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रोहित शेट्टी का ‘क्रिप्टिक’ पोस्ट वायरल,घर पर हुई फायरिंग के बाद बोले- ‘अब जिंदगी में ही एक्शन और कॉमेडी चल रही है’

डायरेक्टर रोहित शेट्टी बॉलीवुड के सबसे सफल डायरेक्टर्स में से एक हैं. उन्होंने सिंबा, सिंघम जैसी फ्रेंचाईजी फिल्में बनाई हैं. इसके अलावा चेन्नई एक्सप्रेस और गोलमाल जैसी कॉमेडी फिल्में भी दीं. इस बीच रोहित शेट्टी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट किया, जो सुर्खियों में है. शनिवार को डायरेक्टर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया. जिसमें वो ब्लैक टीशर्ट में नजर आ रहे हैं और काला चश्मा लगाए पोज दे रहे हैं. लेकिन फोटो से ज्यादा उनके कैप्शन ने लोगों का ध्यान खींचा है. कैप्शन में रोहित ने क्या लिखा? रोहित शेट्टी ने फोटो शेयर कर कैप्शन लिखा, 'इतने साल एक्शन और कॉमेडी फिल्में बनाने में बिताए. अब साला जिंदगी में ही एक्शन और कॉमेडी चल रही है'. इस कैप्शन नपर नेटिजंस जमकर कमेंट कर रहे हैं. इसके साथ ही इसे उनके घर पर हुई फायरिंग से भी जोड़ रहे हैं. एक यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, 'अरे सर ने पोस्ट करना शुरू कर दिया. क्या यह सच है या मैं सपना देख रहा हूं? ' वहीं एक यूजर ने लिखा,'रोहित शेट्टी जी, कृपया अपनी सेहत का ध्यान रखें. यह सबसे ज्यादा जरूरी है, और कृपया मेरी भी मदद करें ताकि मैं आपकी फिल्मों में काम कर सकूं.' वहीं एक यूजर ने लिखा, 'अब रोमांटिक फिल्में बनाओ… हो सकता है लाइफ में भर-भर के रोमांस आ जाए.' एक यूजर ने लिखा, 'गोलमाल 5' से सब बदल जाएगा.' रोहित शेट्टी के घर हुई थी फायरिंग दरअसल, 1-2 फरवरी 2026 की रात, मुंबई स्थित रोहित शेट्टी के आवास 'शेट्टी टॉवर' पर फायरिंग की घटना हुई थी. इस हमले के पीछे कुख्यात अपराधी शुभम लोणकर गैंग का हाथ बताया गया था. गैंग का मकसद फिल्म इंडस्ट्री और आम लोगों में दहशत फैलाना और रंगदारी वसूलना था. इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने आगरा से लॉरेंस गैंग का शूटर गोलू पंडित गिरफ्तार किया था. अब तक करीब 10 से ज्यादा गिरफ्तारी हो चुकी है. अब रोहित शेट्टी के इस क्रिप्टिक पोस्ट को इसी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है. जिसमें वो ये बताना चाह रहे हैं कि  'जिंदगी में ही एक्शन और कॉमेडी चल रही है.'  बात करें रोहित शेट्टी के वर्क फ्रंट की तो उनकी अगली फिल्म 'गोलमाल 5' है.

