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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोन कर दी बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार  विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चौधरी के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से बिहार में तीव्र प्रगति सुनिश्चित होगी। उल्लेखनीय है कि सम्राट चौधरी ने आज ही बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है।

हिमांशी ने नरेला का नाम किया रोशन, मंत्री सारंग ने घर पहुंचकर बढ़ाया हौसला

नरेला की बेटी हिमांशी ने रचा इतिहास, मंत्री सारंग ने घर पहुंचकर बढ़ाया हौसला : लैपटॉप देने का किया वादा भोपाल नरेला विधानसभा क्षेत्र की प्रतिभाशाली छात्रा हिमांशी धाकड़ ने एमपी बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 99.4% अंक अर्जित कर प्रदेश में तृतीय एवं भोपाल में प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग स्वयं उनके निवास, ऐशबाग पहुँचे और बेटी को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हिमांशी की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे नरेला और भोपाल के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और हिमांशी जैसी प्रतिभाएं समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मंत्री श्री सारंग ने हिमांशी को प्रोत्साहित करते हुए एक लैपटॉप भेंट करने का वादा किया, जिससे वह अपनी आगे की पढ़ाई को और बेहतर तरीके से जारी रख सके। साथ ही, जब हिमांशी ने अपने यूपीएससी की तैयारी करने के लक्ष्य के बारे में बताया, तो मंत्री श्री सारंग ने उसे हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। हिमांशी धाकड़, जो कि ब्रिलियंट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं, ने अपनी इस सफलता से यह सिद्ध कर दिया है कि लगन और परिश्रम के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हिमांशी का यह प्रेरणादायक सफर प्रदेश की लाखों बेटियों के लिए एक मार्गदर्शन है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह इसी प्रकार निरंतर मेहनत करती रहेंगी और भविष्य में देश-प्रदेश का नाम और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। इस अवसर पर परिजन एवं स्थानीय नागरिकों ने भी मंत्री जी का स्वागत किया और हिमांशी की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।  

गांव की बेटियां अब दोबारा कर सकेंगी आवेदन, प्रतिभा किरण योजना का लाभ मिलेगा

गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना के लाभ से वंचित बेटियां अब दोबारा कर सकेंगी आवेदन शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पर करना होगा आवेदन, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार के निर्देश पर, उच्च शिक्षा विभाग ने गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल दोबारा खोले जाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ज्ञातव्य है कि उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना का लाभ पाने से किसी कारणवश वंचित रह गई बेटियों को, उक्त योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विभाग को निर्देशित किया था। मंत्री परमार के निर्देशों के अनुपालन में, उच्च शिक्षा विभाग ने गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पुनः खोला है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना का लाभ पाने से वंचित रह गई बेटियां, अब स्कॉलशिप पाने के लिए दोबारा आवेदन कर सकेंगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उक्त दोनों योजनाओं का लाभ पाने से वंचित छात्राएं, छात्रवृत्ति के लिए दोबारा आवेदन कर सकेंगी। छात्राओं को गांव की बेटी योजना एवं प्रतिभा किरण योजना के नवीन एवं नवीनीकरण के लिए, स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पर आवेदन करना होगा। पोर्टल पर आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई 2026 हैं। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की बेटियों को बेहतर उच्च शिक्षा मिले, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना चलाई जा रही है। गांव की बेटी योजना से ग्रामीण क्षेत्र के महाविद्यालयों एवं प्रतिभा किरण योजना से शहरी क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। विभाग का उद्देश्य, अधिक से अधिक छात्राओं को योजनाओं का लाभ दिलाना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।  

टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ किया गुरु गोरखनाथ का दर्शन

टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ किए गुरु गोरखनाथ के दर्शन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एन. चंद्रशेखरन को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया, नाथपंथ और इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गोरखपुर  टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए। गोरखनाथ मंदिर आगमन पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन कराने के बाद एन. चंद्रशेखरन को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ तथा इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्थापित पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में शामिल होने गोरखपुर आए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन बुधवार दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजन किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने उन्हें शिवगोरक्ष नामाकृत अंगवस्त्र और मंदिर का प्रसाद भेंट किया।  गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नाथपंथ के इतिहास, विस्तार-प्रसार, इस पंथ के प्रवर्तक महायोगी गुरु गोरखनाथ के जीवन दर्शन और नाथपंथ के महान संतों के बारे में बताया। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद एन. चंद्रशेखरन गोरक्षपीठ की तरफ से आयोजित दोपहर भोज में भी शामिल हुए।

जल संरक्षण अभियान’ की शुरुआत, योगी सरकार ने स्कूलों से की पहल

योगी सरकार की पहल, स्कूलों से शुरू होगा 'जल संरक्षण अभियान' छात्रों और समाज में जल बचाने की व्यावहारिक आदत विकसित करना है उद्देश्य 16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं शैक्षिक संस्थानों में मनाया जाएगा ‘जल पखवाड़ा’ – ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ के अंतर्गत संचालित होगा अभियान, प्रत्येक दिन की गतिविधि की रिपोर्टिंग अनिवार्य लखनऊ  योगी सरकार ने जल संरक्षण को लेकर निर्णायक पहल करते हुए इसे सीधे स्कूलों से जोड़ दिया है। ‘जल शक्ति अभियान’ के अंतर्गत 16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में ‘जल पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से लाखों छात्र जल संरक्षण के प्रति न केवल जागरूक होंगे, बल्कि जल बचाने की जिम्मेदारी भी सक्रिय रूप से निभाएंगे। इस पहल के जरिए जल संरक्षण को जनभागीदारी से जुड़ा अनिवार्य दायित्व बनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत स्कूली कक्षाओं से लेकर संपूर्ण समाज तक व्यापक प्रभाव डालेगी। अभियान की विशेषता इसकी सुदृढ़ मॉनिटरिंग व्यवस्था है। सभी विद्यालयों के लिए प्रतिदिन की गतिविधियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग अनिवार्य की गयी है। ट्रैकर के माध्यम से प्रतिभागियों की संख्या, गतिविधियों का विवरण तथा फोटो/वीडियो अपलोड करने होंगे। इसके लिए जनपद स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित कर जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।  योगी सरकार की मंशा जल संरक्षण अभियान को व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप देने की है, ताकि समाज में जल संरक्षण के प्रति स्थायी सोच एवं व्यवहार विकसित हो सके। विद्यालयों की प्रार्थना सभा में 'जल शपथ' जल पखवाड़ा के दौरान विद्यालयों को जल संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत जल संरक्षण विषय पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिनमें जल निगम, पंचायती राज, बेसिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रतिदिन प्रार्थना सभा में ‘जल शपथ’ दिलाई जाएगी और छात्रों व अभिभावकों के बीच जल संरक्षण से जुड़ी जानकारियों का प्रसार किया जाएगा, ताकि यह अभियान घर-घर तक प्रभावी रूप से पहुंचे। निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला जैसी प्रतियोगिताओं से बढ़ाई जाएगी भागीदारी छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला तथा अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे उनमें जल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विद्यालय में पेयजल स्रोतों एवं जल भंडारण स्थलों की साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जल निगम की प्रयोगशालाओं के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक शुद्धिकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में जल संरक्षण विषयक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच संवाद व जनजागरूकता गतिविधियों को भी शामिल किया गया है, जिससे यह अभियान व्यवहार परिवर्तन का माध्यम बन सके।

राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल पटेल का संदेश, विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव

राज्य स्थापना दिवस समारोह, विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन में "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" के तहत हुआ आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि राज्यों का स्थापना दिवस कार्यक्रम, भारत की विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव है। यह एक दूसरे की कला, संस्कृति, इतिहास और विकास से परिचय कराता है। सभी में आपसी सदभाव, प्रेम और भाईचारा बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि आयोजन, देश की विभिन्नता में एकता की शक्ति को पहचानने और भावी पीढ़ी को परिचित कराने का भी माध्यम है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि यह केवल तिथियों का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव भी है, जो हमें अपनी विरासत को संजोते हुए विकास के नए आयाम स्थापित करने की प्रेरणा देता है। राज्यपाल पटेल बुधवार को लोक भवन में राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने तीनों राज्यों के निवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। लोक भवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहनीय पहल है। यह विकसित भारत निर्माण की संकल्पना को साकार करने सभी राज्यों को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने तीनों राज्यों के प्रतिनिधियों से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में योगदान देने का आव्हान भी किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महापुरूषों का किया स्मरण राज्यपाल पटेल ने राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह में तीनों राज्यों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महापुरूषों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में राजस्थान के बालमुकुंद बिस्सा, अर्जुन लाल सेठी, केसरी सिंह बारहठ, विजय सिंह पथिक, जमनालाल बजाज, हीरालाल शास्त्री, सागरमल गोपा और माणिक्य लाल वर्मा जैसे सेनानियों का योगदान अमूल्य है। आजादी के संघर्ष में उड़ीसा के लक्ष्मण नाइक, मालती चौधरी, जमुनीबती पट्टनायक, सुरेंद्र साई और अटल बिहारी आचार्य का अदम्य साहस, देशभक्ति का प्रदर्शन राष्ट्र भक्तों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। हिमाचल प्रदेश में राम सिंह पठानिया ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका। कांशीराम, जिन्हें “पहाड़ी गाँधी” कहा जाता है, ने जनजागरण और संघर्ष के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। इसी प्रकार डॉ. वाई. एस. परमार, पदम देव, शिवानन्द रमौला, पूर्णानंद, सत्यदेव, सदाराम चंदेल, दौलत राम तथा ठाकुर हजारा सिंह का संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा दायक है। राज्यपाल पटेल ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से महान सेनानियों के त्याग, साहस और समर्पण से प्रेरणा लेने, राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने की अपील भी की। तीनों राज्यों की कला और संस्कृति अद्भुत राज्यपाल पटेल ने कहा कि राजस्थान की भक्ति परंपरा, मीरा के भजन, भव्य किले, लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प, थार मरुस्थल और विभिन्न विश्व धरोहर स्थल भारत की वैश्विक पहचान है। भारत की आध्यात्मिक और स्थापत्य विरासत में भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा और कोणार्क का सूर्य मंदिर हमारी सांस्कृतिक गरिमा के प्रतीक हैं। देवभूमि के रूप में प्रसिद्ध हिमाचल प्रदेश की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ पर्यावरण, धार्मिक आस्थाएं और पौराणिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध कर राष्ट्रीय पहचान को गौरवान्वित करती हैं। सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत हमारा लक्ष्य राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारी भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताएँ भले ही भिन्न हों लेकिन हमारा लक्ष्य सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओडिशा के खनिज संसाधन और औद्योगिक विकास, राजस्थान की नव-करणीय ऊर्जा, पर्यटन विकास तथा हिमाचल प्रदेश के पर्यावरणीय संरक्षण के समन्वित प्रयासों से ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण संभव होगा। तीनों राज्यों की लोक, शास्त्रीय और संस्कृति की दिखी झलक राज्यपाल पटेल के समक्ष राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश राज्य की लोक संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियां दी गई। उन्होंने सभी आर्कषक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने समारोह की सभी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में महिला और बेटियों की संपूर्ण सहभागिता को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताया। समारोह में राजस्थान सांस्कृतिक समाज की ओर से घूमर और कठपुतली नृत्य प्रस्तुत किया गया। राजस्थान राज्य के इतिहास और कला संस्कृति पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। ओडिशा राज्य के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभम्पति का संदेश और राज्य की लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुति के अंतर्गत शास्त्रीय नृत्य ओडिसी और उत्कल समाज की ओर से भगवान जगन्नाथ की स्तुति नृत्य हुआ। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता का लघु संदेश और लोक भवन हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिकता पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। हिमाचल समाज जनसेवा समिति की ओर से राज्य की लोक, कला और भक्ति आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल पटेल का राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के मध्यप्रदेश में निवासरत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक स्वागत किया। राज्यपाल पटेल को राजस्थानी पगड़ी, ओडिशा हस्तशिल्प, हिमाचली टोपी और फलों की टोकरी भेंट की गई। संयुक्त समारोह में पूर्व डी.जी.पी संतोष कुमार रावत, रमेश अग्रवाल, पुरूषोत्तम, तीनों राज्यों के प्रदेश में निवासरत नागरिक और लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

