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कंगना रनौत ने चिराग पासवान संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- “सिर्फ दोस्त हैं”

एक्ट्रेस से पॉलिटिशियन बनीं कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार चर्चा उनके और कंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के रिश्ते को लेकर है, जिस पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी है. दोनों संसद या पार्टी के काम से जब भी मिलते हैं उनकी तस्वीरें वायरल हो जाती हैं. कभी दोनों एक दूसरे को ताली देते हुए हंसते दिखते हैं, तो कभी आवाज लगाकर बुलाते और गले मिलते. काफी समय से दोनों के बीच अफेयर की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन अब कंगना ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने साफ कहा कि चिराग पासवान उनके सिर्फ अच्छे दोस्त हैं, इससे ज्यादा कुछ नहीं. चिरांग संग क्या है रिश्ता? मीडिया से बातचीत में रोमांटिक एंगल के सवाल पर कंगना ने मुस्कुराते हुए कहा- नहीं, चिराग सिर्फ दोस्त हैं. मैं जब भी उनके बारे में सोचती हूं, मुझे एक दोस्त ही नजर आते हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके बीच कभी रोमांस रहा है, तो उन्होंने बेहद साफ अंदाज में जवाब दिया- कोई रोमांस नहीं है. हम एक-दूसरे को कई सालों से जानते हैं. उन्होंने आगे मजाकिया लहजे में कहा- हम दोनों ने करीब 10 साल पहले एक फिल्म साथ में की थी. अगर हमारे बीच कुछ होता, तो अब तक हमारे बच्चे होते. अगर रोमांस होना होता, तो अब तक हो चुका होता. कंगना के इस बयान के बाद एक बार फिर ये साफ हो गया है कि दोनों के बीच सिर्फ दोस्ती का रिश्ता है, ना कि कोई रोमांटिक कनेक्शन. उनके इस बेबाक और मजेदार अंदाज ने फैंस का ध्यान जरूर खींच लिया है. कंगना संग किया था डेब्यू कंगना और चिराग पासवान ने साल 2011 में फिल्म मिले न मिले हम में साथ काम किया था. इसी फिल्म से चिराग ने बॉलीवुड में कदम रखा था. फिल्म को तनवीर खान ने डायरेक्ट किया था. वहीं इसमें कंगना-चिराग के अलावा नीरू बाजवा और सागरिका घाटगे भी थीं. हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं कर पाई, लेकिन दोनों की दोस्ती वहीं से शुरू हुई, जो आज तक कायम है. कंगना की आखिरी रिलीज फिल्म इमरजेंसी थी. इसे उन्होंने डायरेक्ट भी किया था, और फिल्म में इंदिरा गांधी का किरदार भी अदा किया था. कंगना जल्द ही क्वीन 2 और तनु और वेड्स मनु 3 में नजर आएंगी.

कनाडा में पंजाबी लेडी रेडियो होस्ट को मिली सजा, ₹83 करोड़ की ड्रग्स के साथ गिरफ्तार, गिरोह से जुड़े राज का खुलासा

अमृतसर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाबी रेडियो होस्ट सुखविंदर कौर संघा (47) को नशा तस्करी के मामले में साढ़े पांच साल की सजा सुनाई है। संघा को 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसकी बाजार कीमत करीब 83 करोड़ रुपए आंकी गई। मूल रूप से पंजाब के जालंधर जिले के नकोदर से संबंध रखने वाली संघा कनाडा के प्रिंस जॉर्ज में जन्मी थीं और पिछले एक दशक में पंजाबी मीडिया जगत में एक चर्चित चेहरा बन चुकी थीं। सीमा पर रोकने पर भागने की कोशिश अक्टूबर 2021 में संघा फ्लोरिडा नंबर प्लेट वाली एक रेंटल कार में अमेरिका से कनाडा में प्रवेश कर रही थीं। सरे स्थित सीमा चौकी पर जब कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने उन्हें सेकेंडरी जांच के लिए रोका, तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय कार तेज गति से भगा ली। इस घटना के बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस ने पीछा कर किया गिरफ्तार संघा की कार का पीछा करते हुए पुलिस ने उन्हें सरे की 16वीं एवेन्यू पर पकड़ लिया। जब कार की तलाशी ली गई, तो उसमें चार डफल बैग बरामद हुए, जिनमें 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन भरी हुई थी। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया और यह मामला बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना गया। कोर्ट में बचाव के दावे खारिज अदालत में सुनवाई के दौरान संघा ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह अपनी मौसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाशिंगटन गई थीं और वहां उन्हें धमकाकर इस काम के लिए मजबूर किया गया। हालांकि जस्टिस जॉन गिब-कार्सले ने उनके इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य उनके बयान से मेल नहीं खाते। मोबाइल मैसेज बने अहम सबूत जांच के दौरान संघा के मोबाइल फोन से मिले टेक्स्ट मैसेज इस मामले में निर्णायक साबित हुए। इन मैसेज से स्पष्ट हुआ कि वह तस्करी में अपनी मर्जी से शामिल थीं और गिरोह की एक भरोसेमंद सदस्य के रूप में काम कर रही थीं। कोर्ट ने यह भी माना कि वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रह चुकी थीं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी न्यू वेस्टमिंस्टर की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नशीले पदार्थों का कारोबार समाज के लिए बेहद खतरनाक है और इसके गंभीर परिणाम होते हैं। जज ने उम्मीद जताई कि संघा जेल में बिताए समय का उपयोग आत्मचिंतन के लिए करेंगी। यह मामला ब्रिटिश कोलंबिया के पंजाबी समुदाय के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि संघा अपने शो में अक्सर अपराध के खिलाफ आवाज उठाती थीं।

LPG Crisis Alert: 35 दिन बाद भी ऑनलाइन बुकिंग शुरू नहीं, गैस सिलेंडर को लेकर लोग परेशान

अमृतसर. मिडल ईस्ट जंग में अमेरिका-ईरान वार्ता असफल होने के बाद एक बार फिर से घरेलू गैस सिलेंडरों का कालाबाजारी करने वाली कुछ गैस एजैंसियों की बांछें खिल गई हैं आलम यह है कि 35 दिन बीतने के बाद भी घरेलू गैस सिलेंडर बुक करने का साफ्टवेयर इस समय ठप्प पड़ा हुआ है। जिस व्यक्ति को पहले सिलेंडर मिल गया था उसको 25 दिन बाद बुकिंग करवाने के लिए मैसेज आया था लेकिन 25 दिन बाद बुकिंग करने पर बुकिंग ही नहीं हो रही है उल्टा गैस एजैंसी से संपंर्क साधने संबंधी मैसेज आ रहा है जिससे जनता में भारी परेशानी है। जानकारी के अनुसार पांच सितारा होटलों से लेकर छोटे होटलों, रैस्टोरैंटों व ढाबों आदि में फिलहाल अस्थायी विक्लप तैयार कर लिए हैं जिसमें भट्ठी आदि शामिल हैं लेकिन फिर भी इन व्यापारिक प्रतिष्ठानों जिसमें बड़े होटलों से लेकर छोटे होटल आदि में 3500 रुपये से लेकर 3800 रुपये के बीच सिलेंडर की ब्लैक हो रही है और प्रशासन चाहते हुए भी कुछ नहीं कर पा रहा है हालांकि डीसी दलविन्दरजीत सिंह की तरफ से फूड एंड सिवल सप्लाई विभाग के अधिकारियों को छापेमारी करने के आदेश जारी किए गए हैं लेकिन जिस प्रकार से गैस एजैंसियों में हालात नजर आ रहे हैं उससे साबित होता है कि डीसी के आदेश का इमानदारी से पालन नहीं किया जा रहा है। ज्यादातर होटलों ने अपनाए वैकल्पिक साधन श्री अमृतसर साहिब की बात करें तो यहां की अर्थव्यवस्था टूरिज्म इंडस्ट्री पर निर्भर है और मिड ऑफ मार्च से लेकर जून के अंत तक टूरिस्टों की भारी आमद रहती है रोजाना हजारों की संख्या में टूरिस्ट आ रहे हैं यहां तक कि इस समय अटारी बार्डर स्थित टूरिस्ट गैलरी भी छोटी पड़ चुकी है और लोगों को बाहर खड़े होकर परेड देखने को मजबूर होना पड़ रहा है कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई अभी भी बंद है ऐसे में ज्यादातर होटलों ने वैकल्पिक साधन अपना लिए हैं जिसमें डीजल की भटठियां, इंडक्शन चूल्हा व ब्लैक में लिए जाने वाला घरेलू सिलेंडर शामिल हैं। हर एक होटल मालिक को लाखों रुपये खर्च करके भटठियां खरीदने को मजबूर होना पड़ा है क्योंकि सरकार की प्राथमिकता की सूचि में कमर्शियल गैस सिलेंडर होटलों के लिए अभी भी नहीं है। विवाह शादियों वाले घर परेशान विवाह शादी समागमों वाले घर भी इस समय काफी परेशान हैं क्योंकि खाने पीने का सामान बनाने के लिए हलवाईयों के लिए गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं लोग प्रशासन व फूड सप्लाई विभाग के पास आवेदन दे रहे हैं लेकिन विभाग कानूनी रुप से ऐसे घरों को सिलेंडर नहीं दिलवा सकता है हां ब्लैक में जरुर किसी ना किसी गैस एजैंसी से दो से तीन गुना दाम पर सिलेंडर मिल जाता है सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक विभाग ने कितने ब्लैक वाले सिलेंडर पकड़े हैं इसकी सूचि ही विभाग के पास नहीं है जो मिलीभुगत की तरफ साफ इशारा करता है।