चांदी ₹2.06 लाख सस्ती, सोना ₹53,000 घटा, जानें ताजे भाव

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) बीते सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव के बाद भी बढ़त में रहीं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,49,650 रुपये पर क्लोज हुआ, तो वहीं चांदी का भीव 2,32,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इन रेट्स की तुलना दोनों कीमती धातुओं के हाई लेवल से करें, तो ये अभी भी क्रैश (Gold-Silver Price Crash From High) नजर आ रही हैं. जी हां, चांदी जहां हाई से 2 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती है, तो वहीं सोना 53000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता मिल रहा है।        हाई छूने के बाद क्रैश होती गई चांदी  चांदी की कीमत एमसीएक्स पर अपने हाई को छूने के बाद से संभली नजर नहीं आई है. इस साल जनवरी महीने में इतिहास में पहली बार 1 Kg Silver Price 4 लाख रुपये के पार पहुंचा था और 4,39,337 रुपये के लेवल छू लिया था. इसके बाद इसमें तेज गिरावट देखने को मिली. हालांकि, बीच-बीच में उछाल भी आया, लेकिन वर्तमान 2,32,600 रुपये प्रति किलो के भाव के आधार पर कैलकुलेशन करें, तो चांदी 2,06,737 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है।  सोना भी फिर न छू सका हाई न सिर्फ चांदी, बल्कि सोना भी अपने लाइफ टाइम हाई को फिर से नहीं छू सका. चांदी की तरह ही जनवरी महीने में Gold Rate ने एमसीएक्स पर 2 लाख रुपये का लेवल पार किया था और रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था. वहीं बीते गुरुवार को ये गिरावट के साथ 1,49,650 रुपये पर क्लोज हुआ. ऐसे में अपने हाई से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 53,334 रुपये कम हो गया है।          बीते हफ्ते ऐसा था हाल  बात सिर्फ बीते सप्ताह सोना-चांदी की कीमतों में आए चेंज की करें, तो एमसीएक्स पर 2 अप्रैल को  5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,49,650 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि 27 मार्च को ये 1,47,255 रुपये था. यानी हफ्तेभर में ये कीमती पीली धातु 2395 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगी हुई है. चांदी का भाव देखें, तो ये 2,27,954 रुपये से चढ़कर बीते सप्ताह 2,32,600 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुई यानी इसमें 4646 रुपये की तेजी आई।                   घरेलू मार्केट में सोना-चांदी  MCX के बाद घरेलू मार्केट में सोना-चांदी की कीमतों को देखें, तो पिछले सप्ताह महज तीन कारोबार दिन में ट्रेड हुआ. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक 24 कैरेट सोना 27  मार्च को 24 कैरेट सोना 1,42,942 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि 2 अप्रैल को ये 1,46,608 रुपये पर क्लोज हुआ यानी यहां भी Gold Rate में 3666 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया. चांदी को देखें, तो घरेलू मार्केट में ये कीमती धातु 2,21,647 रुपये से बढ़कर 2,27,813 रुपये प्रति किलो हो गई. यानी 1 किलो चांदी की कीमत 6166 रुपये बढ़ गई।             घरेलू मार्केट में GST+Making Charge गौरतलब है कि आईबीजेए द्वारा अपडेट किए जाने वाले गोल्ड-सिल्वर रेट्स देशभर में समान रहते हैं, लेकिन जब सर्राफा दुकान पर ज्वेलरी खरीदने के लिए जाते हैं, तो उस पर तय 3 फीसदी जीएसटी के साथ मेकिंग चार्ज भी देना होता है. ये मेकिंग चार्ज विभिन्न शहरों में अलग-अलग हो सकता है और इनके जुड़ने से सोना-चांदी की कीमत बढ़ जाती है।  विदेशों में भी सोना-चांदी सस्ता, ये हैं कारण इंटरनेशनल मार्केट में भी सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है. COMEX पर सोना करीब 2 फीसदी गिरकर 4317 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) पर आ गया, तो चांदी की कीमत गिरकर 66.89 डॉलर प्रति औंस पर नजर आई।   Gold-Silver Rates में जारी गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चलते महंगाई बढ़ने का खतरा लोगों को सता रहा है. दूसरी ओर अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा बीते सप्ताह ब्याज दरों में कटौती न करने के फैसले ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है. ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर जारी अनिश्चितता ने भी इस गिरावट को रफ्तार देने का काम किया है. इसके अलावा मंगलवार को भी अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिसका दबाव सोना-चांदी पर पड़ा। 

प्रशासन का बड़ा फैसला, पीएनजी पाइपलाइन वाले इलाकों में तीन महीने बाद बंद होगी सिलेंडर की सप्लाई

