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छत्तीसगढ़ में बड़ी सफलता: 8-8 लाख के इनामी 2 नक्सली AK-47 के साथ आत्मसमर्पण

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। सरेंड करने वाले नक्सलियों की पहचान हिड़मे और शंकर के रूप में की गई है। दोनों पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसकी पुष्टि एसपी निखिल राखेचा ने की है। जानकारी के अनुसार, दोनों नक्सली एके-47 जैसे घातक हथियार के साथ पुलिस के पास पहुंचे और मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें शासन की पुनर्वास नीति का लाभ देने की बात कही है। सरकार द्वारा निर्धारित नक्सलवाद समाप्ति की डेडलाइन के दिन ही यह आत्मसमर्पण हुआ है, जिसे सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। बताया जा रहा कि अब भी कांकेर के जंगलों में करीब 15 नक्सलियों की मौजूदगी बताई जा रही है, जिनके खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील लगातार की जा रही है। आने वाले समय में और भी नक्सलियों के सरेंडर की उम्मीद है। ज्ञात हो कि, सुकमा और बीजापुर के रहने वाले 9 दुर्दांत नक्सलियों ने रविवार को आंध्र प्रदेश में सरेंडर कर दिया। इनमें 25 लाख का इनामी और 36 साल से आतंक का पर्याय बना स्टेट कमेटी मेंबर सुरेश भी शामिल है। छत्तीसगढ़ में सक्रिय घेराबंदी के कारण नक्सली अब पड़ोसी राज्यों में जाकर हथियार डाल रहे हैं। सरेंडर करने वाले 9 में से 8 नक्सली छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के हैं। नक्सल विचारधारा के थिंक-टैंक माने जाने वाले चेल्लुरी नारायण राव उर्फ सुरेश सचिव, एओबीएसजेडसी का सरेंडर संगठन के लिए किसी बड़ी हार से कम नहीं है। कुल 48 लाख रुपए के इनामी नक्सलियों ने हथियार छोड़े हैं। इसमें सुरेश 25 लाख के अलावा कार्तम लच्छू 5 लाख जैसे खूंखार नाम शामिल हैं। समर्पण के साथ नक्सलियों ने 1 इंसास राइफल, 5 .303 राइफल और 6 सिंगल शॉर्ट राइफल पुलिस को सौंपी। आत्मसमर्पण करने वाले कैडर्स ने पूछताछ में संगठन के भीतर मची भगदड़ और टूट के तीन मुख्य कारण बताए हैं। बड़े नेताओं की लगातार एनकाउंटर में मौत और गिरफ्तारियों से संगठन दिशाहीन हो गया है। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सडक़ और कैंप पहुंचने से ग्रामीणों का समर्थन अब नक्सलियों को नहीं मिल रहा। विधायक की हत्या का मास्टरमाइंड था सुरेश  सुरेश का इतिहास बेहद रक्तरंजित रहा है। वह 2018 में आंध्र प्रदेश के विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमेश्वर राव की जघन्य हत्या का मुख्य आरोपी था। दर्जनों एंबुश और पुलिस मुठभेड़ों में शामिल रहे। सुरेश का सरेंडर यह बताता है कि अब संगठन के पास न तो सुरक्षित ठिकाने बचे हैं और न ही लडऩे का जज्बा।

नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़, 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग घायल

नालंदा बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा गांव में स्थित मां शीतला माता मंदिर में पूजा के दौरान मंगलवार (31 मार्च) को भगदड़ मच गई। भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई जब मंदिर में भारी भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों ने बताया कि चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में इकट्ठा हुए थे। भीड़ की आवाजाही में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण कथित तौर पर भगदड़ मच गई, जिससे 8 भक्तों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं।  जानकारी के अनुसार, आधे दर्जन से अधिक घायल श्रद्धालुओं को इलाज के लिए बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, मौके पर आलाधिकारी पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामले में बचाव-कार्य जारी है। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि करीब दर्जनों लोग इस दुखद हादसे में घायल हैं। सभी घायलों का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। ममता देवी नाम की एक श्रद्धालु ने बताया, "मंगलवार को यहां हमेशा भीड़ रहती है। लोग शीतला माता के दर्शन के लिए आते हैं। हमलोग भी पटना से दर्शन के लिए आए हैं। लेकिन अचानक भगदड़ मच गई और लोगों की जान चली गई। यह सब कुप्रबंधन की वजह से हुआ। यहां बहुत अधिक भीड़ है। प्रशासन का कोई भी व्यक्ति यहां मौजूद नहीं है।" घटनास्थल से सामने आए वीडियो में देखा गया कि मंदिर परिसर में सैकड़ों लोग जमा है। हादसे में प्रभावित लोगों को एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने X पर इस घटना का जिक्र करते हुए नालंदा के माता शीतला मंदिर में हुई भगदड़ की घटना को बेहद दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने कहा, "मैं इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान कर रही है। घायलों के उचित इलाज के लिए इंतजाम किए गए हैं।" वहीं, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा, "नालंदा स्थित माता शीतला मंदिर में भगदड़ की दुखद घटना अत्यंत ही पीड़ादायक है। इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं।" चौधरी ने आगे कहा, "सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान की जा रही है। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें तथा शोकाकुल परिवारों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" यह घटना राज्य के पूर्वी चंपारण में आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य के एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने के एक महीने बाद हुई है। रक्सौल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मची अफरा-तफरी में तीन लोग घायल हो गए थे।

राज्यों में सहयोग और सौहार्द का समय है, सीएम मोहन यादव का बयान, काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। यहां बाबा के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने मंदिर की SOP को समझा। मंदिर के सीईओ ने बताया- हमारे यहां 115 विग्रह है, जिसमें 14 प्रधान महादेव हैं। हमने उनके रुद्राभिषेक और उसके महत्व के बारे में डिजिटल और बुकलेट के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है। लोग यहां पर रुद्राभिषेक करते हैं। इससे भीड़ अलग-अलग जगह पर डाइवर्ट हो जाती है। दरअसल, 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ मेला का आयोजन होना है। प्रत्येक 12 साल में शिप्रा नदी के तट पर होने वाले इस आयोजन को लेकर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु जुड़ते हैं। इन्हीं सब तैयारियों को लेकर सीएम यादव काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और मंदिर के एसओपी के बारे में उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली, ताकि इन महत्वपूर्ण जानकारी से सिंहस्थ कुंभ को सफल बनाया जा सके। मोहन यादव ने कहा- प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आने का मौका मिला है। बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेकर यहां पर दो राज्यों के बीच होने वाले सहयोग सम्मेलन में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। अर्थव्यवस्था पर केंद्रित चर्चा होगी। मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, अधोसंरचना और प्रोत्साहन तंत्र को प्रस्तुत किया जाएगा। एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राकेश सचान उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री, गिरीश यादव उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार मंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या भी मौजूद रहीं।

कुश्ती शुरू करने के कुछ समय बाद ही पूनम का कंधा उतर गया था और फिर उन्हें एक साल तक मैट से दूर रहना पड़ा