Amritpal Singh Case: पंजाब सरकार पहुंची हाईकोर्ट, सांसद के खिलाफ दाखिल की याचिका

चंडीगढ़. खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह पर लगा NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) जल्द ही खत्म होने वाला है। यह मुद्दा राजनीति गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पंजाब सरकार ने अमृतपाल पर लगे एन.एस.ए. के हटने से पहले ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। अमृतपाल पर लगा NSA अभी हटा भी नहीं है कि पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की अपनी में दलील दी है कि अमृतपाल पर लगे एन.एस.ए. के हटने के बाद भी उसे डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। पंजाब सरकार ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उक्त याचिका दायर की है। पंजाब सरकार का कहना है कि अमृतपाल पंजाब के लिए खतरा साबित हो सकता है इसलिए उसे असम में ही रहने देना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा पत्र पंजाब सरकार ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में भी सरकार ने पंजाब में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर अमृतपाल को NSA हटने के बाद भी डिब्रूगढ़ जेल में रखने की अपील की है। बता दें कि अमृतपाल पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 22 अप्रैल को खत्म होने जा रहा है। इससे पहले ही पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट और केंद्रीय गृह मंत्रालय में अमृतपाल को जेल में रखने की अपील कर दी है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में इस बारे में क्या फैसला लिया जाता है। गौरतलब है कि जब से अमृतपाल सिंह ने खडूर साहिब से सांसद के तौर पर शपथ ली है तब से NSA के कारण वह एक बार भी संसद की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाया।

चांदी के भाव में ₹3500 से अधिक की बढ़ोतरी, सोना भी महंगा, 18-22-24 कैरेट गोल्ड के ताजा रेट जानें

इंदौर  भारतीय सर्राफा बाजार में आज फिर सोना-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.  22 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 40 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार है. वहीं, 24 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 53 हजार रुपये से अधिक पहुंच गया है, जो बीते कारोबारी दिन यानी बुधवार (15 अप्रैल) की शाम के समय 1 लाख 52 हजार रुपये के पार था।  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com पर 16 अप्रैल 2026 की सुबह जारी रेट्स के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 153305 रुपये प्रति 10 ग्राम है. जबकि 18 कैरेट सोने का दाम 89683 रुपये प्रति 10 ग्राम है।  चांदी का रेट क्या है? चांदी की कीमत में भी भारी उछाल देखने को मिला है. आज (गुरुवार), 16 अप्रैल की सुबह चांदी का भाव 2 लाख 52 हजार रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है. जो बीते दिन 2 लाख 50 हजार रुपये से कम था. बता दें कि ibja की ओर से जारी रेट्स सर्वमान्य हैं. केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा सोमवार से शुक्रवार सुबह और शाम दिन में दो बार सोना-चांदी के रेट्स अपडेट किए जाते हैं. वहीं, शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं किए जाते।  आइए जानते हैं बीते कारोबारी दिन की तुलना में आज कितना महंगा हुआ सोना-चांदी   शुद्धता बुधवार शाम के रेट गुरुवार सुबह का रेट कितने महंगा हुआ गोल्ड-सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम) 999     152865 153305 440 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995      152253 152691 438 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916      140024 140427  403 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750      114649 114979 330 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585      89426 89683 257 रुपये महंगा चांदी (प्रति 10 ग्राम) 999      249019 252675 3656 रुपये महंगी बीते दिन यानी 15 अप्रैल को क्या था 22-24 कैरेट सोने और चांदी का रेट? 24 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट- 152949 शाम का रेट- 152865   22 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट-  140101 शाम का रेट-  140024   चांदी की कीमत सुबह का रेट- 250855 शाम का रेट- 249019 बता दें कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (Indian Bullion Jewelers Association) की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. इसमें टैक्स, मेकिंग चार्ज एवं जीएसटी शामिल नहीं होता है.

Cultural Pride in Rajya Sabha: लक्ष्मी वर्मा ने पारंपरिक साड़ी में ली शपथ, गूंजा ‘जय जोहार’

रायपुर/​नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने आज देश के गौरवशाली उच्च सदन (राज्यसभा) में सदस्यता की आधिकारिक शपथ ग्रहण की। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने न केवल प्रदेश की तीन करोड़ जनता के अधिकारों की आवाज को सदन में बुलंद करने का संकल्प लिया, बल्कि अपने परिधान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अस्मिता को भी राष्ट्रीय पटल पर गरिमामय ढंग से प्रस्तुत किया। ​शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सांसद लक्ष्मी वर्मा ने एक विशेष रूप से डिज़ाइन की गई साड़ी धारण की थी, जिसने संसद भवन में सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह परिधान पूर्णतः छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और धरोहर का प्रतिनिधित्व कर रहा था। साड़ी के मुख्य भाग पर प्रदेश के ऐतिहासिक और पुरातात्विक गौरव ‘भोरमदेव मंदिर’ की सुंदर आकृति और प्रदेशवासियों की अगाध आस्था की प्रतीक ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का भव्य चित्र उकेरा गया था। इसके अतिरिक्त साड़ी की किनारी (बॉर्डर/लेयर) पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अभिवादन ‘जय जोहार’ स्पष्ट अक्षरों में लिखा हुआ था, जो प्रदेश की सादगी, आत्मीयता और भाईचारे का सशक्त संदेश दे रहा था। ​अपने इस विशेष परिधान से मातृभूमि को नमन करते हुए लक्ष्मी वर्मा ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि वे उच्च सदन में केवल एक जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति की सच्ची संवाहक के रूप में उपस्थित हुई हैं। ​इस गौरवपूर्ण अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा, “आज राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेना मेरे सार्वजनिक जीवन का अत्यंत भावुक और सर्वोच्च क्षण है। आज मैंने जो परिधान धारण किया है, वह मेरे लिए मात्र एक वस्त्र नहीं है, बल्कि यह मेरे प्रदेश की पहचान, हमारी गौरवशाली परंपरा और ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का साक्षात आशीर्वाद है। मैं शीर्ष नेतृत्व, प्रदेश नेतृत्व और छत्तीसगढ़ की देवतुल्य जनता का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। उन्होंने कहा, उच्च सदन में मेरा हर कदम और मेरी हर आवाज प्रदेश के सर्वांगीण विकास और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण के लिए पूर्णतः समर्पित होगी। लक्ष्मी वर्मा द्वारा उच्च सदन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति के इस अनूठे और गौरवशाली प्रदर्शन की प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना हो रही है। इस पहल ने छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को गौरवान्वित किया है।

मध्य प्रदेश में 25 शहरों का तापमान 40 डिग्री से ऊपर, 16 जिलों में लू की चेतावनी, इंदौर-उज्जैन और अन्य संभागों में अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर तीखे कर दिए हैं. प्रदेश के 25 शहरों का तापमान 40 डिग्री पार हो चुका है. बुधवार को छतरपुर का नौगांव सबसे गर्म रहा. नौगांव का तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा. राज्य के 16 जिलों में लू की चेतावनी जारी की गई है. मौसम केंद्र भोपाल की ओर से सीजन में पहली बार इतने ज्यादा जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिले गर्म हवा की चपेट में हैं. जिन जिलों में लू का अलर्ट जारी गया है, वे हैं- रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांदुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट।  राज्य के 25 शहरों में पारा 40 डिग्री पार हो चुका है. खजुराहो में 42.2 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 42 डिग्री और नर्मदापुरम में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं मंडला में तापमान 41.6 डिग्री, सतना में 41.5 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और शाजापुर में तापमान 41.01 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. उज्जैन में तापमान 39.5 डिग्री, ग्वालियर में 39.5, इंदौर में 39.8 डिग्री, भोपाल में 39.6 डिग्री और जबलपुर में तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं टीकमगढ़, धार, खरगोन और रीवा में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस, उमरिया और दतिया में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा. श्योपुर, दमोह, रायसेन में 40.4 डिग्री, गुना में 40.3 डिग्री, छिंदवाड़ा, मलाजखंड-बैतूल में 40.2 डिग्री, खंडवा में 40.1 डिग्री और सागर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  दोपहर में न निकलें बाहर खंडवा निवासी डॉक्टर योगेश शर्मा ने कहा कि खंडवा में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है. इस मौसम में छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए क्योंकि इस समय लू का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. गर्मी के कारण हीट रैश, हीट एक्सॉशन, हीट क्रैम्प और सबसे खतरनाक हीट स्ट्रोक जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान 104 डिग्री तक पहुंच सकता है. ऐसे में फौरन अस्पताल जाना चाहिए. वहीं इन दिनों खंडवा के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी की संख्या से लोगों के तेजी से बीमार पड़ने का अंदाजा लगाया जा सकता है. हर रोज 1500 तक मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. इनमें ज्यादातर बुखार, उल्टी-दस्त और बदन दर्द के मरीज हैं। नौगांव में 42 डिग्री पार पहुंचा पारा मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 42.2 डिग्री, रतलाम में 42 डिग्री और नर्मदापुरम में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं मंडला, सतना, सीधी और शाजापुर जैसे जिलों में भी तापमान 41 डिग्री के आसपास बना रहा है। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 39.6 डिग्री, इंदौर में 39.8 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन में लगभग 39.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि ये आंकड़े 40 से थोड़े कम हैं, लेकिन गर्म हवाओं के कारण यहां भी लू जैसे हालात महसूस किए जा रहे हैं। आज से लू का अलर्ट, सावधानी बरतने की सलाह मध्य प्रदेश के 16 जिलों में आज से लू अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा सहित 16 जिलों में लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। प्रशासन ने भी इन इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। भीषण गर्मी को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। बच्चों को दोपहर की तेज धूप से बचाने के लिए कक्षाएं सुबह के समय संचालित की जा रही हैं, जिससे अभिभावकों को भी राहत मिली है। दूसरे पखवाड़े में चरम पर गर्मी अप्रैल के पहले नौ दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ था। कहीं आंधी चली, तो कहीं बारिश और ओले गिरे। लेकिन 10 अप्रैल के बाद जैसे ही मौसम साफ हुआ, तापमान तेजी से बढ़ने लगा। अब अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में वही स्थिति बन रही है, जब हर साल गर्मी अपने सबसे तीखे तेवर दिखाती है। 25 शहरों में 40 डिग्री के पार पारा, कई जगह 42 के करीब गर्मी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार को प्रदेश के 25 शहरों में तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। छतरपुर का नौगांव सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां पारा 42.4 डिग्री तक पहुंच गया। खजुराहो में 42.2 डिग्री, रतलाम में 42 डिग्री और नर्मदापुरम में 41.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इंदौर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी इस सीजन का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ, जहां पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर भी 40 डिग्री के करीब रहे, जिससे आम जनजीवन पर गर्मी का असर साफ दिखने लगा है। स्कूलों का समय बदला गया तेज गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों का समय बदल दिया गया है। बच्चों को दोपहर की तेज धूप से बचाने के लिए सुबह के समय कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इससे अभिभावकों को भी राहत मिली है। नया सिस्टम एक्टिव, लेकिन राहत की उम्मीद कम मौसम विभाग का कहना है कि 16 अप्रैल से एक नया सिस्टम जरूर एक्टिव हो रहा है, लेकिन यह काफी कमजोर रहेगा। इसका असर मुख्य रूप से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में ही दिखाई देगा। प्रदेश में इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा, यानी गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों के लिए एडवायजरी बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए जरूरी एडवायजरी भी जारी की है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है, क्योंकि लू का असर इन पर ज्यादा तेजी से होता है। लोगों … Read more

बटाला में ₹176.91 करोड़ के प्रोजेक्टों का उद्घाटन, CM बोले- हमारी पार्टी लोगों के लिए कर रही काम

बटाला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार को बटाला पहुंचे। इस दौरान भगवंत मान ने 176.91 करोड़ के विकास कार्यों की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नगर निगम बटाला के अधीन 95.72 करोड़ की लागत के विकास कार्यों की शुरुआत की। इसके अलावा, उन्होंने पंजाब मंडी बोर्ड के अधीन 16.10 करोड़ की लागत के विकास कार्यों की भी शुरुआत की। वहीं मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधीन 65.09 करोड़ की राशि से बनने वाली सड़कों का नींव पत्थर रखा। विपक्ष पर साधा निशाना इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आने से पहले अकाली दल और कांग्रेस के लोग 5-5 साल बारी-बारी राज करते थे। एक बार जीत जाते थे, उसके बाद अपने घरों को अंदर से लॉक कर लेते थे, बाहर नहीं निकलते थे। हमारी पार्टी ने लोगों के लिए ही किया काम उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखबीर बादल जीतने के बाद अपने घरों में ही रहते थे। घर से ही आदेश जारी किए जाते थे कि केवल जानकारों और रिश्तेदारों के ही काम होने चाहिए। लोगों से उनका कोई मतलब नहीं रहता था। हमारी पार्टी ने लोगों के लिए ही काम किया है। रणजीत बावा ने पेश किया रंगारंग कार्यक्रम मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री लाल चंद पहुंचे। वहीं, पंजाबी गायक रणजीत बावा ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किया। इस दौरान, बटाला विधायक एवं आप के एक्टिंग प्रधान अमनशेर सिंह शैरी कलसी ने कहा कि पंजाब के लोगों के लिए मान सरकार ने जो काम किया वो कोई सरकार नहीं कर पाई। विपक्ष ने लोगों को बहकाया- सीएम सीएम ने कहा कि विपक्ष ने लोगों को बहकाया कि महिलाओं को 1 हजार नहीं मिलेगा। लेकिन, मान सरकार ने वो वायदा भी पूरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान किए सारे वायदों को पूरा किया है।  

भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक स्कूलों में रहेगा अवकाश

भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा स्कूलों में अवकाश बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर  प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में आंशिक संशोधन किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए  पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।

प्रतिनियुक्ति कर्मचारियों को बड़ी राहत: महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, एरियर भी मिलेगा किस्तों में

भोपाल : राज्य शासन ने उपक्रमों, निगमों, मंडलों एवं अनुदान प्राप्त संस्थाओं से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि का निर्णय लिया है। इस फैसले से चौथे एवं पांचवें वेतनमान में वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। राज्य शासन द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय अनुसार प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई है। संशोधित दरों के अनुसार पांचवें वेतनमान के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 323 प्रतिशत तथा चौथे वेतनमान के कर्मचारियों का 1465 प्रतिशत हो जाएगा। यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से प्रभावशील मानी जाएगी। इस निर्णय का लाभ कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से (भुगतान माह मई 2026) से दिया जाएगा। वहीं, 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि का एरियर 6 समान किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 तक भुगतान किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय लाभ प्राप्त होगा। विशेष प्रावधान के तहत इस अवधि में सेवानिवृत्त या दिवंगत कर्मचारियों के मामलों में एरियर राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा, जिससे उनके परिवारों को त्वरित राहत मिल सके। शासन ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूर्ण रुपये में गोल किया जाएगा। साथ ही, महंगाई भत्ते को किसी अन्य प्रयोजन के लिए वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा।