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यमुना हादसे में दो और शव मिले, सर्च ऑपरेशन जारी

 मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में 10 अप्रैल को हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। सोमवार को एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। पंजाब के यश भल्ला के रूप में हुई पहचान बरामद किए गए शव की पहचान पंजाब निवासी यश भल्ला उर्फ युवराज और महिला मोनिका के रूप में हुई है। वह उन 16 लोगों में शामिल थे, जो नाव पलटने के बाद यमुना के तेज बहाव में लापता हो गए थे।प्रशासन के अनुसार, यश भल्ला का शव केशीघाट के पास देवराह बाबा घाट के किनारे झाड़ियों में फंसा हुआ मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में था। अब तक 15 शव बरामद, एक की तलाश जारी सोमवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक दो शव बरामद किए गए हैं, जिनमें एक महिला मोनिका और दूसरा यश भल्ला का शव शामिल है। इस हादसे में कुल 16 लोग लापता हुए थे, जिनमें से अब तक 15 के शव मिल चुके हैं। हालांकि, एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। NDRF और जल पुलिस का संयुक्त अभियान एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार नावों और आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद से यमुना नदी के हर हिस्से को खंगाल रही हैं। सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है ताकि अंतिम लापता व्यक्ति का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक आखिरी व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। इलाके में शोक, परिजनों का बुरा हाल इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। खासकर पंजाब से आए मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। साथ ही नावों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।  

वास्तु टिप्स: सुबह की ये 6 आदतें बदल सकती हैं आपका पूरा दिन और किस्मत

 हम अक्सर सोचते हैं कि हमारा दिन कैसा बीतेगा, यह हमारी किस्मत पर निर्भर है.  लेकिन वास्तु शास्त्र यह मानता है कि हमारे दिन की सफलता इस बात पर टिकी होती है कि हम अपनी सुबह की शुरुआत कैसे करते हैं.  सुबह का समय पॉजिटिव एनर्जी से भरा होता है. यदि हम सुबह उठते ही कुछ छोटी-छोटी लेकिन प्रभावशाली आदतों को अपना लें, तो न केवल हमारा मन शांत रहता है, बल्कि घर में धन-धान्य और खुशहाली  भी बढ़ती है. 1. अपनी हथेलियों को देखें नींद खुलते ही सबसे पहले किसी भी अन्य वस्तु या व्यक्ति को देखने के बजाय अपनी दोनों हथेलियों को एक साथ जोड़कर देखना चाहिए.  शास्त्रों में कहा गया है कि हथेलियों के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान गोविंद (विष्णु) का वास होता है. सुबह-सुबह अपने हाथों को देखकर चेहरे पर फेरने शुभ होता है. सुबह-सुबह तेल के बर्तन, या सूई धागा ना देखें. 2. धरती को नमन बिस्तर से पैर नीचे उतारने से पहले धरती माता को हाथ से छूकर प्रणाम करना चाहिए.  अपने कुलदेवता का नाम लेना भी बहुत शुभ होता है. किसी भी ऐसे जानवर का नाम ना लें जो अपशकुन हो, जैसे बंदर, कुत्ता, या सूअर. 3. सूर्योदय से पहले उठने का लाभ वास्तु के अनुसार, सूर्योदय के बाद देर तक सोए रहने से घर में दरिद्रता आती है और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. सूरज की पहली किरण निकलने से पहले उठने वाले व्यक्ति को प्राकृतिक रूप से वाइटल एनर्जी (प्राण शक्ति) मिलती है.  इससे आलस्य दूर होता है.  बुद्धि तेज होती है. 4. मुख्य द्वार की पवित्रता घर की महिलाएं या बड़े बुजुर्ग यदि सुबह उठकर घर के मुख्य द्वार पर थोड़ा सा जल छिड़कते हैं, तो यह बहुत शुभ माना जाता है. साफ-सुथरा मुख्य द्वार देवी लक्ष्मी को आमंत्रित करता है.  ध्यान रहे कि घर की दहलीज के पास कचरा या गंदगी बिल्कुल न हो. 5. सूर्य देव को जल और योग स्नान के बाद तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देना आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है.  इसके साथ ही 10-15 मिनट का ध्यान या योग आपके शरीर को स्फूर्ति देता है.   6. तुलसी को जल तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना और उसकी परिक्रमा करना घर के कलह-क्लेश को शांत करता है.  सुबह के समय कभी भी किसी की बुराई न करें और न ही क्रोध करें.  अपनी वाणी में मधुरता रखें ताकि पूरा दिन खुशनुमा बना रहे.

