samacharsecretary.com

अमेरिका ने भारत को दी 657 प्राचीन मूर्तियां, इनकी कुल कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक

 नई दिल्ली अमेरिका ने करीब 120 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कीमत की 657 दुर्लभ और प्राचीन कलाकृतियां भारत को लौटाई है. ये सभी आर्टफेक्ट इंटरनेशल तस्कर गिरोह कई सालों तक स्मगल कर अमेरिका ले गए थे. अमेरिका के मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय ने तस्करी की जांच के बाद इन कलाकृतियों को भारत को वापस करने की घोषणा की थी।   लगभग 14 मिलियन डॉलर मूल्य की 657 चोरी की कलाकृतियां भारत को लौटा दी गई हैं. इन मूर्तियों की वापसी इंटरनेशनल स्मगलिंग नेटवर्क से जुड़ी एक बड़ी सांस्कृतिक चोरी का खुलासा करती है. मैनहट्टन के जिला अटॉर्नी एल्विन एल ब्रैग जूनियर ने न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की काउंसल राजलक्ष्मी कदम की मौजूदगी में आयोजित एक समारोह में इस वापसी की घोषणा की।  अमेरिकी अधिकारियों ने  तस्कर सुभाष कपूर और नैन्सी वीनर से जुड़े आपराधिक गिरोहों की चल रही जांच के दौरान इन कलाकृतियों को बरामद किया था. अधिकारियों ने भारत को निशाना बनाकर की जा रही सांस्कृतिक चोरी की भयावहता का खुलासा करते हुए बताया कि इस एक ही अभियान में 600 से अधिक प्राचीन और दुर्लभ आर्टफैक्ट वापस की गईं।  एक बड़े इंटरनेशनल स्मगलिंग नेटवर्क का खुलासा जिला अटॉर्नी ब्रैग ने कहा कि भारत में सांस्कृतिक धरोहरों को निशाना बनाने वाले तस्करी नेटवर्क बहुत बड़ा है. आज 600 से अधिक कलाकृतियों की वापसी से यह साफ हो गया है. वहीं काउंसल जनरल  बिनय प्रधान ने कहा कि मैं मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निरंतर सहयोग की प्रशंसा करता हूं।  लौटाई गई कलाकृतियों में अवलोकितेश्वर की एक कांस्य प्रतिमा भी शामिल है, जिसकी कीमत 20 लाख डॉलर है.यह प्रतिमा मूल रूप से रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में रखी थी. इसे 1982 में चोरी करके अमेरिका ले जाया गया था. इसे 2025 में न्यूयॉर्क के एक निजी संग्रह से जब्त किया गया था।  भारत में इन मूर्तियों की हुई थी चोरी एक अन्य महत्वपूर्ण बरामदगी में 75 लाख डॉलर मूल्य की लाल बलुआ पत्थर की बुद्ध प्रतिमा शामिल है. तस्कर सुभाष कपूर के नेटवर्क के माध्यम से क्षतिग्रस्त प्रतिमा को न्यूयॉर्क ले गए थे, जहां अधिकारियों ने बाद में इसे एक स्टोर से जब्त कर लिया।  अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के एक मंदिर से 2000 में लूटी गई नृत्य करते गणेश की बलुआ पत्थर की प्रतिमा भी लौटा दी. तस्करों ने फर्जी प्रमाण पत्रों के माध्यम से इस प्रतिमा को बेच दिया था और 2012 में क्रिस्टीज न्यूयॉर्क में इसकी नीलामी की गई थी. बाद में इस साल की शुरुआत में एक निजी संग्राहक ने इस कलाकृति को वापस कर दिया था।  एक दशक से अधिक समय से, पुरातत्व तस्करी इकाई (एटीयू), गृह सुरक्षा जांच विभाग के साथ मिलकर, कपूर और उसके सहयोगियों पर दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया में कलाकृतियों की कथित लूट और तस्करी के आरोप में कार्रवाई कर रही है. अधिकारियों ने 2012 में कपूर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और 2019 में उस पर और सात सहयोगियों पर आरोप लगाया गया था।  महावाणिज्यदूत ने कहा कि चोरी की गई कलाकृतियों को भारत वापस लाने के लिए अभी और काम करना बाकी है. अमेरिका की ओर से भारत को वापस की गई इन कलाकृतियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया है। 

