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उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का संदेश – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषक कल्याण वर्ष-2026 उपज का एक-एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की किसान हितैषी नीति से चौरई के 64 किसानों को मिलेंगे लगभग एक करोड़ रुपये सभी मंडियों में समय-सीमा में हो भुगतान, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी नीतियों और मंडी बोर्ड की सक्रियता का परिणाम है कि कृषि उपज मंडी समिति चौरई की अपील पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा 64 कृषकों को उनके द्वारा विक्रय की गई उपज की राशि 96 लाख 51 हजार 500 रुपये के भुगतान करने के आदेश प्रसारित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसान के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि उपज मंडी समिति चौरई में पंजीकृत अनुज्ञप्तिधारी फर्म ज्ञाताट्रेडर्स, चौरई के द्वारा कृषकों से खरीदी गई अधिसूचित कृषि उपज का भुगतान नहीं करने पर मंडी समिति ने त्वरित कार्रवाई की। न्यायालय तहसीलदार, चौरई द्वारा फर्म से वसूली के लिए आर.आर.सी. जारी कर 96,51,500 रुपये (छियानबे लाख इक्यावन हजार पांच सौ रुपये) की वसूली की गई और राशि मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सिविल कोर्ट/जिला कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने पर मंडी समिति की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 को किसान हित में निर्णय पारित कर भुगतान की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "उपज का एक-एक दाना कीमती है। मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है।" उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में किसानों के भुगतान में लापरवाही न हो। खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान समय-सीमा में कराया जाए। मंडी बोर्ड द्वारा सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि किसान हित सर्वोपरि है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसानों को भुगतान की कार्यवाही मंडी समिति चौरई द्वारा समय-सीमा में की जाएगी।  

BSF स्कूल सहित कई स्कूलों को धमकी, ADCP के अनुसार 5-6 संस्थानों को चेतावनी मिली

जालंधर  जालंधर में बीएसएफ चौक के पास एक्टिवा ब्लास्ट के बाद अब निजी स्कूलों को मिली धमकियों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, बीएमसी चौक स्थित एपीजे स्कूल को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत एहतियातन सभी छात्रों की छुट्टी कर उन्हें घर भेज दिया।   धमकी की सूचना मिलते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्कूल परिसर की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। एडीसीपी आकर्षि जैन ने बताया कि शहर के 5-6 स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं, जबकि साइबर क्राइम टीम धमकी भरे ई-मेल की जांच में जुटी हुई है। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों ने बताया कि उन्हें स्कूल में मैसेज दिखाकर कहा गया कि स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद तुरंत छुट्टी कर दी गई। इस घटना के बाद अभिभावकों में भी डर और चिंता का माहौल है।  बच्चों को घर लेजाने का आया संदेश अभिभावकों ने बताया कि उन्हें केवल इतना कहा गया कि सुरक्षा कारणों की वजह से बच्चों को तुरंत घर ले जाएं। किसी को धमकी के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि बीएसएफ चौक पर दो दिन पहले हुए धमाके के बाद लोग पहले से ही डरे हुए हैं। ऐसे माहौल में स्कूल को मिली धमकी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्कूल को एहतियातन खाली करवाया गया है और पूरे परिसर की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की टीमें स्कूल के भीतर और आसपास जांच में जुटी हुई हैं। किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने जांच की शुरू जानकारी के अनुसार धमकी भरा संदेश मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। स्कूल के आसपास आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। वहीं अभिभावकों से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है। इस पूरे घटनाक्रम की टाइमिंग को मुख्यमंत्री भगवंत मान की जालंधर यात्रा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री गुरुवार को अपनी शुक्राना यात्रा के तहत जालंधर पहुंचे हुए हैं। उनके कार्यक्रम को लेकर पहले ही शहर में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। इसी बीच स्कूल को धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बीएसएफ मुख्यालय और सेना कैंप के पास हाल ही में हुए धमाके के बाद शहर में पहले से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं। अब स्कूल को मिली धमकी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और धमकी भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।   इस मौके स्कूल पहुंचे पेरेंट्स ने कहा कि उन्हें सिर्फ इतना मैसेज आया कि सिक्योरिटी रीजन है, इसलिए वह तुरंत अपने बच्चों को घर ले जाएं। कोई ड्यूटी पर था तो कोई अपने किसी पर्सनल काम पर, सब छोड़कर वह तुरंत बच्चों को लेने के लिए पहुंचे हैं। BSF हेडक्वार्टर और आर्मी कैंप में ब्लास्ट के बाद लोगों में ज्यादा डर है। इसी बीच जालंधर की ADCP आकर्षि जैन ने कहा कि जालंधर के 5 से 6 स्कूलों को धमकी भरी मेल मिली है, पुलिस सभी स्कूलों में जांच कर रही है। अभी तक कहीं से कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इस धमकी की टाइमिंग भी सीएम भगवंत मान से जोड़कर देखी जा रही है। CM आज अपनी शुक्राना यात्रा के चलते जालंधर में हैं, जिसको लेकर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इसके बीच धमकी आने से पुलिस हाईअलर्ट पर है। वहीं, जालंधर और अमृतसर में हुए ब्लास्टों में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को टीमें दोनों जगह पहुंचीं और जांच की। इसी बीच पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने विस्फोटक सप्लायर को पकड़ लिया है। पुलिस का दावा है कि इसे जमशेर इलाके से गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान नवांशहर में बंगा के रहने वाले दविंदर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि हाल ही में चंडीगढ़ में भाजपा हेडक्वार्टर के बाहर हुए ग्रेनेड अटैक में भी इसी ने ग्रेनेड सप्लाई किया था। उसे पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए विस्फोटकों की सप्लाई मिलती है, जिसे वह आगे सप्लाई करता था। पुलिस ने CM भगवंत मान के गुरुवार के जालंधर दौरे से ठीक पहले यह दावा किया है। जालंधर में हुए धमाके का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें बाइक पर एक पगड़ीधारी व्यक्ति आता है और धमाके वाली जगह रुकता है। कुछ ही देर में वह निकल जाता है, उसके जाने के 15 सेकेंड के बाद ब्लास्ट हो जाता है।

लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

हर जरूरतमंद का बनवाएं आयुष्मान कार्ड: मुख्यमंत्री लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा और आश्वस्त किया कि सरकार इलाज कराने में भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।  महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने अलग-अलग मामलों के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद निस्तारण होना चाहिए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह बुधवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उनसे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा, साथ ही भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। अस्पताल का एस्टीमेट मिलते ही विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।   जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्यार किया और उन्हें आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दी। इस दौरान उन्होंने एक महिला के साथ आए दो बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन कर उभरती स्वदेशी क्षमताओं की की सराहना

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का किया अवलोकन, उभरती स्वदेशी क्षमताओं को सराहा प्रदर्शनी में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित तकनीकों और उपकरणों ने दिखाई भारत की शक्ति भारतीय सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता का संगम रहा प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र प्रयागराज  नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए देश की उभरती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की सराहना की। तीन दिवसीय इस आयोजन में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यापक प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।  प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री ने बुलेटप्रूफ जैकेट, टैक्टिकल गियर, अत्याधुनिक हेलमेट और मल्टी-टेरेन ऑपरेशंस के लिए विकसित सैन्य उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों से तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली और उत्पादों की उपयोगिता पर चर्चा की। विशेष रूप से ‘हेड-टू-बूट’ सुरक्षा प्रणाली, अत्यधिक विषम तापमान में पहने जाने वाले कपड़े और मॉड्यूलर प्रोटेक्शन सिस्टम जैसे इनोवेशन आकर्षण का केंद्र रहे। सिम्पोजियम में प्रदर्शित तकनीकों में ड्रोन, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण और भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए विकसित एआई आधारित समाधान भी शामिल रहे। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर मल्टी-डोमेन वॉरफेयर यानी साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम में भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है।  प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में एमएसएमई, स्टार्टअप्स और रक्षा कंपनियों की भागीदारी ने ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती दी है। समापन अवसर पर समूह फोटो में सैन्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की संयुक्त उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि भविष्य का युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और साझेदारी से तय होगा और प्रयागराज का यह मंच उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

IPL 2026 का 50वां मैच आज: विराट vs लखनऊ स्पिनर्स, किसका चलेगा जादू?

लखनऊ आईपीएल 2026 में आज मैचों का अर्धशतक पूरा हो जाएगा। लखनऊ सुपर जायंट्स वर्सेस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मैच आईपीएल के इस सीजन का 50वां लीग मैच है। यह मैच लखनऊ के लिए काफी अहम है, क्योंकि उन्हें प्लेऑफ्स की रेस में बने रहने के लिए हर एक मुकाबला जीतना है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी चाहेगी कि एक बड़ी जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंचा जाए। यही कारण है कि मुकाबला दिलचस्प होगा, क्योंकि यहां से एक हार एलएसजी को टूर्नामेंट से बाहर कर देगी। ऐसे में मुकाबला टक्कर का होगा। इससे पहले जान लीजिए कि लखनऊ की पिच का मिजाज कैसा रहने वाला है? क्या विराट कोहली का बल्ला बोलेगा या फिर लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर यहां अपना जादू बिखेरेंगे? लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में अब तक आईपीएल के 26 मुकाबले खेले गए हैं, क्योंकि आईपीएल की टीम ही लखनऊ सुपर जायंट्स 2022 से इस टूर्नामेंट का हिस्सा है। इन 26 मैचों में से एक मैच का नतीजा नहीं निकला था, क्योंकि बारिश ने खेल बिगाड़ दिया था। अब तक खेले गए 26 मैचों में से यहां 11 मैचों में पहले बल्लेबाजी करते हुए टीमों को जीत मिली है, जबकि रन चेज करते हुए 14 बार टीमों ने बाजी मारी है। टॉस को लेकर आंकड़े बताते हैं कि यहां टॉस जीतने वाली टीम 61.54 फीसदी मैच जीतती है, जबकि टॉस हारने वाली टीम को सिर्फ 34.62 फीसदी जीत मिलती है। टॉस जीतने वाली टीमों ने 26 में से 16 मुकाबले जीते हैं और 9 मैच टॉस हारने वाली टीम जीती है। पहली पारी की औसत स्कोर इकाना में आईपीएल में 172 से ज्यादा का है, जो इम्पैक्ट प्लेयर को देखते हुए थोड़ा सा कम लगता है, लेकिन यहां टीमें 200 रन तक बना लेती हैं। हालांकि, सबसे कम स्कोर यहां 108 रन है, जबकि सबसे ज्यादा स्कोर 235 रन एक पारी में बना है, लेकिन साल 2026 के आंकड़ों पर जाएं तो आपको लखनऊ में एक भी बार 200 का आंकड़ा नजर नहीं आएगी। यहां इस सीजन सबसे बड़ा स्कोर 165 है, जो एलएसजी के खिलाफ गुजरात टाइटन्स ने बनाया था और रन चेज में उनको जीत मिली थी। लखनऊ में गेंदबाज रहते हैं हावी गेंदबाजों का औसत रन रेट यहां 8.65 रन प्रति ओवर है, जबकि करीब 27 का औसत यहां विकेट चटकाने के मामले में है। ये दर्शाता है कि यहां विकेट खूब गिरते हैं और रन भी उतनी गति से गेंदबाज नहीं देते हैं। इस सीजन भी यहां खूब विकेट गिरे हैं और रन भी अन्य स्टेडियमों के मुकाबले कम पड़े हैं। हालांकि, आरसीबी एक ताकतवर टीम है, जबकि एलएसजी के बल्लेबाज भी अब रंग में लौटने लगे हैं। ऐसे में बड़ा स्कोर यहां पहली बार इस सीजन बन सकता है।

नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष कांकर ने संभाला पदभार

नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष कांकर ने संभाला पदभार खाद्य मंत्री राजपूत और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया भी थे मौजूद भोपाल मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद पर डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष पद पर संजीव कांकर ने बुधवार को विधिवत अपना पदभार ग्रहण किया। यह पदभार ग्रहण प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। मंत्री राजपूत ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य नागरिक आपूर्ति निगम प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भरोसा जताया कि डॉ. के.पी. यादव और कांकर अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए निगम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि निगम की भूमिका केवल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने नव-नियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से अपेक्षा व्यक्त की कि वे प्रशासनिक दक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, निगम के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा सहित निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

पूर्वांचल-तराई में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। कहीं तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बादलों की आवाजाही, बारिश और तेज हवाएं राहत दे रही हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वहीं 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल लू जैसी स्थिति बनने के आसार नहीं हैं। लखनऊ में दिनभर बदलता रहा मौसम राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिन में तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरुवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वांचल और तराई बेल्ट में येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 मई के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से अचानक मौसम बदलने और तेज आंधी-बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना मौसम विभाग के अनुसार देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा मौसमी गतिविधियों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी और संभावित ओलावृष्टि का असर फसलों पर पड़ सकता है। 8 मई के बाद तेजी से बढ़ेगा तापमान वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने और आसमान साफ होने के बाद गर्मी का असर बढ़ेगा। हालांकि अभी प्रदेश में लू चलने की संभावना नहीं जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।  

प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति

योगी सरकार में बदली शिक्षामित्रों की तस्वीर प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति शिक्षा सुधार और गुणवत्ता में शिक्षामित्र बने व्यवस्था की मजबूत कड़ी लखनऊ  योगी सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से शिक्षामित्रों को तकनीकी और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया। उन्हें सिर्फ 'सहयोगी' की भूमिका से बाहर निकाला और शिक्षा व्यवस्था का सक्षम एवं जिम्मेदार अंग बनाया। लगातार प्रशिक्षण, डिजिटल साधनों से जोड़ने और जिम्मेदारी तय करने के बाद जब शिक्षामित्रों ने खुद को इस नई भूमिका के अनुरूप साबित किया, तब सरकार ने उन्हें मानदेय बढ़ोतरी का लाभ देकर उनके योगदान को सम्मानित किया। सरकार ने सुधार को जमीन पर उतारते हुए शिक्षामित्रों की स्थिति और भूमिका दोनों को मजबूत किया है। सरकार ने सबसे पहले शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दिया। पहले जहां उन्हें ₹3,500 मानदेय मिलता था, उसे बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब 1 अप्रैल 2026 से यह ₹18,000 प्रतिमाह हो गया है। इससे शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार आया है। यह बढ़ोतरी उनके वर्षों से किए जा रहे कार्य को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योगी सरकार के समन्वित प्रयासों ने दिखाया कि किसी वर्ग को सक्षम बनाकर सम्मान व आर्थिक संबल दिया जाए, तो वह व्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है। शिक्षामित्रों की बदली हुई भूमिका इसका स्पष्ट उदाहरण है। प्रशिक्षण और डिजिटल सशक्तिकरण से बढ़ी क्षमता सरकार ने केवल मानदेय बढ़ाने तक ही काम सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षामित्रों को बेहतर शिक्षण के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्हें विषय आधारित प्रशिक्षण, बच्चों को समझकर पढ़ाने की तकनीक, बुनियादी साक्षरता और मूल्यांकन की विधियों से जोड़ा गया। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षामित्रों को DIKSHA प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जहां उन्हें ई-कंटेंट, स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन शिक्षण का प्रशिक्षण मिला। इससे वे तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने में सक्षम हुए। जवाबदेही तय, भूमिका हुई स्पष्ट विद्यालयों में शिक्षामित्रों की भूमिका को स्पष्ट किया गया और उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था लागू की गई। नामांकन अभियान और मिशन प्रेरणा जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिसका सकारात्मक असर स्कूलों में बच्चों के नामांकन और पढ़ाई के स्तर पर देखने को मिला है। शिक्षा सुधार के केंद्र में शिक्षामित्र योगी सरकार की सुनियोजित नीति से आज शिक्षामित्र केवल सहायक नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उनकी तकनीकी समझ, प्रशिक्षण और जिम्मेदारी ने उन्हें शिक्षा व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी के रूप में स्थापित कर दिया है।

योगी सरकार की नई पहल: 34 सवालों के जवाब देकर बनाएं अपनी Census ID

लखनऊ उत्तर प्रदेश के निवासी गुरुवार से अपनी जनगणना खुद कर सकेंगे। जनगणना का पहला चरण शुरू होने से पहले गुरुवार से स्वगणना शुरू होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम आवास पर अपनी जानकारी पोर्टल पर भरने के साथ स्वगणना का शुभारंभ करेंगे। स्वगणना की यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी, जिसके बाद 22 मई से प्रगणक खुद जाकर आंकड़ों की तस्दीक करेंगे। इसके अलावा जिन्होंने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया होगा, उनका ब्योरा दर्ज करेंगे। 22 मई से शुरू होने वाला यह चरण 20 जून तक चलेगा, जिसमें मकानों की गणना प्रगणक घर-घर जाकर करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल होगा। इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में की जा रही है। निदेशक व मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार से शुरू होने वाली स्वगणना में लोग विशेष तौर पर तैयार किए गए पोर्टल, se.census.gov.in पर जाकर जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। उन्हें 34 सवालों के जवाब देने होंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष स्वगणना आईडी (एसई आईडी) मिलेगी। जब प्रगणक उनके पास तक पहुंचेंगे तो वे उसकी तस्दीक करके आईडी जनगणना पोर्टल पर दर्ज करेंगे। एक रसोई – एक परिवार जनगणना के नियमों के मुताबिक एक साथ रहने वाले और एक रसोई में भोजन करने वालों को एक ही परिवार के तौर पर दर्ज किया जाएगा। परिवार की गिनती के लिए साझा रसोई को ही निर्णायक कारक माना जाएगा। वहीं, जनगणना की प्रक्रिया में मकान उसे माना जाएगा जिसमें आंगन, सड़क, सीढ़ी के इतर अलग से मुख्य प्रवेश द्वार होगा। स्वगणना के लिए अपनानी होगी ये प्रक्रिया -स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in खोलें -परिवार पंजीकरण करें (नाम व मोबाइल नंबर) -भाषा चुनें और ओटीपी सत्यापन करें -पता दर्ज करें और मानचित्र पर घर चिह्नित करें -जनगणना प्रश्नावली भरें और अंतिम सबमिट कर एसई आईडी प्राप्त करें -प्रगणक द्वारा एसई आईडी की प्रविष्टि व क्षेत्रीय सत्यापन इन 34 सवालों का देना होगा जवाब 1-मकान नंबर (स्थानीय या जनगणना नंबर)। 2-मकान की छत, दीवार और फर्श में इस्तेमाल की गई मुख्य सामग्री। 3-मकान का उपयोग (आवासीय, आवासीय-सह-अन्य, या गैर-आवासीय)। 4-मकान की स्थिति (अच्छी, रहने योग्य या जर्जर)। 5-परिवार नंबर। 6-परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या। 7-परिवार के मुखिया का नाम। 8-मुखिया का लिंग (पुरुष/महिला/थर्ड जेंडर)। 9-क्या मुखिया अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) से है? 10-मकान के स्वामित्व की स्थिति (अपना, किराये का या अन्य)। बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल 11-परिवार के पास रहने के लिए कमरों की संख्या। 12-परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या। 13-पीने के पानी का मुख्य स्रोत। 14-पानी के स्रोत की उपलब्धता (परिसर के भीतर, पास में या दूर)। 15-प्रकाश (बिजली) का मुख्य स्रोत। 16-शौचालय की उपलब्धता (प्रकार और उपयोग)। 17-गंदे पानी की निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था। 18-स्नान सुविधा की उपलब्धता। 19-रसोई घर की उपलब्धता और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन। 20-खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन। संपत्ति और संसाधनों से जुड़े सवाल 21-रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता। 22-टेलीविजन (TV) की उपलब्धता। 23-इंटरनेट सुविधा (हाँ/नहीं)। 24-लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता। 25-टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन की उपलब्धता। 26-साइकिल की उपलब्धता। 27-स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड की उपलब्धता। 28-कार/जीप/वैन की उपलब्धता। 29-क्या परिवार के पास मुख्य रूप से खेती की जमीन है? 30-परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज। अन्य महत्वपूर्ण जानकारी 31-मोबाइल नंबर (संपर्क के लिए)। 32-क्या परिवार का कोई सदस्य शारीरिक/मानसिक रूप से अक्षम है? 33-परिवार के पास बैंक खाता/डाकघर खाता है या नहीं? 34-क्या परिवार किसी सरकारी आवास योजना का लाभ ले रहा है? ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को तबादला नीति से राहत नहीं राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है, जिसमें जनगणना में लगे कर्मचारियों को इससे अलग नहीं रखा गया है। तबादला सत्र की आखिरी तारीख 31 मई रखी गई है, जबकि तमाम राज्य कर्मचारी भी 22 मई से जनगणना कार्य में लगाए गए हैं। ऐसे में अगर इनका तबादला होता है तौर तत्काल प्रभाव से इन्हें नई तैनाती स्थल में पदभार ग्रहण करने के लिए कहा जाता है तो जनगणना कार्य प्रभावित हो सकता है। जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलना है। प्रशिक्षण कार्य में तेजी जनगणना के काम में प्रदेश भर से तकरीबन पांच लाख कर्मचारियों का इस्तेमाल होगा। इस संख्या में अतिरिक्त या रिजर्व में रखे गए कर्मचारी भी शामिल हैं। बड़े स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है। हालांकि अब भी प्रशिक्षण का काम पूरा नहीं हुआ है। स्वगणना प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब बचे हुए कर्मचारियों के प्रशिक्षण में तेजी लाई जा रही है। कर्मचारियों को संदेश भेजा जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

आईपीएल का उत्सव नवा रायपुर में, 10 और 13 मई को होगा मैचों का धमाल

नवा रायपुर में आईपीएल का रोमांच मैच 10 और 13 मई को  मुख्य सचिव ने तैयारियों की कमान संभाली, सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कड़े निर्देश रायपुर नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आगामी 10 और 13 मई को होने वाले टाटा आईपीएल टी-20 मैचों के सफल आयोजन के लिए राज्य प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव के इन कड़े निर्देशों के बाद अब नवा रायपुर का प्रशासन क्रिकेट के इस महाकुंभ की मेजबानी के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, जिससे दर्शकों को एक सुरक्षित और आनंदमयी अनुभव मिल सके। मैचों का शेड्यूल  10 मई 2026 केा रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम मुंबई इंडियंस (डप्) और 13 मई 2026 को  रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स (ज्ञज्ञत्) के मध्य मैच खेला जाएगा। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर         मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम में आने वाले हजारों दर्शकों की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद रायपुर पहुंचने वाली दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कमिश्नर रायपुर को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्किंग एरिया और स्टेडियम के चारों ओर CCTV कैमरों का सघन जाल बिछाया जाएगा। बैरिकेडिंग और पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस, NRDA और BCCI की संयुक्त टीम संभालेगी। आपातकालीन सेवाएं          फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के लिए डेडिकेटेड रूट (Emergency Route) चिन्हांकित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। आयोजन के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), आयुक्त नगर निगम, संचालक (खेल एवं युवा कल्याण), क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), और NRDA के CEO सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यद्यपि संपूर्ण आयोजन का उत्तरदायित्व BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ का है, लेकिन प्रशासन पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। नियादी सुविधाओं की उपलब्धता          लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को स्टेडियम में पानी के सुचारू प्रवाह और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। बिजली विभाग को मैचों के दौरानछत्तीसग्ढ विद्युत वितरण कंपनी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।         बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, PHE सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, खेल सचिव श्री यशवंत कुमार और कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह सहित पुलिस विभाग, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन और CSPDCL के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी तैयारियों का ब्यौरा साझा किया।