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सीएम योगी ने जिलाधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल जीवन मिशन के तहत खुदाई का काम करते समय सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए और कार्य संपन्न होते ही खोदी गई सड़कों व गड्ढों को तत्काल भरा जाए। जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी खुद स्थलीय निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योगी सरकार शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में साफ पानी पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। जल जीवन मिशन के जरिए करोड़ों लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी, जल जीवन मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकरी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर खुदी हुई सड़कों व गड्ढों की स्थिति का पता करें। साथ ही इन्हें तत्काल भरना भी सुनिश्चित करें। इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम को समय से पूरा नहीं करने, अधूरा छोड़ने या इसमें लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जल समाधान पोर्टल पर आपूर्ति, लीकेज व खुदाई से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। टोल फ्री नंबर पर कीजिए शिकायत जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति या मरम्मत संबंधित शिकायतों के लिए लोग 18001212164 टोल फ्री नंबर पर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में करीब 2.50 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। विंध्य और बुंदेलखंड में लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। योगी सरकार घर-घर साफ पानी पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर कर रही है।

बिहार में जनगणना प्रक्रिया तेज, 33 सवालों के साथ घर-घर सर्वे; डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित

छपरा. अब सारण के गांवों की गलियों से लेकर शहर के मोहल्लों तक हर दरवाजे पर जनगणना की दस्तक सुनाई देगी। एक मई की रात स्वगणना का चरण समाप्त होने के साथ ही शनिवार से जिले में घर-घर सर्वे अभियान शुरू हो गया। अब तक 73 हजार 564 परिवारों ने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करायी है, जबकि बाकी परिवारों तक पहुंचने के लिए हजारों प्रगणक और पर्यवेक्षक मैदान में उतरेंगे। आने वाले एक माह तक जिले में हर घर की तस्वीर सरकारी आंकड़ों में दर्ज होती नजर आएगी। 31 मई तक चलेगा सर्वे अभियान जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य किया जाएगा। इसके तहत प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे। जिन लोगों ने पहले ही स्वगणना पूरी कर ली है, उनसे केवल स्वगणना पहचान संख्या ली जाएगी। वहीं, जिन परिवारों ने अभी तक स्वगणना नहीं की है, उनसे 33 बिंदुओं पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रशासन ने इस कार्य को 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिले में 7467 प्रगणकों और 1269 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। साथ ही 1034 कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत लगाया जा सके। विकास योजनाओं की मजबूत नींव प्रधान जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने लोगों से जनगणना कार्य में सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के निर्माण में जनगणना के आंकड़े अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नागरिकों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि भविष्य की योजनाएं वास्तविक जरूरतों के अनुसार बनाई जा सकें। स्वगणना आईडी दिखाना होगा जरूरी जिलाधिकारी ने बताया कि जिन लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से स्वगणना की है, उन्हें प्रगणकों के घर पहुंचने पर अपनी स्वगणना पहचान संख्या उपलब्ध करानी होगी। इसके माध्यम से जानकारी का सत्यापन और अंतिम प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनगणना के दौरान जुटायी जाने वाली सभी जानकारियां पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएंगी। डिजिटल तकनीक से बदलेगी जनगणना की तस्वीर इस बार जनगणना अभियान को पूरी तरह आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। डाटा संग्रहण के लिए मोबाइल एप और डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे आंकड़ों के संकलन में तेजी आएगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अब जिले में शुरू होने वाला यह घर-घर सर्वे केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की विकास योजनाओं का आधार बनने जा रहा है। सारण में जनगणना अभियान एक नजर में – 73 हजार 564 परिवारों ने किया स्वगणना 31 मई तक चलेगा घर-घर सर्वे अभियान 7467 प्रगणक करेंगे डाटा संग्रहण 1269 पर्यवेक्षक करेंगे निगरानी 1034 कर्मी रिजर्व में रखे गए 33 प्रश्न पूछे जाएंगे स्वगणना नहीं करने वाले लोगों से मोबाइल एप व डिजिटल तकनीक से होगा डाटा संग्रहण

