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बिना अनुमति प्रार्थना सभा पर विवाद, मारपीट और पत्थरबाजी के बाद 4 गिरफ्तार

जयपुर शुक्रवार (1 मई) देर शाम संगठन के कार्यकर्ताओं को एक सभा की सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे. उनका आरोप है कि वहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब विरोध करने पर करीब 100 लोगों ने उन पर हमला कर दिया. लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी में 3 कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से 2 को गंभीर हालत में गुजरात रेफर किया गया. घटना के बाद रवि भाभोर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोपियों में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश रावत और उनके पिता, सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल रावत का नाम भी शामिल है. अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभा के लिए नहीं ली गई थी अनुमति राजस्थान में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी और धर्मांतरण जैसा कुछ नहीं था. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पानी के कुंड में लोगों को नहलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था. राजस्थान गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल, 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है.   150 लोग प्रार्थना सभा में थे मौजूद NDTV की टीम ने जब मौके पर लोगों से बात की उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लगभग 100 से 150 लोग मिलकर प्रार्थना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रार्थना और धार्मिक आयोजन हो रहा था, धर्मांतरण का कोई मामला नहीं है. जबकि शिकायतकर्ताओं ने बातचीत में कहा कि मौके पर चल रहे आयोजन के पीछे धर्मांतरण का मामला है.   हकीकत क्या, सवाल बरकरार?     बिना अनुमति सभा क्यों आयोजित की गई?     100 लोगों में से केवल 4 ही गिरफ्तार क्यों हुए?     क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या स्थानीय विवाद?

धमकियों से बढ़ी सुरक्षा चिंता: मजीठिया केस में विदेशी कॉल्स का खुलासा

चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को विदेशी नंबरों से धमकियां मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, जिस दिन शंभू के पास रेलवे लाइन पर ब्लास्ट की घटना हुई, उसी दिन मजीठिया को एक विदेशी नंबर से धमकी भरा काॅल आया। काॅल करने वाले ने कथित तौर पर कहा कि उनका भी जल्द इसी तरह का हाल किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, मजीठिया को इस प्रकार की धमकियां लगातार मिल रही हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन उल्लेखनीय है कि मजीठिया की सुरक्षा का मामला फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है और इस पर सुनवाई जारी है। ऐसे में ताजा धमकियों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। समय-समय पर खुफिया एजेंसी आईबी (आईबी) की ओर से भी इनपुट दिए जाते रहे हैं, जिनमें मजीठिया की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका जताई गई है। मजीठिया की जान को खतरे का इनपुट इन इनपुट्स में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उनकी जान को खतरा हो सकता है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान किए जाने की जरूरत है। इसके बावजूद पिछले वर्ष उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी, जिसके बाद से यह मुद्दा लगातार उठता रहा है। मौजूदा हालात में विदेशी नंबरों से मिल रही ताजा धमकियों ने एक बार फिर इस पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में पुलिस के उच्च अधिकारियों को पहले ही सूचित किया जा चुका है, ताकि स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

नाजिया इलाही खान को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी, फायरब्रांड नेता ने कहा- मैं डरने वाली नहीं

खरगोन  सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा की फायरब्रांड नेता नाजिया इलाही खान को पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने खुद इसका खुलासा किया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया। जानकारी अनुसार खरगोन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे आईं थी। मंच से भाजपा की फायरब्रांड नेता नाजिया इलाही खान ने मंच से एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इंदौर से खरगोन आते समय उनके मोबाइल पर पाकिस्तान के नंबर से एक कॉल आया, जिसमें उन्हें धमकी दी गई कि “खरगोन पहुंचोगी तो मृत्यु हो जाएगी।” मैं इस तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं: नाजिया इलाही नाजिया इलाही खान ने कहा कि मैं तरह की धमकियों से वे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने मंच से जवाब देते हुए कहा कि एक समय था जब खरगोन को सिमी और पाकिस्तान समर्थित तत्वों ने प्रभावित करने की कोशिश की थी, लेकिन अब यह क्षेत्र विकास और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने अपने विरोधियों द्वारा ‘जहरीला’ कहे जाने पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे भगवान शिव की भक्त हैं और यह ‘जहर’ उनके लिए प्रसाद के समान है। 'अखिल भारतीय हिंदवी गौरव सम्मान' से नवाजा गया कार्यक्रम के दौरान विविधा संस्था द्वारा वर्ष 2026 का ‘अखिल भारतीय हिंदवी गौरव सम्मान’ नाजिया इलाही खान को प्रदान किया गया। इसके अलावा सुप्रसिद्ध गीतकार डा. विष्णु सक्सेना को ‘अखिल भारतीय कविवर विद्यापति सम्मान’ तथा कवयित्री शारदा ठाकुर को ‘अखिल भारतीय मां नर्मदा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शेयर किया खास वीडियो, बोले- झालमुड़ी के साथ जीत का मजा

रायपुर. बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझान में भाजपा को बहुमत मिला है। भाजपा 194 और टीएमसी 93 सीटों पर आगे चल रही है। बंगाल में भाजपा की जीत पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर बंगाल के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ खाते हुए वीडियो पोस्ट किया है। इस मौके पर उनके बंगले के बाहर लोगों को भी मुफ्त में झालमुड़ी खिलाया गया। मंत्री चौधरी ने पोस्ट में लिखा है कि बचपन से झालमुड़ी मेरा पसंदीदा रहा है। झालमुड़ी के साथ जीत का स्वाद…। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज झालमुड़ी के माध्यम से बंगाल समेत पूरे देश की जनता को कनेक्ट करने का काम किया इसीलिए देश की जनता ऐसे नेतृत्व को आशीर्वाद देती है। झालमुड़ी खास तौर पर बंगाल की पहचान मानी जाती है, अब यह सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव और सादगी का प्रतीक बनता दिख रहा है।

विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल-असम में BJP की जीत, केरल में कांग्रेस-यूडीएफ मजबूत

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सत्ता पाने वाली है। उसे विधानसभा चुनाव में अब तक 198 सीटों पर बढ़त मिल चुकी है। इसके अलावा असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। यही नहीं भाजपा की इस लहर का मोमेंटम केरल तक में दिखा है। दक्षिण भारत के इस राज्य में भाजपा लंबे समय से अपनी पैठ जमाने की कोशिश करती रही है, लेकिन सफल नहीं हुई है। इस बार विधानसभा चुनाव में उसे कुछ उम्मीद दिख रही है और अब तक उसके दो कैंडिडेट जीत चुके हैं। इन कैंडिडेट्स में से एक वी. मुरलीधरण भी हैं, जो कजाकुट्टम सीट से सीपीएम के कैंडिडेट के. सुरेंद्रन से जीत गए। उन्होंने 18 राउंड तक चली काउंटिंग में 428 वोटों से जीत हासिल की है। इसके अलावा नमोम सीट से पूर्व सांसद राजीव चंद्रशेखर ने भी जीत हासिल की है। इस तरह भाजपा ने बंगाल और असम के बाद केरल में भी इतिहास रच दिया है। बंगाल में उसे पहली बार सत्ता मिली है तो वहीं असम में पहले से ज्यादा बड़ी जीत के साथ भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता मिलेगी। ऐसा पहली बार होगा, जब भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता मिलने वाली है। यही नहीं इस चुनाव में केरल में भी कई रिकॉर्ड बने हैं। एक रिकॉर्ड यह भी है कि मुस्लिम लीग की कोई महिला कैंडिडेट पहली बार विधानसभा में पहुंचेगी। कोझोकोड की पेरंबरा सीट से फातिमा थालिया को जीत मिली है। इसके अलावा केरल में कांग्रेस ने भी रिकॉर्ड बनाया है। असम में बुरी हार झेलने वाली कांग्रेस का बंगाल में खाता तक नहीं खुला है। लेकिन केरल से उसके लिए राहत वाली खबर आई है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 101 सीटों पर आगे चल रहा है। ऐसा पहली बार है, जब केरल में यूडीएफ ने 100 का आंकड़ा पार किया है। इस बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि केरल में ऐंटी-इनकम्बैंसी थी और इसका वोट कांग्रेस को मिला है। उन्होंने कहा कि जनता में पिनराई विजयन सरकार के कामकाज के प्रति गुस्सा था और हमने उसे भुनाने में सफलता हासिल की है। केसी वेणुगोपाल बोले- हमने उठाया ऐंटी-इनकम्बैंसी का फायदा केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि केरल में इन नतीजों का क्रेडिट राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जाता है। बता दें कि केरल की वायनाड सीट से ही प्रियंका वाड्रा सांसद हैं। इसके अलावा राहुल गांधी भी पहले यहीं से सांसद थे। इस बार उन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। रायबरेली और वायनाड दोनों जगहों से वह जीते थे। अंत में उन्होंने वायनाड से इस्तीफा दे दिया था और उसके स्थान पर प्रियंका वाड्रा ने उपचुनाव लड़ा था।

भाजपा क्षेत्रीय संगठन मंत्री का संदेश, ग्वालियर में कार्यकर्ताओं को समर्पण और प्रशिक्षण का महत्व बताया

ग्वालियर  अच्छे कार्यकर्ता के लिए समय सारिणी का पालन करना अति आवश्यक है। प्रशिक्षण कार्यकर्ता के निर्माण का साधन है। आगे भाजपा के उद्देश्य पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य राष्ट्र कि सत्ता हासिल करना नहीं, अपितु राष्ट्र के खोए हुए वैभव को वापस दिलाकर राष्ट्र को विश्व गुरु बनाने का है। 200 कार्यकर्ताओं ने कराए रजिस्ट्रेशन यह विचार भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने जिले में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए। शिविर का शुभारंभ अपेक्षित श्रेणी के नेतृत्वगण के एकत्रीकरण के साथ हुआ। जहां श्रेणीबद्ध लगभग 200 कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर ऐप के माध्यम से शुल्क जमा कराया और रजिस्ट्रेशन करवाया। भाजपा के मूल विचार और मूल आधार स्तंभ व्यक्तित्व की प्रदर्शनी के उद्घाटन किया। शिविर में प्रवेश के साथ शिविरार्थियों से मोबाइल जमा करा लिए गए। शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग के आज दोपहर सवा दो समापन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिसमें जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया के साथ संभाग के प्रभारी निशांत खरे प्रशिक्षण अभियान के संभाग प्रभारी नरेंद्र बिरथरे, सह प्रभारी मधुसूदन भदौरिया, जिला प्रशिक्षण के प्रभारी महेंद्र सिसोदिया, सांसद भारत सिंह कुशवाह, मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रद्युम्न सिंह तोमर प्रमुखता से उपस्थित रहे। विचारों से ही परिवार का विस्तार होता है प्रथम सत्र मे कार्य विस्तार पर विचार रखते हुए अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने बताया किस प्रकार के हम अपने विचारों से परिवार का विस्तार कर सकते है। हमें समाज में फैले जातिगत विष को समाप्त करने के लिए प्रत्येक समाज के लोक देवताओं और संतों की जयंती, पुण्यतिथि का कैलेंडर बनाकर कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। कार्य निर्णयों में मैं के भाव से निकलकर टोली के सामूहिक निर्णय से कार्य का विस्तार संभव है। गोवा मुक्ति आंदोलन से पुर्तगालियों से मुक्त कराया द्वितीय सत्र पूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे ने लिया भाजपा के इतिहास और विकास पर उद्बोधन देते हुए बताया कि किन परिस्थितियों में श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई और 3.06 प्रतिशत के साथ तीन सांसद जीते और गठबंधन के साथ 38 सांसदों के साथ देश के पहले अनऔपचारिक नेता प्रतिपक्ष बने। वर्ष 1952 के कश्मीर आंदोलन में डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र के लिए अपने प्राण आहूत किए। तृतीय सत्र में कार्यकर्ता का विकास, संभाल एवं दायित्व बोध पर उद्बोधन प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ ने बताया कि कार्यकर्ता एक लालटेन की तरह है जिसके कांच को निरंतर प्रशिक्षण के माध्यम से पोंछकर अंदर की रोशनी को फैलाया जा सकता है। नवाचार अपनाने वाला ही संगठन जीवित रह सकता है चौथे सत्र में प्रदेश मंत्री लोकेन्द्र पाराशर ने मीडिया और सोशल मीडिया पर विचार रखते हुए बताया कि पं. दीनदयालजी के विचार थे कि वही संगठन जीवित रह सकता है जो नवाचार को अपनाए। लोकतंत्र में जनता और सदन के मध्य मीडिया एक माध्यम है। इसी वर्ग में सोशल मीडिया की महत्ता पर कामना भदौरिया ने अपने विचार रखे और बताया कि सोशल मीडिया का सही उपयोग कैसे करें। पांचवें सत्र में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां बताईं और राज्य के विकास कार्यों का उल्लेख किया। छठवें सत्र में देश के सम्मुख चुनौतियां और उसके निदान के हमारे प्रयासों पर वेदप्रकाश शर्मा ने अपने विचार रखे। अंतिम सत्र में सांसद भारत सिंह कुशवाह ने बताया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य योजनाओं से सरकार बनाना नहीं अपितु योजनाओं से जनकल्याण जन सशक्तिकरण हो यह सरकार का प्रयास है। चार अप्रैल को शिविर के अंतिम सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। शिविरार्थी सुबह करेंगे अटल गैलरी का अवलोकन भारतीय जनता पार्टी के प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन चार अप्रैल को सुबह साढ़े छह बजे सभी प्रशिक्षु बस के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित अटल गैलरी का अवलोकन करने जाएंगे। इसके पश्चात साढ़े सात बजे दौलतगंज स्थित रामनारायण धर्मशाला जहां भाजपा के आधार स्तंभ और मूल विचारक पंडित दीनदयालजी ने राष्ट्रीय अधिवेशन में एकात्म मानववाद की प्रस्तावना रखी थी। वहां शिविर के आठवें वर्ग मे संभाग के प्रभारी सैद्धांतिक अधिष्ठान और एकात्व मानववाद पर प्रशिक्षुओं को संबोधित करेंगे।  

भाजपा की चिंता: TMC नतीजों को नकार सकती है, चुनाव आयोग ने जताई तत्परता

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं। अब तक के रुझानों में भाजपा ने शतक जड़ दिया है और लगातार टीएमसी पर बढ़त बनाए हुए है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक भी भाजपा अब तक 171 सीटों पर बढ़त बना चुकी है, जबकि टीएमसी को 100 सीटों पर ही बढ़त है। ऐसी स्थिति में साफ माना जा रहा है कि भाजपा इस बार सत्ता हासिल कर लेगी। हालांकि आधिकारिक नतीजों के लिए इंतजार करना होगा, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि भाजपा इस बार सत्ता हासिल कर सकती है। इस बीच भाजपा ने नतीजे आने के बाद टीएमसी के रुख को लेकर भी चिंता जता दी है। खड़गपुर सदर सीट से भाजपा कैंडिडेट दिलीप घोष का कहना है कि टीएमसी की ओर से नतीजे मानने से इनकार किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज ही नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात तब से ठीक हुए, जब चुनाव आयोग ने कमान संभाली। उन्होंने कहा कि बंगाल के हालात चिंताजनक ही रहे हैं और खूनखराबा होता रहा है, लेकिन इस बार इलेक्शन शांतिपूर्ण रहे हैं। आयोग ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए, जिससे गड़बड़ी नहीं हो सकी। किसी व्यक्ति का कत्ल नहीं हो पाया। बता दें कि 2021 के चुनाव में हिंसा काफी हुई थी। यहां तक कि भाजपा कार्यकर्ताओं में इसे लेकर असंतोष भी था। ऐसे में इस बार जिस तरह की सुरक्षा की गई, उससे भी माहौल बदला दिखा। दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव का नतीजा तो तय है और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा होनी है। उन्होंने कहा कि भाजपा कोशिश करेगी कि जनता ने जिस विश्वास के साथ मतदान किया है, उस पर खरा उतरा जाए। नई सरकार और बंगाल अब भारत के साथ आगे बढ़ेंगे, वे बांग्लादेश के साथ नहीं जाएंगे। जनता बदलाव चाहती है और उन्होंने भाजपा को अच्छी संख्या में सीटें देकर सरकार बनाने का मौका दिया है। घोष ने कहा कि बंगाल में कोई कानून नहीं चल रहा था। घोष बोले- चुनाव आयोग ने संभाली व्यवस्था तो संभले हालात उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जब निर्वाचन आयोग ने व्यवस्था संभाली तो कानून व्यवस्था में सुधार आया। चुनाव शांतिपूर्ण हुए थे और अब काउंटिंग में भी बवाल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार भी इसी तरह से शपथ लेगी। घोष ने कहा कि पहले के चुनाव में गड़बड़ियां की जाती थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घरों में ही बंद कर दिया जाता था। उन्हें 15 सालों तक वोटिंग करने से रोका गया। इस बार उन्हें चांस मिला तो उन्होंने बदलाव के लिए मतदान किया है।

बेअदबी कानून को लेकर नया विवाद, स्पीकर संधवां को श्री अकाल तख्त ने आठ मई को तलब किया, सीएम मान का SGPC पर हमला

अमृतसर   श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को तलब किया है। यह निर्णय  बेअदबी मामलों में पंजाब सरकार की ओर से बनाए गए कानून पर बुलाई गई बैठक में लिया गया। बैठक में सिख बुद्धिजीवियों, विद्वानों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया।  जत्थेदार ने कहा कि संधवां 8 मई सुबह 11 बजे अकाल तख्त साहिब में पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े किसी भी निर्णय के लिए अकाल तख्त साहिब की स्वीकृति अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि जागत जोत एक्ट में संशोधन करते समय न तो अकाल तख्त साहिब और न ही एसजीपीसी को विश्वास में लिया गया। सीएम मान भड़के वहीं मामले पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अगर सरकार ने कानून बनाकर दिया है तो आपको उसका स्वागत करना चाहिए था। अब कहते हैं कि एसजीपीसी से पूछे बिना कानून बना दिया। मान ने कहा कि एक परिवार ने एसजीपीसी को दबा कर रखा हुआ है। एसजीपीसी का प्रधान खुद को सुखबीर का सिपाही बताता है।   बिना विचार विमर्श लागू कानून स्वीकार्य नहीं जत्थेदार ने कहा कि पंथ बेअदबी के दोषियों को सख्त सजा देने के पक्ष में है, लेकिन धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में बिना विचार-विमर्श कानून लागू करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुछ प्रावधानों खासकर धार्मिक जानकारी को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर डालने पर भी आपत्ति जताई गई और इसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा व निजता के लिए खतरा बताया गया। बैठक में 2015 से लंबित बेअदबी मामलों और न्याय में देरी पर भी चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि कई सरकारें बदलने के बावजूद मुख्य आरोपियों तक पहुंच नहीं बन पाई। मौड़ मंडी बम कांड के पीड़ितों को न्याय न मिलने पर भी सवाल उठाए गए। सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। राजोआणा के मामले में समान मापदंड अपनाने की मांग बलवंत सिंह राजोआणा के मामले में लंबित याचिका का जिक्र करते हुए समान मापदंड अपनाने की मांग की गई। जत्थेदार ने कहा कि केंद्र ने 2019 में फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का आश्वासन दिया था जो अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पंथ आज भी जगतार सिंह हवारा और दविंदरपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य बंद सिखों के साथ खड़ा है। बैठक में बुढ्ढा दल, तरना दल, दमदमी टकसाल, निर्मले, उदासी और मिशनरी कालेजों सहित विभिन्न संप्रदायों ने एकजुटता दिखाई। जत्थेदार ने चेतावनी दी कि पंथ की सहमति के बिना गुरु साहिब से जुड़े मामलों में कोई भी कानून लागू नहीं होने दिया जाएगा। 

रांची प्रशासन का बड़ा फैसला, बोटिंग के दौरान लाइफ जैकेट अनिवार्य और सुरक्षा जांच सख्त

 रांची  मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे (jabalpur cruise accident) के बाद झारखंड में प्रशासन सतर्क हो गया है। रांची जिले के सभी डैम एवं जलाशयों में बोटिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बोटिंग गतिविधियों के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। बैठक में जिला स्तर पर वाटर ट्रांसपोर्ट एक्शन ग्रुप गठित करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। सभी पर्यटकों और यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है। बिना लाइफ जैकेट के बोटिंग कराने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रखने और खराब मौसम में बोटिंग पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी नौकाओं के लिए वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया गया है। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाली नावों को संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। साथ ही, सभी बोटिंग स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर के साथ सूचना पट्ट लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने बोटिंग स्थलों पर नशापान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बोट को निर्धारित गति सीमा में चलाने और किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या जोखिम भरे संचालन पर सख्त रोक लगाई गई है। मानकों का होगा कड़ाई से पालन जिला दंडाधिकारी भजन्त्री ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने खासकर बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों से अपील की है कि वे बोटिंग के दौरान बच्चों को सही तरीके से लाइफ जैकेट पहनाएं और उसकी बेल्ट अच्छी तरह कसकर बांधें। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अभिभावकों की होगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गौरव गोस्वामी, अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बैठक में लिए गए निर्णयों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि बोटिंग गतिविधियां सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकें।

रांची समेत कई जिलों में उपभोक्ता फोरम खाली, ऑनलाइन सुनवाई बनी सहारा

 रांची  झारखंड में अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे उपभोक्ताओं को न्याय मिलने में लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। वर्तमान में झारखंड उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में करीब छह हजार मामले लंबित हैं। विडंबना यह है कि पूरे राज्य के मामलों के निष्पादन का जिम्मा केवल अध्यक्ष बसंत कुमार गोस्वामी के कंधों पर है। रांची, देवघर, बोकारो और धनबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों के फोरम में सदस्यों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। क्यों अटकी हैं नियुक्तियां? जानकारी के अनुसार, रांची फोरम में जनवरी 2025 से ही एक भी अधिकारी मौजूद नहीं है। हालांकि इन पदों पर नियुक्ति राज्य सरकार को करनी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नया कानून बनाने का निर्देश दिया है। ऑनलाइन सुनवाई बना सहारा कोर्ट के आदेशानुसार, नए नियमों के गठन के बाद ही नियुक्तियां संभव हो पाएंगी, जिसके कारण वर्तमान में सरकार के हाथ बंधे हुए हैं। पदों के अभाव और बढ़ते बोझ के बीच अध्यक्ष बसंत कुमार गोस्वामी ऑनलाइन माध्यम से मामलों का निपटारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोग के पास सबसे अधिक मामले गाड़ी इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस और बैंक लोन से जुड़े आते हैं। उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय देने के लिए ऑनलाइन सुनवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। घर बैठे ऐसे दर्ज करें शिकायत उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए आयोग ने हर जिले को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ दिया है। अब शिकायतकर्ता को कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। शिकायत दर्ज करने के लिए तीन प्रमुख विकल्प उपलब्ध हैं:         CP Grams (सीओपी ग्राम): सबसे पहले यहां शिकायत दर्ज करनी चाहिए।         हेल्पलाइन नंबर 1915: यदि पहले स्तर पर समाधान न मिले तो इस नंबर पर संपर्क करें।         ई-जागृति पोर्टल: उपभोक्ता सीधे इस पोर्टल के माध्यम से भी अपनी कानूनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हालिया सफलताएं: उपभोक्ताओं को मिला हक संसाधनों की कमी के बावजूद आयोग ने इस वर्ष कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं:         हजरत अली मामला: दुर्घटना के एक मामले में बीमा कंपनी की आनाकानी के बाद आयोग ने पीड़ित को 2 लाख 96 हजार रुपये का भुगतान सुनिश्चित कराया।         महावीर महतो केस: उपभोक्ता को 9 लाख रुपये का हर्जाना दिलवाया गया।         मोहन कुमार केस: ऑटो चोरी होने के बाद बीमा राशि नहीं मिल रही थी, आयोग ने सुनवाई कर 3 लाख रुपये से अधिक की राशि दिलवाई।     सीमित साधनों में काम करना पड़ रहा है। रांची जिला उपभोक्ता फोरम में कोई अधिकारी नहीं है। हमारे यहां भी सदस्य नहीं है। अकेले ही काम करना पड़ रहा है। इसलिए, हमने आनलाइन सेवा शुरू की और लोग इसका लाभ उठा रहे हैं -बसंत कुमार गोस्वामी, अध्यक्ष, झारखंड उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग