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रामपुर का शानदार प्रदर्शन: IGRS रिपोर्ट में टॉप, योगी आदित्यनाथ के विकास मॉडल को मिली रफ्तार

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों को साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 139 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि हाथरस और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा तो शाहजहांपुर और पीलीभीत ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  जनशिकायतों के निस्तारण के साथ 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह की जाती है समीक्षा आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 139 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 99.29 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई और आईजीआरएस की शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले चार माह में जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में सुधार हुआ है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य कार्य किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं, विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतोषजनक फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में हाथरस पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। हाथरस ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसी तरह बाराबंकी ने भी 137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।  टॉप टेन में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने बनाई जगह शाहजहांपुर और पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं सोनभद्र, कन्नौज, अंबेडकरनगर और हापुड़ ने बराबर-बराबर 135 अंक प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा बरेली, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी ने 134 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं टॉप टेन जिलों में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने जगह बनाई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में सेना के युद्ध स्मारक पर लेज़र, लाइट और साउंड शो का किया उद्घाटन

लखनऊ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ छावनी स्थित सेना के मध्य कमान के स्मृतिका युद्ध स्मारक में एक अत्याधुनिक लेज़र, लाइट और साउंड शो का उद्घाटन किया। लगभग 30 मिनट का यह हिंदी मल्टीमीडिया शो, उन्नत प्रोजेक्शन, साउंड और लाइटिंग तकनीकों के माध्यम से भारतीय सेना के इतिहास, उसकी ऑपरेशनल उपलब्धियों और राष्ट्र-निर्माण में उसके योगदान को बयां करता है। यह शो भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और विरासत को समर्पित एक श्रद्धांजलि है। इसकी कहानी में भारत के प्रमुख युद्धों और ऑपरेशन्स, सेंट्रल कमांड की ऐतिहासिक भूमिका, अवध क्षेत्र की वीरता और 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना के अनुरूप समकालीन सैन्य आधुनिकीकरण को शामिल किया गया है। यह शो प्रतिदिन शाम के समय स्मृतिका युद्ध स्मारक में आयोजित किया जाएगा और जल्द ही इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा। इस मल्टीमीडिया प्रस्तुति में भारत के प्रमुख युद्धों का एक समग्र अवलोकन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विशेष रूप से 1947-48, 1962, 1965 और 1971 के संघर्षों के प्रमुख ऑपरेशनल पहलुओं के साथ-साथ 'ऑपरेशन मेघदूत' और 'ऑपरेशन विजय' के दौरान दिए गए विशिष्ट योगदानों को रेखांकित किया गया है। भारतीय सशस्त्र बलों के विभिन्न ऑपरेशन्स में मध्य कमान द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को इसमें प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें अवध क्षेत्र के 'परमवीर चक्र' विजेताओं की असाधारण वीरता को भी उजागर किया गया है, जिसे अवध की गहरी सैन्य परंपराओं और राष्ट्र की रक्षा में उसके विशिष्ट योगदान के संक्षिप्त विवरण के साथ खूबसूरती से पिरोया गया है। इस शो की विषय-वस्तु में उभरते खतरों और युद्ध की बदलती गतिशीलता के जवाब में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे निरंतर आधुनिकीकरण और रूपांतरण को भी शामिल किया गया है। इसमें भारतीय रक्षा उद्योग की हालिया प्रगति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका पहला उपयोग 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान प्रदर्शित किया गया था। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के एक ऐसे केंद्र के रूप में उभरने को भी दर्शाया गया है जो 'आत्मनिर्भरता' की पहलों का मुख्य केंद्र बन रहा है; राज्य का आगामी 'रक्षा गलियारा' (Defence Corridor) इसी का एक जीवंत उदाहरण है। आगामी लेज़र, लाइट और साउंड शो के आयोजन और प्रदर्शन को सुगम बनाने के उद्देश्य से, स्मृतिका युद्ध स्मारक परिसर में भी व्यापक स्तर पर उन्नयन (अपग्रेडेशन) का कार्य किया जा रहा है। शो के लिए अत्याधुनिक प्रोजेक्टर और स्पीकर लगाने के अलावा, नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और युद्ध में जीती गई चीज़ों (वॉर ट्रॉफ़ी) को दिखाने वाले भित्ति चित्र (म्यूरल) भी लगाए गए हैं, और साथ ही एक आधुनिक एम्फीथिएटर भी बनाया गया है। इसके अलावा, तीन खास म्यूरल दीवारें भी बनाई जा रही हैं, जो एक तरफ तो सैन्य इतिहास को प्रमुखता से दिखाएंगी, और दूसरी तरफ लेज़र, लाइट और साउंड शो के लिए एक जीवंत मंच का काम करेंगी। इस पहल को सेना के मध्य कमान के मुख्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के साथ मिलकर पूरा किया है। लखनऊ कैंटोनमेंट में स्थित 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' (Smritika War Memorial), 1994 से ही भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों की बहादुरी, बलिदान और अदम्य साहस को समर्पित एक अमर श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। मुख्यालय मध्य कमान के संरक्षण में स्थापित यह स्मारक, राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने, हमारी सैन्य विरासत को सहेजने और आम लोगों खासकर युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने में एक अहम भूमिका निभाता है। मुख्यालय मध्य कमान द्वारा इस स्थल पर आयोजित किए जाने वाले औपचारिक कार्यक्रम, उन वीर सैनिकों के शौर्यपूर्ण कार्यों को याद करते हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (GOC-in-C) मध्य कमान लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, मुख्यालय मध्य कमान के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय सेना और राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे। स्मृतिका युद्ध स्मारक में रोज़ाना होने वाला लेज़र, लाइट और साउंड शो, इस स्मारक के गौरव को बढ़ाने के साथ-साथ, राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने और सैन्य विरासत को एक दिलचस्प और प्रभावशाली तरीके से आधुनिक संदर्भ में सहेजने का एक शक्तिशाली माध्यम भी बनेगा। यह पहल, भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को एक बड़े जनसमूह के सामने जीवंत रूप से प्रस्तुत करके, सेना और आम नागरिकों के बीच के महत्वपूर्ण जुड़ाव को और भी मज़बूत करेगी। यह स्मारक देश के लिए शहीद हुए वीरों को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी, और 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' को हमारी साझा सैन्य विरासत के एक राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में और भी ऊँचा दर्जा प्रदान करेगी। भारत की सैन्य विजयों का एक जीवंत और भावपूर्ण चित्रण प्रस्तुत करके, यह स्मारक हमारे बहादुर योद्धाओं के बलिदान को लगातार सम्मानित करता रहेगा, और साथ ही आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित और प्रेरित भी करेगा।

योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश, बिजली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए UPPCL की राज्यभर में कार्रवाई

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा।  हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा।  स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण  मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें।  गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने  कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।

रूस-ईरान बातचीत में मध्य पूर्व शांति प्रयासों पर जोर, तनाव कम करने की अपील

 नई दिल्ली पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मिडिल ईस्ट में शांति प्रयासों के विफल होने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने इस्लामाबाद में विफल ईरान-अमेरिका वार्ता पर चर्चा की। इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के अनुसार, पुतिन ने कहा कि रूस मध्य पूर्व में स्थायी समाधान के लिए अपनी सुविधा प्रदान करने के प्रयासों को जारी रखने को तैयार है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अभी कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है। पुतिन ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और राजनीतिक समाधान पर जोर दिया। सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से संघर्ष को सुलझाने का आह्वान किया था। पुतिन ने पहले भी जारी हिंसा और इसके व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों पर चिंता व्यक्त की है, और स्थिति को शांत करने के व्यापक प्रयासों के तहत खाड़ी देशों सहित कई पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखा है। रूस ने यूक्रेन पर लगाया युद्धविराम तोड़ने का आरोप मास्को ने रविवार को यूक्रेन पर क्रेमलिन द्वारा घोषित 32 घंटे के आर्थोडाक्स ईस्टर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। यूक्रेन ने रूसी सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि युद्धविराम के शुरुआती 16 घंटों के दौरान यूक्रेनी सेना द्वारा लगभग दो हजार बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया। मंत्रालय ने कहा, ''ईस्टर युद्धविराम घोषित होने के बावजूद यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने पोक्रोव्स्कोये क्षेत्र से रूसी सैनिकों के ठिकानों पर तीन बार हमला किया।'' गाई और डेनेप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के ओत्रादनोये बस्तियों को दो बार निशाना बनाया गया। सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया। रक्षा मंत्रालय के रविवार के बयान में कहा गया, ''11 अप्रैल को शाम 4:00 बजे (मास्को समय) से 12 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे (मास्को समय) के बीच यूक्रेनी सशस्त्र बलों द्वारा कुल 1,971 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया।'' रूसी सेना ने सुमी क्षेत्र में कोंड्राटोव्का और नोवाया सेच के पास, साथ ही डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक में कालेनिकी के पास स्थित ठिकानों की ओर बढ़ने के यूक्रेन के चार प्रयासों को भी विफल कर दिया। वहीं, यूक्रेन ने रविवार को कहा कि रूसी सेना ने शनिवार शाम से अबतक युद्धविराम का 2,299 बार उल्लंघन किया है। हिजबुल्लाह ने इजरायली सेना पर हमलों का किया दावा लेबनान स्थित हिजबुल्लाह संगठन ने इजरायली सेना पर दो अलग-अलग हमलों का दावा किया है। पहले हमले में हिजबुल्लाह ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के तायबेह शहर में इजरायली सैन्य वाहन को निशाना बनाया। संगठन के बयान के अनुसार, इस वाहन में कमांड टीम सवार थी और ड्रोन हमले में इसे लक्षित किया गया। दूसरे हमले में हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के किर्यात शमोना बैरक पर कई ड्रोन दागे। संगठन ने दावा किया कि ये हमले इजरायली उल्लंघनों के जवाब में किए गए हैं।

जयंती पर डॉ. आंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे सीएम योगी : डॉ. निर्मल

लखनऊ.  डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि आंबेडकर जयंती पर महासभा परिसर में 14 अप्रैल को अपराह्न 2 बजे से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में बाबा साहब आंबेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इसके पूर्व बौद्ध भिक्षुओं द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि अर्पित कर बुद्ध वंदना की जाएगी।  डॉ. निर्मल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहब को सम्मान देने के लिए उनकी प्रतिमा पर छतरी , बाउंड्री वॉल तथा सौंदर्यीकरण का जो निर्णय लिया है, वह स्वागत योग्य है। उनके इस निर्णय से पूरे प्रदेश के दलित एवं आंबेडकर अनुयायी गदगद हैं। इस निर्णय को अभूतपूर्व बताते हुए डॉ. निर्मल ने कहा कि 14 अप्रेल को पूरा प्रदेश आंबेडकरमय होगा । डॉ. निर्मल ने कहाकि इस कार्यक्रम में दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक सहित अन्य मंत्रीगण तथा गण्यमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

CG Weather Alert: 14 अप्रैल के बाद चिलचिलाती गर्मी और लू का असर, तापमान में उछाल तय

रायपुर. छत्तीसगढ़ में तापमान चढ़ने लगा है. अब प्रचंड गर्मी का दौर शुरू होने वाला है. पिछले चौबीस घंटे में राजधानी का पारा एक डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है. आने वाले दिनों में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने से पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के अनुमान हैं. मौसम विभाग ने 14 अप्रैल के बाद प्रदेश के कई क्षेत्रों में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना जताई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि गर्मी का ज्यादा प्रभाव रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर जैसे संभागों में रह सकता है। आसमान खुलने के बाद अब धूप तेज लगने लगी है भले ही प्रदेश का टेंफ्रेंचर सामान्य से कम दर्ज किया जा रहा है मगर इसमें बढ़ोतरी हो रही है. रायपुर का अधिकतम तापमान 37 से बढ़कर 38 डिग्री तक पहुंच गया. पिछले 24 घंटों में प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा.  प्रदेश में  सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.4 °C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.0°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया। इस दौरान कहीं भी बारिश की गतिविधि नहीं हुई. सिनोप्टिक सिस्टम फिलहाल, दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा, आंतरिक कर्नाटक और आंतरिक तमिलनाडु तक फैले क्षेत्र के ऊपर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक गर्त के रूप में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

