजन के दौरान राजीव लोचन दास द्वारा रामकथा का वाचन किया जाएगा, वहीं प्रतिदिन छत्तीसगढ़ के मानस मर्मज्ञ संत भी श्रद्धालुओं को प्रवचन देंगे. इसी क्रम में डॉ संदीप अखिल द्वारा राम रसायन का विशेष श्रवण भी कराया जाएगा. कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से होगी, जिसमें मातृशक्ति नगर भ्रमण करेगी,मंदिर के महंत सुरेंद्र दास ने बताया कि प्रतिदिन कथा के बाद श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी. हनुमान जयंती के दिन नर्मदा कुंड में भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा. धर्म स्तंभ काउंसिल के अनुसार, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य, निगम-मंडल के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है. 

MP में तीसरी बार बारिश का अनुमान, आंधी के साथ; 27-29 मार्च को उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में अलर्ट

भोपाल  भोपाल में आज का मौसम. मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में इस महीने तीसरी बार मौसम का मिजाज बदलेगा. जिससे तेज गर्मी के बजाय अब अगले 3 दिनों तक झमाझम बारिश और आंधी का दौर देखने को मिलेगा. जहां सक्रिय ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ के चलते कल 27, 28 और 29 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।  मौसम विभाग की मानें तो इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा. जहाँ तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इससे पहले मार्च महीने में ही आंधी और बारिश के दो दौर पहले ही प्रदेश को झकझोर चुके हैं. पिछला दौर लगातार 4 दिनों तक चला था, जिसने मध्य प्रदेश के 45 से ज्यादा जिलों को अपनी चपेट में लिया था. इस दौरान 17 जिलों में भारी ओलावृष्टि भी दर्ज की गई थी।  मार्च में आंधी-बारिश के दो दौर आ चुके हैं। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। अब तीसरा दौर 27 मार्च से शुरू होने की संभावना है। इससे पहले गुरुवार को तेज गर्मी का असर रह सकता है। खासकर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में गर्मी ज्यादा रहेगी। एमपी के 5 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार, भोपाल से गर्म उज्जैन मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को प्रदेश के कई शहरों में गर्मी का असर तेज रहा। 5 शहर ऐसे रहे, जहां तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो सबसे गर्म उज्जैन रहा। यहां अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 36.1 डिग्री, इंदौर में 36 डिग्री, भोपाल में 35.8 डिग्री और ग्वालियर में तापमान 35.1 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान रहा। यहां पारा 38.8 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 38.6 डिग्री, खंडवा में 38.5 डिग्री, खरगोन-रायसेन में 38 डिग्री, धार-मंडला में 36.8 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खजुराहो में 36.4 डिग्री और बैतूल में तापमान 36.2 डिग्री रहा। भोपाल, उज्जैन, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तेज गर्मी फिलहाल कल 27 मार्च से शुरू हो रहे इस तीसरे दौर ने किसानों की धड़कनें फिर से बढ़ा दी हैं, क्योंकि फसलों पर बर्बादी का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है.हालांकि, बारिश के इस दौर से ठीक पहले आज गुरुवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज गर्मी अपना असर दिखाएगी. मौसम विभाग के अनुसार खासकर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान में बढ़ोतरी देखी जा सकती है और यहाँ गर्मी का प्रभाव ज्यादा रहेगा. लेकिन शुक्रवार से शुरू होने वाला पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर तापमान में गिरावट लाएगा और पूरे प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. वहीं पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान खंडवा में 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब नया सिस्टम एक्टिव होगा। 28 मार्च की रात से एक और सिस्ट मौसम विभाग ने 28 मार्च की रात से एक और सिस्टम एक्टिव होने की संभावना जताई है। यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते अप्रैल की शुरुआत भी आंधी-बारिश से हो सकती है। अप्रैल-मई में तेज गर्मी का अनुमान मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बारिश का दौर रह चुका है। वहीं, रात का तापमान स्थिर है। भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।   27 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना।  28 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज।  29 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, उज्जैन, आगर मालवा, राजगढ़, गुना, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर।  … Read more

