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IAS 2025 बैच की पहली पोस्टिंग: अलग-अलग जिलों में बने सहायक कलेक्टर

रायपुर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रथम दौर के प्रशिक्षण के बाद परिवीक्षाधीन 2025 बैच के आईएएस अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में बतौर सहायक कलेक्टर पदस्थ किया गया है. छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा संबंधित जिला कलेक्टरों जारी किया गया है. इसमें गोकुल आरके को रायगढ़, इशांत जयसवाल को कोरबा और वाध्यावथ यशवंत नायक को बस्तर जिले में पदस्थ किया गया है. अधिकारी अपने संबंधित जिलों में कार्यभार ग्रहण न कर निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में अपनी उपस्थिति देंगे. इनकी अकादमी में उपस्थिति तिथि को ही जिलों में उनका कार्यभार ग्रहण तिथि मानते हुए आगामी कार्यवाही की जाएगी.

पंजाब सरकार ने लिया वापस फैसला, एफआईआर डाउनलोड पर 80 रुपये का शुल्क अब नहीं होगा

चंडीगढ़ पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था।   काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार शुल्क लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(2) का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें एफआईआर की प्रति नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह पंजाब पुलिस नियम एफआईआर की कॉपी बिना किसी शुल्क के देने की व्यवस्था करता है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का भी हवाला दिया है, जिसमें एफआईआर की मुफ्त और आसान उपलब्धता पर जोर दिया गया था ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि एफआईआर तक पहुंच के लिए शुल्क लेना आम जनता के लिए एक अनुचित बाधा है और यह संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

ईद के बाद शूरा खान ने दिखाई बेटी की क्यूट झलक, पायल पहने अरबाज की नन्ही लाडली ने जीता दिल

मुंबई, अरबाज खान की पत्नी शूरा खान ने ईद के बाद बेटी सिपारा की क्यूट झलक शेयर की है। पायल पहने नन्ही बच्ची का ट्रेडिशनल लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बॉलीवुड एक्टर अरबाज खान की पत्नी शूरा खान ने हाल ही में अपनी बेटी सिपारा की एक बेहद प्यारी झलक सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया है। ईद के कुछ दिनों बाद सामने आई इस तस्वीर में नन्ही सिपारा का ट्रेडिशनल लुक हर किसी को पसंद आ रहा है। पायल पहने दिखी शूरा खान की लाडली शूरा खान द्वारा शेयर की गई फोटो में उनकी बेटी के चेहरे की झलक तो नहीं दिखाई गई, लेकिन पैरों में पहनी हुई पायल ने सभी का ध्यान खींच लिया। तस्वीर से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिपारा को ईद के मौके पर पारंपरिक कुर्ता-पायजामा पहनाया गया था। पैरों में घुंघरुओं वाली पायल उनके लुक को और भी क्यूट बना रही थी। शूरा ने इस फोटो के साथ कैप्शन में “Eid Vibes” लिखा, जो इस खास मौके की खूबसूरती को बयां करता है। पोस्ट पर सेलेब्स ने भी लुटाया प्यार इस तस्वीर पर कई सेलेब्स ने भी रिएक्ट किया है। रिद्धिमा पंडित और महीप कपूर समेत कई सितारों ने कमेंट कर सिपारा पर प्यार बरसाया। सोशल मीडिया पर फैंस भी इस क्यूट झलक को देखकर खुश नजर आए और बच्ची की तारीफ करते नहीं थके। सिपारा अरबाज खान और शूरा खान की पहली संतान हैं। शूरा ने 5 अक्टूबर 2025 को मुंबई के खार स्थित हिंदूजा अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था। हालांकि, अरबाज पहले से एक बेटे अरहान खान के पिता हैं, जो उनकी पहली पत्नी मलाइका अरोड़ा से हैं। अरबाज खान का शादी से लेकर पैरेंटहुड तक ऐसा रहा सफर अरबाज खान और शूरा खान ने 24 दिसंबर 2023 को एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। इस खास मौके पर उनके बेटे अरहान ने गिटार बजाकर माहौल को और यादगार बना दिया था। शूरा पेशे से एक मेकअप आर्टिस्ट हैं और उनकी मुलाकात अरबाज से फिल्म ‘पटना शुक्ला’ के सेट पर हुई थी। हालांकि, शूरा अब तक अपनी बेटी का चेहरा नहीं दिखा रही हैं, लेकिन वह समय-समय पर सिपारा की झलकियां शेयर करती रहती हैं। कुल मिलाकर, सिपारा की यह नई तस्वीर एक बार फिर साबित करती है कि स्टार किड्स की छोटी-सी झलक भी सोशल मीडिया पर छा जाने के लिए काफी होती है।  

