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कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने PM मोदी को ‘आतंकवादी’ कहा, फिर सफाई दी

 चेन्नई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कह दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि मोदी आतंकवादी हैं और उनकी पार्टी बराबरी के सिद्धांत में विश्वास नहीं करती है. खड़गे ने कहा कि AIADMK लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और पेरियार और आम्बेडकर के सिद्धांतों के खिलाफ काम कर रही है।  हालांकि बाद में खड़गे सफाई देते नजर आए. उन्होंने कहा कि, 'मैंने आतंकवादी नहीं कहा, मैंने कहा कि वे आतंकित कर रहे हैं।  कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने बाद में कहा कि वे यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वे धमकाते हैं. उन्होंने कहा, "मैं यह स्पष्ट करना चाहता था कि मोदी हमेशा धमकाते हैं. मैंने आपको क्रम बताया था, IT, ED। सभी संस्थाएं उनके हाथों में हैं. मैंने कभी यह नहीं कहा कि वह एक आतंकवादी हैं. वह लोगों को आतंकित कर रहे हैं।  तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चेन्नई में कहा कि मोदी और शाह ने पहले भी चुनी हुई सरकारों को गिराने की कोशिशें की हैं. आप जानते हैं, 11 सालों में उन्होंने कई सरकारें गिरायी, विधायकों को खरीदा, राज्यसभा सांसदों को खरीदा. इन लोगों ने धनबल और मसल पावर का इस्तेमाल किया. इनके हाथ में जो संस्थाएं हैं, जैसे कि CBI, ED, IT सभी संस्थानों का वे गलत प्रयोग कर रहे हैं और राजनीतिक दलों के नेताओं पर छापा मरवा रहे हैं।  चेन्नई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए खड़गे ने AIADMK के प्रधानमंत्री के साथ हाथ मिलाने के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'वे (AIADMK) मोदी के साथ कैसे मिल सकते हैं? वह (मोदी) एक आतंकवादी हैं। और वह समानता में विश्वास नहीं रखते। उनकी पार्टी भी समानता और न्याय में विश्वास नहीं रखती। और ये लोग उनके साथ मिल रहे हैं, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।' खड़गे का मोदी सरकार पर आरोप कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “कश्मीर में 26 लोग इसलिए मारे गए क्योंकि मोदी सरकार ने वहां पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई। मोदी कश्मीर नहीं गए क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था। आपने (केंद्र सरकार ने) पर्यटकों से वहां (पहलगाम) न जाने को क्यों नहीं कहा? अगर आपने उन्हें बताया होता तो 26 लोगों की जान बच सकती थी और यह छोटा सा युद्ध भी रुक सकता था।” विदेश नीति को लेकर भी खड़गे ने मोदी सरकार को घेरा मल्लिकार्जुन खड़गे ने विदेश नीति को लेकर भी मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी पिछले 11 सालों से लगातार विदेश यात्राएं कर रहे हैं, लेकिन जब भारत को पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की जरूरत थी, तो कोई भी देश हमारा साथ देने के लिए आगे नहीं आया। पिछले 11 सालों में प्रधानमंत्री मोदी ने 151 विदेश यात्राएं की हैं और 72 देशों का दौरा किया है। इनमें से 10 बार उन्होंने अमेरिका का दौरा किया है। फिर भी मोदी सरकार की विदेश नीति के तहत हमारा देश अकेला खड़ा है। क्या प्रधानमंत्री का काम सिर्फ विदेश जाकर फोटो खिंचवाना है?” उमर अब्दुल्ला ने खीर भवानी मंदिर में की पूजा-अर्चना, जानें कश्मीरी पंडितों के लिए क्यों खास ये धार्मिक स्थल खड़गे ने कहा कि आईएमएफ ने पाकिस्तान को 1.4 बिलियन डॉलर का बेलआउट लोन दिया है लेकिन किसी ने भी भारत के रुख का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब हमारे बहादुर सशस्त्र बल आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चला रहे थे, तब अचानक सीजफायर की घोषणा कर दी गई।

अमित शाह ने बंगाल में किया आह्वान, ‘कमल का बटन दबाओ, भाजपा सरकार बनाओ, घुसपैठियों को भगाओ’

कलकत्ता पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी जंग गरमाई हुई है. दोनों राज्यों में सत्ता बचाने और हासिल करने की कोशिशें तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जिसमें पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. सभी राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे 4 मई को आएंगे।  पश्चिम बर्धमान में बोले अमित शाह- बंगाल से हर घुसपैठिए को निकाल देंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बर्धमान में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ भाजपा के उम्मीदवार को विधायक बनाने या अपने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं है.  शाह ने कहा, “ये चुनाव पूरे बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए है. उन्होंने जनता से वादा किया कि 23 तारीख को कमल के निशान पर बटन दबाकर 5 तारीख को भाजपा की सरकार बना दो. फिर हम बंगाल से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाल देंगे. अमित शाह ने कहा कि भाजपा बंगाल में कानून का राज कायम करेगी और राज्य को अवैध घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त करेगी।  आसनसोल में बोलीं दिल्ली की सीएम- अब डर से आगे निकले बंगाल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आसनसोल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए लोगों से अपील की कि अब बंगाल को डर और आतंक से आगे निकलना चाहिए.  रेखा गुप्ता ने कहा कि बंगाल अब टीएमसी के गुंडों की पक्षपात वाली राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगा।  गुंडों व माफिया को चुन- चुन कर जेल में डालेंगे लोगों से बेखौफ मतदान करने की अपील करते हुए शाह ने कहा कि 23 मई को ममता का कोई भी गुंडा आपका बाल बांका नहीं कर पाएगा। टीएमसी के किसी भी गुंडे से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। भाजपा सरकार बनते ही टीएमसी के गुंडों व माफिया को चुन- चुन कर जेल में डालेंगे। शाह ने कहा कि यह चुनाव घुसपैठियों को निकालने का चुनाव है। उन्होंने पूछा कि क्या ममता बनर्जी और उनका भतीजा ऐसा कर सकती है। घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर निकलेंगे उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने बीएसएफ को भारत- बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन तक नहीं दी। शाह ने पार्टी के संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने तय किया है कि भाजपा सरकार बनने के 45 दिनों के अंदर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बिना तारबंदी वाले हिस्सों में बाड़ लगाने के लिए जरूरी भूमि बीएसएफ को सौंप दी जाएगी। उन्होंने फिर दोहराया कि भाजपा का वादा है कि न सिर्फ बंगाल से बल्कि पूरे देश से हम घुसपैठियों को चुन- चुन कर बाहर निकलेंगे। बंगाल की अस्मिता की रक्षा टीएमसी नहीं कर सकती उन्होंने आगे कहा कि बंगाल की अस्मिता की रक्षा टीएमसी नहीं कर सकती। कविगुरु रवींद्र नाथ टैगोर की विरासत को यूनेस्को के धरोहर में शामिल करने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का काम मोदी सरकार ने किया।शाह ने आरोप लगाया कि ममता दीदी बहुसंख्यक समाज को डरा रही है। दीदी कह रही हैं कि टीएमसी नहीं रहेगी तो बहुसंख्यक समाज का अस्तित्व नहीं रहेगा। यह कहने वाली आप कौन होती है। बहुसंख्यक समाज का अस्तित्व आपकी वजह से नहीं है। शाह ने सवाल किया कि आपके शासनकाल में मुर्शिदाबाद में हिंसा हुई, हिंदुओं को निशाना बनाया गया। रामनवमी त्योहार के दौरान शोभायात्राओं पर हमले हुए, सरस्वती पूजा करने की अनुमति नहीं दी गई, तब आप कहां थी। भ्रष्टाचारियों से घोटाले का पाई-पाई का हिसाब लेंगे शाह ने बंगाल में शिक्षक भर्ती से लेकर नगर निगम में हुए नियुक्तियों में हुए घोटाले, गाय तस्करी, राशन, मनरेगा, पीएम आवास घोटालों आदि का जिक्र करते हुए कड़ी चेतावनी दी। शाह ने कहा कि सारे भ्रष्टाचारियों को कह कर जाता हूं कि भाजपा की सरकार बनने पर घोटाले का पाई-पाई का हिसाब जनता को देना पड़ेगा। जिन्होंने गरीब जनता का हक लूटा है उनसे वापस वसूला जाएगा। भाजपा सरकार में बेखौफ घूम पाएंगी बच्चियां  महिला सुरक्षा पर घेरते हुए शाह ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी माताओं- बहनों की सुरक्षा नहीं कर सकीं। महिलाओं से उन्होंने आह्वान किया कि भाजपा की सरकार बना दीजिए, बच्चियां रात में एक बजे भी स्कूटी से बाहर बेखौफ घूम सकेंगी। कोई गुंडे- बदमाश उन्हें नहीं छेड़ पाएंगे। उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिया कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य में न संदेशखाली न आरजी कर, न ला कालेज और न मेडिकल कालेज में दुष्कर्म जैसी घटनाएं होगी। बंगाल में बोले सचिन पायलट- कांग्रेस पूरे राज्य की हर सीट पर चुनाव लड़ रही है कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुर्शिदाबाद में कहा कि बंगाल की जनता ने राज्य सरकार को भी तीन मौके दिए और केंद्र सरकार को भी. लेकिन दोनों सरकारों के बीच लगातार झगड़े की वजह से आम लोगों को बिना वजह बहुत परेशानी झेलनी पड़ी. सचिन पायलट ने कहा, पहली बार कांग्रेस पूरे राज्य की हर सीट पर चुनाव लड़ रही है. कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है. उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत बेहतर होगा. कांग्रेस अब बंगाल में मजबूती से वापसी कर रही है और लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी।  असम-केरल-पुडुचेरी में बंपर हुई थी वोटिंग असम में 75.91%, केरल में लगभग 78% और पुडुचेरी में 72% के आसपास वोटिंग दर्ज की गई थी।  तमिलनाडु में स्टालिन बनाम पलानीस्वामी तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा.मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की डीएमके सत्ता में है.2021 में डीएमके गठबंधन ने 133 सीटें जीती थीं. मुख्य मुकाबला डीएमके और एआईएडीएमके के बीच है.एआईएडीएमके के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) का बीजेपी के साथ गठबंधन है, जो डीएमके के लिए चुनौती बन रहा है।   बंगाल में ममता बनाम सुवेंदु-बीजेपी की टक्कर पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं. पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे … Read more

महिला आरक्षण बिल पर सियासत गरम: अरुण साव बोले- महिलाएं कांग्रेस को नहीं करेंगी माफ

रायपुर. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने से पहले ही भाजपा नेताओं का गुस्से पर आज छत्तीसगढ़ पहुंची कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन के बयान ने आग में घी डालने का काम किया. यह गुस्सा उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बयान में साफ नजर आया, जब उन्होंने बिल पारित होने को कांग्रेस की ऐतिहासिक गलती करार देते हुए कहा कि इसके लिए छत्तीसगढ़ की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर कहा कि वास्तव में देश की आधी आबादी के साथ अन्याय और धोखा हुआ है. दशकों तक नारी शक्ति को उनके अधिकार से वंचित किया गया है. जब नगरीय निकायों एवं पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिला हुआ है, तो उन्हें विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए? उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने पिछले चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रयत्न किया कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिले, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति को फिर से उनके अधिकार से वंचित किया है. उनकी आवाज को और बुलंद करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है. उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि ये कितनी हास्यास्पद बात है कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की उपेक्षा करके जिस रंजीता रंजन को राज्यसभा में भेजा गया, वही रंजीता रंजन जी आज छत्तीसगढ़ आ रही हैं. जिसने संसद में बिल के खिलाफ समर्थन कर छत्तीसगढ़ के माताएं और बहनों को अधिकार से वंचित किया. साव ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ और छत्तीसगढ़ की आधी आबादी के साथ धोखा हुआ है. भविष्य में कांग्रेस को यह बहुत भारी पड़ने वाली है. छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी. उनके अधिकारों से वंचित करने वाली ही आज इस विषय में सवाल करने आ रही है, ये कितनी हास्यास्पद बात है. उन्हें तो पहले छत्तीसगढ़ की आधी आबादी के सवालों का जवाब देना होगा.

चुनाव आयोग ने बंगाल के 8 हजार पोलिंग बूथों को किया सुपर सेंसेटिव घोषित, 135 दबंग गिरफ्तार

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होना है। 23 अप्रैल को पहले राउंड की वोटिंग होने जा रही है और 29 को दूसरे चरण में मतदान होगा। उससे पहले कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह सख्त है। इस बीच बंगाल के कुल 8000 पोलिंग बूथ को आयोग ने सुपर सेंसेटिव घोषित किया है। ये उन इलाकों के ही बूथ हैं, जहां पहले चरण में ही मतदान होना है। इसका अर्थ है कि यहां हिंसा, बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है। चुनाव आयोग ने इस बीच 135 ऐसे लोगों को पकड़ा है, जो दबंग प्रवृत्ति के माने जाते हैं और उनका अराजकता फैलाने का इतिहास रहा है। चुनाव संपन्न होने तक इन लोगों को हिरासत में रखा जाएगा। पुलिस ने जिन 135 लोगों को उठाया है, उनमें से ज्यादातर मुर्शिदाबाद, मालदा, बलूरघाट, उत्तर और दक्षिण 24 परगना के रहने वाले हैं। दरअसल पहले के चुनावों में भी ऐसे करीब 200 स्थान हैं, जहां पहले हिंसा होती रही है। ऐसे में चुनाव ने इन इलाकों से जुड़े पोलिंग बूथ को सुपर सेंसेटिव की कैटिगरी में डाला है। फिलहाल चुनाव आयोग के निर्देश पर इन सभी इलाकों में डीएम और एसपी भी दौरे कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके। इसके अलावा जनता के बीच साफ-सुथरे चुनाव होने और डर से परे रहने का भरोसा जगाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि कई दबंगों ने तो एक नोटिस मिलते ही खुद सरेंडर कर दिया। कुछ लोगों को पकड़ना पड़ा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक बार फिर से कहा है कि हम बंगाल में भयमुक्त और अपराध मुक्त चुनाव कराएंगे। उनका कहना है कि इसके लिए हरसंभव तैयारी हमने की है। इस चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी चुनाव आयोग खूब सहारा ले रहा है। चुनाव में सुरक्षा के लिए AI का इस्तेमाल, गड़बड़ी पर करेगा अलर्ट बूथ के अंदर या फिर बाहर किसी तरह की गड़बड़ी होने पर यह सिस्टम तुरंत अलर्ट करेगा। इसके अलावा एक एआई से लैस कंट्रोल कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तरों में भी कंट्रोल सेंटर होंगे। यहां से संबंधित जिलों की निगरानी की जाएगी। कुल मिलाकर निगरानी के लिए थ्री-टियर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। बता दें कि चुनाव आयोग ने प्रदेश की कुल 55 विधानसभाओं को भी खर्च के लिहाज से संवेदनशील माना है। इन सीटों में ममता बनर्जी की भबानीपुर विधानसभा भी शामिल है। यहां से उन्हें भाजपा के सीनियर नेता शुभेंदु अधिकारी चुनौती दे रहे हैं।

योगी सरकार की योजना से निराश्रित महिलाएं हो रही हैं सशक्त, 40 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही विधवा पेंशन

योगी सरकार की पहल से सशक्त हो रहीं निराश्रित महिलाएं, 40 लाख से अधिक को मिल रहा विधवा पेंशन का लाभ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार सरकार का लक्ष्य: कोई भी पात्र महिला योजना से न रहे वंचित लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर मजबूत बनाने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की 40.32 लाख से अधिक विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।  चार किस्तों में विधवा महिलाओं को मिल रही सहायता प्रदेश की योगी सरकार इस योजना के जरिए उन महिलाओं तक सीधी मदद पहुंचा रही है, जिनके सामने पति के निधन के बाद आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है। महिला कल्याण विभाग की इस योजना के तहत प्रदेश की कुल 40,32,629 महिलाओं को लाभ मिला है। यह पेंशन सालभर में चार किस्तों में जारी की जाती है, जिसमें हर तीन महीने की राशि एक साथ दी जाती है। इसमें अप्रैल-मई-जून, जुलाई-अगस्त-सितंबर, अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर और जनवरी-फरवरी-मार्च की किस्तें शामिल हैं। साल 2021 में विधवा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सहायता राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया था। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में PFMS के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016-17 से पहले जहां करीब 17.31 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40.32 लाख से अधिक हो चुकी है। यह विस्तार दर्शाता है कि सरकार लगातार ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं को योजना से जोड़ रही है। कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित ना रहे योजना के तहत सिर्फ वही महिलाएं पात्र हैं जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों। साथ ही जिनके पति का निधन हो चुका हो, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो उन्हें ही लाभ मिल सकता है। इस संबंध में महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करती है।

देहदान कर मृत्यु के बाद भी सेवा का सबक सिखा गए चक्रवर्ती

भिलाई (वैशाली नगर).   सुबोध कुमार चक्रवर्ती की देहदान की इच्छा के अनुरूप कल उनके निधन केपश्चात् परिवार द्वारा मेडिकल कॉलेज को उनका शरीर सौंप दिया गया । चक्रवर्ती  ने तीन वर्ष पूर्व नवदृष्टि फाउंडेशन के माध्यम से देहदान का संकल्प लिया था । कल मध्य रात्रि सेक्टर 9 हॉस्पिटल में उनके निधन का समाचार मिलते ही उनकी पुत्री  शिल्पी घोष चौधरी ने गुजरात से नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों को फोन कर पिता के देहदान कर उनकी इच्छा पूर्ण की । परिवार के सदस्यों पुत्री शिल्पी घोष चौधरी, पत्नी श्रीमती कल्पिता चक्रवर्ती एवं भांजे रंजीत चक्रबोर्ती की सहमति से देहदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। नवदृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत भाटिया एवं  प्रभु दयाल उजाला ने वैशाली नगर स्थित निवास पहुंचकर देहदान प्रक्रीया  में सहयोग किया। शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजलि वंजारी के निर्देशन में संदीप रिशबुड, दीपक रवानी एवं दयाराम की टीम द्वारा देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई। स्वर्गीय चक्रवर्ती की पत्नी श्रीमती कल्पिता चक्रवर्ती ने बताया कि उनके पति ने जीवनकाल में सदैव समाज सेवा को महत्व दिया और देहदान का संकल्प भी उसी भावना से लिया था।  आज उनके परिवार ने अपने मुखिया की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए यह पुण्य कार्य संपन्न किया।उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं भी अपने पति के साथ देहदान का संकल्प लिया है। पुत्री शिल्पी घोष चौधरी ने भावुक होकर कहा कि पिता के निधन से पूरा परिवार गहरे सदमे में है, किन्तु उनकी अंतिम इच्छा को पूरा कर उन्हें गर्व एवं आत्मसंतोष की अनुभूति हो रही है। नवदृष्टि फाउंडेशन के प्रभु दयाल उजाला ने चक्रवर्ती परिवार के इस साहसिक निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम समाज में देहदान एवं नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्जवल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन एवं राकेश जैन सहित अन्य सदस्यों ने स्वर्गीय सुबोध कुमार चक्रवर्ती को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए चक्रवर्ती परिवार को इस पुनीत कार्य हेतु साधुवाद दिया।  

मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में शिव प्राण प्रतिष्ठा की शोभायात्रा निकाली गई

उमरिया.  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में शिव प्राण प्रतिष्ठा की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शिव मंदिर बिरसिंहपुर से होते हुए बिलासपुर बस स्टैंड बोगदा चौराहा आसमानी मंदिर से होते हुए मां बिरासिनी मंदिर में शोभा यात्रा का समापन किया गया। महादेव जी की प्राण प्रतिष्ठा मां बिरासिनी मंदिर प्रांगण की जाएगी। शिव प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 21 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक चलेगा। वही 24 अप्रैल को विशाल भंडारे का कार्यक्रम रखा गया है। कार्यक्रम मां बिरासिनी समिति एवं बोल बम की कमेटी के द्वारा किया गया है।

झुलसी त्वचा से छुटकारा: घर बैठे अपनाएँ ये 5 असरदार उपाय

गर्मियों के मौसम में टैनिंग की समस्या बहुत आम है। गर्मी के दिनों में थोड़ी भी देर धूप में रहने से टैनिंग होने लगती है। इसके कारण त्वचा काली पड़ जाती है और निखार भी कम हो जाता है। ऐसे में, कई लोग टैनिंग हटाने के लिए तरह-तरह के स्किन केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इनमें हानिकारक केमिकल्स मौजूद होते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में, आप चाहें तो टैनिंग दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपायों को आजमा सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको टैनिंग हटाने के लिए कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं, जिसे आप अपने किचन में रखे सामानों से ही कर सकते हैं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से – टमाटर से हटाएं टैनिंग टैनिंग हटाने के लिए आप टमाटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, इसमें लाइकोपीन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो स्किन की डार्कनेस और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही, यह त्वचा की रंगत को सुधारने में भी मददगार होता है। इसके लिए आप एक कॉटन बॉल की मदद से टमाटर के रस को चेहरे पर लगाएं। करीब 15-20 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। इससे टैनिंग दूर हो जाएगी और त्वचा ब्राइट दिखने लगती है। टैनिंग हटाने के लिए आलू लगाएं आलू भी टैनिंग को हटाने के लिए असरदार माना जाता है। दरअसल, इसमें ब्लीचिंग के गुण मौजूद होते हैं, जो त्वचा की रंगत को सुधारने में मदद करते है। साथ ही, यह त्वचा के कालेपन और दाग-धब्बों को भी दूर करता है। इसके लिए आप आलू को कद्दूकस करके रस निकाल लें। फिर एक कॉटन बॉल की मदद से आलू के रस को अपने चेहरे पर लगाएं। करीब 15 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। इससे आपकी स्किन साफ और ग्लोइंग नजर आएगी। कॉफी से हटेगी टैनिंग कॉफी टैनिंग को हटाने में बहुत कागर होती है। इसमें एक्सफोलिएटिंग गुण मौजूद होते हैं, जो डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करते हैं। साथ ही, यह टैनिंग और पिगमेंटेशन को दूर करने में भी मदद करती है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक कटोरी में 2 चम्मच कॉफी पाउडर लें। इसमें 2 चम्मच कच्चा दूध डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और करीब 15-20 मिनट चेहरे को पानी से धो लें। सप्ताह में 1 से 2 बार इसका इस्तेमाल करने से टैनिंग की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। नींबू से हटाएं टैनिंग टैनिंग हटाने के लिए नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, इसमें ब्लीचिंग गुण मौजूद होते हैं, जो टैनिंग को साफ करने और त्वचा की रंगत को सुधारने में मदद करते हैं। इसके लिए आप एक कटोरी में एक चम्मच नींबू का रस लें। इसमें एक चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और करीब 15 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए सप्ताह में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार नजर आएगी। सन टैन हटाने के लिए दही अगर आपको टैनिंग हो गई है, तो भी आप दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, इसमें लैक्टिक एसिड मौजूद होता है, जो त्वचा के दाग-धब्बों और टैनिंग को हटाने में मदद करता है। साथ ही, त्वचा की रंगत को सुधारने में भी मददगार होता है। इसके लिए आप कटोरी में 2 चम्मच दही लें। इसमें चुटकी भर हल्दी डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इसे अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें। करीब15 मिनट के बाद चेहरे को पानी से धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए सप्ताह में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल करें। इससे आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार नजर आएगी।

विधवा अधिकारों पर सख्त रुख: पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा—उत्तराधिकार में भेदभाव अस्वीकार्य

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि संविधान लागू होने के बाद कोई भी ऐसा रिवाज या प्रथागत कानून लागू नहीं किया जा सकता, जो महिला और पुरुष उत्तराधिकारियों के बीच भेदभाव करता हो। अदालत ने विधवा के संपत्ति अधिकार को बरकरार रखते हुए कहा कि किसी भी सिविल कोर्ट द्वारा ऐसे भेदभावपूर्ण कस्टमरी लॉ को मान्यता नहीं दी जा सकती।यह महत्वपूर्ण निर्णय जस्टिस निधि गुप्ता की पीठ ने सुनाया। अदालत एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें मृतक के भाई ने खुद को “निकटतम पुरुष रिश्तेदार” बताते हुए विधवा के पक्ष में दिए गए निचली अदालतों के फैसले को चुनौती दी थी। मामला नूंह का है, जहां एक व्यक्ति की 2015 में बिना संतान के मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी ने संपत्ति का एक हिस्सा तीसरे पक्ष को बेच दिया। मृतक के भाई ने इस बिक्री को अवैध बताते हुए दावा किया कि मेव समुदाय की पारंपरिक प्रथाओं के अनुसार विधवा को केवल जीवन-निर्वाह तक सीमित अधिकार होता है और वह बिना पुरुष रिश्तेदारों की अनुमति के संपत्ति का हस्तांतरण नहीं कर सकती। याचिकाकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में रिवाज ए आम का हवाला देते हुए कहा कि इस परंपरा के तहत संपत्ति का उत्तराधिकार केवल पुरुष वंश में ही चलता है। लेकिन हाई कोर्ट ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि “कस्टमरी ला भी संविधान के अनुच्छेद 13 के तहत ‘कानून’ की श्रेणी में आता है, और यदि वह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे लागू नहीं किया जा सकता।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को द्वितीय श्रेणी का उत्तराधिकारी मानने वाली कोई भी प्रथा असंवैधानिक है।हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत कानून और प्रथागत कानून अलग-अलग क्षेत्र हैं। जहां पर्सनल ला धार्मिक ग्रंथों और विधिक परविधान पर आधारित होता है, वहां कस्टमरी ला एक अपवाद के रूप में विकसित होता है, जिसे सख्ती से सिद्ध करना आवश्यक होता है। अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता केवल एक पुरानी और भेदभावपूर्ण परंपरा के आधार पर दावा कर रहा था, जिसे न तो पर्याप्त रूप से साबित किया गया और न ही वर्तमान संवैधानिक ढांचे में स्वीकार किया जा सकता है। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने निचली अदालतों के फैसलों को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी और विधवा के संपत्ति अधिकार को पूर्ण रूप से मान्यता दी।

भीषण गर्मी पर अलर्ट: पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी, 12-3 बजे तक घर में रहें

बरनाला. बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बरनाला ने आम जनता को गर्मी और लू के प्रकोप से बचाने के लिए एक विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन बरनाला डॉ. हरीपाल सिंह सिद्धू ने लोगों से अपील की है कि वे संभावित मौसम की मार से बचने के लिए एहतियात बरतें। डॉ. सिद्धू ने बताया कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक का समय सबसे अधिक गर्म होता है, इसलिए इस दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील समूहों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जिनमें नवजात और छोटे बच्चे, 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूर और किसान, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रैशर और मोटापे से पीड़ित व्यक्ति, खुले में कड़ी मेहनत करने वाले खिलाड़ी और बेघर लोग शामिल हैं। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि इन व्यक्तियों के शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है, जिससे वे लू की चपेट में आ सकते हैं। जिले के निवासियों की सुविधा के लिए सिविल अस्पताल बरनाला, सब-डिविजनल अस्पताल तपा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनौला, महल कलां और भदौड़ में लू से निपटने के लिए आपातकालीन दवाओं और ओ.आर.एस. के पैकेटों का पर्याप्त प्रबंध किया गया है। क्या करें और क्या न करें? जिला मास मीडिया अधिकारी कुलदीप सिंह मान और बी.सी.सी. समन्वयक हरजीत सिंह ने बचाव के उपाय साझा करते हुए बताया: बढ़ती तपिश और लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी • क्या करें: अधिक से अधिक पानी, लस्सी, नींबू पानी और ओ.आर.एस. का सेवन करें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, चश्मा लगाएं और सिर को ढक कर रखें। मौसमी फलों और सब्जियों का प्रयोग अधिक करें। रसोई और घरों को हवादार रखें। • क्या न करें: चाय, कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थों और नशीले पदार्थों के सेवन से बचें। तीखे, मसालेदार और बासी खाने से परहेज करें। बच्चों और पालतू जानवरों को पार्क किए गए वाहनों में बंद न छोड़ें। तेज धूप में नंगे पैर बाहर न जाएं।