जेपी अस्पताल में प्रसव सुविधा बंद, डिप्टी सीएम ने सीएमएचओ से तलब की रिपोर्ट; तीन साल से कार्रवाई का इंतजार

भोपाल  भोपाल के जेपी अस्पताल में तीन साल से बंद प्रसव सुविधा का मामला अब सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है।  मामला सामने आने के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से पूरी जानकारी तलब की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर पूरे प्रकरण की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी, जिससे अब इस लंबे समय से लंबित विवाद पर फैसला होने की उम्मीद बढ़ गई है। तीन साल पहले बंद हुई प्रसव सुविधा जेपी अस्पताल, जिसे प्रदेश का मॉडल जिला अस्पताल माना जाता है, वहां वर्ष 2022 में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग और शिशु रोग विभाग को यहां से हटाकर काटजू सिविल अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद से जेपी अस्पताल में प्रसव सुविधा पूरी तरह बंद हो गई। यही निर्णय विवाद की जड़ बना। खास बात यह है कि जिला अस्पताल होने के बावजूद यहां प्रसव सुविधा का बंद होना आईपीएचएस गाइडलाइन के भी विपरीत माना जा रहा है। कर्मचारियों और संगठनों के पत्र, फिर भी नहीं हुई सुनवाई इस फैसले के बाद जेपी अस्पताल के कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों ने कई बार पत्र लिखकर इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की। इन पत्रों में अस्पताल की उपयोगिता, मरीजों की परेशानी और नियमों का हवाला दिया गया, लेकिन विभाग स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। लगातार पत्राचार के बावजूद कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में असंतोष भी बढ़ा है। रोज 50 से ज्यादा मरीज, फिर भी सुविधा नहीं जेपी अस्पताल में आज भी रोजाना 50 से अधिक महिलाएं जांच के लिए पहुंचती हैं। लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में उन्हें काटजू अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इस दौरान देरी होने से कई मामलों में मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा रहता है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। पहले 30 डिलीवरी रोज, अब संसाधन बेकार पहले जेपी अस्पताल में रोजाना करीब 30 डिलीवरी होती थीं और 150 बिस्तरों का स्त्री एवं प्रसूति विभाग संचालित था। शिशु रोग विभाग में भी 60 बेड की सुविधा थी। वर्तमान में ये संसाधन मौजूद होने के बावजूद उपयोग नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अस्पताल की क्षमता प्रभावित हो रही है। काटजू अस्पताल पर बढ़ा दबाव, सीमित क्षमता दूसरी ओर काटजू अस्पताल में मेटरनल एंड चाइल्ड केयर यूनिट विकसित की गई है, लेकिन वहां प्रतिदिन केवल 20 डिलीवरी ही हो पा रही हैं। 300 बेड की योजना पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं की कमी भी सामने आई है। ऐसे में पूरा दबाव वहां शिफ्ट होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक बदलाव, 67 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर, नई पोस्टिंग के आदेश जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के गोरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले में पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज खेलारी के निर्देश पर एक साथ 67 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए गए हैं। इस फैसले के बाद जिले के कई थानों और चौकियों में नई तैनाती हुई है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इस तबादला सूची में आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। खास बात यह है कि सुरेश ध्रुव को मरवाही थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि रामनिवास राठौर को कोटमी चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए शनिप रात्रे को साइबर सेल का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार यह बदलाव सिर्फ रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है। नए पदस्थापन से पुलिसकर्मियों में नई ऊर्जा आएगी और वे ज्यादा जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से न सिर्फ थानों की कार्यप्रणाली सुधरेगी, बल्कि आम जनता को भी तेज और बेहतर पुलिस सेवाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर: GPM जिले में यह ट्रांसफर एक बड़े प्रशासनिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर कानून-व्यवस्था और साइबर क्राइम कंट्रोल पर पड़ सकता है।

