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पंजाब में कल किसानों का रेल रोको आंदोलन, गेहूं खरीद में देरी के खिलाफ तीन घंटे तक ट्रेनें रोकी जाएंगी

चंडीगढ़  केंद्र की एजेंसियों द्वारा पंजाब में गेहूं की खरीद ठप होने के विरोध में आजाद किसान मोर्चा (एकेएम ) ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है।  मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं सुख गिल मोगा, सतनाम सिंह हरिके, जसबीर सिंह आहलूवालिया, परमजीत सिंह जब्बोवाल और नछत्तर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे पंजाब में रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़ी विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। इस दौरान राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से रेल यातायात रोककर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाई जाएगी। सुख गिल मोगा ने कहा कि गेहूं की खरीद में हो रही देरी के कारण किसानों को मंडियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की लापरवाही के चलते अनाज मंडियों में पड़ा है, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोर्चे ने किसानों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं, ताकि मंडियों में पड़ी गेहूं की फसल को खराब होने से बचाया जा सके और सरकारों को सबक सिखाया जा सके। इस मौके पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें बीकेयू, पंजाब किसान यूनियन, बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान मजदूर यूनियन समेत कई जत्थेबंदियों के नेता शामिल थे।

17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या, स्नान-दान और तर्पण से मिलेगा पितरों का आशीर्वाद

 हिंदू धर्म में अमावस्या का खास महत्व है। वैशाख मास में पड़ने वाली अमावस्या तिथि को वैशाख अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन स्नान, दान और पितृ कर्म करने का खास महत्व बताया गया है। मान्यता है कि वैशाख अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान करने से अनजाने में किए गए पापों का नाश हो सकता है। साथ ही, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दिन कुछ कार्य करने से पितर प्रसन्न हो सकते हैं और उनका आशीर्वाद परिवार के सदस्यों पर बना रहता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें कि वैशाख अमावस्या कब है, स्नान, दान आदि कार्यों का शुभ मुहूर्त और पितरों को प्रसन्न करने के उपाय। वैशाख अमावस्या 2026 कब है? पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की अमावस्या तिथि का आरंभ 16 अप्रैल, गुरुवार के दिन रात में 8 बजकर 12 मिनट पर होगा। वहीं, अगले दिन यानी 17 अप्रैल, शुक्रवार को शाम के 5 बजकर 22 मिनट तक अमावस्या तिथि व्याप्त रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या पर स्नान-दान आदि करना शास्त्र सम्मत होगा। इन कार्यों के लिए सुबह का मुहूर्त सबसे उत्तम रहेगा। वहीं, इसी दिन पंचक भी समाप्त हो रहा है। वैशाख अमावस्या तिथि आरंभ :     16 अप्रैल, गुरुवार को रात में 8 बजकर 12 मिनट पर वैशाख अमावस्या तिथि समाप्त :     17 अप्रैल, शुक्रवार को शाम के 5 बजकर 22 मिनट पर वैशाख अमावस्या :     17 अप्रैल, शुक्रवार वैशाख अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त सूर्योदय का समय :     सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर लाभ चौघड़िया :     सुबह 7 बजकर 30 मिनट से लेकर 9 बजकर 7 मिनट तक अमृत चौघड़िया :     सुबह 9 बजकर 7 मिनट से लेकर 10 बजकर 43 मिनट तक वैशाख अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के उपाय     अमावस्या तिथि पर व्रत, दान, स्नान, तर्पण आदि कार्य करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन किए दान से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में आप वैशाख अमावस्या पर स्नान के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल व छाते का दान कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।     वैशाख अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान और तर्पण करने के पश्चात पीपल के वृक्ष के नीचे एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए। ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ. मधु प्रिया के अनुसार पितृ दोष दूर हो सकता है और जीवन में सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।     अमावस्या तिथि पर सुबह पवित्र नदी में स्नान करने का खास महत्व बताया गया है। लेकिन अगर ऐसा संभव न हो पाए तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। साथ ही, 'ओम सर्व पितृ देवाय नमः' मंत्र का जाप करते हुए तर्पण करें। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है।     माना जाता है कि अमावस्या तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा भी अवश्य करनी चाहिए। विधि-विधान से उनकी पूजा करने के साथ-साथ 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें।     वैशाख अमावस्या के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। माना जाता है कि इस उपाय को करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनके आशीर्वाद से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

भाजपा सरकार आएगी तो बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाएंगे गुंडे, माफिया व मौलानाः योगी आदित्यनाथ

आसनसोल. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फिर पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अरिजीत रॉय के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने के साथ भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया। जनसभा स्थल, वाहनों व घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़े लोग मुख्यमंत्री की एक झलक पाने को बेताब दिखे। बंगाल की धरा पर तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देते हुए सीएम योगी ने मतदाताओं से कहा कि टीएमसी के गुंडे, माफिया क्या कह रहे हैं या कोई मौलाना क्या बक रहा है, आप किसी से भयभीत न होइए। डबल इंजन की भाजपा सरकार आने दीजिए, ये सभी आपकी चाटुकारिता करते और बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाते दिखाई देंगे।  आप लोग अरिजीत को जिताइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ करेंगे  मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से कहा कि जब यहां मेरा कार्यक्रम लगा तो तृणमूल के गुंडे लोगों को परेशान करने लग गए। सभा न होने पाए, इसके लिए भाजपा का झंडा उखाड़ने का भी प्रयास किया। अरिजीत का मतलब जो शत्रु को जीत सके, आप लोग उन्हें जिताइए और डबल इंजन सरकार लाइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ हो जाएगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल स्पीड से सारी समस्याओं का समाधान होगा। भाजपा ही सुरक्षा-समृद्धि, उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।  टीएमसी के कारण पैदा हुए सैंड-कोल-लैंड माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने 15 वर्षों से बंगाल को संकट में ला दिया और इसे टेरर, माफियाराज, कटमनी व करप्शन का अड्डा बना दिया, वह टीएमसी अब नहीं चाहिए। इन लोगों ने आमजन, नौजवानों, बेटी-बहनों के सामने भय का माहौल पैदा किया है। टीएमसी के कारण सैंड माफिया, कोल माफिया, लैंड माफिया पैदा हुए। केंद्र से जो पैसा आता है, उसे टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। सीएम ने स्थानीय नागरिकों को विश्वास दिलाया कि बंगाल में दंगों, भय, अराजकता, माफियाराज को भाजपा समाप्त करेगी।  कांग्रेस, सपा व टीएमसी नहीं रोक पाईं, अयोध्या में बन गया राम मंदिर सीएम ने कहा कि 9 साल पहले इससे भी बुरी स्थिति उत्तर प्रदेश की थी। वहां हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। व्यापारी, बहन-बेटी असुरक्षित थी। गुंडागर्दी-अपराध चरम पर था, माफिया हावी थे। जनता के विकास के लिए आने वाले पैसे में डकैती पड़ती थी, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने इसका उपचार कर दिया। यूपी में बहुत परिवर्तन हो गया, वहां कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता। यूपी में पर्व-त्योहार शांति से मनाए जाते हैं। वहां अराजकता-गुंडागर्दी नहीं है, लेकिन बंगाल में गोतस्करी, गोहत्या, त्योहारों के पहले उपद्रव होते हैं। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर अब माफिया की हड्डी-पसली ठीक करता है। माफिया की संपत्ति लेकर गरीबों के आवास बनते हैं। यूपी में न कर्फ्यू है न दंगा है, वहां सब चंगा है। रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन करना पड़ा। टीएमसी की पार्टनर समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोली चलवाईं। जैसे ममता दीदी को राम नाम, दुर्गा पूजा से चिढ़ है, यूपी में भी ऐसे ही चिढ़ होती थी। यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो अयोध्या में भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा मंदिर बन गया, इसे कांग्रेस, सपा व टीएमसी रोक नहीं पाईं, क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है।  गारंटी देती है भाजपा- गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे  सीएम योगी ने कहा कि भाजपा गारंटी देती है कि बंगाल में दंगा, कर्फ्यू नहीं लगेगा। गोमाता को कटने नहीं देंगे और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथियों और 15 वर्ष से टीएमसी ने यहां पहचान का संकट खड़ा किया है। बंगाल कभी कल्चरल कैपिटल के रूप में देश को दिशा देता था, लेकिन इसे क्राइम कैपिटल बनाकर पहचान का संकट खड़ा किया गया। आजादी के बाद बंगाल विकास के पथ पर आगे चल रहा था। देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था। इकॉनमिक लीडर के रूप में बंगाल की तूती बोलती थी। किसान प्रसन्न, नौजवान को नौकरी-रोजगार, मछली-चावल उत्पादन बढ़ रहा था, लेकिन कांग्रेस, वामपंथियों व टीएमसी ने राज्य को भ्रष्टाचार, भय व अराजकता का केंद्र बना दिया। मछली उत्पादन कम हुआ और चावल उत्पादन घटा। यहां के संसाधनों पर माफिया हावी है, नौजवान के लिए नौकरी-रोजगार गायब है। किसानों को उपज का दाम नहीं मिल पाता। यूपी में आलू का दाम 15-16 रुपये किलो और बंगाल में मात्र एक-डेढ़ रुपये मिल रहा है।  प्रेरणा भूमि रही है बंगाल  सीएम योगी ने कहा कि बंगाल सदैव प्रेरणा भूमि रही है। इसने भारत को राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत दिया। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर बंगाल की धरती टीएमसी की अराजकता से मुक्त होने का आह्वान कर रही है। इस धरा ने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी प्रणवानंद, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, अरविंद घोष, जनसंघ के संस्थापक अध्य़क्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रवादी चिंतक दिए। कश्मीर को पृथक मान्यता देने के लिए कांग्रेस की चाल के कारण आतंकी भारत की एकता को चुनौती दे रहे थे, लेकिन डॉ. मुखर्जी के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया और धारा 370 समाप्त कर दी। कश्मीर में भी भारत का कानून वैसे ही लागू हुआ, जैसे बंगाल, बिहार और यूपी में है।

समय पर पुलिस भर्ती, ट्रेनिंग व सुविधाओं से बना सुरक्षा का बेहतर माहौल: सीएम योगी

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पुलिस विभाग में समय पर भर्ती, समय पर ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं के विकास से पुलिसकर्मियों के कार्य की गति बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बना और सुशासन का बेहतरीन मॉडल खड़ा हुआ। सीएम योगी गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने दो आधुनिक सुरक्षा भवनों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन भवनों में मंदिर सुरक्षा से जुड़े अपर पुलिस अधीक्षक व  पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटिनेंस वर्कशाप बनाई गई है। इसके निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा भवनों में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन भी किया।  इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, सुशासन की पहली शर्त होती है। हर व्यक्ति को सुरक्षा चाहिए। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। पर, हम उसका एक ही पक्ष देख पाते थे। पुलिस का सामान्य सिपाही हो या सब इंस्पेक्टर व डिप्टी एसपी, यदि उसकी ट्रेनिंग नहीं है तो वह भी एक कॉमन मैन (सामान्य व्यक्ति) ही होगा। पहले की सरकारों में भर्ती, ट्रेनिंग और अवस्थापना सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता था। इसका परिणाम यह होता था कि बहुत से नौजवान पुलिस भर्ती में नहीं आना चाहते थे।  9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे में वर्ष 2017 के बाद आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 9 साल पहले जब उनकी सरकार आई तो उस समय पुलिस बल में आधे से अधिक पद खाली थे। बीते 9 वर्ष में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया है। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता एक समय में 3 हजार से अधिक नहीं थी, जबकि वर्तमान में अवस्थापना सुविधाओं के विकास का परिणाम है कि अब एक समय में 60 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग करवाई जाती है। समय पर लिए गए निर्णय, और समय पर दिए गए संसाधनों के परिणामस्वरूप पुलिस को 200 गुना अधिक सुविधाओं से सम्पन्न किया गया है। पहले नहीं थी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा सीएम योगी ने कहा कि पहले थाना हो, चौकी हो, पुलिस लाइन हो या पीएसी वाहिनी, कहीं भी पुलिसकर्मियों के लिए अच्छी आवासीय सुविधा और अच्छे बैरक नहीं थे। पुलिसकर्मी किराए पर रहकर जैसे-तैसे जीवन व्यतीत करता था। कई बार शिकायत आती थी कि पुलिस वाले ने घर पर कब्जा कर लिया है। वह कब्जा नहीं करता था। होता यह था कि उसके बच्चे की परीक्षा है और उसी समय मकान मालिक घर खाली करने को कह देता। इस पर वह झल्ला कर कहता, घर नहीं खाली करेंगे। आज ये सारी शिकायतें समाप्त हो गई हैं, क्योंकि सरकार ने हर पुलिस लाइन में आवासीय सुविधा दी है, बैरक बनवाए गए हैं। सुरक्षा में सेंध लगाने वाले का काम तमाम कर देंगे मुस्तैद पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पुलिस थाने का भवन बनता था, लेकिन उसमें बैरक नहीं बनते थे। अन्य सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध हो पाती थीं। बहुत बार पुलिस किसी अपराधी को पकड़कर लाती थी तो उसे रखने की व्यवस्था नहीं होती थी। ऐसे मौकों पर पुलिस असहाय दिखती थी। कई बार अपराधी भाग भी जाता था। लेकिन, पुलिस को अब असहाय बनने की आवश्यकता नहीं है। अब अपराधी भाग नहीं सकता, क्योंकि उसे थाने में ही रोककर रखने की सुविधाएं दी गई हैं। अब कोई थाने पर हमला नहीं कर सकता, क्योंकि थाने में पुलिस कार्मिकों के लिए अलग से बेहतरीन सुविधाओं से युक्त बैरक बनाए गए हैं। हर समय, हर थाने में पर्याप्त संख्या में पुलिस कार्मिक उपलब्ध होंगे। जो थाने की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करेगा, उसका काम तमाम करने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करता दिखाई देगा। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

