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यूरोप से 1300 करोड़ का निवेश लेकर आए सीएम भगवंत मान, पंजाब में खेती और उद्योग को मिलेगी नई दिशा

 चंडीगढ़ नीदरलैंड और फिनलैंड के दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि इस यात्रा ने राज्य में निवेश, आधुनिक खेती और युवाओं के लिए नए अवसरों के रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब में निवेश को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई है, जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जायका कंपनी ने पंजाब में 1300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह निवेश फूड प्रोसेसिंग और उच्च गुणवत्ता वाली खेती को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम फसली विविधीकरण को गति देंगे और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे। नीदरलैंड दौरे के दौरान विश्व प्रसिद्ध केउकेनहॉफ बागबानी माडल का अध्ययन किया गया। यहां आधुनिक तकनीक के जरिए उत्पादन क्षमता में बड़ा अंतर देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पारंपरिक खेती में एक वर्ग मीटर में करीब 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पाली हाउस तकनीक से यह 100 किलो तक पहुंच जाता है। इस मॉडल को पंजाब में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। दौरे के दौरान विश्व बागबानी केंद्र और नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर आफ कामर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधियों से भी बैठक हुई। इसमें कृषि तकनीक, फूलों की खेती और निर्यात को लेकर संभावनाओं पर चर्चा हुई। मोहाली में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और इनोवेशन हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  इन कंपनियों में होगा निवेश मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि एएनएक्सपी सेमीकंडक्टर और एलटी फूड्स जैसी कंपनियों ने भी निवेश में रुचि दिखाई है। एलटी फूड्स ने राजपुरा में निवेश पर सहमति जताई है, जिससे चावल निर्यात और फूड सेक्टर को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा पंजाब को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। फिनलैंड दौरे के दौरान शिक्षा और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया गया। वहां की आधुनिक शिक्षा प्रणाली, शिक्षक प्रशिक्षण और बाल केंद्रित शिक्षण माडल का अध्ययन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे से कृषि, उद्योग, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की नींव पड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर लेकर आएगी। इस मौके पर उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस भी मौजूद थे। आज सम्मान, अगला बैच कब जाएगा हाली के विकास भवन में आज उन छात्रों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने हाल ही में जेई परीक्षा पास की है। सरकार की ओर से इन विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं, शिक्षक प्रशिक्षण के तहत अगला बैच 18 मई 2026 को फिनलैंड भेजा जाएगा। इस बैच में 72 शिक्षक शामिल होंगे, जिन्हें आधुनिक शिक्षण तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  नीदरलैंड में कृषि‑तकनीक पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़ायका के निवेश के अलावा यह दौरा पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दौरे का उद्देश्य औद्योगिक निवेश, शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के आदान‑प्रदान को बढ़ावा देना भी था. उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि तकनीकों, टिकाऊ खेती और उच्च मूल्य वाली फसलों पर संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशी गईं. नीदरलैंड की वर्टिकल फार्मिंग तकनीक को पंजाब में अपनाने पर भी चर्चा हुई. 20 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बागवानी केंद्र, नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड तथा पंजाबी समुदाय के साथ बैठकें कीं।  पॉलीहाउस खेती और निवेश रोड शो मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां यह जानकारी दी गई कि खुले खेतों में जहां प्रति वर्ग मीटर 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पॉलीहाउस में यह उत्पादन 100 किलो तक पहुंच जाता है. दौरे के दौरान निवेश रोड शो भी आयोजित किया गया, जिसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा हुई। 

साय कैबिनेट ने शहरी गैस नीति 2026 समेत कई अहम फैसलों को दी मंजूरी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बुधवार को  मंत्रिपरिषद ने  ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा। साथ ही इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्ति एवं संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों श्री संजय पिल्ले, श्री आर.के. विज एवं श्री मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश दिनांक 26 सितंबर 2019 का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद ने दिनांक 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को अपास्त करते हुए, उस निर्णय के पालन में जारी समस्त आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के उपरांत लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1. मंत्रिपरिषद ने आज ‘‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा। साथ ही इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2. मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया। 3. मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्ति एवं संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। 4. मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों श्री संजय पिल्ले, श्री आर.के. विज एवं श्री मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश दिनांक 26 सितंबर 2019 का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद ने दिनांक 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को अपास्त करते हुए, उस निर्णय के पालन में जारी समस्त आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के उपरांत लिया गया है।  

सैफ अली खान की नई OTT फिल्म ‘कर्तव्य’ 15 मई को Netflix पर होगी रिलीज

बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान एक बार फिर OTT पर वर्दी में नजर आने वाले हैं। जी हां, 'सेक्रेड गेम्‍स' में सरजात सिंह का रोल निभाकर हर किसी के दिल में उतरने वाले 'छोटे नवाब' की क्राइम ड्रामा फिल्‍म 'कर्तव्‍य' मई महीने में ओटीटी पर रिलीज होने वाली है। 'भक्षक' और 'बोस: डेड/अलाइव' से सुर्ख‍ियां बटोर चुके डायरेक्‍टर पुलकित की इस फिल्‍म का लंबे समय से इंतजार है। करीब तीन साल पहले मेकर्स ने इसका ऐलान किया था। फिल्‍म का निर्माण शाहरुख खान और गौरी खान की कंपनी 'रेड चिलीज एंटरटेनमेंट' के बैनर तले हुआ है। सैफ अली खान ने साल 2018 में 'सेक्रेड गेम्स' वेब सीरीज से OTT पर डेब्‍यू किया था। यही वह शो है, जिसने सही मायने में भारतीय दर्शकों को डिजिटल स्‍क्रीन से जोड़ने का काम किया। अब सात साल बाद एक बार फिर से सैफ पुलिसवाले के रूप में OTT प्‍लेटफॉर्म Netflix पर आ रहे हैं। यह भी दिलचस्‍प है कि एक्‍टर की पिछली रिलीज 'ज्वेल थीफ' भी नेटफ्ल‍िक्‍स पर ही रिलीज हुई थी। 'कर्तव्य' OTT रिलीज डेट 'वैरायटी इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, 'कर्तव्य' की प्रीमियर डेट तय हो गई है। यह फिल्‍म 15 मई 2026 को रिलीज होगी। हालांकि, अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इससे पहले जब 'कर्तव्‍य' का फर्स्‍ट लुक लॉन्‍च हुआ था, तब सैफ अली खान ने कहा था, 'यह डायरेक्‍टर पुलकित का एक बेहतरीन क्रिएशन है और मुझे सच में बहुत खुशी है कि यह Netflix पर रिलीज हो रही है।' 'कर्तव्य' फ‍िल्म की कहानी ओटीटी प्‍लेटफॉर्म पर लिस्‍ट‍िंग के मुताबिक, 'कर्तव्‍य' देश के सुदूर इलाकों में सेट एक ऐसे पुलिस अध‍िकारी की कहानी है, जो कानून, परिवार और सच्चाई के साथ खड़ा है। लीड रोल में सैफ अली खान हैं, जो एक ऐसे पुलिसवाले बने हैं, जो एक गहरे नैतिक द्वंद्व में फंसा हुआ है। काम के मोर्चे पर बढ़ते खतरे ने उसके परिवार को भी संकट में डाल दिया है। जैसे-जैसे उसकी निजी जिंदगी पर दांव बढ़ता है, वह अपने कर्तव्य को निभाने के लिए किसी पर हद तक जाने की तैयारी करता है। 'कर्तव्‍य' की कास्‍ट 'कर्तव्य' की कास्ट भी बड़ी दिलचस्‍प है। इसमें सैफ अली खान के साथ रस‍िका दुग्गल, संजय मिश्रा, जाकिर हुसैन और मनीष चौधरी के अलावा पत्रकार से एक्‍टर बने सौरभ द्विवेदी भी हैं। सौरभ इससे पहले अनिल कपूर की ओटीटी रिलीज फिल्‍म 'सूबेदार' के लिए डायलॉग्‍स भी लिख चुके हैं। सैफ अली खान और अक्षय की 'हैवान' वर्कफ्रंट पर सैफ अली खान इन दिनों एकसाथ दो-दो फिल्‍मों की तैयारी में जुटे हैं। इसी साल 2026 में उनकी हिंदी एक्शन-थ्रिलर 'हैवान' रिलीज होने वाली है, जिसे प्रियदर्शन डायरेक्‍ट कर रहे हैं। इसमें वह अक्षय कुमार के साथ नजर आएंगे। यह फ‍िल्म 2016 की मलयालम थ्रिलर 'ओप्पम' का रीमेक है। कहानी एक ऐसे नेत्रहीन मार्शल आर्टिस्ट के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक बच्चे को एक साइकोपैथ से बचाता है। इस फिल्‍म में अक्षय और सैफ 17 साल बाद साथ काम कर रहे हैं। सैफ की 'हम हिंदुस्‍तानी' सीरीज भी होगी रिलीज इसके अलावा सैफ नेटफ्ल‍िक्‍स की ही पीरियड ड्रामा सीरीज 'हम हिंदुस्तानी' में भी नजर आएंगे। यह भी 2026 में रिलीज होनी है। इसमें उनके साथ प्रतीक गांधी मुख्य भूमिका में हैं। राहुल ढोलकिया के डायरेक्‍शन में बनी यह सीरीज भारत के पहले आम चुनाव (1951-1952) की कहानी बताती है, जिसमें उन अधिकारियों पर खास ध्यान दिया गया है, जिन्हें इस ऐतिहासिक चुनाव को आयोजित करने का जिम्मा सौंपा गया था।

नरेंद्र मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, ₹1500 में तय होगा लंबा सफर

लखनऊ गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली कल रात यानी कि गुरुवार 12 बजे से शुरू होने जा रही है. बातचीत के दौरान चीफ इंजीनियर यूपीडा राज चौधरी ने स्पष्ट किया कि इंटरचेंज और टोल प्लाजा पहले से निर्मित हैं. टोल दरें प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय की गई हैं और वाहन की एंट्री व एग्जिट पॉइंट के आधार पर फास्टैग से स्वतः कटौती होगी. टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर के लिए ₹1.28 प्रति किमी, कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहन के लिए ₹2.50 प्रति किमी, लाइट कमर्शियल वाहन, मिनी बस आदि के लिए ₹4.05 प्रति किमी, बस और ट्रक के लिए ₹8.20 प्रति किमी तय किया गया है. वहीं मल्टीएक्सल, भारी मशीनरी और अर्थमूविंग वाहनों के लिए ₹12.60 प्रति किमी व ओवरसाइज वाहनों के लिए ₹16.10 प्रति किमी दर निर्धारित की गई है. प्रयागराज से मेरठ तक कार से यात्रा करने पर करीब ₹1500 टोल लगने का अनुमान है. अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि यदि कंसेसियनार चाहे तो शुरुआती दिनों में कुछ छूट भी दी जा सकती है, जैसा पहले अन्य एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में किया गया था. PM मोदी आज करेंगे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आज यानी कि बुधवार को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है. यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी मजबूती प्रदान करेगा. 12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी, यात्रा समय में बड़ी कमी प्रधानमंत्री सुबह 11.15 पर हरदोई पहुंचेंगे और 12.55 पर यहां से वापस लौटेंगे. इस दौरान पीएम गंगा एक्सप्रेसवे का उदघाटन करने के साथ ही यूपीडा की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और साथ ही पौधरोपण करने के अलावा जनसभा समेत अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री जिस गंगा एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दिखाएंगे वह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है. इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी. जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा. इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी. पीपीपी मॉडल पर आधुनिक निर्माण गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है. इसे फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है. 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा. उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं. एयरस्ट्रिप, आईटीएमएस और सुरक्षा की अत्याधुनिक व्यवस्था इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं. इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है. वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा. औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास का नया केंद्र गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं. इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे. सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं. इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस के वर्चुअल मीटिंग में पोर्न वीडियो चला, आनन-फानन में रोकनी पड़ी बैठक

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अदालत में आज (बुधवार, 29 अप्रैल को) कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर सब दंग रह गए। दरअसल, जब चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने नियमित मामलों की सुनवाई शुरू की तो वर्चुअली यानी ऑनलाइन तरीके से जुड़े एक अनजान यूजर ने अपनी स्क्रीन पर पोर्न वीडियो चलाना शुरू कर दिया और उसे शेयर कर दिया। इसे देख कोर्ट रूम में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वर्चुअल मीटिंग (VC) को बंद करना पड़ा। जब कुछ देर बाद दोबारा ऑनलाइन कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से उस शख्स ने पोर्न वीडियो चलाना शुरू कर दिया। ऐसा होता देख कोर्ट के अधिकारियों ने VC को बंद कर दिया गया और फिर उसे ऑन नहीं किया गया। जानकारी के मुताबिक, ये पोर्न वीडियो वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सिस्टम के जरिए अमेरिका से ब्रॉडकास्ट किए गए थे। ये कंटेंट श्रीधर सरनोबत और शीतजीत सिंह नाम के यूजर के अकाउंट से चलाए गए। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। पीछे से आवाज भी आ रही थी बार एंड बेंच के मुताबिक, पोर्न वीडियो के साथ ही पीछे से आवाज भी आ रही थी, "यह यूनाइटेड स्टेट्स से किया गया एक हैक है। मीटिंग को अभी तुरंत बंद कर दो। इसे दोबारा कभी चालू मत करना। तुम हैक हो चुके हो।" दिल्ली हाई कोर्ट में इस तरह की यह पहली घटना है। ये वाकया दोपहर करीब 12:56 बजे हुई। बता दें कि चीफ जस्टिस की अदालत में बुधवार का दिन जनहित याचिकाओं (PIL) की सुनवाई के लिए तय होता है, और आज बेंच के सामने सुनवाई के लिए लगभग 100 मामले हैं। मामले की जांच जारी है इस घटना के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) इंटरफेस पर संभावित साइबर अटैक की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि पोर्न वीडियो दो बार चलने से कोर्ट रूम में मौजूद जज, वकील, कोर्ट अफसर और अन्य लोग हैरान रह गए। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और जिम्मेदारी तय किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट केस: IPL नियम और भारतीय कानून दोनों में फंस सकते हैं पराग

नई दिल्ली जिस मैच के लिए राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग की तारीफ होनी चाहिए थी, उस मैच के लिए उनकी जमकर आलोचना हो रही है। इतना ही नहीं, रियान पराग को कड़ी सजा बीसीसीआई और भारतीय कानून दे सकता है। मामला कुछ यूं है कि राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग आईपीएल 2026 के मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट के कश लगाते हुए कैमरे में कैद हुए थे। इस पर अब बवाल मचा हुआ है, लेकिन आप जान लीजिए कि रियान पराग को क्या सजा इस मामले में मिल सकती है। सबसे पहली बात तो यह है कि भले ही रियान पराग की वैपिंग की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन बीसीसीआई किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले मैच के फुटेज की प्रमाणिकता जांचेगी और फिर रियान पराग के साथ-साथ राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट से भी पूछताछ करेगी। मैच अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा जो खिलाड़ी इस फ्रेम में नजर आ रहे हैं। उनसे भी पूछताछ की जा सकती है। अगर पाया गया कि रियान पराग ने वाकई में ई-सिगरेट का सेवन ड्रेसिंग रूम में किया है तो उन्हें कड़ी सजा मिलना स्वाभाविक है। क्या है रियान पराग का वैपिंग का मामला? दरअसल, आईपीएल 2026 के 40वें मैच में पंजाब किंग्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की टीम जब रन चेज कर रही थी, तो 16वें ओवर के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ड्रेसिंग रूम के अंदर वैपिंग करते कैमरे में कैद हुए थे। शुरुआती तस्वीरों को देखकर साफ कहा जा सकता है कि वे ई-सिगरेट से कश लगाते नजर आ रहे थे। अभी तक आईपीएल या राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी की ओर से कोई आधिकारिक बयान इस पर नहीं आया है। क्या हैं IPL के नियम और सजा? IPL मैचों के दौरान ड्रेसिंग में रूम नौ स्मोकिंग जोन के अंतर्गत आता है। बीसीसीआई ने तंबाकू से संबंधित सभी उत्पादों को प्रतिबंधित किया हुआ है। ऐसे में ई-सिगरेट यानी वैपिंग करना भी ड्रेसिंग रूम में बैन है। ऐसा करने पर बीसीसीआई खिलाड़ी या अन्य सपोर्ट स्टाफ को फटकार लगा सकती है। मैच फीस का फाइन ठोक सकती है या फिर खिलाड़ी को बैन भी कर सकती है। ये अपराध तय होने के बाद की बात है। अभी तक कोई आधिकारिक फैसला आईपीएल की ओर से नहीं आया है। क्या कानूनी कार्रवाई होगी? आपकी जानकारी के लिए बता दें, ई-सिगरेट 2019 से ही भारत में बैन हैं। The Prohibition of Electronic Cigarettes Act (PECA), 2019 एक्ट के अनुसार ई-सिगरेट बनाना, बेचना, रखना और यहां इसका उपयोग करना भी प्रतिबंधित है। इसके लिए भारतीय कानून में सजा का भी प्रावधान है। पहली बार इसका उल्लंघन करने पर एक साल तक की सजा या एक लाख तक का फाइन लग सकता है। दोनों सजा भी दी जा सकती हैं। बार-बार यह अपराध करने पर 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना मुकर्रर किया गया है। यहां तक कि ई-सिगरेट रखने पर भी सजा मिल सकती है। क्या पहले भी हुआ है IPL में ऐसा मामला? आईपीएल में पहली बार इस तरह की हरकत किसी खिलाड़ी ने की है। आईपीएल में स्मोकिंग को लेकर सख्त नियम हैं। ड्रेसिंग रूम और डगआउट में वैपिंग की अनुमति नहीं है। पहली बार ऐसा मामला सामने आया है। इस पर बीसीसीआई ऐक्शन इस वजह से भी ले सकती है कि आगे ऐसी कोई हरकत खिलाड़ी न करे। हालांकि, इसी सीजन राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उन पर फाइन लगाया गया था। क्यों उछल रहा है ये मामला? रियान पराग का वैपिंग करने का मामला इसलिए भी तूल पकड़ रहा है, क्योंकि रियान पराग की व्यक्तिगत फॉर्म इस सीजन बहुत खराब रही है। 117 रन ही वे इस सीजन अब तक खेले गए 9 मैचों में बना पाए हैं। स्ट्राइक रेट भी उनका 125 से कम का है। क्लिप के वायरल होने पर अब आईपीएल और राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी पर भी दबाव होगा, क्योंकि फैंस के प्रति वही जवाबदेह हैं।

वेटरन एक्टर पेंटल का वीडियो वायरल, बोले– “मैं एक्टर नहीं, मेरे फॉलोअर्स नहीं हैं”

बॉलीवुड में कई एक्टर्स ऐसे रहे जिन्होंने अपने काम से लोगों के दिलों में जगह बनाई है. मशहूर एक्टर कंवरजीत पेंटल उर्फ पेंटल भी इंडस्ट्री में ऐसे एक्टर रहे, जिन्होंने कॉमेडी के जरिए 70 के दशक में काफी नाम कमाया. बड़ी-बड़ी फिल्मों में छोटे रोल्स करके उन्हें पहचान मिली. सालों बाद वो टीवी में भी आए और वहां भी छा गए. पेंटल इन दिनों अनुपमा शो में भी नजर आ रहे हैं. इसी बीच उनका एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वो खुद को एक नॉन-एक्टर कह रहे हैं. इसे एक्टर मनमीत सिंह ने शूट करके अपने इंस्टाग्राम पर डाला था. पेंटल का ये वीडियो देखकर कई लोगों को दुख पहुंचा है. क्यों खुद को नॉन-एक्टर मानते हैं पेंटल? वीडियो में पेंटल से मनमीत सिंह पूछते हैं कि क्या वो एक्टर हैं? तो पेंटल जवाब में कहते हैं- नहीं, मैं एक्टर नहीं हूं. जब मनमीत उनसे पूछते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा, जबकि वो तो कई फिल्मों में दिखाई दे चुके हैं? तब पेंटल ने कहा, 'इंस्टाग्राम पर मेरे फॉलोअर्स नहीं हैं. इसलिए मैं एक्टर नहीं हूं.' आगे मनमीत सिंह पेंटल से पूछते हैं कि जिसके इंस्टा पर फॉलोअर्स नहीं होते, तो क्या वो एक्टर नहीं है? तो वेटरन एक्टर का जवाब होता है, 'बिल्कुल नहीं.' उन्होंने आगे सभी से कहा कि एक्टिंग करने की कोई जरूरत नहीं है, आप बस अपने फॉलोअर्स बढ़ाएं. पेंटल और मनमीत सिंह का ये वीडियो दो साल पुराना है. कंवरजीत पेंटल के इस वीडियो को देख सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा साफ दिखा है. एक यूजर ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को फटकार लगाई है, जो आजकल फॉलोअर्स के दम पर एक्टर्स को कास्ट करते हैं. वहीं, कई लोगों ने पेंटल की ईमानदारी को सराहा है. पेंटल ने बॉलीवुड की तमाम बड़ी फिल्में जैसे बावर्ची, सत्ते पे सत्ता, आज की ताजा खबर, रफू चक्कर, और सदमा में यादगार रोल्स किए हैं. इसके अलावा वो महाभारत सीरियल में सुदामा और शिखंडी के रोल में भी नजर आ चुके हैं. वो 50 सालों से बॉलीवुड इंडस्ट्री में हैं और करीब 350 से ज्यादा फिल्में और करीब 20 टीवी शोज में नजर आ चुके हैं.

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टली, अब ग्लोबल लेवल पर तय होगी नई डेट

फिल्म केजीएफ के बाद कन्नड़ सुपरस्टार यश की अगली फिल्म टॉक्सिक का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है. इसके टीजर-ट्रेलर ने मार्केट में पहले से ही धूम मचाई हुई है. ये यश का एक सबसे बड़ा और ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसकी स्टोरी क्या है इसपर सस्पेंस बरकरार है. अब यश इस बेसब्री को थोड़ा और बढ़ाना चाहते हैं. यश ने अपने इंस्टाग्राम पर नोट जारी किया है, जिसमें उन्होंने ऐलान किया कि उनकी अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक 4 जून 2026 को रिलीज नहीं होने वाली है. वो इसकी रिलीज डेट अब ग्लोबल मार्केट के हिसाब से तय करेंगे. चूंकि यश को सिनेमाकॉन 2026 में टॉक्सिक को लेकर जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, इसलिए उन्होंने ये फैसला उठाया है. क्यों पोस्टपोन हुई यश की टॉक्सिक? यश ने लिखा, 'कुछ फिल्में हम बनाते हैं, और कुछ फिल्में हमें याद दिलाती हैं कि हम सिनेमा से क्यों प्यार करने लगे थे. टॉक्सिक ऐसी ही एक फिल्म है. सिनेमाकॉन में अपनी फिल्म पेश करना और दुनिया भर से जो जबरदस्त प्यार और रिस्पॉन्स मिले, उसने हमें फिर से यकीन दिला दिया कि ये फिल्म पूरी दुनिया में अपने पूरे दमखम के साथ पहुंचनी चाहिए.' 'टॉक्सिक की शूटिंग पूरी हो चुकी है. हम अभी पूरी दुनिया में अच्छे डिस्ट्रीब्यूटर्स और पार्टनर्स के साथ काम कर रहे हैं. इसी वजह से हमने फैसला किया है कि फिल्म की रिलीज डेट को थोड़ा बदलेंगे. जैसा पहले बताया गया था, अब हम 4 जून को फिल्म रिलीज नहीं कर रहे हैं. हम इसे बाद में, एक बेहतर और पूरी दुनिया के साथ मैच करने वाली तारीख पर रिलीज करेंगे. टॉक्सिक जल्द ही दुनिया भर के थिएटर्स में आने वाली है.' ग्लोबल ऑडियंस के लिए यश का प्लान यश का आगे मानना है कि टॉक्सिक एक ऐसी फिल्म है, जो इंडियन सिनेमा को ग्लोबल स्टेज पर एक आवाज दिलाएगी. इसलिए वो अपनी फिल्म को रिलीज करने में किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहते. एक्टर ने लिखा, 'आजकल इंडियन सिनेमा अपनी आवाज़ ढूंढ रहा है और दुनिया के सामने अच्छे से खड़ा हो रहा है. ऐसे समय में हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपना स्तर ऊंचा रखें. एक एक्टर-प्रोड्यूसर के तौर पर, मैं ये मौका देख रहा हूं कि मैं भी इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के लिए अपना योगदान दूं. इसलिए हम थोड़ा समय लेकर ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि फिल्म दुनिया के हर कोने तक अपनी पूरी ताकत और असर के साथ पहुंचे.' 'हर कदम पर, हर बदलाव में आपका प्यार और सपोर्ट मेरे साथ रहा है. मैं इसे बहुत मन से धन्यवाद के साथ रखता हूं. कुछ कहानियां धैर्य मांगती हैं. कुछ सफर इसमें और भी ज्यादा मांगते हैं. हम आपको वादा करते हैं कि हम आपको ऐसी फिल्म देंगे जिसे आप पूरा मजा लेकर देखेंगे और उत्सव की तरह मनाएंगे. एक फिल्म जो भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल बनेगी.' यश की फिल्म टॉक्सिक को गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है. इसमें कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, नयनतारा, तारा सुतारिया और रुकमिणी वसंत जैसी एक्ट्रेसेज शामिल है. अब टॉक्सिक की नई रिलीज डेट क्या होगी, इसपर सभी की निगाहें टिकी रहने वाली हैं.

किसानों को 122.28 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति, वितरण कार्यक्रम 4 मई को

किसानों को मिलेगी 122.28 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति, वितरण कार्यक्रम 4 मई को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ और रबी सीजन के नुकसान की भरपाई करेगी सरकार  4 मई को अपराह्न 04 बजे से प्रदेश के समस्त जनपदों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से क्षतिपूर्ति धनराशि का होगा वितरण   योगी सरकार ने फसल नुकसान से किसानों को सुरक्षा देने और आय स्थिर रखने के लिए उठाया बड़ा कदम  लखनऊ  प्रतिकूल मौसम के कारण प्रभावित होने वाली फसलों से किसानों को सुरक्षा प्रदान करने और उनकी आय स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से योगी सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। प्रदेश के समस्त जनपदों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और चयनित 60 जनपदों में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का सफल क्रियान्वयन खरीफ 2016 से बीमा कंपनियों के माध्यम से किया जा रहा है। निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा सुमिता सिंह ने बताया कि इसी क्रम में 4 मई को अपराह्न 04 बजे से प्रदेश के समस्त जनपदों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से खरीफ 2025 एवं रबी 2025-26 की फसल क्षतिपूर्ति धनराशि का वितरण किया जाएगा। खरीफ 2025 मौसम की कुल देय क्षतिपूर्ति 730.04 करोड़ रुपये में से 624.88 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है और शेष 105.16 करोड़ रुपये का भुगतान 4 मई को किया जाएगा। इसी प्रकार रबी 2025-26 मौसम की शेष 17.11 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भी भुगतान किया जाएगा। इस प्रकार 04 मई को कुल 122.28 करोड़ रुपये की राशि लाभान्वित किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। बता दें कि 21 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'वन-क्लिक' के माध्यम से खरीफ 2025 की 285.00 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति 2.51 लाख किसानों को वितरित की गई थी।  किसानों के लिए प्रीमियम की दरें बेहद किफायती  उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2025-26 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब तक कुल 67.86 लाख किसानों को 5755.68 करोड़ रुपये की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जा चुकी है। यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित है, जिसमें खरीफ की प्रमुख फसलें जैसे धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन व तिल तथा रबी की फसलों में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों, अलसी व आलू को कवर किया गया है। किसानों के लिए प्रीमियम की दरें बेहद किफायती रखी गईं हैं, जिसमें खरीफ फसल हेतु बीमित राशि का 2 प्रतिशत, रबी हेतु 1.5 प्रतिशत और वार्षिक नकदी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत की दर निर्धारित है। कृषक अंश के अतिरिक्त शेष प्रीमियम की धनराशि का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समान रूप से किया जाता है।

Haryana Assembly Row: भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ‘समानांतर सदन’ पर कारण बताओ नोटिस, स्पीकर हरविंदर कल्याण सख्त

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को असंवैधानिक करार देने तथा विधानसभा परिसर में समानांतर सदन चलाने की विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कार्यवाही को स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने विपक्ष के नेता को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। स्पीकर ने विपक्ष के नेता से पूछा कि उन्होंने किस आधार पर विधानसभा के विशेष सत्र को असंवैधानिक बताया और किस अधिकार अथवा नियम के तहत विधानसभा परिसर में विधायकों को इकट्टा करते हुए समानांतर सदन की कार्यवाही का संचालन किया। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर की ओर से ऐसी कड़ी कार्रवाई पहली बार की गई है। हालांकि पूर्व में भी विपक्ष द्वारा विधानसभा परिसर के बाहर समानांतर सदन चलाए जाते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका था, जब विधानसभा परिसर के भीतर कांग्रेस विधायकों ने समानांतर सदन चलाया, जिस पर स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने कड़ा रुख अपनाया है। भूपेंद्र हुड्डा ने विधानसभा विशेष सत्र को बताया असंवैधानिक ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार द्वारा बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को असंवैधानिक करार देते हुए उसके बहिष्कार की घोषणा कर दी थी और विधानसभा परिसर में समानांतर सदन चलाया था। हरविन्द्र कल्याण ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ-साथ हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव से भी इस विषय पर टिप्पणी मांगी है। मुख्य सचिव से टिप्पणी मांगने के पीछे स्पीकर की सोच यह हो सकती है कि बुलाया गया सत्र पूरी तरह से संवैधानिक था। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों को विधानसभा परिसर में समानांतर सत्र के लिए इकट्ठा करने का कृत्य न केवल संसदीय परंपराओं के विपरीत है, बल्कि विधानसभा की गरिमा और स्थापित प्रक्रियाओं व नियमों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से पूछा है कि उन्होंने किन नियमों व संसदीय प्रथाओं के तहत इस प्रकार की अवांछित गतिविधि की है। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से लिखे पत्र में यह भी पूछा गया है कि 27 अप्रैल को आयोजित हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र व उसकी कार्यवाही को उनके द्वारा किस संवैधानिक या प्रक्रियात्मक आधार पर असंवैधानिक करार दिया गया। क्या बोले स्पीकर हरविन्द्र कल्याण? इसके अतिरिक्त, सदन में नारी सशक्तीकरण वंदन संशोधन अधिनियम के समर्थन में प्रस्तुत सरकारी प्रस्ताव को ‘असंवैधानिक’ बताने के पीछे क्या ठोस आधार हैं। कल्याण ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही संविधान, नियमों और स्थापित संसदीय परंपराओं के अनुरूप संचालित होती है और किसी भी प्रकार की समानांतर या भ्रामक गतिविधि लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा इनके सदस्यों की गरिमा व प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से अपेक्षा जताई है कि वे इस विषय पर शीघ्र और स्पष्ट जवाब देकर स्थिति को स्पष्ट करेंगे, ताकि लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।