सोना-चांदी के दामों में बड़ा उतार-चढ़ाव, खरीदारी से पहले देखें ये अहम जानकारी

भोपाल  मध्यप्रदेश के सर्राफा बाजार में गुरुवार, 26 मार्च 2026 को एक बार फिर सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिला है, जबकि चांदी के दाम आज भी स्थिर बने हुए हैं। भोपाल और इंदौर में जारी ताजा रेट्स के मुताबिक, खरीदारी से पहले बाजार की चाल समझना बेहद जरूरी हो गया है। सोना हुआ महंगा आज सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है: 24 कैरेट सोना 1 ग्राम: ₹14,191 8 ग्राम: ₹1,13,528 10 ग्राम: ₹1,41,910 22 कैरेट सोना 1 ग्राम: ₹13,515 8 ग्राम: ₹1,08,120 10 ग्राम: ₹1,35,150 कल के मुकाबले सोना महंगा हुआ है, जिससे निवेशकों और खरीदारों की चिंता बढ़ सकती है। चांदी के दाम स्थिर चांदी के रेट में आज कोई बदलाव नहीं हुआ: 1 ग्राम: ₹260 1 किलो: ₹2,60,000 लगातार उतार-चढ़ाव के बीच आज चांदी की कीमत स्थिर रहना खरीदारों के लिए राहत की खबर है। बाजार का ट्रेंड क्या कहता है? मार्च महीने में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। ऐसे में अगर आप खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो जल्दबाजी के बजाय सही समय का इंतजार करना फायदेमंद हो सकता है। खरीदारी से पहले ध्यान रखें रोज बदलते रेट जरूर चेक करें एक बार में बड़ी खरीदारी करने से बचें निवेश के हिसाब से सही कैरेट चुनें, कुल मिलाकर, सोना फिर महंगा हो गया है, लेकिन चांदी स्थिर है ऐसे में समझदारी से फैसला लेना ही सही रहेगा।

बिहार राजनीति में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार का MLC से इस्तीफा, अब राज्यसभा की तैयारी

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) ने गुरुवार को अपनी 'समृद्धि यात्रा' को विराम दे दिया। अब वह अगले सोमवार से अपनी दिल्ली की तैयारी को आगे बढ़ाएंगे। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अगले माह की 10 तारीख तक उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेनी है। वहीं, अगले पांच दिनों के अंदर नीतीश विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे यह भी तय है। यह कानूनी बाध्यता है। त्यागपत्र देने के बाद अगली व्यवस्था तक वह मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा गुरुवार को नालंदा तथा पटना में हुई। मुख्यमंत्री के आगे के कार्यक्रमों की रूप रेखा लगभग तय है। शुक्रवार को वह रामनवमी के आयोजन में शामिल होंगे। शनिवार से मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जदयू की कई बैठकों का सिलसिला आरंभ होगा। नई सरकार पर होगी चर्चा सबसे पहले मुख्यमंत्री जदयू की प्रदेश इकाई की बैठक में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होंगे। बैठक मुख्यमंत्री आवास या फिर जदयू प्रदेश कार्यालय में होगी। इसके बाद जदयू के कोर कमेटी की बैठक नई सरकार के गठन पर होगी। सरकार के स्वरूप पर भी चर्चा होगी। इस बार यह चर्चा है कि जदयू की दावेदारी विधानसभा अध्यक्ष पद पर भी है, इसलिए जदयू की कोर कमेटी की बैठक में इस विषय पर भी सहमति बननी है। क्या निशांत बनेगे उपमुख्यमंत्री? निशांत कुमार को उप मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलेगी या नहीं यह भी चार से पांच दिनाें के अंदर तय हो जाएगा। इसके बाद एनडीए की बैठक होगी। एनडीए की बैठक में तय होना है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया सीएम इस बात की संभावना पर भी राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि नई सरकार 14 अप्रैल के पहले अस्तित्व में नहीं आएगी। यह कहा जा रहा कि खरमास के बाद ही मुख्यमंत्री पद पर बिहार में कोई नया व्यक्ति शपथ ग्रहण करेगा। नई व्यवस्था होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का कामकाज देखते रहेंगे।

