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छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट में बेटियों का जलवा, 10वीं-12वीं में पास प्रतिशत शानदार

रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने वर्ष 2026 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। दोनों कक्षाओं में पास प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वर्ष हाईस्कूल में 77.15% और हायर सेकेंडरी में 83.04% परीक्षार्थी सफल रहे। साथ ही दोनों ही परीक्षाओं में बालिकाओं का प्रदर्शन बालकों से बेहतर रहा है। हाईस्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 में कुल 3,21,677 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 3,16,730 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें 1,40,402 बालक तथा 1,76,328 बालिकाएं शामिल थीं। इनमें से 3,14,953 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए, जिनमें 2,43,016 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार कुल 77.15 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत: 81.03% बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत: 72.27% श्रेणीवार परिणाम इस प्रकार है- प्रथम श्रेणी: 1,40,108 (44.48%) द्वितीय श्रेणी: 96,721 (30.71%) तृतीय श्रेणी: 6,187 (1.96%) एक या दो विषयों में 19,347 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण रहे। कुल 161 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए हैं, जिनमें 15 नकल प्रकरण और 143 जांच श्रेणी में शामिल हैं। वहीं 1,616 परीक्षार्थियों के आवेदन पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 3 परीक्षार्थियों के परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे। पिछले वर्ष से सुधार हायर सेकेंडरी (12वीं) का परिणाम, 83.04% छात्र सफल हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 में कुल 2,46,166 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 2,44,453 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें 1,02,259 बालक तथा 1,42,194 बालिकाएं शामिल थीं। इनमें से 2,43,898 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए, जिनमें 2,02,549 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार कुल 83.04 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत: 86.04% बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत: 78.86% श्रेणीवार परिणाम इस प्रकार है- प्रथम श्रेणी: 1,27,334 (52.2%) द्वितीय श्रेणी: 72,402 (29.68%) तृतीय श्रेणी: 2,806 (1.15%) पास श्रेणी: 7 परीक्षार्थी एक या दो विषयों में 23,866 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण रहे। कुल 63 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए हैं, जिनमें 5 नकल प्रकरण और 56 जांच श्रेणी में हैं। वहीं 492 परीक्षार्थियों के आवेदन पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 2 परीक्षार्थियों के परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे। पिछले वर्ष से बेहतर प्रदर्शन वर्ष 2025 में पास प्रतिशत 81.87% था, जबकि इस वर्ष इसमें लगभग 1.17% की वृद्धि हुई है।

Aadhaar में DOB अपडेट रिक्वेक्ट हो गया? ऐसे करें सही और सफल अपडेट

Aadhaar कार्ड आज हर भारतीय के लिए एक जरूरी दस्तावेज है। बैंक, मोबाइल सिम हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर Aadhaar में आपकी जन्मतिथि (Date of Birth) गलत हो, तो कई काम अटक सकते हैं। लोग अक्सर इसे ठीक कराने के लिए अपडेट रिक्वेस्ट डालते हैं, लेकिन कई बार यह रिक्वेस्ट रिजेक्ट भी हो जाती है। ऐसे में क्या करें यहां जानें: DOB अपडेट रिक्वेस्ट रिजेक्ट होने पर करें ये काम UIDAI ने साफ किया है कि अगर आपकी DOB अपडेट रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो जाती है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आप सीधे UIDAI की हेल्पलाइन 1947 पर कॉल कर सकते हैं या help@uidai.gov.in पर ईमेल भेजकर मदद ले सकते हैं। आगे आपको बताते हैं DOB अपडेट रिजेक्ट होने पर क्या करें, क्यों रिजेक्ट होता है और सही तरीका क्या है। क्यों होता है DOB अपडेट रिजेक्ट Aadhaar में जन्मतिथि अपडेट कराने के लिए सही डॉक्यूमेंट देना जरूरी होता है। अगर आपके द्वारा दिए गए दस्तावेज सही नहीं हैं या उनमें जानकारी मेल नहीं खाती, तो रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो सकती है। कई बार डॉक्यूमेंट क्लियर नहीं होता, नाम और DOB में मिसमैच होता है या आपने गलत कैटेगरी में अपडेट डाल दिया होता है। ऐसे में सिस्टम रिक्वेस्ट को रिजेक्ट कर देता है। ईमेल करते समय किन बातों का रखें ध्यान जब आप UIDAI को ईमेल करें तो अपनी समस्या साफ-साफ लिखें। आपको अपनी Aadhaar संख्या (पूरी या masked), नाम, और समस्या का विवरण देना चाहिए। साथ ही जरूरी डॉक्यूमेंट भी अटैच करें, ताकि आपकी समस्या जल्दी समझी जा सके और समाधान मिल सके। घर बैठे Aadhaar में डेट ऑफ बर्थ बदलने का पूरा तरीका Step 1: सबसे पहले UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और “My Aadhaar” सेक्शन में जाएं। वहां आपको “Update Your Aadhaar” का ऑप्शन मिलेगा। अब अपना 12-digit Aadhaar नंबर डालें और कैप्चा भरें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, जिसे डालकर लॉगिन करना होगा। Step 2: लॉगिन करने के बाद “Update Aadhaar Online” पर क्लिक करें। यहां आपको अलग-अलग डिटेल्स अपडेट करने का ऑप्शन मिलेगा, जिसमें Date of Birth (DOB) भी शामिल है। अब अपनी सही जन्मतिथि (DOB) भरें। ध्यान रखें कि जो DOB आप डाल रहे हैं, वही आपके डॉक्यूमेंट में भी होना चाहिए। Step 3: DOB अपडेट करने के लिए आपको वैध डॉक्यूमेंट अपलोड करना होगा, जैसे: Birth Certificate, 10th Marksheet, Passport डॉक्यूमेंट साफ और readable होना चाहिए, वरना रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो सकती है। अब आपको अपडेट के लिए छोटी-सी फीस (आमतौर पर ₹50) ऑनलाइन पे करनी होती है। पेमेंट आप UPI, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से कर सकते हैं।