टाइम्स सम्मान-2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ‘टाइम्स सम्मान-2026’ कार्यक्रम में शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में सीएम योगी ने इसे भारत के वीरों व वीरांगनाओं के प्रति सम्मान का समारोह बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर सैनिक की सांस में भारत है, जो राष्ट्र को जीवन देता है। उसकी शान में भारत है, जो तिरंगे को गर्व से लहराने की शक्ति देता है। उसकी हर पहचान में भारत है, जो चुनौतीपूर्ण मुकाबला करते हुए दुनिया को ताकत का अहसास कराता है। वीर माताओं व वीर परिवारों के सदस्यों का त्याग शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। सीमा पर एक सैनिक लड़ता है, लेकिन हम उन परिस्थितियों की कल्पना करें, जब उनका परिवार प्रतिदिन चुनौतियों से लड़ता हुआ दिखाई देता है। आज का सम्मान उन आंसुओं का सम्मान है, जो कभी मंच तक नहीं पहुंच पाते। जहां जीवन ठहर जाता है, वहां भी अडिग रहता है सैनिक सीएम योगी ने कहा कि वीरों का साहस-स्वाभिमान पूरे भारत को नया जीवन देता है। वीरों के दृढ़ साहस की दीवार भारत को सुरक्षा देती है, उनका विश्वास 145 करोड़ भारतीयों के मन में नया साहस भरता है। जब सैनिक सीमा पर अडिग होकर देश की सुरक्षा करता है, तब 145 करोड़ का भारत निश्चिंत भाव के साथ चैन की नींद सोता है। सियाचिन की जमा देने वाली ठंड हो या रेगिस्तान की तपती हुई रेत, घने जंगलों का अंधकार हो या समुद्र व आकाश की अनंत चुनौतियां। जहां जीवन ठहर जाता है, वहां भी सैनिक इन झंझावतों की परवाह किए बिना राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का मजबूती से निर्वहन करता है।  रक्षा मंत्री के नेतृत्व में ताकत का अहसास करा रही भारतीय सेना  सीएम योगी ने कहा कि रक्षा मंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना अत्याधुनिक, सशक्त व आत्मनिर्भर सेना के रूप में दुनिया के समक्ष अपनी ताकत का अहसास करा रही है। आज भारत केवल अपनी सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि मित्र राष्ट्रों के लिए भी सुविधा उपलब्ध कराने में आगे दिखाई देता है। जब भी सेना से जुड़े मुद्दों की चर्चा होती है तो मैं कहता हूं कि अन्य मुद्दों पर बहस करो, देश की सुरक्षा के मुद्दे पर बहस व वाद-विवाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि देश सुरक्षित है तो हम सब सुरक्षित हैं।  सबके मन में होना चाहिए सेना व सैनिक के प्रति सम्मान सीएम योगी ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि सेना व सैनिक के प्रति सर्वोच्च सम्मान का भाव हर किसी के मन में सदैव बना रहना चाहिए। हम सभी हमेशा उन सैनिकों, वीर नारियों के साथ खड़े हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी देश को संबल दिया है। शासन के सामने जो भी प्रस्ताव आते हैं, वह केवल योजना भर नहीं हैं, बल्कि वह प्रत्येक सैनिक के लिए आश्वस्ति है कि समाज हमेशा आपके साथ खड़ा है और सरकार हर विपरीत परिस्थिति में भी सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।  जब ब्रह्मोस ने किया हमला तो बड़ी ताकतें भी कांपती दिखीं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन व रक्षा मंत्री के नेतृत्व में यूपी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। यहां डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के छह नोड हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। ऑपरेशन सिंदूर में जब दुश्मन के ठिकानों पर ब्रह्मोस ने सबसे पहला हमला किया तो दुनिया की बड़ी ताकतें भी कांपती दिख रही थीं। ब्रह्मोस दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराती है। रक्षा मंत्री जी ने चित्रकूट नोड के लिए भी बीईएल कंपनी को भेजा है, उन्होंने 75 हेक्टेयर जमीन ले ली है। हमने उन्हें कागज भी उपलब्ध करा दिया है। विश्वास है कि बहुत जल्द उस यूनिट को प्रारंभ करने के लिए रक्षा मंत्री जी का कार्यक्रम मिलेगा। झांसी में बीडीएल अपने कार्यों को तेजी से बढ़ा चुका है। सभी छह नोड जिस मजबूती के साथ बढ़े हैं, वह रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ा रहे हैं।  आत्मनिर्भरता हमारी सक्षमता का भी प्रतीक  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में कुछ नए कार्यक्रम भी आगे बढ़ाए हैं। नोएडा व कानपुर में ड्रोन टेक्नोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए गए हैं। आईआईटी कानपुर व नोएडा सेंटर भारत की सेनाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाकर रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप ड्रोन का निर्माण व नए इनोवेशन करते हुए मजबूती से कार्य कर रहे हैं। मैं और रक्षा मंत्री जी गौतमबुद्ध नगर में ड्रोन निर्माण इकाई में एयरक्रॉफ्ट इंजन एंड डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी के उद्घाटन कार्यक्रम में साथ गए थे। पहले हम दूसरे राष्ट्रों पर निर्भर रहते थे। दुश्मन हमारे डेटा का इस्तेमाल कर हमें कमजोर बनाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हमारी आत्मनिर्भरता हमारी सक्षमता का भी प्रतीक है। यूपी इस दिशा में अब प्रयास कर रहा है। युद्ध स्मारक देखकर युवाओं की नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रक्षा मंत्री के कर-कमलों से जिस युद्ध स्मारक का लोकार्पण हो रहा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का तीर्थ होगा, जब-जब युवा यहां आएंगे तो उनकी नसों में देशभक्ति दौड़ उठेगी। यह आयोजन राष्ट्र के प्रति हम सभी के कर्तव्यभाव को प्रेरित करने वाला है। जब कोई मीडिया ग्रुप इसके साथ जुड़ता है तो वह समाज को बदलने का कार्य करेगा।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सेंट्रल कमांड के कमांडर लेफ्टिनेट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत टाइम्स ऑफ इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजय अय्यर ने किया।

