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लुधियाना एयरपोर्ट से एक टिकट पर विदेश यात्रा, Air India दिल्ली से करेगा कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा

लुधियाना लुधियाना के हलवारा से एक ही टिकट पर विदेश का सफर किया जा सकेगा। एयर इंडिया ने लुधियाना एयरपोर्ट से फ्लाइट्स का टाइम ऐसे शेड्यूल किया है ताकि विदेश जाने वाले दिल्ली एयरपोर्ट से कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकें। एयर इंडिया ने विदेश जाने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वो लुधियाना से सुबह की फ्लाइट पकड़ें और कनेक्टिंग फ्लाइट में अपनी टिकट साथ ही करवा दें। ऐसा करने से उन्हें बैगेज का बार-बार चेकइन करवाने की जरूरत नहीं होगी। तीन से चार घंटे में सारी फॉर्मेलिटी होगी पूरी एयर इंडिया ने तर्क दिया है कि विदेश जाने वालों को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन व अन्य फॉर्मेलिटी को पूरा करने के लिए तीन से चार घंटे का समय लग जाता है। अगर लुधियाना एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्री सुबह की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचते हैं तो उन्हें एयरपोर्ट पर फार्मेलिटीज पूरी करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा। सुबह और दोपहर दो फ्लाइट्स जाएगी दिल्ली हलवारा से सुबह और दोपहर दो फ्लाइट्स दिल्ली के लिए उपलब्ध होंगी, लेकिन इंटरनेशनल यात्रा के लिए सुबह वाली फ्लाइट सबसे बेहतर मानी जा रही है। यह फ्लाइट यात्रियों को सुबह दिल्ली पहुंचा देती है, जिससे वे उसी दिन शाम की अंतरराष्ट्रीय उड़ान आसानी से पकड़ सकते हैं। एयरलाइन ने शेड्यूल इस तरह तैयार किया है कि यात्रियों को दिल्ली में 4 से 8 घंटे का ट्रांजिट टाइम मिल सके। यह समय इमिग्रेशन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग के लिए पर्याप्त होता है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें बैगेज को लेकर भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लुधियाना फ्लाइट से कंपनी बैगेज को अपने आप कनेक्टिंग फ्लाइट में ट्रांसफर हो जाएगा और यात्री आसानी से एयरपोर्ट पर अपनी बाकी फॉर्मेलिटीज पूर कर सकेगा। किन-किन देशों के लिए मिलेगी सुविधा एयर इंडिया का कहना है कि इस कनेक्टिविटी के जरिए यात्री यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के प्रमुख शहरों तक सफर कर सकेंगे। इनमें लंदन, बरमिंगम,रोम, मिलन और पैरिस शामिल हैं।इसके अलावा अन्य देशों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी ली जा सकेगी। एक टिकट पर पूरी यात्रा कर सकेंगे एयर इंडिया ने बताया है कि यात्री हलवारा से अपने अंतिम विदेशी गंतव्य तक एक ही टिकट (सिंगल PNR) पर यात्रा कर सकते हैं। इस सुविधा में सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्री का बैगेज सीधे अंतिम गंतव्य तक चेक-इन हो जाता है और दिल्ली में दोबारा चेक-इन की जरूरत नहीं पड़ती। अगर यात्री अलग-अलग टिकट बुक करते हैं, तो उन्हें दिल्ली में बैगेज लेकर फिर से चेक-इन करना होगा, जिससे समय और जोखिम दोनों बढ़ जाते हैं। दिल्ली से मिलेंगी एयर इंडिया की फ्लाइट कनेक्टिंग यात्रा में दिल्ली से आगे की उड़ान भी एयर इंडिया की ही होती है। हालांकि, कुछ रूट्स पर एयर इंडिया की पार्टनर एयरलाइंस (कोडशेयर) भी ऑपरेट कर सकती हैं। ऐसे मामलों में टिकट एक ही रहता है, लेकिन फ्लाइट दूसरी एयरलाइन की हो सकती है। इसके बावजूद, यदि बुकिंग एक ही टिकट पर है तो यात्रा सहज बनी रहती है और बैगेज सीधे अंतिम गंतव्य तक पहुंचता है। वेबसाइट, मोबाइल ऐप व ट्रैवल एजेंट के जरिए करें टिकट बुक यात्री एयर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ट्रैवल एजेंट के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। बुकिंग के समय लुधियाना से फाइनल डेस्टिनेशन डालना होगा। ताकि आपको कनेक्टिंग फ्लाइट का विकल्प मिल जायेंगे। टिकट एक ही बुकिंग में लिया जाए, ताकि यात्रा आसान और बिना परेशानी के हो सके। दिल्ली एयरपोर्ट पर कितना इंतजार हलवारा से सुबह पहुंचने वाले यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर औसतन 4 से 8 घंटे का इंतजार करना पड़ सकता है। यह इंटरनेशनल कनेक्शन के लिए सामान्य और सुरक्षित समय माना जाता है। दिल्ली से किसी भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए यात्रियों को कम से कम 3 से 4 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना जरूरी होता है। हालांकि, कनेक्टिंग यात्रियों के लिए यह प्रक्रिया आसान हो जाती है क्योंकि वे पहले से चेक-इन रहते हैं। यात्रियों के लिए बड़ा फायदा इस नई सेवा से लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अब सड़क या रेल से दिल्ली जाने की जरूरत कम होगी। हलवारा एयरपोर्ट से सीधी उड़ान और दिल्ली से कनेक्टिविटी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा तेज, सुविधाजनक और कम झंझट वाली हो जाएगी। यह पहल लुधियाना को ग्लोबल एयर नेटवर्क से जोड़ देगी। एयर इंडिया लुधियाना से दिल्ली के लिए चलाएगा A320 फेमिली क्राफ्ट एयर इंडिया लुधियान से दिल्ली के बीच A320 फेमिली एयर क्राफ्ट चलाएगा। यह मुख्य रूप से घरेलू और शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर इस्तेमाल होते हैं। इन विमानों को हाल के वर्षों में अपग्रेड किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। इनके प्रमुख फीचर्स इस प्रकार हैं A320 फेमिली एयरक्राफ्ट की मुख्य विशेषताएं 1. शॉर्ट-हॉल और हाई-फ्रीक्वेंसी रूट्स के लिए डिजाइन किया गया है। 2. तीन क्लास की केबिन, बिजनेस क्लास में आरामदायक और ज्यादा स्पेस, प्रीमियम इकोनमी में अतिरिक्त लेगरूम और बेहतर सीटिंग और इकोनमी में किफायती और आरामदायक यात्रा। इसमें कुल 160 से 180 सीटें हैं जिसमें से 8 बिजनेस क्लास, 24 प्रीमियम और बाकी इकोनमी सीट होंगी। 3. USB चार्जिंग और डिजिटल सुविधा है। यात्री अपने मोबाइल/लैपटॉप चार्ज कर सकते हैं। इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट मोबाइल पर देख सकते हैं। 4. इन-फ्लाइट इंटरटेनमेंट के लिए वाइफाई की सुविधा मिलेगी।

