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रेलवे की बड़ी चूक! 6 इंच की जगह डेढ़ फीट का गैप, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल

सागर सागर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने का करोड़ों का प्रोजेक्ट न केवल लापरवाही का नमूना बन गया है बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। रेलवे इंजीनियरों की अनदेखी और प्रोजेक्ट पर काम करने वाली निजी फर्म की लापरवाही ने यह हालात पैदा किए हैं। रेलवे स्टेशन पर स्टेशन पर 4 साल से काम चल रहा है। इसमें स्टेशन के कायाकल्प के साथ फुट रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, 3 व 4 नंबर के नए प्लेटफार्म का काम हो रहा था। रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर 2 पर भी नए सिरे से कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान प्लेटफार्म क्रमांक 2 पर निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई। नियमानुसार ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच की जो दूरी महज 6 इंच होनी चाहिए, उसे डेढ़ फीट की दूरी पर बना दिया गया। इतने बड़े अंतर से ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों के लिए प्लेटफार्म खतरनाक हो गया। प्लेटफार्म ऊंचा करने का प्रयोग फेल, तब भी दूसरे प्लेटफार्म पर आजमा रहे कायाकल्प कार्य के दौरान 3 साल पहले प्लेटफार्म 1 को करीब एक फीट ऊंचा कर दिया गया है, लेकिन टीन शेड की ऊंचाई न बढऩे से यहां कई तरह की असुविधा हो रहीं हैं। पहला प्रयोग फेल होने के बाद भी अब प्लेटफार्म 2 को भी ऊंचा किया जा रहा है। ऐसे में खुद रेलवे के अधिकारी भी सवाल उठा रहे हैं कि रेलवे प्रबंधन यहां करना क्या चाह रहा है। प्लेटफार्म 2 पर अभी शुरू नहीं होना चाहिए था काम अभी प्लेटफार्म क्रमांक 3 और 4 नए प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं, ऐसे में यात्रियों को भारी परेशानियां हो रहीं हैं। पूरा यात्री दबाव प्लेटफार्म 2 पर ही है, ऐसे में इस प्लेटफार्म को नए सिरे से अभी बनाया ही नहीं जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार ने पूरे टीन शेड उखाड़ दिए और बेतरतीब प्लेटफार्म बना दिया, अब यहां यात्रियों को बैठने तक के लिए छाया नहीं है। ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच डेढ़ फीट का अंतर होने से यात्रियों को यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों के साथ हादसा होने की आशंका बनी हुई है। गैप इतना बड़ा है कि पैर फिसलने पर यात्री सीधे ट्रेन के पहिए के नीचे पहुंच जाएगा। सागर स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह प्लेटफार्म 2 पर ट्रेन के बीच गैप होने का मामला गंभीर है, इस संबंध में जबलपुर डीआरएम को अवगत करा दिया गया है। बीते दिन हुई बैठक में सभी समस्याएं रखी गईं थीं, जिस पर जबलपुर डीआरएम कमल कुमार तलरेजा ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। -मोहम्मद इरशाद, सदस्य रेलवे सलाहकार समिति पमरे जबलपुर। सागर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म का कार्य भोपाल मंडल की टीम देख रही है। संज्ञान में मामला आया है, जिसकी रिपोर्ट बनाकर डीआरएम कार्यालय से रिपोर्ट भोपाल भेजी गई है। -हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ जबलपुर मंडल।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तेज हलचल, जातीय संतुलन साधने में जुटी NDA सरकार

पटना बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद, सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 6 मई को कैबिनेट विस्तार कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच 16-16 मंत्रियों के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है। इसमें मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। वहीं, गठबंधन के अन्य तीन सहयोगी दलों को कुल चार मंत्री पद दिए जाने की संभावना है। संवैधानिक प्रावधान के तहत राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 36 मंत्री ही हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल अधिकांश मंत्रियों को नई मंत्रिपरिषद में फिर से मौका मिल सकता है। जदयू सूत्रों के अनुसार कैबिनेट विस्तार 6 मई को संभव है और इसमें पिछली सरकार के कई पुराने चेहरे दोबारा नजर आ सकते हैं। नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है। बिहार कैबिनेट फॉर्मूला तय सम्राट चौधरी के पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही भाजपा को बिहार में पहली बार अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने का अवसर मिला है। वहीं, जदयू के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, जो दोनों ही नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा और जदयू दोनों अपने-अपने खेमे से 16-16 मंत्रियों की नियुक्ति पर सहमत हो गए हैं। इसमें मुख्यमंत्री और जदयू के दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं। इसके अलावा, गठबंधन के अन्य छोटे सहयोगी दलों को चार मंत्री पद दिए जाएंगे।