केले के पत्तों से किया गया विशेष देखभाल

रायपुर जिला अस्पताल बीजापुर के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु का सफलतापूर्वक उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया गया है। ग्राम कोरसागुड़ा कोरसागुड़ा, बासागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल 2026 को गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया था। जांच में शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है। यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की। उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं। शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया। इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे। साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. आर. पुजारी एवं सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में उपचार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस उपलब्धि में कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत प्रशासनिक सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में मदद मिली। शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया। उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। यह सफलता दर्शाती है कि अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और जिला अस्पताल बीजापुर का SNCU क्षेत्रवासियों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभर रहा है।

मुरैना से उज्जैन जा रही बारात हादसे का शिकार, दूल्हे की दादी समेत तीन की मौत

 राजगढ़ हंसी-खुशी, ढोल-नगाड़ों और शादी के गीतों के बीच निकली एक बारात कुछ ही देर में चीख-पुकार और मातम में बदल गई। मुरैना से उज्जैन जा रही तोमर परिवार की बारात गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। राजगढ़ जिले के ब्यावरा स्थित काचरी जोड़ के पास बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में दूल्हे की दादी समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। 12 मीटर तक सड़क पर उछलती रही बारातियों से भरी बस जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र ट्रेवल्स (मुरैना) की बस क्रमांक एमपी 70 जेडडी 6654 में करीब 60- 70 बाराती सवार थे, जो रछेड़ गांव से उज्जैन शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। सुबह करीब 6 बजे काचरी जोड़ के पास अचानक चालक को झपकी आ गई। बस बेकाबू होकर सड़क किनारे खाई में उतर गई और दूसरी लेन पहुंच गई और पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस करीब 12 मीटर तक पलटती उछलती रही। हादसा इतना भयावह था कि बस के अंदर बैठे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग सीटों के नीचे दब गए तो कुछ खिड़कियों से बाहर जा गिरे।  

OnePlus Pad 4 लॉन्च: 13.2 इंच डिस्प्ले और 13380mAh बैटरी वाला दमदार प्रीमियम टैबलेट

वनप्‍लस ने OnePlus Pad 4 को भारत में लॉन्‍च कर दिया है। यह कंपनी का प्रीमियम फ्लैगश‍िप टैबलेट है, जिसे ‘स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 चिपसेट’ से पैक किया गया है। टैबलेट में 13.2 इंच का 3.4K रेजॉलूशन डिस्प्ले है और 13380 एमएएच की बड़ी बैटरी दी गई है। इतनी बड़ी बैटरी के बावजूद यह काफी पतला है और कंपनी दावा करती है कि इस टैबलेट के साथ यूजर्स को PC लेवल की परफॉर्मेंस मिलेगी। OnePlus Pad 4 के प्राइस और उपलब्‍धता     8GB+256GB मॉडल की कीमत 54,999 रुपये है।     12GB+512GB मॉडल के दाम 59,999 रुपये हैं।     इस टैबलेट की सेल 5 मई 2026 से Amazon, Flipkart, OnePlus.in और ऑफलाइन स्टोर्स पर शुरू होगी। कुछ बैंक कार्ड्स पर 5000 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है साथ ही 5,499 रुपये प्राइस वाला OnePlus Stylo Pro फ्री दिया जाएगा। OnePlus Pad 4 के स्‍पेस‍िफ‍िकेशंस और फीचर्स     OnePlus Pad 4 एक बड़े डिस्‍प्‍ले वाला पतला और प्रीमियम टैबलेट है।     इसमें 13.2 इंच का 3.4K डिस्प्ले, 144 हर्त्‍ज रिफ्रेश रेट और 1 हजार निट्स की ब्राइटनैस दी गई है।     टैब में 7:5 'ReadFit' आस्पेक्ट रेश्यो दिया गया है, जिससे डॉक्‍युमेंट्स पढ़ने और मल्‍टीटास्‍क‍िंग में आसानी होती है।     OnePlus Pad 4 में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट, 12GB RAM और 512GB स्टोरेज है।     यह वनप्‍लस का सबसे पावरफुल टैबलेट है और 13,380mAh बैटरी के साथ सबसे बड़े टैब्‍स में शामिल है।     इसे चार्ज करने के लिए बॉक्‍स में 80वॉट की सुपरवूक चार्जिंग मिलती है। दावा है कि फुल चार्ज के बाद यह 54 दिनों     का स्‍टैंडबाय और 20 घंटे का वीड‍ियो प्‍लेबैक दे सकता है।     हैवी परफॉर्मेंस के दौरान टैब में कोई रुकावट ना आए, इसके लिए टैब में 'Cryo-velocity Cooling System' दिया गया है, जो टैब को ठंडा रखता है।     ‘वनप्‍लस पैड 4’ रन करता है OxygenOS 16 पर। कंपनी ने इसमें माउस-कीबोर्ड शेयरिंग फीचर दिया है, जिससे यह लैपटॉप जैसा एक्‍सपीरियंस देता है। OnePlus Pad 4 के अन्‍य फीचर्स     मेटल यूनिबॉडी के साथ आने वाला OnePlus Pad 4 सिर्फ 5.94mm स्‍लीक है। इसका वेट 672 ग्राम है। इसमें 8 स्‍पीकर्स (4 वूफर्स और 4 ट्वीटर) का सेटअप है।     टैब में एआई फीचर्स दिए गए हैं। इनमें एआई राइटर, एआई समरी, एआई पेंटर, एआई क्‍लीयर कॉल आदि शामिल हैं। 50 हजार से अधिक प्राइस, क्‍या OnePlus Pad 4 खरीदना चाहिए? वनप्‍लस का प्रीमियम और फ्लैगश‍िप टैबलेट हर मोर्चे पर अडवांस, फास्‍ट और बेहतरीन नजर आता है। NBT टेक के पास यह डिवाइस मौजूद है। हम इसे र‍िव्‍यू कर रहे हैं। अब तक के एक्‍सपीरियंस में वनप्‍लस पैड 4 एक सॉलिड खिलाड़ी बनकर उभरा है। परफॉर्मेंस से लेकर डिस्‍प्‍ले और बैटरी क्षमता में यह दमदार है। वनप्‍लस का सबसे बड़ी बैटरी वाला टैब है। अगर बजट इजाजत देता है तो आप ब‍िना हिचक इसे खरीद सकते हैं।  