INS अरिदमन और INS तारागिरी के साथ समंदर में ताकतवर हुई इंडिया, दुश्मन को मिलेगा डर

विशाखापट्टनम  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर INS अरिदमन नामक भारत के तीसरे स्वदेशी न्यूक्लियर पनडुब्बी के लॉन्च का संकेत दे दिया. उन्होंने लिखा कि यह कोई शब्द नहीं, यह ताकत है, ‘अरिदमन’. यह पनडुब्बी भारत की समुद्री न्यूक्लियर सुरक्षा को और मजबूत करेगी. इसके अलावा वो  विशाखापट्टनम में एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट INS तारागिरी को भी नौसेना को सौपेंगे।  INS अरिदमन में लंबी दूरी की मिसाइलें लगाई गई हैं जो दुश्मन को ज्यादा दूर से निशाना बना सकेंगी. अब यह पनडुब्बी अंतिम समुद्री परीक्षण पूरा कर चुकी है. जल्द ही स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड में शामिल हो जाएगी. इससे पहले INS अरिहंत 2016 में और INS अरिघात अगस्त 2024 में सेवा में शामिल हो चुकी हैं।  राजनाथ सिंह का पोस्ट और विशाखापट्टनम दौरा राजनाथ सिंह इन दिनों विशाखापट्टनम में हैं जहां भारत की सभी न्यूक्लियर पनडुब्बियों को बनाया जाता है. आज वे यहां स्वदेशी बनी एडवांस्ड स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी को कमीशन करेंगे. इसी दौरान उन्होंने अरिदमन के बारे में पोस्ट किया. नेवी चीफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दिसंबर 2025 में ही कहा था कि अप्रैल-मई के बीच यह पनडुब्बी सेवा में आ जाएगी. अब अंतिम परीक्षण पूरे हो चुके हैं।  पिछली पनडुब्बियों से क्या फर्क है INS अरिहंत और INS अरिघात की तुलना में अरिदमन ज्यादा बेहतर है. इसमें आठ वर्टिकल लॉन्च ट्यूब लगाए गए हैं जबकि अरिहंत में सिर्फ चार थे. मतलब यह एक साथ ज्यादा मिसाइलें ले जा सकेगी. इसमें आठ K-4 मिसाइलें लगाई जा सकती हैं जिनकी रेंज 3500 किलोमीटर है या फिर 24 K-15 मिसाइलें जिनकी रेंज 750 किलोमीटर है. इससे भारत की समुद्री न्यूक्लियर ताकत बहुत बढ़ जाएगी. पनडुब्बी का हल्का डिजाइन इसे और चुपके से चलने में मदद करेगा।  समुद्री सुरक्षा में नई ताकत अरिदमन के शामिल होने से भारत कंटीन्यूअस एट-सी डिटेरेंस बना सकेगा. यानी हमेशा कम से कम एक न्यूक्लियर पनडुब्बी समुद्र में गश्त पर रहेगी. इससे दुश्मन कभी भी हमला करने का सोचेगा तो सोच-समझकर सोचेगा. यह पनडुब्बी भारत की नो फर्स्ट यूज न्यूक्लियर नीति को मजबूत करती है. स्वदेशी रूप से बनी होने से विदेशी पार्ट्स पर निर्भरता कम हुई है. देश की डिफेंस इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिला है।  INS अरिदमन क्या है? INS अरिदमन एक एडवांस न्यूक्लियर-पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) है, जो अरिहंत-क्लास का हिस्सा है. इसे 'S4' कोडनेम के साथ विकसित किया गया है. इसकी लंबाई करीब 125 मीटर और वजन 7,000 टन है, जो इसे पहले मॉडलों से 1000 टन ज्यादा भारी बनाता है. यह पनडुब्बी भारतीय नौसेना के एडवांस्ड तकनीक वाहन (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विशाखापत्तनम में बनाई गई है।  यह क्यों खास है? बढ़ी हुई ताकत: INS अरिदमन में 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो इसे 24 छोटी रेंज की K-15 मिसाइलें (750 किमी रेंज) या 8 लंबी रेंज की K-4 मिसाइलें (3500 किमी रेंज) ले जाने की क्षमता देते हैं. यह पहले की पनडुब्बियों की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली है।  