अखिलेश यादव का हमला: महिला आरक्षण को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

नई दिल्ली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने 'नारी को नारा बनाने' की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन 'भाजपाई चालबाजी' के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया, 'भाजपा इस (महिला) आरक्षण को लेकर नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही। लेकिन जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा, उनका मान-सम्मान कैसे रखेंगे। जिस मूल संगठन से आप निकले हैं, उसमें मान-सम्मान के लिए कितनी नारी हैं?' सपा सांसद ने कहा, हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सवाल यह है कि भाजपा के अंदर जल्दबाजी क्यों है? सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालनी चाहती है, वह जाति जनगणना को टालना चाहती है और ऐसा कर वह आरक्षण को टालना चाहती है। उन्होंने सरकार पर आधी आबादी में मुस्लिम महिलाओं को नहीं गिनने का आरोप लगाते हुए कहा, 'हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाए।' उन्होंने दावा किया कि भाजपा का असली लक्ष्य वोट हासिल करना और सत्ता में बने रहना है, इसलिए ये विधेयक लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यही राजनीतिक चाल है कि जब पुराने लोग समझ जाते हैं तो वे नये लोगों को लक्षित करते हैं, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी। भाजपा की चंदा वसूली के कारण बढ़ी है महंगाई कन्नौज से सपा सांसद ने सत्तारूढ़ दल पर यह भी आरोप लगाया, 'भाजपा की कमीशन खोरी और चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है उससे उनकी (महिलाओं की) रसोई सूनी हो गई है। रही-सही कसर सिलेंडर की कमी और बेतहाशा बढ़ती कीमतों ने पूरी कर दी है।' उन्होंने एनसीआर और अन्य स्थानों पर वेतन वृद्धि को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं सहित कामगारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि यह विधेयक इतना ही सही है तो इसे मेरठ और नोएडा के कामगारों के बीच बैठकर घोषित किया जाए कि उनके लिए इसमें क्या-क्या किया जा रहा है। महिलाओं के बीच प्रतिस्पर्धा करा देगी भाजपा सपा प्रमुख ने कहा कि परिसीमन के बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ कर यदि 600 हो रही है, तो कहीं उसमें कोई षडयंत्र तो नहीं है और यदि ऐसा है तो जैसे (भाजपा) अयोध्या में हारी, एक बार फिर उत्तर में हारेगी। उन्होंने महिलाओं के लिए लोकसभा या विधानसभा सीट सुरक्षित नहीं रखने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा कर वह (भाजपा) महिलाओं के बीच ही प्रतिस्पर्धा करा देगी। उन्होंने पार्टी आधार पर महिला आरक्षण का प्रावधान करने की मांग की और भाजपा की एक पूर्व सांसद पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए कहा, 'सास-बहू वाली तो हार गई हैं आपकी। पार्टी को तो मौका मिलेगा।' सपा सांसद ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी चक्रीय आधार पर महिला आरक्षण के खिलाफ है क्योंकि ऐसा होने पर कोई भी अपने क्षेत्र में जनता से ज्यादा भावनात्मक लगाव नहीं रखेगा।

घबराइए मत, बच्चे के इलाज में नहीं आने देंगे कोई बाधा: मुख्यमंत्री

गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान श्रावस्ती से आई एक महिला ने गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे के इलाज में मदद का अनुरोध किया। साथ में आए बच्चे को देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने महिला से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। जब महिला ने बताया कि उसका कार्ड नहीं बना है, मुख्यमंत्री ने कहा- घबराइए मत, बच्चे के इलाज में कोई भी बाधा नहीं आने देंगे। आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे और विवेकाधीन कोष से भी बच्चे के इलाज में आर्थिक सहायता देंगे। महिला का प्रार्थना पत्र लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अफसरों को इस निर्देश के साथ हस्तगत किया कि इसे श्रावस्ती के जिलाधिकारी को भेजकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। साथ ही डीएम के जरिये इलाज का इस्टीमेट भी शासन को उपलब्ध कराया जाए।  गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। इत्मीनान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए। पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़े समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषप्रद होना चाहिए। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। उन्होंने उनसे मिलने आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, घबराइए मत। सरकार हर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी। अपराध व जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों व भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।

रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को ब्रिटिश पार्लियामेंट में अंतरराष्ट्रीय सम्मान, ऑक्सफोर्ड में स्किन डिजीज पर दिया व्याख्यान

लंदन. World Homeopathy Summit 4 के अवसर पर ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित भव्य समारोह में रायपुर (छत्तीसगढ़) के प्रतिष्ठित होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में रायपुर, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न स्थानों के 100 होम्योपैथी चिकित्सकों एवं विदेशों से आए 25 चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। विशेष रूप से प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्रिटिश संसद के सदस्य लॉर्ड रावल एवं शिवानी राजा उपस्थित रहे। साथ ही इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक, इयोन मॉर्गन, स्टुअर्ट ब्रॉड, जोनाथन ट्रॉट एवं डेविड ग्रोवर जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया। इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने ऑक्सफोर्ड में स्किन डिजीज (त्वचा रोग) विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान भी दिया, जिसमें उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से त्वचा रोगों के प्रभावी उपचार और उसके वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके इस व्याख्यान को उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया। डॉ. त्रिवेदी को यह सम्मान होम्योपैथी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य, मरीजों के प्रति समर्पण एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर रायपुर, छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित करने के लिए प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने इसे अपने माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के मार्गदर्शन एवं मरीजों के विश्वास का परिणाम बताते हुए इस उपलब्धि को अपने शहर रायपुर और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को समर्पित किया। यह उपलब्धि न केवल डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, बल्कि रायपुर, छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय है।

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर.  छत्तीसगढ़ में युवाओं के सशक्त भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित गरिमामय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव  डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

स्पाइसजेट और आकासा एयर के विमान भिड़े, दोनों को नुकसान

नई दिल्ली दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार को दो विमान की आपस में टक्कर हो गई। इस घटना में एक विमान के दाहिने विंगलेट तो दूसरे विमान के बाएं हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर को नुकसान पहुंचा है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता के अनुसार, विमान को फिलहाल दिल्ली में ही रोक दिया गया है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा ‘16 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पर टैक्सींग के दौरान स्पाइसजेट का एक विमान (Boeing 737-700) दूसरे विमान से टकरा गया। इस हादसे में स्पाइसजेट के विमान के दाहिने विंगलेट (पंख) और दूसरी एयरलाइन के विमान के पिछले हिस्से (हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर) को नुकसान पहुंचा है। उस विमान को फिलहाल दिल्ली में ही रोक दिया गया है।’ वहीं आकासा एयर के मुताबिक, आकासा का विमान अपनी जगह खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें विमान से उतार लिया गया। आकासा की फ्लाइट (QP 1406) दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी मगर टक्कर के बाद उसे वापस पार्किंग में खड़ा करना पड़ा। बहरहाल फिलहाल इस पूरे की मामले की जांच की जा रही है। आकासा एयर के प्रवक्ता ने बताया कि 'उनकी फ्लाइट (QP 1406), जो दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी, उसे वापस पार्किंग एरिया में वापस लाना पड़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आकासा का विमान अपनी जगह खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी। सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित उतार लिया गया और हमारी ग्राउंड टीमें यात्रियों को जल्द से जल्द हैदराबाद पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है।'  

सभी अधिकारी नगरीय निकायों को स्वावलंबी और विकास केंद्र के रूप में स्थापित करें: मंत्री विजयवर्गीय

सभी अधिकारी नगरीय निकायों को स्वावलंबी और विकास केंद्र के रूप में करें स्थापित : मंत्री विजयवर्गीय अधिकारी विद्यार्थी भाव से सेवा और जन-भागीदारी को बनाएँ अपना ध्येय सड़क और जल आपूर्ति के साथ रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि पर दें विशेष ध्यान सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में "शहरी सुधार कार्यशाला" का किया शुभारंभ भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में दीप प्रज्ज्वलित कर "शहरी सुधार कार्यशाला"का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के नगरीय निकायों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए दूरदर्शी नेतृत्व और कर्मठता के साथ नगरों के कायाकल्प करने का आह्वान किया। प्रशासन व्यवहार से चलता है, जन-सेवा ही सर्वोपरि: मंत्री विजयवर्गीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि, "यदि सभी अधिकारी विद्यार्थी भाव को आत्मसात कर जीवन जिएंगे, तो व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों ही उत्कृष्ट होंगे। उन्होंने कहा  कि प्रशासन केवल नियमों से नहीं, बल्कि उचित व्यवहार से चलता है। जनता की सेवा के लिए समर्पण और कठोर परिश्रम ही एक सफल अधिकारी की वास्तविक पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को दोहराते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप हमें सभी नगरीय निकायों को 'आत्मनिर्भर' बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि हमारे शहरी केंद्रों को 'विकास केंद्र' के रूप में विकसित किया जाए। अधिकारियों को अब केवल सुदृढ़ सड़क और स्वच्छ जल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें शहर में रोजगार के नवीन अवसर उत्पन्न करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। नवाचार और राजस्व वृद्धि पर विशेष बल मंत्री विजयवर्गीय ने नगरों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर चर्चा करते हुए भूमि मुद्रीकरण और भूमि के कुशल प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नगरीय भूमि का उपयोग जनकल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए प्रभावी ढंग से हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाला समय शहरीकरण का है। यदि आप पारदर्शिता और जन-भागीदारी के साथ नवीन कार्य करेंगे और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ देंगे, तो जनता भी कर वृद्धि जैसे निर्णयों में सहर्ष आपका साथ देगी। उन्होंने अधिकारियों को जन-प्रतिनिधियों के साथ सामंजस्य बिठाकर चुनौतियों को स्वीकार करने की सीख दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नवनियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से संवाद के दौरान कहा कि नगरीय निकायों में कार्य करते समय सेवा भाव अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह सीधे जनता से जुड़ा दायित्व है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस संस्थान में प्रथम बार इस प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से सक्रियता, ऊर्जा और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। दुबे ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी वर्ष के लिए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करना और नियोजित विकास के साथ नागरिक जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने अर्बल चेलेंज फंड और द्वारका योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से नगरीय निकायों के कायाकल्प की संभावनाओं पर भी बल दिया। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि विभाग एक परिवार और सामूहिक भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों के आयुक्त, मुख्य नगरपालिका अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यशाला में सम्मिलित हैं। कार्यशाला का मुख्य केंद्र नागरिक संतुष्टि और मूलभूत सिद्धांतों पर कार्य करना है।        इस कार्यशाला के माध्यम से आगामी दो दिनों तक नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार , समीक्षा और संवाद का क्रम निरंतर जारी रहेगा, ताकि प्रदेश के शहरों को आधुनिक और जन-सुविधाओं से युक्त बनाया जा सके।