झारखंड में ई-गवर्नेंस फेलोशिप योजना की शुरुआत, छात्रों को मिलेगा योजनाओं पर काम करने का मौका

रांची  राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का मूल्यांकन वर्तमान में थर्ड पार्टी के रूप में चयनित निजी एजेंसियों द्वारा ही कराया जाता रहा है। अब राज्य सरकार ने इस कार्य में स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को भी लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग चीफ मिनिस्टर ई-गवर्नेंस फेलो योजना शुरू करेगा, जिसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड काउंसिल आन साइंस, टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन की सामान्य सभा की हुई बैठक में भी इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। प्रस्तावित चीफ मिनिस्टर ई-गवर्नेंस फेलो योजना के तहत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का मूल्यांकन स्नातकोत्तर छात्रों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए बकायदा उन्हें फेलोशिप भी प्रदान की जाएगी। स्नातकोत्तर छात्र न केवल योजनाओं का मूल्यांकन करेंगे, बल्कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में आवश्यक तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेंगे। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने चीफ मिनिस्टर रिसर्च फेलोशिप स्कीम के ही एक कंपोनेंट के रूप में इसे शुरू करने का निर्णय लिया है। यह वीडियो भी देखें किसी क्षेत्र के विकास व प्रोजेक्ट पर काम करेंगे पीएचडी छात्र इस स्कीम के एक अन्य कंपोनेंट के तहत झारखंड के चिह्नित क्षेत्रों के विकास के लिए शोध कार्य करने तथा किसी खास प्रोजेक्ट आधारित शोध के लिए फेलोशिप प्रदान की जाएगी। यह फेलोशिप कार्यक्रम पीएचडी विद्यार्थियों के लिए होगा। झारखंड काउंसिल आन साइंस, टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन ऐसे क्षेत्रों तथा प्रोजेक्ट की पहचान करेगा, जिनमें शोध किया जाना है। इसके लिए विशेषज्ञ टीम गठित की जाएगी। क्षेत्रों एवं प्रोजेक्ट की पहचान के बाद विज्ञापन प्रकाशित कर इसके लिए अर्हता प्राप्त विद्यार्थियों से आवेदन मंगाए जाएंगे। विशेषज्ञ टीम उन आवेदनों की स्क्रूटनी कर योग्य अभ्यर्थियों की अनुशंसा काउंसिल को करेगी।

