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ट्रैफिक सुधार के तहत भोपाल-इंदौर बसें चलेंगी नए रूट पर, 8 मई से बदलाव

 सागर शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। भोपाल और इंदौर जाने वाली बसों के रूट में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है, जो 8 मई से प्रभावी होगी। नए रूट के तहत बसें अब शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से नहीं गुजरेंगी, जिससे मोतीनगर और आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। क्या हुआ बदलाव? नई व्यवस्था के अनुसार, भोपाल और इंदौर जाने वाली बसें अब राहतगढ़ बस स्टैंड नहीं जाएंगी। ये बसें पुराने मुख्य बस स्टैंड से रवाना होकर मोतीनगर चौराहे पहुंचेंगी और वहां से सीधे लेहदरा नाका स्थित नए बस स्टैंड होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ेंगी। जाम से मिलेगी राहत: वर्तमान में ये बसें रेलवे पुल के नीचे और राहतगढ़ बस स्टैंड तक जाकर वापस मुड़ती थीं, जिससे मोतीनगर थाना, बड़ी माता मंदिर और विजय टाकीज क्षेत्र में भारी जाम की स्थिति बनती थी। नए रूट से शहर के अंदरूनी इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और बसों का अनावश्यक घुमाव खत्म होने से यात्रा के समय में भी बचत होगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जनसुविधा: उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के बाहर लेहदरा नाका और मेनपानी में करीब 20 करोड़ की लागत से नए बस स्टैंड बनाए गए थे। यात्रियों और बस ऑपरेटर्स की असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने शहर के भीतर ट्रैफिक सुधार और नए बस स्टैंडों के उपयोग के बीच यह संतुलित रास्ता निकाला है।

युवा कांग्रेस में अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू, तैयारी जोरों पर

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजनीति में युवा कांग्रेस एक बार फिर सक्रिय मोड में है। संगठनात्मक चुनावों की आहट के साथ प्रदेशभर में हलचल तेज हो गई है। यह सिर्फ पदों की अदला-बदली भर नहीं, बल्कि संगठन की दिशा और भविष्य तय करने वाली प्रक्रिया भी है। तीन साल से अधिक समय से प्रदेश अध्यक्ष रहे आकाश शर्मा के कार्यकाल के बाद अब नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।इस पूरी कवायद की शुरुआत सदस्यता अभियान से होगी, जो मई-जून में चलाया जाएगा। यही सदस्यता आगामी चुनाव की बुनियाद बनेगी। खास बात यह है कि इस बार सदस्यता शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी भले छोटी लगे, लेकिन इसके पीछे संगठन की गंभीरता और संसाधनों को मजबूत करने की रणनीति साफ झलकती है। युवा कांग्रेस इस बार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने पर जोर दे रही है। सदस्यता से लेकर मतदान तक पूरा सिस्टम डिजिटल होगा और चुनाव को ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा। यह कदम न सिर्फ भागीदारी बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय नेतृत्व को उभारने की भी कोशिश है। चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में होगी पहले मतदान और फिर इंटरव्यू। अंतिम चयन वरिष्ठ नेतृत्व के हाथ में रहेगा। इस बार उम्र को भी एक अहम पैमाना बनाया गया है, जिसमें खासतौर पर 1989, 1990 और 1991 आयु वर्ग के दावेदारों पर फोकस रहने की चर्चा है। इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच संतुलन साधने की कोशिश में है। पिछले सदस्यता अभियान में 11 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने संगठन को मजबूती दी थी। इस बार यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यह सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर भी है। दूसरी ओर, दावेदारों की लंबी सूची इस चुनाव को और दिलचस्प बना रही है। नए और पुराने चेहरों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। यह प्रतिस्पर्धा जहां संगठन में नई ऊर्जा भर सकती है, वहीं गुटबाजी की चुनौती भी खड़ी कर सकती है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस का यह चुनाव महज संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक पुनर्संरचना का संकेत है। सदस्यता, डिजिटल चुनाव और नए चेहरों की एंट्री—ये तीनों फैक्टर मिलकर तय करेंगे कि आने वाले समय में संगठन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। अगर यह प्रक्रिया पारदर्शिता और संतुलन के साथ पूरी होती है, तो यह कांग्रेस के लिए प्रदेश में नई ताकत बन सकती है।

हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा बढ़ाने की मांग खारिज

चंडीगढ़. हरियाणा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा में बने रहने की राहत देने वाले पुराने नियम पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 3 फरवरी 2026 से लागू संशोधित नियमों के बाद कोई भी कर्मचारी 58 वर्ष से आगे सेवा जारी रखने का दावा नहीं कर सकता। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने इस संबंध में दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। मामले में श्याम लाल शर्मा व अन्य ने याचिकाएं दायर कर कहा था कि वे गंभीर दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं और पहले से लागू हरियाणा सिविल सेवा (जनरल) नियम, 2016 के नियम 143 के तहत उन्हें 60 वर्ष तक सेवा विस्तार दिया जा चुका था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार ने 3 फरवरी 2026 को नियमों में संशोधन कर दिव्यांग कर्मचारियों को इस लाभ से बाहर कर दिया, लेकिन यह संशोधन पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। उनका तर्क था कि एक बार सेवा विस्तार आदेश जारी होने के बाद उनका अधिकार “क्रिस्टलाइज” हो चुका था, जिसे बाद में छीना नहीं जा सकता। याचिकाकर्ताओं ने क्या दलील दी? याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी कि संशोधित अधिसूचना में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू किया जाएगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अर्जित अधिकारों को बाद में नियम बदलकर समाप्त नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार ने केवल दिव्यांग कर्मचारियों को ही लाभ से बाहर किया, जबकि ग्रुप-डी कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को अब भी 60 वर्ष तक सेवा का लाभ दिया जा रहा है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। वहीं, हरियाणा सरकार और बिजली निगमों की ओर से कहा गया कि इसी मुद्दे पर पहले ही डिवीजन बेंच “रजनीश कुमार बनाम हरियाणा सरकार” मामले में फैसला दे चुकी है, जिसमें साफ कहा गया था कि 3 फरवरी 2026 के बाद कोई भी मौजूद कर्मचारी 60 वर्ष तक सेवा जारी रखने का दावा नहीं कर सकता। सरकार ने तर्क दिया कि सेवानिवृत्ति आयु सेवा शर्तों का हिस्सा है और राज्य को इसे बदलने का अधिकार है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डिवीजन बेंच पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि संशोधित नियम मौजूदा कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। अदालत ने कहा कि न्यायिक अनुशासन की मांग है कि पहले दिए गए डिवीजन बेंच के फैसले का समान रूप से पालन किया जाए। इसी आधार पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की सभी दलीलों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं।

DRI की रेड से मचा हड़कंप, रायपुर स्थित हंस ट्रैवल्स ऑफिस में भारी मात्रा में कैश मिला

रायपुर. राजधानी रायपुर के रिंग रोड स्थित हंस ट्रैवल्स कार्यालय में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी छापेमार कार्रवाई की है। ट्रैवल कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये के जाली नोट दूसरे राज्यों में भेजे जाने की सूचना पर डीआरआई की टीम ने रेड डाली। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 10, 20 और 50 रुपये के नोटों से भरे तीन बोरे बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए अपने टीम अपने साथ ले गई है। बताया जा रहा है कि डीआरआई के पांच अधिकारियों की टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के मुताबिक डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम को जाली नोटों को दूसरे राज्यों में पहुंचाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पाँच अफसरों की टीम ने रिंग रोड स्थित हंस ट्रैवल्स में रेड कार्रवाई को अंजाम दिया। इस छापेमारी के दौरान अफसरों को तीन बोरों से भरे नोट मिले हैं, जिन्हें पश्चिम बंगाल के कोलकाता से दिल्ली भेजने के लिए बस में चढ़ाया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोलकाता से किसी उदय सिंह बिस्वाल नामक व्यक्ति ने नोटों से भरे बोरों को दिल्ली भेजने के लिए रखा था और दिल्ली में किसी कमल किशोर गुप्ता के पास पहुंचाया जा रहा था। लेकिन डीआरआई की टीम ने रेड कार्रवाई कर नोटों के बोरों को जब्त कर लिया है।

पुलिस की बड़ी Raid से मचा हड़कंप, गुरदासपुर में अवैध शराब के अड्डे ध्वस्त

गुरदासपुर. आबकारी विभाग गुरदासपुर के सहायक आयुक्त करमबीर महला के निर्देशों पर अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रखते हुए बड़ा एक्शन लिया गया। एक्साइज ऑफिसर हेमंत शर्मा (सर्कल-1) और दविंदर सिंह (सर्कल-2) की देखरेख में, एक्साइज इंस्पेक्टर दीपक कुमार (सर्कल गुरदासपुर), कश्मीर सिंह (सर्कल कादियां) तथा गुरदासपुर पुलिस ने डीएसपी कुलवंत सिंह मान और एक्साइज पुलिस की निगरानी में आज सुबह करीब 5:30 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया। ब्यास दरिया के किनारे ली गई गहन तलाशी यह अभियान एक्साइज सर्कल गुरदासपुर के गांव मौजपुर, भैणी मियां खान, भैणी पसवाल, भैणी मीलवां, आलमा और नूना बरकतां के मंड इलाकों में चलाया गया। करीब आठ घंटे तक चले इस बड़े ऑपरेशन के दौरान ब्यास दरिया के किनारे पूरे मंड क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। सर्च अभियान के दौरान अज्ञात शराब तस्करों द्वारा जमीन और सरकंडों में छिपाकर रखे गए 25 टीन, 6 लोहे के ड्रम, 3 अवैध शराब की भट्टियां, 12 प्लास्टिक कैन और 105 तिरपाल बरामद किए गए। इन तिरपालों में प्रत्येक में करीब 500 किलो के हिसाब से कुल लगभग 53,900 किलो लाहन (कच्ची शराब बनाने का मिश्रण) और 125 लीटर अवैध शराब बरामद हुई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। आबकारी व कर विभाग पूरी तरह सतर्क इस संबंध में इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि बरामद लाहन को तुरंत नष्ट कर दिया गया है और अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ऐसे सर्च ऑपरेशन आगे भी लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव नजदीक आते ही शराब तस्करों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए आबकारी व कर विभाग पूरी तरह सतर्क है और अवैध शराब के धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

सरकार देगी मुफ्त ट्रेनिंग, भोजन और आवास के साथ स्टाइपेंड भी: राज्यमंत्री गौर

फ्री ट्रेनिंग में रहना-खाना मुफ्त, स्टाइपेंड भी देगी सरकार : राज्यमंत्री गौर सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए 11 मई तक करें ऑफलाइन आवेदन, भोपाल मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए निशुल्क ट्रेनिंग देने जा रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' में उन्हें 45 दिन का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश के 4000 ओबीसी युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का लाभ लेने के लिए 11 मई की शाम 6 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के ओबीसी वर्ग के युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी संकल्प को साकार करते हुए सैन्य बलों में भर्ती की निःशुल्क कोचिंग के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक सौगात है। उन्होंने प्रदेश के ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवक-युवतियों से इस योजना में बढ़-चढ़कर आवेदन करने की अपील की है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन और निःशुल्क रखी गई है। उम्मीदवार, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट  ( www.bcwelfare.mp.gov.in)  से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, 20 चयनित जिलों में स्थित पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 'सहायक संचालक कार्यालयों' से भी निःशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त किए जा सकते हैं। इन फॉर्म को सही तरीके से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ 11 मई या उससे पहले इन्हीं कार्यालयों में जमा करना होगा। योजना के लिए कौन पात्र होगा? आवेदन करने के लिए युवा का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना और अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमीलेयर) श्रेणी में आना अनिवार्य है। आवेदक का न्यूनतम 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है। शारीरिक मापदंड के तहत पुरुषों की न्यूनतम ऊंचाई 168 सेंटीमीटर और महिलाओं की 155 सेंटी मीटर होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक के पैरों के तलवे चपटे (फ्लैट फुट) नहीं होने चाहिए और 'सावधान' की मुद्रा में खड़े होने पर दोनों घुटने आपस में टकराने (नॉक नीज़) नहीं चाहिए। आवेदन यदि 4000 से अधिक प्राप्त होते हैं, तो चयन 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों (मेरिट) के आधार पर किया जाएगा। अंक समान होने की स्थिति में अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान मिलेंगी कई सुविधाएं चयनित युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान कई शानदार सुविधाएं निशुल्क दी जाएंगी। प्रशिक्षणार्थियों को 45 दिन के आवासीय प्रशिक्षण में नाश्ता, दोनों समय का भोजन और अध्ययन सामग्री विभाग की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण अवधि में जेब खर्च के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 1,000 रुपए प्रतिमाह और महिला अभ्यर्थियों को 1,100 रुपए प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। योजना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कुल 4000 सीटों में से 35 प्रतिशत सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। ट्रेनिंग प्रोग्राम को रिजल्ट ओरिएंटेड बनाया गया है। इसमें युवाओं को हर दिन लगभग 4 घंटे सैद्धांतिक विषयों की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा, सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन 3 घंटे दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी शारीरिक ट्रेनिंग दी जाएगी। शुरुआत में यह ट्रेनिंग प्रदेश के 20 जिलों (भोपाल, रायसेन, इंदौर, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, गुना, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना और भिंड) के 40 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इन केंद्रों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी।

अंधेरे से उजाले की ओर: कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने जगाई नई उम्मीद

अंधेरे से उजाले की ओर- कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने भरी उम्मीद की रोशनी रायपुर, जब हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की कहानी आज सुशासन और संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बन चुकी है। विशेष पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाला यह दंपति दृष्टिबाधित है, लेकिन आज इनके चेहरे की मुस्कान सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्रतिबद्धता को बयां कर रही है। प्रधानमंत्री के हाथों मिली खुशियों की चाबी        कृष्णा और अनिता के परिवार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक मोड़ राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर आया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने हाथों से कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के घर की चाबी सौंपी। यह मात्र एक कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि वर्षों के अभाव और असुरक्षा के बाद मिला वह सम्मान था, जिसकी इस दंपति ने कल्पना की थी। अपनी मेहनत और शासकीय अनुदान के मेल से इन्होंने न केवल घर बनाया, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षित बुनियाद भी रखी। मनरेगा- आत्मनिर्भरता की नई इबारत       पक्के घर के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन के लिए महात्मा गांधी नरेगा (डळछत्म्ळ।) इस परिवार का सबसे बड़ा संबल बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी। वे मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2024-25 में 86 दिनों का रोजगार और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कृष्णा और अनिता के लिए सुशासन का अर्थ केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर और भविष्य की एक नई किरण है। योजनाओं के सुरक्षा कवच और बदला जीवन        शासन की बहुआयामी योजनाओं ने इस परिवार के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक घेरा तैयार कर दिया है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन की उपलब्धता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिली, जिससे इलाज की चिंता खत्म हुई और दिव्यांग पेंशन के माध्यम से निरंतर वित्तीय सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हुआ।          'अंधेरे से उजाले की ओर' कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन  के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रतीकात्मक कहानी है, जो दर्शाती है कि कैसे सरकारी योजनाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही आम नागरिकों का जीवन बदल सकती हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर : नगर पालिका बनेगा धमधा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और सांसद विजय बघेल भी हुए शामिल रायपुर लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने धमधा नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन की घोषणा की। धमधावासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। नगर पालिका के रूप में उन्नयन के बाद शहर को विकास कार्यों के लिए और ज्यादा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने वाली उप मुख्यमंत्री साव की इस घोषणा से धमधा के सुव्यवस्थित विकास तथा जनसुविधाएं विकसित करने के कामों को और अधिक गति मिलेगी। नगर पालिका बनेगा धमधा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा  उप मुख्यमंत्री साव ने अपने धमधा प्रवास के दौरान करीब 7 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 39 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने शहर के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की। साव ने बताया कि विगत दो वर्षों में धमधा नगर पंचायत के विकास के लिए 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम किए जा रहे हैं।  स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग के सांसद विजय बघेल, विधायकगण सर्वडोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ईश्वर साहू और ललित चन्द्राकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, धमधा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता अग्रवाल, उपाध्यक्ष ब्रिजेन्द्र दानी, जनपद पंचायत के अध्यक्ष लिमन साहू और पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू सहित सर्वसुरेन्द्र कौशिक, जितेन्द्र वर्मा, प्रीतपाल बेलचंदन, पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे।

मोनोकनी में बिपाशा बसु का रोमांटिक अंदाज, पति संग पूल में दिखाई प्यार भरी झलक

मुंबई  बॉलीवुड हसीना बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर एक दूसरे संग ड्रीम लाइफ एन्जॉय कर रहे हैं. बिपाशा और करण ने साल 2016 में शादी रचाई थी। कपल की शादी को 10 साल पूरे हो गए हैं. शादी की 10वीं सालगिरह पर दोनों इन दिनों एक दूसरे संग रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहे हैं और एक दूसरे संग यादगार पल बिता रहे हैं।    बिपाशा लगातार सोशल मीडिया पर अपने रोमांटिक वेकेशन की तस्वीरें फैंस संग शेयर करके उन्हें ट्रीट दे रही हैं।अब नई फोटोज में बिपाशा मोनोकनी पहने पूल में पति और बेटी देवी संग चिल करती हुई नजर आईं. वो खुशी से चहकती दिखीं।        प्रिंटेड मोनोकनी में एक्ट्रेस का बोल्ड अंदाज फैंस का दिल जीत रहा है. बिपाना ने डार्क शेडेड लिपस्टिक लगाकर अपना लुक कंप्लीट किया. सनग्लासेस में वो जलवे बिखेरती दिखीं। बिपाशा पति करण सिंह ग्रोवर की बांहों में रोमांटिक होती हुई भी दिखाई दीं. दोनों की सिजलिंग केमिस्ट्री फैंस का दिल जीत रही है।  बिपाशा परिवार संग वेकेशन के हर पल को यादगार बना रही हैं. उनकी तस्वीरों से उनकी खुशी का अंदाजा लगाया जा सकता है। बिपाशा अक्सर पति और बेटी संग क्वालिटी टाइम स्पेंड करती नजर आती हैं. परिवार ही उनकी जिंदगी बन चुका है. फैंस भी उनपर प्यार लुटा रहे हैं। बिपाशा और करण की शादी को भले ही 10 साल का वक्त बीत गया है. मगर उनके बीच का प्यार आज भी अटूट है. दोनों की केमिस्ट्री किसी न्यूलीमैरिड कपल से कम नहीं है।    शेयर की तस्वीरें और लिखा रोमांटिक नोट Bipasha Basu ने लिखा है कि वो और उनकी बेटी दुनियां की सबसे लकी इंसान हैं, जिन्हें Karan Grover जैसा पति और पिता मिला। बिपाशा बसु ने सबसे पहले अपनी शादी की फोटो शेयर की हैं, जिसमें दोनों एक साथ सात जन्मों के बंधन में बंधे थे। इन फोटोज में तीनों बहुत ही सुन्दर लग रहे हैं।  बिपाशा ने अपने 10 सालों के इन खूबसूरत सफर में अपने सबसे खास पलों को शेयर की है। कुछ फोटोज में बिपाशा अपने पति संग एन्जॉय करती हुई नज़र आ रही हैं। कब हुई बिपाशा और करण की शादी इसी के साथ आपको बता दें कि 30 अप्रैल 2016 के दिन दोनों शादी के बंधन में बंध गए थे और इसके बाद साल 2022  में उन्होने अपनी बेटी देवी को जन्म दिया। शादी के पहले दोनों ने दो साल तक एक-दूसरे को डेट किया। बिपाशा और करण की पहली मुलाकात 2014 में।

व‍िनेश फोगाट का डोप टेस्ट विवाद, स्टार रेसलर को नोट‍िस के जरिए करारा झटका

चंडीगढ़  भारतीय पहलवान व‍िनेश फोगाट (Vinesh Phogat) एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इंटरनेशनल टेस्ट एजेंसी (ITA) ने उन्हें दिसंबर 2025 में डोप टेस्ट मिस करने के मामले में नोटिस जारी किया है. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब वह नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के जरिए वापसी की तैयारी कर रही हैं।  ITA के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 को एक डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर (DCO) तय समय पर जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन व‍िनेश को लोकेट नहीं कर सके. इस पूरे मामले की समीक्षा के बाद 4 मई 2026 को उन्हें आधिकारिक नोटिस भेजा गया।  नियमों के मुताबिक, Registered Testing Pool (RTP) में शामिल खिलाड़ियों को रोजाना सुबह 6 बजे से रात 11 बजे के बीच एक घंटे का स्लॉट तय करना होता है, जिसमें वे बिना किसी पूर्व सूचना के टेस्ट के लिए उपलब्ध रहें. व‍िनेश इस नियम का पालन करने में नाकाम रहीं।  अपनी सफाई में व‍िनेश ने बताया कि वह उस दिन बेंगलुरु से चंडीगढ़ यात्रा कर रही थीं. इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्ट मिस होने के बाद उन्होंने DCO के साथ सहयोग भी किया. उन्होंने यह भी कहा कि वह हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र से जुड़ी एक मीटिंग के लिए चंडीगढ़ में थीं।  हालांकि, ITA उनकी दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ. एजेंसी ने कहा कि व‍िनेश यह साबित नहीं कर पाईं कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई, खासकर तब जब उन्होंने टेस्ट से पहले या उसी दिन SMS, ईमेल या ऐप के जरिए अपनी लोकेशन अपडेट नहीं की।  व‍िनेश फोगाट अब क्या कर सकती हैं? अब व‍िनेश के पास 4 मई से एक हफ्ते का समय है, जिसमें वह इस फैसले के खिलाफ प्रशासनिक समीक्षा की मांग कर सकती हैं. अगर यह साबित होता है कि यह चूक लापरवाही के कारण हुई, तो ITA का फैसला अंतिम माना जाएगा।  फिलहाल राहत की बात यह है कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसल‍िंग (UWW) और वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी के नियमों के अनुसार एक बार टेस्ट मिस करने पर कोई सस्पेंशन नहीं होता. लेकिन अगर 12 महीनों के भीतर तीन बार ऐसा होता है, तो खिलाड़ी को दो साल तक के बैन का सामना करना पड़ सकता है।  दिलचस्प बात यह है कि यह नोटिस उन्हें उस समय मिला है, जब उन्होंने हाल ही में पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण शरण स‍िंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. व‍िनेश ने दावा किया कि वह उन छह पीड़ितों में शामिल हैं. इसके अलावा, उन्होंने गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में पक्षपात को लेकर भी चिंता जताई थी. हालांकि WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने उन्हें निष्पक्ष मौका देने का भरोसा दिलाया है।