गर्मी से राहत: कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित, कहीं बदला समय

नई दिल्ली भारत में साल 2026 की गर्मियों ने दस्तक देते ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। झुलसाती धूप और लू (Heatwave) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देशभर के कई राज्यों ने करोड़ों स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए या तो स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा कर दी है या उनके समय में भारी कटौती की है। दिल्ली में 50 दिनों का अवकाश दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सभी स्कूलों के लिए 50 दिनों की लंबी छुट्टियों का एलान किया है। दिल्ली के स्कूल 11 मई से 30 जून 2026 तक बंद रहेंगे और अब सीधे 1 जुलाई को ही खुलेंगे। बढ़ते पारे को देखते हुए अभिभावकों के लिए यह राहत की खबर है, हालांकि इतनी लंबी अवधि के कारण बच्चों की पढ़ाई और घर पर उनकी देखभाल को लेकर चुनौतियाँ भी बढ़ गई हैं。 विभिन्न राज्यों में छुट्टियों की स्थिति दिल्ली के अलावा कई अन्य राज्यों ने भी गर्मी की गंभीरता को देखते हुए समय से पहले कदम उठाए हैं: ओडिशा: यहां 27 अप्रैल से ही स्कूलों में ताले लग चुके हैं। पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों को छोड़कर पूरे राज्य में 22 अप्रैल से छुट्टियां शुरू हो गई थीं। छत्तीसगढ़: यहां छुट्टियों का सबसे लंबा अंतराल देखा जा रहा है, जहां 20 अप्रैल से 15 जून तक अवकाश घोषित है। उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत पूरे राज्य में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के लिए 20 मई से 15 जून तक छुट्टियां रहेंगी। स्कूलों के समय में बदलाव जिन राज्यों में अभी छुट्टियां घोषित नहीं हुई हैं, वहां बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाने के लिए सुबह के समय ही स्कूल संचालित किए जा रहे हैं:- नोएडा और गाजियाबाद: स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चल रहे हैं। झारखंड: यहां सुबह 11:30 बजे तक ही स्कूल खुले रखने के निर्देश हैं। महाराष्ट्र: राज्य में स्कूलों का समय सुबह 7:00 बजे से 11:15 बजे तक कर दिया गया है। राजस्थान: यहां भी नोएडा की तर्ज पर दोपहर 12:00 बजे तक स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी अभी और सताएगी। हालांकि, पंजाब और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में अगले सप्ताह सोमवार से बुधवार के बीच हल्की बारिश और आंधी की संभावना है। इस बदलाव से तापमान गिरकर 38-40 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है, जिससे अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

ड्रैगन की नई चाल! J-35AE फाइटर पाकिस्तान को बेचने की तैयारी, भारत के लिए खतरे की घंटी

नई दिल्ली   चीन ने अपने नए स्टेल्थ फाइटर जेट J-35AE का वीडियो जारी किया है. यह 2 मई को स्टेट ब्रॉडकास्टर CCTV पर दिखाया गया. J-35AE चीन के एडवांस्ड ट्विन-इंजन स्टेल्थ फाइटर का एक्सपोर्ट वर्जन है. इसमें ब्लेंडेड-विंग डिजाइन है, जो इसे दुश्मन के रडार से छिपाने में मदद करता है. यह मल्टीरोल फाइटर है, यानी हवा में लड़ाई, जमीन पर हमला और अन्य कई काम कर सकता है. चीन इसे 2026 की बड़ी उपलब्धि बता रहा है. J-35AE दो इंजन वाला स्टेल्थ फाइटर है. इसका डिजाइन बहुत आधुनिक है. ब्लेंडेड-विंग बॉडी की वजह से यह रडार पर कम दिखता है. यह हवाई जहाज दुश्मन क्षेत्र में घुसकर हमला कर सकता है. वापस सुरक्षित लौट सकता है. चीन का दावा है कि यह अपनी क्लास में बेहतरीन परफॉर्मेंस देगा. यह जेट न सिर्फ हवा में दूसरे विमानों से लड़ सकता है बल्कि जमीन के टारगेट को भी सटीक हमले से नष्ट कर सकता है.   पाकिस्तान को बिक्री की खबर क्यों गरमाई? वीडियो जारी होने के बाद खबरें तेज हो गई हैं कि चीन पाकिस्तान को 30 से 40 J-35AE जेट बेच सकता है. डिलीवरी मिड-2026 में शुरू हो सकती है. पाकिस्तान पहले ही चीन से J-10C फाइटर खरीद चुका है. उसके पायलट ट्रेनिंग भी कर रहे हैं. दोनों देशों के बीच डिफेंस पार्टनरशिप मजबूत है. अगर यह डील हुई तो पाकिस्तान की एयर फोर्स बहुत मजबूत हो जाएगी. J-35AE जैसा स्टेल्थ फाइटर भारत के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.   कई एक्सपर्ट सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं. @RupprechtDeino जैसे एनालिस्ट कहते हैं कि अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सिर्फ वीडियो और अफवाहों के आधार पर पूरी डील मान लेना सही नहीं है. चीन हथियारों का बड़ा निर्यातक बन रहा है, लेकिन हर खबर को तुरंत सच नहीं मानना चाहिए. इसी बीच इंडोनेशिया को J-10C बेचने की एक खबर को जल्दी ही गलत साबित कर दिया गया था.   चीन के हथियार निर्यात में बढ़ोतरी चीन अब दुनिया में हथियार बेचने में तेजी दिखा रहा है. J-35AE का एक्सपोर्ट वर्जन जारी करना इसी रणनीति का हिस्सा लगता है. इससे चीन न सिर्फ पैसे कमा रहा है बल्कि अपने सहयोगी देशों की सैन्य ताकत भी बढ़ा रहा है. पाकिस्तान के साथ यह डील अगर हुई तो दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ और तेज हो सकती है.   भारत के लिए क्या मतलब? अगर पाकिस्तान को J-35AE मिल गए तो भारत की वायुसेना को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. स्टेल्थ टेक्नोलॉजी वाले जेट रडार से बचकर अचानक हमला कर सकते हैं. भारत को भी अपनी स्टेल्थ और एडवांस्ड फाइटर क्षमता बढ़ाने पर और ध्यान देना होगा. J-35AE का वीडियो चीन की बढ़ती हवाई ताकत और एक्सपोर्ट महत्वाकांक्षा को दिखाता है. पाकिस्तान को संभावित बिक्री की खबरें अभी अनौपचारिक हैं, लेकिन अगर सच्ची हुईं तो क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ेगा. फिलहाल सभी को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.

राघव चड्ढा को पांच मई को राष्ट्रपति से मिलने का समय, सीएम मान से पहले तय हुई मुलाकात

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज पांच मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेंगे। इस प्रस्तावित मुलाकात से पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा तीन अन्य सांसदों के साथ राष्ट्रपति से मिलेंगे। ये सभी सांसद हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं।  राष्ट्रपति कार्यालय ने इन सांसदों को 5 मई को सुबह 10.40 बजे का समय दिया है। बताया जा रहा है कि यह सांसद पंजाब सरकार पर राज्य मशीनरी के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाएंगे। उनका आरोप है कि राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मान उसी दिन दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलेंगे। उन्होंने आम आदमी पार्टी के छह सांसदों को रिकॉल करने के मुद्दे पर समय मांगा है। पार्टी की ओर से 80 विधायकों को दिल्ली भेजने की तैयारी है हालांकि राष्ट्रपति से मुलाकात केवल मुख्यमंत्री ही करेंगे। 

TET केस में बड़ा मोड़: मोहन सरकार को मिली सफलता, सुप्रीम कोर्ट ने तय की सुनवाई तारीख