हाई कोर्ट का अहम फैसला: पादरी को अपने धर्म को सच बताने पर दी फटकार, संविधान के खिलाफ ठहराया

 इलाहाबाद धर्मों को लेकर बड़ी टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि कई भी धर्म यह दावा नहीं कर सकता कि केवल वही सच है। हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए एक पादरी की याचिका खारिज कर दी। पादरी पर जान-बूझकर धार्मिक भावनओं को आहत करने के आरोप लगे थे। पादरी ने खुद के खिलाफ फाइल की गई चार्जशीट के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था। यूपी के मऊ जिले में मुहम्मदाबाद थाने में 2023 में पादरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उनपर आरोप था कि प्रार्थना सभा के दौरान वह कहते थे कि इस संसार में केवल एक ही धर्म सत्य है और वह है ईसाई धर्म। जस्टिस सौर्भ श्रीवास्तव की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, भारत ऐसा देश है जहां हर धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। भारत का संविधान कहता है कि भारत के सेक्युलर देश है। ऐसे में यह दावा कतई नहीं किया जा सकता कि कोई एक धर्म ही श्रेष्ठ और सत्य है। बेंच ने कहा कि आईपीसी की धारा 295-ए के तहत अगर किसी भी धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की जाती है तो इसे अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे में पादरी ने जो कुछ कहा उसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है। इसलिए यह भी नहीं कहा जा सकता कि पादरी के बयानों पर कोई केस नहीं बनता है। पादरी के वकील ने कहा कि केवल उन्हें परेशान करने के लिए यह केस बनाया जा रहा है। उनपर आरोप लगाया गया है कि वह दूसरे धर्मों को नीचा दिखाते हैं और फिर पिछड़े लोगों का धर्मांतरण करने का प्रयास करते हैं जो कि निराधार है। उन्होंने दावा किया कि जांच अधिकारी ने भी यही पाया था कि वह किसी का धर्मांतरण नही करवाते हैं। वकील ने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के ही जांच अधिकारी ने रिपोर्ट फाइल करदी। ऐसे में कानून के साथ भी खिलवाड़ किया गया है। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द कर दिया जाना चाहिए। वहीं सरकारी वकील ने उनका विरोध किया। जस्टिस श्रीवास्तव की बेंच ने कहा, समन या फिर संज्ञान के लिए प्रथम दृष्ट्या जानकारी की जरूरत होती है और इसपर मैजिट्रेट विचार कर सकते हैं। वर्तमान परिस्थितियों और सबूतों को देखते हुए यह याचिका खारिज की जाती है।