करनाल  ग्रामीण सहित जिले के जिन 45 क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछी है, वहां 3 जुलाई के बाद एलपीजी सिलिंडर नहीं मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से ऐसे क्षेत्रों के लोगों को तुरंत पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है। नोडल अधिकारी एवं एडीसी राहुल रईया ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि नोटिस जारी होने की तिथि के तीन माह बाद एलपीजी सिलिंडर नहीं मिलेगा। एडीसी के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन के लिए तीन महीने के अंदर आवेदन करना होगा। आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं की एलपीजी आपूर्ति, सूचना की तारीख से तीन महीने बाद बंद कर दी जाएगी बशर्ते प्राधिकृत इकाई की ओर से आवेदन को मंजूर कर लिया गया हो। जिले में करीब 650 किलोमीटर पीएनजी की पाइपलाइन बिछी है। 26 हजार लोगों के पास ही सक्रिय कनेक्शन हैं। निष्क्रिय कनेक्शन धारकों को प्राथमिकता पर पीएनजी कनेक्शन एक्टिव किया जा रहा है। ब्यूरो ऐसे कर सकते हैं आवेदन एचएसवीपी के सेक्टर-5 स्थित एससीओ 76 में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड से बातचीत कर सकते हैं। पीएनजी कनेक्शन के लिए www.iglonline.net लिंक पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईजीएल ग्राहक सेवा नंबर 8448184015 और 9773980554 के माध्यम से भी नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। भवन मालिक के नाम से होगा इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी मैनेजर शिवम गुप्ता ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदनकर्ता भवन का कानूनी रूप से मालिक होना जरूरी है। उसी के नाम से ही कनेक्शन जारी होगा। शहर के सेक्टर चार से नौ, सेक्टर-12, 13, 14 भाग-एक, सेक्टर-16, 32, 35, 36, 45, एलआईसी कॉलोनी, मान कॉलोनी, मॉडल टाउन, न्यू डीसी कॉलोनी, आर्यपुरम, अशोका कॉलोनी, दयाल सिंह कॉलोनी, दुग्गल कॉलोनी, निर्मल विहार, जनरैली कॉलोनी, नरसी विलेज भाग-1 और 2, पालम कॉलोनी, अशोका नर्सरी, डीसी कॉलोनी, दीवान कॉलोनी, कर्ण विहार, रणजीत एन्क्लेव, शक्तिपुरम भाग- एक और दो, प्रेम नगर, राम नगर, राजीव पुरम, विकास नगर, वसंत विहार, घरौंडा, विकास कॉलोनी, दादूपुर (नीलोखेड़ी), बैंक कॉलोनी, समौरा गांव (इंद्री) और कबीर नगर (असंध) में पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।  

नशा मुक्ति के नाम पर यातनाओं का खेल होगा बंद, जागरूक करने के लिए विभाग ने जारी की 20 केंद्रों की लिस्ट

 अंबाला  जिले में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। विभाग ने जिले के सभी प्रमुख नागरिक अस्पतालों व कोर्ट परिसर में 20 मान्यता प्राप्त वैध नशा मुक्ति केंद्रों व पुनर्वास केंद्र की सूची चस्पा कर दी है। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं और परिजनों को जागरूक करना है, जो सही मार्गदर्शन के अभाव में अवैध केंद्रों के चंगुल में फंस जाते हैं। देखा गया है कि नशे की लत छुड़ाने के लिए युवा और उनके परिजन नागरिक अस्पतालों में परामर्श के लिए पहुंचते हैं। वहां सही जानकारी के अभाव में वह कई बार अवैध रूप से चल रहे केंद्रों के एजेंटों के चंगुल में फंस जाते हैं। यह अवैध केंद्र न केवल मोटी फीस वसूलते हैं बल्कि वहां भर्ती युवाओं के साथ अमानवीय व्यवहार की शिकायतें भी आती रही हैं। अब अस्पतालों में बोर्ड लगने से मरीजों को सीधे तौर पर पता चल सकेगा कि कौन सा केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। जिले में हो चुका अवैध केंद्रों का भंडाफोड़ अंबाला में पहले भी समय-समय पर अवैध रूप से चल रहे पांच नशा मुक्ति केंद्रों का भंडाफोड़ हो चुका है। यहां तक कि इन अवैध केंद्रों पर युवकों को यातनाएं देने के भी मामले सामने आ चुके हैं। कैंट स्थित नशा मुक्ति केंद्र खतौली में युवक को यातनाएं देने के मामले से पर्दा उठते ही एक के बाद एक 2 अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का पर्दाफाश हुआ था। खतौली के साथ-साथ गरनाला में अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था। पुलिस ने इन दोनों नशा मुक्ति केंद्रों से 27 युवकों को रेस्क्यू किया था। यहां तक कि 5 सितंबर को अवैध नशा मुक्ति केंद्र में युवक भी दम तोड़ चुका है।  सिटी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी गौरव की मौत हुई थी। परिजनों ने कल्याण फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र गांव मौखा माजरा संचालक समेत अन्य 4 लोगों पर यातनाएं देने के आरोप लगाए थे। जिसके आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। – साहा थाना क्षेत्र में अगस्त 2025 में एक के बाद एक दो नशा मुक्ति केंद्र अवैध रूप से चलते पाए गए थे। विभाग ने इनमें दाखिल युवाओं का रेस्क्यू किया था। सिटी में 11 केंद्र स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 नशा मुक्ति केंद्रों व 5 पुनर्वास केंद्र की सूची जारी की गई है। इनमें अंबाला सिटी में 11, अंबाला कैंट के 6, बराड़ा के 2, नारायणगढ़ का 1 शामिल है। जिले में एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र अंबाला सिटी में है। जहां रोजाना की ओपीडी 100 तक पहुंच जाती है। सुबह के समय नशा मुक्ति केंद्र में डे केयर की सुविधा भी है। जिले के नागरिक अस्पतालों व कोर्ट परिसर में वैध 20 नशा मुक्ति केंद्रों व पुनर्वास केंद्रों की सूची चस्पा कर दी गई है ताकि मरीजों, तीमारदारों के साथ-साथ आमजन भी जागरूक हो सकें। – डॉ. मुकेश, डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम ऑफिसर अंबाला

ईरान-इजराइल तनाव का राजस्थान पर ‘साइड इफेक्ट’, शेखावाटी के हजारों प्रवासियों का वतन लौटना हुआ मुश्किल

जयपुर/सीकर  पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों ने राजस्थान के लोगों और उनके सुनहरे सपनों के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी कर दी है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा साइड इफेक्ट अब जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर साफ नजर आ रहा है। खाड़ी देशों को जोड़ने वाली लाइफलाइन कही जाने वाली उड़ानें न केवल रद्द हो रही हैं, बल्कि जो बची हैं, उनका किराया आसमान छू रहा है। 24 घंटे की देरी और रूट का फेरबदल ईरान के ऊपर से हवाई क्षेत्र बंद होने और सुरक्षा कारणों से विमान कंपनियों ने जयपुर से अपनी उड़ानों में भारी कटौती की है। इसका सबसे बुरा असर जयपुर-अबू धाबी और दुबई रूट पर पड़ा है। पहले जहां जयपुर से रोजाना दो उड़ानें संचालित होती थीं, अब केवल एक शाम की फ्लाइट ही उड़ान भर पा रही है। दुबई की दोनों नियमित उड़ानें लगातार रद्द चल रही हैं, जबकि मस्कट की फ्लाइट अब सप्ताह में केवल दो दिन ही संचालित हो रही है। शेखावाटी (सीकर, चूरू, झुंझुनूं) के हजारों प्रवासी, जो ईद या छुट्टियों पर घर आने की तैयारी में थे, अब अधर में लटके हैं। किराया नहीं, 'करंट' लगा रही हैं टिकटें युद्ध के कारण विमानों को अब लंबे रूट से उड़ान भरनी पड़ रही है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है। इसका बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ा है। इटली और खाड़ी देशों से भारत आने वाली टिकटें, जो पहले 50,000 रुपये के आसपास थीं, अब 1,50,000 रुपये तक पहुंच गई हैं। एक सामान्य मजदूर या कामगार के लिए तीन गुना किराया देना नामुमकिन साबित हो रहा है। शेखावाटी के प्रवासियों का छलका दर्द सीकर के जालेऊ निवासी हसन खान की कहानी उन हजारों लोगों की बानगी है जो इस समय खाड़ी देशों के एयरपोर्ट पर फंसे हैं। हसन बताते हैं, 'मेरी शारजाह-जयपुर फ्लाइट बिना सूचना रद्द कर दी गई। मुझे दुबई से टैक्सी के जरिए मस्कट भेजा गया और वहां से दूसरी फ्लाइट लेकर जयपुर पहुंच सका। इस सफर में जितना पैसा खर्च हुआ, उससे कहीं ज्यादा मानसिक तनाव झेलना पड़ा।' कई प्रवासियों को डर है कि अगर तनाव और बढ़ा, तो उनका वतन लौटना तो दूर, वहां नौकरी बचाना भी मुश्किल हो जाएगा। व्यापार और पर्यटन पर भी संकट जयपुर एयरपोर्ट से होने वाला 'कार्गो व्यापार' भी प्रभावित हुआ है। कीमती पत्थर, रत्न और हस्तशिल्प का निर्यात करने वाले व्यापारियों के ऑर्डर फंसे हुए हैं। पर्यटन सीजन के अंत में विदेशी सैलानियों की आवाजाही में भी गिरावट दर्ज की गई है।

पलिया में गैस किल्लत के बीच करुणा एजेंसी के गोदाम से 108 सिलेंडर पार

लिखिमपुर एलपीजी की किल्लत के बीच लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात हुई है। यहां चोरों ने गैस एजेंसी के गोदाम की दीवार काटकर 108 सिलिंडर चोरी कर लिए। शनिवार सुबह जब कर्मचारी गोदाम पर पहुंचे तो सिलिंडर गायब देख उनके होश उड़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में शुक्रवार रात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने करुणा गैस एजेंसी के गोदाम को निशाना बनाया और यहां से 108 एलपीजी सिलिंडर पार कर दिए। गैस एजेंसी संचालक ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।   गांव राजापुर बेनी मोहम्मदी निवासी अमिष सिंह की पत्नी करुणा सिंह के नाम से मोहल्ला सिंघहिया दुधवा रोड स्थित गैस एजेंसी है, जिसका गोदाम मकनपुर रोड पर स्थित है। शुक्रवार की रात चोरों ने गोदाम को निशाना बनाया और दीवार तोड़कर अंदर घुस गए। शातिर चोरों ने गोदाम से 108 सिलिंडर चोरी कर लिए। एजेंसी संचालक के मुताबिक चोरी हुए सिलिंडरों में 98 भरे हुए और 10 खाली थे। घटना की जानकारी शनिवार की सुबह करीब सात बजे हुई। जब गोदाम कर्मचारी रितेश कुमार वहां पहुंचे। गोदाम की दीवार टूटी देख कर्मचारी के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना करुणा सिंह को दी। करुणा सिंह ने पलिया कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मौका मुआयना कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जिले में है एलपीजी की किल्लत जिले में बीते कई दिनों से एलपीजी की किल्लत है, जिससे सिलिंडरों की कालाबाजारी बढ़ गई है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में सिलिंडरों की चोरी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। चोरों ने करुणा गैस एजेंसी के गोदाम की न सिर्फ दीवार तोड़ी बल्कि गेट भी तोड़ दिया। चोर 108 सिलिंडर ले गए हैं जो किसी वाहन बगैर जा पाना संभव नहीं है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक कर रही है। पुलिस के लिए बढ़ी चुनौती एक तरफ आम जनता रसोई गैस की आपूर्ति के लिए परेशान है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की बड़ी चोरी ने पुलिस और गैस डीलर्स की नींद उड़ा दी है। फिलहाल करुणा सिंह ने कोतवाली पलिया में तहरीर देकर सिलिंडरों की जल्द बरामदगी की मांग की है। अब देखना यह है कि पुलिस सिलिंडर चोर गिरोह का भंडाफोड़ कब तक कर पाती है। पलिया सीओ जितेंद्र परिहार ने बताया कि घटना की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।  

आईपीएल 2026, नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दिखेगा बल्ले और गेंद का रोमांच, राजस्थान के ‘विजयरथ’ को रोकने उतरेगी टाइटंस

अहमदाबाद आईपीएल 2026 का 9वां मुकाबला गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच आज यानी 4 अप्रैल को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। बता दें कि इस सीजन आईपीएल में अहमदाबाद में यह पहला मैच होगा। वहीं मेजबान गुजरात टाइटंस को पंजाब किंग्स के खिलाफ सीजन के अपने पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा था जबकि राजस्थान रॉयल्स अपना होम मैच चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ गुवाहाटी में जीतकर अहमदाबाद पहुंची है। जहां गुजरात अपनी पहली जीत दर्ज करने के लिए मैदान में उतरेगी। वहीं राजस्थान रॉयल्स अपने विजयरथ को जारी रखना चाहेगी। एक रोमांचक मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है। आइये जानते हैं कि मैच में पिच का मिजाज कैसा रह सकता है। गुजरात और राजस्थान के मैच की पिच रिपोर्ट अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बल्ले और गेंद के बीच अच्छा कॉन्टेस्ट देखने को मिलता है। बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को ही यहां मदद मिलती है। लेकिन कह सकते हैं कि गेंदबाजों से ज्यादा बल्लेबाजों को यहां मदद मिलती है। अच्छा बाउंस होने से गेंद बल्ले पर अच्छे से आती है। गुजरात और राजस्थान के बीच हाई स्कोरिंग मुकाबला हो सकता है। अब तक आईपीएल में अहमदाबाद में कुल 44 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 22 तो दूसरी बैटिंग करने वाली टीम ने भी 22 मुकाबले जीते हैं। मैच के लिए दोनों टीमें इस प्रकार हैं गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), ग्लेन फिलिप्स, वाशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, अशोक शर्मा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, जेसन होल्डर, जयंत यादव, मानव सुथार, कुमार कुशाग्र, आर साई किशोर, ईशांत शर्मा, लूक वुड, टॉम बैंटन, कुलवंत खेजरोलिया, अनुज रावत, अरशद खान, गुरनूर बराड़, निशांत सिंधु। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरन हेटमायर, रविंद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, ब्रिजेश शर्मा, डोनोवन फरेरा, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, रवि सिंह, सुशांत मिश्रा, तुषार देशपांडे, एडम मिल्ने, दासुन शनाका, कुलदीप सेन, युधवीर। सिंह चरक, शुभम दुबे, क्वेना मफाका, विग्नेश पुथुर, अमन राव पेराला।

पंजाब के 22 जिलों में बारिश के आसार, ओले और तेज आंधी की चेतावनी; पठानकोट में मौसम हुआ ठंडा

पठानकोट   पंजाब और चंडीगढ़ में शनिवार को मौसम ने बड़ा बदलाव दिखाया, जहां पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 22 जिलों में आज खराब मौसम रहने की संभावना है। विभाग ने आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पठानकोट में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां मौसम ठंडा हो गया। राज्य में तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस गिरकर सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया है। 22 जिलों में मौसम का असर मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब के 22 जिलों में आज मौसम खराब रह सकता है। इनमें से 8 जिलों में ओलावृष्टि, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, गुरदासपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। वहीं, बाकी 14 जिलों में तेज हवाओं और बिजली चमकने की आशंका है। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। पठानकोट में सबसे ज्यादा बारिश राज्य में सबसे अधिक बारिश पठानकोट जिले में दर्ज की गई है। यहां थेन बांध पर 9.5 मिमी और केवीके पठानकोट में 1.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। फाजिल्का के अबोहर में 4.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। रूपनगर में भाखड़ा बांध पर 1.5 मिमी और श्री आनंदपुर साहिब में 1.0 मिमी बारिश हुई। अमृतसर में 1.2 मिमी और फिरोजपुर में 1.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। चंडीगढ़, लुधियाना और पटियाला में बारिश तो हुई, लेकिन मात्रा बहुत कम रही। मौसम बदलाव की मुख्य वजह मौसम में इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ को मुख्य कारण माना जा रहा है। यह सिस्टम दक्षिण अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान और हरियाणा के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से एक ट्रफ उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान से पंजाब और हरियाणा होते हुए उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है, जिससे बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है। 7 अप्रैल से और बढ़ेगी सक्रियता मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इससे मौसम की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में बारिश और आंधी की घटनाएं बढ़ने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। 9 अप्रैल तक बारिश का पूर्वानुमान मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार 4, 7 और 8 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 5, 6 और 9 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन तेज हवाएं और गरज-चमक जारी रह सकती है।

डबल हॉलिडे का ऐलान: 8 व 14 अप्रैल को स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़. पंजाब में इस अप्रैल महीने में बच्चों और सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने 8 अप्रैल, बुधवार को सरकारी छुट्टी घोषित की है। इस दिन पूरे पंजाब के स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को श्री नाभा दास जी का जन्म दिवस मनाया जाएगा, जिसके चलते पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इसे गज़टेड छुट्टियों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। इसके अलावा, 14 अप्रैल, मंगलवार को भी पंजाब में गज़टेड छुट्टी रहेगी। इस दिन राज्य में बैसाखी का त्यौहार और डा. बी. आर. अंबेडकर का जन्मदिन मनाया जाएगा। इस अवसर पर भी पूरे राज्य के स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि छुट्टियों से न सिर्फ विद्यार्थियों को आराम मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों को मनाने का मौका मिलेगा। इस प्रकार पंजाब में अप्रैल महीने में दो महत्वपूर्ण छुट्टियां होने से राज्य में स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों की गतिविधियां प्रभावित रहेंगी, जबकि लोगों को त्योहार और विशेष अवसरों को मनाने का अवसर मिलेगा। त्योहार और महापुरुषों की जयंती – इस पूरे महीने में त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के उपलक्ष्य में पंजाब के सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान कई दिनों तक बंद रहेंगे। छुट्टियों की इस लंबी फेहरिस्त ने जहां बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, वहीं कर्मचारियों को भी काम के बीच सुकून के पल मिलने वाले हैं। ​यहाँ देखें कब-कब है अवकाश ​महीने की शुरुआत में ही छुट्टियों का सिलसिला शुरू हो रहा है। आइए नजर डालते हैं इस महीने आने वाली प्रमुख छुट्टियों पर: ​3 अप्रैल (शुक्रवार): ‘गुड फ्राइडे’ के अवसर पर राज्य में पहली सरकारी छुट्टी रहेगी। शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण लोगों को तीन दिनों का (शुक्रवार, शनिवार, रविवार) लंबा वीकेंड मिल सकता है। ​8 अप्रैल (बुधवार): श्री गुरु नाभा दास जी की जयंती के उपलक्ष्य में शिक्षण संस्थान और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। ​14 अप्रैल (मंगलवार): यह दिन पंजाब के लिए बेहद खास है। इस दिन ‘बैसाखी’ का पावन पर्व है और साथ ही संविधान निर्माता डॉ. बी. आर. अंबेडकर की जयंती भी मनाई जाएगी। ​19 अप्रैल (रविवार): भगवान परशुराम जी की जयंती है। हालांकि, यह रविवार को पड़ रही है, लेकिन धार्मिक उत्साह में कोई कमी नहीं दिखेगी। ​रविवार की अतिरिक्त छुट्टियां ​सरकारी गजटेड छुट्टियों के अलावा, इस महीने में 4 रविवार (5, 12, 19 और 26 अप्रैल) आ रहे हैं। इस तरह कुल मिलाकर अप्रैल का लगभग आधा महीना छुट्टियों और उत्सवों के नाम रहने वाला है।

SRH vs LSG,क्या फिर टूटेगा 300 रनों का रिकॉर्ड? बल्लेबाजों की ‘जन्नत’ पिच पर गेंदबाजों की होगी कड़ी परीक्षा

 हैदराबाद सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच 05 अप्रैल को होने वाले मुकाबले में, सभी की नजरें राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच पर टिकी होंगी, जो SRH vs LSG मैच के नतीजे में अहम भूमिका निभा सकती है। क्या यह पिच बल्लेबाजों के लिए जन्नत साबित होगी, जहां रनों की खूब बरसात होगी, या फिर यह गेंदबाजों की मददगार बनेगी और विकेटों की झड़ी लगा देगी? जैसे-जैसे उत्सुकता बढ़ रही है, पिच की स्थिति एक ऐसा अहम पहलू बनी हुई है जो मैच का रुख किसी भी तरफ मोड़ सकती है, तो आइए जानते हैं SRH vs LSG मैच में राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम की पिच देगी किसका साथ? जानें बरसेंगे रन या गिरेंगे विकेट….  राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती रही है, और 05 अप्रैल, 2026 को SRH vs LSG मुकाबले में भी ऐसी ही उम्मीद है। यह पिच आम तौर पर सपाट होती है, जिसमें गेंद एक समान उछाल और गति के साथ आती है, जिससे बल्लेबाज आजादी से अपने शॉट्स खेल पाते हैं। बल्लेबाजों को अक्सर गेंद को सही समय पर हिट करना आसान लगता है, और तेज आउटफील्ड अच्छी तरह से खेले गए शॉट्स को और भी ज़्यादा फeयदा पहुँचाती है। यह मैदान उन खिलाड़ियों के लिए स्वर्ग जैसा है जो गेंदबाजों पर हावी होना पसंद करते हैं। SRH vs LSG : जोरदार स्कोर वाला मुकाबला होने की उम्मीद पिच की प्रकृति को देखते हुए, SRH vs LSG मैच में प्रशंसक एक जोरदार स्कोर वाले मुकाबले की उम्मीद कर सकते हैं। पिछले सीजन (2025) में, सनराइजर्स हैदराबाद ने इसी मैदान पर राजस्थान के खिलाफ 286 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिससे इस पिच पर रन बनाने की क्षमता साफ जाहिर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर परिस्थितियाँ ऐसी ही रहीं, तो 300 रनों का आँकड़ा भी पार किया जा सकता है। सपाट पिच और तेज आउटफ़ील्ड का मेल यह सुनिश्चित करता है कि बाउंड्रीज अक्सर लगती रहें, जिससे स्कोरबोर्ड तेजी से आगे बढ़ता रहता है। गेंदबाजों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है हालांकि पिच बल्लेबाजी के लिए काफी मददगार है, फिर भी गेंदबाजों को रन रोकने में मुश्किल हो सकती है, खासकर जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा। तेज गेंदबाजों को नई गेंद से शुरुआत में कुछ मदद मिल सकती है, जिससे उन्हें गेंद में थोड़ा मूवमेंट मिल सकता है। हालाँकि, जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, पिच बल्लेबाजों के लिए और भी ज़्यादा अनुकूल होती जाती है, जिससे तेज गेंदबाजों का असर कम हो जाता है। दूसरी ओर, अगर पिच सूखने लगती है, तो मैच के बाद के चरणों में स्पिन गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर, यह गेंदबाजों के लिए एक चुनौतीपूर्ण मैदान बना रहता है।  मैच में टॉस की भूमिका अहम हो सकती है SRH vs LSG मैच में दोनों टीमों की रणनीति तय करने में टॉस एक अहम कारक साबित हो सकता है। मैच के बाद के चरणों में ओस का असर परिस्थितियों पर पड़ने की संभावना है, जिससे गेंदबाजों के लिए गेंद पर पकड़ बनाना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से, कप्तान टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकते हैं। हाल के आंकड़े भी इस सोच का समर्थन करते हैं, क्योंकि इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को थोड़ी ज़्यादा सफलता मिली है, जिनकी जीत दर लगभग 55 प्रतिशत रही है। इस वजह से, रात में खेले जाने वाले मैचों में लक्ष्य का पीछा करना ज़्यादा फायदेमंद विकल्प माना जाता है। मुख्य आँकड़े और SRH vs LSG मैच की जानकारी आँकड़ों पर नजर डालें तो, इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 194 से 230 रनों के बीच रहता है, जो इसे एक 'हाई-स्कोरिंग' (ज़्यादा रन बनने वाले) मैदान के तौर पर इसकी पहचान को मजबूत करता है। यहां दर्ज किया गया अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर 297/6 है, जो भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए एक अंतरराष्ट्रीय मैच में बना था। विकेटों के बंटवारे की बात करें तो, तेज गेंदबाजों ने लगभग 53.13 प्रतिशत विकेट लिए हैं, जबकि स्पिनरों के खाते में लगभग 46.88 प्रतिशत विकेट आए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि जहां दोनों ही तरह के गेंदबाज़ों को मौके मिलते हैं, वहीं कुल मिलाकर परिस्थितियां बल्लेबाजों के ज़्यादा पक्ष में रहती हैं, जिससे एक रोमांचक और रनों से भरा मुकाबला होने की जमीन तैयार होती है।