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अब बालिका विद्यालयों में सख्ती, केवल अभिभावकों को ही मिलेगा प्रवेश: शिक्षा विभाग

जयपुर राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश में बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब नया कदम उठाया गया है. शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है. इस आदेश के बाद अब बालिका विद्यालयों और छात्रावासों में केवल वही व्यक्ति प्रवेश कर पाएंगे, जिनका नाम पहले से छात्रा के अभिभावक या संरक्षक के रूप में अंकित है. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति बिना अभिभावकों की जानकारी के बालिका से नहीं मिल पाएगा.   महिलाओं से हो रहे अपराध आंकड़ों की बात करें, तो एनसीआरबी की 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में महिला की बेइज्जती या मारपीट कर मर्यादा भंग करने के कुल 9 हजार 537 मामले सामने आए. महिलाओं के अपहरण के कुल 7 हजार 663 मामले, बलात्कार के 5 हजार 194, बलात्कार प्रयास के 846 के मामले सामने आए.   प्रिंंसिपल और वार्डन को निर्देश जारी   विभाग की ओर से सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और छात्रावासों के वॉर्डन को इसके लिए विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि जब मैं सामाजिक अधिकारिता मंत्री था, तब समाज कल्याण के छात्रावास में इस तरह का नियम हमने किया था.   मिलने वाले की फोटो ली जाएगी कोई भी व्यक्ति छात्रा से मिलने आता था तो उसका नाम और फोटो से पहचान की जाती थी. नाम और फोटो प्रवेश के वक्त ही रजिस्टर्ड कर लिए जाते थे. अब प्रदेश के सभी स्कूलों और छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है.

फिडे कैंडिडेट्स जीतकर आर वैशाली बनीं विश्व खिताब की दावेदार

नई दिल्ली भारतीय शतरंज खिलाड़ी आर वैशाली ने बुधवार को इतिहास रच दिया। उन्होंने साइप्रस में आयोजित फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव प्राप्त किया। इस जीत के साथ वैशाली को अब चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन के खिलाफ महिला विश्व चैंपियनशिप मुकाबला खेलने का मौका मिलेगा। भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब भारत के पास ओपन और महिला, दोनों विश्व खिताब मुकाबलों में प्रतिनिधित्व होगा। गौरतलब है कि डी गुकेश पहले ही ओपन वर्ल्ड चैंपियन हैं। अंतिम राउंड में दबाव में शानदार प्रदर्शन आखिरी राउंड में वैशाली को जीत के साथ-साथ अन्य मुकाबलों के नतीजों पर भी निर्भर रहना था। दिव्या देशमुख ने बिबिसारा अस्साउबायेवा को ड्रॉ पर रोककर वैशाली के लिए रास्ता आसान किया। इसके बाद वैशाली ने सफेद मोहरों से खेलते हुए कैटेरीना लाग्नो को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में दिखी शानदार निरंतरता वैशाली ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने तान झोंगयी और अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना जैसी मजबूत खिलाड़ियों को हराया, जबकि अन्ना मुज़ीचुक के खिलाफ महत्वपूर्ण ड्रॉ हासिल किया। हालांकि उन्हें झू जिनर के खिलाफ दो हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपने अभियान को पटरी पर बनाए रखा। अब विश्व खिताब पर नजर अब वैशाली का सामना जू वेनजुन से होगा, जो पांच बार की विश्व चैंपियन हैं। यह मुकाबला इस साल के अंत में खेला जाएगा और इसमें लगभग ₹2.7 करोड़ की इनामी राशि दांव पर होगी। कैंडिडेट्स जीतने के बाद वैशाली ने लगभग ₹25 लाख की राशि सुनिश्चित कर ली है। यह जीत भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।  

लहरागागा के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में ओपीडी और आईपीडी सेवाओं की शुरुआत

लहरागागा  पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल द्वारा लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले की दिशा में पहला कदम उठाते हुए, यहां के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं सहित ओपीडी और आईपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। लहरागागा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ये मेडिकल सेवाएं जनहित ट्रस्ट के यूनिट आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च द्वारा प्रदान की जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस संस्था को किसी भी रूप में निजी हाथों में नहीं दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है, और इसी उद्देश्य से इसे जनहित ट्रस्ट को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के प्रयासों से बंद पड़े बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में पुनः शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन अब सरकार इस क्षेत्र में विशेष ध्यान दे रही है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अगले साल से मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की कक्षाएं शुरू होंगी, साथ ही एमडी और एमएस की पढ़ाई भी शुरू की जाएगी। इससे क्षेत्र के योग्य छात्रों को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले आपातकालीन सेवाओं की कमी के कारण मरीजों को संगरूर या पटियाला जाना पड़ता था, जिससे कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण जान का नुकसान हो जाता था। अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर औरo आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होंगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और सीटों का वितरण राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किया जाएगा। सभी श्रेणियों के लिए फीस भी सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही ली जाएगी। इस मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों की क्षमता और कम से कम 440 बेड होंगे।  