असाधारण जज़्बे के साथ झारखंड की पहलवान पूनम ने करियर खत्म कर देने वाली चोट से पार पाते हुए 9 साल के खिताबी सूखे को किया समाप्त कुश्ती शुरू करने के कुछ समय बाद ही पूनम का कंधा उतर गया था और फिर उन्हें एक साल तक मैट से दूर रहना पड़ा   गेम्स शुरू होने से ठीक पहले उनके कंधे में फिर से परेशानी होने लगी थी, लेकिन इस बार उन्होंने दर्द को मात देकर गोल्ड मेडल जीता रायपुर  कुश्ती जैसे खेल में जहां फिटनेस और ताकत सबसे बड़ी जरूरत होती है, वहां चोटिल कंधे के साथ मैट पर उतरना अपने आप में बड़ा जोखिम है। लेकिन झारखंड की 19 वर्षीय पहलवान पूनम ऑरन ने इस जोखिम को चुनौती में बदला और दर्द के बावजूद मुकाबले दर मुकाबले जीत हासिल करते हुए पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।              फाइनल में भी पूनम बाएं कंधे पर पट्टी बांधकर उतरीं। हर मूव के साथ दर्द साफ नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अंत तक लड़ते हुए मुकाबला अपने पक्ष में किया। पूनम ने महिलाओं की 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में तेलंगाना की के. गीता को हराकर स्वर्ण पदक जीता।             अपने करियर का पहला स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूनम ने साई मीडिया से कहा, “हार कैसे मान लेती सर? जब नौ साल से हार नहीं मानी, तो अब कैसे मान लेती। मेरी यह चोट बहुत पुरानी है। छह साल पहले मेरा कंधा उतर गया था। बीच में ठीक हुआ, लेकिन फिर ट्रेनिंग के दौरान दोबारा चोट लग गई। इसके बावजूद मैंने वापसी की और अब मैंने यहां पर गोल्ड जीता है।" उन्होंने कहा,''अपने करियर की शुरुआत से ही मैं चोटों से जूझ रही हूँ, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। गोल्ड मेडल जीतना किसी सपने के सच होने जैसा लगता है। नौ साल तक गोल्ड न जीत पाने के दर्द के मुकाबले यह चोट कुछ भी नहीं है।'               झारखंड के चतरा जिले के सुइयाबार गांव की रहने वाली पूनम के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी है। साल 2017 में जब उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की थी, उसी दौरान एक गंभीर चोट ने उन्हें करीब एक साल तक मैट से दूर कर दिया। वापसी के बाद उन्होंने 2018 और 2019 में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) में कांस्य पदक जीते, लेकिन इसके बाद पदक जीतने का इंतजार लंबा चला।            पूनम बताती हैं कि इस प्रतियोगिता में उतरने से पहले भी वह पूरी तरह फिट नहीं थीं। उन्होंने कहा, '' घर वाले मना कर रहे थे, लेकिन कोच और सपोर्ट स्टाफ को मुझ पर भरोसा था। उनके सपोर्ट से ही मैं खेल पाई और गोल्ड जीत सकी। छह साल बाद कोई पदक जीतना मेरे लिए बहुत खास है और इसके पीछे मेरी दृढ़ इच्छाशक्ति है।'' वह पिछले करीब एक दशक से रांची के हॉस्टल में रहकर अभ्यास कर रहीं हैं।             ऑरन समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पूनम के लिए यह स्वर्ण पदक खास मायने रखता है। वह कहती हैं, '' इसके मुझे काफी लंबा इंतजार करना पड़ा है। करियर की शुरुआत से ही मैं चोट से जूझ रही हूं, लेकिन कभी हार नहीं मानी। इसके बाद कोई स्वर्ण पदक जीतना, मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है।''         कुश्ती के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बनाए रखते हुए, पूनम अभी रांची यूनिवर्सिटी से बीए (पॉलिटिकल साइंस) की पढ़ाई भी कर रही है। अब वह जूनियर नेशनल्स के लिए झारखंड टीम में जगह बनाने पर ध्यान दे रही हैं।        पूनम ने कहा,” मेरा अगला लक्ष्य जूनियर नेशनल ट्रायल्स के लिए क्वालीफाई करना है और मैं इस स्वर्णिम सफलता को आगे भी जारी रखना चाहती हूं।”

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से टोल टैक्स में 5% की बढ़ोतरी, यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा बोझ

दिल्ली नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत के साथ ही महंगाई का झटका लगने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मंगलवार रात नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत के साथ ही महंगाई का झटका लगने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मंगलवार रात 12 बजे से टोल दरों में औसतन 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से विशेष रूप से दिल्ली-गुरुग्राम, कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का उपयोग करने वाले लाखों यात्रियों का मासिक बजट बढ़ जाएगा। प्रमुख रूटों पर नए रेट्स का असर NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, टोल की कीमतों में यह वृद्धि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में बदलाव के आधार पर की गई है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर सराय काले खां से मेरठ तक का सफर अब पहले से महंगा होगा। इसी प्रकार, गुरुग्राम के खेड़की दौला टोल प्लाजा पर भी निजी और वाणिज्यिक वाहनों के लिए प्रति ट्रिप शुल्क बढ़ा दिया गया है कमर्शियल वाहनों पर सबसे ज्यादा मार माल ढुलाई करने वाले भारी वाहनों (ट्रकों और ट्रेलरों) के लिए टोल दरों में की गई बढ़ोतरी से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि टोल बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं, जैसे फल और सब्जियों के दामों में भी मामूली उछाल आ सकता है। मासिक पास धारकों के लिए नई दरें टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए राहत सीमित कर दी गई है। उनके मासिक पास की वर्तमान दर, जो पहले ₹330 (अनुमानित) थी, उसे बढ़ाकर अब ₹345 से ₹350 के बीच किया जा सकता है।

रायपुर बजट 2026: वर्किंग वूमन के लिए हॉस्टल, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट और अन्य अहम घोषणाएं

रायपुर  शहर की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। मेयर मीनल चौबे ने  रायपुर नगर निगम का करीब 2130 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस दौरान शहर के विकास को लेकर मेयर ने कई बड़ी घोषणा की। मेयर ने पंडरी और नरैया तालाब में वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही शहर के 268 स्थानों पर सीसीटीवी लगवाने की घोषणा की गई है। बजट पेश होने से पहले कांग्रेस के पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस पार्षदों ने मेयर मीनल चौबे का विरोध किया और हाथों में तख्तियां लेकर खड़े थे। इन तख्तियों अलग-अलग स्लोगन लिखे थे। कई पार्षद हाथ में पोस्टर लेकर 'वादा तेरा वादा' गाना गाते हुए पहुंचे। कौन सी बड़ी घोषणाएं हुईं     नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी और यूथ हॉस्टल बनाया जाएगा।     शंकर नगर और डूमरतराई में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट बनेगा।     निगम 100 करोड़ का म्यूनिसिपल बांड जारी करेगा।     नगर निगम मुख्यालय और पंडरी में ऑटोमैटिक पार्किंग बनेगी।     5 करोड़ रुपए की लगत से महिला शांति गृह की होगी स्थापना।     शहर में खारुन महोत्सव का होगा शुभारंभ।     बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर महिलाओं के लिए बनाया जाएगा वेंडिंग जोन।     शहीद स्मारक परिसर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए लगाई जाएगी लिफ्ट।     साफ सफाई के लिए 1 करोड़ 50 लाख की लगत से रोबोटिक सक्शन मशीन क्रय किया जाएगा।     राजधानी के सभी जोन में दो उद्यानों का होगा सौंदर्यीकरण।     हर वार्ड में होगी बर्तन बैंक की स्थापना। पिछले साल कितने का था बजट पिछले वित्तीय साल नगर निगम का बजट 1529.53 करोड़ रुपये था। इसमें 1528.73 करोड़ रुपए खर्च और करीब 79 लाख रुपए अधिशेष का अनुमान रखा गया था। किस मद में कितना खर्च होगा     जल कार्य विभाग के लिए लगभग 104.88 करोड़ रुपये।     स्वास्थ्य, सफाई और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 76.97 करोड़ रुपये।     बिजली और यांत्रिकी विभाग के लिए करीब 89.99 करोड़ रुपये। सभापति के साथ हुई बहस मेयर के बजट पेश करने के दौरान कांग्रेस के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। जिसके बाद सभापति और एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा के बीच तीखी बहस भी हुई। वहीं, विपक्ष के बार-बार टोकने से मेयर भी नाराज हुईं। पवन तिवारी

जगदलपुर निगम का 2.40 अरब रुपये का बजट: सड़कों, नालियों, पानी और सफाई पर होगा खर्च

जगदलपुर जगदलपुर नगर निगम के बजट सत्र में इस बार बजट पेश होने से पहले ही सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। वर्ष 2026-27 के लिए 2 अरब 40 करोड़ 92 लाख 84 हजार रुपए का बजट अंतत: नारेबाजी और विरोध के बीच पेश किया गया, लेकिन इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव बना रहा। इस बजट में जहां शहरवासियों को पेयजल संकट से दूर करने के लिए 100 करोड़ का बजट रखा गया है। वहीं लोगों को शहर में ज्यादा झटके न लगें आवागमन सामान्य हो इसके लिए 35 करोड़ रुपए सड$क पर खर्च होंगे। वही इस बजट की खास बात यह रही कि आम जन के उपर कोई नए टैक्स का भार नहीं लगाया गया है। विपक्ष के नारों के बीच महापौर ने पेश किया बजट स्थगन के कुछ देर बाद जब सत्तापक्ष के सदस्य और महापौर संजय पांडे वापस सदन में लौटे, तब भी विपक्ष गर्भगृह में मौजूद रहा और नारेबाजी के बीच ही महापौर ने बजट पेश किया। बाद में अध्यक्ष ने शहर विकास को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए सभी पार्षदों से बजट का समर्थन करने को कहा। इस पर विपक्ष ने नैतिक समर्थन देते हुए अपनी सीट पर वापसी की। जलसंकट से राहत, पेयजल आपूर्ति होगी मजबूत नगर निगम ने बजट में सबसे अधिक प्राथमिकता जलप्रदाय व्यवस्था को दी है। शहर के कई इलाकों में लंबे समय से बनी जल समस्या को देखते हुए नई योजनाएं तैयार की गई हैं। पाइपलाइन विस्तार, जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण और नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि नागरिकों को सालभर पानी मिल सके। अधोसंरचना विकास, सड़कों और नालियों पर जोर शहर के विकास के लिए सड़क, नाली और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण और मरम्मत कार्यों को बजट में शामिल किया गया है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि जलभराव और गंदगी की समस्या में भी कमी आएगी। नए विकास कार्यों से शहर की तस्वीर बदलने की तैयारी है। लाइटिंग और पार्किंग, सुविधा के साथ सुरक्षा भी नगर निगम ने शहर में स्ट्रीट लाइटिंग को और बेहतर करने का लक्ष्य रखा है। प्रमुख सड़कों और कॉलोनियों में नई लाइटें लगाई जाएंगी। साथ ही पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भी प्लान तैयार किया गया है, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और सुरक्षा में सुधार होगा। स्वच्छता पर फोकस, साफ-सुथरा शहर बनाने की पहल स्वच्छता को लेकर निगम ने अतिरिक्त संसाधन और बजट प्रावधान किए हैं। नियमित कचरा उठाव, सफाई व्यवस्था में सुधार और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे शहर को साफ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। कर्मचारियों को राहत, समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित नगर निगम ने अपने कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के समय पर भुगतान को प्राथमिकता दी है। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। नागरिक सुविधाओं का विस्तार, हर वार्ड तक पहुंचेगी सुविधा बजट में शहर के सभी वार्डों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। पेयजल, सड़क, लाइटिंग और स्वच्छता जैसी सेवाओं का दायरा बढ़ाकर नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। निगम का दावा, विकास को मिलेगी नई रफ्तार नगर निगम के मेयर संजय पांडेय का दावा है कि इस बजट के जरिए शहर की प्रमुख समस्याओं का समाधान होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। आने वाले समय में जगदलपुर को एक अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा ने बताया विकास का रोडमैप महापौर ने कहा कि युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए एक नई 'चौपाटी' (फूड स्ट्रीट) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. पहली बार, नगर निगम के अंतर्गत एक विशेष 'फूड जोन' बनाया जाएगा. इस पहल के लिए 4 करोड़ का बजट भी आवंटित किया गया है. यह परियोजना निश्चित रूप से पूरी की जाएगी. पिछले बजट में बताए गए लगभग 80 प्रतिशत काम पहले ही पूरे हो चुके हैं, और इसके लिए जरूरी धनराशि सरकार से प्राप्त कर ली गई है।  विपक्ष का आरोप  विपक्ष के नेता राजेश चौधरी ने आरोप लगाया कि BJP ने अपने बहुमत की ताकत पर भरोसा करते हुए बहस को दबा दिया और सीधे बजट पेश कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट में कोई नई योजना शामिल नहीं है. इसके बजाय, उन्होंने इसे पूरी तरह से 'कॉपी-पेस्ट' दस्तावेज बताया, जिसमें केवल आंकड़ों में बदलाव किया गया है. कांग्रेस पार्टी ने आगे कहा कि जब बजट पर विस्तार से चर्चा करने का मौका आया, तो सत्ताधारी दल के सदस्य सदन से बाहर चले गए. इस कदम को उन्होंने जवाबदेही से बचने की कोशिश का संकेत बताया. उनका दावा है कि पिछले बजट में की गई घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कोई ठोस असर देखने को नहीं मिला है. आज भी शहर के निवासी सड़क, पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई जैसे बुनियादी मुद्दों से जूझ रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि और अंधड़ का अलर्ट: 2-3 डिग्री तापमान गिरने की संभावना, बिजली गिरने का भी खतरा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं कुछ इलाकों में ओले गिरने और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया कि 4 अप्रैल तक ऐसा ही मौसम बना रहने की संभावना है। बारिश और बादलों के छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी। प्रदेश में तापमान का हाल प्रदेश में सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 40.5°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.9°C अधिक है। न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 19.6°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं बस्तर और बिलासपुर इलाकों में बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। कुछ इलाकों में ओले गिर सकते हैं, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी। पश्चिम बंगाल से ओडिशा तक बने ट्रफ के असर से प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में 4 अप्रैल तक आंधी-बारिश की स्थिति बनी रहेगी। रायपुर सहित कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और हवाएं चल रही हैं। इससे पहले बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई, वहीं दो जगह पेड़ गिरे और बिजली के तार टूटने से सप्लाई प्रभावित रही। प्रदेश में फिलहाल तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। रायपुर में अधिकतम तापमान 40.5°C और अंबिकापुर में न्यूनतम 19.6°C रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में बादल छाए हुए हैं। कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के ऊपर सक्रिय है, साथ ही एक द्रोणिका निम्न से ऊपरी क्षोभमंडल तक फैली हुई है। पंजाब और हरियाणा के आसपास एक प्रेरित चक्रीय परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके अलावा एक प्रमुख द्रोणिका उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए अंदरूनी ओडिशा तक विस्तारित है।  बारिश और ओले गिरने की संभावना पूर्वी भारत में भी सक्रियता बनी हुई है। एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर-पूर्व बिहार से मणिपुर, बांग्लादेश, मेघालय और दक्षिण-पूर्व असम तक फैली है। इसके अलावा पश्चिमी विदर्भ से दक्षिण तमिलनाडु और बिहार से गंगेटिक पश्चिम बंगाल तक अन्य द्रोणिकाएं सक्रिय हैं। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 31 मार्च को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा और कुछ स्थानों पर गरज-चमक, अंधड़, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना है। अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है, हालांकि कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।  

लक्ष्मी राजवाड़े का गुस्सा: सूरजपुर में इलाज में लापरवाही, गर्भस्थ शिशु की मौत के बावजूद इलाज नहीं हुआ

सूरजपुर  सूरजपुर जिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल में इलाज में लापरवाही की जानकारी मिलने पर महिला-बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अस्पताल पहुंचीं। लापरवाही और दुर्व्यवहार के मामले में उन्होंने सीएस और डॉक्टरों को  फटकार लगाई।  .जानकारी के अनुसार महिला को गंभीर हालत में शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद रविवार को पता चला कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी है और उसका ऑपरेशन कर मृत शिशु को निकालना आवश्यक था, लेकिन अस्पताल में ब्लड की कमी बताते हुए उसका इलाज शुरू नहीं किया गया। शिकायत मिली तो सीधे हॉस्पिटल पहुुंचीं मंत्री सोमवार को मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को मरीज का इलाज शुरू न करने की शिकायत मिली, जिसके बाद वे शाम को सीधे अस्पताल पहुंचीं। मंत्री के पहुंचने पर सीएस डॉ. मरकाम सहित चिकित्सक भी मौके पर मौजूद हुए। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इलाज में लापरवाही पर सीएस को कड़ी फटकार लगाई। अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों के दुर्व्यवहार के मामले में भी उन्होंने खरी-खरी सुनाई और कहा कि पूरी चिकित्सा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। दरअसल, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से मदद मांगी थी, लेकिन उन्हें दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। जब इसकी शिकायत भाजपा नेताओं से की गई, तो उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर ने कहा कि मंत्री या विधायक को बुला लो, कुछ नहीं होगा। मंत्री ने कहा-व्यवस्था सुधारें, यह बर्दाश्त नहीं लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार किया जाए। पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो मेरा ब्लड निकाल लो, लेकिन मरीज का इलाज तुरंत होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल में फैली बदबू और गंदगी पर भी अपनी नाराजगी जताई। पहले भी सामने आ चुकी है लापरवाही सूरजपुर अस्पताल में इलाज में लापरवाही के आरोप पहले भी लग चुके हैं। इलाज न करने और हालत बिगड़ने पर अंबिकापुर रेफर करने की दो घटनाओं में प्रसूता और नवजात की मौत हो चुकी है। इन मामलों में केवल नर्सों पर कार्रवाई की गई, जबकि लापरवाही के बावजूद ड्यूटी डॉक्टर या सीएस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे हालात में सुधार नहीं हुआ है।

BJP का असम घोषणापत्र: जमीन जिहाद पर कड़ी कार्रवाई, 5 लाख करोड़ का निवेश होगा

गुवाहाटी असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है. मंगलवार को निर्मला सीतारमण ने बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया. इसमें पार्टी ने फिर से सत्ता में आने पर प्रदेश में पांच लाख करोड़ के निवेश के साथ ही जमीन जिहाद पर रोक का वादा किया है।  गुवाहाटी स्थित असम बीजेपी के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जारी घोषणापत्र को पार्टी ने संकल्प पत्र नाम दिया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया के साथ केंद्र की मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणापत्र जारी किया. बीजेपी ने असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने, दो लाख नौकरियां देने का भी वादा किया है।  मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि छठी अनुसूची में शामिल क्षेत्रों के साथ ही अनुसूचित जनजाति के क्षेत्रों को इससे बाहर रखा जाएगा. लव जिहाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और असम को बाढ़मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे. सरकार गठन के बाद शुरुआती दो वर्ष में बाढ़मुक्त असम के निर्माण के लिए 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।  सीएम ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज, वन यूनिवर्सिटी, वन इंजीनियरिंग कॉलेज’ को अपना लक्ष्य बताया और कहा कि अगले पांच साल में हम दो लाख रोजगार देंगे. वहीं, असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि 'सुरक्षित असम, विकसित असम' का निर्माण बीजेपी का लक्ष्य है. उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश से मिले कुल दो लाख 45 हजार सुझावों को समेटकर पार्टी ने यह संकल्प पत्र तैयार किया है।  लोग अपने राज्य में लौटने लगेः सीतारमण केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर कांग्रेस की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया. असम में शांति बहाली और विकास तभी संभव होगा जब यहां पर स्थिरता आएगी. राज्य में बीजेपी के शासन के दौरान अवसरों में खासी वृद्धि हुई और इस वजह से असम के युवा अब वापस राज्य में लौटने लगे हैं।  कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस की नीतियों की वजह से असम को 32 सालों तक AFSPA के साए में रहना पड़ा, लेकिन BJP सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि इस कानून को ज्यादातर राज्यों से हटा दिया जाए।  ‘संकल्प पत्र’ को लेकर केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा, “‘संकल्प पत्र’ तैयार करने के पीछे की पृष्ठभूमि यह है कि हम असम से जुड़े सभी हिस्सों में लोगों के पास गए. हम घर-घर गए और अगले कार्यकाल में क्या करना है, इस बारे में लोगों के सुझाव मांगे और उसे एकत्र किए. इस दस्तावेज के आधार पर, यानी असम के लोगों के सुझावों के आधार पर, हम तीसरे कार्यकाल में काम करेंगे.” उन्होंने बताया कि करीब 3 लाख से अधिक लोगों ने अपने सुझाव दिए हैं।  मंत्री सीतारमण ने कहा, '2015-16 में असम का जीएसडीपी 2.24 लाख करोड़ रुपये था और आज 2025-26 में यह 7.41 लाख करोड़ रुपये है. 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 1.03 लाख रुपये थी, जबकि 2024-25 में यह 1.59 लाख रुपये है. यानी सिर्फ 4 सालों में 54फीसदी की बढ़ोतरी।  इस मौके पर मौजूद लोगों में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा, राज्य बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, राज्य मंत्रिमंडल के मंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे. राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे, और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।  असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी।