samacharsecretary.com

Indian Passport की ताकत बढ़ी: रैंकिंग में उछाल, पाकिस्तान नीचे, रईस देश भी चौंके

लंदन पासपोर्ट ही तय करते हैं कि आप दुनिया के कितनों हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। आपके पासपोर्ट तय करते हैं कि आपको किन देशों में वीजा फ्री एंट्री मिल सकती है या आपको किसी और देश में पहुंचने के लिए कितनी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स अलग अलग डेटा के आधार दुनिया भर के पासपोर्ट की ताकत को रैंक करता है। यह रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि किसी देश के नागरिक बिना वीजा के कितने देशों में जा सकते हैं। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स-2026 की रिपोर्ट आ गई है जिसमें भारत के पासपोर्ट ने छलांग लगाई है जबकि अमीर देश इस लिस्ट में फिसलते नजर आ रहे हैं। सिंगापुर के लोग अपने पासपोर्ट से 192 देशों में पहुंच सकते हैं इसलिए इस लिस्ट में इसे सबसे ऊपर रखा गया है। पासपोर्ट की रैंकिंग जियो-पॉलिटिक्स, अर्थव्यवस्था, भौगोलिक स्थिति, राजनीतिक स्थिरता समेत कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स से पता चलता है कि भारतीय पासपोर्ट की स्थिति मजबूत हुई है। भारत अब 85वें स्थान से लंबी छलांग लगाकर 75वें पायदान पर पहुंच गया है। एशिया और यूरोप के सबसे 'ताकतवर' पासपोर्ट सिंगापुर पहले नंबर पर है और उसके बाद दूसरे सबसे मजबूत पासपोर्ट के लिए तीन देशों के बीच बराबरी है। जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात। इन तीनों देशों के लोग बिना वीजा के 187 देशों की यात्रा कर सकते हैं। पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी एशिया के बाहर UAE का पासपोर्ट सबसे मजबूत है। हालांकि इसमें एक खास बात ध्यान रखने लायक है। सिंगापुर, जापान या दक्षिण कोरिया के लोगों के विपरीत UAE के नागरिकों को अमेरिका में बिना वीजा के जाने की सुविधा नहीं मिलती है। टॉप-10 शक्तिशाली पासपोर्ट वाले देश 1- सिंगापुर 2- जापान, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात 5- नॉर्वे, स्विट्जरलैंड 7- यूरोपीय यूनियन, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम 10- ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड

मैड्रिड ओपन 2026: मार्टा कोस्त्युक का दमदार प्रदर्शन, खिताब अपने नाम

मैड्रिड, एएनआइ मार्टा कोस्त्युक ने अपने करियर का अब तक का सबसे बड़ा खिताब जीतते हुए 2026 का मैड्रिड ओपन अपने नाम कर लिया। 23 वर्षीय यूक्रेनी खिलाड़ी ने महिला सिंगल्स फाइनल में दुनिया की नंबर-8 मीरा आंद्रिवा को 6-3, 7-5 से हराया और क्ले कोर्ट पर अपनी जीत की लय को 11 मैचों तक बढ़ा दिया। कोस्त्युक अब सोमवार को जारी होने वाली डब्ल्यूटीए रैंकिंग में 23वें स्थान से अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 15वें स्थान पर पहुंचने वाली हैं। यह डब्ल्यूटीए 1000 खिताब उनके करियर का तीसरा खिताब है। इसके साथ ही वह 24 मई से पेरिस में शुरू होने वाले फ्रेंच ओपन की प्रमुख दावेदारों में शामिल हो गई हैं। मैड्रिड में इससे पहले उनके रिकार्ड पांच जीत और सात हार का था, लेकिन 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। कोस्त्युक ने कहा कि इस समय यहां खड़ा होना अविश्वसनीय लग रहा है। यहां तक पहुंचने में मुझे कई साल लगे। मेरे लिए एक शब्द है निरंतरता। हर दिन खुद को साबित करना जरूरी है और पिछले एक साल में मैंने यह अच्छी तरह किया है, जिस पर मुझे और मेरी टीम को गर्व है। इस जीत के साथ कोस्त्युक ने अपने करियर में टॉप-10 खिलाड़ियों के विरुद्ध 14वीं जीत दर्ज की और मैड्रिड में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तीसरे दौर में दुनिया की नंबर-5 जेसिका पेगुला को हराया और पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक सेट गंवाया, जो सेमीफाइनल में अनास्तासिया पोटापोवा के विरुद्ध था।

एग्जाम फ्रॉड पर बड़ी कार्रवाई: NEET सॉल्वर गिरोह पकड़ा, MBBS छात्र सहित 3 अरेस्ट

नालंदा. नीट परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले एक अंतरजिला गिरोह का नालंदा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एमबीबीएस के एक छात्र सहित तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नीट परीक्षा के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष ‘रोको-टोको’ एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान की गई। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 2 मई की रात करीब 1:45 बजे पावापुरी मोड़ के पास वाहन चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध गाड़ियां पुलिस को देखकर भागने लगीं। घेराबंदी कर दोनों वाहनों को पकड़ा गया। स्कॉर्पियो चला रहे व्यक्ति की पहचान मुजफ्फरपुर निवासी अवधेश कुमार (31) के रूप में हुई, जो विम्स कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय सत्र का छात्र है। कैश और डिजिटल सबूत बरामद तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो के डैशबोर्ड के नीचे से 2 लाख 95 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और दो लग्जरी गाड़ियां (स्कॉर्पियो व ब्रेजा) भी जब्त की गईं। शुरू में आरोपियों ने पैसों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दिया, लेकिन मोबाइल जांच में बड़ा खुलासा हुआ। फोन से नीट, एईओ और बीएसएनएल समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, अभ्यर्थियों के साथ चैट और लेन-देन के ठोस सबूत मिले। गिरफ्तार आरोपित और मास्टरमाइंड गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरपुर के अवधेश कुमार, मोतिहारी के अमन कुमार सिंह और मुजफ्फरपुर के ही पंकज कुमार साह शामिल हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का मास्टरमाइंड उज्जवल उर्फ राजा बाबू है, जो पावापुरी मेडिकल कॉलेज के 2022 बैच का छात्र है। डीएसपी के अनुसार उज्जवल पर पहले भी सीबीआई के केस दर्ज हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बड़ी साजिश नाकाम पुलिस की मुस्तैदी के कारण सॉल्वर परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके, जिससे एक बड़ी साजिश विफल हो गई। अब पुलिस उन अभ्यर्थियों और अभिभावकों की भी जांच कर रही है, जिनके एडमिट कार्ड और कॉल डिटेल्स आरोपियों के मोबाइल से मिले हैं। जांच तेज, केस दर्ज इस मामले में पावापुरी थाना में कांड दर्ज कर लिया गया है और अनुसंधान तेज कर दिया गया है। पूरी कार्रवाई राजगीर एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में गिरियक, राजगीर, पावापुरी और कतरीसराय थानों की संयुक्त टीम ने की। पहले भी जुड़ चुका है नालंदा का नाम गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में भी नालंदा के संजीव मुखिया का नाम सामने आ चुका है। वह कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में आरोपी रहा और जेल भी जा चुका है।

निर्माणाधीन पंचायत भवन में भोजन के साथ साथ मुख्यमंत्री साय लेते रहे योजनाओं का फीडबैक

रायपुर. सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक बेहद आत्मीय और संवेदनशील दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उनका यह दौरा केवल कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन के साथ उनके सहज जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बन गया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां कार्यरत श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया और सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को बड़े स्नेह और आग्रह के साथ दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। इस सादगी भरे निमंत्रण को मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि वे खाने में क्या लेकर आई हैं। महिलाओं ने बताया कि वे अपने घर से पारंपरिक भोजन- बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आमा (आम) की चटनी लेकर आई हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने उसी सहजता से उनके साथ भोजन करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री साय श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठ गए और उनके टिफिन से ही भोजन ग्रहण किया। बोरे बासी और आमा चटनी का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी अपनी जीवनशैली और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को भी समझने का प्रयास किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। महिलाओं ने भी खुले मन से अपने अनुभव साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सीधा फीडबैक मिला। मुख्यमंत्री ने जब गांव की प्रमुख समस्याओं के बारे में पूछा, तो महिलाओं ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेयजल की समस्या लगातार बनी रहती है। बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक कारगर नहीं रह पाते, जिससे गर्मी के दिनों में पानी की दिक्कत और अधिक बढ़ जाती है। इस समस्या को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और तत्काल समाधान की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से पेयजल व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र के 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत दूरस्थ जल स्रोतों से पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की योजना है। यह योजना तकनीकी रूप से तैयार है और इसे जल्द ही क्रियान्वित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना को यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान कर धरातल पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं समय पर और प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि हमारी सुशासन सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

पढ़ाई पहले! जनगणना में स्कूल कंप्यूटर के इस्तेमाल पर शिक्षा विभाग का प्रतिबंध

चंडीगढ़. पंजाब में चल रहे जनगणना कार्य के बीच स्कूलों के कंप्यूटर और लैब के उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। ऑफिस डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा पंजाब की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी विभाग को सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर या कंप्यूटर लैब का इस्तेमाल गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए नहीं करने दिया जाएगा। जारी पत्र के अनुसार, इन दिनों जनगणना का कार्य जारी है, जिसके चलते विभिन्न विभागों की ओर से स्कूलों की कंप्यूटर लैब में काम करने और कंप्यूटर लेने की मांग की जा रही थी। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने कहा है कि इससे विद्यार्थियों की कंप्यूटर शिक्षा प्रभावित हो रही है और हार्डवेयर को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। स्कूलों में चल रही दाखिले की प्रक्रिया विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि इस समय स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में यदि स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध नहीं होंगे, तो प्रवेश प्रक्रिया पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कंप्यूटर शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए किसी भी विभाग को जनगणना या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए स्कूलों से कंप्यूटर ले जाने या कंप्यूटर लैब के उपयोग की अनुमति न दी जाए। पढ़ाई में बाधा न डालने के आदेश यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है। साथ ही, इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी स्कूल प्रमुखों और संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

US एक्शन का असर: ट्रंप की सख्ती से मेक्सिको के नेता पद छोड़ने को मजबूर

मेक्सिको अमेरिका द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी का आरोप लगाए जाने के बाद मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लौडिया शिनबाम की पार्टी के दो सदस्यों ने अपने पद से अस्थायी रूप से हटने की घोषणा की है। उत्तर पश्चिमी सिनालोआ राज्य से शिनबाम की पार्टी के इन सदस्यों ने बताया कि अमेरिका ने उन पर और आठ अन्य नेताओं एवं सुरक्षा अधिकारियों पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप लगाए हैं। अमेरिका के द्वारा ड्रग्स तस्करी का आरोप लगाए जाने के बाद मैक्सिको के सिनालोआ प्रांत के गवर्नर और मेयर ने अपना पद छोड़ दिया है. शुक्रवार मध्यरात्रि को जारी एक वीडियो संदेश में अभियोग में नामित गवर्नर रुबेन रोचा मोया ने उन आरोपों का खंडन किया. उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह ‘सिनालोआ कार्टल’ को संरक्षण देने के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने लाखों डॉलर की रिश्वत के बदले में उसे अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी में मदद करने से इनकार किया. पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर के लंबे समय से सहयोगी रहे 76 वर्षीय रोचा ने कहा, ‘मेरा ईमान साफ है. मैं अपने लोगों और अपने परिवार से आंख मिलाकर कह सकता हूं कि मैंने कभी आपको धोखा नहीं दिया और न ही कभी दूंगा.’ वहीं, सिनालोआ राज्य की राजधानी कुलियाकान के मेयर जुआन डी डियोस गामेज मेंडिविल का नाम भी अभियोग में शामिल है. उन्होंने भी आरोपों से इनकार किया और पद से हटने का ऐलान किया. शनिवार को एक विशेष मतदान में राज्य की स्थानीय कांग्रेस ने रोचा की सहयोगी येराल्डिन बोनिला वाल्वरडे को अंतरिम गवर्नर नियुक्त किया. मैक्सिको में ड्रग्स और उसकी तस्करी के कारण हिंसा भी बहुत होती है. लेकिन हाल के दिनों में अमेरिका की ओर से उस पर इस धंधे पर लगाम लगाने का भी दबाव है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को इन्हीं आरोपों के तहत उनके देश में उनके बिस्तर से गिरफ्तार कर लिया. गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम को अपनी प्रगतिशील मोरेना पार्टी के हितों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कार्टेल के खिलाफ लड़ाई तेज करने के दबाव के बीच संतुलन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा है. शीनबाम ने कहा कि वह किसी भी ऐसे व्यक्ति का बचाव नहीं करेंगी जो अपराध करने का दोषी पाया गया हो. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर इन 10 लोगों के खिलाफ सबूत मिलते हैं, तो उन पर मैक्सिको में ही केस चलाया जाएगा. मैक्सिको में कई तरह के ड्रग कार्टेल काम करते हैं. पिछले दिनों, फरवरी 2026 में एल मेंचो नाम के ड्रग लॉर्ड और जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल का संंचालक की मौत काफी चर्चा में था. सिनालोआ कार्टेल मैक्सिको का सबसे शक्तिशाली ड्रग नेटवर्क है.

कियारा ने यश संग इंटीमेट सीन पर जताई आपत्ति, मेकर्स से हटाने की की अपील

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी इन दिनों अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच के तालमेल को लेकर चर्चा में हैं. मां बनने के बाद कियारा एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उनकी आने वाली फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है.  हालांकि, फिल्म अपनी रिलीज से पहले ही विवादों और चर्चाओं के घेरे में आ गई है।  ताजा रिपोर्ट्स की मानें तो कियारा ने फिल्म के कुछ खास सीन्स को लेकर मेकर्स के सामने अपनी बात रखी है, जिससे फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।  कियारा आडवाणी ने क्या कुछ कहा? 'Gulte' की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कियारा आडवाणी ने फिल्म का फाइनल आउटपुट देखने के बाद डायरेक्टर गीतू मोहनदास और एक्टर यश से एक खास रिक्वेस्ट की है. बताया जा रहा है कि कियारा ने फिल्म के कुछ इंटीमेट सीन्स को हटाने या उनकी लंबाई कम करने की बात कही है।  दरअसल, पहले ऐसी खबरें आई थीं कि कियारा ने यश के साथ कुछ बोल्ड सीन शूट किए थे. शूटिंग के वक्त डायरेक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि ये सीन उनकी सहजता यानी 'कम्फर्ट जोन' को ध्यान में रखकर ही फिल्माए जाएंगे. लेकिन पर्दे पर फाइनल एडिटिंग देखने के बाद, एक्ट्रेस को लगा कि इन सीन्स का प्रेजेंटेशन उनकी सोच से थोड़ा अलग है, जिसके बाद उन्होंने बदलाव की इच्छा जाहिर की। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि कियारा ने 'टॉक्सिक' के मेकर्स से स्पष्ट रूप से कहा है कि या तो उन सीन्स को काफी छोटा कर दिया जाए या फिर फाइनल कट में उन्हें थोड़ा 'सॉफ्ट' या हल्का रखा जाए. मां बनने के बाद अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहीं कियारा शायद अपनी स्क्रीन इमेज को लेकर अब और भी ज्यादा सतर्क हो गई हैं. हालांकि, इन दावों में कितनी सच्चाई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है. अभी तक कियारा आडवाणी या फिल्म के प्रोडक्शन हाउस की ओर से इस मामले पर कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है।  टीजर पर पहले हो चुका विवाद यह फिल्म पहले भी अपनी कुछ सीन्स दिखाने के बाद विवादों में घिर चुकी है. फिल्म के एक टीजर में यश को 'राया' नाम के एक गैंगस्टर के रूप में दिखाया गया था. टीजर के एक सीन में वह कब्रिस्तान के पास खड़ी कार में एक महिला के साथ सेक्स करते हुए नजर आए थे, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हुई थी. फिल्म की स्टारकास्ट काफी बड़ी है, जिसमें तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और नयनतारा जैसे दिग्गज कलाकार शामिल हैं।  रिलीज डेट 2 बार बदली गई आपको जानकर हैरानी होगी कि फिल्म 'टॉक्सिक' की रिलीज डेट दो बार टाली जा चुकी है. पहले ये फिल्म 19 मार्च को रिलीज होना थी लेकिन फिर इसे 4 जून को रिलीज करने का फैसला किया गया. हालांकि 29 अप्रैल को यश की तरफ से एक पोस्ट आया और फिर इसे टाल दिया गया. अब नई रिलीज डेट का इंतजार किया जा रहा है। 

अचानक गांव पहुंचे CM साय, हेलिकॉप्टर लैंड कर पेड़ तले लगाई चौपाल

कवर्धा. प्रदेशभर में आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सुशासन तिहार कार्यक्रम जारी है. अभियान के तहत मुख्यमंत्री साय लोगों के बीच पहुंचकर योजनाओं का फीडबैक ले रहे हैं. साथ ही फरियादों की समस्याओं को सुन रहे हैं. आज सीएम का हेलिकॉप्टर अचानक कवर्धा जिले के पंडरिया तहसील के कुई-कुकदूर में उतरा. सीएम साय के आगमन पर स्थानीय विधायक भावना बोहरा समेत भाजपा नेताओं ने गमछा भेंटकर स्वागत किया. भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. कलेक्टर, एसपी, डीएफओ सहित आला अधिकारी मौजूद है.  पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों की सुनएंगे समस्याएं मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के एक हितग्राही के घर पहुंचकर उनसे सीधा संवाद करेंगे और योजनाओं की जमीनी स्थिति का फीडबैक लेंगे. इसके बाद वे कमराखोल गांव में आम के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे चर्चा करेंगे. इस दौरान सीएम ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और प्रदेश व केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे. साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. 1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार  सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी. पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी. शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.

कनाडा से खालिस्तानी हिंसा को मिलती है फंडिंग, CSIS रिपोर्ट में राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताया

लुधियाना कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) की ताजा रिपोर्ट में खालिस्तान समर्थकों को कनाडा की नेशनल सिक्योरिटी को खतरा बताया है। यही नहीं रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई कि खालिस्तान समर्थक कनाडा में फंड जुटाकर भारत में हिंसा फैलाते हैं। CSIS ने एक मई को एक पब्लिक रिपोर्ट-2025 जारी की, जिसमें स्पष्ट तौर पर लिखा है कि खालिस्तान समर्थक कनाडाई नागरिकों से जुड़कर यहां की संस्थाओं का फायदा उठाते हैं। वो कनाडा में सिख संगठनों व आम लोगों से फंड जुटाते हैं। लोग उन्हें धार्मिक कार्यों के लिए फंड देते हैं, लेकिन वो उसका इस्तेमाल बाद में हिंसक गतिविधियों में करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थकों का एक छोटा सा ग्रुप है। CSIS ने 49 पेजों की रिपोर्ट जारी की है, जिसके पेज नंबर पर 25 पर कनाडा बेस्ड खालिस्तान एक्सट्रिमिस्ट (CBKE) यानि कनाडा में रहने वाले खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों के बारे में लिखा है। CSIS की रिपोर्ट में खालिस्तान समर्थकों के लिए क्या-क्या लिखा, जानिए.. एयर इंडिया हमले का जिक्र: रिपोर्ट में 1985 के एयर इंडिया फ्लाइट-182 बम विस्फोट की 40वीं वर्षगांठ का खास उल्लेख है। CSIS ने इसे कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकवादी हमला बताया, जिसमें 329 लोग मारे गए थे। हमले के संदिग्ध कनाडा-आधारित खालिस्तान समर्थक चरमपंथी संगठनों से जुड़े थे। खालिस्तान समर्थक संगठनों पर सख्त रुख: रिपोर्ट में पॉलिटिकली मोटिवेटेड वायलेंट एक्सट्रीमिज्म (PMVE) की विस्तार से चर्चा की गई है। CSIS ने लिखा है कि 2025 में कनाडा में कनाडा बेस्ड खालिस्तान एक्सट्रिमिस्ट (CBKE) से जुड़ा कोई हमला नहीं हुआ, लेकिन CBKE की हिंसक गतिविधियां लगातार कनाडा की नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बनी हैं। फंडिंग और भारत में हिंसा का खुलासा: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कुछ CBKE कनाडाई नागरिकों से जुड़कर कनाडा की संस्थाओं का फायदा उठाते हैं और अनजान समुदाय के लोगों से फंड इकट्ठा करते हैं। यह फंड बाद में भारत में हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल होता है। CSIS ने स्पष्ट किया कि केवल एक छोटा समूह कनाडा को आधार बनाकर मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देने, फंड जुटाने और हमलों की योजना बनाने का काम करता है। इन्हीं लोगों को खालिस्तानी एक्सट्रिमिस्ट माना जाता है। कनाडा में खालिस्तान की मांग पर आपत्ति नहीं: रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा में खालिस्तान राज्य की मांग के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अभियान चलाना चरमपंथ नहीं है। CSIS केवल हिंसा और फंडिंग वाले हिस्से को खतरा मानती है। कनाड़ा में 2025 में 12 नए आतंकी संगठन: CSIS की मदद से कनाडा सरकार ने इस साल 12 नए संगठनों को आतंकवादी घोषित किया, जिनमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग, 764, मेनियक मर्डर कल्ट, टेररग्राम कलेक्टिव आदि शामिल हैं। आर्थिक और तकनीकी सुरक्षा पर चिंता: रिपोर्ट में 2025 को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बदलाव का साल बताया गया। बढ़ती जियो पॉलिटिकल टेंशन और नई तकनीकों की होड़ से कनाडा की सुरक्षा को खतरा बढ़ा है। विदेशी राज्य खुलेआम और गुप्त तरीके से कनाडा के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र को अलर्ट: CSIS ने बैंकिंग और बीमा कंपनियों को विदेशी हस्तक्षेप पर ब्रिफिंग दी। ऑफिस ऑफ द सुपरिंटेंडेंट ऑफ फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (OSFI) के साथ मिलकर नेशनल सिक्योरिटी थ्रेट फोरम बनाया गया है, ताकि वित्तीय क्षेत्र मजबूत बना रहे। क्रिप्टोकरेंसी का बढ़ता खतरा: रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रिप्टोकरेंसी अब सुरक्षा के लिए नया खतरा बन गई है। विदेशी कंपनियों की पहचान छुपाकर मार्केट में क्रिप्टो करंसी के जरिए हेराफेरी कर रहे हैं, जो दुश्मनों के लिए खतरनाक हथियार साबित हो सकता है। इस पर नकेल कसे जाने की जरूरत है। CSIS आतंकवादी फंडिंग की जांच, नए पैटर्न का विश्लेषण और FINTRAC, वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है। खालिस्तान समर्थकों पर CSIS की नजर: CSIS की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि कनाडा खालिस्तानी चरमपंथ, फंडिंग के जरिए भारत में हिंसा की योजना और आर्थिक जासूसी को बहुत गंभीर चुनौती मानता है। एजेंसी इन सभी खतरों पर लगातार नजर रख रही है और जरूरी कार्रवाई करने के लिए तैयार है। रिपोर्ट के आधार पर कनाडा सरकार बनाएगी नीतियां कनेडियन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार CSIS की रिपोर्ट पर संसद व मंत्री समीक्षा करेंगे। एजेंसी ने रिपोर्ट पब्लिक सेफ्टी मिनिस्टर को सौंप दी है और संसद में इसे पेश किया जाएगा। उसके आधार पर सरकार खालस्तानी कट्‌टपंथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पॉलिसी तैयार कर सकती है। विक्रमजीत साहनी बोले- PM मोदी के प्रयासों से हुआ आप से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने कनाडा के इस निर्णय का स्वागत किया और कहा कि उग्रवादी तत्वों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित करना बेहतर कदम है। उन्होंने कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है और भारत के निरंतर कूटनीतिक प्रयासों को दर्शाता है। साहनी ने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण हुआ है। उन्होंने इस मुद्दे को लगातार और मजबूती से वैश्विक मंचों पर अपने समकक्षों के सामने उठाया। यह भी स्पष्ट करता है कि ऐसे तत्व बेहद छोटे और हाशिए पर मौजूद समूह हैं, जिनका बड़े समुदाय द्वारा अपनाए गए शांति के मूल्यों से कोई संबंध नहीं है।  

कर्म सिद्धांत का रहस्य: महाभारत की कथा में श्रीकृष्ण ने समझाया जीवन का न्याय

अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि आखिर भगवान दुनिया में न्याय कैसे करते हैं? क्योंकि कई बार बुरा काम करने वाले लोग सुख, धन और सफलता का आनंद लेते नजर आते हैं, जबकि सच्चे-अच्छे इंसान संघर्ष और दुखों से घिरे रहते हैं? क्या ईश्वर वास्तव में पक्षपात करते हैं, या इसके पीछे कोई गहरा नियम छिपा है? हिंदू धर्म और शास्त्रों में कर्म और उसके फल का सिद्धांत बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इसी सत्य को समझाने के लिए महाभारत की एक कथा हमें जीवन के हर कर्म का फल के बारे में बताती है. आइए जानते हैं उस कथा के बारे में. अर्जुन और श्रीकृष्ण का प्रसंग महाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था. एक दिन अर्जुन और श्रीकृष्ण पैदल कहीं जा रहे थे. तभी अर्जुन की नजर जमीन पर पड़ी एक चींटी पर गई. उस चींटी का आधा शरीर कुचला हुआ था. वह अत्यंत पीड़ा में थी, फिर भी अपने मुंह में एक छोटा सा अनाज का दाना दबाए, अपने कटे हुए शरीर को घसीटते हुए आगे बढ़ रही थी. यह दृश्य देखकर अर्जुन का हृदय द्रवित हो गया. उन्होंने श्रीकृष्ण से कहा, 'प्रभु, आप तो करुणा के सागर हैं, फिर इस छोटी सी चींटी को इतना भयानक कष्ट क्यों? क्या आपको इस पर दया नहीं आती?' श्रीकृष्ण मुस्कुराए और बोले, 'हे पार्थ, यह कोई साधारण चींटी नहीं है. अपने पिछले जन्म में यह देवराज इंद्र था- देवताओं का राजा. लेकिन इसने अपने पद का दुरुपयोग किया, ऋषि-मुनियों को कष्ट दिया, प्रजा पर अत्याचार किया और अपने कर्तव्यों को भूलकर भोग-विलास में डूबा रहा. आज जो इसकी अवस्था है, वह उसी कर्म का फल है.' श्रीकृष्ण आगे बोले, 'ध्यान से समझो- जो लोग दान, धर्म और अच्छे कर्म करते हैं, उनका पुण्य कभी व्यर्थ नहीं जाता है. बस उसके फल के लिए धैर्य रखना पड़ता है. और जो लोग आज धन, पद और प्रतिष्ठा में डूबे हुए हैं, लेकिन दूसरों को सताते हैं, लूटते हैं- वे भी अपने कर्मों के फल से बच नहीं सकते हैं. इस संसार में कोई भी अपने कर्मों के परिणाम से अछूता नहीं है. जब मैं स्वयं भी कर्म के नियम से बंधा हूं, तो फिर तुम और अन्य मनुष्य कैसे इससे बच सकते हैं?' इसलिए, बिना वजह किसी भी मनुष्य या जीव को पीड़ा देने से पहले दस बार सोचिए. क्योंकि पीड़ित के हृदय से निकली हुई आह कभी व्यर्थ नहीं जाती है. हो सकता है आज आपके पास पद, पैसा और प्रतिष्ठा हो, लेकिन क्या यह सब हमेशा रहेगा?