लोकसभा में पीएम मोदी का बड़ा बयान: ‘परिसीमन में कोई राज्य वादा नहीं, ये मेरी गारंटी’

नई दिल्ली संसद का विशेष सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया. बिल पेश होते सदन में हंगामा मच गया. सुबह से दोपहर तक की कार्रवाई में विपक्ष के कई नेताओं ने परिसीमन बिल पर विरोध जताया. अखिलेश यादव ने कहा कि हम महिला आरक्षण पर साथ हैं, लेकिन भाजपाई साजिश के खिलाफ. वहीं इससे पहले उनकी मुस्लिम महिलाओं के लिए सवाल पर अमित शाह ने कहा- समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है।  दोपहर बाद पीएम मोदी ने भी परिसीमन बिल पर अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि, महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि हमारे देश में जब जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है. उसका हाल बुरे से बुरा किया है. कभी माफी नहीं मिली. पीएम मोदी ने कहा कि मैं वादा और गारंटी देता हूं कि इस बिल में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा, अनुपात भी नहीं बदलेगा।  मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि- कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।   हम भ्रम में न रहें- पीएम मोदी हम भ्रम में न रहें, मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं मैं कि हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. ये उनका हक है और हमने कई दशकों से उसको रोका है. आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है।  हम सब जानते हें कि कैसे चालाकी चतुराई की है. हम इसके पक्ष में ही हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई टेक्निकल पूंछ लगाकर रोक दिया गया. लेकिन अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे.सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा. 3 दशक तक इसको फंसाकर रखा, जो करना था कर लिया। अब छोड़ दो न भाई। यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है।  मेरी ओर से वादा भी-गारंटी भी- पीएम मोदी पीएम मोदी बोले- अगर आपको गारंटी चाहिए तो वो भी देता हूं. मैं कहना चाहूंगा कि यहां बैठकर हमें संविधान ने देश को टुकड़ों के रूप में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. कश्मीर हो या कन्या कुमारी हम एक देश के रूप में ही इसे सोच सकते हैं. ये प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी. भूतकाल में जो सरकार रहीं, जो उस समय से अनुपात चला आ रहा है उसमें भी बदलाव नहीं होगा. पीएम मोदी ने कहा किअगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं. तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूं, क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।  समय की मांग हम इसमें अब देर न करें- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा- पिछले दिनों जब हम 2023 में चर्चा कर रहे थे तब हर कोई कह रहा था कि इसे जल्दी करो. तब हमारे पास समय नहीं था. अब हम इसे 2029 में करने वाले हैं. इसलिए समय की मांग है कि हम और ज्यादा विलंब न करें. इस दौरान संविधान के जानकार लोगों से चचा्र की, सारा मंथन करते करते. यह सामने आया कि कुछ रास्ता निकालना होगा तब हम माता बहनों की शक्ति को जोड़ सकते हैं।  निर्णय नहीं हमारी नीयत भी देखेगी नारी- पीएम मोदी पीएम मोदी बोले-  मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. मैंने पहले भी कहा कि आज पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।   जिनको राजनीति की बू आ रही वो… पीएम मोदी ने विपक्ष को चेताया पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाया. उन्होंने कहा- 'हमारे देश में जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया है उसका हाल बुरा हुआ है. 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि किसी ने विरोध नहीं किया. आज भी मैं कहता हूं कि हम साथ जाते हैं तो इतिहास गवाह है कि ये किसी एक के पक्ष में नहीं जाएगा, ये देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा. हम सब उसके हकदार रहेंगे. इसलिए जिन को इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें. इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे. इसलिए इसे राजनैतिक रंग देने की जरूरत नहीं है।   महिलाएं अब निर्णय प्रक्रिया में जुड़ने को तैयार हैं- पीएम मोदी पीएम मोदी बोले- जब मैं संगठन का एक कार्यकर्ता था तब चर्चा होती थी कि देखिए ये कैसे लोग हैं, पंचायतों में आरक्षण आराम से दे देते हैं, लेकिन क्योंकि उनमें उनको खुद का पद जाने का डर नहीं लगता है. हम सुरक्षित हैं इसलिए दे दो. इसलिए पंचायत में 50 प्रतिशत तक पहुंच गए।  मैं एक और बात कहता हूं कि जिसने 30 साल पहले जिसने विरोध किया वह राजनीतिक गलियारों से नीचे नहीं गया, लेकिन ग्रास रूट पर आज वहीं बहनें वोकल हैं. लाखों बहनें जो काम कर चुकी हैं वे मुखरित हैं. वे कहती हैं कि हमें निर्णय प्रकि्रया में जोड़ो. जो संसद में होती है।   पीएम मोदी बोले- आप सभी को मित्र के रूप में मेरी सलाह पीएम मोदी बोले- 'मैं यह मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब सड़के रेल या संरचना से जुड़े आंकड़े नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब नीति निर्धारण में देश की आधी आबादी हिस्सा बने यह भी है. हम … Read more

भोजशाला विवाद में मंदिर पक्ष का बयान: इस्लामी सिद्धांत से जोड़ते हुए कहा- जबरन मस्जिद का निर्माण नहीं हो सकता

भोजशाला विवाद: मंदिर पक्ष ने इस्लामी सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा- जबरन जमीन पर मस्जिद मान्य नहीं भोजशाला विवाद में मंदिर पक्ष का बयान: इस्लामी सिद्धांत से जोड़ते हुए कहा- जबरन मस्जिद का निर्माण नहीं हो सकता भोजशाला विवाद में मंदिर पक्ष का बड़ा बयान, इस्लामी सिद्धांत पर आधारित कहा- जबरन मस्जिद की मान्यता नहीं इंदौर  मध्यप्रदेश में धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने के लिए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में बुधवार से पुनः नियमित सुनवाई शुरू हो गई। मंदिर पक्ष के समर्थन में याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी की ओर से एडवोकेट मनीष गुप्ता ने तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए कहा, इस्लामिक सिद्धांत के अनुसार जबरन जमीन लेकर मस्जिद का निर्माण नहीं किया जा सकता। यदि कहीं ऐसा हुआ भी है, तो उस जमीन को लौटाने के उदाहरण भी इस्लाम में हैं। वहीं, हिंदू धार्मिक नियमों व मान्यताओं के अनुसार, एक बार मंदिर रहा स्थल सदैव मंदिर ही रहता है। ये दोनों ही बातें इंगित करती हैं कि भोजशाला आज भी वाग्देवी का मंदिर ही है। गुप्ता ने ब्रिटिश संग्रहालय में रखी वाग्देवी की मूर्ति पर अंकित विवरण का संदर्भ देते हुए कहा, उससे इस मूर्ति की स्थापना राजा भोज द्वारा किए जाने का प्रमाण सामने आता है। उन्होंने कहा, भोजशाला में इसके पहले भी एएसआई का सर्वे हो चुका है। हर सर्वे में यहां देवी-देवताओं की मूर्तियां, चित्र मिले हैं, जो किसी मस्जिद में नहीं हो सकते। हवन कुंड से लेकर मूर्तियां तक मंदिर होने का प्रमाण: न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला व आलोक अवस्थी की पीठ के समक्ष शुक्रवार को अधूरी रही बहस आगे बढ़ाते हुए मनीष गुप्ता ने कहा, वर्ष 1908 में प्रकाशित राजपत्र में कहा गया है कि भोजशाला में पत्थरों पर लिखा है कि यहां बसंत पंचमी के दिन राजा भोज द्वारा लिखे गए नाटक का मंचन किया जाता था। राजा भोज द्वारा लिखी पुस्तकों में उल्लखित मानकों के अनुरूप ही भोजशाला में बने हवन कुंड की लंबाई-चौड़ाई है। भोजशाला का अस्तित्व मस्जिद से बहुत पहले से है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील प्रस्तुत करते हुए अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने इस्लामी सिद्धांत हदीस का हवाला देते हुए कहा कि इस्लामिक कानून कहता है कि जबरन जमीन लेकर मस्जिद का निर्माण नहीं किया जा सकता, अगर कहीं ऐसा हुआ भी है तो उस जमीन को लौटाने के उदाहरण भी इस्लाम में हैं। हिंदू कानून के अनुसार एक बार मंदिर रहा स्थल हमेशा मंदिर ही रहता है। ये दोनों ही बातें इंगित करती हैं कि भोजशाला वाग्देवी का मंदिर ही है। ऐतिहासिक राजपत्र और राजा भोज की पुस्तकों का उल्लेख  न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ के समक्ष भोजशाला मामले में सुनवाई शुरू हुई। एडवोकेट गुप्ता ने शुक्रवार को अधूरी रही बहस आगे बढ़ाते हुए कोर्ट को बताया कि वर्ष 1908 में प्रकाशित राजपत्र में कहा है कि भोजशाला में जो पत्थर लगे हैं उन पर लिखा है कि यहां बसंत पंचमी के दिन राजा भोज द्वारा लिखे गए नाटक का मंचन किया जाता था। एडवोकेट गुप्ता ने राजा भोज द्वारा लिखी गई पुस्तकों का उल्लेख किया और बताया कि इन पुस्तकों में बताया है कि हवन कुंड कैसा होना चाहिए, हवन कुंड का क्षेत्रफल कितना होना चाहिए, मंदिर में स्थापित देवी की मूर्ति की साइज कितनी होनी चाहिए। हवन कुंड और वाग्देवी की मूर्ति का मिलान मूर्ति की मुद्रा क्या होनी चाहिए, पुस्तक में बताया है कि हवन कुंड की लंबाई-चौड़ाई कितनी होनी चाहिए। भोजशाला में बने हवन कुंड की लंबाई-चौड़ाई उतनी ही है जो राजा भोज द्वारा लिखी गई पुस्तक में लिखी है। वाग्देवी की ब्रिटिश संग्रहालय में रखी मूर्ति पर भी उल्लेखित है कि इसे राजा भोज ने स्थापित किया था। यह मूर्ति भोजशाला से ही ब्रिटिश संग्रहालय पहुंचाई गई थी। इन बातों से सिद्ध होता है कि भोजशाला का अस्तित्व मस्जिद से बहुत पहले से है। भोजशाला के सर्वे में अब तक 150 से ज्यादा मूर्तियां मिल चुकी हैं। यह इस बात को सिद्ध करता है कि भोजशाला मंदिर ही है। सर्वे रिपोर्ट और मूर्तियों के साक्ष्य का हवाला अदालत में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट और पुरातात्विक साक्ष्यों का भी हवाला दिया गया। बताया गया कि भोजशाला परिसर से अब तक 150 से अधिक देवी-देवताओं की मूर्तियां, आकृतियां और चित्र मिले हैं, जो किसी मस्जिद में संभव नहीं हैं। ब्रिटिश संग्रहालय में रखी गई वाग्देवी की मूर्ति पर जो विवरण अंकित है वह बताता है कि मूर्ति की स्थापना राजा भोज ने की थी। धार भोजशाला में इसके पहले भी कई बार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का सर्वे हो चुका है। हर बार सर्वे में यहां से देवी-देवताओं की मूर्तियां, आकृतियां, चित्र मिले हैं जो किसी मस्जिद में हो ही नहीं सकते क्योंकि इन्हें वहां रखने की अनुमति नहीं होती। भोजशाला मंदिर है इसलिए याचिकाकर्ता को 24 घंटे पूजा का अधिकार मिलना चाहिए। इस्लामिक कानून के उदाहरण और अगली सुनवाई एडवोकेट गुप्ता ने कोर्ट के समक्ष इस्लामिक कानून का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामिक कानून के अनुसार किसी की जमीन जबरन लेकर उस पर मस्जिद का निर्माण नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ऐसे उदाहरण भी प्रस्तुत किए जब जबरन ली गई जमीन लौटाई गई हो। भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट में चार याचिकाएं और एक अपील चल रही हैं। इन सभी में सुनवाई एक साथ हो रही है। 6 अप्रैल से हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई में अब तक दो याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और कुलदीप तिवारी की ओर से तर्क रखे जा चुके हैं। मामले में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। आज भी होगी सुनवाई भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट में चार याचिकाएं और एक अपील विचाराधीन है। सभी में सुनवाई एक साथ हो रही है। छह अप्रैल से हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई में अब तक दो याचिकाकर्ता- हिंदू फ्रंट फार जस्टिस और कुलदीप तिवारी की ओर से तर्क रखे जा चुके हैं। मामले में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। एक अन्य याचिकाकर्ता अंतर सिंह की ओर से तर्क रखे जाएंगे।  

स्व-गणना 2026 शुरू: हरियाणा में लोग खुद भर सकेंगे जनगणना विवरण

चंडीगढ़ हरियाणा में जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। आज सुबह से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी। सीएम नायब सैनी ने स्व-गणना के आंकड़े दर्ज किए।   पहले चरण में मकानों की गणना और मकान से संबंधित जानकारी लोगों से पूछी जाएगी। यह जनगणना एक मई से 30 मई तक चलेगी। भारत सरकार ने इस बार एक विशेष सुविधा दी है, जिससे लोग खुद से अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे।   भारत सरकार ने स्व जनगणना के लिए एक पोर्टल https://se.census.gov.in/ लॉन्च किया है। इसके पोर्टल के जरिये लोग स्वयं भी अपना डाटा भर सकेंगे। स्वगणना से समय की बचत होगी। सटीक जानकारी भरी जा सकेगी। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा। इससे पहले 1931 में ऐसा हुआ था। हरियाणा ने जनगणना की पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए अधिकारियों की ट्रेनिंग व जिम्मेदारी तय कर दी गई है। स्वगणना में सिर्फ 15 मिनट का समय लगेगा। पोर्टल से ऐसे भरनी होगी जानकारी 1. सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। 2. अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी द्वारा लॉगिन करें 3.अपना राज्य, जिला और स्थानीय विवरण चुनें 4. डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करें 5.मकान व परिवार से संबंधित जानकारी भरें 6. सबमिशन के बाद स्व गणना की एक आईडी मिलेगी 7. इस आईडी को संभाल रखें। फोटो खींच ले या प्रिंट आउट निकाल कर रख लें। 8. जब जनगणना कर्मी आएंगे तो उन्हें सिर्फ अपनी आई डी दे दें। स्व गणना नहीं कर पाए तो चिंता की बात नहीं चीफ प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी डा. ललित जैन ने बताया यदि कोई स्व गणना नहीं कर पाता है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। एक मई से जनगणना कर्मी घर आएंगे और सारी जानकारी नोट कर ले जाएंगे। हरियाणा में 70 हजार कर्मियों को जनगणना के लिए प्रशिक्षित किया गया है। यह ट्रेनिंग पिछले दो महीने से चल रही है। इसके अतिरिक्त सभी डिविजनल कमिश्नर, डीसी, सीटीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न प्रकार की जिम्मेदारी दी गई है। आपसे क्या-क्या पूछा जाएगा मकान से संबंधित : मकान संख्या, फर्श, दीवार व छत की मुख्य सामग्री, मकान का उपयोग (आवासीय/गैर-आवासीय), मकान की स्थिति। परिवार की जानकारी : परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या। मूलभूत सुविधाएं : पेयजल का स्रोत, बिजली की सुविधा, शौचालय की उपलब्धता व प्रकार, स्नानघर की सुविधा, रसोई व गैस कनेक्शन, खाना पकाने का ईंधन। परिवार की सुविधाएं : रेडियो-टेलीविजन, इंटरनेट व कंप्यूटर, मोबाइल फोन, दोपहिया व चारपहिया वाहन। जनगणना कर्मी के आई कार्ड में होगा बार कोड इस जनगणना कर्मी के आई कार्ड में बार कोड भी होगा। यदि किसी को शक है कि वह कर्मी जनगणना विभाग का नहीं है तो वह मोबाइल से बार कोड को स्कैन कर उस कर्मी की पूरी जानकारी मिल जाएगी। जनगणना के लिए इस बार विशेष तौर पर सरपंचों व महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप से अपील की गई है कि वे अपनी और अपने साथ जुड़े लोगों से स्व गणना करवाएं, ताकि जनगणना का काम निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके। मेरी लोगों से अपील है कि जो जानकारी पूछी जाए, उसकी सही जानकारी दें। जनगणना में सभी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित होगी। लोगों से अपील की जाती है कि वह जनगणना कर्मी का सहयोग करें और स्व-गणना भी करें। – ललित जैन, चीफ प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी  

महम रैली में माइक फेल मामला: डीआईपीआरओ संजीव सैनी सस्पेंड

महम महम में पांच अप्रैल को हुई विकास रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी के भाषण के दौरान माइक बंद होना डीआईपीआरओ संजीव सैनी पर भारी पड़ गया। विभागीय जांच के बाद मुख्यालय की तरफ उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। अभी किसी अन्य को रोहतक का कार्यभार नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री हर हलके में जनसभा कर रहे हैं। इसी कड़ी में महम में पांच अप्रैल को विकास रैली थी। रैली में संबोधन के लिए दो बाइक सैट रखे हुए थे। एक माइक डिवाइस से मंच संचालन के अलावा स्थानीय नेताओं व मंत्रियों का संबोधन हुआ। जबकि मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए अलग से माइक डिवाइस लगाया गया था। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान अचानक माइक ने काम करना बंद कर दिया। रैली में पीछे मौजूद श्रोताओं को आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। पीछे से लोग चिल्लाने लगे तो मुख्यमंत्री ने दूसरे माइक से संबोधन करना पड़ा। चूक की तभी से विभागीय जांच की जा रही थी। बुधवार शाम को मुख्यालय की तरफ से डीआईपीआरओ संजीव सैनी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए। वहीं, डीआईपीआरओ संजीव सैनी का कहना है कि माइक की जांच हुई थी। अचानक तकनीकी फाल्ट आ गया।  

पंजाब में बम धमाके की साजिश को नाकाम किया, विदेशी कनेक्शन वाले आरोपी से 4 ग्रेनेड बरामद, चंडीगढ़ हमले से लिंक

अमृतसर  पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब को देहलाने की बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। काउंटर इंटेलिजेंस विंग और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई अमृतसर और मोहाली में आपसी समन्वय के साथ की गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड, दो विदेशी निर्मित पिस्तौल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। इस बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी विदेश में बैठे संचालकों के संपर्क में था और उसे लगातार निर्देश मिल रहे थे। पुलिस का मानना है कि इस मॉड्यूल के तार हाल ही में चंडीगढ़ में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी गहन जांच जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। हथियारों और ग्रेनेड की बड़ी बरामदगी पंजाब DGP गौरव यादव ने अपने X हैडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपी के कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड, दो विदेशी निर्मित पिस्तौल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। यह बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे संभावित बड़े आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों का संकेत मिलता है। FIR दर्ज, पूरे नेटवर्क की जांच जारी इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने, उन्हें ट्रैक करने और गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है। पंजाब पुलिस ने कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संगठित अपराध तथा आतंकवादी गतिविधियों को समाप्त करना उनकी प्राथमिकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस कार्रवाई से बड़ी घटना टली पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्रवाई से एक बड़ी घटना को टाला जा सका है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आतंकी या संगठित आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। छापेमारी अभी भी जारी पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने, उनके ठिकानों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।  

कनावनी झुग्गियों में आग का तांडव, गैस सिलेंडर धमाकों से मचा हड़कंप

गाजियाबाद  लखनऊ के बाद गाजियाबाद की झुग्गियों में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। ये आग इंदिरापुरम क्षेत्र में कनावनी के पास मौजूद झुग्गियों में लगी है। झुग्गियों में मौजूद गैस सिलेंडरों में धमाके होने की भी खबर सामने आ रही है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक, आग लगने के बाद से 20 से ज्यादा बच्चे गायब हैं, उनकी तलाश जारी है। भयंकर आग को देखते हुए मौके पर दमकल गाड़ियां मौजूद हैं, आग बुझाने का काम जारी है। 250 से ज्यादा झुग्गियों में लगी आग जानकारी के मुताबिक, इंदिरापुरम इलाके में कनावनी के पास सैकड़ों की संख्या में झुग्गी-झोपड़ी मौजूद हैं। इनमें से करीब ढाई सौ से ज्यादा झुग्गियों में आग लगने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस इलाके में कबाड़ के गोदाम भी हैं, जिनमें आग फैलने के कारण और भी भयानक हो गई है। झुग्गियों में लोगों के खाना बनाने वाले गैस सिलेंडर मौजूद हैं, जिनमें आग के चलते लगातार धमाके हो रहे हैं। इधर बचाव दल पूरी ताकत के साथ आग बुझाने में जुटा हुआ है। गाजियाबाद में आगगाजियाबाद में आग धुएं का गुबार और खोए बच्चों की तलाश करते परिवार सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में काला धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। इसे सड़क पर दूर से देखा जा सकता है। झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। झुग्गीवासियों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन परिवारों के बच्चे लापता हैं, वो अपने खोए हुए बच्चों को इधर-उधर खोजने में जुटे हुए हैं। इधर दमकल की गाड़ियां स्थिति को कंट्रोल करने में जुटी हुई हैं। लखनऊ की आग में 200 झुग्गियां खाक, 2 बच्चों की मौत आपको बताते चलें कि लखनऊ के विकास नगर में रिंग रोड के पास एक झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम लगी आग ने तेजी से करीब 200 झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया और सारा का सारा सामान जलकर राख हो गया। सैकड़ों लोग, जिनमें ज़्यादातर घरेलू काम करने वाले और दिहाड़ी मजदूर थे, बेघर हो गए। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि यहां विकास नगर इलाके में एक झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग में दो बच्चों की मौत हो गई। आग में जलने वाले बच्चों की उम्र 2 साल पुलिस डिप्टी कमिश्नर (ईस्ट) दीक्षा शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों की लाशें बुधवार देर रात बरामद की गईं थीं। इनकी उम्र करीब दो साल बताई गई है। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, “लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उनके माता-पिता को बता दिया गया है और पहचान की प्रक्रिया चल रही है।”  

प्रियदर्शन-अक्षय की जोड़ी की वापसी से हॉरर-कॉमेडी को लेकर बढ़ा दर्शकों का उत्साह

रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2: द रिवेंज' की ऐतिहासिक सफलता से बॉलीवुड गदगद है। 19 मार्च को यह फिल्‍म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और बीते करीब 1 महीने बाद ही एक नई फिल्‍म रिलीज हो रही है। अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' शुक्रवार, 17 मार्च को अपनी ग्रैंड रिलीज के लिए तैयार है। जबकि गुरुवार, 16 अप्रैल की देर शाम 9 बजे से इसे स्‍पेशल पेड प्रीव्‍यू शोज रखे गए हैं। 'भूत बंगला' की एडवांस बुकिंग दो दिनों पहले 14 अप्रैल को शुरू हुई, और शुरुआती ट्रेंड्स बताते हैं कि इस फिल्‍म को लेकर उम्‍मीदें अच्‍छी-खासी हैं। एक लंबे इंतजार के बाद सिनेमाघरों में हिंदी के दर्शकों के लिए नई फिल्‍म आई है। हालांकि, अद‍िवी शेष और मृणाल ठाकुर की 'डकैत' भी हिंदी डब वर्जन में रिलीज हुई, लेकिन इसका जोर नहीं दिखा। अब गुरुवार सुबह तक 'भूत बंगला' के लिए कुल 35802 टिकटों की एडवांस बुकिंग हुई है। अक्षय कुमार इस फिल्‍म से जहां हॉरर-कॉमेडी जॉनर में वापसी कर रहे हैं, वहीं 'जॉली LLB 3' के छह महीने बाद सिनेमाघरों में यह ख‍िलाड़ी कुमार की वापसी है। इस फिल्‍म की सबसे बड़ा सेलिंग पॉइंट, अक्षय और प्रियदर्शन की आइकॉनिक जोड़ी है, जो लंबे समय के बाद फिर से साथ आ रही है। साथ में परेश रावल, राजपाल यादव और दिवंगत असरानी जैसे दिग्‍गज कलाकार भी हैं। ऐसे में उम्‍मीदों का बंधना स्‍वभाविक है। लेकिन क्‍या ये 'धुरंधर 2' के तिल‍िस्‍म तो तोड़ पाएगी? आइए, समझते हैं 'भूत बंगला' की एडवांस बुकिंग Sacnilk के मुताबिक, ओपनिंग डे के लिए 'भूत बंगला' ने गुरुवार सुबह तक ₹95.72 लाख की ग्रॉस एडवांस बुकिंग की है। जबकि ब्‍लॉक सीटों को शामिल करने पर यह आंकड़ा बढ़कर ₹2.6 करोड़ हो जाता है। टिकटों की यह एडवांस बुकिंग मूल रूप से 14-15 अप्रैल की है। ऐसे में एग्जिबिटर्स को पहले दिन थ‍िएटर्स में अच्छी भीड़ की उम्मीद है। अभी तक इसके 7020 शोज लिस्‍ट किए हैं, जिनकी संख्‍या आख‍िरी घंटों में बढ़ेगी। टिकटों की औसत कीमत भी ₹226 रखी गई है, जो 'धुरंधर 2' के पहले दिन के ₹400-₹500 के मुकाबले आधी है। 'भूत बंगला' का ट्रेलर अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी, सबसे बड़ा सेलिंग पॉइंट अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को 'हेरा फेरी', 'भागम भाग' से लेकर 'भूल भुलैया' जैसी कई क्लासिक कॉमेडी फिल्में दी हैं। जहां तक 'भूत बंगला' फिल्म के बारे में अवेयरनेस की बात है, तो इसको लेकर दर्शकों में अच्‍छा बज़ है। नौ दिन पहले रिलीज हुए ट्रेलर को यूट्यूब पर 47M व्‍यूज मिल चुके हैं। गाने भी लोगों की जुबान पर हैं। ट्रेलर देखकर लोगों को 'भूल भुलैया' जैसी फिल्म का इशारा मिल रहा है। इसके अलावा कुछ फैक्टर्स ऐसे हैं, जो इसे फेवर करते दिख रहे हैं। खासकर ये क‍ि 'धुरंधर 2' अब एक थोड़ी धीमी पड़ गई है। हालांकि, यह अभी भी 'भूत बंगला' को नुकसान पहुंचाने का दम रखती है। 28 दिन बाद 'धुरंधर 2' का हाल, 'धुरंधर पार्ट 1' के मुकाबले सुस्‍त जहां तक आदित्‍य धर के डायरेक्‍शन में बनी 'धुरंधर 2' का सवाल है, तो इस फिल्‍म ने 28 दिनों में देश में ₹1,099.72 करोड़ का नेट कलेक्‍शन कर लिया है। यह रिकॉर्डतोड़ कमाई है और 28 दिन में ही 'धुरंधर पार्ट 1' की ₹739.00 करोड़ की कमाई से 48.81% अध‍िक है। लेकिन गौर करने वाली बात ये भी है कि पिछली फिल्‍म ने 28वें दिन देश में ₹15.75 करोड़ का नेट कलेक्‍शन किया था, वो भी सिर्फ हिंदी रिलीज होकर। जबकि 'धुरंधर: द रिवेंज' ने 28वें दिन ₹4.05 करोड़ का नेट बिजनस किया है। रणवीर सिंह की सीक्‍वल फिल्‍म की कमाई दूसरे हफ्ते के बाद तेजी से गिरी है। 'धुरंधर 2' के सामने राह आसान नहीं, पर मौका जरूर है 'भूत बंगला' के पास अपनी जमीन बनाने के लिए एक मौका तो जरूर है। दर्शकों में नई फिल्‍म की चाह और 'धुरंधर 2' की धीमी हो रही रफ्तार, अक्षय की फिल्‍म को फलने-फुलने का मौका दे सकती हैं। बशर्ते यह दर्शकों को पसंद आए। खासकर, ये कि इसे फैमिली के साथ देखा जा सकता है। जबकि 'धुरंधर 2' एडल्‍ट सिर्टफिकेट वाली फिल्‍म है। 'भूत बंगला' बॉक्‍स ऑफिस प्रेड‍िक्‍शन: पहले दिन की कमाई का अनुमान अक्षय-प्रियदर्शन की जोड़ी, हॉरर-कॉमेडी जॉनर, फैमिली ऑडियंस, एडवांस बुकिंग और 'धुरंधर 2' से टक्‍कर, इन सारे फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए, अक्षय कुमार स्टारर 'भूत बंगला' के पहले दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई के संकेत हैं। उम्‍मीद यही है कि यह 16 अप्रैल को होने वाले पेड प्रीव्यू से ₹3-4 करोड़ का नेट कलेक्‍शन और 17 अप्रैल को ओपनिंग डे पर ₹12- ₹14 करोड़ की नेट कमाई कर सकती है। COVID के बाद अक्षय की फिल्‍में और उनकी ओपनिंग कोविड महामारी के बाद अक्षय कुमार की फिल्‍मों पर नजर दौड़ाएं, तो 'भूत बंगला' के पास पेड-प्रीव्‍यू मिलाकर पहले दिन टॉप-3 में एंट्री करने की उम्‍मीद है। कोरोना महामारी के बाद अक्षय कुमार की 'सूर्यवंशी' ने पहले दिन ₹26.29 करोड़ कमाए थे। इसके बाद 'हाउसफुल 5' का नंबर है, जिसने ओपनिंग डे पर ₹24.00 करोड़ का कारोबार किया। जबकि अभी तीसरे नंबर पर 'बड़े मियां छोटे मियां' है, जिसने पहले दिन ₹15.50 करोड़ कमाए थे। COVID के बाद देश में अक्षय कुमार की टॉप ओपनिंग फिल्‍में     सूर्यवंशी – ₹26.29 करोड़     हाउसफुल 5 – ₹24.00 करोड़     बड़े मियां छोटे मियां – ₹15.50 करोड़     राम सेतु – ₹15.20 करोड़     स्काई फोर्स – ₹12.25 करोड़ 'भूत बंगला' का बजट और कास्‍ट प्रियदर्शन के डायरेक्‍शन में बनी 'भूत बंगला' को अक्षय कुमार और एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया है। फिल्‍म का बजट 120 करोड़ रुपये बताया जाता है। कास्‍ट में अक्षय कुमार के अलावा, परेश रावल, राजपाल यादव, वामिका गब्बी, तब्‍बू, असरानी, मनोज जोशी, मिथिला पालकर, जिशु सेनगुप्ता, राजेश शर्मा, मनु मेनन, पेरिन माल्दे और पुनीत हैं।