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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से की अपील: सही जानकारी दें, बनाएँ ‘विकसित राजस्थान’

 जयपुर राजस्थान में 1 मई से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है. इससे पहले, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों से एक खास अपील की है. साथ ही, उन्होंने एक लिंक भी शेयर किया है, जिससे आप घर बैठे आसानी से अपनी जनगणना खुद कर सकते हैं. सीएम ने शेयर किया स्व-गणना का लिंक सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने संदेश में लिखा है कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक खुद अपनी गणना कर सकेंगे. इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे. उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि राजस्थान की अतिथि सत्कार की परंपरा को निभाते हुए कर्मचारियों को सही जानकारी दें, क्योंकि आज की सही जानकारी ही कल के 'विकसित राजस्थान' और 'विकसित भारत' का सपना पूरा करेगी. स्व-गणना के लिए आप इस ऑफिशियल लिंक पर जा सकते हैं: https://se.census.gov.in     पहली बार घर बैठे खुद करें अपनी गणना यह पहली बार है जब भारत में लोगों को वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भरने का मौका मिल रहा है. अगर आप दिए गए लिंक पर जाकर अपनी डिटेल खुद भर देते हैं, तो जब कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपका बहुत सारा समय बचेगा. ध्यान रहे, ऑनलाइन स्व-गणना का ऑप्शन चुनने के बाद भी कर्मचारी वेरिफिकेशन के लिए आपके घर जरूर आएंगे, लेकिन तब आपको फॉर्म भरने की लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. जनगणना के नाम पर साइबर फ्रॉड से बचें पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने की वजह से साइबर ठग भी इसका फायदा उठा सकते हैं. इसलिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. आपके घर आने वाले जनगणना कर्मचारी आपसे सिर्फ आपका मोबाइल नंबर और ऑनलाइन स्व-गणना करने पर मिली SE ID ही मांगेंगे. कर्मचारी आपसे कोई भी OTP नहीं मांगेंगे. अगर कोई आपसे ओटीपी मांगता है, तो समझ लीजिए वह फ्रॉड है. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी शेयर न करें. तैयार रखें इन 33 सवालों के जवाब पहले चरण के लिए विभाग ने 33 सवालों की एक लिस्ट तैयार की है. कर्मचारी आपके घर की स्थिति और सुख-सुविधाओं से जुड़े ये अहम सवाल पूछेंगे:-     मकान का नंबर, फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है?     परिवार के मुखिया का नाम, जेंडर और क्या वे एससी/एसटी वर्ग से हैं?     मकान अपना है या किराए का? परिवार के पास रहने के लिए कितने कमरे हैं?     पीने के पानी और रोशनी का मुख्य स्रोत क्या है?     शौचालय की सुविधा, गंदे पानी की निकासी और रसोईघर की क्या व्यवस्था है?     खाना पकाने के लिए कौन सा ईंधन (LPG/PNG) इस्तेमाल होता है?     घर में टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन, साइकिल, कार या बाइक जैसी कितनी सुविधाएं मौजूद हैं?     परिवार मुख्य रूप से खाने में किस अनाज का इस्तेमाल करता है? शिक्षकों के तबादलों पर लग सकता है लंबा ब्रेक इस बड़े राष्ट्रीय अभियान को पूरा करने के लिए राजस्थान में करीब 1 लाख 60 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की है. ऐसे में लंबे समय से अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे शिक्षकों को तगड़ा झटका लग सकता है. जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक के मुताबिक, जो कर्मचारी अभी पहले चरण में ड्यूटी कर रहे हैं, वही फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण में भी काम करेंगे.

छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट आउट, टॉपर लिस्ट जारी—जिज्ञासु वर्मा और संध्या नायक ने मारी बाजी

रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के परिणाम घोषित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में रिजल्ट जारी किया। इस दौरान टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की गई है। 10वीं की परीक्षा में टॉप 3 में महासमुंद जिले की 2 लड़कियों ने 594 नंबर के साथ बाजी मारी है। इनमें एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की संध्या नायक और एकलव्य स्कूल बलोदा की परीरानी प्रधान शामिल हैं। वहीं तीसरे स्थान पर मुंगेली के अंशुल शर्मा रहे। इन तीनों ने ही 99.00% अंक प्राप्त किए हैं। 42 स्टूडेंट्स ने टॉप-10 में जगह बनाई है। बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन 12वीं हिंदी का पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई। लाखों छात्रों को था रिजल्ट का इंतजार गौरतलब है कि हाई स्कूल परीक्षा की मुख्य परीक्षा 21 फरवरी 2026 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 3,20,535 छात्र शामिल हुए। इनमें 1,42,881 बालक और 1,77,654 बालिकाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में 2,510 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। वहीं हायर सेकेंडरी परीक्षा की मुख्य परीक्षा 20 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित हुई, जिसमें कुल 2,45,785 छात्र शामिल हुए। इनमें 1,02,975 बालक और 1,42,810 बालिकाएं शामिल हैं। इस परीक्षा के लिए 2,395 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। रिजल्ट देखने के लिए इन स्टेप्स को करें फॉलो स्टूडेंट्स इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं— ऑफिशियल वेबसाइट cgbse.nic.in या results.cg.nic.in पर जाएं। होमपेज पर जाकर CGBSE Class 10 Result 2026 या CGBSE Class 12 Result 2026 के लिंक पर क्लिक करें। यहां अपना रोल नंबर, डेट ऑफ बर्थ और कैप्चा कोड एंटर करें। आपकी मार्कशीट कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देगी। इसे चेक करें और भविष्य में इस्तेमाल के लिए इसका प्रिंटआउट लेना न भूलें। ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा स्टूडेंट्स SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। 10वीं का रिजल्ट देखने के लिए CG10 के साथ अपना रोल नंबर टाइप करें और 56263 पर भेज दें। 12वीं कक्षा के टॉपर रैंक     नाम     प्रतिशत     प्राप्तांक 1     जिज्ञासु वर्मा     98.60%     493 2     ओमनी     98.20%     491 3     कृष महंत     97.80%     489 4     रिया साहू     97.60%     488 4     शहनाज परवीन     97.60%     488 4     ताहिर खान     97.60%     488 5     कुसुमलता बिप्रे     97.40%     487 5     हेमलता साहू     97.40%     487 5     ओमकार कैव्रत     97.40%     487 5     आशा यादव     97.40%     487 ये हैं 10वीं के टॉपर्स के नाम  स्थान     विद्यार्थी का नाम     अंक     प्रतिशत 1st     संध्या नायक     594     99.00% 1st     परी रानी प्रधान     594     99.00% 1st     अंशुल शर्मा     594     99.00% 2nd     रिया केशवानी     593     98.83% 2nd     रानु सिद्धमयी साहू     593     98.83% 2nd     रेणुका प्रधान     593     98.83% 2nd     दीपांशी बौद्ध     593     98.83% 2nd     नंदिता देवगन     593     98.83%

भारत-नेपाल रिश्तों को नई मजबूती, पूर्णिया प्रशासन ने शुरू की विशेष नागरिकता सुविधा

 पूर्णिया भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को प्रशासनिक स्तर पर नई मजबूती मिलने जा रही है। पूर्णिया के जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उन नेपाली मूल की महिलाओं के लिए नागरिकता की राह आसान कर दी है, जिन्होंने भारतीय नागरिकों से विवाह किया है। जिले के सीमावर्ती इलाकों में रोटी-बेटी के इस रिश्ते को अब कानूनी जामा पहनाने के लिए प्रशासन खुद जनता के द्वार तक पहुंचेगा। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नागरिकता पंजीकरण की प्रक्रिया को सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की कमान अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) को सौंपी गई है। समिति में अपर पुलिस अधीक्षक, उप निर्वाचन पदाधिकारी और सभी संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम जिले के सभी प्रखंडों में विशेष कैंप लगाकर नेपाली महिलाओं को पंजीकरण प्रक्रिया में तकनीकी और कानूनी सहयोग प्रदान करेगी। पूर्णिया जिला नेपाल की सीमा के काफी करीब है। अमौर, बायसी, कसबा, बनमनखी और धमदाहा जैसे प्रखंडों में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं रहती हैं, जो नेपाल से विवाह कर यहां आई हैं। दशकों से यहां रहने और परिवार बसाने के बावजूद, दस्तावेजों की कमी और जटिल प्रक्रिया के कारण ये महिलाएं भारतीय नागरिकता से वंचित रही हैं। नागरिकता न होने के कारण उन्हें न तो मतदान का अधिकार मिल पाता है और न ही वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ उठा पाती हैं। डीएम की इस पहल से ऐसी हजारों महिलाओं के जीवन में स्थायित्व आएगा।

गाजियाबाद में आग की घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने लिया सख्त संज्ञान

गाजियाबाद में आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के दिए निर्देश सीएम योगी ने कहा, राहत कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं लखनऊ  गाजियाबाद के इंदिरापुरम में बहुमंजिली आवासीय भवन में भीषण आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश देते हुए राहत कार्य में तेजी लाने के लिए कहा। सीएम योगी ने कहा कि मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर, डीएम को भी मौके पर पहुंचने के दिए निर्देश हैं। गौरतलब है कि बुधवार सुबह इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में कई फ्लैट आ गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग समेत अन्य टीमें बचाव के लिए मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। फिलहाल आग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।

सामुद्रिक शास्त्र: हाथ-पैर के चिन्ह बताते हैं जीवन का भाग्य और भविष्य के संकेत

 सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, हाथ और पैर हमारी कुंडली की तरह होते हैं. उनमें पाए जाने वाले चिह्न योगों को बताते हैं. हाथ पैरों में बनने वाले चिह्न दो तरह के होते हैं. एक जो हमेशा रहते हैं और दूसरे जो आते जाते रहते हैं. जो चिह्न आते जाते रहते हैं वो एक समय की विशेष दशा बताते हैं. वहीं, जो चिह्न हमेशा रहते हैं वो सारी विशेषताएं बताते हैं. इन चिह्नों की महत्वपूर्ण बात है कि इन चिह्नों का स्वतंत्र होना जरूरी है. आइए पंडित शैलेंद्र पांडेय से जानते हैं कि शरीर के इन विशेष चिह्नों के बारे में. हाथ-पांव पर वर्ग के होने का अर्थ? सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, वर्ग रेखाओं पर भी पाए जाते हैं और पर्वतों पर भी पाए जाते हैं. हाथ में यह चिह्न कहीं पर भी हों सुरक्षा ही प्रदान करते हैं. लेकिन, वर्ग चिह्न अगर अंगूठे के नीचे शुक्र के पर्वत पर हैं तो जेल यात्रा का कारण बन सकता है. हाथ-पांव में सामान्य चिह्न होना हाथ या पैरों में पाए जाने वाले सामान्य चिह्नों में त्रिभुज, तारा, वलय और तिल शामिल हैं. त्रिभुज जिस स्थान पर होता है, उसकी शक्ति को बढ़ाता है. तारा सामान्यतः अशुभ माना जाता है, लेकिन सूर्य पर्वत पर हो तो प्रसिद्धि दिलाता है. वलय शुभ प्रभाव को रोकने वाला माना जाता है, जबकि तिल का स्थान उसके प्रभाव को निर्धारित करता है. विशेष और दुर्लभ चिह्न सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक, कुछ चिह्न बेहद खास और दुर्लभ माने जाते हैं, जैसे शंख, चक्र, त्रिशूल, मंदिर, मछली और कमल. ये चिन्ह व्यक्ति के जीवन में विशेष उपलब्धियों, आध्यात्मिक उन्नति और धन-संपत्ति का संकेत देते हैं. उदाहरण के लिए, चक्र धन लाभ का प्रतीक होता है, जबकि कमल का चिन्ह अत्यंत दुर्लभ और उच्च सफलता का सूचक माना जाता है. ऐसे चिन्ह जीवन में बड़े बदलाव और विशेष कृपा का संकेत देते हैं. शंख (Conch)- उंगलियों के पोरों पर हो तो ज्ञान और आध्यात्मिक शक्ति. चक्र (Chakra)- धन-संपत्ति का संकेत और आर्थिक समृद्धि देता है. त्रिशूल (Trident)- शक्ति, सफलता और यश का प्रतीक होना. मंदिर (Temple)- दैवीय कृपा और धार्मिक झुकाव होना. मछली (Fish)- यात्रा से लाभ और जीवन में गतिशीलता होना. कमल (Lotus)- बहुत दुर्लभ और अत्यंत शुभ है यह चिह्न, इस चिन्ह से बड़ी सफलता, ऊंचा स्थान और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. अशुभ चिन्हों के उपाय अगर हाथ या पैरों में कोई अशुभ चिह्न दिखाई देता है, तो उसके प्रभाव को कम करने के लिए कुछ पारंपरिक उपाय बताए गए हैं. जैसे शनिवार को काला धागा पहनना, रोजाना पौधों को जल देना, सुबह उठकर अपनी हथेलियों को देखना और माता-पिता का आशीर्वाद लेना. इन उपायों को नियमित रूप से करने से नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है.

