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भिवाड़ी में मजदूरों का बड़ा आंदोलन, हजारों श्रमिक सड़कों पर उतरे

भिवाड़ी राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक हब भिवाड़ी (Bhiwadi) में मजदूरों का असंतोष गहराता जा रहा है. मदरसन कंपनी में प्रदर्शन खत्म होने के बाद अब गुरुवार सुबह दो और बड़ी कंपनियों (रिलैक्सो इंडिया और निफोन) के श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया है. हजारों की संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. रिलैक्सो चौक पर चक्का जाम और नारेबाजी भिवाड़ी के व्यस्त रिलैक्सो चौक पर सुबह से ही श्रमिकों ने काम बंद कर दिया और सड़क पर जाम लगा दिया है. प्रदर्शनकारी श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें दी जाने वाली मजदूरी बेहद कम है और काम का बोझ अधिक है. प्रदर्शनकारी 'कंपनी प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये करने की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रशासनिक अमला मौके पर, भारी पुलिस बल तैनात हजारों मजदूरों के सड़क पर आने की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं. हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए रिलैक्सो चौक और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारियों ने श्रमिकों के प्रतिनिधियों से बातचीत का दौर शुरू कर दिया है ताकि औद्योगिक शांति बनी रहे और जाम खुलवाया जा सके. मदरसन कंपनी जैसा ही विवाद बता दें कि पिछले कुछ दिनों से भिवाड़ी में श्रमिकों के बीच वेतन को लेकर भारी नाराजगी है. श्रमिकों का कहना है कि जिस तरह मदरसन कंपनी में वेतन विसंगतियों को लेकर मांगें उठी थीं, वैसी ही समस्या रिलैक्सो और निफोन कंपनी में भी है. फिलहाल, बातचीत जारी है लेकिन श्रमिक अपनी मांग पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

हरियाणा कांग्रेस का बड़ा एक्शन, क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायक सस्पेंड

चंडीगढ़ हरियाणा कांग्रेस में अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है. इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया. उन्होंने बताया कि पांच विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. यह फैसला संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए लिया गया है. राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश के आधार पर की गई है. साथ ही इस निर्णय को लागू करने से पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति भी ली गई. इससे यह साफ हो गया है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है. क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस का बड़ा फैसला जिन विधायकों को निलंबित किया गया है उनमें शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास पुनहाना, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं. ये सभी विधायक नारायणगढ़, सढौरा, रतिया, पुनहाना और हथीन विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित हैं. पार्टी ने इन सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है. प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन विधायकों ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया था. इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया. पार्टी का कहना है कि इस तरह का कदम संगठन की मर्यादाओं के खिलाफ है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और हर नेता और कार्यकर्ता को इसका पालन करना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के सामूहिक निर्णयों और अधिकृत रुख के खिलाफ जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी. मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद हुई कार्रवाई इस फैसले के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस के इस कदम को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाले समय में इसका असर पार्टी की आंतरिक राजनीति और रणनीति पर भी पड़ सकता है.

बिहार प्रशासन में हलचल, ब्यूरोक्रेसी का चेहरा बदलने की तैयारी तेज

पटना बिहार में बहुत जल्द ब्यूरोक्रेसी का मूड-मिजाज और चेहरा बदल जाएगा। नेतृत्व बदलते ही ब्यूरोक्रेसी का मन बदलने लगा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सचिवालय में पदभार संभालने के साथ ही विभागों के प्रमुख अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए। अधिकारी नई सरकार के संकेतों पर नजर टिकाए बैठे हैं। साथ ही विभागीय प्रस्तुतीकरण को लेकर रोडमैप तैयार करने में जुट गए हैं। खास कर सरदार पटेल भवन में, जहां सम्राट करीब पांच महीने उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री बन कर रहे। यहां पर गृह विभाग से लेकर पुलिस मुख्यालय के प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती दिख रही। बिहार में बदल जाएगी ब्यूरोक्रेसी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सचिवालय में पदभार संभालने के साथ ही विभागों के अधिकारी अलर्ट मोड में हैं। पुलिस मुख्यालय में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती रहीं कई जिलों में प्रशासन का प्रमुख चेहरा बदलने की भी पूरी संभावना है। प्रशासनिक महकमे में भी फेरबदल के आसार हैं। राज्य में नई सरकार बनते ही ब्यूरोक्रेसी के प्रमुख चेहरों के बदलने की चर्चाएं भी शुरू हुई हैं। लंबे समय तक सरकार का चेहरा बने कई अधिकारी केंद्र सरकार में इम्पैनल हो चुके हैं। कई कतार में हैं। ऐसे में उनके विरमित होने पर नए अधिकारियों की तैनाती होगी। नए नेतृत्व की एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री सचिवालय सहित प्रमुख विभागों में नए चेहरे दिख सकते हैं। कई जिलों में प्रशासन का प्रमुख चेहरा बदलने की भी पूरी संभावना है। अपराधियों पर सख्ती रहगी जारी सम्राट चौधरी ने चुनावी भाषण से लेकर बतौर उपमुख्यमंत्री कई बार अपराधियों को बिहार छोड़ देने की चेतावनी दी थी। ऐसे में अब उनके मुख्यमंत्री बनने पर पुलिस अधिकारी महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ने मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रीय उत्साहित हैं कि अपराधियों पर कड़े प्रहार जारी रखे जाएंगे। महिला सुरक्षा भी सरकार का फोकस रहेगा। सम्राट चौधरी ने ही अपराध और विशेष महिला पुलिस दस्ता 'अभया बिग्रेड' बनाने की घोषणा की थी। बुधवार की साप्ताहिक बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने मुख्यालय सहित क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों को नए सिरे से सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया और सख्ती से अनुपालन के निर्देश दिए। गृह विभाग से लेकर पुलिस मुख्यालय के प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती दिख रही। चौक-चौराहों पर सम्राट-नीतीश में तुलना सचिवालय के गलियारों से लेकर चौक-चौराहों पर नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी खूब तुलना हो रही है। युवा मुख्यमंत्री से लोगों को उम्मीदें तो हैं, मगर कुछ चिंताएं भी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सम्राट चौधरी के पास सरकार का लंबा अनुभव है, ऐसे में उनको ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। जबकि, कुछ लोगों को भरोसा है कि उनको केंद्र सरकार का भी सहयोग मिलेगा। नीतीश सरकार की तरह सांप्रदायिक शक्तियों और भ्रष्टाचारियों पर कड़ी चोट जारी रहनी चाहिए। थानों और अंचल कार्यालयों की कार्य संस्कृति में सुधार लाना चाहिए। शराब पर लगे प्रतिबंध को लेकर भी अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय दिखी। कुछ दिन में नई सरकार के परफॉर्मेंस का भी आकलन होने लगेगा।

सहजन के छिलकों से बनाएं सुपरफूड मोरिंगा टी, जानें तरीका और फायदे

 आजकल सुपरफूड को लेकर जब भी चर्चा होती है, मोरिंगा का नाम सबसे पहले आता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहजन को एक सुपरफूड बताया था और यह भी कहा है कि वे अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हफ्ते में दो बार सहजन की पत्तियों से बने परांठे खाते हैं. मोरिंगा को आमतौर पर लोग सहजन भी कहते हैं और यह पोषण का पावरहाउस भी कहलाता है. इसका कई तरीके से यूज किया जाता है. कोई इसकी सब्जी बनाता है तो कोई इसका अचार भी डालता है. हालांकि लोग सहजन के छिलकों को लोग बेकार समझकर निकालकर कचरे में फेंक देते हैं, लेकिन अधिकतर लोग इस बात से अनजान है कि सहजन का छिलका भी बहुत काम की चीज है, क्योंकि उससे आप अपने काफी पैसे बचा सकते हैं. सहजन के छिलका भी पोषण तत्वों से भरा होता है और इसलिए इसका यूज आप मोरिंगा टी बनाने में कर सकते हैं. मोरिंगा के छिलकों से बनाएं चाय     मोरिंगा के छिलकों को आप छीलने के बाद एक प्लेट में फैलाकर अलग रख लीजिए और इसे धूप में सुखाने के लिए रख दीजिए. जब मोरिंगा के छिलके ड्राई हो जाएं तो आप इनको मिक्सर जार में डालकर बारीक पीस लें और इनका पाउडर बना लें. मोरिंगा के छिलकों को पीसते समय आप उनके साथ ही दालचीनी और इलायची  के साथ पीसना है. इस तरह आप घर पर ही सुपर हेल्दी मोरिंगा टी तैयार कर सकते हैं और फिर इस पाउडर को आप गर्म पानी में मिलाकर पिएं. इतने समय तक कर सकते हैं स्टोर इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इसे घर पर बनाकर लगभग 2 महीने के लिए स्टोर भी कर सकते हैं. पाउडर को स्टोर करने के लिए आप एक एयरटाइट कंटेनर में रखें, ताकि इसमें बिल्कुल भी नमी ना आए. इस तरह हर दो महीने के लिए पहले से ही मोरिंगा का छिलकों को सुखाकर घर पर ही मोरिंगा टी तैयार कर सकते हैं. मोरिंगा टी पीने से क्या फायदे मिलते हैं? मोरिंगा से बनी मोरिंगा टी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि इसमें विटामिन C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. यह मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन घटाने में मददगार भी होती है और ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में भी काम आती है, खासकर टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए.  मोरिंगा टी डाइजेशन को सुधारती है, शरीर को डिटॉक्स करती है और स्किन के साथ बालों को भी हेल्दी और शाइनी बनाती है, नियमित सीमित मात्रा में सेवन करने से एनर्जी बढ़ती है और थकान कम होती है.

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: MP में संविदा कर्मियों को मिलेगा 10 साल की सेवा का हक, न्यूनतम वेतन और अन्य लाभ

MP में संविदा कर्मियों को HC से राहत, 10 साल की सेवा का मिलेगा हक, न्यूनतम वेतन और अन्य लाभों से नहीं होंगे वंचित हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: MP में संविदा कर्मियों को मिलेगा 10 साल की सेवा का हक, न्यूनतम वेतन और अन्य लाभ MP में संविदा कर्मियों के लिए हाईकोर्ट ने दी राहत, 10 साल की सेवा का हक मिलेगा, न्यूनतम वेतन समेत अन्य लाभ होंगे जारी जबलपुर मध्य प्रदेश में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए हाई कोर्ट से बड़ी राहत सामने आई है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने स्पष्ट किया है कि 10 वर्ष से अधिक समय से लगातार सेवाएं दे रहे संविदा, आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारी वर्गीकरण और उससे जुड़े लाभों के हकदार हैं। आर्थिक न्याय का अधिकार माना कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लंबे समय से काम कर रहे इन कर्मचारियों को आर्थिक न्याय और सम्मानजनक जीवन स्तर का अधिकार है। ऐसे में उन्हें नीति के तहत वर्गीकृत किया जाए और उनके पद के अनुरूप न्यूनतम वेतन दिया जाए। वर्षों से सेवारत कर्मियों की दलील स्वीकार जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों ने याचिकाएं दायर कर बताया था कि उन्हें वर्ष 2009 में अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया गया था और तब से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान लाभ नहीं दिए जा रहे। याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के वर्गीकरण और न्यूनतम वेतन को लेकर नीति बनाई है, लेकिन उसका लाभ उन्हें नहीं मिल रहा। संवैधानिक अधिकारों का हवाला याचिकाओं में यह तर्क दिया गया कि नियमितीकरण में भेदभाव हो रहा है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। कोर्ट ने इस दलील को गंभीरता से लेते हुए माना कि पात्र कर्मचारियों को नीति के अनुसार लाभ दिया जाना चाहिए। सरकार को निर्देश हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 2016 की नीति के तहत पात्र संविदा कर्मचारियों का वर्गीकरण किया जाए और उन्हें सभी परिणामी लाभ दिए जाएं। यह फैसला प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए राहतकारी माना जा रहा है, जो लंबे समय से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे।  

Cross Voting Controversy: राज्यसभा चुनाव में 5 विधायकों पर गिरी गाज, केंद्रीय अनुशासन समिति ने किया सस्पेंड

चंडीगढ़. हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग के मामले में कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने पांच विधायकों को पार्टी से निलंबित करने का निर्णय लिया है। जिन विधायकों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शैली चौधरी, रेनू वाला, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कांग्रेस की अनुशासन समिति और कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठकों में इन विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इसके बाद मामला केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया। केंद्रीय अनुशासन समिति, जिसकी अध्यक्षता ए. के. एंथोनी कर रहे हैं, ने राज्य नेतृत्व की सिफारिश पर मुहर लगाते हुए पांचों विधायकों को निलंबित करने का फैसला लिया। 'संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं करेंगे' कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि राज्यसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण मौके पर पार्टी लाइन से हटकर मतदान करना अनुशासन हीनता की श्रेणी में आता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस कार्रवाई के जरिए पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस फैसले से न सिर्फ हरियाणा बल्कि अन्य राज्यों में भी पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर एक सख्त संदेश जाएगा। आने वाले समय में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आंतरिक असंतोष को नियंत्रित करने के लिए इस तरह के कदम और भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं।

नर्सिंग ऑफिसर में 100% महिला आरक्षण, पुरुष अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में 100% महिला आरक्षण पर आदेश, पुरुष अभ्यर्थियों को भी प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश नर्सिंग ऑफिसर में 100% महिला आरक्षण, पुरुष अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश महिला आरक्षण पर विवाद: नर्सिंग ऑफिसर में 100% आरक्षण, पुरुष अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया में पुरुष अभ्यर्थियों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने उक्त अंतरिम आदेश देते हुए आवेदकों के परीक्षा परिणाम याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मामले में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सहित मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उक्त पदों में महिलाओं को सौ फीसदी आरक्षण दिए जाने को चुनौती दी गई थी। दरअसल संतोष कुमार लोधी व अन्य पुरुष अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हाल ही में जारी नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने बताया कि कर्मचारी चयन मंडल के विज्ञापन (नर्सिंग ऑफिसर एवं सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा-2026) में नर्सिंग ऑफिसर के पदों को 100 प्रतिशत केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इससे योग्य पुरुष अभ्यर्थी आवेदन करने से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। दलील दी गई कि मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2023 के तहत नर्सिंग ऑफिसर के पद के लिए कोई जेंडर आधारित प्रतिबंध नहीं है। मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के भर्ती विज्ञापन में किया गया यह प्रावधान संवैधानिक नियमों के विपरीत है। तर्क दिया गया है कि पुरुष और महिला दोनों एक ही पाठ्यक्रम (बीएससी नर्सिंग-जीएनएम) पढ़ते हैं और उनके पास समान योग्यता व पंजीकरण होता है। केवल जेंडर के आधार पर सार्वजनिक रोजगार से पूर्णत: बाहर करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का उल्लंघन है। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त अंतरिम आदेश देते हुए अनावेदकों को जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।   

#DELCares अभियान के तहत दिल्ली एयरपोर्ट का ‘Your Terminal Companion’ प्रोजेक्ट शुरू

दिल्ल  दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के सफर को और आसान बनाने के लिए #DELCares अभियान के तहत 'Your Terminal Companion' नाम से एक खास वीडियो सीरीज़ शुरू की है। यह पहल यात्रियों को एयरपोर्ट की हर प्रक्रिया आसान भाषा में समझाएगी। कई बार एयरपोर्ट पर खासकर पहली बार यात्रा करने वाले लोग या अलग भाषा बोलने वाले चेक-इन करने, सिक्योरिटी चेक या बैगेज कहां मिलेगा, ऐसी कई जानकारियों को लेकर उलझन में आ जाते हैं। इसी परेशानी को दूर करने के लिए यह पहल शुरू की गई है। वीडियो सीरीज़ में कुल 24 वीडियो हैं, जो यात्रा के तीन अहम हिस्सों- डिपार्चर, ट्रांजिट और अराइवल को कवर करते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट ने 'Your Terminal Companion' नाम से एक वीडियो सीरीज़ की है लॉन्च हर वीडियो में स्टेप-बाय-स्टेप बताया गया है कि एयरपोर्ट पर क्या करना है, जिससे यात्रियों को किसी से पूछने की जरूरत कम पड़े और उनका सफर आसान हो जाए। खास बात यह है कि ये वीडियो 20 अलग-अलग भाषाओं में बनाए गए हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ जर्मन, फ्रेंच, रशियन, कोरियन, डच, अरबी, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं और 5 भारतीय बोलियां भी शामिल हैं। दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ ने कहा कि यह पहल यात्रियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यात्री सहायता के नए आयाम दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि #DELCares सिर्फ सर्विस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस अनुभव को परिभाषित करता है जिसे हम तैयार करते हैं। 'Your Terminal Companion' के जरिए हम यात्री सहायता को नए तरीके से परिभाषित कर रहे हैं। 2 लाख+ व्यूज़ DIAL के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करती है कि हर यात्री, चाहे उसकी भाषा, पृष्ठभूमि या हवाई यात्रा का अनुभव कुछ भी हो आत्मविश्वास और आसानी के साथ एयरपोर्ट पर अपनी यात्रा पूरी कर सके। ये वीडियो एयरपोर्ट पर लगे QR कोड, वेबसाइट और यूट्यूब चैनल @Delhiairport पर आसानी से देखे जा सकते हैं। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में इन वीडियो को 2 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इससे यात्रियों के कई सवालों का समाधान भी हो रहा है।  

Amarnath Yatra Registration Rush: जालंधर में श्रद्धालुओं की भीड़, बैंक के बाहर लंबी लाइनें

जालंधर. बाबा बर्फानी के भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।  दरअसल, श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण शुरू होते ही जालंधर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में बैंक पहुंच रहे हैं। अली मोहल्ला स्थित J&K बैंक के बाहर सुबह से ही रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए लंबी कतारें लग गईं। मीडिया से बातचीत करते हुए एक श्रद्धालु ने बताया कि सुबह 7 बजे से लाइन में लगी हैं और इस बार वह तीसरी बार अमरनाथ यात्रा पर जा रही हैं। लंबी कतारों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि यात्रा के लिए यह छोटी सी बात है। वहीं अन्य श्रद्धालु ने बताया कि वह पहली बार यात्रा पर जा रहे हैं, लेकिन बैंक का सिस्टम ढीला होने के कारण उन्हें रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो रही है। उधर, बैंक के ब्रांच मैनेजर संजय कुमार के अनुसार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक की जा रही है। पहले दिन करीब 100 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। साथ ही उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए समय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक बार में 20 लोगों को ही बैंक के अंदर जाने दिया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए पानी की भी व्यवस्था की गई है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि अगले एक-दो दिनों तक भीड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए सुरक्षा बढ़ाने और व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

नोएडा प्रोटेस्ट में कर्मचारियों के अलावा थे कई ‘उपद्रवी’, पब्लिक पोस्टरों से होगा खुलासा

 नोएडा  हाल ही में हुई हिंसक झड़पों के बाद नोएडा में अब हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई और भी सख्त हो गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि हिंसा को भड़काने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा.इसी सड़ी में नोएडा के कर्मचारियों के प्रदर्शन के मामले में अब तक की कार्रवाई में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि हिंसा, आगजनी और पथराव में शामिल अधिकांश लोग असल में मजदूर हैं ही नहीं।  साजिश रचने में चार गिरफ्तार विरोध के नाम पर उत्पात, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना में अब तक 17 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया जा चुका है.  वहीं हिंसा भड़काने के मामले में 32 लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 19 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा साजिश रचने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस पूरे विवाद में मुख्य भूमिका निभाने के आरोपी हैं।  66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग श्रमिक नहीं उत्पात और हिंसा दोनों मामलों को मिलाकर 34 ऐसे लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जो कंपनियों के कर्मचारी नहीं हैं बल्कि बाहरी तत्व के रूप में सामने आए हैं. इन आरोपियों में से कई के मजदूर बिगुल और कथित अर्बन नक्सल नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. इसके अलावा पूरे मामले में कुल मिलाकर हुई 66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग श्रमिक नहीं हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हिंसा में बाहरी तत्वों की बड़ी भूमिका रही है।  पब्लिक प्लेस में लगेंगे उपद्रवियों के पोस्टर इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर स्थिति की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अफवाह और दुष्प्रचार फैलाने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया की लगातार निगरानी रखी जाए. साथ ही, गैर-श्रमिक उपद्रवी तत्वों की पहचान कर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।  नोएडा में पूरे सप्ताह रहा था बवाल बता दें कि बीते सप्ताह नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन हुआ था दो काफी उग्र रहा. वेतन बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए जहां पथराव और पुलिस से भिड़ंत के बाद नोएडा फेज-2 छावनी बन गया. इन लोगों ने सेक्टर-84 और आसपास के इलाकों में जमकर उत्पात मचाया, पथराव किया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया था. प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-84 में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया जिसमें दो गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं. स्थिति को बिगड़ता देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया. जवाब में पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. हालांकि , अब शहर में स्थिति शांत है।