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PM मोदी का संदेश: ‘समस्या का समाधान सैन्य टकराव से नहीं

नई दिल्ली  दुनिया इस वक्त जिस तनावपूर्ण दौर से गुजर रही है, उसमें ताकत और टकराव की राजनीति फिर से केंद्र में नजर आ रही है. ऐसे माहौल में भारत की ओर से शांति और संवाद का संदेश देना अपने आप में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान इसी सोच को सामने लाता है, जहां उन्होंने साफ कहा कि किसी भी समस्या का हल सैन्य टकराव से नहीं निकल सकता. यह बयान सिर्फ एक कूटनीतिक लाइन नहीं बल्कि भारत की उस नीति को दर्शाता है जो लंबे समय से बातचीत और संतुलन पर आधारित रही है. खास बात यह है कि यह संदेश ऐसे समय आया है जब यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया तक हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि भारत न सिर्फ शांति की बात करता है, बल्कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर सख्त रुख भी रखता है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है. यानी एक तरफ जहां भारत संवाद का समर्थन करता है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा और सख्ती के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति भी अपनाता है।  क्या बोले पीएम मोदी, क्यों अहम है बयान?     नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक हालात पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व एक गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है, इसका असर सभी देशों पर पड़ रहा है. ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रिया दोनों स्थायी और टिकाऊ शांति के पक्ष में खड़े हैं।      पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हर जगह भारत स्थिर और दीर्घकालिक शांति का समर्थन करता है. उन्होंने यह भी दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं किया जा सकता और इसे खत्म करना सभी देशों की साझा प्रतिबद्धता होनी चाहिए।      इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को लेकर भी अहम बातें सामने आईं. पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया के साथ रिश्तों को नए दौर में ले जाने की बात कही. इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया. साथ ही आईआईटी दिल्ली और मॉन्टान यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू को ज्ञान साझेदारी का बड़ा उदाहरण बताया गया।  भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों में नया अध्याय पीएम मोदी ने कहा कि चार दशकों बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हालिया समझौतों के बाद रिश्तों में नया अध्याय शुरू हुआ है. भारत का टैलेंट और ऑस्ट्रिया की इनोवेशन क्षमता मिलकर नए अवसर पैदा कर सकती है।  ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने क्या कहा? ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने अपनी भारत यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और यह करीब 3 बिलियन यूरो तक पहुंच चुका है. स्टॉकर ने यह भी बताया कि लगभग 160 ऑस्ट्रियाई कंपनियां भारत में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को और मजबूत बना रही हैं। 

किशनगंज में पुलिस अफसरों की जोड़ी पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का आरोप

किशनगंज बिहार के किशनगंज में तैनात रहे निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार और लाइन हाजिर किए गए थानेदार अभिषेक कुमार रंजन की जोड़ी पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों के बीच तालमेल इतना मजबूत था कि अवैध वसूली से लेकर उसके बंटवारे तक एक संगठित तंत्र के तहत काम किया जाता था। ईओयू की जांच में यह भी सामने आया है कि कई संपत्तियां बेनामी हो सकती हैं और इन्हें छिपाने के लिए तीसरे पक्ष के नाम का इस्तेमाल किया गया। डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आया है कि दोनों अधिकारियों ने बालू, पशु, लॉटरी, कोयला और तथाकथित ‘एंट्री’ माफिया से साठगांठ कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। इन अवैध गतिविधियों के जरिए न केवल नियमित उगाही की जाती थी, बल्कि क्षेत्र में संचालित विभिन्न गैर कानूनी धंधों को संरक्षण भी दिया जाता था। ईओयू के अनुसार दोनों घूसखोर पुलिस अधिकारी के बीच बीते तीन महीने में 2000 बार मोबाइल कॉल पर बातचीत हुई है।आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं। बेनामी संपत्तियों का सत्यापन कर रही ईओयू ईओयू को मुजफ्फरपुर के कांटी सहित पश्चिम बंगाल, दिल्ली एनसीआर सहित कई जगहों पर थानाध्यक्ष की नामी-बेनामी संपत्तियां होने की जानकारी मिली है। अलग-अलग टीम के माध्यम से इन संपत्तियों का सत्यापन कराया जा रहा है। सिलीगुड़ी स्थित फ्लैट से लेकर दार्जिलिंग रोड में खरीदी गयी जमीन के भुगतान स्त्रोत आदि को लेकर जांच चल रही है। थानेदार से ईओयू कार्यालय में बुला कर पूछताछ होगी आय से अधिक संपत्ति मामले के आरोपित किशनगंज नगर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन पर लगे आरोपों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) उनसे पूछताछ करेगी। उनको नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए पटना स्थित ईओयू कार्यालय बुलाया जाएगा। ईओयू सूत्रों के मुताबिक आरोपित थानाध्यक्ष को अगले हफ्ते सोमवार को उपस्थित होने की नोटिस दी जा सकती है। पूछताछ के दौरान उनको अपने पक्ष में बयान व दस्तावेज पेश करने का मौका दिया जाएगा। थानाध्यक्ष पर अपने सेवाकाल में करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां बनाने का आरोप है। अभिषेक निलंबित एसडीपीओ का राजदार किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार पर दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले की छानबीन के दौरान ही अभिषेक रंजन ईओयू के निशाने पर आये। छानबीन में सामने आया कि अभिषेक निलंबित एसडीपीओ के राजदार हैं। उनका स्थानीय बालू माफिया, एंट्री माफिया, शराब माफिया व तस्करों से गहरे संबंध हैं। उनके व्यापार को प्रश्रय देने के एवज में उनको नियमित रूप से कमीशन की राशि मिलती थी। यह राशि जमीन, मकान सहित अन्य नामी-बेनामी संपत्तियां जमा करने में निवेश की जाती थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे तरक्की का खोलेगा नया मार्ग

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन भारत के लोकतंत्र के इतिहास का बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 21वीं शताब्दी के सबसे बड़े निर्णय नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत हुई है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम बहनों के राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। नारी केवल सृष्टि की जननी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की उन्नति की वास्तविक सूत्रधार है। जब हम विकसित भारत की कल्पना करते हैं, तो उसकी नींव में आधी आबादी के सामर्थ्य, संघर्ष और सफलता की कहानियां स्पष्ट दिखाई देती हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी सामर्थ्य को संवैधानिक मान्यता देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं के लिए नेतृत्व के नए द्वार खोलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के सामाजिक-आर्थिक उन्नयन के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 972 करोड़ से अधिक लागत के 72 किलोमीटर लंबे नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे-67 का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य के भूमि-पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री और नर्मदापुरम के प्रभारी राकेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही स्थानीय निकाय और नगरीय निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत पद बहनों के लिए आरक्षित हैं। राज्य सरकार बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, राज्य सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है। प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को अब तक 55 हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि दी जा चुकी है। लाड़ली बहना योजना की शुरुआत से लेकर अब तक प्रति बहन 40 हजार 500 रुपए से अधिक राशि बहनों के बैंक खातों में आई है। बहनें चिंता न करें, योजना की राशि बढ़कर 1500 रुपए करने के साथ आगे भी जो संभव होगा वह किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में पहली बार शासकीय स्कूलों के बच्चों को "माता यशोदा योजना" के अंतर्गत नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटे जाएंगे। हमारे बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बनेंगे। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने और गौपालन को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए "डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना" की शुरू की है। इससे हमारे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने कठिन समय में सड़क पर घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना शुरू की है, जिसमें घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप देने की व्यवस्था है। मुश्किल वक्त में गरीब-जरूरतमंदों की मदद के लिए एयर एम्बुलेंस भी संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पर्यटन, उद्योग, वन्य जीव और जनजातीय क्षेत्रों को समेटे नर्मदापुरम जिला विविधता से परिपूर्ण है। पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह के नाम पर कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। नर्मदापुरम में नर्मदा लोक भी बन रहा है। नर्मदापुरम में उद्योग और कृषि के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सड़कें विकास का आधार हैं, इस तथ्य को दृष्टिगत रख नर्मदापुरम जिले में अनेक सड़क परियोजनाओं का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि सिवनी मालवा को लगभग 1000 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इसमें 972 करोड़ से अधिक लागत के 72 किलोमीटर लंबे नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे-67 का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य का भूमि-पूजन शामिल है। यह केवल सड़क नहीं है, इससे सीधे इंदौर-उज्जैन तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस स्टेट हाईवे के माध्यम से सिवनी-मालवा नए दौर में प्रवेश करेगा और कनेक्टिविटी का लाभ पूरे क्षेत्र को मिलेगा। सिवनी-मालवा में इस सड़क के साथ विकास का सूर्योदय हुआ है। स्टेट हाईवे के साथ सिवनी-मालवा को 106 करोड़ 30 लाख लागत के 96 विकास कार्यों की सौगात मिली है। जिसमें 48 करोड़ 61 लाख की लागत के 45 विकास कार्यों का लोकार्पण और 57 करोड़ 69 लाख की लागत के 51 विकास कार्यों का भूमि-पूजन संपन्न हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा नदी आंवली घाट के हथनापुर गांव में सिंचाई परियोजना के विकसित करने की घोषणा की। इस परियोजना का लाभ क्षेत्र के 40 गांवों के 10 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नगर पालिका सिवनी-मालवा में सड़क, सीवेज, बिजली-पानी की मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए विशेष निधि से राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी-मालवा-शिवपुर बावरी मुख्य मार्ग की मंजूरी, पीपलपुरा पुल निर्माण और बनापुरा के शासकीय स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही शिवपुर और डोलपुर में सांदीपनि विद्यालय के लिए सर्वे कराने और एक विद्यालय की मंजूरी देने की घोषणा की। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में विकास की अनेक सौगातें दी हैं। सिवनी-मालवा कृषि से समृद्ध क्षेत्र है। पिछले दो साल में ही 984 करोड़ की लागत की सड़कों की सौगात सिवनी-मालवा को मिली है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम जिले में ऐतिहासिक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की है, जिसमें अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ। लोक निर्माण विभाग गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कर रहा है। उन्होंने विभाग के लोकपथ ऐप की जानकारी दी। विधायक प्रेमशंकर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिवनी-मालवा को लगातार विकास कार्यों की सौगातें मिल रही हैं। इस क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने और सिंचाई सुविधाओं के विकास से किसानों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल के परिणामस्वरूप इंडियन ऑयल द्वारा डोलरिया में नया प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे नर्मदापुरम के युवाओं को रोजगार मिलेगा। विधायक वर्मा ने आंवली घाट पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधा के विकास कार्य और सिवनी-मालवा शहर का सीवेज नदी में मिलने से रोकने के लिए योजना तैयार करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, विधायक विजयपाल सिंह, विधायक ठाकुर दास नागवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा पटेल, जिलाध्यक्ष सुप्रीति शुक्ला तथा बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सिवनी … Read more

बड़े लोगों को निशाना बनाकर फर्जी सोना बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया

गुरुग्राम गुरुग्राम पुलिस ने सस्ते दाम पर सोने के सिक्के बेचने का झांसा देकर देशभर में ठगी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह वही गिरोह है जिसने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के पिता सलीम खान और अभिनेता आदित्य पंचोली जैसे नामचीन लोगों को भी अपना शिकार बनाया था. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से करोड़ों रुपये नकद और भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया है. यह गिरोह पढ़े‑लिखे और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को बड़े ही शातिराना तरीके से जाल में फंसाता था. गुरुग्राम पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, सस्ते सोने के सिक्के बेचने के नाम पर ठगी करने वाले इस अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गुजरात और गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 2 करोड़ 30 लाख 5 हजार 700 रुपये नकद और 678 ग्राम सोना बरामद किया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने नकली सोने के सिक्कों के जरिए करीब 2.49 करोड़ रुपये नकद और 50 तोला सोने की ठगी को अंजाम दिया था. ऐसे जीतते थे भरोसा, फिर करते थे वारदात पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे. सबसे पहले वे पीड़ित को कुछ असली सोने और चांदी के सिक्के दिखाते थे, जिससे उसका भरोसा जीत लिया जाता था. जब पीड़ित को यह यकीन हो जाता कि सिक्के असली हैं, तो आरोपी उसे अधिक मात्रा में सस्ते दाम पर सोना बेचने का झांसा देते थे. इसी लालच में आकर लोग बड़ी रकम दे देते थे और बदले में उन्हें पीतल के नकली सिक्के थमा दिए जाते थे. हाईवे पर करते थे रेकी, बड़ी गाड़ियों को बनाते थे निशाना आरोपी पहले बड़े एक्सप्रेसवे और हाईवे पर रेकी करते थे. जहां से बड़ी और लग्जरी गाड़ियां गुजरती थीं, वहां ये गिरोह सक्रिय रहता था. जैसे ही उन्हें कोई बड़ी गाड़ी नजर आती, वे उसे किसी बहाने से रोक लेते और फिर अपने ठगी के जाल में फंसा लेते थे. पुलिस के मुताबिक, गिरोह खासतौर पर अमीर, पढ़े‑लिखे और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता था. मजदूर बनकर सुनाते थे ‘खुदाई में सोना मिलने' की कहानी पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य खुद को गरीब मजदूर के रूप में पेश करते थे. वे यह कहानी गढ़ते थे कि खुदाई के दौरान उन्हें सोना मिला है और वे उसे सस्ते में बेचना चाहते हैं. इस कहानी से लोगों में लालच पैदा कर वे ठगी को अंजाम देते और फिर मौके से फरार हो जाते थे. 25 साल से ठगी कर रहा था सरगना प्रभुभाई इस गिरोह का सरगना प्रभुभाई बताया जा रहा है, जो पिछले 25 वर्षों से इस तरह की ठगी की वारदातों में शामिल रहा है. उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं. इतना ही नहीं, ठगी के पैसों से उसने एक होटल खरीदा और “लव यू” नाम की एक गुजराती फिल्म का निर्माण भी किया. गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क देश के अलग‑अलग राज्यों में फैला हुआ था. इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी. गुरुग्राम पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है, ताकि इस तरह की ठगी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.

सुवर्णरेखा नदी किनारे बम मिलने से हड़कंप, सेना से मदद मांगी गई

 सिंहभूम पूर्वी सिंहभूम जिले में बहरागोड़ा में सुवर्णरेख नदी किनारे एक बम मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह बम वर्ल्ड वॉर-2 के दौरान का हो सकता है। बम की खबर मिलते ही लोगों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए तुरंत दूरी बना ली। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है। इसी साल मार्च में भारतीय सेना के जवानों ने बहरागोड़ा में दो एक्टिव बमों को निष्क्रिय किया था। इन दो बम को लेकर भी आशंका थी कि यह वर्ल्ड वॉर-2 के दौरान के हो सकते हैं। बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने छानबीन में पाया था कि दोनों बम एक्टिव थे और वजन में काफी भारी थे। 50-100 मीटर की दूरी पर ही फिर मिला एसपी (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने कहा ने कहा ‘बम को पानीपाड़ा गांव के निवासियों ने बुधवार की रात को बम को देखा था। यह हम सुवर्णरेख नदी किनारे पर पड़ा था। बम उस जगह से लगभग 50-100 मीटर की दूरी पर है जहां पहले दो बम मिले थे। हम निरीक्षण करने और जरूरी कार्रवाई शुरू करने के लिए भारतीय सेना के साथ बातचीत कर रहे हैं।’ इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई बहरागोड़ा पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि बम जैसी दिखने वाली धातु से बनी ठोस वस्तु का आकार और वजन मार्च में बरामद किए गए दो बमों के के जैसा ही है। एहितयात के तौर पर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 25 मार्च को किया था डिफ्यूज पानीपड़ा-नागसुड़ाई में स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिले विशाल सिलेंडरनुमा मिसाइल बम को भारतीय सेना ने आस-पास के इलाके को खाली करवाकर डिफ्यूज कर दिया था। बम का वजन करीब 200 किलोग्राम था। ये बम मजदूर को रेत की खुदाई के दौरान मिला था। 30 मिनट के अंतराल में डिफ्यूज इसके बाद, जब मौके की जांच की गई तो पास के ही एक ग्रामीण के घर में भी उसी आकार का दूसरा बम बरामद हुआ। दोनों बमों को डिफ्यूज कम करने के लिए इन विस्फोटकों को घटना स्थल के पास ही खोदे गए 25-30 फीट गहरे गड्ढे में रखा गया और चारों तरफ से रेत की बोरियों से ढक दिया गया ताकि किसी भी तरह के नुकसान को रोका जा सके। दोनों बमों को एक के बाद एक 30 मिनट के अंतराल में डिफ्यूज कर दिया गया था। साथ ही एहतियात के तौर पर लोगों को अगले 24 घंटों तक उस स्थान के आसपास न जाने की सलाह दी गई थी।  

राज्यमंत्री गौर ने किया 6.20 करोड़ की लागत के सड़क निर्माण कार्य का भूमि-पूजन

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने गुरुवार को 3 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। खेजड़ा बरामद मार्ग के इस विकास कार्य से विदिशा रोड से अयोध्या बायपास रोड की कनेक्टिविटी और ज्यादा सुलभ होगी। इस सड़क निर्माण कार्य पर करीब 6 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत आएगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी और भविष्य में व्यापारिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। राज्यमंत्री गौर ने अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सड़क क्षेत्र के यातायात को सुलभ और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मार्ग के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा, साथ ही स्थानीय नागरिकों को राहत भी मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों ने इस पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए राज्यमंत्री गौर का आभार व्यक्त किया। रहवासियों ने कहा कि यह निर्माण कार्य क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है। कार्यक्रम में पार्षद शकुन लोधी, राजू लोधी, राजू राठौड़ सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी शामिल हुए।  

CBSE Class 10th: चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने टॉप किया, अभय सिंह बने टॉपर

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 के नतीजों में अपनी सफलता का परचम लहराया है. इस साल सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है, जिसने शहर के शिक्षा मॉडल की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है।  आंकड़ों में बड़ी छलांग इस साल चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों का कुल पास प्रतिशत बढ़कर 88.25% पहुंच गया है, जो पिछले साल (81.18%) के मुकाबले 7.07% ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि इस बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या (9,356) पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम थी, लेकिन पास होने वाले छात्रों की संख्या (8,257) बढ़ गई है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि पढ़ाई की गुणवत्ता पर दिया गया जोर रंग ला रहा है।  होनहारों ने गाड़े झंडे इस बार न केवल पास होने वालों की संख्या बढ़ी है, बल्कि 'हाई स्कोरर्स' की लिस्ट भी लंबी हुई है. 95% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल 11 थी, जो इस बार लगभग दोगुनी होकर 21 हो गई है. वहीं, 120 से ज्यादा छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए हैं।  शहर के चमकते सितारे: अभय सिंह (GMSSS सेक्टर 33-D): 98.8% सान्वी बिंजोला (GGMSSS सेक्टर 20-B): 98.4% विष्णु देव (GMSSS सेक्टर 35-D): 98.2% इसके अलावा अनुज शर्मा (97.4%), रिधिमा (96.8%) और जयकृत सिंह (96.8%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।  17 स्कूलों का 'परफेक्ट' स्कोर स्कूल स्तर पर भी नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं. शहर के 17 सरकारी स्कूलों ने 100% पास प्रतिशत हासिल किया है. वहीं, 23 स्कूल ऐसे रहे जहाँ 95% से ज्यादा छात्र सफल हुए. 10 अन्य स्कूलों ने भी 90 से 95 फीसदी के बीच शानदार प्रदर्शन किया है।  शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस सफलता के पीछे साल भर चली कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति है. कमजोर छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज, स्ट्रक्चर्ड रिवीजन प्लान और मेंटरिंग प्रोग्राम जैसे कदमों ने नतीजों को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।  शिक्षा निदेशक, चंडीगढ़ ने इस उपलब्धि पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य अब 'मिशन 100%' को पूरी तरह हासिल करना है ताकि आने वाले समय में शहर का हर सरकारी स्कूल शत-प्रतिशत रिजल्ट दे सके। 

स्वरोजगार योजनाओं से सशक्त बन रहा अनुसूचित जाति वर्ग: मंत्री चौहान

भोपाल. अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न स्वरोजगार एवं वित्तीय सहायता योजनाओं से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित योजनाओं का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना एवं उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। संत रविदास स्वरोजगार योजना योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के 18 से 45 वर्ष आयु के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक ऋण एवं ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। उद्योग स्थापना के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपये और सेवा एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपये तक का बैंक ऋण प्रदान किया जाता है। योजना में 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक दिया जाता है। पात्रता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं कक्षा उत्तीर्ण निर्धारित है।आवेदक की वार्षिक आय सीमा 12 लाख तक निर्धारित है। डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए लघु स्तर पर बैंक ऋण और ब्याज अनुदान उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना में 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए 10 हजार से 1 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है।योजना में शैक्षणिक योग्यता का कोई बंधन नहीं है। आयकर दाता नहीं होने वाले आवेदक योजना के पात्र हैं।लाभार्थियों को 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान अधिकतम 5 वर्षों तक प्रदान किया जाता है। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना योजना के माध्यम से बड़े स्तर की परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को 2 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। योजना विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित होकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करती है। सावित्री बाई फुले स्व-सहायता समूह योजना यह विशेष केंद्रीय सहायता योजना, अनुसूचित जाति वर्ग की बी.पी.एल. श्रेणी की 18 से 55 वर्ष आयु की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह योजना संचालित है, जिसमें 5 से 10 महिलाओं के स्व-सहायता समूह बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाता है। समूहों को विभिन्न उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता दी जाती है। योजना में प्रत्येक हितग्राही को 2 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराने और प्रति समूह 10 हजार रुपये अनुदान देने का प्रावधान है। मंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्येक युवा को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले।  

पेयजल और सीवरेज लाइन निर्माण की कठिनाईयां समन्वय से करें दूर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में रीवा नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा शहर का तेजी से विकास हो रहा है। लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क, पानी, नाली और पेयजल व्यवस्थाओं में तेजी से विस्तार किया जा रहा है। शहर में निर्माण कार्य समन्वय से करें। पेयजल की पाइपलाइन और सीवरेज लाइन निर्माण की कठिनाईयों को समन्वय से दूर करें। हर घर को पर्याप्त और साफ पानी देना आवश्यक है। निर्माण कार्यों के कारण यदि पेयजल की पाइपललाइन क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित पर भारी जुर्माना लगाएं। शहर में निर्माण कार्य करने वाले विभिन्न विभाग और निर्माण एजेंसियाँ, नगर निगम तथा अन्य एजेंसियों से समन्वय बनाकर निर्माण कार्य करें जिससे पूर्व से निर्मित संरचनाओं को किसी तरह का नुकसान न हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अमृत-2 योजना से निर्माणाधीन टंकियों और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शीघ्र लोकार्पण कराएं। इनसे शहर के कई मोहल्लों में स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो सकेगी। सीवरेज लाइन के शेष बचे लगभग सौ किलोमीटर निर्माण कार्य को तय समय से पूरा कराएं। नगर निगम के अधिकारी इसकी सतत् निगरानी करें। जयंती कुंज सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से 13,900 घरों के सीवरेज का ट्रीटमेंट होगा। इसके सुधार का कार्य शीघ्र शुरू कराएं। जयंती कुंज सहित बाबा घाट, बिछिया और विवेकानंद वार्ड में निर्मित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का शीघ्र लोकार्पण कराएं। शहर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण की समुचित सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है। सीवरेज लाइन के निर्माण के लिए खुदाई का कार्य जहाँ तक संभव हो मैन्युअल कराने का प्रयास करें। मशीनों से खुदाई करने पर ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीएनजी गैस के प्रतिनिधि प्रत्येक मोहल्ले में शिविर लगाकर लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस का कनेक्शन दें। इससे परिवारों को सिलेण्डर से मुक्ति मिलेगी। शासन द्वारा निर्धारित 2800 घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य दो माह में पूरा करें। निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि रीवा में 363 किलोमीटर सीवर लाइन का निर्माण किया जाना है। इनमें से 252 किलोमीटर लाइन का निर्माण पूरा हो गया है। ढेकहा, रतहरा रोड, पीटीएस और बाजार में निर्माण कार्य शेष है। इस साल के अंत तक शेष कार्य पूरा हो जाएगा। शहर में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूरा हो गया है। शेष तीन का कार्य दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि नगर के निर्माण कार्यो तथा पेयजल व्यवस्था की हर सप्ताह टीएल बैठक में समीक्षा की जाएगी। किसी भी तरह की कठिनाई होने पर संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी तत्काल वस्तुस्थिति से अवगत कराएं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, प्रभारी आयुक्त नगर निगम मेहताब सिंह गुर्जर, शैलेन्द्र शुक्ला, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।  

मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक (बैंड) के 679 पदों पर भर्ती हेतु आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई

भोपाल.  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। इच्छुक एवं पात्र पुरूषअभ्यर्थी अब दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन की वेबसाईट https://iforms.mponline.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।