चुपके की तकनीक: इसमें बेहतर सोनार-एब्जॉर्बिंग कोटिंग और शोर-कम करने वाली तकनीक है, जिससे यह दुश्मन के लिए पता करना मुश्किल हो जाता है।  लंबी दूरी: K-4 मिसाइलों के साथ यह दुश्मन के गहरे इलाकों को निशाना बना सकती है, जो भारत की सुरक्षा के लिए जरूरी है।  स्वदेशी तकनीक: इस पनडुब्बी में करीब 70% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।  भारत को क्या फायदा होगा? न्यूक्लियर ट्रायड मजबूत: INS अरिदमन के साथ भारत की जमीन, हवा और समुद्र से न्यूक्लियर हमले की क्षमता (न्यूक्लियर ट्रायड) और मजबूत होगी. यह भारत की 'नो फर्स्ट यूज' नीति को सपोर्ट करता है, यानी दुश्मन पहले हमला करे तो जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहना।  चीन और पाकिस्तान के खिलाफ सुरक्षा: चीन की बढ़ती नौसैनिक मौजूदगी और पाकिस्तान के साथ तनाव को देखते हुए यह पनडुब्बी एक मजबूत जवाबी ताकत होगी।  समुद्री सुरक्षा: अरब सागर और हिंद महासागर में भारत की मौजूदगी बढ़ेगी, जो क्षेत्रीय शांति के लिए जरूरी है।  रणनीतिक संतुलन: यह पनडुब्बी भारत को अपने दुश्मनों के खिलाफ दूसरा हमला (सेकंड स्ट्राइक) करने की क्षमता देती है, जो शांति बनाए रखने में मदद करेगी।  INS तारागिरी के फीचर्स  यह स्वदेशी रूप से बनी प्रोजेक्ट 17A की स्टील्थ फ्रिगेट है. इसका मतलब है कि यह दुश्मन के रडार में आसानी से नहीं पकड़ी जाती. यह मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) मुंबई में बनाई गई है. इसमें 75 प्रतिशत से ज्यादा सामान भारत में ही बना है।  यह फ्रिगेट करीब 6670 टन वजन की है. इसकी लंबाई 149 मीटर है. यह 52 km/hr की स्पीड से चल सकती है. लंबी यात्रा के लिए इसका रेंज 10186 किलोमीटर तक है. इसमें दो डीजल इंजन और दो गैस टर्बाइन लगे हैं जो इसे तेज और लंबे समय तक चलने की ताकत देते हैं।  इसका डिजाइन बहुत चिकना और स्टील्थ टेक्नोलॉजी वाला है. रडार, इंफ्रारेड और आवाज को कम करने वाली खास सामग्री इस्तेमाल की गई है ताकि दुश्मन इसे आसानी से न देख सके. इसमें 225 नाविकों की टीम काम करती है।  इसमें क्या हथियार लगे हैं INS तारागिरी में दुनिया के बेहतरीन हथियार लगाए गए हैं. इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक सतह से सतह मारने वाली मिसाइलें हैं जो दुश्मन के जहाजों को दूर से नष्ट कर सकती हैं. मीडियम रेंज की सतह से हवा में मारने वाली मिसाइलें भी हैं. दुश्मन की पनडुब्बियों को ढूंढने और मारने के लिए खास एंटी-सबमरीन सिस्टम है।  इसके अलावा 127 मिलीमीटर का बड़ा मुख्य तोप भी लगा है. सब कुछ आधुनिक कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा है ताकि पल भर में फैसला लिया जा सके. यह फ्रिगेट समुद्र, हवा और पानी के नीचे तीनों तरह की लड़ाई लड़ सकती है।  यह क्यों महत्वपूर्ण है तारागिरी प्रोजेक्ट 17A की सात फ्रिगेट्स में से चौथी है. इससे पहले वाली शिवालिक क्लास से यह ज्यादा बड़ी, बेहतर और स्टील्थ वाली है. इसका मकसद भारतीय नौसेना को और ताकतवर बनाना है खासकर हिंद महासागर में. यह न सिर्फ लड़ाई के लिए है बल्कि मानवीय मदद, आपदा राहत और डिप्लोमेसी के कामों में भी इस्तेमाल होगी। 