दूरस्थ बिनागुंडा गांव से मरीज को कठिन हालात में पहुंचाया गया अस्पताल

दूरस्थ बिनागुंडा गांव से मरीज को कठिन हालात में पहुंचाया गया अस्पताल पैदल और हाथों से उठाकर नेटवर्क क्षेत्र तक लाया गया, 108 एम्बुलेंस से पखांजूर, फिर जीएमसी कांकेर रेफर रायपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कांकेर की रिपोर्ट के अनुसार, एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को अत्यंत दुर्गम क्षेत्र बिनागुंडा से कठिन परिस्थितियों में निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बिनागुंडा गांव अत्यंत दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है, जहां न तो सड़क संपर्क उपलब्ध है और न ही मोबाइल नेटवर्क की सुविधा। यह इलाका हाल ही में कैंप स्थापित होने के बाद पहुंच में आया है और कांकेर जिले की सीमा से लगा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, मरीज की तबीयत अचानक 22 अप्रैल 2026 को बिगड़ गई थी। प्रारंभ में परिजनों ने स्थानीय बैगा (पारंपरिक वैद्य) से उपचार कराया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर मरीज को अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया। गांव में सड़क और संचार सुविधा के अभाव के चलते परिजनों ने मरीज को पैदल और हाथों से उठाकर उस स्थान तक पहुंचाया, जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध था। वहां से 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई। इसके बाद मरीज को पहले नजदीकी कैंप तक लाया गया और फिर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से पाखांजूर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर जांच एवं इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (GMC) कांकेर रेफर किया है। स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं।

शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 609 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,177 पर बंद

मुंबई   बुधवार (29 अप्रैल) को शेयर बाजार में दिनभर तेजी का माहौल रहा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,056 अंक उछला, वहीं निफ्टी 24,329.30 के स्तर पर था। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 609.45 अंक की तेजी के साथ 77,496.36 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 181.95 अंक की बढ़त के साथ 24,177.65 के स्तर पर बंद हुआ।    शेयर बाजार में तेजी के कारण…. कच्चे तेल की कीमत में गिरावट वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की नरमी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड 0.21% की गिरावट के साथ 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। तेल सस्ता होने से इंपोर्ट बिल घटता है, व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलती है और रुपए पर दबाव भी कम होता है। साथ ही ट्रांसपोर्ट, एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स की लागत भी घटती है। ग्लोबल मार्केट्स का हाल एशियाई बाजारों में मजबूती का असर भी भारतीय बाजारों पर देखने को मिला है। हेंग सेंग, कोस्पी, सेट कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में बढ़त रही, जबकि निक्केई 225 और ताइवान वेटेड में गिरावट दर्ज हुई। अमेरिकी बाजार मंगलवार को कमजोरी के साथ बंद हुए थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को सहारा दिया है। विदेशी निवेशकों (FII) ने मंगलवार को 2,103.74 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,712.01 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जिससे बाजार में गिरावट सीमित रही।  

Bus Accident Mystery: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, विस्फोट की आशंका पर जांच तेज

भिवानी. बवानीखेड़ा के गांव मिलकपुर में सोमवार रात करीब आठ बजे प्राइवेट बस में लगी भीषण आग ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि आठ यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में से पांच के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार, बस में अचानक तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मृतकों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर एक पुलिस कर्मी और एक निजी कंपनी के आपरेटर होने की आशंका जताई जा रही है। डीएनए जांच के लिए भेजे गए सैंपल घटना में दोनों शव पूरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां से डीएनए जांच के लिए सैंपल मधुबन भेजे गए हैं। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम पुष्टि की जाएगी। प्रशासन ने परिजनों से सहयोग की अपील की है ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और सच्चाई सामने आ सके। टायर फटने की थ्योरी कमजोर शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बस का टायर फटना माना जा रहा था। आशंका थी कि टायर का हिस्सा तेल के टैंक से टकराया, जिससे टैंक फट गया और आग भड़क उठी। हालांकि जांच के दौरान तेल का टैंक सही हालत में मिलने से यह संभावना कमजोर पड़ गई है। इसके बाद अब मामले में विस्फोट यानी ब्लास्ट की आशंका गहराने लगी है। पुलिस इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है, ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके। बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने घटनास्थल का दौरा कर स्पष्ट किया कि मामले की गहराई से जांच के लिए बैलिस्टिक टीम की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही फारेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौके से साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। उप पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह, थाना प्रभारी सुरेश कुमार और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी है। घायलों का उपचार हांसी और हिसार के अस्पतालों में जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह एक हादसा था या किसी साजिश के तहत विस्फोट किया गया।

घर में पानी के मटके रखने के वास्तु नियम: सुख-समृद्धि और धन की बढ़ोतरी के लिए

गर्मी के मौसम में भारतीय घरों में सदियों से पानी के मटकों का इस्तेमाल होता रहा है। मिट्टी के घड़े में रखा हुआ पानी सेहत के लिए अमृत के समान माना जाता है। वास्तु शास्त्र में भी पानी के मटके को घर में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। मिट्टी का घड़ा घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में मदद करता है। अगर वास्तु के अनुसार पानी का मटका रखा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। आइए वास्तु गुरु मान्या जी से जानते हैं कि पानी के मटकों के घर में रखना के क्या वास्तु नियम हैं। घर में पानी का मटका रखने की सही दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी का मटका हमेशा घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। घर के ईशान कोण को सबसे शुभ माना जाता है। ईशान कोण को धन के देवता कुबेर का स्थान माना जाता है। ऐसे में घर की इस दिसा में पानी का मटका रखना सुख-समृद्धि लाता है और आर्थिक परेशानियों को दूर करता है। इस दिशा में न रखें पानी का मटका पानी के मटके को कभी घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं रखना चाहिए। इसे वास्तु दोष माना जाता है और यह आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इसके अलावा पानी के मटके को बाथरूम के पास या सीढ़ियों के नीचे रखना भी अशुभ माना जाता है। मटका कभी भी खाली न रखें वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, पानी के मटके को कभी भी खाली नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा पानी से भरा रखना चाहिए। पानी से भरा हुआ मटका घर में सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है और घर में कभी धन की कमी नहीं होती है। मटके के आस-पास साफ सफाई बनाए रखनी चाहिए। घर में टूटा हुआ घड़ा न रखें घर में टूटा हुआ या चटका हुआ मटका रखना अशुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, खंडित मटका नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ने लगती है। ऐसे में इसे तुरंत हटा देना चाहिए। मटके से पानी का टपकना धन की बर्बादी का कारण माना जाता है। मटका खरीदने का शुभ दिन वास्तु के अनुसार, मिट्टी का घड़ा घर में सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। बुधवार और गुरुवार को पानी का मटका खरीदना सबसे शुभ फल देने वाला होता है। इसके अलावा मंगलवार को शनिवार के दिन मटका नहीं खरीदना चाहिए। वहीं, वैशाख मास में घड़ा खरीदना और दान करना दोनों ही शुभ माने जाते हैं। सबसे जरूरी बात सबसे जरूरी बात नया मटका घर लाने के बाद उसको साफ करने बेहद जरूरी है। सबसे पहले उसपर गंगा जल का छिड़काव करें और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद पीने का पानी भरें। ध्यान रखें की मटके में पहली बार भरा हुआ पानी पौधों में डाल दें। इसके बाद मटके को भरकर पीने के लिए इस्तेमाल करें।

ESIC Update: ड्यूटी के दौरान मौत पर परिवार को पेंशन और बकाया रकम मिलेगी

पटना. कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने रोजगार दुर्घटना में जान गंवाने वाले एक बीमित कर्मी के आश्रितों को आर्थिक राहत प्रदान करते हुए आश्रित हितलाभ का भुगतान किया है। बिहार क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक सीए. निरंजन कुमार ने सुमन कुमार सिंह की पत्नी आशा देवी तथा उनके दो पुत्रों चंदन कुमार सिंह और सोनू कुमार सिंह को यह लाभ सौंपते हुए संवेदना व्यक्त की। सुमन कुमार सिंह सहरसा के सोनवर्षा में मेसर्स अनुपम कंस्ट्रक्शन के अंतर्गत नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) में मानव बल के पद पर कार्यरत थे। 21 अक्टूबर 2022 को कार्य के दौरान हुई दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वे परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और पूरा परिवार उन्हीं पर आश्रित था। नियोजक द्वारा दुर्घटना रिपोर्ट भेजे जाने के बाद ईएसआइसी ने मामले की जांच कर आश्रितों के लिए मासिक पेंशन स्वीकृत की। इसके तहत 276 रुपये प्रतिदिन की दर से प्रति माह 8,280 रुपये की पेंशन दी जाएगी। साथ ही, दुर्घटना की तिथि से अब तक का लगभग 3,47,760 रुपये का बकाया भुगतान भी आश्रितों के खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। किसे कहते हैं रोजगार चोट ईएसआइसी अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत कार्यस्थल पर या कार्यस्थल और निवास के बीच आवागमन के दौरान हुई दुर्घटना को ‘रोजगार चोट’ माना जाता है। ऐसे मामलों में बीमित कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को वेतन का 90 प्रतिशत तक मासिक पेंशन देने का प्रावधान है। इस अवसर पर सहायक निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) अभिषेक कुमार भी उपस्थित रहे।

अहमदाबाद के पास हाईवे हादसा: तेज रफ्तार बस ने वैन को टक्कर मारी, राहत कार्य जारी

अहमदाबाद  गुजरात के साबरकांठा जिले में बुधवार को एक तेज रफ्तार निजी बस ने यात्री वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। यह दुर्घटना हिम्मतनगर के पास जसवंतगढ़ पाटिया के निकट शामलाजी-अहमदाबाद हाईवे पर हुई। पुलिस ने बताया कि यात्री वैन शामलाजी से हिम्मतनगर की ओर जा रही थी, तभी पीछे से आ रही एक निजी बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। गांभोई पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अल्पेश चौधरी ने बताया कि वैन में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा, "वैन में सवार छह यात्रियों ने घटनास्थल पर दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।" टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार में थी। इंस्पेक्टर चौधरी ने कहा, "हादसा बस की अधिक गति के कारण हुआ प्रतीत होता है। हमने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।" सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। वैन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है। बस चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है।  

Helmet Rule Confusion: कार ड्राइवर का कटा चालान, XUV700 केस ने उठाए सवाल

डोंगरगढ़. ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए लागू किया गया ई-चालान सिस्टम अब खुद अपनी विश्वसनीयता खोता नजर आ रहा है. ताजा मामला उस गंभीर तकनीकी खामी को उजागर करता है. एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर CG 04 QM 9295 दो अलग-अलग वाहन, जिनमें एक टू-व्हीलर और एक SUV कार पर दर्ज पाया गया. इस गड़बड़ी का खामियाजा भुगतना पड़ा राजनांदगांव निवासी पीड़ित अमित गौतम को, जिनकी कार पर बिना हेलमेट के वाहन चलाने का चालान जारी कर दिया गया. अमित गौतम के पास XUV 700 कार है, लेकिन उनके मोबाइल पर जो ई-चालान पहुंचा, वह एक ऐसे उल्लंघन का था जो केवल दोपहिया वाहन से संबंधित होता है. पहले तो वे इस नोटिस को देखकर हैरान रह गए, लेकिन जब उन्होंने मामले की गहराई से जांच की, तब पूरा खेल सामने आया. पता चला कि इसी नंबर से एक बाइक भी सड़कों पर चल रही है, जो नियमों की अनदेखी कर रही है, जबकि चालान SUV मालिक के नाम पर फट रहा है. यह घटना RTO के डेटा मैनेजमेंट सिस्टम में गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है. वाहन पंजीयन जैसे संवेदनशील रिकॉर्ड में एक ही नंबर का दो बार दर्ज होना न सिर्फ तकनीकी चूक है, बल्कि यह सिस्टम की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है. इसके साथ ही नंबर प्लेट पहचान (ANPR) तकनीक और ई-चालान जनरेशन प्रक्रिया की सटीकता भी संदेह के घेरे में आ गई है. पीड़ित अमित गौतम ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिना किसी गलती के उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा. उनका कहना है कि यदि वे समय रहते सच्चाई तक नहीं पहुंचते, तो उन्हें बेवजह जुर्माना भरना पड़ता. उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “सिस्टम सुधारने की बजाय अगर ऐसे ही फर्जी चालान भेजे जाएंगे, तो आम आदमी आखिर जाए तो जाए कहां?” अमित गौतम अब इस मामले की शिकायत RTO के वरिष्ठ अधिकारियों से करने जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि विभाग इस गलती को स्वीकार कर सुधार और माफी नहीं देता, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे. यह पूरा मामला एक बड़े खतरे की ओर इशारा करता है, तकनीक पर आंख बंद कर भरोसा करना. जब सिस्टम में ही खामियां हों और उनकी समय पर जांच न हो, तो उसका सीधा असर आम नागरिक पर पड़ता है. जरूरत इस बात की है कि RTO अपने डेटा सिस्टम की व्यापक जांच करे, दोहराव और त्रुटियों को तुरंत दुरुस्त करे, और ई-चालान जैसी व्यवस्थाओं को पारदर्शी व भरोसेमंद बनाए, ताकि ‘स्मार्ट सिस्टम’ वाकई स्मार्ट साबित हो, न कि आम लोगों के लिए मुसीबत.

पीएचईडी की बड़ी कार्रवाई की चेतावनी, असफल अभियंताओं पर CRS की गाज गिरने के संकेत

पटना   बिहार में ‘हर घर नल का जल’ योजना में काम कर रहे अभियंता सरकार के दिए गए टारगेट को पूरा करने में अयोग्य निकले तो लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) इंजीनियर को जबरन रिटायर करके उनकी नौकरी का कनेक्शन ही काट देगा। मंगलवार को विभाग के मुंगेर, लखीसराय और जमुई प्रमंडल में हर घर नल का जल योजना की प्रगति और संचालन की पीएचईडी विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना में गहन समीक्षा की। बैठक में सचिव पंकज पाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव ने लापरवाह अफसरों को चेतावनी देते हुए दो टूक कह दिया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनको अनिवार्य सेवानिवृत्ति (सीआरएस) दे दी जाएगी। इससे विभाग में हड़कंप मच गया है। सचिव पंकज पाल ने मुंगेर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को विशेष रूप से निर्देशित किया कि काम में तेजी लाते हुए लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से पूर्ण करें। साथ ही CGRC (केंद्रीकृत शिकायत निवारण केंद्र) पर लंबित शिकायतों का त्वरित निष्पादन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो रही है, उसे अविलंब दूर कर कार्य को सुचारू रूप से संचालित करें, ताकि आम लोगों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। समीक्षा बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि मुख्यालय से निरीक्षण के लिए नामित सहायक अभियंता फील्ड विजिट पर गए ही नहीं। इस पर विभागीय सचिव ने गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए ऐसे सहायक अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लखीसराय और मुंगेर के कार्यपालक अभियंता को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। सचिव ने स्पष्ट किया कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध CRS (अनिवार्य सेवानिवृत) की कार्रवाई हो जाएगी। सचिव ने कहा कि सभी पदाधिकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं। अभियंताओं को निदेशित किया गया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, लीकेज आदि को तुरंत ठीक कराया जाए। अधीक्षण अभियंता को भी नियमित रूप से फील्ड विजिट पर जाने का निदेश दिया गया है। बैठक में मुख्यालय के वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।