हैदराबाद में भिड़ेंगी SRH और KKR, प्लेइंग XI और पिच रिपोर्ट पर नजर

 हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 45वां मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खेला जाएगा। SRH ने इस संस्करण अब तक 9 मुकाबले खेले हैं। 6 मैच में उसे जीत और 3 मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है। KKR ने 8 मैच खेले हैं। 2 मैच में उसे जीत और 5 मुकाबलों में टीम को हार मिली है। ऐसे में आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर एक नजर डालते हैं। SRH के खिलाफ KKR का पलड़ा रहा है भारी IPL में SRH और KKR के बीच अब तक 31 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान SRH को 11 मैच में जीत मिली है। KKR 20 मुकाबले अपने नाम करने में सफल रही है। IPL 2026 में दोनों टीमों के बीच ये दूसरा मुकाबला होगा। पहले मैच में SRH को 65 रन से जीत मिली थी। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच 2 मैच हुआ। एक मैच KKR ने जीता और एक मैच में SRH को जीत मिली थी। इस प्लेइंग इलेवन के साथ उतर सकती है SRH की टीम SRH ने अपने पिछले 5 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव करने को नहीं देखेंगे। ट्रेविस हेड भी अपने लय में लौट आए हैं। KKR के खिलाफ वो एक जोरदार पारी खेलना चाहेंगे। गेंदबाजी में ईशान मलिंगा से काफी उम्मीदें होंगी। संभावित एकादश: अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, नितीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्ष दुबे, साकिब हुसैन, प्रफुल हिंगे और ईशान मलिंगा। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है KKR KKR ने अपने पिछले 2 मैचों में जीत दर्ज की है। ऐसे में वह भी अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेगी। हालांकि, खराब फॉर्म में चल रहे टिम साइफर्ट की जगह रचिन रविंद्र को मौका मिल सकता है। रिंकू सिंह एक और शानदार पारी खेलना चाहेंगे। संभावित एकादश: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रचिन रविंद्र, कैमरून ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रोवमैन पॉवेल, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा और कार्तिक त्यागी। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर KKR: मनीष पांडे, फिन एलन, तेजस्वी सिंह, नवदीप सैनी और वरुण चक्रवर्ती। SRH: स्मरण रविचंद्रन, अनिकेत वर्मा, लियाम लिविंगस्टोन, शिवांग कुमार और हर्षल पटेल कैसी होगी पिच की स्थिति? राजीव गांधी क्रिकेट स्‍टेडियम की पिच पर गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिलती है। हालांकि, तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिन गेंदबाज थोड़े असरदार साबित होते हैं। तेज गेंदबाजों को विकेट चटकाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। एक बार बल्लेबाजों की यहां नजरें जम जाती है तो आसानी से बड़े-बड़े शॉट लगते हैं। हाउस्टेट के मुताबिक, यहां पहली पारी का औसत स्कोर 162 रन है। यहां सर्वोच्च स्कोर SRH (286/6 बनाम RR, 2025) ने ही बनाया है। कैसा रहेगा मौसम? एक्यूवेदर के मुताबिक, 3 मई को हैदराबाद में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है। मुकाबला दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा, ऐस में खिलाड़ियों को गर्मी से परेशानी होगी। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें SRH के लिए क्लासेन ने पिछले 10 मैचों में 74.14 की औसत से 519 रन बनाए हैं। अभिषेक के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 457 रन निकले हैं। KKR के लिए रिंकू ने पिछले 10 मैच में 142.07 की स्ट्राइक रेट से 233 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में ईशान ने पिछले 10 मैच में 9.09 की इकॉनमी से 18 विकेट लिए हैं। KKR से नरेन ने पिछले 9 मैचों में 7.14 की इकॉनमी से 9 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? SRH और KKR के बीच यह मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

फाजिल्का में ड्रग कंट्रोल एक्शन: 75 mg से अधिक प्रेगाबालिन दवाओं की बिक्री पर रोक