रात में मछुआरे का काम करने वाले अब्दुल फताह की छलांग ने लक्षद्वीप एथलेटिक्स में नया इतिहास रचा

रात में मछुआरे का काम करने वाले अब्दुल फताह की छलांग ने लक्षद्वीप एथलेटिक्स के लिए एक नया अध्याय लिखा वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट बन गए हैं, जिन्होंने लंबी कूद में 7 मीटर की दूरी तय की लक्षद्वीप में कोई सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक नहीं है, इसलिए अब्दुल मिट्टी के गड्ढों में अपनी लंबी कूद का अभ्यास करते हैं रायपुर अब्दुल फताह ज़्यादातर रातों को समुद्र में होते हैं, जहां वे मछुआरे बनकर अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में मदद करते हैं। जैसे ही सुबह होती है, वे सीधे ट्रेनिंग ग्राउंड की ओर निकल पड़ते हैं और एक एक अलग सपने का पीछा करते हुए लक्षद्वीप को 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' 2026 में पहला मेडल दिलाया। कवरत्ती और कदमत द्वीपों के बीच स्थित, दूरदराज के अमीनी द्वीप जो लगभग 2.7 किमी लंबा और 1.2 किमी चौड़ा है, और जिसका कुल भू-क्षेत्रफल 2.60 वर्ग किमी है के 18 वर्षीय लॉन्ग जम्पर ने जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में 7.03 मीटर की अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। यह इस छोटे से केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। केंद्र शासित प्रदेश के खेल अधिकारी अहमद जावेद हसन ने मुस्कुराते हुए कहा, वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 7 मीटर की दूरी पार की है और यह वाकई एक खास बात है।''  मछुआरे परिवार में जन्मे फताह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और घर की बड़ी ज़िम्मेदारी संभालते हैं। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद, आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बजाय, उन्होंने अपने पिता के पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बँटाने और खेल को अपने जुनून के तौर पर अपनाने का फ़ैसला किया। फताह ने कहा, '' कोई और चारा नहीं है, आपको चीज़ों में संतुलन बनाना ही पड़ता है। जब मैं स्कूल में था, तभी से मैं अपने पिता की मछली पकड़ने के काम में मदद करता आ रहा हूँ। यही हमारी आमदनी का एकमात्र ज़रिया है। हमारे परिवार में छह लोग हैं। सुबह मैं अपनी ट्रेनिंग के लिए जाता हूँ; मेरे परिवार को इस बारे में पता है, भले ही वे इस खेल के बारे में बहुत कम समझते हों।''  दिलचस्प बात यह है कि एथलेटिक्स उनका पहला प्यार नहीं था। फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे, जैसा कि द्वीप के कई दूसरे युवा करते थे। हालांकि, कुछ साल पहले एक स्थानीय इंटर-आइलैंड प्रतियोगिता के दौरान उनकी यात्रा में एक अहम मोड़ आया। कोच मोहम्मद कासिम ने इस युवा की दौड़ने की ज़बरदस्त काबिलियत को पहचाना और उन्हें एथलेटिक्स में आने का सुझाव दिया। तब से, फताह ने लॉन्ग जंप और 100-मीटर स्प्रिंट में ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगभग उसी समय, अमिनी एथलेटिक्स एसोसिएशन का गठन होने लगा, जिससे इस क्षेत्र में खेलों के विकास को एक सही ढाँचा मिला। फताह और कई अन्य युवा एथलीटों को धीरे-धीरे कोचिंग की मदद दी गई, जिससे उन्हें ज़्यादा व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग करने में मदद मिली। सिर्फ़ दो सालों में, एसोसिएशन ने लगभग 384 एथलीटों को तैयार किया। इस समूह में से, 17 एथलीटों को गेम्स में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। जगदलपुर में फत्ताह की 7.03 मीटर की गोल्ड-विनिंग जंप, वहां के हालात को देखते हुए, खास तौर पर संतोषजनक थी। ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने बताया था कि उनकी जंप आमतौर पर 6.5 से 6.7 मीटर के आस-पास रहती है। उन्होंने कहा. '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आने से पहले, मैंने अपने लिए 7.15 मीटर तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। मुझे खुशी है कि मैं सात मीटर का आँकड़ा पार कर पाया, और यह गोल्ड मेडल मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा,”  लक्षद्वीप धीरे-धीरे भारत के एथलेटिक्स के नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश की सबसे जानी-मानी एथलीटों में से एक हैं मुबस्सिना मोहम्मद, जो 19 साल की लॉन्ग जंपर और हेप्टाथलीट हैं। कुवैत में हुए 2022 एशियन U18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर वह लक्षद्वीप की पहली इंटरनेशनल मेडलिस्ट बनीं। उन्होंने महिलाओं की लॉन्ग जंप में 6.30 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ जूनियर नेशनल टाइटल भी जीता। मुबस्सिना की तरह, फताह भी बिना किसी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा के ट्रेनिंग करते हैं। लक्षद्वीप, जो सिर्फ़ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और जिसकी आबादी 70,000 से भी कम है, वहां अभी तक कोई ठीक-ठाक सिंथेटिक ट्रैक या एथलेटिक्स स्टेडियम नहीं है। नतीजतन, कई एथलीट मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते हैं, जबकि फत्ताह अक्सर अपने स्प्रिंट इवेंट्स की ट्रेनिंग के लिए पास के एक फुटबॉल मैदान का इस्तेमाल करते हैं।   उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और दूसरे नेशनल लेवल के मुकाबलों में हमारी सफलता को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि हमारे लिए हालात बदलेंगे। हो सकता है कि हमें कुछ नौकरियाँ और ट्रेनिंग की सुविधाएँ मिल जाएं.''