डिंडौरी ट्रक टक्कर हादसा: पांच लोगों की मौत, प्रशासन ने हर परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता दी

डिंडौरी  डिंडोरी जिले के गाड़ासरई थाना क्षेत्र में अमरकंटक मुख्य मार्ग पर रविवार रात हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर शवों के चीथड़े बिखर गए थे। इस बीच एक घायल युवक उदय प्रताप सिंह की कहानी सामने आई, जिसने बताया कि किस तरह वह चमत्कारिक रूप से मौत के मुंह से बच निकला। पेशाब करने गया, तो बच गई जान घायल उदय प्रताप सिंह ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले वह पेशाब करने के लिए वाहन से दूर चला गया था। वापस लौटते समय उसे एक हल्की टक्कर लगी, जिससे वह दूर गिर गया और गंभीर चोट से बच गया। उदय के मुताबिक, अगर वह वहीं मौजूद रहता तो शायद उसकी भी जान चली जाती। हादसे की भयावह तस्वीर उदय ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से उसके तीन परिजनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे। सड़क पर मांस के टुकड़े बिखर गए थे और दृश्य बेहद डरावना था। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। ड्राइवर की झपकी बनी हादसे की वजह पुलिस पूछताछ में ट्रक चालक रमेश पटेल ने स्वीकार किया कि उसे झपकी लग गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि चालक अकेले ही करीब 300 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर रहा था और उसके साथ कोई सहायक भी नहीं था। बिना पर्याप्त आराम के वाहन चलाना इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने शुरू किया जागरूकता अभियान घटना के बाद पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के लिए राहत राशि की घोषणा की है। मृतकों की पत्नियों को 600 रुपये मासिक पेंशन, 5 हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता, रेड क्रॉस सोसायटी से 50 हजार रुपये और संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये की सहायता देने के आदेश जारी किए गए हैं।

हरियाणा राजनीति में हलचल: नायब सिंह सैनी ने बंसीलाल परिवार की वारिस पर जताया भरोसा, बदले समीकरण

चंडीगढ़. हरियाणा की राजनीति में एक समय जिस क्षेत्र को चौधरी बंसीलाल का अटूट गढ़ माना जाता था, उसी भिवानी-चरखी दादरी बेल्ट में अब भारतीय जनता पार्टी अपनी पकड़ को और मजबूत करने में जुटी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस रणनीति को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए राजनीतिक संतुलन और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रख रहे हैं। भिवानी, चरखी दादरी, हिसार और महेंद्रगढ़ जैसे क्षेत्रों में भाजपा पहले से मजबूत स्थिति में है, लेकिन इन्हें पूरी तरह “भाजपामय” करने के लिए सैनी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। श्रुति चौधरी को प्रमुखता: संदेश साफ इस राजनीतिक रणनीति का सबसे अहम संकेत तब मिला जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दादरी रैली के लिए श्रुति चौधरी को अपने साथ विमान में लेकर गए। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। श्रुति चौधरी, जो किरण चौधरी की बेटी और सुरेंद्र सिंह की पुत्री हैं, बंसीलाल परिवार की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्हें लगातार मंच और महत्व देकर भाजपा इस क्षेत्र में पारंपरिक राजनीतिक प्रभाव को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। तीन लालों से चौथे लाल तक: बदलती राजनीति हरियाणा की राजनीति लंबे समय तक तीन बड़े नेताओं—चौधरी देवीलाल, भजनलाल और चौधरी बंसीलाल—के इर्द-गिर्द घूमती रही। भाजपा के सत्ता में आने के बाद मनोहर लाल खट्टर के रूप में “चौथे लाल” का उदय हुआ और अब उसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए सैनी नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। संतुलन की राजनीति: जातीय और क्षेत्रीय समीकरण मुख्यमंत्री सैनी की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वे केवल राजनीतिक विस्तार ही नहीं, बल्कि जातीय और भौगोलिक संतुलन को भी साध रहे हैं। अहीरवाल से लेकर बांगड़ बेल्ट तक विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं को सम्मान और प्रतिनिधित्व देकर वे संगठन को मजबूत बना रहे हैं। उत्तराधिकार की घोषणा और भाजपा का लाभ हाल ही में किरण चौधरी ने अपनी बढ़ती आयु का हवाला देते हुए श्रुति चौधरी को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया है। इस फैसले के बाद सैनी द्वारा श्रुति को प्राथमिकता देना भाजपा के लिए एक रणनीतिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे भाजपा को भिवानी क्षेत्र में पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने और अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। निष्कर्ष: रणनीति, सम्मान और विस्तार का संगम भिवानी बेल्ट में भाजपा का विस्तार केवल संगठनात्मक मजबूती का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जिसमें परंपरागत राजनीतिक परिवारों को सम्मान देकर नए समीकरण बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि हरियाणा की राजनीति में अब केवल सत्ता नहीं, बल्कि संतुलन, सम्मान और सामंजस्य भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।

कुंभ राशि में चंद्रमा का गोचर, कर्क, कन्या और मीन राशि पर असर के संकेत

 ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. दरअसल, चंद्रमा के इस गोचर का प्रभाव सीधा व्यक्ति के मन और भावनाओं पर पड़ता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 12 अप्रैल की रात करीब 1 बजकर 19 मिनट पर चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश कर चुका है और लगभग ढाई दिन तक इसी राशि में रहेगा. कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं, जिन्हें चंद्रमा का शत्रु ग्रह माना जाता है. ऐसे में यह गोचर कुछ राशियों के लिए परेशानी भरा साबित हो सकता है. ज्योतिषियों के मुताबिक, इस दौरान थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में. कर्क राशि कर्क राशि के लिए यह गोचर आठवें भाव में हुआ, जो अचानक घटनाओं और परेशानियों से जुड़ा माना जाता है. इस समय आपको मानसिक तनाव, काम में रुकावट और निराशा का सामना करना पड़ सकता है. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है, इसलिए खुद को शांत रखना जरूरी होगा. किसी भी जोखिम भरे काम से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा. कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए चंद्रमा का यह गोचर छठे भाव में पड़ेगा, जो विवाद, बीमारी और शत्रुओं का स्थान होता है. इस दौरान ऑफिस या परिवार में किसी से अनबन हो सकती है. यात्रा के दौरान अपने सामान का खास ध्यान रखें. बड़े फैसले लेने से बचें, क्योंकि इस समय गलत निर्णय लेने की संभावना ज्यादा रह सकती है. मीन राशि मीन राशि के लिए यह गोचर बारहवें भाव में हुआ, जिसे खर्च और नुकसान का भाव माना जाता है. इस दौरान पैसों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं और खर्च ज्यादा हो सकता है. मानसिक रूप से भी आप थोड़ा परेशान महसूस कर सकते हैं. रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ने की संभावना है, इसलिए बातचीत में सावधानी रखें और किसी भी बात को समझदारी से सुलझाने की कोशिश करें.

Baisakhi 2026: नंगल में उमड़ी भारी भीड़, सतलुज झील में श्रद्धालुओं का स्नान

नंगल/रूप नगर. पंजाब के नंगल में बैसाखी पर्व के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। बैसाखी के इस पावन दिन पर सतलुज झील में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। झील के किनारे स्थित विभोर साहिब घाट पर सुबह से ही धार्मिक माहौल बना हुआ है, जहां श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पंजाब के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाला पारंपरिक पंचगाठड़ा मेला इस अवसर का मुख्य आकर्षण बना हुआ है। मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। मान्यता के अनुसार बैसाखी के दिन सतलुज झील में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु झील में डुबकी लगाने के बाद नाव में बैठे मलाहों को दान सामग्री अर्पित कर रहे हैं। घाट पर लगातार बढ़ती भीड़ के कारण पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बना हुआ है। सुरक्षा के कड़े प्रबंध श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं। इस बार झील में बोटिंग करने वालों की संख्या सीमित कर दी गई है। पहले जहां एक नाव में 50 से अधिक लोग सवार हो जाते थे, वहीं अब सुरक्षा के मद्देनजर केवल 15 लोगों को ही अनुमति दी जा रही है। घाट पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। वृंदावन नांव घटना के बाद निगरानी तेज इस संबंध में एएसआई रामकुमार ने बताया कि सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। झील में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा सिविल डिफेंस विभाग के कर्मचारी भी मौके पर मौजूद हैं। दो गोताखोरों की तैनाती की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

Raipur Heat Alert: पारा 41 डिग्री, 15 अप्रैल से लू चलेगी- सावधान रहने की सलाह

रायपुर. छत्तीसगढ़ में गर्मी अब अपने तेवर दिखा रहा है. राजधानी समेत प्रदेश के कई इलाकों में तेजी से तापमान में वृद्धि हो रही है. रविवार को सबसे ज्यादा गर्मी रायपुर में पड़ी, यहां सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं बिलासपुर और राजनांदगांव में भी 40 डिग्री का टार्चर लोगों को झेलना पड़ा. मध्य हिस्से में अगले कुछ दिनों में हीट वेव के हालात बनने के आसार हैं. रविवार को कैसा प्रदेश में मौसम ? प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है. पिछले 24 घंटों के दौरान कहीं भी बारिश नहीं हुई. सबसे ज्यादा दिन में तापमान रायपुर में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 16.5 डिग्री सेल्यसियस दर्ज किया गया. मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम विहार से मणिपुर तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. उत्तर पश्चिम से शुष्क और गर्म हवा आने के कारण प्रदेश में लगातार अधिकतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना है. प्रदेश में 13 अप्रैल को मौसम शुष्क रह सकता है. मध्य भाग में 15 अप्रैल से ग्रीष्म लहर चलने और ग्रीष्म लहर जैसे स्थिति बनने की संभावना है. रायपुर में कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आज आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. 

अमेरिका की नाकेबंदी से होर्मुज स्ट्रेट में संकट, कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर से ऊपर

न्यूयॉर्क दुनिया की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए मिडिल-ईस्ट को लेकर फिलहाल अभी तक समझौता नहीं हो सका है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में यूएस-ईरान वार्ता बेनतीजा रही, जिससे शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी और वार्ता रुक गई.  करीब 21 घंटे तक चली बातचीत के बाद भी दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके, जिससे सीजफायर पर संकट गहरा गया है।  अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि तेहरान ने जंग खत्म करने के लिए यूएस की शर्तें नहीं मानी. बातचीत में रुकावट आने के बाद वेंस अमेरिका लौट गए. दूसरी तरफ, ईरान ने इस बातचीत को नाकाम बताया और आरोप लगाया कि अमेरिका ने बहुत ज़्यादा मांगें रखीं।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नाकेबंदी का मकसद ईरान की तेल बिक्री रोकना है। ट्रम्प के मुताबिक, कई अन्य देश भी इस प्रयास में अमेरिका का साथ दे रहे हैं। ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं। नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 104 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले करने पर भी विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के हिसाब से आगे का फैसला लिया जाएगा। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच यह बातचीत एक अस्थायी दो हफ्ते के सीजफायर को स्थायी समाधान में बदलने के लिए हो रही थी. इस वार्ता में अमेरिकी डेलिगेशन की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की, जबकि ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ सहित कई सीनियर अधिकारी शामिल हुए।  पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स     चीन को धमकी- ट्रम्प ने चीन को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान की सैन्य मदद की, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगा देगा।     होर्मुज की नाकाबंदी- ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी करेगी और ईरान को टोल देने वाले जहाजों को भी रास्ते में रोक लिया जाएगा।     इजराइली मंत्री का मस्जिद दौरा- इजराइल के मंत्री बेन गविर के अल अक्सा मस्जिद दौरे पर जॉर्डन ने विरोध जताया और इसे भड़काऊ कदम बताते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कहा।     ईरान ने टोल मांगा- ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा।     50 लोग गिरफ्तार- ईरान में करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है, जिन पर अमेरिका और इजराइल को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है। अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान के चार बंदरगाहों पर सीधा असर अमेरिकी नौसेना के ईरानी समुद्री क्षेत्रों की नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक शिपिंग उद्योग में भारी चिंता देखी जा रही है. उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका इन बंदरगाहों को ब्लॉक करता है, तो ईरान के चार सबसे बड़े बंदरगाहों पर सीधा असर पड़ेगा     खार्ग द्वीप: ये ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल है.     जास्क टर्मिनल: ओमान की खाड़ी में स्थित एक प्रमुख तेल केंद्र है.     बंदर अब्बास: ईरान का रणनीतिक रूप से बड़ा और मुख्य व्यापारिक बंदरगाह है.     बंदर खुमैनी: ईरान का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है.  सीजफार पर ट्रंप बोले- अच्छी तरह कायम है ईरान के साथ सीजफायर कायम रहने को लेकर ट्रंप ने बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'मैं कहूंगा कि यह अच्छी तरह कायम है. उनकी सेना खत्म हो चुकी है. उनका पूरा नौसेना बल पानी में डूब गया है. 158 जहाज तबाह हो गए हैं. उनका नौसेना बल खत्म हो गया है. उनके ज्यादातर बारूदी सुरंग यंत्र नष्ट हो गए हैं. कल सुबह 10 बजे से नाकाबंदी लागू हो जाएगी. दूसरे देश ये ध्यान देने के लिए काम कर रहे हैं कि ईरान तेल न बेच सके और ये बहुत प्रभावी होगा. कई नावें तेल भरकर हमारे देश की ओर आ रही हैं और फिर उसे ले जाएंगी. इसलिए वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नहीं गुजरेंगी. इसे ठीक कर लिया जाएगा. इस बीच, वो हमारा इस्तेमाल कर रहे हैं. हमारे पास रूस और सऊदी अरब दोनों के कुल तेल से कहीं ज्यादा तेल है. हो ये रहा है कि नावें यहां आ रही हैं, तेल भर रही हैं. हमें होर्मुज से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।  इजरायली हमलों में मौतों की संख्या 2000 पार लेबनान में जारी इजरायली हमलों के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,055 तक पहुंच गई है।   अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत में भारी इजाफा अमेरिका ने सोमवार से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करने की घोषणा की है. जिसके बाद रविवार को बाजार खुलते ही तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया. अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 8% बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 7% की बढ़त के साथ 102.29 डॉलर पर आ गया।     

नक्सल मोर्चे पर अलर्ट: सीमा के जंगल में मिला विस्फोटक जखीरा, CRPF की सघन तलाशी अभियान जारी

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नक्सली मंसूबों को नाकाम करने की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. ओडिशा के कोमना पुलिस कैंप से निकली सीआरपीएफ (CRPF) की टीम ने एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सोनाबेड़ा अभ्यारण्य से लगे ढेकुनपानी के घने जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (Naxal Explosive Material) और संदिग्ध सामान बरामद किया है. इस बरामदगी से इलाके में दहशत फैलाने की एक बड़ी साजिश विफल हो गई है. ​गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई ​जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को लंबे समय से छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा (Chhattisgarh Odisha Border) पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. इसी आधार पर सीआरपीएफ की टीम ने ढेकुनपानी जंगल (Dhekunpani Forest) के रणनीतिक स्थानों पर सर्चिंग अभियान (Search Operation) तेज किया. जंगलों के भीतर छिपाई गई विस्फोटक सामग्री को जवानों ने बेहद सावधानी के साथ बरामद किया. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाने या किसी बड़े आईईडी (IED) ब्लास्ट के लिए किया जाना था. इलाके में हाई अलर्ट, सर्चिंग तेज ​इस बरामदगी के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं. कोमना पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें अब आसपास के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी नजर रख रही हैं. सोनाबेड़ा अभ्यारण्य का इलाका अपनी दुर्गम भौगोलिक संरचना के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है, जिसका फायदा उठाकर अक्सर असामाजिक तत्व अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं. जवानों की मुस्तैदी का परिणाम ​अधिकारियों का कहना है कि समय रहते विस्फोटक सामग्री का मिलना जवानों की मुस्तैदी का परिणाम है. फिलहाल, सुरक्षाबलों ने ढेकुनपानी और उसके आसपास के जंगलों में गश्त और सर्चिंग अभियान को और अधिक सघन कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके. सीमावर्ती थानों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं. खतरनाक है नक्सलियों की समाग्री सुरक्षाबलों द्वारा मौके से जब्त की गई सामग्रियों की सूची जो नक्सलियों की खतरनाक तैयारी की ओर इशारा करती है. ​70 जिलेटिन की छड़ें हैं, जो एक उच्च क्षमता वाला विस्फोटक है. इसका उपयोग ब्लास्ट के लिए किया जाता है. ​3 स्टील कंटेनर बरामद हुए हैं. इनका उपयोग अक्सर 'टिफिन बम' बनाने के लिए किया जाता है, जो काफी घातक साबित होते हैं. ​4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर हैं, जिनका विस्फोटकों को दूर से नियंत्रित करने या सर्किट तैयार करने के लिए इन तारों का उपयोग किया जाता है.

विद्युत कर्मियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन, 15 अप्रैल से जन-जागरण अभियान शुरू

 लखनऊ उत्पीड़न की कार्यवाहियां वापस न होने पर गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी शीर्ष प्रबंधन की होगी। यह चेतावनी विद्युत कर्मियों ने रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में दी है। समिति ने 15 अप्रैल से 21 मई तक प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान चलाने का ऐलान किया है। सभी डिस्कॉम मुख्यालय पर प्रदर्शन होंगे। उत्पीड़न होने पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। लखनऊ में हुई बैठक में प्रदेशभर से लगभग 1000 से अधिक बिजली कर्मचारी एवं अभियंता पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि आंदोलन के फलस्वरूप बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस नहीं ली गईं तो आने वाली भीषण गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन की होगी। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रबंधन अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए किसी भी कर्मचारी या अभियंता पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करता है, तो बिजली कर्मी कार्यस्थल पर काम छोड़कर बाहर आने को बाध्य होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इन तिथियों में होगा डिस्कॉम मुख्यालयों पर प्रदर्शन जनजागरण अभियान के तहत 24 अप्रैल को मेरठ डिस्कॉम, 2 मई को केस्को, 6 मई को आगरा, 14 मई को लखनऊ और 21 मई को वाराणसी डिस्कॉम पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अभियान के तहत केंद्रीय पदाधिकारी पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे और प्रत्येक जनपद में बिजली उपभोक्ताओं एवं किसानों के साथ संयुक्त सभाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा गया कि एक ओर बिजली कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। जिससे तकनीकी कार्यों में बाधा आ रही है। यदि यही स्थिति रही तो मेंटेनेंस के अभाव में ट्रांसफार्मर जलने और लाइनों में फॉल्ट की समस्याएं बढ़ेंगी, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ेगा। प्रबंधन की इसी 'हठधर्मी' नीति के विरोध में अब कर्मचारी सड़क पर उतरने को तैयार हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल कर्मचारियों की मांगों की लड़ाई नहीं है, बल्कि विभाग को बचाने की मुहिम है। बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे, राहुल बाबू कटियार, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, पीके दीक्षित, सुहेल आबिद, अंकुर पांडेय, चन्द्र भूषण उपाध्याय, मोहम्मद वसीम, बिमल चन्द्र पाण्डेय, मोहम्मद इलियास, प्रेम नाथ राय, श्रीचंद, सरजू त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।