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बिहार की ‘स्वीट सिटी’ पहुंची पंजाब के किसानों की टोली, नाबार्ड के सहयोग से लीची की उन्नत खेती का प्रशिक्षण शुरू

मुजफ्फरपुर बिहार का मुजफ्फरपुर, जिसे ‘स्वीट सिटी’ के नाम से जाना जाता है, अब सिर्फ अपनी मशहूर शाही लीची के लिए ही नहीं बल्कि किसानों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी पहचान बना रहा है. खेती के क्षेत्र में अग्रणी राज्य पंजाब से 22 किसानों का एक दल इन दिनों मुजफ्फरपुर पहुंचा है. ये किसान यहां की प्रसिद्ध 'शाही लीची' की उन्नत खेती तकनीक सीख रहे हैं, ताकि अपने राज्य में उत्पादन बढ़ाकर बेहतर मुनाफा कमा सकें. पठानकोट से आए ये किसान राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिकों से विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें लीची की उन्नत किस्मों, पौध प्रबंधन, रोग नियंत्रण, सिंचाई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जा रही है. खास बात यह है कि किसानों को हाई डेंसिटी प्लांटेशन मॉडल सिखाया जा रहा है. इस तकनीक में 10×15 फीट की दूरी पर पौधे लगाए जाते हैं, जिससे कम जगह में ज्यादा उत्पादन संभव होता है. साथ ही नियमित छंटाई से पेड़ छोटे रहते हैं और फल अधिक लगते हैं. पंजाब से आए किसान यशपाल सिंह, अजीत सिंह, हड़पाल सिंह और भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वे पहले भी मुजफ्फरपुर की तकनीक अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा चुके हैं. लेकिन इस बार उन्हें और उन्नत तरीके सीखने का मौका मिला है, जिससे उनकी आमदनी और बढ़ सकती है. दिलचस्प बात यह भी है कि पंजाब में मुजफ्फरपुर की लीची को ‘देहरादून लीची’ के नाम से बेचा जाता है, जहां इसकी मांग काफी ज्यादा है. सीमित उत्पादन के कारण किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलती है. पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े फल वैज्ञानिक डॉ. मनु त्यागी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर की लीची की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है और बिहार इस उत्पादन में अग्रणी है. ऐसे में पंजाब जैसे राज्यों में इसकी खेती का विस्तार किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. वहीं पौध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. विनय पठानिया ने बताया कि किसानों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपने क्षेत्र में बेहतर उत्पादन और रोग नियंत्रण कर सकें. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा प्रायोजित है. विशेषज्ञों का मानना है कि हाई डेंसिटी प्लांटेशन जैसी तकनीकों ने पारंपरिक खेती को बदल दिया है. पहले जहां 40-50 फीट की दूरी पर पौधे लगाए जाते थे, वहीं अब कम जमीन में ज्यादा उत्पादन संभव हो रहा है. इससे किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है. कुल मिलाकर, मुजफ्फरपुर की ‘शाही लीची’ अब बिहार तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर के किसानों के लिए एक नया अवसर बनती जा रही है.  

गितिका चंदेल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: गितिका चंदेल बनीं महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष संगठन को मजबूती, महिलाओं को नई पहचान दिलाने का लिया संकल्प मनेन्द्रगढ़/एमसीबी राजनीति के गलियारों में एक नई ऊर्जा और उम्मीद की किरण उस समय देखने को मिली, जब समर्पण, संघर्ष और सेवा की प्रतीक गितिका चंदेल को महिला कांग्रेस, मनेन्द्रगढ़ शहर की ब्लॉक अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है। नियुक्ति के बाद गितिका चंदेल ने भावुक शब्दों में अपने आभार को व्यक्त करते हुए कहा कि यह विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस दायित्व को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगी। उन्होंने इस अवसर का श्रेय वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और आशीर्वाद को देते हुए विशेष रूप से चरणदास महंत, ज्योत्सना महंत, फूलो देवी नेताम, विनय जायसवाल, रूमा चटर्जी, नीता डे और अनिल प्रजापति का उल्लेख किया। गितिका चंदेल ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य कांग्रेस की विचारधारा को हर घर तक पहुंचाना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में आगे लाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि वे महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाएंगी। उन्होंने भावुकता से कहा, "यह पद मेरे लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की हर उस महिला की उम्मीद है, जो अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही है। मैं उनकी आवाज बनकर कार्य करूंगी।" गितिका चंदेल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, रोजगार और महिला सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे हर जरूरतमंद व्यक्ति की आवाज बनकर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगी। अंत में उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की असली ताकत बताते हुए कहा,"कार्यकर्ता ही संगठन की रीढ़ होते हैं। उनका विश्वास और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, और मैं इस विश्वास पर खरा उतरने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगी।" इस नियुक्ति से क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं महिलाओं में भी एक नया उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।

बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत, 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक बुलाई है. इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक उनके कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक भी हो सकती है. यह बैठक मुख्य सचिवालय में होगी. इसमें सभी मंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल रहेंगे. इसमें कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लग सकती है. नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. इसके बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है. जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिल सकते हैं. सत्ता परिवर्तन की आहट राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि बिहार में जल्द ही सत्ता परिवर्तन हो सकता है. बताया जा रहा है कि एनडीए के अंदर नई रणनीति बन रही है और मुख्यमंत्री पद किसी नए चेहरे को दिया जा सकता है. भाजपा के सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल और विजय कुमार सिन्हा के नाम इस दौड़ में सामने आ रहे हैं. अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. कब मिलेगा बिहार को नया सीएम? सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 13 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और इसके बाद 14 अप्रैल को एनडीए की बैठक में नए नेता का चयन हो सकता है. यह भी कहा जा रहा है कि 16 अप्रैल के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. इन सभी बातों पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में बड़ा बदलाव होने वाला है.

वर्ष 2024-25: जल जीवन मिशन के लिए राज्य सरकार ने जारी किए 3000 करोड़ रुपये अग्रिम

वर्ष 2024-25 में जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार दे चुकी है 3000 करोड़ का अग्रिम राज्यांश रायपुर जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही राज्यांश की 3000 करोड़ रुपए की पूरी राशि अग्रिम के रूप में दे दी गई थी, जिसे उस वित्तीय वर्ष के दौरान मिशन के कार्यों के लिए व्यय किया गया था। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में जारी किए गए हैं।   ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत अब मिशन 2.0 के तहत काम जारी है l राज्य के ग्रामीण परिवारों को 'हर घर नल से जल' योजना के तहत पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने कार्य किए जा रहे हैं l

जेडीए का बड़ा प्लान, वंदे मातरम रोड से खत्म होंगे ब्लैक स्पॉट्स, चौराहों पर लगेंगी आकर्षक मूर्तियां

जयपुर  राजस्थान के200 फीट चौड़ी सड़कों वंदे मातरम रोड को पहले से कही ज्यादा अट्रेक्टिव और हाईटेक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने मानसरोवर क्षेत्र में स्थित शहर की सबसे चौड़ी और महत्वपूर्ण सड़कों में शुमार वंदे मातरम रोड को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। अगले 6 महीनों में ये सड़क न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और सुंदरता के नए पैमाने गढ़ेगी। ब्लैक स्पॉट्स होंगे खत्म, रोड सेफ्टी पर खास फोकस सर्वेक्षण के बाद जेडीए ने इस सड़क के लिए एक नया मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्य फोकस उन स्थानों (ब्लैक स्पॉट्स) को सुधारने पर है जहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। पूरी सड़क का पुनर्निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार किया जाएगा। जानिए क्या होने जा रहे हैं बड़े बदलाव वंदे मातरम रोड को दिल्ली और अहमदाबाद की सड़कों की तर्ज पर तैयार इस प्रोजेक्ट में कई आधुनिक फीचर्स शामिल होने जा रहे हैं। मुख्य सड़क को 35-40 फीट और दोनों तरफ की सर्विस रोड को 20-25 फीट चौड़ा किया जाएगा। लेन सिस्टम को खास तौर पर डवलप किया जाएगा। होगा स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार यहां पानी, बिजली, गैस, सीवरेज और टेलीकॉम लाइनों के लिए अलग से अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर व्यवस्थित बस-वे और पार्किंग स्पेस बनाए जाएंगे। पैदल यात्रियों का ध्यान में रखते हुए फुटपाथों का विस्तार होगा और सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सौंदर्यीकरण करने के साथ ही चौराहों पर मूर्तियां भी स्थापित करेगा। इन स्थानों पर होगी मूर्तियां स्थापित वंदे मातरम रोड के प्रमुख चौराहे जैसे भारत माता, खरबस, वंदे मातरम, हयात और इस्कॉन सहित 6 प्रमुख चौराहों को आकर्षक मूर्तियों और स्मारकों से सजाया जाएगा। इसके अलावा यहां डिवाइडर और सड़क के किनारों पर सघन वृक्षारोपण कर ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। जानिए क्या होंगे बड़े फायदे     न्यू सांगानेर रोड से मुहाना मंडी के बीच के इस हिस्से से रोजाना लगभग 10,000 वाहन गुजरते हैं। इस कायाकल्प से यातायात सुगम होगा     मुहाना मंडी जाने वाले व्यापारियों, कृषकों व स्थानीय निवासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी।     सड़क हादसों में कमी आएगी     पहले से कही ज्यादा ये रोड सुंदर लगेगा 6 महीनों में बदलेगी तस्वीर जेडीए अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अगले 6 महीनों में यातायात प्रवाह बेहतर होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में भारी कमी आएगी। खुशेंद्र तिवारी

यूपी में उल्टा दांव, उपभोक्ता ने विभाग से मांगा मुआवजा, स्मार्ट मीटर और सर्वर की खराबी ने पहुंचाई आर्थिक चोट

महराजगंज महराजगंज जिले के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बिजली विभाग को दुकानदार ने भेजा 1.69 लाख का नोटिस, अफसर दंग; जानें पूरा मामला  आपने अक्सर बिजली विभाग से उपभोक्ताओं को नोटिस जारी होते देखा-सुना होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्मार्ट मीटर की बीलिंग व्यवस्था से परेशान एक कामर्शियल उपभोक्ता ने बिजली विभाग को 1.69 लाख रुपये के नुकसान का नोटिस भेज दिया है। नोटिस देखकर बिजली विभाग के अधिकारी दंग रह गए हैं। उपभोक्ता का आरोप है कि विभागीय तकनीकी खामी और बिल अपडेट में देरी के कारण उसे सात दिन में पांच बार बिल जमा करना पड़ा, बावजूद इसके बिजली आपूर्ति बाधित रही। महराजगंज जिले के धनेवा-धनेई चौराहे के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को वेबसाइट पर दिख रहे 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। शिकायत करने पर विभाग ने 5444 रुपये बकाया बताया, जिसे 29 मार्च को जमा किया गया। इसके बाद भी मीटर में बार-बार माइनस बकाया दिखता रहा।उपभोक्ता को 1500 रुपये और फिर 500 रुपये अतिरिक्त जमा करने पड़े। इसके बाद 30 मार्च को आपूर्ति बहाल हो सकी। दुकानदार का कहना है कि चार दिन बिजली गुल रहने से दुकान में रखा दूध, पनीर व खोया खराब हो गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उपभोक्ता ने कहा कि यदि पहली बार में सही बिल प्रदर्शित होता तो न तो बार-बार भुगतान करना पड़ता और न ही यह नुकसान होता। इस मामले में अधिवक्ता केसरी नंदन तिवारी के माध्यम से एक्सईएन को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर 1.69 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि तय समय में भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया जाएगा, जिसमें विभाग को नोटिस खर्च और अधिवक्ता फीस भी वहन करनी होगी।

रोजाना चलाने की उठी मांग: चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस पर सांसद ज्योत्सना महंत का रेल मंत्री को पत्र

चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग तेज सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेल मंत्री को लिखा पत्र मनेन्द्रगढ़/एमसीबी क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही अहम मांग को गंभीरता से उठाते हुए कोरिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11751/11752) को प्रतिदिन संचालित करने की मांग की है। सांसद महंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह ट्रेन क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए जीवनरेखा के समान है। कोविड-19 महामारी से पहले यह ट्रेन रोजाना चलती थी, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलती थी। लेकिन वर्तमान में सीमित दिनों में संचालन होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को जल्द से जल्द प्रतिदिन चलाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने सांसद की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह मांग पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ी है। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ शहर सौरव मिश्रा ने भी इसे आम जनता की आवाज बताते हुए कहा कि इस ट्रेन के नियमित संचालन से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।

वाहन मॉडिफाई करना महंगा, चालान और बीमा में परेशानी का खतरा

इंदौर. इंदौर शहर में गाड़ियों को स्टाइलिश बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। एलईडी लाइट, तेज आवाज वाले साइलेंसर, हाई पावर म्यूजिक सिस्टम और स्ट्रक्चर में बदलाव युवाओं की पहली पसंद बन रहे हैं, लेकिन यह शौक कई बार सीधे कानून के दायरे में ला खड़ा करता है। परिवहन नियमों के मुताबिक वाहन में बिना अनुमति किए गए बदलाव अवैध हैं और इसके लिए भारी चालान से लेकर गाड़ी जब्ती तक की कार्रवाई हो सकती है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन निर्माता द्वारा तय स्पेसिफिकेशन में बदलाव नहीं किया जा सकता। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सबसे ज्यादा कार्रवाई जिन मामलों में होती है, उनमें शामिल हैं – हाई बीम या रंगीन एलईडी-फ्लैश लाइट, मॉडिफाइड या तेज आवाज वाले साइलेंसर, गाड़ी की बॉडी-चेसिस में बदलाव, मूल रंग बदलना (बिना आरटीओ अनुमति), फैंसी या नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और ओवरसाइज टायर या ग्राउंड क्लीयरेंस में छेड़छाड़। ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में हर महीने सैकड़ों चालान बनाए जा रहे हैं। कई बार वाहन जब्त कर कोर्ट कार्रवाई भी की जाती है। हादसे में कौन जिम्मेदार कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अगर मॉडिफिकेशन की वजह से हादसा होता है तो प्राथमिक जिम्मेदारी वाहन मालिक की होती है। हालांकि, अगर यह साबित हो जाए कि गैरेज ने गलत तरीके से बदलाव किया या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया, तो उस पर भी कार्रवाई हो सकती है। वाहन में अनधिकृत बदलाव कराना खुद मालिक का निर्णय होता है, इसलिए दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी से बचना आसान नहीं होता। इंश्योरेंस क्लेम पर भी खतरा इंश्योरेंस एडवाइजर आशीष शर्मा का कहना है कि इंश्योरेंस कंपनियां वाहन के मूल ढांचे के आधार पर पॉलिसी जारी करती हैं। यदि गाड़ी में बिना जानकारी दिए बदलाव किया गया है, तो क्लेम खारिज किया जा सकता है। आग लगने या शार्ट सर्किट के मामलों में विशेष जांच होती है मॉडिफाइड वायरिंग या बैटरी मिलने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है साइलेंसर या इंजन में बदलाव से जुड़े एक्सीडेंट भी क्लेम विवाद में आते हैं क्या करें कोई भी बदलाव कराने से पहले आरटीओ से अनुमति लें केवल प्रमाणित एसेसरीज का उपयोग करें इंश्योरेंस कंपनी को बदलाव की जानकारी दें क्या न करें साइलेंसर, लाइट या नंबर प्लेट में अवैध बदलाव लोकल गैरेज से बिना मानक के फिटिंग गाड़ी की बाडी या इंजन में छेड़छाड़। इंश्योरेंस क्लेम, वारंटी में भी परेशानी  कंपनियां तय मापदंड के अनुसार वाहन बनाती हैं, जिनमें सुरक्षा पर विशेष फोकस होता है। बदलाव से कई बार सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी हो जाती है, इसलिए मॉडिफिकेशन नहीं कराना चाहिए। मॉडिफिकेशन के बाद इंश्योरेंस क्लेम में भी परेशानी आती है। वहीं कंपनी द्वारा दी जा रही वाहन की वारंटी भी खत्म हो सकती है। बदलाव करने से अच्छा है कि वाहन का अपर माडल चुनें, ताकि ओरिजनल फिटिंग मिले। – आदित्य कासलीवाल, वाइस प्रेसिडेंट, ऑटो मोबाइल एसोसिएशन

ईरान-अमेरिका जंग में फंसा रेस्क्यू मिशन, सी-130 विमान गिरने का दावा, पायलट को बचाने पर दोनों देशों के अलग सुर

 नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच एक रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। ईरान ने इसे अपनी जीत बताया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसे बड़ी सैन्य सफलता करार दिया है। ईरान ने रविवार को दावा किया कि दक्षिण इस्फहान में अमेरिका को कड़वी हार का सामना करना पड़ा। यह बयान उस समय आया जब एक अमेरिकी एफ-15 विमान के दूसरे क्रू सदस्य को बचा लिया गया, जो विमान गिरने के बाद लापता हो गया था। ईरान के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघरी ने कहा कि इस घटना ने अमेरिकी सेना की कमजोरी को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डोनल्ड ट्रंप जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान एक सी-130 श्रेणी का विमान भी मार गिराया गया। जोल्फाघरी ने इसे ईरानी सेना की बहादुरी और साहस का उदाहरण बताया। ट्रंप ने बताया बड़ी सफलता जहां ईरान इसे अपनी जीत बता रहा है, वहीं डोनल्ड ट्रंप ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अमेरिकी सेना की बड़ी सफलता कहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि घायल पायलट अब सुरक्षित है और यह मिशन अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक है। ट्रंप ने कहा कि इस अभियान में कई विमान और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि दुश्मन के इलाके में जाकर दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग बचाना सेना की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन ईरान के आसमान में अमेरिका की ताकत और नियंत्रण को दिखाता है। ऑपरेशन के दौरान टकराव ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 विमान को निशाना बनाया गया। कुछ तस्वीरों में रेगिस्तानी इलाके में धुआं उठता हुआ भी दिखाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय ईरानी लोगों ने भी अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर गोलीबारी की। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। युद्ध का बढ़ता असर इस संघर्ष का असर अब आम लोगों तक भी पहुंचने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य समेत कई अहम समुद्री रास्ते प्रभावित हुए हैं, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य और कृषि संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर यह युद्ध जून तक जारी रहा, तो दुनिया भर में 4.5 करोड़ और लोग भूख के संकट में फंस सकते हैं। पहले से ही 32 करोड़ लोग खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं। इस बीच मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं।

हथीन के पावसर गांव में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी, 2017 के ‘कश्मीरी’ कनेक्शन से जुड़े जासूसी के तार

पलवल पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के तार मेवात से फिर जुड़ गए हैं। नूंह, हथीन, तावड़ु और पलवल से कई बार ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। ताजा मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी ने पाक के लिए जासूसी के शक में पलवल और मेवात से आठ युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों एजेंसियों का स्टाफ पाक जासूसी के कथित स्लीपर सेल की तलाश में जुटा है. युवकों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। गुरुवार को भी हथीन के गांव पावसर में पहुंचकर टीम ने हिरासत में लिए गए युवकों के घरों में जाकर जांच की। जांच गोपनीय ढंग से कई गई। बहीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक टीम में शामिल स्टाफ ने संबंधित युवकों की गतिविधियों की जानकारी ली। टीम के अन्य केंद्रीय एजेंसी के लोग भी शामिल रहे। 2017 से जुड़े हैं तार     सूत्रों के अनुसार, साल 2017 में एक संदिग्ध कश्मीर युवक हथीन के गांव पावसर आया था। उसने एक धर्मस्थल में शरण ली थी।     इस दौरान उसके संपर्क में स्थानीय युवक आए और धीरे-धीरे नूंह जिले के कुछ युवक भी उसके नेटवर्स में जुए गए।     बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति खुद को कश्मीरी बताता था और पावसर के अलावा मेवात के तावड़ू सहित अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहा।     आरोप है कि वह पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था और क्षेत्र में अपना नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था। कुछ समय बाद वहां से चला गया सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध युवक कुछ समय बाद यहां से चला गया, लेकिन अपने बनाए संपर्कों के जरिए सक्रिय बना रहा। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली सूचना के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पावसर के चार युवकों को हिरासत में लिया, जिन्हें आगे पूछताछ के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया। अबतक कुल आठ युवकों से पूछताछ की जा चुकी है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर संदिग्धों को एजेंसियों के हवाले किया है और आगे की जानकारी संबंधित एजेंसियां ही देगी। पहले भी सामने आ चुके हैं जासूसी के मामले पिछले वर्ष 28 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने आलीमेव निवासी तौफीक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय सूचनाएं पाकिस्तान दूतावास के एक अधिकारी तक पहुंचाने का आरोप था। उसने पाकिस्तानी की यात्रा भी की थी। इसके अलावा यूट्यूबर वसीम अकरम को भी कोट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर पाक दूतावास के कर्मचारी दानिश के संपर्क में था।