भोपाल शिक्षकों के हित में लगातार प्रयास कर रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस बार सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रदेश शासन द्वारा किए गए सतत प्रयासों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दरअसल, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-Teacher Eligibility Test) से जुड़े प्रकरण में दायर रिव्यू याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण से संबंधित आवेदनों को स्वीकार करते हुए मामले को ओपन कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दे दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, इस महत्वपूर्ण प्रकरण की सुनवाई 13 मई को दोपहर 2 बजे के लिए निर्धारित की गई है। ये सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के अधीन की जाएगी। ये निर्णय शिक्षकों के पक्ष को विस्तार से रखने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, मामले के न्यायिक पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त करेगा। महत्वपूर्ण कानूनी पहल आपको बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश शासन ने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए ये महत्वपूर्ण कानूनी पहल मानी जा रही है। सीएम ने कहा है कि, प्रदेश सरकार शिक्षकों के अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही इस प्रकरण में पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। शासन को विश्वास है कि, न्यायालय में पेश किए जाने वाले तथ्यों के आधार पर शिक्षकों को जल्द ही न्याय भी जरूर मिलेगा। शिक्षक कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश शासन ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी जरूरी बताया गया है। इस फैसले के बाद कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी। संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैदा हुई स्थितियों की जानकारी उन्हें दी थी। इसके बाद मुख्यमं ने सभी को आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोर्ट की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो। सरकार हर समय शिक्षकों के साथ है। शिक्षकों को मिली सरकारी वकालत प्रदेश सरकार द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर करना शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण उम्मीद की किरण माना जा रहा है। इस कदम से ये संदेश जाता है कि, राज्य स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षकों के अधिकारों का भी पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है। न्यायालय की सुनवाई के बाद उम्मीद है कि, शिक्षकों के हितों की रक्षा और उनकी स्थिति को मजबूत करने वाले फैसले आएंगे। साथ ही, इस पूरे मामले ने शिक्षकों को ये विश्वास भी दिया कि, उनकी आवाज को सरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा रही है और उनके भविष्य को संवारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

महिला स्वास्थ्य का आधार है मासिक धर्म, जानें इसे नियमित रखने के सरल उपाय

मासिक धर्म को हर महीने होने वाली साधारण प्रक्रिया के तौर पर देखा जाता है, लेकिन यह केवल सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि महिला के शरीर के शुद्धिकरण की प्राकृतिक प्रक्रिया मानी जाती है। आयुर्वेद में इसे “आर्तव चक्र” कहा गया है और महिला स्वास्थ्य का मूल आधार माना गया है, लेकिन आज के समय में खराब जीवनशैली की वजह से मासिक धर्म में गड़बड़ी, दर्द होना, पेडू पर सूजन आना, और गर्भाशय में सिस्ट का होना तेजी से बढ़ती समस्याएं बनती जा रही हैं। इससे हार्मोन संतुलन और प्रजनन क्षमता पर फर्क पड़ता है।  चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में मासिक धर्म को “आर्तव प्रवृत्ति” कहा गया है, जो हर महीने 3 से लेकर 5 दिनों तक होता है। हालांकि, जीवन शैली बिगड़ने से मासिक चक्र में गड़बड़ी हो जाती है, और इसके पीछे का कारण है शरीर के तीनों दोष। वात दोष असंतुलन से कमर दर्द और शरीर में ऐंठन बनी रहती है, और पित्त दोष असंतुलन से रक्त का प्रवाह अधिक हो जाता है और शरीर में जलन और गर्मी महसूस होती है, जबकि कफ दोष असंतुलन से शरीर भारी और सुस्त महसूस करता है। आयुर्वेद में मासिक धर्म को नियमित करने के कई उपाय बताए गए हैं, जिसमें पहला उपाय है संतुलित आहार। संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फल खाने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही तैलीय, मसालेदार और जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए। आयुर्वेदिक औषधियां भी मासिक धर्म को नियमित करने में मदद कर सकती हैं। अशोक, शतावरी और लोध्र जैसे औषधीय तत्व हार्मोन संतुलन में सहायक होते हैं और मासिक धर्म को नियमित कर दर्द से राहत दिलाते हैं। हालांकि सेवन से पहले सही मात्रा और समाधान के लिए चिकित्सक की सलाह जरूर लें। मासिक धर्म को नियमित करने के लिए नियमित दिनचर्या का होना भी जरूरी है। देर रात तक जागना और नींद की कमी हार्मोनल असंतुलन बढ़ा सकती है। समय पर सोना-उठना आवश्यक है और इसके साथ ही रोजाना सुबह योग और प्राणायाम जरूर करें। भद्रासन, पवनमुक्तासन और अनुलोम-विलोम मासिक धर्म को नियमित करने में मददगार हैं।

