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15 जुलाई तक टैक्स भुगतान पर छूट, ऑनलाइन पेमेंट करने पर मिलेगा 12% तक लाभ

वाराणसी उत्तर प्रदेश के एक नगर निगम में हाउस, वाटर और सीवर टैक्स को लेकर बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब यहां पर दिव्यांग और दृष्टिबाधित यानी जिन्हें दिखाई नहीं देता है, ऐसे लोगों से किसी प्रकार का टैक्स नहीं लेना का फैसला किया गया है। नगर निगम कार्यकारिणी ने अबकी पहली बार दृष्टिबाधित और 80 प्रतिशत तक दिव्यांग भवनस्वामियों को सभी कर से छूट दे दी है। इसमें गृह, जल और सीवरकर शामिल है। वहीं सामान्य लोगों को 15 मई से 15 जुलाई तक गृहकर और सीवरकर जमा करने पर 10 फीसदी की छूट दी जाएगी। यदि कर ऑनलाइन जमा करते हैं तो यह छूट 12 प्रतिशत मिलेगी। वहीं लाइसेंस शुल्क में व्यापारियों को 10 प्रतिशत की राहत दी गई है। यह छूट वाराणसी के नगर निगम ने दी है। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को निगम मुख्यालय में कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। करीब तीन घंटे चली बैठक में दृष्टिहीन और 80% दिव्यांग भवन स्वामियों के लिए कर में पूरी तरह छूट का निर्णय हुआ। लेकिन संबंधित भवनस्वामी को दिव्यांगता प्रमाण पत्र निगम कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। जिन भवन स्वामियों ने इस वित्तीय वर्ष का गृहकर, सीवरकर जमा कर दिया है, उनका अगले वित्तीय वर्ष में समायोजन होगा। उपसभापति नरसिंह दास ने सभी पूर्व महापौर और नगर प्रमुख के आवास तक जाने वाले मार्गों एवं गलियों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। पार्षद प्रवीण राय ने पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग की बदहाली का मुद्दा उठाया। कार्यकारिणी ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को परिक्रमा पथ पर सड़कों की मरम्मत, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, शौचालय सुविधा का निर्देश दिया। मदन मोहन तिवारी ने वर्ष 2023 से 2026 तक हुए कार्यों का ब्योरा एक सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा। प्रमोद राय ने ठेकेदारों को हो रहे भुगतान के संबंध में सवाल उठाए। सुशील गुप्ता ने कहा कि सड़क की खोदाई के लिए एनओसी में कड़ी शर्तें रखी जाएं। अशोक मौर्या ने कांशीराम आवास योजना की बदहाली पर सवाल उठाए। बैठक में अमरदेव यादव, हनुमान प्रसाद, माधुरी सिंह, सुशीला देवी रहीं। रेलवे की जमीन लेकर सुविधाएं दी जाएं शहर में बुनियादी सुविधाओं के लिए नगर निगम ने रक्षा संपदा विभाग और रेलवे की कुछ जमीनों को लेने के संबंध में प्रस्ताव दिया है। रक्षा संपदा विभाग से कैंटोंमेंट स्थित गुडशेड बाजार में 1.2286 हेक्टेयर, फुलवरिया फ्लाईओवर के नीचे 3.8121 हेक्टेयर, डोमरी और सूजाबाद में 19.6690 हेक्टेयर, 160 एकड़ क्षेत्र में 34.259 हेक्टेयर शामिल है। इसी तरह रेलवे से घौसाबाद में 2830 वर्ग मीटर, लहरतारा से मंडुवाडीह मार्ग पर 2029.30 वर्ग मीटर, गुडशेड बाजार में लगभग 4100 वर्ग मीटर जमीन शामिल है। प्रस्ताव के अनुसार नगर निगम रक्षा संपदा और रेलवे को इस कीमत की अपनी जमीन देगा।

तेज रफ्तार का कहर: गोसलपुर हाईवे पर ट्रैक्टर से भिड़ी बस, 39 यात्री जख्मी

जबलपुर   गोसलपुर में नेशनल हाईवे के बीच में मंगलवार सुबह ट्रैक्टर एमपी 20 ac 0372 बस क्रमांक एमपी 20 pa 9849 क्रॉसिंग के दौरान जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों से भरी बस और ट्रैक्टर दोनों पलट गए। जबलपुर कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित बस में सवार 39 लोग घायल, जिसमें 21 लोग सिहोरा अस्पताल और 18 गोसलपुर में के सरकारी अस्‍पतासल में भर्ती किए गए हैं।  जबलपुर  गोसलपुर में नेशनल हाईवे के बीच में मंगलवार सुबह ट्रैक्टर एमपी 20 ac 0372 बस क्रमांक एमपी 20 pa 9849 क्रॉसिंग के दौरान जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों से भरी बस और ट्रैक्टर दोनों पलट गए। जबलपुर कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित बस में सवार 39 लोग घायल, जिसमें 21 लोग सिहोरा अस्पताल और 18 गोसलपुर में के सरकारी अस्‍पतासल में भर्ती किए गए हैं। 

गर्मी में ठंडक और स्वाद का कॉम्बो: अचारी लौकी सलाद बनाने की आसान रेसिपी

 गर्मियों के मौसम में जब कुछ हल्का और चटपटा खाने का मन होता है तो अक्सर सलाद खाने का मन करता है. लेकिन क्या आपने कभी अचारी लौकी सलाद ट्राई किया है. इसमें लौकी की ठंडक और अचार के मसालों का चटपटा स्वाद मिलता है जो खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि लौकी न खाने वाले भी इसे मांग-मांगकर खाते हैं. खास बात यह है कि यह सलाद बिना तेल के बनता है और झटपट तैयार हो जाता है, इसलिए हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए भी यह एक बेहतर ऑप्शन है.  आइए जानते हैं कि लौकी का अचारी सलाद कैसे बनता है और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 कप कद्दूकस की हुई या हल्की उबली लौकी 1/2 कप दही 1 चम्मच अचारी मसाला (अचार का मसाला या घर का बना) 1/2 चम्मच भुना जीरा पाउडर चुटकी भर काली मिर्च 1 चम्मच नींबू का रस नमक स्वादानुसार थोड़ा सा हरा धनिया (गार्निश के लिए) लौकी का अचारी सलाद कैसे बनाते हैं?     लौकी का अचारी सलाद बनाने के लिए सबसे पहले लौकी को हल्का उबाल लें या कद्दूकस करके उसमें थोड़ा नमक मिलाकर 5 मिनट रख दें. इसके बाद उसका पानी अच्छी तरह निचोड़ लें.     अब एक बाउल में दही को अच्छी तरह फेंट लें. इसमें अचारी मसाला, नमक, भुना जीरा पाउडर, काली मिर्च और नींबू का रस डालकर अच्छे से मिलाएं.     अब इसमें तैयार की हुई लौकी डालें और अच्छी तरह मिक्स करें. ऊपर से हरा धनिया डालकर गार्निश करें और सलाद को हल्का ठंडा करके सर्व करें.     अचारी मसाले के लिए आप घर के आम या मिक्स अचार का मसाला इस्तेमाल कर सकते हैं. चाहें तो इसमें थोड़ा कटा हुआ प्याज या टमाटर भी डाल सकते हैं, इससे इसका स्वाद और बढ़ जाएगा.  

डोनाल्ड ट्रंप के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के बीच अमेरिका-ईरान टकराव तेज, होर्मुज में फंसे जहाज

नई दिल्ली होर्मुज में जारी तनाव की वजह से पैदा हुए ऊर्जा संकट के बीच ईरान ने एक बार फिर यूएई पर अटैक किया है। ईरान ने यूएई पर करीब 15 मिसाइलें और ड्रोन दागे। इसके बाद आपातकालीन सायरन बजाकर लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने का आग्रह किया गया। इससे पहले अमेरिकी सेना ने दो व्यापारिक जहाजों के होर्मुज से होकर गुजरने का दावा किया था। इसके बाद अमेरिका और ईरान में एक बार फिर युद्ध की स्थित बनती दिखाई दे रही है। इसकी शुरुआत ईरान ने यूएई पर हमले करके कर दी है। यह चेतावनी उस समय जारी की गयी, जब कुछ समय पहले हालांकि, तत्काल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है और बाद में स्थिति को सामान्य घोषित कर दिया गया। युद्धविराम पर ट्रंप ने साधी चुप्पी होर्मजु में ईरान ने अमेरिकी नौसेना के पोत पर हमला करने का दावा किया जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम का आगे बढ़ाने को लेकर भी चुप्पी साधे हुए हैं। उधार ईरान और यूएई में तनाव बढ़ने के बाद खाड़ी देश सुरक्षा को लेकर फिर तनाव में आ गए हैं। ईरान और अमेरिका में बातचीत के तमाम प्रयास विफल हो गए। ईरान जितनी बार भी अमेरिका को अपने प्रस्ताव भेजता है उन्हें सिरे से खारिज कर दिया जाता है। ऐसे में भविष्य को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। होर्मुज में फंसे सैकड़ों जहाज इस बीच, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को मार्गदर्शन देने की पेशकश की है। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं। अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान ने बताया कि अमेरिकी ध्वज वाले दो व्यापारिक जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और फारस की खाड़ी में तैनात नौसेना के गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज व्यापारिक यातायात बहाल करने में मदद कर रहे हैं। कमान ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये जहाज 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत जलडमरूमध्य से गुजरे और व्यापारिक जहाज सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि नौसैनिक जहाज कब पहुंचे या व्यापारिक जहाज कब रवाना हुए।वइसी घोषणा के तुरंत बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में संभावित मिसाइल हमले का आपातकालीन सायरन जारी किया गया, जिसमें लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया। अप्रैल की शुरुआत में युद्धविराम लागू होने के बाद यह पहली ऐसी चेतावनी थी। फिलहाल किसी के हताहत होने या नुकसान की खबर नहीं है। इससे पहले, ईरान की समाचार एजेंसियों ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण-पूर्व में एक बंदरगाह के पास ईरान ने एक अमेरिकी पोत को निशाना बनाया, जिस पर समुद्री सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। खबरों में कहा गया कि पोत को वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, अमेरिकी कमान ने स्पष्ट किया कि "अमेरिकी नौसेना के किसी भी जहाज को निशाना नहीं बनाया गया है।" क्या है ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा की थी। इस पहल में गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक, 100 से अधिक विमान और करीब 15,000 सैनिक शामिल हो सकते हैं, हालांकि सहायता के स्वरूप को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिका के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र ने जहाजों को ओमान के जलक्षेत्र से गुजरने की सलाह दी है और वहां 'उन्नत सुरक्षा क्षेत्र' बनाया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि शिपिंग कंपनियां और बीमा कंपनियां इस जोखिम को उठाने के लिए तैयार होंगी या नहीं, क्योंकि ईरान पहले भी जहाजों पर हमले कर चुका है और आगे भी ऐसा करने की चेतावनी दे चुका है। ईरान ने अमेरिकी पहल को तीन सप्ताह से अधिक समय से लागू नाजुक युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कोई भी विदेशी सैन्य बल, विशेषकर अमेरिकी सेना, यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करती है तो उसे निशाना बनाया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस पर ईरान का नियंत्रण उसे अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे युद्ध में रणनीतिक बढ़त देता है, जिससे वह वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान जहाजों के आवागमन में बाधा डालता है तो अमेरिका "कड़ा जवाब" देगा। उन्होंने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को मानवीय पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य उन नाविकों की मदद करना है, जो युद्ध के कारण फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने इस पहल को ट्रंप की "भ्रमपूर्ण सोच" करार दिया है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी मांगों में लगातार बदलाव के कारण कूटनीतिक समाधान मुश्किल हो रहा है। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने आरोप लगाया है कि ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजर रहे उसके एक तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला किया, हालांकि इसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। उधर, पाकिस्तान ने सोमवार को बताया कि उसने अमेरिकी कब्जे में लिए गए एक ईरानी जहाज के 22 चालक दल के सदस्यों को अपने यहां स्थानांतरित करने में मदद की है। यह कदम वार्ता बहाल करने के प्रयासों के तहत विश्वास बहाली के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत, सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच हुआ उच्चस्तरीय दौरा