वर्दी पर दाग, भरोसे पर सवाल

रायपुर छत्तीसगढ़ की धरती पर एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस वर्दी की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं है, बल्कि उस भरोसे का है जो आम नागरिक इस वर्दी से जोड़कर देखता है। जब कानून की रक्षा का दायित्व निभाने वाले ही विवादों में घिरते हैं, तो यह मामला व्यक्तिगत दायरे से निकलकर व्यवस्था की विश्वसनीयता तक पहुंच जाता है। हालिया घटनाक्रम में पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी का नाम आना और निलंबन की कार्रवाई होना इस बात की ओर इशारा करते हैं कि समस्या सतही नहीं है। यह उन दरारों की ओर संकेत है, जो धीरे-धीरे सिस्टम के भीतर बनती जा रही हैं और समय-समय पर उजागर हो जाती हैं। पुलिस की वर्दी केवल एक पहचान नहीं, बल्कि भरोसे की सबसे मजबूत कड़ी मानी जाती है। यही वजह है कि जब इस पर दाग लगता है, तो असर दूर तक जाता है। आम आदमी के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर वह किस पर भरोसा करे। सुरक्षा देने वाली संस्था पर ही संदेह की स्थिति बनना किसी भी समाज के लिए चिंताजनक संकेत है। यह मानने में हिचक नहीं होनी चाहिए कि पुलिस सेवा की चुनौतियां असाधारण हैं। लगातार दबाव, लंबी ड्यूटी, निजी जीवन का अभाव—ये सभी कारक व्यक्ति को भीतर से प्रभावित करते हैं। लेकिन यह भी उतना ही स्पष्ट है कि जिम्मेदारी के इस पद पर रहते हुए आचरण की मर्यादा और अधिक सख्त हो जाती है। चूक की गुंजाइश न्यूनतम होनी चाहिए, क्योंकि इसका असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। मामलों के सामने आने के बाद जिस तरह की शुरुआती चुप्पी अक्सर देखने को मिलती है, वह भी चिंता का विषय है। कार्रवाई तब तेज होती है, जब मामला सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन जाता है। इससे यह संदेश जाता है कि व्यवस्था दबाव में प्रतिक्रिया देती है, स्वप्रेरणा से नहीं। यह प्रवृत्ति भरोसे को और कमजोर करती है। जरूरत इस बात की है कि पुलिस तंत्र अपने भीतर जवाबदेही की संस्कृति को और मजबूत करे। जांच प्रक्रियाएं पारदर्शी हों, समयबद्ध हों और निष्पक्ष भी। दोषी को दंड और निर्दोष को संरक्षण—दोनों ही समान रूप से जरूरी हैं। आधे-अधूरे कदम केवल समस्या को टालते हैं, सुलझाते नहीं। मीडिया और समाज की भूमिका भी इस पूरे परिदृश्य में अहम है। तथ्यों से परे जाकर बनाई गई धारणा कई बार स्थिति को और उलझा देती है। ऐसे मामलों में संयमित और जिम्मेदार दृष्टिकोण ही न्याय प्रक्रिया को सही दिशा दे सकता है। पुलिस सुधार की चर्चा नयी नहीं है, लेकिन अब इसे प्राथमिकता में लाने का समय है। प्रशिक्षण में नैतिकता, मानसिक संतुलन और व्यवहारिक अनुशासन पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। साथ ही, आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत बनाना भी अनिवार्य है। वर्दी की गरिमा केवल कानून से नहीं, बल्कि उसे पहनने वाले के चरित्र से तय होती है। कुछ घटनाएं पूरी व्यवस्था का चेहरा नहीं होतीं, लेकिन वे यह जरूर बताती हैं कि भीतर कहीं सुधार की गुंजाइश बाकी है। सवाल यह है कि क्या हम इन संकेतों को समय रहते समझ पाएंगे, या फिर हर बार नई घटना के बाद वही चिंता दोहराते रहेंगे।

मौसम का कहर! अगले दो दिन भारी, तेज बारिश और तूफान की चेतावनी

पटना  बिहार में मौसम ने करवट बदल ली है और अगले 48 घंटे राज्य के लिए भारी पड़ सकते हैं। भीषण गर्मी के बीच बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन ने राज्य में 'प्री-मानसून' हलचल तेज कर दी है। मौसम विभाग ने आज राज्य के सभी 38 जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तेज आंधी की विशेष चेतावनी दी गई है। प्रमुख जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य को दो श्रेणियों में बांटा गया है: ऑरेंज अलर्ट (12 जिले): पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर जिले में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। येलो अलर्ट (26 जिले): नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, जहानाबाद, अरवल, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई में यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन और बिजली गिरने की आशंका है। क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम वैज्ञानिकों ने इस अचानक बदलाव के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं: नमी और ऊष्मा का टकराव: बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं और दिन के बढ़ते तापमान के कारण वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई है। पश्चिमी विक्षोभ : उत्तर-पश्चिम भारत से आ रहे विक्षोभ का असर बिहार के आसमान पर साफ दिख रहा है। दबाव क्षेत्र: हवा की दिशा में लगातार बदलाव और स्थानीय स्तर पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से ओलावृष्टि (Hailstorm) की स्थिति बन रही है। राजधानी पटना का हाल पटना में आज दोपहर बाद मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 28 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को तपती गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

नेपाल में बालेन युग की शुरुआत, बालेंद्र शाह ने ’12:34′ बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ ली

काठमांडू  आज, 27 मार्च 2026 से नेपाल में 'बालेन' युग की शुरुआत हो गई है। काठमांडू के पूर्व मेयर और 'रैपर' से राजनेता बने बालेन शाह (बालेंद्र शाह) ने नेपाल के 40वें और देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। 35 वर्षीय बालेन ने अपनी पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाकर नेपाल के पुराने राजनीतिक घरानों और पारंपरिक दलों के वर्चस्व को खत्म कर दिया था। शपथ ग्रहण समारोह और '12:34' का शुभ मुहूर्त राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल द्वारा काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन 'शीतल निवास' में बालेन शाह को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के लिए आज दोपहर 12:34 बजे का समय चुना गया था। हिंदू ज्योतिष और पंडितों के अनुसार यह समय बेहद शुभ माना गया और साथ ही यह '1-2-3-4' का एक अनूठा अंकगणितीय पैटर्न भी बनाता है। इसके बाद वह दोपहर 14:15 बजे (14-15 पैटर्न) अपना कार्यभार संभालेंगे। बालेन शाह नेपाल के शीर्ष कार्यकारी पद पर पहुंचने वाले मधेश मूल के पहले व्यक्ति भी बन गए हैं। इस समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ-साथ बौद्ध लामाओं की प्रार्थनाएं भी शामिल की गई हैं। प्रचंड बहुमत और दिग्गज नेताओं की हार बालेन की 'राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) ने हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 182 सीटों पर क्लीन स्वीप करते हुए दो-तिहाई के करीब बहुमत हासिल किया है। सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब बालेन शाह ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से नेपाल के चार बार के प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी (UML) के दिग्गज नेता के.पी. शर्मा ओली को भारी अंतर से हरा दिया। 'Gen Z' का आंदोलन और बदलाव की लहर नेपाल में सितंबर 2025 में आर्थिक तंगी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर युवाओं (Gen Z) ने एक बड़ा और हिंसक आंदोलन किया था। इसके बाद हुए इस पहले आम चुनाव में युवाओं ने पुरानी राजनीतिक पार्टियों को पूरी तरह से नकार दिया। अपनी शपथ से ठीक पहले बालेन ने देश में एकता का संदेश देने के लिए 'जय महाकाली' नामक एक रैप सॉन्ग का नया वीडियो जारी किया। सोशल मीडिया पर आते ही इसे कुछ ही घंटों में लाखों व्यूज मिल गए। बालेन शाह का सफर: इंजीनियरिंग से सत्ता के शीर्ष तक 27 अप्रैल 1990 को जन्मे बालेन पेशे से एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर हैं। राजनीति में आने से पहले वे युवाओं के बीच एक लोकप्रिय रैपर के रूप में मशहूर थे, जो अपने गानों के जरिए सिस्टम की कमियों पर निशाना साधते थे। मई 2022 में उन्होंने काठमांडू के मेयर का चुनाव एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता था। अपने कार्यकाल के दौरान कड़े फैसलों और अतिक्रमण हटाने की मुहिम से उन्होंने 'सुधारक' की छवि बनाई। जनवरी 2026 में प्रधानमंत्री पद की रेस में उतरने के लिए उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था।

गोमो रेलवे स्टेशन पर ट्रेन मैनेजर की मौत, ड्यूटी के बीच गिरे; ओवरटाइम जांच के घेरे में

गोमो  झारखंड के नेताजी सुभाष चंद्र बोस गोमो रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान एक ट्रेन मैनेजर की अचानक मौत से रेलवे विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। गोमो रेलवे स्टेशन पर 42 वर्षीय ट्रेन मैनेजर (गार्ड) दीपक कुमार पासवान की ड्यूटी के दौरान अचानक मौत हो गई। दर्दनाक दृश्य को देखकर भावुक हुए लोग घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेलकर्मी मौके पर पहुंचे और डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। रेल थाना पुलिस और आरपीएफ के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर थाना लाया गया। दीपक पासवान बिहार के गया जिले के रहने वाले थे। घटना की खबर मिलते ही उनकी पत्नी प्रीति देवी अपने परिजनों के साथ सुबह गोमो पहुंचीं। थाना में शव देखते ही परिवार के लोग रोने लगे। पत्नी अपने पति के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। दीपक पासवान करीब 15 साल से रेलवे में काम कर रहे थे। गार्ड एसोसिएशन और लोको रनिंग स्टाफ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेज दिया है। मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा जानकारी के मुताबिक, दीपक पासवान की ड्यूटी देर रात 2:15 बजे लगी थी। उन्हें गोमो से मालगाड़ी लेकर गया जाना था। लेकिन ट्रेन पर चढ़ने से पहले ही वे प्लेटफॉर्म नंबर 4 के पास गिरे हुए मिले। ट्रेन चालक ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जब वह पास पहुंचा, तो दीपक पासवान मृत पाए गए। प्राथमिक जांच में उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि लगातार ओवरटाइम ड्यूटी की वजह से रनिंग स्टाफ में दिल की बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। हाल ही में एक अन्य ट्रेन मैनेजर की भी ड्यूटी के दौरान मौत हो चुकी है। सहकर्मियों ने दीपक पासवान को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।  

मंडी में पूरी तैयारी: गेहूं खरीद शुरू, किसानों को मिलेगा समय पर पैसा

कैथल. कैथल की अनाज मंडी में गेहूं व सरसों की खरीद को लेकर मंडी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडी परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। मंडी का निरीक्षण करने पर साफ दिखाई दिया कि प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। मार्केट कमेटी सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि गेहूं की खरीद निर्धारित समय पर शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले सरसों की खरीद के लिए भी मंडी में अलग से सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम के कारण गेहूं की फसल मंडी में थोड़ी देरी से आने की संभावना है, लेकिन खरीद प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। मंडी में पानी, बिजली, शेड और सफाई व्यवस्था को विशेष रूप से बेहतर बनाया गया है। सचिव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी गेहूं व सरसों की फसल को अच्छी तरह साफ व सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि खरीद के दौरान किसी प्रकार की कटौती या परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को खरीद के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

रांची के तपोवन मंदिर पहुंचे सीएम हेमन्त सोरेन, पत्नी के साथ की विशेष पूजा-अर्चना

रांची झारखंड के हेमन्त सोरेन ने रामनवमी के पावन अवसर पर रांची के प्रसिद्ध तपोवन मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ रामनवमी के मौके पर रांची के श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में विधि-विधान से पूजा की। भगवान श्रीराम सभी की मनोकामनाएं पूरी करें मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के चरणों में नमन करते हुए राज्य की उन्नति, सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम सभी की मनोकामनाएं पूरी करें। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी उन्हें तपोवन मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्रा भी यहां आ रही है। तपोवन मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है मुख्यमंत्री हेमन्त ने लोगों से अपील की कि वे इस पर्व को श्रद्धा, उत्साह और खुशी के साथ मनाएं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। साथ ही सामाजिक सद्भाव और भाईचारे के साथ इस पर्व को खास बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और इसकी अलग पहचान है। सरकार मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम तेजी से कर रही है, ताकि इसे और भव्य बनाया जा सके। उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि यह कार्य जल्द पूरा हो।