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रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: बिलासपुर मंडल में रद्द ट्रेनों की सेवा फिर शुरू

बिलासपुर. गर्मी के सीजन में रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी हेतु नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण पूर्व में निरस्त एवं आंशिक रूप से निरस्त की गई दर्जन भर यात्री ट्रेनों को बहाल किया गया है. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेनें फिर से अपने निर्धारित समय अनुसार चलाई जाएंगी. रिस्टोर की गई ट्रेनें गाड़ी संख्या 68737 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक के लिए रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68738 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68736 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68735 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68746 (रायपुर–गेवरारोड) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68745 (गेवरारोड–रायपुर) मेमू को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 58204 (रायपुर–कोरबा) पैसेंजर को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 58203 (कोरबा–रायपुर) पैसेंजर को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68734 (बिलासपुर–गेवरारोड) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68733 (गेवरारोड–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68732 (बिलासपुर–कोरबा) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68731 (कोरबा–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. शॉर्ट टर्मिनेटेड/ओरिजिनेटेड ट्रेन रिस्टोर गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया –झारसुगुड़ा मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार गोंदिया से झारसुगुड़ा तक चलेगी. गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार झारसुगुड़ा से गोंदिया तक चलेगी.

रायपुर: कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृत किए 708 करोड़

रायपुर : कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग द्वारा 708 करोड़ स्वीकृत कुल 90.5 किमी लंबाई के 15 फोरलेन सड़कों का होगा निर्माण फोरलेन सड़कों के विस्तार से सुरक्षित यातायात के साथ आर्थिक प्रगति का आधार भी मजबूत होगा – उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपए तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं।  विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपए, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपए, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपए तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपए, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपए, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपए एवं कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपए मंजूर किए हैं।  “राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।” – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री

RBI गवर्नर की चेतावनी: वेस्ट एशिया संकट से देश की अर्थव्यवस्था पर होगा बड़ा असर

नई दिल्‍ली वेस्‍ट एशिया संकट को लेकर आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने बड़ी चेतावनी दी है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मॉनेटरी पॉलिसी बैठक में कहा गया है कि आने वाले समय में महंगाई बढ़ने वाली है. साथ ही जीडीपी को लेकर भी चेतावनी दी है. हालांकि, आरबीआई ने राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।  मिडिल ईस्‍ट में आए संकट का असर भारतीय नागरिकों पर कम करने के लिए रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर अनचेंज रखा है. बढ़ती ग्रोथ के साथ महंगाई को कंट्रोल में रखने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया. इस बैठक में आरबीआई ने अपना रुख न्‍यूट्रल रखा है।  महंगाई को लेकर चेतावनी आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई अनुमान 4.6 फीसदी रखा है. वहीं वित्त वर्ष 2027 के लिए कोर महंगाई अनुमान 4.4 फीसदी किया है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए खुदरा महंगाई अनुमान बिना बदलाव के 4 फीसदी पर रखा है. वहीं,वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के लिए महंगाई अनुमान 4.2 फीसदी से बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया है. इसी तरह वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही के लिए महंगाई अनुमान 4.7 फीसदी से बढ़ाकर 5.2 फीसदी किया गया है।  जीडीपी ग्रोथ कम होने का अनुमान  आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.9 लगाया है, जो वित्त वर्ष 2026 के अनुमान 7.4 फीसदी से कम है.  वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में रीयल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.8 फीसदी रखा है, जो पहले 6.9 फीसदी था. वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में रीयल GDP अनुमान 6.9 रखा है।  आरबीआई गवर्नर ने क्‍या दी चेतावनी?  केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने अल नीनो की संभावित परिस्थितियों के उभरने की आशंका जताई है, जो भारत के महंगाई दर के लक्ष्‍यों के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं. साथ ही उन्‍होंने कहा कि तनाव के कारण एनर्जी कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी एक रिस्‍क के तौर पर उभरा है. हालांकि,  पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अब तक अपरिवर्तित रही हैं. खुदरा महंगाई फरवरी में बढ़कर 3.21 प्रतिशत हो गई, जो 11 महीनों में सबसे अधिक है. थोक कीमतें एक साल से अधिक समय में अपने उच्चतम स्तर 2.13 प्रतिशत पर पहुंच गईं। 

समय रैना का छलका दर्द, कश्मीरी पंडितों के पलायन और अपने संघर्षों को किया याद

कॉमेडियन समय रैना फिर से सुर्खियों में हैं. इंडियाज गॉट लेटेंट के बंद होने के बाद उन्होंने शो स्टिल अलाइव किया. यहां समय का दर्द छलका. उन्होंने बचपन से लेकर अभी तक के अपनों संघर्षों को याद किया. पुरानी कड़वी यादों का जिक्र करते हुए वो इमोशनल भी हुए. कश्मीरी पंडितों पर क्या बोले समय? समय ने बताया कि वो कश्मीरी पंडित हैं. कश्मीर में हुए नरसंहार के वक्त उनके पेरेंट्स ने घाटी छोड़कर अच्छा किया था. वो कहते हैं- मेरे मम्मी-पापा की शादी कश्मीर में हुई थी. वो शानदार लाइफ जी रहे थे. मेरे पापा उस वक्त मीडिया में थे, न्यूज रिपोर्टर थे. डीडी कश्मीर के लिए काम करते थे. वो अच्छा कमाते थे. फिर वहां पर मिलिटेंसी हुई. 1991 में वो अपना सब कुछ छोड़कर कश्मीर से दिल्ली आए. लेकिन यहां उन्हें अच्छा नहीं लगा. क्योंकि वो पूरा वक्त कश्मीर में रहे थे. 1996 में वो दोबारा कश्मीर गए. फिर 1997 में मेरा जन्म हुआ. 1998 में एक दिन हमारे घर पर गोली चली. रातोरात हम वहां से भागे. हम हैदराबाद रहने लगे. कॉमेडियन ने कहा– तभी लड़ो जब लड़ाई फेयर हो, वरना वहां से भागो. कश्मीरी पंडितों की ये बुद्धिमानी थी. हम कश्मीरी पंडित उस वक्त 5 प्रतिशत थे, अगर मेरे पेरेंट्स और बाकियों ने हथियार उठाया होता, तो सब मर गए होते. आज हमारी बहादुरी पर वीडियोज बनते. फिर अक्षय कुमार बनता कश्मीरी पंडित. वो बनाता- वो थे कश्मीर के वीर लोग. जिन्होंने अपना बलिदान दिया, लेकिन क्या होता उससे. लोगों की आंखों में लेजेंड बनते. कुछ नहीं होता मर गए होते सब. मुझे खुशी है कि कश्मीरी पंडितों ने तब घाटी छोड़ी. आज हम लोग जिंदा हैं और जहां भी हैं गर्दा उड़ा रहे हैं. अपने सर्वाइल को सबसे पहले देखना चाहिए. समय रैना ने इंडियाज गॉट लेटेंट कंट्रोवर्सी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने तो उस एपिसोड में कुछ भी नहीं कहा था. वो एक कोने में चुपचाप बैठे हुए थे. समय बोले- हम कश्मीरी क्रॉसफायर में ही मरते हैं… उनका ये डायलॉग सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगते हैं. समय ने कहा- हमें बस एक मजाक के लिए कठघरे में खड़ा किया गया. हर कोई गलती करता है.  

मल्लिकार्जुन खरगे का बयान: गुजरातियों पर टिप्पणी के बाद मांगी माफी, हमेशा रहेगा सम्मान

नई दिल्ली केरल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, लेकिन फिर भी वह खेद व्यक्त करते हैं। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ''हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा। वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था।'' दरअसल, पिछले दिनों केरल चुनाव के दौरान प्रचार करते हुए खरगे ने एक रैली को संबोधित किया था, जहां पर उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा था। हालांकि, इस दौरान उन्होंने गुजरात के लोगों का जिक्र किया, जिससे काफी विवाद हुआ। खरगे ने कहा था, "मोदी जी, आप गुजरात के अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।" खरगे की टिप्पणी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने व्यापक निंदा की थी और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के डीएनए में गुजरात विरोधी जहर बहता है और माफी की मांग की। खरगे की टिप्पणी की निंदा करने वाले भाजपा नेताओं में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल थे। गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि खरगे ने ना केवल गुजरात की जनता का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। पटेल ने कहा, ''ये टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने (खरगे ने) ना केवल 6.5 करोड़ गुजरातियों का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। इन टिप्पणियों से राज्य की जनता का अपमान हुआ है और उनकी गरिमा को भी ठेस पहुंची है।'' वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि खरगे की टिप्पणियों से 6.5 करोड़ गुजरातियों की भावनाएं आहत हुई हैं। संघवी ने कहा, ''राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी राज्य के सभी नागरिकों का अपमान करना और उनकी बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठाना ना केवल अशोभनीय है, बल्कि यह कांग्रेस की पूरी तरह से बीमार मानसिकता को भी उजागर करता है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां गुजरात के प्रति कांग्रेस के डीएनए में मौजूद "जहर" को दर्शाती हैं। संघवी ने कहा, ''अगर आप कांग्रेसियों द्वारा दिए गए बयानों के इतिहास पर थोड़ा ध्यान दें, तो आपको समझ आ जाएगा कि इन लोगों के डीएनए में, खासकर गुजरात और गुजरातियों के प्रति, किस तरह का जहर भरा हुआ है।''

बलौदाबाजार : वीबी-ज़ी राम जी अंतर्गत ग्राम पंचायतो में रोजगार दिवस का आयोजन

बलौदाबाजार : वीबी-ज़ी राम जी अंतर्गत ग्राम पंचायतो में रोजगार दिवस का आयोजन 4821 संचालित कार्यों में 32072 श्रमिक नियोजित बलौदाबाजार जिले मे विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) अंतर्गत रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। कुल 4821 कार्य संचालित है जिसमें 32072 श्रमिक नियोजित है।  सभी विकासखंड के ग्राम पंचायतों में पंजीकृत श्रमिको को रोजगार उपलब्ध कराते हुए कार्यक्षेत्र पर रोजगार दिवस का आयोजन किया गया साथ ही विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन अधिनियम 2025 के प्रावधानों, लाभों और क्रियान्वयन के तरीकों के बारे में बताया गया।नया कानून ग्रामीण रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है, जो मनरेगा की जगह लेगा और इसमें 100 दिन की बजाय 125 दिन का गारंटीड रोजगार प्रदान किया जाना शामिल है।  इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार की अधिक अवसर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण। योजना में कार्यो की पारदर्शिता एवं जवाबदेही के लिए डिजिटलाईजेशन एवं टेक्नालाजी का उपयोग करते हुए जल सरंक्षण, भूजल पूर्नभरण, वाटरशेड विकास, सिंचाई, वनीकरण, एवं जल स्रोतो के कार्यो को बढ़ावा देना है। विकसित भारत -जी राम जी अधिनियम 2025 में जल संरक्षण एवं जल संबंधित कार्यो को बढ़ावा मिलेगा।मूलभूत ग्रामीण अवसरंचना सुदृढ़ होगी। आजिविका के अवसर एवं अनुकुलन क्षमताओ का विकास होगा।मजदूरी रोजगार गारंटी तथा 07 दिवस में मजदूरी भुगतान की गारंटी।तय समय में काम नही मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान है। जिले के सभी जनपद पंचायतों के समस्त ग्राम पंचायतों में इस अधिनियम के अंतर्गत सभी कार्य अब ज़ीआईएस आधारित युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से योजना बनाकर क्रियान्वित किये जायेंगे जिससे विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण  के कार्यो को अधिक पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी तरीके से कराया जा सकेगा। सभी कार्यरत श्रमिको की उपस्थिति में QR कोड की जानकारी दी गई, जिसमें तीन वर्षो के महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत स्वीकृत कार्यो के साथ-साथ आय-व्यय की जानकारी प्राप्त किया जा सकता है।

फिर बदला मौसम का मिजाज, रांची समेत कई इलाकों में अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

रांची झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है. कल भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई और आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज हवा, बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है. कई जिलों में मौसम विभाग के द्वारा 8 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ गर्जन, वज्रपात हो सकती है. इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 9 अप्रैल के लिए पूर्वानुमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के द्वारा राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ वज्रपात और आंधी चलने की संभावना है. हवा की अधिकतम गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. सतर्क रहने की सलाह ओलावृष्टि के दौरान पेड़-पौधों, बागवानी और खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका रहती है. इसके साथ ही खुले स्थानों पर मौजूद लोग और मवेशी भी ओलों की चपेट में आकर घायल हो सकते हैं. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. ओलावृष्टि के समय खुद और जानवरों को छायादार और सुरक्षित जगह पर रखें. आंधी-तूफान के दौरान पेड़, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है. इसके साथ ही खुले स्थानों पर बिजली गिरने से लोगों और जानवरों के घायल होने का खतरा भी बना रहता है. इस दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित उपाय है, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और ट्रैवल करने से बचें. बाहर होने की स्थिति में किसी सुरक्षित स्थान पर आश्रय लें, लेकिन पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.

गौधाम विस्तार में तेजी, 5 प्रस्ताव स्वीकृत, 12 नए लंबित, 19 पर लिया गया अहम फैसला

जिले में गौधाम विस्तार को मिली रफ्तार : 5 स्वीकृत, 12 नए प्रस्ताव लंबित, 19 प्रस्तावों पर हुआ अहम निर्णय बिलासपुर जिला स्तरीय गौधाम समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में गौसंरक्षण और गौधाम संचालन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्वीकृत गौधामों के संचालन, नए प्रस्तावों की स्थिति और अपूर्ण आवेदनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ठोस निर्णय लिए गए।  जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक जिला अध्यक्ष श्री धीरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, सदस्य श्री रमाकांत पांडे, श्री इतवारी धीवर, श्री रामकृष्ण साहू, डॉ. जी.एस. तंवर सचिव एवं संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं तथा डॉ. बी.पी. सोनी जिला नोडल अधिकारी, गौधाम योजना सहित विकासखंड स्तरीय समिति के पदाधिकारी और स्वीकृत गौधामों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 39 गौधामों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 गौधाम राज्य शासन द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 4 गौधाम वर्तमान में संचालित हैं, जबकि कनई खोंधरा का गौधाम शुरू होना शेष है। इसके अलावा 12 नए गौधामों के प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जिनमें रहंगी, पराघाट, निरतू, नेवरा, छतौना, मौपका, लावर, किरारी भरनी, घुटकू, खजुरी नवागांव एवं काठाकोनी शामिल हैं।       बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। केवल विकासखंड कोटा के 3 प्रस्ताव पूर्ण होने पर उन्हें स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया गया। इनमें लालपुर गौधाम (गिरजा बंद गौ सेवा समिति), कुरुवार गौधाम (ग्राम पंचायत कुरुवार) एवं खैरा गौधाम (ग्राम पंचायत खैरा) शामिल हैं। वहीं, ग्राम जाली की गोरी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालन में असहमति जताने तथा खैरा के भवानी महिला स्व सहायता समूह एवं श्री कृष्णा गौधाम सेवा समिति के प्रस्ताव अपूर्ण होने के कारण संबंधित प्रस्ताव निरस्त किए गए। लालपुर कोटा में भी दो आवेदनों में से गिरजा बंद गौ सेवा समिति के प्रस्ताव को पूर्ण पाए जाने पर अनुशंसित किया गया, जबकि बैगा बाबा आश्रम का आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया।       बैठक में सुरभि गौधाम कनई खोंधरा एवं हरदी कला टोना में पशु शेड पूर्ण होने और संचालकों द्वारा संचालन की सहमति देने पर उनके संचालन को अनुमोदित किया गया।इसके अतिरिक्त लाखासर गौधाम में 201, ओकर में 86 तथा जैतपुर में 54 गायों के संरक्षण की जानकारी देते हुए इन स्थानों पर सेक्स सॉर्टेड सीमन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। बैठक में गौधामों के सुव्यवस्थित संचालन और गौवंश संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