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का बड़ा फैसल,फतेहाबाद, हिसार और रोहतक समेत 5 जिलों में बनेंगे नए अस्पताल

चंडीगढ़ हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 8 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पी.एच.सी.) के निर्माण के लिए 37.60 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन नए पी.एच.सी. के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह पी.एच.सी. फतेहाबाद जिले के बनगांव और समैण, हिसार जिले के लाडवा, रोहतक जिले के गिरावड़ और समर गोपालपुर, सोनीपत जिले के फरमाणा और सरगथल तथा सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में मौजूदा पी. एच.सी. भवन को जर्जर और असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, जिसके स्थान पर अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाएगा। वहीं अन्य गांवों में पहली बार पी.एच.सी. भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकेंगी। वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि इस परियोजना के लिए 1144 लाख रुपए की राशि 15वें वित्त आयोग के तहत और 2616.72 लाख रुपए राज्य बजट हेड 4210 से खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार कुल परियोजना लागत 37.60 करोड़ रुपए आंकी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन पी.एच.सी. के निर्माण कार्य को पूरा करने में लगभग 18 से 24 महीने का समय लगेगा। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए धनराशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी।

मरुधरा में पश्चिमी विक्षोभ का असर, जैसलमेर से डीडवाना तक ओलों की सफेद चादर

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर से मौसम ने अचानक करवट ले ली। शुक्रवार को प्रदेश के पश्चिमी व मध्य इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। जैसलमेर, नागौर, सीकर, डीडवाना और जालोर सहित कई जिलों में कहीं मूसलाधार तो कहीं हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को एकदम खुशनुमा बना दिया। तेज हवाओं और बारिश ने प्रदेश के तापमान में गिरावट ला दी और फिलहाल लू का असर पूरी तरह खत्म हो गया है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 3 अप्रैल को 8 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सबसे ज़्यादा चौंकाने वाला नजारा जैसलमेर जिले में देखने को मिला,  जहां ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई। जिले के पिथोडाई गांव में सुबह साढ़े सात से आठ बजे के बीच करीब 15 मिनट तक जोरदार ओले गिरे। ओलों की सफेद चादर बिछते ही तापमान तेज़ी से लुढ़क गया। वहीं, डीडवाना में सुबह साढ़े पांच से छह बजे के बीच तेज बारिश हुई जिसने ठंडी हवाओं के साथ मिलकर लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। जालोर में भी बादलों ने सुबह से डेरा जमाया और रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से यह बदलाव आया है। इस सिस्टम के असर से अरब सागर की नमी राजस्थान तक पहुंच रही है, जिससे बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। अप्रैल का पहला सिस्टम गुरुवार से ही सक्रिय हो चुका था और इसका असर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में साफ नज़र आया। कई जगहों पर तूफानी बारिश के साथ ओले भी गिरे। उमस से मिली राहत मौसम विभाग के मुताबिक, 4 अप्रैल के बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ सकता है, लेकिन राहत ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है। 6 अप्रैल की शाम से एक और मजबूत सिस्टम दस्तक देगा। जिसके चलते 7 और 8 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई जा रही है। साथ ही विभाग ने यह भी चेताया है कि इस सिस्टम के गुजरने के बाद 10 अप्रैल तक हीटवेव की वापसी हो सकती है।  

फरीदाबाद को मिलेगी विकास परियोजनाओं की सौगात, स्वच्छता शुभंकर का अनावरण और बड़ी रैली की तैयारी

फ़रीदाबा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी अपने दो दिवसीय दौरे पर आज फरीदाबाद पहुंच रहे हैं। दौरे के पहले दिन वह फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में शहर की आधारभूत संरचना, यातायात व्यवस्था, जल आपूर्ति, सीवरेज और शहरी नियोजन से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।साथ ही इन परियोजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक बजट को मंजूरी दी जाएगी। निगम के कार्यक्रम में होंगे शामिल दौरे के दूसरे दिन 4 अप्रैल को मुख्यमंत्री नगर निगम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वच्छता शुभंकर और स्वच्छता कर्मियों का भी अनावरण किया जाएगा। सेक्टर 12 स्थित रैली में पहुंचेगे इसी दिन हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की ओर से सेक्टर-12 में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली को “धन्यवाद एवं विकसित फरीदाबाद रैली” नाम दिया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

अभिषेक शर्मा पर BCCI की कड़ी कार्रवाई, KKR vs SRH मैच में बोले थे अश्लील शब्द

   कोलकाता  सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के स्टार बल्लेबाज अभ‍िषेक शर्मा कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) शानदार फॉर्म में लौटे जरूर, लेकिन टीम की जीत के बाद वह विवाद में घिर गए हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उन्हें IPL 2026 के आचार संहिता उल्लंघन का दोषी पाया है।  कोलकाता के ईडन गार्डन्स 2 अप्रैल को KKR के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने 48 रन की अहम पारी खेली थी और टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई. हालांकि मैच के दौरान उनके व्यवहार ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया।  BCCI की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अभिषेक शर्मा ने IPL Code of Conduct के आर्टिकल 2.3 का उल्लंघन किया, जो अपमानजनक या अश्लील भाषा के इस्तेमाल से जुड़ा है।  इस गलती के लिए उन पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है. बल्लेबाज ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।  31 मार्च को श्रेयस अय्यर पर भी गिरी थी गाज पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर को भी 31 मार्च को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में स्लो ओवर रेट के कारण उन पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।  न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए उस मैच में पंजाब किंग्स ने 163 रन के लक्ष्य को पांच गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया था. इस जीत के हीरो ऑस्ट्रेलिया के कोनोली रहे थे. जिन्होंने डेब्यू मैच में 72 रन की नाबाद पारी खेली और 'प्लेयर ऑफ द मैच' बने थे।  श्रेयय अय्यर पर कब लग सकता है बैन? चूंक‍ि श्रेयस की स्लो ओवर रेट के मामले में यह इस सीजन की पहली गलती थी, इसलिए अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगा. अगर दूसरी बार यही गलती दोहराई जाती है, तो उन पर 24 लाख रुपये का जुर्माना और टीम के खिलाड़ियों पर भी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। तीसरी बार स्लो ओवर रेट का दोषी पाए जाने पर मामला और गंभीर हो जाएगा. ऐसी स्थिति में कप्तान को एक मैच के लिए बैन किया जा सकता है. श्रेयस पहले भी स्लो ओवर रेट के मामलों में सजा झेल चुके हैं. पिछले सीजन में भी उन पर दो बार जुर्माना लगाया गया था, लेकिन समस्या अब भी जारी है। 

राघव चड्ढा ने AAP को दिया करारा जवाब, कहा- ‘मैं हारा नहीं, सैलाब बनकर आऊंगा’

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने पर पहली बार खुलकर बोला है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक वीडियो शेयर कर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं. सांसद ने कहा है कि वह हमेशा से आम आदमी की आवाज बनकर संसद में आए और विभिन्न मुद्दे उठाए जिसका सीधा असर जनता पर पड़ता था।  राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा- जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं. और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते. लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए।  उन्होंने कहा कि जी हां, आम आदमी पार्टी ने संसद को सूचित किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने की अनुमति न दी जाए. अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? जब भी मैं बोलता हूं, मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं. एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्या, खाने में मिलावट का मुद्दा, टोल प्लाजा पर बैंक चार्जेज की लूट, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक का मुद्दा, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा, डेटा रोलओवर का मुद्दा, रिचार्ज के बाद इनकम बंद होने का मुद्दा-मैंने ये सभी मुद्दे संसद में उठाए हैं।  'कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा?' सांसद ने कहा कि और इन मुद्दों को उठाने के बाद देश के आम आदमी को फायदा हुआ. लेकिन इससे पार्टी के आम आदमी को क्या फायदा हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे असीम प्यार देते हैं. जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा समर्थन करते हैं, मेरी सराहना करते हैं, मुझे प्रोत्साहित करते हैं।  आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूं. इसी तरह मेरा हाथ थामे रखिए और मेरा साथ दीजिए. मुझे मत छोड़िए. मैं आपके साथ हूं और आपके लिए हूं. और जिन्होंने संसद में बोलने का मेरा अधिकार छीन लिया, मेरी आवाज को दबा दिया, मैं उनसे भी कुछ कहना चाहता हूं. मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए. मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए. मैं वह नदी हूं, जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है।   

25 करोड़ के खिलाड़ी और रघुवंशी का ब्लंडर, क्या रन आउट की वजह से हारी कोलकाता नाइट राइडर्स

 कोलकाता क्या कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) अपनी गलती से सनराइजर्स हैदराबाद (SRH)  के ख‍िलाफ 2 मार्च को हारी? क्या उसे बिना वजह का र‍िस्क लेना भारी पड़ा, अगर वो 2 रन आउट नहीं होते तो शायद स्कोरकार्ड में र‍िजल्ट कुछ और होता… कुल म‍िलाकर वो दो ब्लंडर ही कोलकाता के लिए भारी पड़े और अंतत: उसे मैच हारना पड़ा. कोलकाता के 25.20 करोड़ी बल्लेबाज कैमरन ग्रीन रन आउट हुए और अंगकृष रघुवंशी भी रन आउट हुए, खास बात यह रही कि एक मौके पर रघुवंशी रनआउट होते ही भी बचे थे. जब रघुवंशी बचे तो उस मौके पर कैमरन आउट होकर वापस लौटे. हालांकि इस पर खूब बवाल भी हुआ, पर न‍ियमत: कैमरन ग्रीन ही आउट थे, और इस बारे में आकाश चोपड़ा ने भी भी व‍िस्तार से समझाया. कैमरन ग्रीन छठे ओवर में तीसरे विकेट के रूप में 2 रन बनाकर आउट हुए, उस समय कोलकाता का स्कोर 74/3 हुआ. वहीं अंगकृष रघुवंशी जब आउट हुए तो टीम का स्कोर 120/4 हो गया और यह 11वें ओवर की बात थी. कोलकाता की टीम 227 रनों का टारगेट चेज कर रही थी. लेकिन वो 4 ओवर पहले ही 161 रन पर 16 ओवर्स में स‍िमट गई. सोच‍िए अगर कोलकाता के ये दो रन आउट नहीं होते और टीम ने पूरे ओवर खेले होते तो नतीजा उनके खाते में जा सकता था. तेज शुरुआत के बाद भी ढह गई KKR, रनआउट ने पलट दिया पूरा मैच KKR की पारी में दो अलग-अलग अंदाज साफ दिखे, लेकिन अंत में नतीजा एक ही रहा, करारी हार. अज‍िंक्य रहाणे जहां 10 गेंदों पर सिर्फ 8 रन बनाकर धीमे नजर आए, वहीं फ‍िन एलन ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए. एलन ने महज 7 गेंदों में 28 रन ठोक दिए. उनकी हर स्कोरिंग शॉट बाउंड्री थी, चाहे चौका हो या छक्का. हालांकि, पारी की 9वीं गेंद पर उनका विकेट गिर गया. इसके बाद अंगकृष रघुवंशी ने मोर्चा संभाला और उसी आक्रामक अंदाज को जारी रखा. यह भी पढ़ें: KKR vs SRH मैच में अभ‍िषेक शर्मा ने बोले 'अश्लील शब्द', BCCI ने दी कड़ी सजा जब SRH ने अभ‍िषेक शर्मा की पार्ट-टाइम स्पिन का इस्तेमाल किया, तो रघुवंशी ने लगातार दो छक्के जड़ दिए. KKR ने महज 20 गेंदों में 50 रन पूरे कर लिए, जो टीम की तेज शुरुआत को दर्शाता है. तेज शुरुआत के बावजूद KKR की पारी का टर्निंग पॉइंट पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया. रघुवंशी ने एक गैर-जरूरी रन के लिए कॉल किया, जिससे कैमरन रनआउट हो गए. इस समय तक टीम 74 रन बना चुकी थी, लेकिन तीन विकेट गिरने से दबाव बन गया. रघुवंशी ने अपनी पारी के दौरान बाउंड्री लगाना जारी रखा, लेकिन अपनी फिफ्टी के बाद वह भी रनआउट हो गए. इस बार र‍िंकू स‍िंह के साथ उनका तालमेल फ‍िट नहीं बैठा और वो रन आउट हो गए. हालांकि जिस गेंद पर रघुवंशी रन आउट हुए, वो कहीं से भी रन नहीं था क्योंकि गेंद फील्डर के हाथ में थी, खुद र‍िंंकू भी रघुवंशी से इस बात पर नाराज द‍िखे.   KKR की पूरी पारी में सिर्फ एक ही अहम साझेदारी हुई, वो भी 46 रन की. यही टीम की हार की सबसे बड़ी वजह बनी. र‍िंकू सिंह ने 35 रन की उपयोगी पारी जरूर खेली, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे. अंत में नीतीश कुमार रेड्डी ने रिंकू का विकेट लेकर KKR की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया. टीम 20 ओवर भी पूरे नहीं खेल पाई और 4 ओवर पहले ही 161 रन पर सिमट गई. हेड-अभिषेक की आग, क्लासेन का तूफान इससे पहले SRH ने 226/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया और मैच 65 रन से अपने नाम कर लिया. यह इस सीजन में SRH की पहली जीत भी रही. पारी की शुरुआत धमाकेदार रही, जब ओपनर्स ने सिर्फ 5.2 ओवर में 82 रन जोड़ दिए. दोनों बल्लेबाजों ने 21-21 गेंदों में 40-40 रन बनाकर KKR के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया.अभ‍िषेक ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने सिर्फ 13 गेंदों में 33 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 253 से ज्यादा रहा. हालांकि, बीच में SRH की पारी थोड़ी लड़खड़ाई, जब टीम ने 6 गेंदों में 7 रन पर 3 विकेट गंवा दिए. लेकिन इसके बाद हेनर‍िक क्लासेन ने मोर्चा संभाला और 35 गेंदों में 52 रन की शानदार पारी खेलकर स्कोर को फिर से पटरी पर ला दिया. आखिरी ओवर्स में नीतीश कुमार रेड्डी ने 24 गेंदों में 39 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे टीम 200 के पार पहुंचने में सफल रही. फ‍िर निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी अहम बाउंड्री लगाकर स्कोर को 226 तक पहुंचाया.

उत्तर प्रदेश का सोलर अभियान: 2025-26 में 3.47 लाख संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य

सोलर इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, 2025-26 में रिकॉर्ड 3.47 लाख संयंत्र स्थापित मार्च में सर्वाधिक 52,729 इंस्टॉलेशन, कुल क्षमता 1161 मेगावाट के पार अप्रैल से मार्च तक इंस्टालेशन में हुई लगातार बढ़ोतरी, अंतिम तिमाही में जबरदस्त उछाल ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ता प्रदेश, कुल क्षमता 1524 मेगावाट से अधिक लखनऊ उत्तर प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए रिकॉर्ड 3,47,729 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए हैं। इस दौरान राज्य की कुल स्थापित क्षमता 1161.756 मेगावाट तक पहुंच गई, जो प्रदेश की ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेजी को दर्शाता है।    माहवार आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष की शुरुआत अप्रैल 2025 में 15,836 इंस्टॉलेशन से हुए थे, जो मई और जून में बढ़कर क्रमशः 18,509 और 18,494 तक पहुंच गए। जुलाई से इस रफ्तार में बड़ी उछाल देखने को मिली, जहां 29,850 संयंत्र स्थापित हुए और क्षमता 100 मेगावाट के पार पहुंच गई। अगस्त और सितंबर में भी यह गति बरकरार रही, जबकि अक्टूबर में थोड़ी गिरावट के बाद नवंबर और दिसंबर में फिर से तेजी आई। नवंबर में 30,894 और दिसंबर में 31,164 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए।     वास्तविक तेजी वर्ष के अंतिम तीन महीनों में देखने को मिली। जनवरी 2026 में 33,314, फरवरी में 35,804 और मार्च में रिकॉर्ड 52,729 संयंत्र स्थापित किए गए, जो पूरे वर्ष का सर्वाधिक आंकड़ा रहा। केवल मार्च माह में ही 173.84 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई, जो किसी एक माह में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है।    यूपीनेडा के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अंतिम तिमाही में आई यह तेजी सरकार की प्रभावी नीतियों, सब्सिडी योजनाओं और जमीनी स्तर पर मजबूत क्रियान्वयन का परिणाम है। इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ा है, बल्कि उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ बिजली भी उपलब्ध हो रही है।    इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में तेजी से उभर रहा है। उत्तर प्रदेश पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में नंबर वन राज्य बन गया है। कुल मिलकर उत्तर प्रदेश में कुल 4,48,233 सोलर रूफटॉप इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जिससे रोजाना 1524  मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। लगातार बढ़ती इंस्टॉलेशन दर यह संकेत देती है कि आने वाले समय में प्रदेश ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को और तेजी से हासिल करेगा।