नई व्यवस्था से बदलेंगे गाड़ी नंबर के नियम, ‘लकी नंबर’ पर नहीं होगा कोई असर

इंदौर   अब गाड़ी बदलने पर अपना पसंदीदा या लकी नंबर खोने की चिंता खत्म होने वाली है। परिवहन विभाग ऐसी नई व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नई गाड़ी पर आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा नियमों में तो है, लेकिन जटिल प्रक्रिया और कागजी झंझट के कारण कम ही लोग इसका फायदा उठा पाते हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव के मुताबिक करीब तय शुल्क देकर वाहन मालिक अपने नंबर को सुरक्षित रख सकेंगे और बाद में नई गाड़ी पर उसी नंबर को फिर से हासिल कर पाएंगे। विभाग ने यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा। अभी नई गाड़ी, नया नंबर अभी की स्थिति में यदि कोई व्यक्ति अपना पुराना नंबर नई गाड़ी पर लेना चाहता है, तो उसे पहले पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराना होता है और फिर लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यही वजह है कि अधिकांश लोग नया नंबर ही स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन प्रस्तावित सिस्टम में वाहन बेचने या स्क्रैप कराने के बाद आरटीओ में आवेदन देकर नंबर सुरक्षित रखा जा सकेगा। नई गाड़ी खरीदने के बाद यदि वही नंबर फिर से लेना है तो निर्धारित शुल्क चुकाकर इसे अलॉट कराया जा सकेगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति उस नंबर को स्थायी रूप से अपने नाम रखना चाहता है, तो इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। वीआइपी नंबर वालों को फायदा इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो वीआइपी, फैंसी या लकी नंबर के शौकीन हैं। कई लोग अपने वाहन नंबर को स्टेटस सिंबल की तरह देखते हैं, ऐसे में यह सुविधा उनके लिए खास साबित होगी। इसके लिए वह नीलामी में हजारों रुपए खर्च भी कर देते हैं। फिलहाल यह प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। अंतिम नियम और शर्तें नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी, लेकिन इतना तय है कि लागू होने के बाद वाहन मालिकों के लिए नंबर ट्रांसफर की राह काफी आसान हो जाएगी। ड्राइविंग लाइसेंस के फिजिकल कार्ड बनना बंद ! ग्वालियर में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। वर्ष 2024 में स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका समाप्त होने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन (आरसी) के फिजिकल कार्ड बनना बंद हो गए हैं। इसके बावजूद विभाग आवेदकों से कार्ड के नाम पर शुल्क वसूल रहा है और डिजिटल कार्ड बनाकर दे रहा है। जानकारी के अनुसार, ठेका समाप्त होने के बाद अब तक नई कंपनी के साथ अनुबंध नहीं हो सका है। ऐसे में परिवहन विभाग डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जारी कर रहा है, जिन्हें मोबाइल एप या प्रिंट के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल पर दी कु. प्रतिभा सिंह को बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा सिहं को वीडियो कॉल पर दी बधाई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा प्रदेश में हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में प्रथम पन्ना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पर आई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा सिंह को वीडियो कॉल के माध्यम से बधाई और शाबासी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा के परिजन से भी बातचीत की। पन्ना जिले में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ कु. प्रतिभा के पिता श्री भारतेंदु सिंह सोलंकी को भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बधाई दी। कु. प्रतिभा की माता शिक्षिका हैं। प्रतिभा ने यह उपलब्धि प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बातचीत में कु. प्रतिभा ने बताया कि वो प्रतिदिन सात आठ घटे अध्ययन किया करती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कु. प्रतिभा ने यह भी बताया कि उसकी इच्छा प्रशासनिक सेवाओं में जाने की है। वो अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा को स्कूली और उच्च शिक्षा स्तर पर निरंतर सफलताएं प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दीं।  

टाटा और महिंद्रा की नई स्कॉर्पियो, सफारी और थार जल्द होंगी लॉन्च, बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

मुंबई  भारतीय वाहन बाजार में इस साल एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि देश की दो प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा, अपने लोकप्रिय मॉडलों के नए संस्करण और विद्युत चालित विकल्प पेश करने की तैयारी में हैं। यह साल उन ग्राहकों के लिए खास साबित होने वाला है, जो नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं। कंपनियां न केवल अपने मौजूदा मॉडलों को नया रूप देने जा रही हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक और उन्नत सुविधाओं से लैस नई गाड़ियों को भी बाजार में उतारने की तैयारी कर चुकी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने की संभावना है। नए रूप में आएंगी लोकप्रिय गाड़ियां महिंद्रा अपनी सबसे लोकप्रिय गाड़ियों में शामिल स्कॉर्पियो-एन का नया रूप पेश करने जा रही है। इस नए संस्करण में बाहरी डिजाइन में हल्के बदलाव किए जाएंगे, जिससे इसका स्वरूप और अधिक आकर्षक दिखाई देगा। इसमें नई शैली की जाली, आधुनिक हेडलैंप, बदला हुआ बंपर और बड़े पहिए दिए जा सकते हैं। अंदरूनी हिस्से में भी सुधार देखने को मिलेगा, जहां अधिक सुविधाजनक और आकर्षक केबिन का अनुभव मिलेगा। हालांकि इसके इंजन और तकनीकी ढांचे में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे इसकी मौजूदा ताकत बरकरार रहेगी। इसी के साथ स्कॉर्पियो के पारंपरिक मॉडल को भी नया रूप दिया जाएगा। यह मॉडल लंबे समय से ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है और कंपनी इसके नए संस्करण में कुछ अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ सकती है। बाहरी रूप को और अधिक प्रीमियम बनाने के साथ-साथ अंदर बेहतर सूचना एवं मनोरंजन प्रणाली और अधिक उपयोगी स्थान देने की संभावना जताई जा रही है। विद्युत चालित गाड़ियों पर विशेष जोर महिंद्रा इस साल अपने विद्युत चालित वाहन पोर्टफोलियो को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। कंपनी अपने मौजूदा विद्युत वाहन मॉडलों में नई क्षमता वाले बैटरी विकल्प जोड़ सकती है, जिससे ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलेंगे। इस कदम से उन ग्राहकों को लाभ होगा, जो बेहतर दूरी और किफायती कीमत के बीच संतुलन चाहते हैं। इससे कंपनी की विद्युत वाहन श्रेणी और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकती है। नई थार का भी इंतजार महिंद्रा की लोकप्रिय ऑफ-रोड गाड़ी थार का नया संस्करण भी जल्द बाजार में दस्तक दे सकता है। इस नए रूप में इसका आगे का हिस्सा अधिक आकर्षक और दमदार बनाया जाएगा। नई प्रकाश व्यवस्था, अलग शैली की जाली और दो रंगों वाला मजबूत बंपर इसे और अधिक आधुनिक लुक देगा। इससे यह गाड़ी युवा ग्राहकों के बीच और भी लोकप्रिय हो सकती है। टाटा की बड़ी योजना: सिएरा और सफारी के नए अवतार टाटा मोटर्स भी इस दौड़ में पीछे नहीं है और कंपनी अपनी नई सिएरा को विद्युत रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। यह गाड़ी मध्यम आकार की श्रेणी में आएगी और बाजार में पहले से मौजूद कई गाड़ियों को कड़ी टक्कर दे सकती है। इसके डिजाइन में आधुनिकता और भविष्य की झलक देखने को मिलेगी, जिसमें बड़ा कांच क्षेत्र, बिना हैंडल के दरवाजे और ऊंचा ढांचा शामिल हो सकता है। इसकी दूरी क्षमता को भी बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है, जिससे यह एक लंबी दूरी तय करने में सक्षम होगी। इसी क्रम में टाटा सफारी का विद्युत संस्करण भी बाजार में आने की तैयारी में है। यह कंपनी की पहली तीन पंक्तियों वाली विद्युत गाड़ी हो सकती है, जो बड़े परिवारों के लिए एक नया विकल्प पेश करेगी। इसकी कीमत मध्यम से ऊंची श्रेणी के बीच रहने की संभावना है। इसमें विभिन्न क्षमता वाले बैटरी विकल्प दिए जा सकते हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार चयन करने का अवसर मिलेगा। भविष्य की झलक दिखाएगी अविन्या टाटा की अविन्या भी कंपनी की भविष्य की दिशा को दर्शाने वाली गाड़ी मानी जा रही है। इसे एक प्रीमियम श्रेणी की आधुनिक क्रॉसओवर गाड़ी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें पारंपरिक ईंधन इंजन का विकल्प नहीं होगा। यह पूरी तरह से विद्युत तकनीक पर आधारित होगी और वर्ष के अंत तक इसके उत्पादन संस्करण के आने की संभावना है। बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों को मिलेगा फायदा कुल मिलाकर, टाटा और महिंद्रा की यह नई तैयारी भारतीय वाहन बाजार को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। जहां एक ओर कंपनियां आधुनिक तकनीक और आकर्षक डिजाइन के साथ ग्राहकों को लुभाने की कोशिश करेंगी, वहीं दूसरी ओर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सीधा फायदा ग्राहकों को बेहतर विकल्प और कीमत के रूप में मिलेगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन नई गाड़ियों को बाजार में कितना प्रतिसाद मिलता है।

पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार

भोपाल  थाना अयोध्या नगर,जोन-02 पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 02 युवती सहित  03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार – आरोपियों से 6.285 किलों गांजा और मोटर सायकिल सहित कुल 2.70 लाख रुपये का मसरुका जब्त जप्त । – उडिसा से लाकर भोपाल में खपाते थे गांजा ।   – रीवा एवं रायसेन निवासी आरोपीगण, भोपाल में किराये से रहकर कर रहे थे गांजा तस्करी । – स्कूल कॉलेज के युवाओं और स्लम एरिया के छोटे मजदूरों को करते थे टारगेट । – पुलिस उपायुक्त जोन 2 विवेक सिंह के निर्देशन में गांजा तस्करो पर सख्त कार्यवाही।                गृह मंत्रालय की गाइडलाइन अनुरुप पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान और अवैध मादक पदार्थों के तस्करों पर सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त संजय कुमार (भापुसे) एवं अति. पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा लगातार निर्देशित किया जा रहा है ।                 उक्त दिशा निर्देशों के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 विवेक सिंह (भापुसे) के सतत निर्देशन में, अति.पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे थाना अयोध्यानगर पुलिस द्वारा गांजा तस्करों को चिह्नित कर सतत नजर बनाए रखते हुए गांजा बेचने की फिराक में 02 युवती और  01 युवक सहित 03 गांजा तस्कर आरोपियों को 6.285 किलो गांजा व 1 मो.सा. सहित गिरफ्तार कर लगभग 2.70 लाख रुपये का मसरुका जब्त करने में सफलता प्राप्त की । घटना का विवरणः- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम द्वारा मामूर मुखबिरो से सूचना पर अरेड़ी रोड पर निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास आम रोड से 2 युवती और 1 युवक सहित 3 गांजा तस्करो को पकडा जिनके कब्जे से एक  जिक्सर मोटर सायकिल तथा 6.285 किलोग्राम गांजा कीमती करीबन 02.70 लाख रुपये जप्त किया गया। आरोपियों ने पुछताछ में नाम पता- 1. नाम विनय कुमार लोधी पिता घनश्याम सिंह लोधी उम्र 25 साल निवासी ग्राम कठोलिया थाना उदयपुरा जिला रायसेन हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल, 2. अंकिता ठाकुर पिता केशव सिंह ठाकुर उम्र 19 साल निवासी उदयपुरा बरेली रायसेन हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल तथा 3. आरोही सिंह उर्फ सरीता चौहान पिता केशव सिंह चौहान उम्र 28 साल निवासी उपरेहटी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जिला रीवा  हाल पता नबाब टी प्वाईन्ट के पास मल्टी अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल बताया। – आरोपियों से आगे की ट्रेल के बारे में जानकारी ली गई पुछताछ में आरोपीगणों ने बताया कि उडीसा से गांजा खरीद लाकर भोपाल एवं रायसेन में बेचते थे । विशेष तौर पर ओडिशा से गांजा युवतियां लेकर आती थी और अपने साथी मित्र आरोपी विनय के साथ भोपाल में कालेज के छात्र छात्राओं तथा स्लम एरिया के मजदूर वर्गों टारगेट करते हुए कुछ पैडलर्स को सप्लाई करते थे, जिसके बारे में जानकारी लेकर पुलिस विवेचना कर रही है। –  आरोपीगण किराये के मकान में अपने परिवार से अलग रहते हैं। स्वयं के बड़े खर्चे, लग्जरी लाईफ स्टाईल और जल्दी ज्यादा पैसा कमाने हेतु गांजा तस्करी का काम शुरू करना बताया ।  जप्तमाल–  गांजा 6.285 किलोग्राम, 01 मोटर सायकिल. जिक्सर क्र एम.पी.04 जेड.जी.0687, कुल कीमत लगभग 270000/-रूपये ) । आरोपीः– 1. विनय कुमार लोधी पिता घनश्याम सिंह लोधी उम्र 25 साल निवासी ग्राम कठोलिया थाना उदयपुरा जिला रायसेन  हालपता –  अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल  शिक्षा- स्नातक व्यवसाय-  प्राँपर्टी का काम करता था  । पहले पेटीएम में काम कर चुका है। 2. अंकिता ठाकुर पिता केशव सिंह ठाकुर उम्र 19 साल निवासी उदयपुरा बरेली रायसेन। हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल  शिक्षा-  10वीं व्यवसाय- दुकान पर काम करती हैं  । 3. आरोही सिंह चौहान पिता कौशल सिंह चौहान उम्र 28 साल निवासी उपरेहटी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जिला रीवा  हालपता – नबाब टी प्वाईन्ट के पास मल्टी अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल । शिक्षा- एम. काँम  व्यवसाय- काँल सेन्टर में काम करती हैं  । सराहनीय भूमिका –         थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि. विजय सिह कर्चुली, सउनि मनोज कछवाहा, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्रआर 2233 रूपेश सिह जादौन , प्रआर 2307 दिनेश मिश्रा, प्रआर 3330 अतुल सिह, आर 3514 राजेश अन्नोठिया, जितेन्द्र जाट, आर पुष्पेन्द्र, आर अम्बरीश तिवारी, म.आर.3871 मोनिका जयसवाल, म.आर.3489 पूजा राठौड, म.आर.502 अपर्णा कटारे, आर भूपेन्द्र सिंह (टेकनिकल सेल) सराहनीय भूमिका रही ।