ऊर्जा मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा

पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें: ऊर्जा मंत्री  जबलपुर प्रदेश के ऊर्जा प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आज विभागीय योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पाँचों बिजली कम्पनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें। उन्होंने कहा कि हर हाल में अगले महीने तक भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी हो जाना चाहिए। 132 केवी के स्वीकृत सभी सबस्टेशन का कार्य जल्द पूरे किए जाएं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बुधवार को भोपल में मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।  ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मेंटेनेंस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किए गए कार्यों के बाद भी बिजली की ट्रिपिंग क्यो हो रही है। इसका स्थाई निदान दूंढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में एक फीडर लेकर उसमें सभी संभावित उपाय कर यह सुनिश्चित करें कि उसमें कोई ट्रिपिंग नहीं हों। इस प्रयोग के सफल होने पर अन्य फीडरों में भी इसे लागू किया जाए। प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली का बिल समय पर नहीं पहुँचने और जब बिल में बढ़ोत्तरी की स्थि‍ति हो जाए उस समय कार्रवाई करना उचित नहीं है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्तों के विरूद्ध पहले या दूसरे महीनें में ही कार्रवाई करें। इससे वह बिल का भुगतान कर सकेगा।  अच्छा परफार्मेंस नहीं देने वाले सीई और एसई के खिलाफ करें कार्रवाई-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जो सीई और एसई अच्छा परफार्मेंस नहीं दे रहे है, उनके विरूद्ध कार्रवाई करें। मेंटेनेंस कार्यों के सतत् मॉनिटरिंग इनके माध्यम से करवाएं। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी और वर्षा के सीजन देखते हुए पावर ट्रांसफार्मर की ओवरलोडिंग कम करने की कार्ययोजना बनाएं। सोलर रूफटॉप लगाने में आ रहीं कठिनाईयों को दूर करें। जो वेंडर ठीक से काम नहीं कर रहे है, उन्हें ब्लेकलिस्ट करें। लोकसेवा गारंटी के अंतर्गत आने वाले कार्यों को समय-सीमा में कराना सुनिश्चित करें।  गलत एवं फाल्स बिलिंग को सुधारने बनायें कार्ययोजना-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि गलत एवं फाल्स बिल की गहन जांच हो। साथ ही इनका निराकरण समय-सीमा में होना चाहिए। इसके लिए जरूरी हो तो अधिकारों का विकेन्द्रीकरण भी करें। वितरण केन्द्र एवं संभाग स्तर पर जनसुनवाई शिविर लगाएं जाएं। वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष को वसूली और उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष के रूप में मनाएं। इसके लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। अच्छा कार्य करने वाले अभ‍ियंताओं को सम्मानित करें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी ऐसे अभ‍ियंताओं को सम्मानित करेंगे। वसूली के कार्यों में स्टॉफ की कमी हो तो सेवानिवृत्त अभ‍ियंताओं व कार्मिकों की सेवाएं भी लेने का प्रस्ताव बनाएं। बिजली कंपनियों के भवनों में विज्ञापन के लिये स्पेस देकर आय बढ़ाने के प्रयास करें। समाधान योजना में लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें। बड़े बकाएदारों से पहले वसूली करें।   सिंहस्थ के कार्य प्राथमिकता से करें-    सिंहस्थ से संबंधित सभी कार्य तय समय-सीमा में करें। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। इन कार्यों की सतत् समीक्षा करें। सिंहस्थ संबंधित ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री श्री तोमर ने ट्रांसमिशन कम्पनी के कार्मिकों को इनसेंटिव देने की बात भी कही। ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश भी दिए। ऊर्जा मंत्री ने पावर जनरेटिंग कम्पनी की नई इकाईयों की स्थापना की प्रगति और नई सोलर एवं पम्प स्टोरेज इकाईयों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अजय गुप्ता, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ऋषि गर्ग, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह, एमडी पावर ट्रांसमिशन कंपनी सुनील तिवारी और एमडी मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी मनजीत सिंह ने कम्पनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

आंखों का फड़कना महज अंधविश्वास नहीं, शरीर में छिपी इन 5 कमियों का हो सकता है संकेत

आंखों के फड़कने को ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई मामलों में यह शरीर का संकेत हो सकता है कि आपको थोड़ा आराम करना चाहिए या शरीर के इशारे को समझना चाहिए। आंखों का फड़कना आमतौर पर हानिकारक नहीं होता, लेकिन बार-बार या अधिक समय तक ऐसा होना शरीर में किसी असंतुलन का संकेत हो सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि शरीर आपको क्या संकेत दे रहा है। अगर आंखों का फड़कना कई दिनों या हफ्तों तक बना रहे, आंखों में लालिमा, सूजन या दर्द हो, आंखें बार-बार अपने आप बंद हो जाएं या चेहरे के अन्य हिस्सों में हलचल महसूस हो, तो गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत अपनी जांच कराएं। आंख फड़कने के कारण आमतौर पर लाइफस्टाइल से जुड़ी इन गलत आदतों के कारण आंख फड़कती है-     नींद की कमी- पर्याप्त आराम न मिलने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे वे फड़कने लगती हैं।     तनाव- स्ट्रेस लेवल बढ़ने पर शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसका असर मांसपेशियों पर पड़ता है। इसमें आंखों का फड़कना भी शामिल है।     ज्यादा स्क्रीन टाइम- फोन और लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने से आंखें थक जाती हैं और फड़कने लगती हैं।     चाय-कॉफी या शराब का अधिक सेवन- कैफीन या शराब के ज्यादा सेवन से नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे मांसपेशियों की गति प्रभावित हो सकती है और आंख फड़कने की समस्या शुरू हो जाती है।     पोषण की कमी- हेल्दी डाइट न लेने से भी आंखें फड़कने की समस्या हो सकती है। मैग्नीशियम, विटामिन बी12 और पोटेशियम की कमी से आंखें फड़कने की तकलीफ हो सकती है। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, मेवे और डेयरी प्रोडक्ट शामिल करें। आंख फड़कने के गंभीर संकेत आंख फड़कना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार ऐसा गंभीर समस्या के कारण भी हो सकता है। यदि आंखों का फड़कना चेहरे के अन्य हिस्सों में फैल जाए या आंख अपने आप बंद होने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। कई बार आंखों के फड़कने की वजह निम्नलिखित रोग भी हो सकते हैं-     ब्लेफेरोस्पाज्म     पार्किंसंस     मल्टीपल स्केलेरोसिस     फेशियल नर्व डिसऑर्डर शरीर के इन संकेतों नजरअंदाज न करें शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। मन और शरीर आपस में गहरा संबंध है। अगर मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं तो इसके लक्षण शरीर पर भी नजर आते हैं। काम या निजी जीवन का तनाव, लगातार चिंता या गहरी सोच, पर्याप्त आराम न मिलने से होने वाली मानसिक थकान, ये सभी समस्याएं सूक्ष्म रूप से शरीर को प्रभावित कर सकती हैं, जिसके कारण आंखों का फड़कना शुरू हो सकता है। शरीर के इन संकेतों नजरअंदाज नहीं करना चाहिए-     आंखों में ड्राइनेस- लंबे समय तक स्क्रीन के इस्तेमाल से आंखों में ड्राईनेस की समस्या हो सकती है।     आखों में एलर्जी या जलन- धूल और प्रदूषण के कारण आखों में एलर्जी या जलन हो सकती है।     थकान- शरीर पर ज्यादा जोर डालने से मांसपेशियों के फड़कने की समस्या हो सकती है। आंखों का फड़कना बहुत ज्यादा थकान का संकेत हो सकता है। आंखों का फड़कना कैसे रोकें आंखों का फड़कना रोकने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं-     7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें     स्क्रीन टाइम से ब्रेक लें     कैफीन और शराब से परहेज करें     मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें     हेल्दी डाइट लें आंख फड़कने के संकेत समझें आंखों की मांसपेशियां बेहद संवेदनशील होती हैं। ये मामूली परेशानी से भी फड़कने लगती हैं। आंखों का फड़कना भले ही मामूली लगे, लेकिन कई बार ये शरीर की शुरुआती चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। इस पर ध्यान देने से बड़ी समस्याओं को बढ़ने से पहले ठीक किया जा सकता है। पर्याप्त नींद, हेल्दी डाइट, मेडिटेशन, चाय-कॉफी और शराब से दूरी और स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करके आंखों के फड़कने की समस्या को रोका जा सकता है।