पटना वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर मंगलवार सुबह गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। यहां बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर सुरक्षा और प्रोटोकॉल के विशेष इंतजाम किए गए थे। बोधगया पहुंचकर महाबोधि मंदिर में किया दर्शन एयरपोर्ट से राष्ट्रपति सड़क मार्ग से बोधगया पहुंचे और सीधे महाबोधी मंदिर गए। वहां उन्होंने भगवान बुद्ध के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। राष्ट्रपति तो लाम के साथ वियतनाम का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। उन्होंने महाबोधि मंदिर परिसर में कुछ समय ध्यान किया और बौद्ध परंपराओं के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की। वियतनाम में भी भगवान बुद्ध के प्रति विशेष श्रद्धा होने के कारण बोधगया का खास धार्मिक महत्व है आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत की नगरी गयाजी आगमन पर वियतनाम के माननीय राष्ट्रपति टो लाम जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।  यह ऐतिहासिक आगमन निश्चित ही हमारे भारत-वियतनाम के प्रगाढ़ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट राष्ट्रपति के दौरे को लेकर गया जिला प्रशासन कई दिनों से तैयारी में जुटा था। एयरपोर्ट से लेकर महाबोधि मंदिर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई थी, जबकि मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की सघन जांच की गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति बोधगया के विभिन्न बौद्ध स्थलों का भ्रमण करेंगे। उनके दौरे को लेकर शहर में साफ-सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को दुरुस्त किया गया है। विदेशी प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भारत-वियतनाम संबंधों को मिलेगा बल वियतनाम के राष्ट्रपति के दौरे को बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे। यह दौरा भारत और वियतनाम के सांस्कृतिक व धार्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तूफानी रात से बेहाल मुक्तसर: अंधेरे में गुजरी रात, मंडियों में भीगा अनाज

श्री मुक्तसर साहिब/चंडीगढ़. मुक्तसर जिले में रात करीब साढ़े नौ बजे बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। जिस कारण बिजली की तारों व खंभों को नुकसान पहुंचा है जिससे बिजली सप्लाई रातभर ठप रही। वहीं, अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं की फसल वर्षा से भीग गई है। वहीं मजदूरों ने रोष व्यक्त किया है। हालांकि जो फसल भीगी है उसमें अधिकांश की खरीद हो चुकी है। बारिश का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ। मुक्तसर की मुख्य अनाज मंडी समेत विभिन्न मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं भीग गई। मंडी बोर्ड ने पहले ही तिरपाल का इंतजाम करने के निर्देश दिए थे, मगर खरीद एजेंसियों और आढ़तियों की लापरवाही सामने आई है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों में फरीदकोट, लुधियाना,मालेरकोटला,मोगा व मुक्तसर में विभिन्न स्थानों पर बिजली की गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। फिलहाल मंडियों में भीगी गेहूं को सुखाने का काम शुरू हो गया है।

गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने किसानों को बताए बचाव का उपाय

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने फसल को कीटों से बचाने के लिए अलर्ट जारी किया है। अपर गन्ना आयुक्त वीके शुक्ला के मुताबिक इस समय चूसक कीटों का खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने जरूरी सुझाव दिए हैं। वर्तमान में तापमान अधिक होने के कारण उत्तर प्रदेश में गन्ने के पौध और पेड़ी फसल में चूसक कीटों का प्रकोप देखा जा रहा है, जिससे फसल की वृद्धि और उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने इन चूसक कीटों की पहचान, लक्षण एवं प्रभावी नियंत्रण के संबंध में विस्तृत जानकारी किसानों के लिए साझा की है। कीटों की पहचान और नुकसान काला चिकटा (ब्लैक बग) काला चिकटा चूसक कीट काले रंग का होता है। इसका प्रकोप अधिक तापमान व शुष्क मौसम समान्यतः अप्रैल से जून में पेड़ी में अधिक व बावक फसल में कम दिखाई देता। प्रभावित पौधों की पत्तियों पीली हो जाती हैं और उन पर कत्थई रंग के धब्बे पाए जाते हैं। इसके शिशु पत्रकंचुक एवं गन्ने के गोंफ के मध्य में पाये जाते हैं। प्रौढ़ तथा शिशु दोनों पत्तियों का रस चूसते हैं, जिससे गन्ने की बढ़वार रुक जाती है। वहीं थ्रिप्स कीट बहुत छोटे लगभग 2-3 मिमी आकार के होते है। मादा कीट गहरे भूरे रंग व नर हल्के रंग के होते है। इसका प्रकोप अधिक तापमान व शुष्क मौसम में तेजी से होता है। थ्रिप्स पत्ती की उपरी सतह के अंदर अंडे देते है व निम्फ निकलकर पत्ती के रस चूसते हैं। पत्ती का अग्रभाग मुड़ कर नुकीला हो जाता है। प्रभावित पत्तियां ऊपर से नीचे की ओर सफेद/पीली हो जाती हैं। बारिश शुरू होते ही इनकी जनसंख्या में कमी होने लगती है। सैनिक कीट (कुतरकर खाने वाला कीट) की सूड़ी अवस्था गन्ने की पत्तियों को खाता है। मादा कीट पत्रकंचुक में एक समूह में अंडे देती है। पेड़ी फसल में इस कीट का प्रकोप अधिक होता है। तीनों कीटों के नियंत्रण की विधियां शोध वैज्ञानिकों के मुताबिक इन तीन कीटों पर नियंत्रण के लिए खेत की नियमित अंतराल पर सिंचाई करते रहें। खेत को खरपतवार या गन्ने की सूखी पत्तियों से मुक्त रखें। संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें। साथ ही सुबह या शाम को प्रोफेनोफॉस 40 प्रतिशत के साथ साइपरमेन्थिन 4 प्रतिशत ई.सी. 750 मिली (संयुक्त उत्पाद) अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल दर 200 मिली का प्रति हेक्टेअर की दर से 625 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।

न्यायधानी बिलासपुर में जनगणना दल पर फिर हमला — बिल्हा के बाद तखतपुर के देवरीकला में कोटवार की बेरहमी से पिटाई

बिलासपुर जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बिल्हा क्षेत्र की घटना के बाद अब तखतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवरीकला में जनगणना कार्य के दौरान सरकारी कर्मचारियों पर हमला होने का मामला सामने आया है। इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और मैदानी अमले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनगणना कार्य के तहत “गुरुजी” (शिक्षक) के साथ कोटवार नकुल दास गांव में सर्वे के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान सरपंच पति शत्रुघन सूर्यवंशी अपने बेटे और भतीजे के साथ मौके पर पहुंचा और विवाद करते हुए कोटवार के साथ जमकर मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने कोटवार को बेरहमी से पीटा, जिससे वह घायल हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद पीड़ित कोटवार नकुल दास ने तत्काल सकरी थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। बावजूद इसके, खबर लिखे जाने तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सरकारी कार्य में सीधा हस्तक्षेप और शासन-प्रशासन के अधिकारों को चुनौती देने जैसा है। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ यदि इस प्रकार की घटनाएं होती रहीं, तो यह कार्य बाधित होना तय है। इससे न केवल शासन की योजनाओं पर असर पड़ेगा, बल्कि मैदानी कर्मचारियों का मनोबल भी टूटेगा। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी कार्य में बाधा डालने का दुस्साहस न कर सके। साथ ही, जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई है। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है। यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो ऐसे घटनाक्रम आगे भी दोहराए जा सकते हैं।

पाकिस्तान में महिला आत्मघाती दस्ते तैयार, जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाने की साजिश में जैश-ए-मोहम्मद

श्रीनगर  पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा महिला आत्मघाती दस्ते के लिए बड़े स्तर पर भर्तियां करने में लगा है। इस आत्मघाती दस्ते को तैयार करने की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग जमात-उल-मोमिनात को दी गई है।    इस संगठन की ओर से आयोजित महिला आत्मघाती दस्ते की बड़ी बैठक की खुफिया जानकारी और तस्वीरें मिली है। 18 अप्रैल को सुबह 9 बजे मुजफ्फराबाद के गोजर स्थित ओएसए (वन स्टेप अहेड कॉलेज) कॉलेज में 10 घंटे का विशेष सत्र आयोजित किया गया और भर्तियां की गयीं।  इस सत्र में आतंकवादी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर समेत पीओके के चार कमांडर भी मौजूद थे। करीब 150 से ज्यादा महिलाओं को इस विशेष सत्र के लिए बुलाया गया था। खुफिया एजेंसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक 18 अप्रैल को हुई आत्मघाती दस्तों की भर्ती और ट्रेनिंग कैंप पूरी जानकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी जा चुकी है। पाकिस्तानी सेना कर रही मदद पाकिस्तानी मामलों के जानकार और लंबे समय तक खुफिया एजेंसियों को सेवा देने वाले रिटायर्ड ब्रिगेडियर हरदीप सिंह विरदी कहते हैं कि पाकिस्तान की सेना का पूरा फोकस महिलाओं के आत्मघाती दस्ते को तैयार करने पर लगा हुआ है। यही वजह है कि जैश ए मोहम्मद की महिला विंग जमात उल मोमिनात को आगे किया जा रहा है।      रिटायर्ड ब्रिगेडियर विरदी कहते हैं कि इसके साथ-साथ पाकिस्तान में ही हरकत-उल-मुजाहिदीन से जुड़ी महिलाएं भी आतंक को आगे बढ़ाने में शरीक होती हैं। उनको भी जम्मू कश्मीर से लेकर भारत के अलग अलग हिस्सों में आतंक को फैलाने का टास्क दिया जा रहा है। निशाने पर जम्मू-कश्मीर केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक इस कोर्स के बाद दो चरण के बड़े कोर्स जमात-उल-मोमिनात की ओर से कराए जाने हैं। सूत्रों के मुताबिक आखिरी सेशन में पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर के खुद शामिल होने का बयान भी जारी किया गया।        जानकारी के मुताबिक इस बैठक में महिलाओं को जम्मू कश्मीर के नक्शे के साथ यहां के एक-एक जिले और उसकी डेमोग्राफी के बारे में बताया गया। इस बैठक में जिक्र इस बात का भी किया गया कि मई के तीसरे हफ्ते में इन महिलाओं को इस सत्र के बाद लाहौर में एक विशेष ट्रेनिंग दी जानी है।      इससे पहले भी 17 जनवरी को लाहौर के वीमेन लॉ कॉलेज और बहावलपुर के मरकज उस्मान-ओ-अली में भी कैंप लगाए जा चुके हैं। जिसमें 90 से ज्यादा महिलाओं ने शिरकत की थी।  

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश के उपभोक्ताओं के हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय

लखनऊ उत्तर प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब सभी प्रीपेड मीटर पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के रूप में कार्य करेंगे। पहले की तरह ही बिजली बिल में बिल जमा करने की तिथि उल्लिखित रहेगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को अपना बकाया भुगतान 10 किस्तों में करने की बड़ी राहत भी दी गई है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए.के. शर्मा ने इस संबंध में बैठक के बाद विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिलिंग साइकिल वैसे ही रहेगा जैसे पहले पोस्टपेड मीटर में होता था। पूर्व की तरह 1 तारीख से माह के अन्त तक बिल की खपत का एक महीने का बिल एसएमएस और व्हाट्सएप पर दिया जायेगा। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नम्बर बदला है, वे अपना नम्बर अपडेट करवा सकते हैं। इस फैसले से प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बिलिंग प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी, भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा।  10 तारीख तक मिलेंगे बिल ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल मिल जायेंगे। बिल मिलने की तिथि से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जायेगा। जिस उपभोक्ता को समय से बिल न प्राप्त हो वो व्हाट्सएप चैटबॉट्स पर संयोजन संख्या सूचित कर अपना बिल व बकाया बिल प्राप्त कर सकेंगे। यह बिल 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर भी प्राप्त किये जा सकेंगे।  10 किस्तों में जमा कर सकते हैं बकाया उपभोक्ताओं को सुविधा देने के लिए यह बड़ा निर्णय लिया गया है कि 30 अप्रैल तक (मई के बिल से पूर्व) उपभोक्ता का जो भी बिल बकाया रहेगा, वह 10 किस्तों में जमा कर सकता है। यदि किसी उपभोक्ता को बिल सम्बन्धी कोई समस्या है तो खण्ड एवं उपखण्ड स्तर पर मई एवं जून माह में वृहद् कैम्प का आयोजन कर स्मार्ट मीटर बिल सम्बन्धित शिकायत निस्तारण की सुविधा दी जायेगी। उपभोक्ता अपनी शिकायत 1912 पोर्टल पर भी दर्ज कर सकता है।  सिक्योरिटी राशि जमा करने में भी राहत जिन उपभोक्ताओं के परिसर में पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर लगाए गए थे और उनकी सिक्योरिटी वापस कर दी गई थी, अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर उनसे सिक्योरिटी एकमुश्त न लेकर 4 किस्तों में ली जाएगी। बिजली आपूर्ति पर भी सख्त निर्देश ऊर्जा मंत्री ने विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब न हों और यदि कहीं खराब हों तो उन्हें तत्काल बदला जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बिल न मिलने पर यहां करें संपर्क पूर्वांचल: +91 8010968292 मध्यांचल: +91 7669003409 पश्चिमांचल: +91 7859804803 दक्षिणांचल: +91 8010957826 केस्को (कानपुर): +91 8287835233