किसानों को मिलेगा सीधा फायदा: जमीन के बदले विकसित भूखंड, 6-लेन सड़क योजना लागू

इंदौर मध्य प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट इंदौर इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का काम शुरू होने जा रहा है। इंदौर को नई ऊंचाई देने वाले 2410 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मई को नैनोद में भूमि पूजन करेंगे। किसानों को बुलाने के लिए सरकारी महकमा पीले चावल बांटेगा। आने पर बकायदा उनकी जमकर खातिरदारी की जाएगी जिसके लिए एसी पंडाल और लजीज भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इंदौर एयरपोर्ट के पीछे से पीथमपुर के सेक्टर सेवन के बीच एमपीआइडीसी इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने जा रहा है जिसमें 20.25 किमी की लंबी सड़क होगी। 1331.02 हेक्टेयर जमीन पर ये योजना विकसित होगी जिसमें अलग अलग सेक्टर बनाए जाएंगे। सरकार जमीन के बदले किसानों को 60 फीसदी विकसित भूखंड देगी जो कि अब तक की योजनाओं में सबसे ज्यादा है। तैयार हो रहे एसी पंडाल महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 3 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भूमि पूजन करने जा रहे है। आयोजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा ने गुरुवार को नैनोद में एक बैठक बुलाई जिसमें जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन व एमपीआइडीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति, राऊ विधायक मधु वर्मा, एडीएम रोशन राय व एसडीएम निधि वर्मा प्रमुख रूप से मौजूद थीं। चर्चा के दौरान तय किया गया कि कॉरिडोर में प्रभावित गांव टीही, धन्नड़, भैंसलाय, सोनवाय, डेहरी, बागोदा, मोकलाय, नरलाय, शिवखेड़ा, सिंदौड़ी, सिंदौड़ा, श्रीराम तलावली, नावदा पंथ, बिसनावदा, रिंजलाय, नैनोद व कोर्डिया बर्डी के किसानों को आयोजन के लिए पीले चावल देंगे जो अपनी जमीन देकर विकास को नई रफ्तार दे रहे हैं। गर्मी में किसान परेशान न हों इसके लिए 4 हजार लोगों की क्षमता वाला एसी पंडाल तैयार किया जा रहा है। बकायदा लजीज भोजन भी होगा। कुछ किसान योजनाओं में ली जाने वाली जमीन का चार गुना मुआवजा देने की घोषणा पर मुख्यमंत्री का सम्मान करेंगे। 5 लाख को मिलेगा रोजगार इकोनॉमिक कॉरिडोर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। यहां पर अलग अलग सेक्टर बनाए जाएंगे जिसमें हर सेक्टर का अलग लैंड यूज होगा। एयरपोर्ट के पीछे से पीथमपुर तक 75 मीटर चौड़ी सडक़ बनेगी जो इंदौर अहमदाबाद नेशनल हाईवे व एबी रोड को जोडऩे का काम करेंगी। कॉरिडोर के दोनों तरफ 300-300 मीटर जमीन ली जा रही है। इसमें फिनटेक सिटी, दलाल स्ट्रीट, आइटी हब के साथ में व्यावसायिक व औद्योगिक ह्रश्वलॉट होंगे तो बड़ा एरिया रेसीडेंशियल ह्रश्वलॉट का भी रहेगा जिसमें 20 मंजिल तक हाईराइज रहेगी।

BPSC Prelims में बड़ा बदलाव: 5वां ऑप्शन ‘E’ हुआ अनिवार्य, नहीं भरा तो नेगेटिव मार्किंग

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक (बहुविकल्पीय) परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 विकल्प (A–E) होंगे। इस संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सटीक बनाना है। बीपीएससी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत हर प्रश्न में पांच विकल्प (A, B, C, D, E) दिए जाएंगे। इनमें विकल्प ‘E’ का अर्थ होगा—प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया (Not Attempted)। पुरानी व्यवस्था में 4 विकल्प पहले प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्प (A, B, C, D) होते थे और इनमें से किसी एक का चयन करना अनिवार्य नहीं था। इसी वजह से कई अभ्यर्थी प्रश्नों को बिना उत्तर दिए छोड़ देते थे, जबकि उत्तर देने वाले अभ्यर्थी उपलब्ध विकल्पों (A, B, C या D) में से किसी एक का चयन करते थे। E’ विकल्प अनिवार्य अभ्यर्थी प्रश्न का उत्तर देना चाहता है, तो वह विकल्प A, B, C या D में से किसी एक का चयन करेगा। यदि अभ्यर्थी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ‘E’ का चयन करना होगा। नेगेटिव मार्किंग लागू बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक (बहुविकल्पीय) परीक्षा प्रणाली में पहले कई अभ्यर्थी प्रश्नों को बिना हल किए खाली छोड़ देते थे, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत हर प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों की जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही ओएमआर शीट में किसी तरह की छेड़छाड़ की संभावना भी कम हो जाएगी। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते हैं, तो वे विकल्प ‘ई’ का चयन कर सकते हैं। वहीं, यदि कोई अभ्यर्थी दिए गए पाँचों विकल्पों में से किसी को भी नहीं चुनता है, तो ऐसे प्रत्येक अनुत्तरित प्रश्न पर 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग के रूप में कटौती की जाएगी।

2 पुरुषों से गर्भवती हुई महिला, जुड़वां बच्चे पैदा, डॉक्टर भी हैरान

कोलंबिया आज के समय में कई ऐसे कपल्स हैं जिनके जुड़वां बच्चे हैं. आमतौर पर जुड़वां बच्चों का पिता एक ही होता है लेकिन हाल ही में आए एक मामले ने मेडिकल साइंस को भी हैरत में डाल दिया है.  दरअसल, कोलंबिया एक मां ने 2 बच्चं को जन्म दिया था जो जुड़वां थे. लेकिन जब उसने डीएनए टेस्ट कराया तो सामने आया कि दोनों के पिता अलग-अलग हैं. दुनिया भर में अभी तक ऐसे सिर्फ 20 मामले ही सामने आए हैं।  डॉक्टर्स के मुताबिक इसे  'हेटेरोपैटर्नल सुपरफेकंडेशन' की स्थिति कहते हैं जो काफी दुर्लभ है जिसमें एक महिला की कोख से जन्मे 2 बच्चों के पिता के डीएनए अलग-अलग होते हैं. आखिर ये पूरा मामला क्या है, एक ही समय पर एक महिला 2 अलग-अलग पुरुषों से कैसे प्रेगनेंट हो सकती है, इस बारे में जान लीजिए।  क्या है 'सुपरफेकंडेशन' का पूरा मामला? मेडिकल साइंस की भाषा में इस स्थिति को हेटेरोपैटर्नल सुपरफेकंडेशन कहा जाता है. आमतौर पर एक महिला के ओव्यूलेशन पीरियड के दौरान एक ही एग्स रिलीज होता है लेकिन कभी-कभी शरीर 2 अंडे रिलीज कर देता है. अगर महिला बेहद कम समय के गैप में 2 अलग-अलग पुरुषों के साथ रिलेशन बना लेती है तो दोनों अंडे अलग-अलग स्पर्म से फर्टिलाइज हो सकते हैं. कोलंबिया की नेशनल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि यह मामला 100 प्रतिशत सही है।  डॉक्टरों और रिसर्च का क्या कहना है? एक्सपर्ट का मानना है कि यह स्थिति जितनी हैरान करने वाली है, उतनी ही दुर्लभ भी है. जेनेटिक्स एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के अनुसार, स्पर्म महिला के शरीर में कई दिनों तक जीवित रह सकते हैं. कोलंबिया के नेशनल यूनिवर्सिटी में 'लेबोरेटरी ऑफ पॉपुलेशन जेनेटिक्स एंड आइडेंटिफिकेशन' के रिसचर्स ने बताया कि पिता को बच्चों के पितृत्व पर संदेह था जिसके बाद डीएनए जांच कराई गई. रिपोर्ट में पाया गया कि बच्चों के 'Y' क्रोमोसोम अलग-अलग पिताओं से मैच कर रहे थे जिसने इस दुर्लभ मेडिकल कंडीशन को पक्का कर दिया।