RR vs DC: बराबरी के रिकॉर्ड के साथ सवाई मानसिंह स्टेडियम में भिड़ंत

जयपुर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 43वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स (RR) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच खेला जाएगा। RR ने इस संस्करण अब तक 6 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। वहीं, 3 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। DC की टीम को 3 मैच में जीत और 5 मुकाबलों में हार मिली है। ऐसे में आइए मुकाबले से जुड़ी सभी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच बराबरी का रहा है मुकाबला IPL में DC और RR के बीच कुल 30 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान DC को 15 मैच में जीत मिली है। RR ने भी 15 मैच अपने नाम किए हैं। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच एक मुकाबला हुआ था। ये मैच टाई रहा था। बाद में सुपर ओवर में DC को जीत मिली थी। IPL 2024 में दोनों के बीच 2 मैच हुए। एक मैच RR ने जीता और एक मैच में DC को जीत मिली थी। इस प्लेइंग इलेवन के साथ उतर सकती है DC DC अपने पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ सिर्फ 75 रन पर ऑलआउट हो गई थी। उसे 9 विकेट से हार मिली थी। ऐसे में टीम उस हार को भूलाकर अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी। तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क इस मैच में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। संभावित एकादश: साहिल पराख, केएल राहुल (विकेटकीपर), नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), दुष्मंथा चमीरा, मिचेल स्टार्क, कुलदीप यादव और टी नटराजन। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है RR RR को अपने पिछले मैच में PBKS के खिलाफ 6 विकेट से जीत मिली थी। टीम के लिए एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल धमाकेदार शुरुआत देना चाहेंगे। वहीं, गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर से उम्मीदें होंगी। रियान पराग भी अपना खोया हुआ लय इस मैच में हासिल करना चाहेंगे। संभावित एकादश: वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, रविंद्र जडेजा, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, संदीप शर्मा और यश राज पुंजा। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर RR: लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, रवि सिंह, रवि बिश्नोई, शुभम दुबे और तुषार देशपांडे। DC: आकिब नबी डार, आशुतोष शर्मा, विपराज निगम, त्रिपुराना विजय और अभिषेक पोरेल। कैसा रहेगा पिच का मिजाज? सवाई मानसिंह स्टेडियम की पिच काली मिट्‌टी से बनी है, जो आमतौर पर बल्लेबाज और गेंदबाजों दोनों को मदद करती है। यहां मैचों में टीमों ने कई बड़े स्कोर बनाए हैं। मैच के शुरुआती ओवरों से तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है। चूंकि, मैदान की बाउंड्री बड़ी है, इसलिए बल्लेबाजों को रन बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़ा स्कोर लगाने के इरादे से उतरेगी। कैसा रहेगा जयपुर का मौसम? एक्यूवेदर के मुताबिक, 1 मई को जयपुर में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत रात 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी नजरें RR के लिए वैभव ने पिछले 10 मैचों में 227.36 की स्ट्राइक रेट से 457 रन बनाए हैं। यशस्वी के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 342 रन निकले हैं। DC के लिए राहुल ने पिछले 10 मैच में 183.63 की स्ट्राइक रेट से 404 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में आर्चर ने पिछले 9 मैच में 8.27 की इकॉनमी से 14 विकेट लिए हैं। DC से कुलदीप ने पिछले 9 मैचों में 9.58 की इकॉनमी से 10 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? RR और DC के बीच यह मुकाबला 1 मई को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, 10वीं-12वीं में पुनर्मूल्यांकन के लिए 14 मई तक मौका

रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2026 के परिणाम जारी होने के बाद छात्रों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। जो विद्यार्थी अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं वे पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति के अवलोकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। मंडल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, छात्र 14 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। गौरतलब है कि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल 2026 को घोषित किया गया। मंडल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणाम जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर ही आवेदन करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

सड़क चौड़ीकरण के लिए बड़ा अभियान, जामा मस्जिद के आसपास दुकानों पर चला बुलडोजर

चंदौली  चंदौली जिले के प्रमुख शहर पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए पूरे दिन कार्रवाई चलाई गई. इस दौरान बुलडोजर से सड़क किनारे बने अतिक्रमणों पर एक्शन लिया गया, जो दुकानों, मकानों और एक कॉलेज के कुछ हिस्सों के रूप में मौजूद थे. इसके साथ ही शहर के मध्य में सड़क किनारे स्थित जामा मस्जिद के कुछ हिस्सों को भी खाली कराया गया. इस कार्रवाई के दौरान मस्जिद के नीचे वाले हिस्से में बनी दुकानों पर बुलडोजर से एक्शन लिया गया, जबकि मस्जिद के ऊपरी हिस्से में स्थित बाउंड्री वॉल और छोटे गुंबदों को मस्जिद कमेटी के लोगों ने खुद ही तोड़ दिया.प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई में 50 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए गए और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. दरअसल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर की मुख्य सड़क के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सड़क के किनारे लोगों ने PWD की जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना लिए थे. साथ ही शहर की प्रमुख जामा मस्जिद का भी कुछ हिस्सा अवैध रूप से बना लिया गया था, जिससे सड़क चौड़ीकरण के काम में बाधा हो रही थी. इस कार्रवाई के अंतिम चरण में जब प्रशासन की टीम जामा मस्जिद के पास पहुंची तो मस्जिद के सामने बनी दुकानों पर बुलडोजर से अतिक्रमण हटाया गया. वहीं मस्जिद के ऊपरी तल पर स्थित बाउंड्री वॉल और गुंबदों को मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया. बता दें कि इस मस्जिद के सड़क की ओर वाले हिस्से में ग्राउंड फ्लोर पर कई दुकानें बनी हुई हैं, जबकि ऊपरी तल पर मस्जिद का हिस्सा है. देखें VIDEO:- प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, आज के एक्शन में 50 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए गए हैं और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. SDM डीडीयू नगर चंदौली अनुपम मिश्रा ने ने बताया, ''मुगलसराय रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है. इस दौरान PWD के एक्सईएन, नगर पालिका के एसडीएम, बिजली विभाग के एसडीओ और पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा. मैं और सीओ साहब यहां शांति व्यवस्था बनाए रख रहे हैं. इस कार्रवाई में 50 से ज्यादा स्ट्रक्चर हटाए गए हैं. कुछ लोग खुद भी अपने अतिक्रमण तोड़ रहे हैं और व्यापारियों का भी सहयोग मिल रहा है. हमने सुभाष पार्क से लेकर लेफ्ट साइड की कार्रवाई की है और रेलवे स्टेशन तक जाएंगे. अभी हम मस्जिद और रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे हैं. शुक्रवार और शनिवार को भी यह कार्रवाई जारी रहेगी.''

पंजाब में येलो अलर्ट, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी, पारे में आई गिरावट; मौसम कैसा रहेगा?

जालंधर  पंजाब में आज भी तेज हवाएं चलने और बरसात का अलर्ट है। बुधवार को कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। इससे सूबे के न्यूनतम पारे में 2.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।  मौसम विभाग ने आज के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है जिसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इसके बाद एक मई को पंजाब में मुख्यता मौसम शुष्क बना रहेगा। केवल पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  दो मई से पंजाब में मौसम के मिजाज ज्यादा बिगड़ेंगे। मौसम विभाग ने 2, 3, 4 और पांच मई के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान पंजाब में कईं जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इससे आने वाले दिनों में पंजाब में गर्मी से राहत रहेगी। तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। अभी यह सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे बना हुआ है। सबसे अधिक 39.3 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज हुआ। वहीं अमृतसर का अधिकतम पारा 33.0 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 38.1 डिग्री, पठानकोट का 30.2 डिग्री, फरीदकोट का 35.5 डिग्री, गुरदासपुर का भी 35.5 डिग्री, एसबीएस नगर का 34.4 डिग्री, फिरोजपुर का 34.9 डिग्री, होशियारपुर का 33.2 डिग्री और रूपनगर का 32.2 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे कम 18.1 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज हुआ। अमृतसर का न्यूनतम पारा 20.6 डिग्री, लुधियाना का 22.8 डिग्री, पटियाला का 23.2 डिग्री, बठिंडा का 23.8 डिग्री, फरीदकोट का 22.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.1 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री, होशियारपुर का 20.7 डिग्री और रूपनगर का 21.4 डिग्री दर्ज किया गया।

झारखंड से बाहर निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री की तैयारी में झामुमो

रांची झारखंड की क्षेत्रीय राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय पहचान बनाने की दिशा में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने निर्णायक कदम बढ़ा दिया है। अप्रैल, 2025 को रांची में आयोजित पार्टी के 13वें महाधिवेशन में पारित अपने राजनीतिक प्रस्ताव से साफ संकेत दिया कि झामुमो की प्राथमिकता अब सिर्फ राज्य नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार है। पार्टी संगठन केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। यह प्रस्ताव धरातल पर मजबूती के साथ दिखने भी लगा है। इस कड़ी में दिल्ली में संपर्क कार्यालय, अन्य राज्यों में संगठन को मजबूत करने की दिशा में ठोस पहल तथा बिहार, असम, ओडिशा और बंगाल जैसे राज्यों के लक्षित हिस्सों को मिलाकर बृहद झारखंड की परिकल्पना झामुमो की रणनीति का हिस्सा हैं। बिहार से मिला सबक, गठबंधन राजनीति की चुनौती राष्ट्रीय विस्तार की इस रणनीति की पहली परीक्षा बिहार विधानसभा चुनाव में दिखी। झामुमो ने महागठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की तैयारी की थी, लेकिन सीट बंटवारे पर राजद और कांग्रेस के साथ अंतिम समय तक सहमति नहीं बन सकी। झामुमो ने सम्मानजनक सीटों की मांग की थी, पर ससमय निर्णय नहीं हुआ। लिहाजा, बिहार चुनाव से झामुमो को दूर रहना पड़ा। यह झामुमो के लिए बड़ा सबक रहा। असम में आक्रामक रणनीति, ‘तीर-धनुष’ के साथ मैदान में बिहार के अनुभव से सबक लेते हुए झामुमो ने असम में समय रहते चुनाव आयोग से अपना चुनाव चिह्न ‘तीर-धनुष’ हासिल किया और स्थानीय स्तर पर संगठन भी सक्रिय किया। यहां रिजल्ट आने में अभी देरी है लेकिन हेमंत सोरेन ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी ने राष्ट्रीय फलक पर विस्तार की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। प्रचार के दौरान पूरी रणनीति के साथ धुआंधार रैलियां की और टी-ट्राइब को जनजाति का दर्जा दिलाने समेत अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। झामुमो मानता है कि उसकी मौजूदगी से भाजपा के आदिवासी वोट बैंक में सेंधमारी हो सकती है। बंगाल में रणनीतिक समर्थन, टीएमसी के साथ तालमेल बंगाल में हेमंत ने राजनीतिक सूझबूझ और परिपक्वता का परिचय देते हुए अपने उम्मीदवार नहीं उतारे, बल्कि ममता बनर्जी का हाथ मजबूत करने का निर्णय लिया। हेमंत ने टीएमसी के पक्ष में प्रचार कर भाजपा विरोधी राजनीति को मजबूत किया। कल्पना सोरेन ने भी आदिवासी बहुल सीटों पर प्रचार किया। यह रणनीति झामुमो के उस व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसके तहत खुद को राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का धुर विरोधी के रूप में स्थापित करना है। पार्टी भविष्य में छत्तीसगढ़ और अन्य प्रदेशों में करेगी विस्तार झामुमो की राजनीति का मूल आधार झारखंड के आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान और मजदूर रहे हैं। पार्टी अब इसी सामाजिक गठजोड़ को राष्ट्रीय स्तर पर दोहराना चाहती है। पार्टी संगठन हेमंत की छवि को भी इसी रणनीति के तहत राष्ट्रीय स्तर पर उभार रहा है। आदिवासी समाज से जुड़े चिंतकों का मानना है कि हेमंत आज देश के सबसे बड़े और लोकप्रिय ट्राइबल लीडर के रूप में स्वीकार किए जा रहे हैं और भाजपा के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय के अनुसार, पार्टी भविष्य में छत्तीसगढ़ समेत अन्य प्रदेशों में विस्तार को लेकर रणनीति बना रही है। भाजपा के खिलाफ वैचारिक लड़ाई झामुमो ने अपने राजनीतिक प्रस्ताव में भाजपा को मुख्य वैचारिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में चिह्नित किया है। पार्टी का मानना है कि देश में सामाजिक विभाजन और भय का माहौल बनाया जा रहा है, जिसके खिलाफ आदिवासी और वंचित वर्गों को एकजुट करना जरूरी है। झामुमो की जड़ें 1970 के दशक के उस आंदोलन से जुड़ी हैं, जब 1972-73 के आसपास अलग झारखंड और सामाजिक न्याय की विचारधारा के साथ पार्टी का गठन हुआ। समाजवादी सोच को आगे बढ़ाने में एके राय और शिबू सोरेन जैसे नेताओं की अहम भूमिका रही। आगे की राह: क्या है अवसर और कौन सी हैं चुनौतियां झामुमो को राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए न केवल नए राज्यों में संगठन खड़ा करना है, बल्कि गठबंधन राजनीति की जटिलताओं से भी जूझना है। असम में सक्रिय भागीदारी और बंगाल में रणनीतिक समर्थन से पार्टी ने संकेत दिया है कि वह लचीली, लेकिन स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहती है। इतना तय है कि झामुमो ने अपनी राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है- झारखंड के बाद उनका अगला पड़ाव दिल्ली है।