फाजिल्का. जिल मजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (पुराना सीआरपीसी 1973, सेक्शन 144) के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, जिले में 75 एमजी से ज़्यादा के प्रेगाबालिन कैप्सूल/टैबलेट की बिक्री और स्टॉकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि दवा देते समय, केमिस्ट प्रिस्क्रिप्शन स्लिप पर अपनी मुहर लगाएगा और केमिस्ट की फर्म का नाम, दवा देने की तारीख और टैबलेट की संख्या दर्ज की जाएगी। यह रोक 30 जून, 2026 तक लागू रहेगी। यह आदेश सिविल सर्जन फाजिल्का के पत्र पर की गई कार्रवाई के संबंध में जारी किया गया है। सिविल सर्जन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कैप्सूल आम लोग मेडिकल ड्रग के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इस सेक्शन के तहत कैप्सूल की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग की है। जारी किए गए ऑर्डर के मुताबिक, कोई भी होलसेलर, रिटेलर, केमिस्ट/मेडिकल स्टोर का मालिक, हॉस्पिटल के अंदर फार्मेसी या कोई भी दूसरा व्यक्ति बिना ओरिजिनल प्रिस्क्रिप्शन के Pregabalin 75 mg नहीं बेचेगा। प्रेगाबिलन (75 mg तक) की खरीद और बिक्री का सही रिकॉर्ड रखने के अलावा, उन्हें ओरिजिनल प्रिस्क्रिप्शन पर इन डिटेल्स, केमिस्ट/रिटेलर का ट्रेड नेम, डिस्ट्रीब्यूशन की तारीख, डिस्ट्रीब्यूट की गई टैबलेट की संख्या की स्टैम्प भी सुनिश्चित करनी होगी। 

सलमान खान का ‘टन टना टन’ गाना असल में गोविंदा को ध्यान में रखकर बनाया गया था

बॉलीवुड के दबंग सलमान खान पर कई शानदार गाने फिल्माए गए हैं। एक्टर पर फिल्माए ये गाने उनके फैंस और ऑडियंस के बीच अलग जगह जगह बनाए हुए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं सलमान खान का एक ऐसा भी गाना है जिसे गोविंदा को ध्यान में रखकर गाया गया था। सिंगर के मुताबिक इस गाने में अगर सलमान की जगह गोविंदा होते तो ये ज्यादा बड़ा हिट होता है। आज भी ये गाना बहुत मशहूर है जिसे उनके फैंस हर पार्टी, फंक्शन में सुनते हैं। सलमान का हिट गाना साल 1997 में सलमान खान की फिल्म जुड़वा आई थी। इस फिल्म में सलमान ने डबल रोल किया था। रंभा और करिश्मा कपूर लीड किरदार में नजर आई थीं। इस फिल्म को डेविड धवन ने गाया था। इस फिल्म के लगभग सभी गाने पार्टी एंथम थे जो ऑडियंस के बीच खूब मशहूर हुए। गाने का म्यूजिक दिया था अनु मलिक थे। सलमान पर फिल्माया एक गाना था ‘टन टना टन टन टन टारा’। इस गाने को सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने गाया था। लेकिन असल में ये गाना उन्होंने गोविंदा को ध्यान में रखते हुए गाया था। गोविंदा के लिए गाया था ये गाना अभिजीत भट्टाचार्य ने अपने कई इंटरव्यूज में ये बताया था कि उन्हें एक दिन अनु मलिक का फोन आया और उन्होंने डेविड धवन की फिल्म के लिए गाना रिकॉर्ड करने के लिए कहा। सिंगर अभिजीत को लगा कि उन्हें लगा डेविड धवन की फिल्म है तो पक्का गोविंदा ही हीरो होंगे। तो उन्होंने गोविंदा को ध्यान में रखते हुए उनके हिसाब के एक्सप्रेशन गाने में दिए थे। अभिजीत ने ये भी कहा कि सलमान की जगह ये गाना अगर गोविंदा पर फिल्माया गया होता तो ज्यादा शानदार होता। उन्होंने कहा था कि गाने में सलमान के डांस पर फोकस किया गया जबकि ये फेशियल एक्सप्रेशन का गाना था। अभिजीत ने गोविंदा के लिए गाए ये गाने अभिजीत ने गोविंदा के लिए कई हिट गाने गाए। इसमें फिल्म शोला और शबनम का गाना ‘डोले डोले दिल मेरा बोले, फिल्म राजा बाबू से ‘अ आ इ ई, उ ऊ ओ’, फिल्म किस्मत का गाना 'कोई भी ना जाने', मैं जोरू का गुलाम बन के रहूंगा का टाइटल सॉन्ग, फिल्म हथकड़ी से गाना 'आनन फानन’ गाए हैं। गोविंदा के लिए गाए गए अभिजीत के ये गाने जबरदस्त हिट हुए थे। सुपरहिट थी फिल्म जुड़वा बता दें, फिल्म जुड़वा में सलमान खान ने डबल रोल प्ले किया था। इस फिल्म में सलमान के किरदारों प्रेम और राजा को ऑडियंस ने खूब पसंद किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही। आज भी टीवी पर इस फिल्म को पसंद किया जाता है।

नकल विवाद से गरमाया परीक्षा केंद्र, छात्रों के बवाल के बाद परीक्षा स्थगित

पटना बिहार की राजधानी पटना के साइंस कॉलेज में शनिवार को एमबीबीएस की परीक्षा के दौरान एक बार फिर हंगामा हो गया। नकल करने के इरादे से परीक्षा देने आए छात्रों ने हंगामा कर दिया। वहीं, परीक्षार्थियों ने पेपर लीक का आरोप भी लगाया है। 3 घंटे तक चले हंगामे के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। पटना साइंस कॉलेज में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय की मेडिकल परीक्षा आयोजित की गई थी। यहां पीएमसीएच, एनएमसीएच और पावापुरी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस स्टूडेंट्स परीक्षा देने पहुंचे थे। दो दिन पहले गुरुवार को भी परीक्षार्थियों द्वारा नकल किए जाने पर साइंस कॉलेज में हंगामा हुआ था, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा लेने पर हाथ खड़े कर दिए थे। शनिवार को छात्रों ने आरोप लगाया कि एग्जाम शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो गया। कुछ छात्र मोबाइल फोन पर प्रश्न पत्र वायरल होने का दावा करने लगे। वहीं, दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन से जानकारी मिली है कि छात्र परीक्षा में कदाचार करना चाहते थे। एग्जाम सेंटर पर वह बिना जांच के प्रवेश करना चाह रहे थे। जब जांच की जाने लगी तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। पटना साइंस कॉलेज में एमबीबीएस स्टूडेंट्स की परीक्षा शनिवार को सुबह 11 बजे से शुरू होनी थी। मगर परीक्षार्थियों के हंगामा के चलते दोपहर 1 बजे तक शुरू नहीं हो पाई। स्टूडेंट्स के आक्रोश के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया। दो दिन पहले भी हुआ था भारी हंगामा 30 मई को भी पटना साइंस कॉलेज में एमबीबीएस परीक्षा के दौरान भारी हंगामा हुआ था। मेडिकल छात्रों द्वारा नकल करने पर अमादा रहने के बाद साइंस कॉलेज ने परीक्षा लेने से इनकार कर दिया था। एग्जाम शुरू होने के आधे घंटे बाद ही कॉलेज प्रशासन ने आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर परीक्षा नहीं लेने का फैसला सुना दिया था। परीक्षा केंद्र से सभी ऑर्ब्जवर और परीक्षक हट गए। इतना हंगामा होने के बाद भी मेडिकल छात्र जमकर नकल करते रहे और ढाई बजे तक पेपर देते रहे। साइंस कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अलका ने बताया कि ऐसी परीक्षा आजतक मैंने नहीं देखी है। छात्रों को कदाचार करने से रोका गया तो अभद्र व्यवहार करने लगे। वहीं, गुरुवार को हुई नकल और कदाचार को देखते हुए साइंस कॉलेज ने शनिवार को कड़ी जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को सेंटर में प्रवेश देने का फैसला लिया। सुबह वापस छात्र इस जांच का विरोध करने लगे और कॉलेज के गेट के बाहर प्रदर्शन किया।

तुम से तुम तक: राजीव भाटिया का सच सामने आते ही अनु ने तोड़ा रिश्ता

टीवी सीरियल तुम से तुम तक की कहानी में आखिकार राजीव भाटिया का सच सामने आ ही गया है। पिछले कुछ हफ्तों से अनु राजीव भाटिया का सच जानने की कोशिश कर रही थी। लेकिन इस बार उसे मंदिर में सब सच पता चलने वाला था। वो मंदिर गई जहां उसकी मुलाकात सिद्धि मां से हुई और पीर खुद आर्य वर्धन वहां पहुंच जाएगा। आर्य कहेगा कि अनु के दिमाग में इतना कुछ भरा हुआ था तो उसने पहले पूछ क्यों नहीं लिया। आर्य ये भी कहता है कि उसे डर है कि राजीव भाटिया का सच जानने के बाद वो उसे छोड़ न दे। अनु की नाराजगी जैसे ही आर्य वर्धन अपनी सच्चाई बताने जाएगा तभी वहां गायत्री मां सामने आ जाती है। अनु को सच पता चलता है कि आर्य ही राजीव भाटिया है। गायत्री आर्य की असली मां नहीं है। ये सच जानने के बाद अनु चुपचाप वहां से चली जाती है। अनु, आर्य से बातचीत भी बंद कर देती है। लेकिन आने वाले एपिसोड में अनु ये समझ पाएगी कि आर्य उससे सच्चा प्यार करता है और वो उससे झूठ बोलकर भी शादी कर सकता था। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। बाद में अनु मान जाएगी। यहां जालंधर का प्लान फेल हो जाता है। सिमरन का रिश्ता आने वाले एपिसोड में एक और तगड़ा ड्रामा दिखाया जाएगा। दरअसल, सिमरन की मां रजनी को उसके और नील के अफेयर के बारे में सब पता चल गया है। रजनी ने बेटी को बिगाड़ने का आरोप अनु पर लगाया था। अब नए एपिसोड में दिखाया जाएगा कि रजनी ने सिमरन के लिए लड़के वालों को बुलाया है और वो उसकी शादी तय करने जा रही है। लेकिन सिमरन तो अनु और आर्य का इंतजार करेगी कि वो आकर उसकी मदद करे। लेकिन दूसरी तरफ आर्य अब नील का टेस्ट लेते दिखेगा। आर्य कहेगा कि उसे अपनी जान प्यारी है तो शहर छोड़कर चला जाए। लेकिन नील अपने प्यार के आगे किसी की नहीं सुनता। बाद में आर्य कहता है कि वो उसका टेस्ट ले रहा था। अब वो इस टेस्ट में पास हो चुका है। घर से भाग जाएगी सिमरन? आर्य और अनु इस रिश्ते के लिए रजनी को मनाने की कोशिश करेंगे। लेकिन रजनी नील के साथ बेटी के रिश्ते के लिए राजी नहीं होती। नए एपिसोड में दिखाया जा सकता है कि सिमरन और नील रजनी के खिलाफ जाकर भाग कर शादी कर लेते हैं। इसमें आर्य और अनु उनकी मदद करते हैं। इससे रजनी का दिल टूट जाएगा।

पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  प्रकृति अनुकूल स्थापत्य हमारे वास्तु का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करना आवश्यक ग्लोबल वॉर्मिंग आज अलार्मिंग हो चुकी है, यह मुख्य चुनौती बनकर आई है सामने राजा भोज ने प्रकृति के साथ प्रगति‍की बात स्पष्ट की थी समरांगण सूत्रधार में हर निर्माण में समाहित हों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश के तत्व प्रधानमंत्री मोदी ने प्राचीन ज्ञान-परंपरा को मौजूदा विज्ञान के साथ जोड़ा इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की 113 गवर्निंग कॉउंसिल की मीटिंग भी हुई आरंभ पीडब्ल्यूडी और आईआईटी इंदौर के बीच निर्माण तकनीक के विकास पर केंद्रित एमओयू का हुआ आदान-प्रदान लोक निर्माण विभाग ने गृहा संस्था के साथ भी साइन किया एमओयू सेमिनार में ग्रीन बिल्डिंग सामग्री, ऊर्जा दक्षता, प्राकृतिक प्रकाश एवं वेंटिलेशन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, प्रीडिक्टिव मेंटेनेंस आदि विषयों पर हुआ विचार-विमर्श मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर केंद्रित दो दिवसीय अखिल भारतीय सेमिनार का किया कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति अनुकूल स्थापत्य हमारे वास्तु का आधार है। वर्तमान समय की बड़ी चुनौती यह है कि हम कंक्रीट के बढ़ते जंगलों और सिमटते प्राकृतिक संसाधनों के बीच खड़े हैं। पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। हमें गर्व होना चाहिए कि हम उस परंपरा के उत्तराधिकारी हैं जिन्होंने स्वस्थ नगर नियोजन के साथ जल संरक्षण के लिए विशाल इकोलॉजिकल सिस्टम बनाये। विद्वान, वास्तुकार राजा भोज द्वारा विकसित भोपाल इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। सौभाग्य का विषय है कि सस्टेनेबल फ्यूचर इनोवेशंस इन ग्रीन बिल्डिंग प्रैक्टिसेस जैसे विषय पर भोपाल में राष्ट्रीय सेमिनार हो रहा है। प्रदेश के ऐतिहासिक स्थल मांडव के जल प्रबंधन और नगर नियोजन को देखते हुए वहां भी इस प्रकार के आयोजन होने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर अखिल भारतीय सेमिनार और इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की 113 गवर्निंग कॉउंसिल मीटिंग के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक निर्माण विभाग तथा इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस, कार्यक्रम के आयोजक हैं। पी.डब्ल्यू.डी. की स्मारिका, न्यूज लेटर और आईबीसी की बिल्ट इन्वायरमेंट पत्रिका का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम वंदे-मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। इस अवसर पर आईबीसी इनोग्रल सॉन्ग और लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई की गतिविधियों पर लघु फिल्म की प्रस्तुति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग की स्मारिका, न्यूज लेटर और आईबीसी की बिल्ट इन्वायरमेंट पत्रिका का विमोचन किया। उनकी उपस्थिति में आईआईटी इंदौर और लोक निर्माण विभाग के बीच निर्माण तकनीक पर केंद्रित एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। दूसरा एमओयू लोक निर्माण विभाग तथा गृहा संस्था के साथ किया गया। हम प्रकृति से सीखें और उसके साथ आगे बढ़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राजा भोज ने भोज पत्रों पर लेख और निर्माण कार्यों के माध्यम से हमें प्राचीन भारतीय निर्माण परंपरा की अद्भुत सौगात दी है। राजा भोज ने प्रकृति के साथ प्रगति‍की बात समरांगण सूत्रधार में स्पष्ट की थी। हमारे ग्रंथों में कहा गया है 'यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे' अर्थात् जो शरीर में है वही ब्रह्मांड में है। ग्रीन बिल्डिंग, पृथ्वी-जल-अग्नि-वायु-आकाश तत्वों के समावेश से हमारे घरों को उसी ब्रह्मंडीय संतुलन में वापस लाने की एक प्रक्रिया है। हमारे प्राचीन ग्रंथ यह मानते हैं कि एक भवन में इन सब तत्वों का समावेश आवश्यक है। वर्तमान दौर में जीपीएस एक नई तकनीक है, लेकिन पृथ्वी का भौगोलिक केंद्र उज्जैन के पास डोंगला में है। यह प्राचीन काल से समय गणना का मुख्य केंद्र माना जाता है। तत्कालीन गणना की सटीकता इससे सिद्ध होती है कि वर्तमान में भी निश्चित तिथियों पर मौसम में बदलाव का अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तुंगभद्रा नदी के किनारे श्रृंगेरी में भी स्थापत्य कला का अद्भुद उदाहरण देखने को मिलते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्राचीन ज्ञान और परंपरा को मौजूदा दौर में विज्ञान के साथ जोड़ा है। आज आवश्यकता है कि हम प्रकृति से सीखें और उसके साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राचीन वास्तुकला की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए भोपाल के बड़े तालाब और उज्जैन में शिप्रा नदी के आस-पास की संरचनाओं का उल्लेख किया। अधोसंरचना विकास में राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास हमारी प्राथमिकता है, लेकिन अधोसंरचना विकास में राशि का सदुपयोग हो, इन बिन्दुओं के साथ ही हम ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। ग्लोबल वॉर्मिंग आज अलार्मिंग हो चुकी है, यह मुख्य चुनौती बनकर सामने आई है। राज्य सरकार ने इस चुनौती का सामना करने में जन-जन की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुढ़ी पड़वा से जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की है। गंगा दशहरा 25 मई को इसके अंतर्गत प्रदेश में कुएं, बाबड़ियों और सभी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। इसमें अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में सभी ने जल संरचनाओं पर निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश जल संरक्षण कार्यों में देश में प्रथम स्थान पर है। जल संचयन में डिण्डौरी और खंडवा जिले देश में क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर रहे हैं। सस्टेनेबल फ्यूचर केवल विचार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है : मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए नवाचारों के साथ अधोसंरचना विकास को गति प्रदान कर रहा है। प्रदेश में टिकाऊ निर्माण के लिए भारतीय प्राचीन निर्माण तकनीक पर हम आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक घड़ी को सराहा है। इस घड़ी के निर्माण का श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जाता है। प्रदेश में बनने वाले सभी भवन अब ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर बनाए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने अपने प्रशिक्षण कैलेंडर में ग्रीन बिल्डिंग तकनीक को शामिल किया है। प्रदेश में हाईवे और फ्लाईओवर्स को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है। मंत्री सिंह ने विशेषज्ञों से आह्वान किया कि मध्यप्रदेश की विविध भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान … Read more

सरकार ने स्मार्टफोन्स पर भेजा अलर्ट SMS, अचानक बजने लगे फोन

भोपाल   केंद्र की मोदी सरकार ने शनिवार को देशभर में देसी मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का टेस्ट किया, ताकि जब कुदरत का कहर बरपा हो तो अपने नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके. इस सिस्टम को ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट’ कहा जाता है. अभी, NDMA (नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) की तरफ से एक फ्लैश SMS मैसेज के रूप में, पूरे भारत में इसकी टेस्टिंग चल रही है. NDMA 2 मई 2026 को आपके इलाके में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट का टेस्ट करेगा।  सरकार की ओर से जारी किए नोटिफिकेशन में लिखा था कि आपके मोबाइल फोन पर मैसेज आने के बाद, कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है. प्लीज़ घबराएं नहीं. जब शनिवार को इमरजेंसी अलर्ट आया, तो फोन तेज अलार्म टोन और एक फ्लैशिंग मैसेज के साथ काफी जोर से बजा. अलर्ट देसी इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम (SACHET) से दिए गए थे, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने बनाया है. यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है, जिसे इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन ने रिकमेंड किया है।  सरकार ने भेजा अलर्ट SMS (Screenshot Massage) इस सिस्टम का मकसद सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने, और गैस लीक या केमिकल खतरों जैसी इंसानों की बनाई इमरजेंसी जैसी स्थितियों में, टारगेटेड इलाकों में मोबाइल यूजर्स को SMS के जरिए आपदा और इमरजेंसी से जुड़े अलर्ट देना है. हालांकि सरकार ने पहले भी कुछ बार इस सिस्टम को टेस्ट किया है, लेकिन अभी ये अलर्ट इस सिस्टम को देश भर में लागू करने से पहले सिस्टम की परफॉर्मेंस और भरोसे का अंदाजा लगाने के लिए किए जा रहे हैं. ये टेस्ट अलर्ट NDMA ने भेजे थे, जो भारत में आपदा मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ी संस्था है।  टेस्ट मैसेज उन मोबाइल फोन पर मिले जिनके सेल ब्रॉडकास्ट टेस्ट चैनल चालू थे. आप सेटिंग्स, सुरक्षा और इमरजेंसी, वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट, टेस्ट अलर्ट पर जाकर अलर्ट चालू या बंद कर सकते हैं. पूरे देश में टेस्टिंग के बाद, मोबाइल अलर्ट सिस्टम पूरे देश में चालू हो जाएगा और सभी मोबाइल हैंडसेट पर कई भारतीय भाषाओं में इमरजेंसी अलर्ट भेजेगा। 

कांकेर में नक्सली हमला: IED विस्फोट में DRG इंस्पेक्टर सहित 3 जवान शहीद, बस्तर IG ने दी जानकारी

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर सीमा के आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान शहीद हो गए हैं. डीआरजी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी समेत तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि एक घायल जवान का इलाज जारी है. बस्तर आईजी पी. सुन्दराज ने की इसकी पुष्टि की है. छोटेबेठिया थाना इलाके में कांकेर डीआरजी की टीम शनिवार को सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेड आईईडी बरामद हुआ, जिसे बाहर निकालने के बाद निष्क्रिय किया जा रहा था. इस दौरान दुखद घटना हुई, आकस्मिक रूप से विस्फोट होने के कारण डीआरजी के 4 जवान घायल हो गए. इसमें 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए. वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर उपचार के लिए व्यवस्था की जा रही है. बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम के अनुसार पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों द्वारा दी गई जानकारी और अन्य इनपुट के आधार पर, माओवादियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए सैकड़ों आईईडी बस्तर रेंज में पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने बरामद कर निष्क्रिय किए थे. लेकिन आज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, जब कांकेर जिला पुलिस दल आईईडी को निष्क्रिय कर रहा था, तभी वह आकस्मिक रूप से विस्फोटित हो गया, जिसके कारण तीन पुलिस बल के सदस्यों की मृत्यु हो गई, जबकि एक पुलिस बल का सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया.