samacharsecretary.com

एमपी ट्रांसको ने दमोह की पारेषण व्यवस्था को किया सशक्त

भोपाल.  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने दमोह जिले की विद्युत पारेषण प्रणाली को और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एम पी ट्रांसको द्वारा 220 केवी सब स्टेशन, दमोह में क्षमता वृद्धि करते हुए 43 वर्ष पुराने 20 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर 50 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इससे सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 650 एम वी ए की हो गई है। विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में होगा सुधार मंत्री तोमर ने बताया कि लगभग 5 करोड रुपये की अनुमानित लागत के इस अपग्रेडेसन से दमोह जिले में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में उल्लेखनीय सुधार होगा। बढ़ती विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया यह कार्य न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य की मांग के अनुरूप भी पर्याप्त क्षमता उपलब्ध कराएगा। इस क्षमता वृद्धि से दमोह जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अधिक निर्बाध और विश्वसनीय हो सकेगी। दमोह जिले की क्षमता हुई 1083 एमवीए एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता एम वाय मंसूरी ने बताया कि दमोह जिले की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढकर 1083 एमवीए हो गई है। दमोह जिले में एमपी ट्रांसको अपने छह सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिसमें 220 केवी सब स्टेशन दमोह के अलावा एवं 132 केवी के 5 सब स्टेशन दमोह 132 केवी 90 एमवीए, बटियागढ़ 90 एमवीए, हटा 113 एमवीए, पटेरा 50 एमवीए एवं तेजगढ़ 90 एमवीए शामिल हैं।  

अबूझमाड़ की पारुल को मिली नई ज़िंदगी, प्रोजेक्ट धड़कन बनी नन्ही धड़कनों का सहारा

सफलता की कहानी  अबूझमाड़ की पारुल को मिली नई ज़िंदगी : प्रोजेक्ट धड़कन बनी नन्ही धड़कनों का सहारा  रायपुर नारायणपुर जिले के दूरस्थ ब्रेहबेड़ा गांव की 2 वर्षीय पारूल दुग्गा अब फिर से मुस्कुरा रही है। कुछ समय पहले तक यह नन्हीं बच्ची जल्दी थक जाती थी, सामान्य बच्चों की तरह खेल नहीं पाती थी और परिवार उसकी सेहत को लेकर लगातार चिंतित रहता था। गांव के सीमित संसाधनों के बीच माता-पिता को यह भी पता नहीं था कि उनकी बच्ची के हृदय में गंभीर समस्या है। लेकिन जिले में शुरू किए गए “प्रोजेक्ट धड़कन” ने न केवल बीमारी की समय पर पहचान की, बल्कि पारूल को नया जीवन भी दे दिया। नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से फरवरी 2026 में “प्रोजेक्ट धड़कन” की शुरुआत की गई थी। इस विशेष अभियान का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की हृदय संबंधी जांच कर गंभीर मामलों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय रहते उनका उपचार कराया जा सके। खास बात यह है कि यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों तक पहुंची, जहां पहले विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद सीमित थी। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की। प्रथम चरण में 3000 से अधिक बच्चों की जांच की गई। इस दौरान तीन बच्चों में हृदय रोग के संभावित लक्षण पाए गए। इनमें ब्रेहबेड़ा की पारूल दुग्गा भी शामिल थी। जब पारूल के परिवार को बच्ची की बीमारी की जानकारी मिली तो चिंता बढ़ गई, लेकिन पहली बार उम्मीद भी जगी। प्रशासन ने तुरंत बेहतर इलाज की व्यवस्था की। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन बच्चों को रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए रवाना किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। रायपुर पहुंचने पर श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पारूल की विस्तृत जांच की। जांच में उसके हृदय में गंभीर समस्या की पुष्टि हुई, जिसके लिए ऑपरेशन आवश्यक बताया गया। परिवार के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के समन्वय से उपचार की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई। 10 अप्रैल 2026 को श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर में पारूल की सफल हृदय सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उसकी लगातार देखभाल की गई।  आज पारूल अपने घर लौट चुकी है। वह  खेल रही है, मुस्कुरा रही है और परिवार की गोद में नई ऊर्जा के साथ पल रही है। वही अब परिवार के चेहरे पर सबसे बड़ी मुस्कान बन गई है। कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि “प्रोजेक्ट धड़कन” का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को समय पर जीवनरक्षक उपचार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में कठिनाई न झेलनी पड़े, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।            उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, मैदानी कर्मचारियों और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। पारूल की कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां जंगलों और पहाड़ों के बीच बसे गांवों तक संवेदनशील शासन पहुंच रहा है। यह उस भरोसे की कहानी है, जिसमें दूरस्थ परिवारों को भी विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।           “प्रोजेक्ट धड़कन” अब नारायणपुर में एक योजना भर नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद का नाम बन चुका है, जिनके लिए हर नन्हीं धड़कन सबसे कीमती है।

AAP सांसदों पर CM Bhagwant Mann का वार, बोले- ‘स्वाद बढ़ा सकते हैं, पर वजूद नहीं’

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक दिलचस्प और तंज भरा ट्वीट कर राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। उनका यह ट्वीट ठीक उस समय आया जब पार्टी को बड़ा झटका लगते हुए राघव चड्ढा समेत सात सांसद भाजपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री मान ने अपने पोस्ट में लिखा कि 'अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया – ये सात चीजें मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बना देती हैं, लेकिन इनकी अपनी कोई सब्जी नहीं बन सकती।' उनके इस बयान को सीधे तौर पर उन सात नेताओं से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मान का यह ट्वीट एक प्रतीकात्मक हमला है, जिसमें उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कुछ नेता मिलकर भले ही किसी व्यवस्था को मजबूत करें, लेकिन अकेले उनकी राजनीतिक पहचान टिकाऊ नहीं होती। गौरतलब है कि शुक्रवार को आप के सात राज्यसभा सदस्य- राघव चड्ढा, पद्मश्री राजिंदर गुप्ता, पद्मश्री विक्रमजीत सिंह साहनी, एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, संदीप पाठक और स्वाति मालिवाल भाजपा में शामिल हो गए। इनमें से अधिकांश सदस्य पंजाब से राज्यसभा पहुंचे थे। इस बड़े घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में आप की ताकत 10 से घटकर महज तीन रह गई है। अब सदन में पार्टी की ओर से संजय सिंह, एनडी गुप्ता और संत सीचेवाल ही सदस्य बचे हैं। वहीं पंजाब से केवल संत सीचेवाल ही एकमात्र आप सांसद रह गए हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने कहा कि सातों सदस्यों के हस्ताक्षर के साथ दो-तिहाई सदस्यों के विलय का नोटिस राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है। इस कदम के बाद भाजपा की राज्यसभा में संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जबकि राजग का आंकड़ा 146 तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विलय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत वैध माना जाएगा, इसलिए इन सांसदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भगवंत मान का ट्वीट अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। इसे आप की ओर से पहला बड़ा और प्रतीकात्मक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे शब्दों में नहीं बल्कि व्यंग्य के जरिए दिया गया है।

विकसित समाज वही, जहां देश के विकास में हो दिव्यांगजनों की बराबर भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगता का अर्थ दुर्बलता कतई नहीं है। शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं, इच्छाशक्ति से आती है। परमेश्वर ने दिव्यांगजनों को विशेष गुण देकर औरों से सशक्त बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक सच्चा विकसित समाज वही है, जहां दिव्यांगजन सिर्फ़ सहानुभूति के नहीं, वरन् देश के विकास में बराबरी, सम्मान, समान हक और अवसरों के अधिकारी हों। दिव्यांगजनों के अधिकारों और अवसरों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग, दिव्य शक्ति के दिव्य अंश हैं। देश की प्रगति के अभिन्न अंग भी हैं। हम अपनी पूरी संवेदनाओं के साथ दिव्यांगजनों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र, शासकीय नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण, हर विभाग में समान अवसर के लिए पृथक प्रकोष्ठ (सेल), सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में सहज और सुगम आवागमन के लिए रैंप, वॉशरूम्स का इंतजाम, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जरूरत के मुताबिक सहायक उपकरणों का वितरण, सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए विवाह प्रोत्साहन जैसी अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को वर्ग-1 के समान हर महीने 18 हजार रुपये मानदेय देने का निर्णय लिया है। दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हमने टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की है। प्रदेश में दिव्य मेलों का आयोजन कर दिव्यांगजनों को उनकी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नज़र का नहीं, नज़रिए का कमाल होता है। जो अपनी कमी को भी ताकत बना लेता है, वही संसार में नया इतिहास रचता है। हमारे समाज में ऐसे अनेक दिव्यांगजन हुए हैं, जिन्होंने कवि, टीकाकार, लेखक, वैज्ञानिक, व्यवसायी, उद्यमी, शिक्षक, कलाकार और विचारक बनकर समाज में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण के लिए कृत संकल्पित है। राज्य में विभिन्न संस्थानों के माध्यम से संकेत भाषा प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर काम हो रहा है। दिव्यांगजनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए समाज की भागीदारी से एक व्यापक रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है और हमारी सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगता से जुड़े विषयों के अध्ययन-अध्यापन, शोध एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों के लिए भोपाल शहर देश के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां दिव्यांगजनों के हितार्थ नई नीतियां भी बन रही हैं और उन्हें धरातल पर भी उतारा जा रहा है। विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के क्षेत्र में सीहोर शहर में NIMHR जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम देश को दिव्यांगजन कल्याण की नई दिशा भी दे रहे हैं। देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी दिव्यांगजनों के समावेशन और सशक्तिकरण के लिए इको-सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है। सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण हो, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास या खेल प्रशिक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश के कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर के संस्थान भी पूरे समर्पण से काम कर रहे हैं। दिव्यांगजनों की देखभाल करने वालों के कल्याण और उनके मानसिक स्वास्थ्य की ओर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दिव्यांगजनों के बाधारहित जीवन के लिए राज्य सरकार द्वारा बीते 2 सालों में किए गए प्रमुख कार्य प्रदेश में सभी शासकीय एवं अशासकीय राज्य अनुदान प्राप्त विशेष विद्यालयों के 3 कक्षों को स्मार्ट क्लास के रूप में तैयार कर कुल 168 स्मार्ट क्लास तैयार किये गए। प्रदेश में श्रवणबाधित दिव्यांगजनों की संवाद संबंधी कठिनाईयों को दूर करने के लिए लाईव इंटरप्रिटर की सुविधा QR Code के माध्यम से प्रारंभ की गई है। दिव्यांगजनों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन एवं दिव्यांगजनों की विभिन्न कठिनाईयों/समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाईन नं (1800-233-4397) का संचालन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 एवं नियम 2017 पर दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि में बुकलेट तैयार की गई। दिव्यांगजनों को विशेष भर्ती अभियान के तहत गत वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश के सभी विभागों द्वारा अक्टूबर 2025 तक लगभग 2589 दिव्यांगजनों को शासकीय पदों पर नियुक्ति पत्र दिए गए। दिव्यांगजन अधिनियम-2016 अनुसार, निराश्रित निधि से दिव्यांगजन खेल प्रोत्साहन लक्ष्य अन्तर्गत श्री सतेन्द्र लोहिया एवं श्री रामबरन पाल, प्रत्येक को इंग्लिश चैनल स्विमिंग प्रतियोगिता के लिए 5-5 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई। प्रदेश में 1 से 18 वर्ष के दिव्यांगजनों के पहली बार चिन्हांकन के लिए स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह सहायता योजनांतर्गत कुल एक लाख 52 हजार 353 हितग्राहियों को कुल 83844.39 लाख रुपये सहायता राशि दी गई। मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना में 1 हजार 620 कल्याणियों को 3 हजार 240 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान: 2025 के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में चिंहित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण वितरण के लिए राशि 6 करोड़ 52 लाख 45 हजार रुपये भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम संस्थान को  गई। नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के सभी जिलों से कुल 570 मास्टर ट्रेनर्स का 2 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल में किया गया। प्रदेश में नशा मुक्ति का वातावरण तैयार करने के लिए युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं आमजन में नशामुक्ति जनजागरूकता के लिए नशामुक्त्ति पर आधारित 4 वीडियो बनाये गये। नशे से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार के लिए व्यसन उपचार केन्द्र (ATF – Addiction Treatment Facility) प्रदेश के 10 जिला चिकित्सालयों/मेडिकल कॉलेजेस में संचालित किए गए। ''विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र" अंतर्गत देशव्यापी कार्यक्रम MyGov.in पोर्टल पर e-Pledge (नशामुक्ति संकल्प) में मध्यप्रदेश की सर्वाधिक 33 प्रतिशत (46236) की भागीदारी रही। दिसम्बर 2023 से अक्टूबर 2025 के दरमियान प्रदेश में एक लाख 58 हजार 297 दिव्यांगजनों के UDID कार्ड बनाये गये।  

Car Buyers के लिए राहत: डीलर अब जबरन एसेसरीज और इंश्योरेंस नहीं थोप सकेंगे

रायपुर. नए वाहन की खरीदी के दौरान अब ग्राहकों पर वाहन डीलर  बीमा और एसेसरीज क्रय करने के लिए अनावश्यक दबाव नहीं डाल पाएंगे. छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने सभी पंजीयन प्राधारिकारियों को निर्देश हैं, जिसके तहत बीमा, एसेसरीज के लिए दबाव डालने की शिकायत पर संबिधत डीलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 34 से 44 तक के प्रावधानों में कार्रवाई हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में कई वाहन डीलर उनके शोरूम से गाड़ी खरीदने पर ग्राहकों से बीमा, एसेसरीज लेने के लिए दबाव बनाते हैं. दवा व्यापारी संजय कुमार रावत ने इसे लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी. मामला मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचने के बाद परिवहन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. परिवहन विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी वाहन खरीदार को इंश्योरेंस, एसेसरीज किसी विशेष डीलर या स्रोत से लेने बाध्य नहीं किया जा सकता. यह अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है, जो विधि सम्मत नहीं है. ग्राहकों पर किसी प्रकार का दबाव या अनिवार्यता नहीं थोपने के लिए सभी अधिकृत वाहन विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है. यह भी उल्लेखित किया गया कि अगर कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित डीलरों के खिलाफ मोटरयान नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी. आदेश में कहा गया है कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-39 के अनुसार बिना वैध पंजीयन के कोई भी वाहन सार्वजनिक स्थान पर उपयोग नहीं किया जा सकता है, लेकिन  पंजीयन के लिए एसेसरीज क्रय करने की कोई अनिवार्यता निर्धारित नहीं की गई है. केन्द्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 और छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम, 1994 के अंतर्गत केवल निर्धारित सुरक्षा एवं मानक उपकरणों का प्रावधान किया गया है. अतिरिक्त एसेसरीज (जैसे सीट कवर, म्यूजिक सिस्टम, क्रैश गार्ड, फुट रेस्ट, साड़ी गार्ड, वाटर गार्ड, पंचर सुधारने, टायरों में हवा भरने की किट आदि) वैकल्पिक प्रकृति की हैं. उनका क्रय पूर्णतः वाहन खरीदार के विवेक पर निर्भर है कि वह अपने वाहन से संबंधित आवश्यक एक्सेसरीज शोरूम से खरीदे या स्थानीय बाजार से. भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों के अनुसार बीमा पॉलिसी का क्रय पूर्णतः ग्राहक की स्वयं की पसंद पर आधारित है और किसी भी बीमा उत्पाद को अन्य उत्पाद, सेवा के साथ अनिवार्य से जोड़ना या बाध्य करना अनुमति नहीं है.

जालंधर में हरभजन का विरोध, AAP कार्यकर्ताओं ने घर पर लिखा ‘गद्दार’; मित्तल भी शिकार

जालंधर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के पार्टी छोड़ने पर गुस्सा थम नहीं रहा। शनिवार को पंजाब में पार्टी कार्यकर्ता भड़के हुए नजर आए। नाराज कार्यकर्ताओं ने हरभजन के जालंधर स्थित आवास पर गद्दार लिख दिया। गौरतलब है कि पंजाब से राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह शुक्रवार को राघव चड्ढा के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हो गए। आम आदमी पार्टी के कुल सात सांसदों ने भाजपा का दामन थामा है। वहीं, एक अन्य वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें अशोक मित्तल की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के गेट पर आप कार्यकर्ता गद्दार लिख रहे हैं। वीडियो में क्या आया नजर इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में नजर आ रहा है कि आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता हरभजन सिंह के आवास पर पहुंचे हैं। यह लोग उनके घर की दीवार पर स्प्रे पेंट से गद्दार लिख रहे हैं। इस दौरान वहां सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवान उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं। हालांकि पुलिस के रोकने के बावजूद यह लोग अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं। ब्लैक स्प्रे पेंट से अंग्रेजी और पंजाबी में दीवार पर गद्दार लिखा नजर आ रहा है। मित्तल काे भी नहीं छोड़ा कुछ ऐसा ही हाल अशोक मित्तल का भी हुआ है। अशोक मित्तल की लवली प्रोफेशन यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ता पहुंचे। इन लोगों ने गेट पर ब्लैक स्प्रे पेंट से लिखा है, ‘पंजाब का गद्दार’। बताया जाता है कि इन राज्यसभा सांसदों के आप छोड़ने के बाद से पार्टी कार्यकर्ता काफी ज्यादा नाराज हैं। गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहाकि इन लोगों ने पंजाब की पीठ में छुरा घोंपा है और गद्दारी की है। ‘आप’ का क्या कहना है आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने शनिवार को कहा कि पार्टी राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर उन सात सांसदों को सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी, जिन्होंने एक दिन पहले पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। संजय सिंह ने कहाकि दल-बदल विरोधी कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार का विभाजन या गुटबंदी नहीं हो सकती। इसे कोई कानूनी मान्यता नहीं मिलती, भले ही दो-तिहाई बहुमत हो। उन्होंने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची और दल-बदल विरोधी कानून दोनों ही राज्यसभा या लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन, अलग गुट या धड़े को मान्यता नहीं देते, चाहे दो-तिहाई बहुमत ही क्यों न हो।

संवेदनशील नेतृत्व का प्रभाव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वृद्ध हितग्राही को मिली तत्काल राहत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संवेदनशील, सजग और जनकेंद्रित नेतृत्व का एक और सशक्त उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक वृद्ध हितग्राही की समस्या पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शासन ने तुरंत राहत सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश पर गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम पथर्री निवासी भीखलु राम ध्रुव को जिला प्रशासन की सक्रियता से बड़ी राहत मिली है। मीडिया के माध्यम से प्रसारित एक खबर में यह जानकारी सामने आई थी कि भीखलु राम ध्रुव लंबे समय से पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। इस खबर को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना विलंब किए तत्काल संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि संबंधित हितग्राही को शीघ्र लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर बीएस उइके ने स्वयं मामले की जानकारी ली और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि भीखलु राम ध्रुव का ई-केवाईसी किसी कारणवश लंबित था, जिसके कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। प्रशासन द्वारा तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई, जिससे उन्हें पुनः शासकीय योजनाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। प्रशासन की तत्परता का परिणाम यह रहा कि भीखलु राम ध्रुव को तीन माह की लंबित वृद्धावस्था पेंशन एकमुश्त प्रदान की गई।  वहीं खाद्य विभाग द्वारा भी संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके घर पहुंचकर 01 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया है। अब उन्हें नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलना सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस मानवीय और तत्पर हस्तक्षेप से राहत प्राप्त करने पर भीखलु राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पेंशन और राशन मिल जाने से मेरे जीवन में बड़ी राहत आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह संवेदनशीलता मेरे लिए बहुत मायने रखती है। अब मुझे भरोसा है कि सरकार हमारी चिंता करती है।  उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रत्येक जरूरतमंद तक उनका लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए निरंतर सजग और प्रतिबद्ध है।

तेहरान से फिर शुरू हुईं कमर्शियल फ्लाइट्स, ईरान ने इन देशों के लिए उड़ानें बहाल की

 तेहरान  मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। ईरान की राजधानी तेहरान से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं की बहाली हो गई है। ईरान के सबसे बड़े हवाई अड्डे, इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IKA) ने शनिवार सुबह से अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया है। बता दें कि युद्ध जैसी स्थितियों के कारण लंबे समय से बंद पड़े आसमान में अब नागरिक विमानों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिसे वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इन शहरों के लिए रवाना हुई पहली उड़ानें हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार, उड़ानों की बहाली के बाद तेहरान से पहली आउटबाउंड (बाहर जाने वाली) फ्लाइट्स मस्कट (ओमान), इस्तांबुल (तुर्की) और सऊदी अरब के मदीना शहर के लिए रवाना हुईं। इन उड़ानों के शुरू होने से न केवल फंसे हुए यात्रियों को राहत मिली है, बल्कि कूटनीतिक गलियारों में भी इसे एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। भारतीय दूतावास ने दी यात्रा ना करने की सलाह दो दिन पहले ही भारत ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है। यह परामर्श हाल की उन खबरों के मद्देनजर जारी किया गया है, जिनमें दोनों देशों के बीच कुछ उड़ानों के परिचालन की बात कही गई है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नवीनतम परामर्श में कहा, "क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और परिचालन संबंधी अनिश्चितताएं ईरान से आने-जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को प्रभावित कर रही हैं।' दूतावास ने स्पष्ट किया, "भारत और ईरान के बीच कुछ उड़ानों के शुरू होने की खबरों के मद्देनजर, पिछले परामर्शों को जारी रखते हुए, भारतीय नागरिकों को दृढ़ता से सलाह दी जाती है कि वे हवाई या सड़क मार्ग से ईरान की यात्रा न करें। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हवाई सेवाएं बंद कर दी गई थीं। पाकिस्तान की मध्यस्थता से आठ अप्रैल से लागू हुआ अस्थायी संघर्ष विराम 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, हालांकि दीर्घकालिक शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। अमेरिका ईरान वार्ता पर क्या है अपडेट इस्लामाबाद में प्रस्तावित अमेरिका और ईरान का वार्ता पर अभी शंका बनी हुई है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत 'लॉकडाउन' एक सप्ताह से जारी है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची अपनी टीम के साथ पहुंच चुके हैं। हालांकि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल अभी नहीं पहुंचा है। इससे पहले ईरान ने अमेरिका से सीधी बात करने से भी इनकार कर दिया था। पिछली बार भी इस्लामाबाद में ही शांति वार्ता हुई थी जिसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला था। अमेरिका का कहना है ईरान उसकी मांगों के हिसाब से वार्ता का प्रस्ताव तैयार रखे। मशहद एयरपोर्ट भी हुआ एक्टिव तेहरान से पहले, ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद के हवाई अड्डे को भी इस हफ्ते की शुरुआत में खोल दिया गया था। उत्तर-पूर्वी ईरान में स्थित यह शहर धार्मिक और व्यापारिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों में भी हवाई यातायात परिचालन को बहाल किया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि ईरान अब अपनी नागरिक सेवाओं को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। दुनिया ने ली राहत की सांस युद्ध के माहौल में किसी देश के मुख्य हवाई अड्डे का खुलना शांति की दिशा में एक बड़ा संकेत होता है। जब तक हवाई क्षेत्र बंद रहता है, तब तक बड़े सैन्य टकराव की आशंका बनी रहती है। तेहरान एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों का शुरू होना यह संकेत देता है कि सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से बेहतर है और नागरिक उड्डयन के लिए खतरा कम हुआ है।  

नक्सलमुक्त बस्तर में अब हो रहा है तेजी से अधोसंरचना निर्माण

रायपुर. नक्सलमुक्त आबूझमाड़ क्षेत्र में अब बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कार्य तेजी से किये जा रहे हैं । अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, ओवरहेड टैंक, लघु सिंचाई योजना सहित अन्य कार्यो ने जोर पकड़ लिया है । पिछले दिनों नक्सलमुक्त आबूझमाड़ में सीटीई की टीम ने विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया । टीम ने नारायणपुर के हरिमार्कटोला, सड़क का निरीक्षण किया। टीम ने देखा कि निर्मित सड़कों मोटाई और चौड़ाई को सही मानक स्तर की है, इसी तरह ग्राम दूरस्थ ओरछा ब्लाक में निर्मित शेड की निरीक्षण किया गया । जिले के ग्राम पालकी में निर्मित ओवरहेड टैंक की टीम ने निरीक्षण किया। इसी तरह से जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बैनूर रिजर्वायर के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। टीम ने निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली एवं अधिकारियों को जरूरी मार्गदर्शन भी दिया। नक्सलमुक्त बस्तर में अब विभिन्न निर्माण कार्यों के निरीक्षण करने जांच एजेन्सीयों के दल आसानी से पहुंच रहे हैं। तकनीकी टीमों द्वारा निर्माण कार्यों को कराने स्थानीय अधिकारियों को उचित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, जिससे अब सुदूर अबूझमाड़ में निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण तेजी से किए जाने लगे हैं।

जेपीएससी JET परीक्षा में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक और आईरिस वेरिफिकेशन लागू

 रांची  राज्य में झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) लगभग 18 वर्ष बाद रविवार को आयोजित होगी। झारखंड लोक सेवा आयोग ने इस परीक्षा के लिए छह जिलों रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग तथा देवघर में कुल 435 केंद्र बनाए हैं। साथ ही परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी व कदाचार रोकने के लिए पुख्ता तैयारी की है। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक तथा आइआरआइएस वेरिफिकेशन की भी व्यवस्था की गई है। इस परीक्षा के माध्यम से राजकीय विश्वविद्यालयों व उसके अंगीभूत कालेजों में सहायक प्राध्यापक के पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति की पात्रता तय होगी तथा पीएचडी में नामांकन होगा। यह परीक्षा एक पाली में सुबह 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक आयोजित होगी। दो पत्रों की यह परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी, जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। पहले पत्र में शिक्षण व शोध क्षमता पर 50 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। इसी तरह, दूसरा पत्र संबंधित विषय का होगा, जिसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें भी प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। इस तरह पहला पत्र 100 तथा दूसरा पत्र 200 अंकों का होगा। इसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। यह परीक्षा कुल 43 विषयों में आयोजित होगी। बताते चलें कि आयोग ने इस परीक्षा के लिए सात मार्च 2024 को ही इसके शीघ्र विज्ञापन जारी होने की सूचना प्रकाशित की थी। इसके लगभग डेढ़ वर्ष बाद इसका विज्ञापन निकला तथा 16 सितंबर 2025 से आनलाइन आवेदन लिए गए थे। राज्य में इससे पहले झारखंड पात्रता परीक्षा वर्ष 2007-08 में आयोजित हुई थी, जो काफी विवादित हुई थी। कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश आयोग ने परीक्षार्थियों को कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक, वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा दो पासपोर्ट साइज का रंगीन फोटो अनिवार्य रूप से लाने को कहा गया है।