आरोपों के बीच बड़ा फैसला: SDM बबनदीप वालिया का तबादला फाजिल्का में

चंडीगढ़. पंजाब सरकार की ओर से आज जिन 9 आईएएस और पीसीएस अफसरों का तबादला किया गया है, उनमें से एक नाम बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया का भी है, जिन्होंने पिछले दिनों मुख्य सचिव से अपने एडीसी पर पंचायत समिति के चुनाव में खास उम्मीदवारों को जितवाने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की थी। बबनदीप सिंह का यह शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल खूब वायरल हुआ, जिस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। अब बबनदीप को नए आदेशों में एसडीएम बाघापुराना के पद से हटाकर मुख्यमंत्री फील्ड अधिकारी फाजिल्का में लगा दिया गया है। इस मामले ने उस समय तूल पकड़ा, जब पंचायत समिति के 15 सदस्यों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 17 मार्च को जब वे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा लेने के लिए अन्य निर्दलीय सदस्यों के साथ पहुंचे, तो उन्हें बीडीपीओ कार्यालय में अवैध रूप से बंधक बना लिया गया। वापस लिया फैसला याचिकाकर्ताओं ने स्वयं को शिरोमणि अकाली दल से संबंधित बताया। इस केस की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने डीसी और एसडीएम को भी पेश करने के आदेश दिए और मंगलवार को हुई। सुनवाई के दौरान एसडीएम के पेश होने पर अदालत ने सबसे पहले उस पत्र पर सवाल उठाया, जो मुख्य सचिव को लिखा गया था और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हाई कोर्ट ने एसडीएम से पूछा कि एक संवेदनशील पत्र सार्वजनिक कैसे हुआ। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अगर उन पर किसी प्रकार का दबाव था तो उन्हें नियमानुसार अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मामला रखना चाहिए था। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी से इस तरह की कार्यप्रणाली की अपेक्षा नहीं की जा सकती। साथ ही अदालत ने यह भी पूछा कि यदि पत्र में लगाए गए आरोप सही साबित नहीं होते तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इस पर एसडीएम ने अदालत को बताया कि उन्होंने यह पत्र दबाव में आकर लिखा था। हालांकि, कोर्ट ने इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अधिकारी के पास अवकाश लेने या सीधे मुख्य सचिव से मिलकर अपनी बात रखने का विकल्प भी था। अदालत ने दोहराया कि संस्थागत व्यवस्था के भीतर ही समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट की बेहद तीखी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने आज जिन नौ अधिकारियों का तबादला किया है, जिनमें बबनदीप सिंह भी शामिल हैं।  

लाइफ में आगे बढ़ना है तो ऐसे लोगों से दूर रहना जरूरी

सफल होने के लिए महान लोगों की बातों को जरूर मानना चाहिए। ये ना केवल आपको सफलता दिलाती है बल्कि लाइफ में मिलने वाले बड़े धोखे से भी बचाने में मदद करती है। चाणक्य एक महान कूटनीतिज्ञ थे और उन्होंने अपने राजा को शत्रुओं और छल करने वाले लोगों से बचाने के लिए कई तरह की नीति की बातें बताई थी। उनमे से कुछ बाते हर इंसान के जीवन में लागू होती है। 1) चाणक्य ने कहा कि भाग्य भी उन्हीं लोगों का साथ देता है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर टिके रहते हैं। 2) ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए जो आपसे बात करते हुए इधर-उधर देखता हो। इसका मतलब है कि वो किसी से छुपकर आपसे मिल रहा है। 3) शरीर में आए रोग, शत्रु और किसी ऋण को कभी भी छोटा नहीं समझना चाहिए। जितना जल्दी हो सके इसको खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। 4) मूर्ख लोगों से कभी भी वाद-विवाद करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ये आपके समय और दिमाग को नष्ट करते हैं। 5) किसी इंसान के ऊंचा और महान बनने के लिए केवल उसके कर्म और गुण ही जिम्मेदार हो सकते हैं। 6) अगर आप किसी दूसरे शहर गए हैं और वहां आपकी जीविका का साधन नहीं है तो ऐसे जगह पर एक पल भी नहीं रुकना चाहिए। 7) जिस जगह पर आपकी इज्जत ना होती हो वहां एक पल भी नहीं रुकना चाहिए। 8) यहीं नहीं जगह कोई भी हो कुछ मित्र जरूर पास होने चाहिए। अगर ऐसी जगह जहां आपके मित्र ना हो वहां भी नहीं ठहरना चाहिए। 9)जिन जगहों पर ज्ञान की बातें ना होती हों, ऐसी जगह पर बिना समय गंवाएं हट जाना चाहिए।  

छत्तीसगढ़ PSC में बड़ा अपडेट: प्री परीक्षा का रिजल्ट घोषित, 3921 अभ्यर्थी चयनित

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने CGPSC प्री परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इसमें मेंस परीक्षा के लिए 3921 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, मेंस की परीक्षा 16 से 19 मई तक होगी। CGPSC प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 22 फरवरी 2026 को किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत विभिन्न 20 सेवाओं के लिए कुल 265 पदों पर नियुक्ति की जानी है। विज्ञापित पदों के 15 गुना के अनुसार 3975 अभ्यर्थियों को चयनित किया जाना था, लेकिन वर्गवार/उपवर्गवार पात्र अभ्यर्थियों की उपलब्धता के आधार पर कुल 3921 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित किया गया है। मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। इसके अलावा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का परिणाम भी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर जारी कर दिया गया है, जिसमें अभ्यर्थियों के अंक, कट-ऑफ और अन्य विवरण उपलब्ध हैं।

पीएम मोदी बने दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, ट्रंप का रैंक रहा काफी नीचे; अमेरिकी सर्वे में सफलता

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क  अमेरिका की डेटा एनालिटिक्स फर्म 'मॉर्निंग कंसल्ट' से पीएम मोदी के खुशखबरी सामने आई है। हालिया वैश्विक सर्वे के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बनकर उभरे हैं। उन्हें 68 प्रतिशत की जबरदस्त अप्रूवल रेटिंग के साथ पहला स्थान मिला है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महज 39 फीसदी वोट के साथ काफी पीछे हैं। 'ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग ट्रैकर' का हिस्सा यह डेटा, पीएम मोदी की लगातार बनी हुई घरेलू लोकप्रियता और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को दिखाता है। इस डेटा के आधार पर पीएम मोदी दुनिया की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के अपने समकक्षों से काफी आगे हैं। इस सर्वे में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पारमेलिन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, दोनों को 62 प्रतिशत की अप्रूवल रेटिंग के साथ दूसरे स्थान पर रखा गया है। यह ताजा अप्रूवल रेटिंग 2 से 8 मार्च, 2026 के बीच जमा किए गए डेटा पर आधारित हैं। ये रेटिंग सर्वे में शामिल हर देश के वयस्कों के विचारों के पिछले सात दिनों के साधारण मूविंग एवरेज को दर्शाती हैं। इस ट्रैकर से पीएम मोदी की स्थिति और अन्य प्रमुख पश्चिमी नेताओं की स्थिति के बीच एक बड़ा अंतर सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 39 प्रतिशत है, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की अप्रूवल रेटिंग 24 प्रतिशत रही। इस सूची में और नीचे देखें तो, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस सर्वे में सबसे कम रेटिंग वाले नेताओं में से एक बने हुए हैं। उनकी अप्रूवल रेटिंग 17 प्रतिशत और डिसअप्रूवल रेटिंग 75 प्रतिशत है। मॉर्निंग कंसल्ट ने बताया कि ये ताजा रेटिंग्स सर्वे किए गए हर देश के वयस्कों के विचारों के पिछले सात दिनों के सिंपल मूविंग एवरेज को दिखाती हैं। पीएम मोदी की नेट अप्रूवल रेटिंग काफी ज्यादा बनी हुई है। सिर्फ 26 प्रतिशत लोगों ने ही असहमति जताई है, जो कि इस ट्रैकर में शामिल ज्यादातर दूसरे नेताओं के मुकाबले काफी कम है। यह लगातार बढ़त जुलाई 2025 की पिछली रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें भी प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के तौर पर 75 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ मजबूत स्थिति में दिखाया गया था। उस पिछली रिपोर्ट में, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग 59 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ दूसरे नंबर पर थे, जबकि अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली 57 प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर थे।