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Recruitment Scam: झारखंड पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा, हर कैंडिडेट से 15 लाख की वसूली

रांची. उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से संबद्ध फर्जी पेपर लीक मामले में झारखंड की रांची पुलिस ने गिरफ्तार 166 अभ्यर्थियों समेत गिरोह के सदस्यों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल भेज दिया है। अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि इस संगठित फर्जीवाड़े में झारखंड के 138 और बिहार के 21 अभ्यर्थी शामिल थे। इनमें सर्वाधिक संख्या झारखंड के ही गिरिडीह जिले के युवकों की बताई जा रही है। सभी अभ्यर्थियों को रांची के तमाड़ प्रखंड स्थित एक अर्द्धनिर्मित नर्सिंग होम में ठहराया गया था, जहां छापेमारी कर पुलिस ने उन्हें रविवार को गिरफ्तार किया था। एक कैंडिडेट से 15 लाख रुपये तक की वसूली रांची पुलिस के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नर्सिंग होम का निर्माण करा रहा जमशेदपुर निवासी ठेकेदार गौरव सिंह है। उसने अभ्यर्थियों के रहने, खाने सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराईं और इसके एवज में उनसे प्रति अभ्यर्थी 10 से 15 लाख रुपये की वसूली की गई। इस पूरे प्रकरण में पटना निवासी चुनचुन की भूमिका भी महत्वपूर्ण पाई गई है, जो अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध कराता था। वह दावा करता था कि परीक्षा लेने वाली एजेंसी से ही पेपर लीक हुआ है। गिरोह में विनोद कुमार, अरविंद चौधरी, विक्की साहू, गुलाब यादव, फिरोज, छोटू, अभिषेक यादव, आदित्य सिंह और अलफाज समेत कई शामिल थे, जो अभ्यर्थियों को लाने, ठहराने और पैसे वसूलने का काम करते थे। जांच में जुटी पुलिस  पुलिस ने क्रिस्टोफर नामक व्यक्ति को गिरोह का प्रमुख सदस्य बताया है, जो पैसों के लेन-देन और पूरी व्यवस्था संभालता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अभ्यर्थियों को पहले रांची के नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन चौक पर बुलाया गया, जहां से उन्हें अलग-अलग वाहनों में तमाड़ पहुंचाया गया। इधर, सभी आरोपितों को सोमवार को चार वाहनों से कोर्ट ले जाया गया। एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि जांच और तेज की जाएगी। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों में छापेमारी जारी है। साथ ही ठेकेदार गौरव सिंह की तलाश में जमशेदपुर में भी कार्रवाई की जा रही है।

साड़ी गुणवत्ता पर सरकार सख्त, मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर जांच तेज

रायपुर.  राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक को पत्र जारी कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में साड़ी वितरण के लिए जारी किए गए क्रय आदेश के तहत कुछ जिलों से गुणवत्ता में कमी और निर्धारित मापदंडों में विचलन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा किए गए परीक्षण में कुछ स्थानों पर मानकों से विचलन की पुष्टि भी हुई है। इसके बाद अब मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संचालक महिला एवं बाल विकास द्वारा जारी पत्र में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर साड़ियों की पुनः गुणवत्ता जांच कराएं। यदि जांच में मापदंडों से किसी प्रकार का विचलन पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियों और आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, जिन स्थानों पर निम्न गुणवत्ता की साड़ियां वितरित हुई हैं, वहां उन्हें तत्काल वापस लेकर गुणवत्तापूर्ण नई साड़ियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों द्वारा इस मामले को लेकर भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि शासन स्तर पर पूरे मामले को संज्ञान में लेकर पारदर्शी ढंग से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को मिलेंगी नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की मूल भावना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से प्रदेश भर में 10 से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा" मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 15 अप्रैल को शाम 4 बजे रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम होगा। इस दौरान "महिला नेतृत्व की यात्रा" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो महिला शक्ति के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाएगी। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होंगे और शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने और नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करने पर विशेष विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को संबोधित भी करेंगे और सरकार के उस संकल्प को दोहराएंगे, जिसके तहत मध्यप्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की आवाज और अधिक मुखर होगी। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण की दिशा में सक्रिय प्रदेश की अग्रणी महिला नेत्रियां शामिल होंगी। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा बागरी और श्रीमती राधा सिंह सहित प्रतिष्ठित शिक्षाविद सुशोभा पेठणकर की विशेष रूप से उपस्थिति रहेगी। जमीन से लेकर शिखर तक का प्रतिनिधित्व समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें पद्मसे सम्मानित विभूतियां, महिला चिकित्सक, वकील, कलाकार और इंजीनियर शामिल होंगी। साथ ही, समाज की मुख्यधारा को गति देने वाली लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, स्व-सहायता समूहों की सदस्य, मैदानी स्तर पर कार्य करने वाली पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी और महिला मीडिया प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनेंगी। गांव-गांव तक फैलेगी चेतना की लहर पखवाड़े के दौरान केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता के अभियान चलाए जा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हो रही हैं। जिनमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के महत्व पर ग्रामीण महिलाओं के साथ संवाद हुआ। साथ ही प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' और शिक्षण संस्थानों में 'युवा संवाद' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बदलाव से जोड़ा जा रहा है। शासन का मानना है कि महिलाओं की निर्णय क्षमता में वृद्धि होने से न केवल सामाजिक चेतना आएगी, बल्कि जन-विश्वास भी और अधिक गहरा होगा।  

मुख्यमंत्री साय ने सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर जताया गहरा शोक, जांच के दिए निर्देश

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर  गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर की झलक, 21 साल में 10 बार बने सीएम, 6 बार इस्तीफा दिया

 पटना नीतीश कुमार मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और गुरुवार को यानी 15 अप्रैल को बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार बन जाएगी. 2025 विधानसभा चुनाव में दो तिहाई से अधिक बहुमत से जीते NDA की सरकार बने अभी 5 महीने ही हुए थे कि एक बार फिर सरकार बनने की कवायद की जा रही है. इसके साथ बिहार में नीतीश कुमार के युग का अंत माना जा रहा है।  भारतीय राजनीति में नीतीश कुमार का सियासी सफर मील की पत्थर की तरह है, दो दशक से बिहार की राजनीति उनके इर्द-गिर्द सिमटी हुई है. पिछले चार साल से हर साल नीतीश कुमार शपथ ले रहे हैं।  साल 2005 में पहली बार नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, उसके बाद से चार बार चुनाव हुए हैं, लेकिन नीतीश कुमार ने 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. ये अपने आपमें एक रिकॉर्ड है, लेकिन साथ ही छह बार मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने का काम भी किया है, जो किसी भारतीय राजनेता के लिए अनोखा रिकार्ड है।  चार साल में चार बार नीतीश ने ली शपथ नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है, उससे पहले नंवबर 2025 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके अलावा 2024 लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने विपक्षी इंडिया गठबंधन से नाता तोड़कर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए से हाथ मिला लिया था।  जनवरी 2024 में नीतीश ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इससे पहले उन्होंने 2022 में उन्होंने बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए से गठबंधन तोड़कर आरजेडी और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया था. इस तरह चार साल में चार बार शपथ लेने का रिकार्ड है, जिसमें तीन बार सीएम और एक बार राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने का काम किया।   10 बार सीएम बने और 6 बार इस्तीफा नीतीश कुमार साल 2000 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन बहुमत साबित न कर पाने के चलते एक सप्ताह के बाद ही इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद दोबारा 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने अपनी सियासी जड़े ऐसी जमाई कि दो दशक तक बिहार की सत्ता उनके इर्द-गिर्द सिमटी रही है. इस तरह 10 बार सीएम पद की शपथ और 6 बार इस्तीफा देने  का यह दोहरा रिकॉर्ड नीतीश कुमार के नाम दर्ज है. यह सिर्फ सत्ता में बने रहने का ही नहीं बल्कि ऐसा पैटर्न दिखाता है कि पद छोड़ने के बाद भी उनकी राजनीतिक समीकरण ही सत्ता में बनाए रखा।  नीतीश कुमार पहली बार 3 मार्च, 2000 को मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन वह सरकार सिर्फ़ कुछ ही दिनों तक चल पाई. ऐसे में बहुमत साबित करने में नाकाम रहने के बाद, उन्होंने 10 मार्च, 2000 को इस्तीफ़ा दे दिया. हालांकि, इस शुरुआती असफलता से उनके राजनीतिक उभार पर कोई रोक नहीं लगी. 2005 में, वह दोबारा सत्ता में लौटे और तब से लेकर अब तक बिहार की राजनीति में एक केंद्रीय हस्ती बने हुए हैं।  2005 के बाद से सत्ता की धुरी बने नीतीश  साल 2005 के बाद से बिहार की राजनीति के नीतीश कुमार सियासी धुरी बने हुए हैं. 2005  से उनकी राजनीतिक यात्रा एक चक्र की तरह चलती रही है इस्तीफ़ा देना, नए गठबंधन बनाना और फिर सत्ता में लौटना. समय के साथ यह पैटर्न और भी साफ़ होता गया. साल 2010 में नीतीश कुमार तीसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, लेकिन 2013 में बीजेपी के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए।  साल 2014 में, लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी के ख़राब प्रदर्शन की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया, लेकिन फ़रवरी 2015 में, जीतन राम मांझी को हटाकर, उन्होंने चौथी बार फिर से मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.  साल 2015 में, विधानसभा चुनावों के बाद, RJD के साथ गठबंधन करके उन्होंने पांचवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।  2017 में, 'महागठबंधन' से रिश्ते तोड़ने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया,  लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर, NDA के साथ मिलकर छठी बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेते हुए वह दोबारा सत्ता में लौट आए. 2020 के विधानसभा चुनावों के बाद उन्होंने 7वीं बार CM पद की शपथ ली. 2022 में, उन्होंने NDA छोड़कर और विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाते हुए फिर से इस्तीफ़ा दे दिया, और 8वीं बार CM पद की शपथ ली।  2024 में भी यही सिलसिला फिर दोहराया गया, जब उन्होंने महागठबंधन छोड़ दिया और वापस NDA में चले गए. इस तरह नीतीश कुमार 9वीं बार CM पद की शपथ ली; और आख़िरकार, 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद उन्होंने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने का काम किया. इस तरह उन्होंने एक रिकार्ड अपने नाम किया।  नीतीश कुमार के हर इस्तीफा सियासी चाल नीतीश कुमार ने अपने सियासी सफर में इस्तीफा देने का रास्ता सिर्फ  एक राजनीतिक मजबूरी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक चाल भी थी. इसने नीतीश कुमार को अपने गठबंधन नए सिरे से बनाने और सत्ता में बने रहने का मौक़ा दिया. इसीलिए उनका रिकॉर्ड सिर्फ़ आंकड़ों के बारे में नहीं, बल्कि राजनीति की एक अनोखी शैली के बारे में है।  नीतीश के राजनीति में एक और अहम बात इस कहानी को एक नया पहलू देती है. नीतीश कुमार ने कभी भी अपनी पार्टी की ताक़त पर अकेले दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं किया है. उनकी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), सरकार बनाने के लिए हमेशा अपने गठबंधन सहयोगियों पर निर्भर रही है. चाहे वह NDA के तहत भारतीय जनता पार्टी के साथ हो, या महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के साथ, गठबंधन ही उनके शासन की रीढ़ रहे हैं।  नीतीश को अकेले दम बहुमत नहीं मिला नीतीश कुमार भले ही 21 साल तक बिहार की राजनीति के बेताज बादशाह रहे हों, लेकिन एक बार भी अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं कर सके. 2010 में भी, जब उनकी सरकार को बहुत मज़बूत माना जा रहा था, तब भी जीत गठबंधन की थी, न कि अकेले JD(U) की. 2010 में JD(U) ने 115 सीटें हासिल की थीं. जो पिछले 20 सालों में JD(U) … Read more

धुरंधर 2 ने तोड़े बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड, 3000 करोड़ क्लब में फ्रेंचाइजी

रणवीर सिंह की धुरंधर 2 को रिलीज हुए 27 दिन हो चुके हैं. एक महीना पूरा होने से पहले ही धुरंधर 2 ने बॉलीवुड और हिंदी सिनेमा के लगभग सारे टॉप रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं. अब ये फिल्म साउथ की सबसे बड़ी फिल्मों बाहुबली 2 और पुष्पा 2 को पीछे छोड़कर एक नया रिकॉर्ड बनाने की तरफ बढ़ रही है. बॉलीवुड फैन्स के लिए सबसे बड़ी खबर ये है कि सिर्फ धुरंधर 2 ही टॉप इंडियन फिल्मों को पछाड़ने जा रही है, बल्कि एक फिल्म सीरीज के तौर पर धुरंधर ने इंडियन सिनेमा को एक नई ऊंचाई दे दी है. आदित्य धर की धुरंधर फ्रेंचाईजी, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 3000 करोड़ से ज्यादा कमाई कर चुकी है. अब ये इंडिया की सबसे बड़ी फिल्म सीरीज है. धुरंधर के 3000 करोड़ दिसंबर 2025 में आई धुरंधर ने वर्ल्डवाइड 1300 करोड़ से थोड़ा ज्यादा कलेक्शन किया था. जबकि धुरंधर 2 पिछले गुरुवार तक 1680 करोड़ रुपये से ज्यादा ग्रॉस कलेक्शन कर चुकी थी. इस बीते वीकेंड और मंडे के कलेक्शन के साथ धुरंधर 2 का वर्ल्डवाइड 1750 करोड़ से ज्यादा हो चुका है. एक फ्रेंचाईजी के तौर पर धुरंधर का टोटल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 3000 करोड़ से ज्यादा हो चुका है. धुरंधर से पहले सबसे बड़ी इंडियन फिल्म सीरीज बाहुबली थी. S. S. Rajamouli की एपिक का पहला पार्ट वर्ल्डवाइड 650 करोड़ से ज्यादा ग्रॉस कलेक्शन लेकर आया था. जबकि दूसरे पार्ट ने करीब 1788 करोड़ ग्रॉस कलेक्शन किया था. बाहुबली के दोनों पार्ट्स ने वर्ल्डवाइड करीब ऑलमोस्ट 2440 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था. इसी तरह Allu Arjun की दोनों पुष्पा फिल्मों ने मिलकर 2092 करोड़ ग्रॉस कलेक्शन किया था. इसमें पहली फिल्म के 350 करोड़ और दूसरी फिल्म के 1742 करोड़ शामिल थे. धुरंधर ने इन बाहुबली-पुष्पा का रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा नहीं है, बल्कि इन्हें मीलों पीछे छोड़ दिया है. इंडियन सिनेमा में पहली बार किसी फिल्म सीरीज ने वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ का लैंडमार्क पार किया है. बाहुबली 2 का ऑल टाइम रिकॉर्ड भी ध्वस्त! आमिर खान की दंगल 2000 करोड़ वर्ल्डवाइड कलेक्शन के साथ अभी तक सबसे बड़ी इंडियन फिल्म है. इसके बाद दूसरे नंबर पर करीब 1788 करोड़ के साथ बाहुबली 2 थी. लेकिन धुरंधर 2 बहुत जल्द 1800 करोड़ तक पहुंचने वाली है. रणवीर की फिल्म जिस तरह आगे बढ़ रही है, जल्द ही 1900 करोड़ के पार नजर आएगी. हालांकि 2000 करोड़ अभी इसके लिए थोड़ा दूर नजर आ रहा है क्योंकि अपनी मेन मार्केट, इंडिया में धुरंधर 2 थोड़ी स्लो पड़ने लगी है. चौथे सोमवार को स्लो पड़ी धुरंधर 2 चौथे हफ्ते की शुरुआत में शुक्रवार को 7 करोड़ नेट इंडिया कलेक्शन करने वाली धुरंधर 2 ने शनिवार-रविवार को 13-14 करोड़ तक कमाई की. लेकिन सोमवार सुबह से ही फिल्म स्लो नजर आई. सैकनिल्क का डेटा बताता है कि चौथे सोमवार को धुरंधर 2 ने 5.20 करोड़ कलेक्शन किया है. संडे के मुकाबले ये गिरावट बड़ी जरूर नजर आती है. शुक्रवार के मुकाबले फिल्म वर्किंग डेज में ठीकठाक पकड़ बनाए नजर आ रही है. लेकिन ये क्लियर है कि बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर 2 अब स्लो पड़ रही है. अब तक 26 दिनों में धुरंधर 2 का नेट कलेक्शन 1088 करोड़ से ज्यादा हो चुका है. जिसमें सिर्फ हिंदी वर्जन से ही फिल्म ने 1000 करोड़ का बिजनेस किया है. अब देखना है कि आने वाले दिनों में धुरंधर 2 1900 करोड़ से और कितना आगे जा पाती है.

लखनऊ–कानपुर टेरर मॉड्यूल मामले में मिन्हाज समेत तीन को आजीवन कारावास

कानपुर स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों को दहलाने की साजिश रचने वाले तीन आतंकियों मिन्हाज अहमद, मुशीरुद्दीन और तौहीद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इनकी गिरफ्तारी लखनऊ से हुई थी, लेकिन बाद में यह दावा किया गया कि मिन्हाज और मुशीरुद्दीन ने कानपुर में भी आतंकी नर्सरी तैयार करने की योजना बनाई थी और इसके लिए एक बिल्डर की मदद से चमनगंज में इनके लिए ठिकाना तैयार किया जा रहा था। मिन्हाज और मुशीरुद्दीन के कानपुर कनेक्शन को लेकर कोई जांच रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं हुई, लेकिन इस बार के पुख्ता सबूत बताए गए थे कि दोनों का कानपुर से गहरा नाता था। दावा था कि मिन्हाज ने बताया था कि उसने कानपुर में टेरर क्लास रूम प्लान किया था। इसके लिए जगह की जिम्मेदारी चमनगंज के एक बड़े बिल्डर को दी गई थी। उसने बताया था कि यहां नौजवानों को रेडिकलाइज करके आतंक का पाठ पढ़ाया जाना था। यह भी सामने आया था कि रहमानी मार्केट से मिन्हाज के लिए दो प्री-एक्टिवेटेड सिम और एक मोबाइल उपलब्ध कराया गया था। उस वक्त मीडिया में बिल्डर को उठाकर उनसे पूछताछ की खबर भी सामने आई थी, लेकिन उसकी कभी पुष्टि नहीं हो सकी। यह भी सामने आया था कि मिन्हाज ने चमनगंज के हिस्ट्रीशीटर से एक पिस्टल भी खरीदी थी। इसका फाइनेंसर नई सड़क का एक बिल्डर था। उस वक्त एटीएस व जांच एजेंसियों की चहलकदमी चमनगंज के अलावा पेंचबाग में भी सामने आई थीं। स्लीपर सेल की तरह किया काम जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ साल तक मिन्हाज ने स्लीपर सेल की तरह काम किया और फिर नौकरी जाने के बाद वह सक्रिय रूप से अलकायदा के साथ जुड़कर काम करने लगा। सूत्रों के मुताबिक वह इतना कट्टर हो चुका था कि वह खुद को मानव बम बनाने पर भी राजी हो गया था।  

मप्र कांग्रेस कार्यालय में बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती संपन्न

भोपाल.  आज मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) मुख्यालय में अनुसूचित जाति विभाग द्वारा संविधान निर्माता, भारत रत्न परम पूज्य डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती अत्यंत गरिमापूर्ण ढंग से मनाई गई। इस अवसर पर बाबासाहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। भाजपा केवल दिखावा करती है, हकीकत में संविधान विरोधी है: प्रदीप अहिरवार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने कहा कि बाबासाहेब ने हमें "शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो" का जो मूलमंत्र दिया था, आज उस पर पहरा देने की जरूरत है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा संविधान को खत्म करना चाहती है। आज भाजपा के नेता जो बाबासाहेब का नाम ले रहे हैं, वह केवल एक राजनीतिक पाखंड और झूठा दिखावा है। ग्वालियर मूर्ति विवाद और दलितों का अपमान प्रदीप अहिरवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकारों के संरक्षण में ही बाबासाहेब की मूर्तियों को खंडित किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बाबासाहेब की प्रतिमा लगने नहीं दी जा रही है, जिसके पीछे मनुवादी विचारधारा वाले लोगों और भाजपा से जुड़े व्यक्तियों का हाथ है। यह सीधे तौर पर बाबासाहेब का अपमान है। दलित बजट में भ्रष्टाचार का आरोप प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में दलितों के उत्थान के लिए कागजों पर तो भारी-भरकम बजट आवंटित किया जाता है, लेकिन हकीकत में दलितों के लिए इनके मन में खोट है। वह पैसा दलित समाज के विकास पर खर्च होने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है और भाजपा नेताओं की जेबों में जा रहा है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प इस अवसर पर अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) विनय मालवीय, शहर अध्यक्ष नीरज चंडाले और प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश बंसल, कन्हैया मोरे ,शुभम इंद्रासे ,आकाश चौहान सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बाबासाहेब को नमन किया। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्टी बाबासाहेब के संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।

हरियाणा बीजेपी ने निकाय चुनाव को लेकर बनाया ‘मिशन मोड’ प्लान

पंचकूला  हरियाणा बीजेपी के प्रदेश कार्यालय 'पंचकमल' में आज कोर ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने की। बैठक में आगामी निकाय चुनावों की रणनीति, संगठन के आगामी कार्यक्रमों और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। निकाय चुनाव के लिए 'मिशन मोड' में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने स्पष्ट किया कि पार्टी निकाय चुनावों को लेकर पूरी तरह तैयार है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के लिए निकाय चुनाव वाले क्षेत्रों के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी 16 से 18 अप्रैल तक संबंधित निगम, परिषद और पालिकाओं का दौरा करेगी। इस बीच कमेटी स्थानीय विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर संभावित उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाने के लिए 20 अप्रैल को प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाई गई है। संगठनात्मक चर्चा और विपक्षी घेराबंदी बैठक के बाद वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि बैठक में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम', पीएम के 'मन की बात' कार्यक्रम और डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के आयोजनों पर भी मंथन हुआ। पार्टी अंबेडकर जयंती को बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बड़े उत्साह के साथ मना रही है। बैंक फ्रॉड मामला: पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड पर बड़ौली ने कहा कि सरकार को पूरा पैसा ब्याज समेत वापस मिल चुका है और विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। कैप्टन अभिमन्यु का विपक्ष पर तीखा हमला कैप्टन अभिमन्यु ने मंडियों में फसल खरीद की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पहले हुड्डा सरकार में किसानों को दो-दो रुपये के चेक मिलते थे और खाद के लिए थानों से पर्चियां कटवानी पड़ती थीं। आज किसानों के खातों में 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे पैसा (DBT) पहुंच रहा है, जो पहले के समय में सपना था। कैप्टन ने कहा कि कहा कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है।  

तमिलनाडु में BJP का चुनावी वादा: बिना ब्याज 50 लाख का लोन और हर साल 3 सिलेंडर फ्री

चेन्नई  तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने घोषणापत्र जारी कर दिया है। इसमें पार्टी ने महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता, मुफ्त गैस सिलेंडर और किसान सम्मान निधि समेत कई वादे किए हैं। खास बात है कि भाजपा लंबे समय से दक्षिण भारत में विस्तार की कोशिश में है और AIADMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा, 'घोषणापत्र की मुख्य बातें यह हैं कि AIADMK के नेतृत्व में सत्ता में आने पर हम घर की सभी महिला मुखियाओं को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता देंगे और हर परिवार को एक बार में 10,000 रुपये की राशि दी जाएगी। हम हर साल मुफ्त एलपीजी सिलेंडर भी देंगे।' तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान किया जाएगा। CCTV लगाए जाएंगे उन्होंने कहा, ‘अपराधों को रोकने के लिए हम जीरो FIR रिपोर्टिंग शुरू करेंगे। हम गवाहों की सुरक्षा का इंतजाम करेंगे और यौन अपराधों समेत गंभीर अपराधों के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाएंगे। बसों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि कोई भी कोना निगरानी से बाहर न रहे। हम निर्भया फंड का सही इस्तेमाल करेंगे।’ 50 लाख रुपये का लोन बगैर ब्याज के नड्डा ने कहा, ‘महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्योगों (MSMEs) को 50 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा और विनिर्माण इकाइयों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपनी खरीदारी का 20% हिस्सा इन समितियों से लें। हम पात्र महिलाओं को ई-स्कूटर खरीदने के लिए 25,000 रुपये देंगे।’ किसानों के लिए ऐलान केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'किसानों के लिए, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाले 6,000 रुपये के साथ हम 3,000 रुपये अलग से जोड़कर देंगे, जिससे हर किसान को साल में कुल 9,000 रुपये मिलेंगे।' PM मोदी के द्रमुक पर आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में द्रमुक सरकार पर 'भ्रष्टाचार को व्यवस्था का हिस्सा बनाने' का आरोप लगाया। 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' कार्यक्रम के तहत पीएम मोदी ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बात की थी। उन्होंने कहा था, 'तमिलनाडु में द्रमुक सरकार ने भ्रष्टाचार को व्यवस्था का अभिन्न अंग बना दिया है। हर विभाग अनियमितताओं में लिप्त है। कई मंत्री मुकदमों का सामना कर रहे हैं। भ्रष्टाचार, कमीशन और रिश्वतखोरी द्रमुक सरकार की पहचान बन गए हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब द्रमुक के केंद्र सरकार में शामिल होने के बावजूद तमिलनाडु में कोई नई परियोजना नहीं आती थी और चाहे कितनी भी समस्याएं हों, उनका कोई समाधान नहीं किया जाता था। पीएम मोदी ने कहा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के कारण ही तमिलनाडु के लोगों के बीच अब एक नया माहौल बना है।