‘जिसे कोई नहीं जानता होगा वही बनेगा CM’, पप्पू यादव के बयान से बढ़ी चर्चा

पटना बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह सवाल बिहार की सियासत का सबसे अहम प्रश्न बन गया है। पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने जो दावा किया है उसके अनुसार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी सीएम नहीं बन पाएंगे। बिहार का सीएम वही बनेगा जिसे कोई नहीं जानता हो। उन्हेंने कहा है कि जदयू को निशांत कुमार को सीएम बना देना चाहिए क्योंकि बिहार को एक विनम्र शासक की जरूरत है। पप्पू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार को अभी बिहार नहीं छोड़ना चाहिए। बेगूसराय में पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में अनुकंपा पर ही सीएम बनना है। जिसे कोई नहीं जानता हो उसे ही बीजेपी मुख्यमंत्री बना देगी। जिसका भी नाम आ गया हो उसे भाजपा मौका नहीं देती है। कोई ऐसा व्यक्ति सीएम बनेगा जिसे कोई नहीं जानता होगा। बिहार में मुख्यमंत्री दिल्ली से बनाया जाएगा। पत्रकारों के सवाल के जवाब में यह भी कहा कि नीतीश कुमार को अभी बिहार नहीं छोड़ना चाहिए था। एनडीए को 25 से 30 फिर से नीतीश के नाम पर बहुमत जनता ने दिया। पप्पू यादव ने यह भी कहा कि बिहार में अनुकंपा पर सीएम बनाया जाएगा। किसी मजबूत आदमी को भाजपा सीएम नहीं बनाएगी। लेकिन, सीएम जनता दल यू से बनाया जाना चाहिए। नीतीश कुमार नहीं रहते हैं तो निशांत को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। बिहार को एक विनम्र व्यक्ति की जरूरत है। निशांत कुमार हिन्दू, मुलमान, जात पात नहीं करेंगे। वे पढ़े लिखे, विनम्र और सरल व समझदार व्यक्ति हैं। सीएम के रूप में वह बिहार को बेहतर नेतृत्व देंगे। कहा कि बीजेपी से मुख्यमंत्री बनते हैं तो दल्ली के आदेश पर बिहार में किसी को सीएम की कुर्सी पर चढ़ा दिया जाएगा। पप्पू यादव पहले भी निशांत कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाए जाने की वकालत कर चुके हैं। नई सरकार और सीएम पद से लिए बिहार में कई दिनों से हलचल है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार 14 अप्रैल को सीएम पद से त्याग पत्र दे देंगे। उससे पहले कैबिनेट की बैठक होगी। 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है। नए सीएम के साथ कुछ मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। राज्य में बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है। कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। राज्य में पहली बार बीजेपी के मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। अभी तक सीएम चेहरा तय नहीं किया गया है।

खादी केवल वस्त्र नहीं राष्ट्रीय गौरव, आत्म निर्भरता और सतत प्रगति का प्रतीक : राज्य मंत्री जायसवाल

भोपाल.  कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में “नए भारत” के निर्माण के आह्वान के साथ, खादी केवल वस्त्र न रहकर राष्ट्रीय गौरव, आत्मनिर्भरता और सतत प्रगति का प्रतीक बन गई है। प्रधानमंत्री ने पूज्य बापू की विरासत खादी को “नए भारत की नई खादी” के रूप में परिभाषित किया है, जिससे “खादी पुनर्जागरण” का सूत्रपात हुआ और पूरे देश में खादी–ग्रामोद्योग को एक नए जागरण की दिशा मिली। राज्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की “आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल, स्टार्ट-अप इंडिया” जैसी पहल तथा उनका मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” ने खादी एवं ग्रामोद्योग को नई वैश्विक पहचान दिलाई है। उनका दृष्टिकोण “लोकल से ग्लोबल” कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है, जिससे उनकी रचनात्मकता और कारीगरी को उचित सम्मान और बाज़ार उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दृष्टिकोण भी अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने आत्म निर्भर मध्यप्रदेश, युवाओं का सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक गौरव को शासन की प्राथमिकताओं में रखा है। उनके गतिशील नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग राज्य की प्रगति का सशक्त स्तंभ बन रहे हैं, जो रोजगार सृजन और परंपरागत कारीगरी को आधुनिक नवाचार के साथ पुनर्जीवित कर रहे हैं। मानव जीवन में सबसे बड़ा सुख अपने मनपसंद क्षेत्र में कार्य करने का अवसर प्राप्त होना है। खादी एवं ग्रामोद्योग भारतीय स्वदेशी नैतिकता और स्वदेशी चिंतन से जुड़े हुए हैं। राज्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग आत्म निर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज के समय में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म विचारों के आदान-प्रदान और संवाद के सबसे सशक्त साधन बन चुके हैं। मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, जिसकी स्थापना 1960 में हुई थी, पूज्य बापू के “ग्राम स्वराज” के स्वप्न को साकार करने के लिए निरंतर कार्यरत है। हमारे प्रयासों से असंख्य युवाओं, कारीगरों और उद्यमियों को “अपना हाथ –अपना साथ” के मार्गदर्शन में सशक्त बनाया जा रहा है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का पोर्टल बोर्ड की विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों एवं अवसरों की जानकारी प्राप्त करने में उपयोगी सिद्ध हो रहा है और कारीगरों, उद्यमियों एवं समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहा है।

ब्यौहारी स्टेशन पर ट्रेन की बोगी में आग, शहडोल में अफरा-तफरी; टला बड़ा हादसा

शहडोल. जिले के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास साइडिंग में खड़ी रेलवे ट्रैक मशीन की बोगी में लगी आग से यहां हड़कंप मच गया। हालांकि राहत टीम की तत्परता से स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। क्या है मामला जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर चार कोच वाली वर्कशॉप कम रेस्ट फॉर ट्रैक मशीन खड़ी थी। इसी दौरान इनमें से एक कोच, जिसका नंबर ईसीओ 994129 बताया जा रहा है, उसमें अचानक अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। यह अच्छा रहा कि घटना के समय बोगी के अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और उसे फैलने से रोक लिया। यदि समय पर आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो पास खड़ी अन्य बोगियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया थाना प्रभारी जिया उल हक भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं ब्यौहारी आरपीएफ चौकी प्रभारी गिरीश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना के समय ट्रैक स्टाफ कार्य के लिए बाहर गया हुआ था। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। रेलवे अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है।