107 बीएड सहायक आचार्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया का आगाज़

बीएड सहायक आचार्य के 107 पदों के लिए शुरू हुई प्रक्रिया योगी सरकार का रोजगार पर फोकस, उच्च शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया को मिली रफ्तार  न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में संशोधित विज्ञापन जारी, अर्हता स्पष्ट 27 मई तक आवेदन करने का मौका, 28 जुलाई को प्रस्तावित है परीक्षा प्रयागराज/लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बाद प्रदेश में भर्तियों की प्रक्रिया तेज करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने बीएड विषय के सहायक आचार्य के 107 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू कर दिया है। योगी सरकार की यह पहल योग्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण तो है ही, उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को भी दर्शा रही है। योगी सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेज होती यह रफ्तार युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रही है। यह भर्ती प्रक्रिया पूर्व में जारी विज्ञापन संख्या-51 के अंतर्गत आती है, जिसमें अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में सहायक आचार्य के कुल 1017 पद शामिल थे। न्यायालय के आदेशों एवं अर्हता संबंधी आपत्तियों के चलते पूर्व की प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा था। अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) रेगुलेशन-2014 के अनुरूप अर्हताओं को स्पष्ट करते हुए संशोधित विज्ञापन जारी किया गया है। पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी भर्ती, 27 मई तक कर सकेंगे आवेदन योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के आधार पर बीएड सहायक आचार्य पद के लिए नई शैक्षिक अर्हता तय की गई है, जिसके अनुसार केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जिन्होंने 31 अगस्त 2022 तक निर्धारित अर्हता पूर्ण कर ली हो। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 27 मई 2026 (रात्रि 11:59 बजे तक) आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में संशोधन एवं शुल्क समाधान की सुविधा 30 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। आयोग द्वारा परीक्षा 28 जुलाई 2026 को आयोजित किए जाने की तैयारी है। पहले से आवेदन कर चुके पात्र अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करना होगा, हालांकि उन्हें पुनः शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। जिन अभ्यर्थियों की अर्हता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, वे शुल्क वापसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

Ayushman Scheme Impact: हरियाणा के 1.18 लाख लाभार्थियों को मिला 122 करोड़ से ज्यादा का फ्री ट्रीटमेंट

यमुना नगर. आयुष्मान चिरायु योजना का समय से पेमेंट न होने पर भले ही निजी अस्पताल विरोध में हो लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर पात्रों के लिए योजना वरदान बन रही है। जिले में सात लाख छह हजार पात्र हैं। जिन्हें पांच लाख रुपये तक के इलाज की चिंता नहीं है। इसका खर्च सरकार उठा रही है। इलाज की बात करें तो पिछले दो वर्षाें में एक लाख 18 हजार 868 पात्रों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराया है। जिसमें 122.64 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। अब इस योजना का विस्तार करते हुए आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। वर्ष 2018 में लागू हुई थी आयुष्मान योजना केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना लागू की। उसमें पांच लाख रुपये का निश्शुल्क इलाज लिया जा सकता है। उस समय जिले में लगभग साढ़े चार लाख पात्रों का चयन किया गया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने इसमें बढ़ोतरी करते हुए नवंबर 2022 में आयुष्मान चिरायु भारत योजना शुरू की। इसमें अब एक लाख 80 हजार रुपये तक की आय वाले परिवारों को शामिल कर लिया गया। यह है आयुष्मान योजना की स्थिति आयुष्मान योजना के तहत जिले में दो लाख 74 हजार कार्ड बने हैं। आयुष्मान चिरायु योजना के चार लाख 84 हजार कार्ड बने हैं।आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत बुजुर्गों के 11 हजार 521 कार्ड बने हैं। कैशलेस योजना के तहत पेंशनर्स व सरकारी कर्मियों के 4374 आयुष्मान कार्ड बने हैं। आयुष्मान योजना के 44 हजार 419 पात्रों ने सरकारी अस्पतालों से 10 करोड़ 42 लाख रुपये का इलाज लिया है। निजी अस्पतालों में 74 हजार 456 कार्ड धारकों ने 113 करोड़ रुपये का इलाज लिया है। इन बीमारियों के पात्रों को केवल सरकारी में इलाज सरकार की ओर से आयुष्मान लाभार्थी मरीजों के घुटने, कूल्हा, कान का पर्दा, हार्निया, अपेंडिक्स, गले का लग जाना, टान्सिल, सांस, उल्टी दस्त, मोतियाबिंद, बवासीर, अंडकोष में पानी व यूरिनल के इलाज व आपरेशन की सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में की है। इन बीमारियों के पात्रों का इलाज निजी में नहीं होगा। इसके लिए गत वर्ष सरकार की ओर से सर्जिकल कैंप भी लगाए गए। जिसमें पात् मरीजों के आपरेशन किए गए। आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक इनफोर्मेशन मैनेजर संदीप शर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना से लोगों को नि:श्शुल्क इलाज का लाभ मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीज बढ़े हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए सर्जिकल कैंप लगाकर आपरेशन किए गए। इस समय जिले में सरकारी व निजी सहित 54 अस्पताल पैनल पर हैं। पात्रता के दायरे में आने वाले सभी पात्रों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। पात्र लोग मोबाइल एप के जरिए कार्ड खुद भी बना सकते हैं और अपनी पात्रता का पता कर सकते हैं। इसके साथ ही कैशलेस योजना में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्हें विभाग से रिकार्ड लेकर आना होगा।

594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा

  हरदोई यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, '12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस एक्सप्रेसवे के लिए अपनी भूमि दी। मैं उन सभी 'अन्नदाता' किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के लिए हरदोई के मल्लावां में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। उत्तर प्रदेश की रीढ़ साबित होगा गंगा एक्सप्रेसवे सीएम आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और 'लॉजिस्टिक्स' केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा, 'यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को गति देगा।' अधिकारियों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और आवागमन तेज, सुरक्षित व अधिक सुविधाजनक होगा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का बुधवार को हरदोई के मल्लावां में उद्घाटन किया। आधिकारिक बयान के अनुसार लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को वर्तमान 10-12 घंटे से घटाकर लगभग छह घंटे कर देगा। इसमें कहा गया कि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे पहले, प्रधानमंत्री के हरदोई पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि हरदोई से एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ राज्य की विकास यात्रा को नयी गति मिलेगी।

पीएम मोदी ने किया यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, विपक्ष पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 km लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।  लगभग ₹36,230 करोड़ की कुल लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय अभी के 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस वे का ये वरदान ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवन रेखा रही है वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस वे UP के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।" रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस वे का ये वरदान ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवन रेखा रही है वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस वे UP के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।" 'मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेस-वे की बधाई देता हूं।  निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 6-7 दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर वोट दे रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वो अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है और बड़ी संख्या में मतदान कर रही है।   बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है और जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है, लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है' पीएम मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले, जब बिहार में चुनाव हुए तो भाजपा-एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी कल ही गुजरात में महानगर पालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत… इन सब के चुनाव के नतीजे आए हैं। 80 से 85 प्रतिशत नगरपालिका और पंचायत भाजपा ने जीत ली हैं। मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। 4 मई के नतीजे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे। 'ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं' पीएम मोदी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं, और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।  पीएम बोले-अब वो दौर चला गया पीएम मोदी ने कहा कि अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। एक बार घोषणा हो गई तो वर्षों तक फाइलें चलती थीं। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे, उसके बाद सरकारें आती-जाती रहती थीं, लेकिन काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी पुरानी फाइलें ढूंढ़ने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है और तय समय में लोकार्पण भी होकर रहता है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। 'यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था' पीएम मोदी ने कहा कि पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था, वही उत्तर प्रदेश आज एक ट्रिलियन economy बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। यूपी के पास असीम क्षमता है, देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का पोटेंशियल यूपी के पास है, इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए कर रहे हैं।  सपा विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि बीते दिनों एक बार फिर देश ने कांग्रेस और सपा का नारी विरोधी चेहरा देखा है। केंद्र की एनडीए सरकार नारी शक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी, अगर यह संशोधन पास हो जाता तो 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलता। बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर लखनऊ और दिल्ली पहुंचतीं, वो भी किसी अन्य वर्ग की सीटें कम हुए बिना। लेकिन सपा ने इस संशोधन के खिलाफ वोट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति करेंगे। यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना है। पीएम मोदी ने कहा कि आप लोग देख रहे हैं कि आज पूरी दुनिया कैसे युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों की हालत खराब है। … Read more

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में विंड चाइम लगाने के सही तरीके और दिशा

वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में विंड चाइम्स लगाना बहुत शुभ होता है। इसे घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाने और नेगेटिविटी को दूर करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। जिसके प्रभाव से घर में सुख और उन्नति को बढ़ावा मिलता है। अगर विंड चाइम्स को वास्तु अनुसार, सही तरीके से लगाया जाए तो इससे घर में बरकत और शांति बनी रहती है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, विंड चाइम घर में लगाने से पहले इसके धातु, सही दिशा, स्थान, आवाज और रॉड की संख्या पर भी ध्यान देना आवश्यक होता है। आइए विस्तार से जानें विंड चाइम लगाने के वास्तु टिप्स। विंड चाइम की दिशा और धातु का रखें ख्याल वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, घर में विंड चाइम्स लगाने से पहले इस बात पर ध्यान अवश्य देना चाहिए की वह किस धातु का है। फिर, उसी के अनुसार सही दिशा में विंड चाइम लगाना चाहिए।     माना जाता है कि अगर विंड चाइम लोहे या पीतल का हो, तो उसे पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाना शुभ होता है। इसे भाग्य में वृद्धि और करियर के लिए अच्छा माना जाता है।     अगर आप घर में लकड़ी या बांस से बने विंड चाइम्स लगाने के बारे में सोच रहे हैं, तो इसे पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर में स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है।     वास्तुशास्त्र के अनुसार, सिरेमिक वाले विंड चाइम्स को घर की दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से आसपास का माहौल भी सुखद रहता है। विंड चाइम में लगी रॉड की संख्या पर भी दें ध्यान वास्तु गुरु मान्यता बताती हैं कि विंड चाइम्स में लगी रॉड की संख्या का घर और आसपास के माहौल पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। अगर विंड चाइम में 6 या 8 रॉड हों तो इसे शुभ माना जाता है। यह करियर में उन्नति और भाग्य में वृद्धि करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। वहीं, 5 रॉड होने पर इसे घर से नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष को दूर करने में प्रभावशाली माना जाता है। अगर विंड चाइम में 9 रॉड हों, तो इससे परिवार के बीच आपसी तालमेल, प्रेम और खुशियां बनी रहती हैं। विंड चाइम कहां लगाएं और कहां न लगाएं?     ​वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में विंड चाइम लगाते समय स्थान पर ध्यान देना भी बेहद आवश्यक होता है। इसे हमेशा ऐसे स्थान पर लगाना चाहिए जहां हवा का फ्लो अच्छा बना रहता हो। ऐसे में आप विंड चाइम को घर की बालकनी, खिड़की या मेन दरवाजे के आसपास लगा सकते हैं।     कहां न लगाएं : माना जाता है कि भूलकर भी विंड चाइम को घर के मंदिर या किचन में नहीं लगाना चाहिए। साथ ही, इसके आसपास वाले स्थान पर भी विंड चाइम नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। विंड चाइम लगाते वक्त इन बातों का भी रखें ध्यान     वास्तु के अनुसार, विंड चाइम को कभी भी अपने बेड के ऊपर वाले स्थान पर नहीं लगाना चाहिए। साथ ही, इसके नीचे बैठना भी शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है।     विंड चाइम खरीदते समय इस बात का ख्याल जरूर रखें की इसकी आवाज मधुर और कानों को सुकून देने वाली होनी चाहिए। कभी भी तेज और कानों को चुभने वाले आवाज का विंड चाइम नहीं लेना चाहिए।     अगर आप घर में गृह क्लेश या नेगेटिविटी महसूस करते हैं, तो इसके लिए मुख्य द्वार के पास 5 रॉड वाला विंड चाइम लगाना चाहिए। ऐसा करना उत्तम माना जाता है और साथ ही, यह बरकत भी बढ़ाता है।