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मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सपने कभी नहीं रुकते, बस सही मौके का इंतजार करते हैं

सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं द्वितीय परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदेश में 7 मई से शुरू हो रही है कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा भोपाल प्रदेश सरकार द्वारा एमपी बोर्ड के परी क्षा परिणाम में असफल हुए विधार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए द्वितीय परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुनः परीक्षा देने वाले विधार्थियों को शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, आप जानते हैं कि इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 16 वर्षों में सबसे बेहतर रहा, इसी प्रकार 10वीं के परिणाम भी अच्छे रहे, लेकिन कुछ परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके थे। ऐसे बच्चों के लिए मध्यप्रदेश में द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत 7 मई से की जा रही है। आप सभी को मेरी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं। आप केवल छात्र नहीं, प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप सभी मेरे लिए केवल छात्र नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं। जब आप अपने सपनों के लिए मेहनत करते हैं, तो उसमें केवल आपका नहीं, आपके परिवार का, आपके शिक्षकों का और पूरे प्रदेश का विश्वास जुड़ा होता है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं, परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं आते, इससे मन थोड़ी देर के लिए ठहर जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि सपने कभी रुकते नहीं, वह बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है। महज योजना नहीं, विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देन का संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं हर विद्यार्थी को ये कह रहा हूं कि एक परिणाम आपके पूरे भविष्य की कहानी तय नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार की ओर से यह अवसर इसी दिशा में एक विशेष पहल है। ये महज योजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को फिर से उड़ान देन का संकल्प है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है। जो 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में किसी कारणवश अनुत्तीर्ण हो गए या परीक्षा नहीं दे पाए। द्वितीय परीक्षा विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है। एक ऐसा मौका, जहां आप अपनी मेहनत को फिर से साबित कर सकते हैं। अपने आत्मविश्वास को पुनः खड़ा कर सकते हैं और अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते हैं। वहीं अब प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हो रही हैं। बच्चों के साथ खड़े रहें अभिभावक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों से भी मेरा विनम्र निवेदन है कि इस समय बच्चों के साथ खड़े रहें। उनके मन को समझें, उन्हें सपोर्ट करें क्योंकि कई बार एक विश्वास भरा शब्द ही उन्हें नई ऊर्जा दे देता है, हर विद्यार्थी में अपार क्षमता है। अगर जरूरत है तो केवल उसे पहचानने की, उसे संवारने की और सही दिशा देने की। याद रखिए यह परीक्षा सिर्फ अंक सुधारने का नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। अंत में मैं आप सभी को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। आप प्रदेश का भविष्य हैं। आप सफल होकर अपने सपनों को साकार करें और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। आगे बढ़ें, सफल हों और अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छुएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुशासन का दौर जारी, इसका कोई अंत नहीं

सुशासन का है यह दौर, जिसका ओर है ना छोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवाचारों के साथ हमने प्रदेश की तरक्की के बनाए हैं नए रास्ते मुख्यमंत्री का निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैसी नीयत होती है, वैसी ही बरकत होती है। हमारा प्रदेश आज देश में सुशासन के जरिए लोक कल्याण का पर्याय बन चुका है। लोक कल्याण के अवसर सबको मिलते हैं, लेकिन जो हृदय की गहराईयों से लोगों के कल्याण की सोच रखते हैं, ईश्वर उसकी मदद करते हैं। हमारी सरकार लोक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्ध सोच, कर्मठता, समर्पण और नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। आज प्रदेश के हर कोने में, हर छोर में सुशासन का दौर है। उन्होंने कहा कि हमने 'विरासत से विकास' की परम्परा को कायम रखते हुए जनहित में अधिकाधिक नवाचार अपनाकर प्रदेश की तरक्की के नए रास्ते बनाये हैं। प्रदेश की जनता की सेवा, कल्याण और सबके जीवन में खुशहाली लाने में हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'सच्चा वादा- पक्का काम' यही हमारी सरकार का मूलमंत्र है। प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। पर्यटन बढ़ेगा तो प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे और इसका सीधा लाभ हमारे अपने नागरिकों को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोग-निगम-मंडलों एवं विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को अवसर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुए गरिमामय समारोह में अभिनंदन कर आभार जताया। अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित थे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष रामनिवास रावत, मध्यप्रदेश राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण की नवनियुक्त अध्यक्षा श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव, निगम के उपाध्यक्ष संजीव कांकर, रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्राधिकरण के उपाध्यक्षद्वय गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी तथा मध्यप्रदेश राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश केवट एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करके उन्हें जनकल्याण का सेवा दायित्व देने के लिए आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भी दिए गए।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस पर करेंगे संबोधन

भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करेंगे 182 देशों के प्रतिभागी प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यम से बनेंगे भारत के सबसे व्यापक आध्यात्मिक आंदोलन के साक्षी रायपुर भारत के माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी जी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ की स्थापना के 45 वर्ष पूर्ण होने और इसके संस्थापक, गुरुदेव रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित समारोह को संबोधित करेंगे 10th मई 2026 को, आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु में। भारत के इस सबसे दूरगामी मानवीय एवं आध्यात्मिक आंदोलन के साढ़े चार दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस वैश्विक समागम में 182 से अधिक देशों के प्रतिभागी प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित होंगे। यह आयोजन समाज के हर वर्ग  राजनेताओं, सिविल सेवकों, किसानों, इंजीनियरों, गृहिणियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाएगा, जो गुरुदेव के दूरदर्शी नेतृत्व और संगठन के वैश्विक प्रभाव का एक अनूठा उत्सव होगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य वक्तव्य देंगे तथा नव-निर्मित ‘ध्यान मंदिर’ एक विशेष ध्यान कक्ष का उद्घाटन करेंगे।  इसके साथ ही, वे मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित राष्ट्रव्यापी सेवा पहलों का भी शुभारंभ करेंगे। संस्था के विषय में वर्ष 1981 में गुरुदेव रवि शंकर द्वारा स्थापित 'आर्ट ऑफ लिविंग' आज एक वैश्विक, स्वयंसेवक-आधारित मानवीय और शैक्षिक संगठन बन चुका है। 182 देशों में सक्रिय यह संस्था 'सुदर्शन क्रिया' जैसी परिवर्तनकारी श्वास तकनीकों और सतत विकास के क्षेत्र में अपनी अग्रणी ठोस पहलों के माध्यम से अब तक 100 करोड़ से अधिक जीवन को स्पर्श कर चुकी है। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ * शासन, व्यवसाय, मीडिया, शिक्षा, कला-संस्कृति और नागरिक समाज में नैतिकता पर केंद्रित वैश्विक नेतृत्व संवाद और शिखर सम्मेलन। * 182 देशों की विविध संस्कृतियों को प्रस्तुत करते हुए संगीत, नृत्य और कलात्मक अभिव्यक्तियों से सुसज्जित सांस्कृतिक महोत्सव। * 13 मई 2026 को गुरुदेव रवि शंकर के मार्गदर्शन में ‘विश्व शांति हेतु वैश्विक ध्यान’ सभी के लिए निःशुल्क और विश्वभर में सीधा प्रसारित। * भारत के 450 से अधिक जिलों में कार्यरत अनसुने दैनिक नायकों (Unsung Heroes) को सम्मानित करने के विशेष समारोह। * विभिन्न क्षेत्रों और सार्वजनिक सेवाओं में अधिक मानवीय और सतत व्यवस्थाएँ विकसित करने पर केंद्रित नीति एवं विषयगत गोलमेज चर्चाएँ। * 25–26 मई को ‘बंदी कल्याण और नीतिगत सुधार’ पर विशेष गोलमेज, इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य जेलों में सुधार की सर्वोत्तम पद्धतियों को रेखांकित करना तथा कैदियों के पुनर्वास में 'आर्ट ऑफ लिविंग' के कार्यक्रमों के सकारात्मक प्रभाव को प्रदर्शित करना  होगा। •भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित ‘बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान’, जिसमें सभी सात बिम्सटेक देशों के युवा नेता ‘आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर’ में केंद्रित नेतृत्व प्रशिक्षण (लीडरशिप इमर्शन) हेतु एकत्र होंगे।  आयोजन का महत्त्व  वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के बीच इस तरह के आयोजनों का महत्त्व केवल औपचारिकता से कहीं अधिक है। दशकों से आर्ट ऑफ लिविंग भारत के सांस्कृतिक ज्ञान के एक सशक्त संवाहक के रूप में कार्य कर रहा है, जिसने प्राचीन भारतीय ज्ञान को करोड़ों लोगों के जीवन का व्यावहारिक अनुभव बनाया है। संस्था की 45 वर्षों की यात्रा विश्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और सांस्कृतिक नेतृत्व की गाथा के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। प्रमुख वक्तव्य माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी जी "आर्ट ऑफ लिविंग ने लोगों को जागरूकता, करुणा और अपनी जड़ों से जुड़े रहकर  कार्य करना सिखाया है। यही वास्तव में योग का मूल स्वरूप है। और यही कारण है कि आज जब विश्व – चिंता, संघर्ष और विखंडन के समाधान खोजता है, तो उसकी दृष्टि बढ़ते हुए भारत की ओर जाती है।”  गुरुदेव रवि शंकर “एक स्वस्थ समाज की पहचान है- हर चेहरे पर मुस्कान। यही लक्ष्य है, जिसके लिए हम पिछले 45  वर्षों से निरंतर प्रयासरत हैं।”  

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री ओपी चौधरी

बस्तर अंचल में बैंकिंग सुविधाओं में तेजी से विस्तार शांति और विकास का प्रतीक– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री ओपी चौधरी सरकार बनने के बाद बस्तर संभाग में 31वीं बैंक शाखा का शुभारंभ, तेज़ी से मजबूत हो रहा बैंकिंग नेटवर्क वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का वर्चुअल उद्घाटन किया रायपुर,  साय सरकार के गठन के बाद से  बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम में शामिल हुए और शाखा का शुभारंभ किया। यह पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुलने वाली 31वीं नई बैंक शाखा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तर्रेम में बैंक शाखा खुलने से स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे एवं पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर अब बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है—जहां पहले बैंकिंग सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं। यह नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के लगातार विस्तार को सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता से आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार एवं वित्तीय गतिविधियों से जुड़ने में आसानी होगी तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय और अभाव की पहचान से निकलकर विश्वास, विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जहां नक्सलियों ने किया था हमला, वहीं अब विकास की नई कहानी इससे पूर्व भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तत्कालीन धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-सुकमा जिले  के सीमावर्ती जगरगुंडा क्षेत्र में भी बैंक की नई शाखा का उद्घाटन किया था। उस दौरान वे रायपुर से सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचे थे। उन्होंने अपने दंतेवाड़ा में कलेक्टर कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि उस समय यह क्षेत्र अत्यधिक नक्सल प्रभावित था और अधिकारी अंदरूनी क्षेत्रों में जाने से भी कतराते थे। उन्होंने कहा कि “जिस इमारत में कभी ग्रामीण बैंक की शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, उसी स्थान पर पुनः बैंक शाखा शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी भाइयों एवं बहनों के आर्थिक संबल के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं।  ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुले 31 नई बैंक शाखाएं पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। बस्तर जिले में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा बादेककलूर में, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा जगदलपुर में, इंडसइंड बैंक की शाखा धरमपुरा (जगदलपुर) में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का होम लोन सेंटर (RACPC) जगदलपुर में खोला गया है।  बीजापुर जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं बीजापुर और तर्रेम में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा पामेड़ में, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक की शाखाएं बीजापुर में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मड्डेड में खोली गई हैं। दंतेवाड़ा जिले में एचडीएफसी बैंक की शाखा चेरपाल में, आईसीआईसीआई बैंक की शाखा दंतेवाड़ा में, इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं दंतेवाड़ा और समलवार में, कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा परचेली में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा काटेकल्याण में खोली गई है। कांकेर जिले में एक्सिस बैंक की शाखाएं पनडोबिर और पाखांजूर में, बैंक ऑफ इंडिया की शाखा चरामा में तथा आईसीआईसीआई बैंक की शाखा भानुप्रतापपुर में खोली गई है। कोंडागांव जिले में एक्सिस बैंक की शाखा फरसगांव में तथा बंधन बैंक की शाखा कोंडागांव में शुरू की गई हैं। नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा सोनपुर में तथा एचडीएफसी बैंक की शाखा कोहकामेटा में खोली गई है। इसी प्रकार सुकमा जिले में एक्सिस बैंक की शाखा चिंतलनार में, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सुकमा में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा सुकमा में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा किस्टाराम में तथा इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं सुकमा और जगरगुंडा में नई शाखाएं शुरू की गई हैं।  स्थानीय ग्रामीणों ने तर्रेम में बैंक शाखा खुलने पर खुशी जताई और इसे अपने लिए बड़ी सुविधा बताया। इस पहल से न केवल बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी। बस्तर में हो रहे ये सकारात्मक बदलाव आने वाले समय में समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित होंगे।

छत्तीसगढ़ में महिलाओं को जमीन रजिस्ट्री पर 50% की छूट, महिला सशक्तिकरण की नई पहल

महिला सशक्तिकरण की नई इबारत  छत्तीसगढ़ में अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50 प्रतिशत की छूट रायपुर छत्तीसगढ़ की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर एवं  वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक अधिसूचना आज राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। निर्णय का मुख्य उद्देश्य          इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इस छूट से अधिक से अधिक परिवार अपनी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराएंगे। संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आर्थिक सुरक्षा बढेगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण औरा महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री का विजन- सशक्त महिला, सशक्त प्रदेश        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन के स्वामित्व से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी। सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर मिलेगा लाभ     छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ₹25 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया  है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर विभाग द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया ।  अधिसूचना जारी होने पश्चात सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिको को मिलने वाली यह छूट प्रभावशील हो गई है। अधिसूचना के अनुसार, सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों  एवं दिवंगत होने पर उनके जीवन साथी को इस छूट की पात्रता केवल एक बार के लिए होगी।  ₹25 लाख तक की सीमा तक यह छूट मिलेगी । यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा। देश की सेवा करने वाले सैनिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय है।     वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर  लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, अब इस नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर सेवा करने वाले सैनिकों को आवास क्रय लागत में कमी की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा तथा संबंधित सैनिक/पूर्व सैनिक या विधवा होने के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। राजस्व में निवेश, भविष्य में लाभ         वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस योजना के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा। रजिस्ट्रेशन शुल्क में इस रियायत से राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, यह कोई राजस्व हानि नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा निवेश है, जिसके दूरगामी सामाजिक परिणाम होंगे। क्या कहती है अधिसूचना?        राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण के दस्तावेज यदि महिलाओं के पक्ष में निष्पादित किए जाते हैं, तो उन पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

Hyundai ने बंद किए 2 Creta वैरिएंट्स, ADAS फीचर का खर्च बढ़ा; कार प्रेमियों में मायूसी

मुंबई  भारत में मिड-साइज SUV सेगमेंट की सबसे मजबूत खिलाड़ी मानी जाने वाली Hyundai Creta को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जिसने संभावित खरीदारों को चौंका दिया है। अगर आप भी इस SUV को खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके फैसले को प्रभावित कर सकती है। कंपनी ने बिना ज्यादा प्रचार किए अपने लाइनअप में बदलाव करते हुए दो लोकप्रिय वैरिएंट्स को हटा दिया है, जिससे अब विकल्प सीमित हो गए हैं और कुछ फीचर्स पहले से महंगे हो गए हैं। कौन से वैरिएंट्स हुए बंद, क्या बदला लाइनअप? हुंडई ने अपने पोर्टफोलियो से Creta के SX Tech और SX (O) वैरिएंट्स को पूरी तरह हटा दिया है। पहले जहां इस SUV के कुल 9 वैरिएंट्स बाजार में उपलब्ध थे, अब उनकी संख्या घटकर 7 रह गई है। मौजूदा समय में E, EX, EX (O), S (O), SX, SX Premium और King वैरिएंट्स ही ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। SX Tech वैरिएंट खासतौर पर उन ग्राहकों के बीच लोकप्रिय था, जो कम कीमत में एडवांस सेफ्टी फीचर्स चाहते थे। वहीं SX (O) लंबे समय तक इस SUV का टॉप-एंड विकल्प रहा, जिसे प्रीमियम फीचर्स के लिए पसंद किया जाता था। ऐसे में इन दोनों विकल्पों का हटना सीधे तौर पर मिड-रेंज ग्राहकों को प्रभावित करता है। ADAS फीचर हुआ महंगा, जेब पर बढ़ा बोझ इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन ग्राहकों पर पड़ा है, जो ADAS यानी Advanced Driver Assistance Systems जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर्स लेना चाहते हैं। पहले SX Tech वैरिएंट के साथ यह सुविधा करीब 15.69 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में मिल जाती थी। अब जब यह वैरिएंट बंद कर दिया गया है, तो ADAS पाने के लिए ग्राहकों को सीधे टॉप मॉडल ‘King’ का विकल्प चुनना होगा, जिसकी शुरुआती कीमत लगभग 17.27 लाख रुपये है। इसका मतलब साफ है कि अब वही फीचर पाने के लिए करीब 1.5 लाख रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। यह बदलाव उन खरीदारों के लिए बड़ा झटका है जो सीमित बजट में ज्यादा सेफ्टी और टेक्नोलॉजी चाहते थे। फीचर्स और इंजन में नहीं हुआ कोई बदलाव हालांकि वैरिएंट्स में कटौती के बावजूद कंपनी ने गाड़ी के इंजन या बेसिक फीचर्स में कोई बदलाव नहीं किया है। Hyundai Motor Company ने साफ किया है कि बाकी सभी वैरिएंट्स में पहले की तरह ही इंजन ऑप्शन और सुविधाएं मिलती रहेंगी। इसके अलावा, ग्राहक अगर अतिरिक्त फीचर्स चाहते हैं तो कंपनी के स्पेशल एडिशन, जैसे समर एडिशन, का विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि इसके लिए अतिरिक्त कीमत चुकानी होगी, जिससे कुल लागत और बढ़ सकती है। कंपनी की रणनीति या मजबूरी? ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह कदम महज एक सामान्य बदलाव नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। कंपनी का फोकस अब ग्राहकों को टॉप-एंड वैरिएंट्स की ओर शिफ्ट करने पर है, जहां उसका प्रॉफिट मार्जिन ज्यादा होता है। इस रणनीति का सीधा असर मिड-सेगमेंट पर पड़ा है, जहां पहले ग्राहकों के पास संतुलित कीमत और फीचर्स वाले विकल्प मौजूद थे। अब उन्हें या तो कम फीचर्स वाले सस्ते मॉडल लेने होंगे या फिर ज्यादा कीमत देकर प्रीमियम वैरिएंट चुनना होगा। क्या बिक्री पर पड़ेगा असर? Hyundai Creta लंबे समय से भारतीय बाजार में बेस्ट-सेलिंग SUVs में शामिल रही है और इसकी बिक्री लगातार मजबूत रही है। लेकिन वैरिएंट्स में यह बदलाव ग्राहकों के निर्णय को प्रभावित कर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ग्राहक बढ़ी हुई कीमत के बावजूद टॉप मॉडल की ओर रुख करते हैं या फिर वे प्रतिस्पर्धी कंपनियों के विकल्पों की ओर मुड़ते हैं। फिलहाल इतना तय है कि इस बदलाव ने बाजार में हलचल जरूर पैदा कर दी है और Creta खरीदने का प्लान बना रहे लोगों को अब पहले से ज्यादा सोच-समझकर फैसला लेना होगा।

ब्योहारी तहसील के एसडीएम कार्यालय में लोकायुक्त का छापा ,15 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार!

ब्योहारी  तहसील कार्यालय में भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए बीर सिंह कर रहा था एसडीएम कार्यालय में पेशकार का काम। कई सालों से यहां पर था पदस्थ। बिना लिये दिए नहीं होता तहसील कार्यालय में किसी का कोई काम। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की लिखी जा  रही इवारत की खबरों की हो गई पुष्टि भ्रष्टाचार का गढ़ बना तहसील कार्यालय, पैसों के दम पर होते है फैसले। तहसील कार्यालय में हुई लोकायुक्त की दविश से मची खलबली। ब्यौहारी- भ्रष्टाचार के विरुद्ध रीवा लोकायुक्त की टीम ने आज एक बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्यौहारी तहसील में अनुभागीय अधिकारी कार्यालय के बाबू पेशकार को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। न्यायालयीन प्रकरण में पक्ष में फैसला सुनाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। ​जमीनी विवाद के फैसले के बदले मांगी थी पंद्रह हजार की घूंस। ​मिली जानकारी अनुसार, तहसील कार्यालय के अनुभागीय अधिकारी कार्यालय में कार्यरत लिपिक वीर सिंह जो भृत्य के पद पर पदस्थ रहते हुए यहां सालों से पेशकार का काम करता रहा है। जिसने एक जमीनी विवाद के मामले में निर्णय पीड़ित पक्ष के हक में करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता को धमकी भी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए, तो वह मामले का निर्णय दूसरे पक्ष संपत जायसवाल के समर्थन में करवा देगा। ​20 हजार में तय हुआ था सौदा। ​शिकायतकर्ता अंकिता जायसवाल पति सुरेश जायसवाल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा से की थी। बताया जा रहा है कि एसडीएम के बाबू वीर सिंह ने शुरुआत में 20 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में मामला 15,000/- रुपये में तय हुआ। ​लोकायुक्त रीवा की कार्यवाही ​शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की बारह सदस्यी टीम ने जाल बिछाया और तहसील के एसडीएम कार्यालय में जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम बाबू वीर सिंह को दी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।  लोकायुक्त की टीम फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही कर रही है।

क्रिकेट में धमाल: शहडोल की रीना ने WMPL टीम में बनाई जगह, भोपाल बुल्स की नजर

शहडोल / भोपाल   मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की पहचान अब गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी के तौर पर भी होने लगी है. क्योंकि यहां से कई लड़कियां क्रिकेट में कमाल कर रही हैं. पूजा वस्त्रकार जहां भारतीय टीम तक का सफर तय कर चुकी हैं, तो वहीं पूनम सोनी जैसी लड़कियां भी हैं जो क्रिकेट में बड़ा कमाल कर चुकी हैं. अब रीना यादव जैसी लड़कियां हैं जिनके घर की आर्थिक स्थिति भले ही बेहतर नहीं है. लेकिन अपने सपने को साकार करने के लिए वो लगातार कड़ी मेहनत कर रही हैं और सफलता हासिल कर रही हैं।  मेहनत से मंज़िल पाने की ज़िद कहते हैं सही दिशा में किया गया हार्ड वर्क एक दिन मंजिल जरूर दिला देता है. रीना यादव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिनके घर की घरेलू परिस्थितियों बहुत बेहतर नहीं हैं. पिता ऑटो चलाकर घर को संभाल रहे हैं. लेकिन बेटी का सपना था कि उन्हें क्रिकेटर बनना है और इसीलिए उन्होंने क्रिकेट खेलने की शुरुआत कर दी. और धीरे-धीरे कड़ी मेहनत और हार्ड वर्क से आज रीना यादव मध्य प्रदेश के सीनियर टीम तक का सफर तय कर ही चुकी हैं।   उन्हें हाल ही में विमेंस मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग WMPL की टीम में चुना गया है. जिसके बाद वो एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं. रीना यादव बताती है कि, ''वो मध्य प्रदेश एसोसिएशन की खिलाड़ी हैं और उनका सिलेक्शन अभी हाल ही में WMPL के लिए भोपाल बुल्स की टीम में हुआ है. पिछले साल उन्हें बुंदेलखंड बुल्स की टीम ने चुना था।  कैसे हुई क्रिकेट की शुरुआत रीना यादव बताती हैं कि, ''वो शहडोल जिले के बुढार के पास रुंगटा कॉलोनी की रहने वाली हैं और उन्हें बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक था. इसी में वो अपना करियर बनाना चाहती थी. पेरेंट्स भी उनके काफी सपोर्टिव थे और उनके हर फैसले का समर्थन कर रहे थे. यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी जिसकी वजह से आज वह अपने क्रिकेट करियर के लिए आगे बढ़ पा रही है और नई मंजिल को अचीव कर रही हैं।  रीना यादव बताती हैं कि, ''उन्होंने शहडोल क्रिकेट अकादमी में भी क्रिकेट सीखा फिर इसके बाद उनका सिलेक्शन शिवपुरी के महिला क्रिकेट अकादमी में हो गया जहां वो अभी भी सीख रही हैं. सब कुछ अच्छा चल रहा है, शिवपुरी में रहती हैं तो वहां महिला क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग कर रही हैं. कभी- कभी शहडोल आने पर यहां भी ट्रेनिंग करती हैं. इस तरह से वो अपने क्रिकेट में बेहतर करने की कोशिश में डटी हुई हैं।  रीना यादव के अचीवमेंट्स शहडोल क्रिकेट अकादमी के कोच सोनू रॉबिंसन बताते हैं कि, ''रीना यादव 10 साल से शहडोल संभाग के लिए क्रिकेट खेल रही हैं. रीना को पहली बार स्कूल गेम्स में देखा गया था जिसके बाद उन्हें शहडोल क्रिकेट अकादमी प्रैक्टिस के लिए बुलाया गया था. पहले वो हफ्ते में तीन-चार दिन आती थी, कुछ साल तक तो वहीं से उन्होंने अप डाउन किया लेकिन इसके बाद अपने मामा के यहां रहने लगीं. शहडोल में ही उन्होंने क्रिकेट की रेगुलर शुरुआत कर दी. इसके बाद रीना यादव का सफर यहीं नहीं थमा।  अपनी हार्ड वर्क और कड़ी मेहनत के दम पर रीना ने मध्य प्रदेश से अंडर-19, अंडर 23 और सीनियर ग्रुप को रिप्रेजेंट किया है. इस बार उनके परफॉर्मेंस के आधार पर मध्य प्रदेश के WMPL में जो वूमेंस का दूसरा संस्करण है भोपाल बुल्स की टीम ने उन्हें अपनी टीम में रखा है. रीना यादव राइट हैंड बैट्समैन हैं और पार्ट टाइम ऑफ स्पिन भी करती हैं. उनमें बहुत काबिलियत है, उन्हें बेहतर मंच मिला है, अब उनके पास एक अच्छा मौका है अपने टैलेंट को दिखाने का।  शहडोल बना गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी देखा जाए तो शहडोल जिला गर्ल्स क्रिकेट की नर्सरी है क्योंकि यहां से कई लड़कियां हैं जो मध्य प्रदेश के अलग-अलग एज ग्रुप की टीम से खेल रही हैं. अभी हाल ही में कई लड़कियां WMPL के लिए जो सिलेक्ट हुई हैं, उसमें शहडोल संभाग से भी कई लड़कियां शामिल हैं. पूजा वस्त्रकार जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम से खेल चुकी हैं. पूनम सोनी मध्य प्रदेश से तो खेल ही चुकी हैं. इसके अलावा अब वो क्रिकेट के दम पर रेलवे में नौकरी भी कर रही हैं और रेलवे की टीम से भी खेल रही हैं. इसके अलावा भी कई ऐसी लड़कियां हैं, जो लगातार क्रिकेट में कमाल कर रही हैं और अपने टैलेंट से सभी का ध्यान खींच रही हैं। 

हैदराबाद ने पंजाब को मात देकर बनाई टेबल की पहली पोज़िशन

हैदराबाद  सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब किंग्स को 33 रनों से हरा दिया है. यह IPL 2026 सीजन में पंजाब टीम की लगातार तीसरी हार है. ये वही टीम है, जो पहले सात मुकाबलों में एक भी नहीं हारी थी. कूपर कोनोली अंत तक लड़ते रहे, लेकिन उनकी 107 रनों की शतकीय पारी पंजाब को जीत नहीं दिला पाई।  हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में SRH की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 235 रन बनाए थे. ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने दमदार अर्धशतक लगाए, लेकिन उन्हें कई जीवनदान भी मिले. हैदराबाद को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में पंजाब टीम की खराब फील्डिंग का भी बड़ा हाथ रहा।  काम नहीं आया कूपर कोनोली का शतक पंजाब 236 रनों के विशालकाय लक्ष्य का पीछा करने आई पंजाब किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही क्योंकि 4 रन के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाज आउट हो चुके थे. कूपर कोनोली पारी के दूसरे ओवर में बैटिंग करने आ गए थे, उन्होंने अंत तक लड़ाई लड़ी और 59 गेंद में 107 रनों की पारी खेल नाबाद लौटे. इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 8 छक्के लगाए।  कूपर चाहे पंजाब को जीत ना दिला पाए हों, लेकिन उन्होंने शतक ना लगाया होता तो पंजाब का नेट रन रेट धड़ाम से नीचे गिर गया होता. कप्तान श्रेयस अय्यर भी फ्लॉप रहे, जो सिर्फ 5 रन बना पाए. मार्कस स्टोइनिस ने 28 रन और सूर्यांश शेडगे ने 25 रनों का योगदान दिया, लेकिन अन्य कोई बल्लेबाज कोनोली का साथ नहीं दे पाया।  पंजाब की लगातार तीसरी हार यह पंजाब किंग्स की सीजन में लगातार तीसरी हार है. वह बहुत लंबे अरसे से टेबल के टॉप पर बनी हुई थी, लेकिन अब सनराइजर्स हैदराबाद ने अब पहले स्थान पर कब्जा जमा लिया है. दूसरी ओर हैदराबाद की टीम ने प्लेऑफ की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं, क्योंकि उसके 14 अंक हो गए हैं. SRH के तीन मुकाबले बचे हैं, जिनमें एक जीत भी उसकी प्लेऑफ में जगह लगभग सुनिश्चित कर देगी।  अभिषेक-हेड ने दिलाई तूफानी शुरुआत टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की सलामी जोड़ी अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने पहले विकेट के लिए 21 गेंदों में 54 रन की साझेदारी कर टीम को विस्फोटक शुरुआत दिलाई. अभिषेक 13 गेंदों में 35 रन बनाकर पवेलियन लौटे. इसके बाद ट्रेविस हेड ने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 30 रन जोड़े. ट्रेविस 19 गेंदों में 3 छक्कों और इतने ही चौकों के साथ 38 रन बनाकर आउट हुए. एसआरएच 84 के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा चुकी थी।  ईशान-क्लासेन ने मिले मौकों को भुनाया यहां से ईशान किशन ने हेनरिक क्लासेन के साथ तीसरे विकेट के लिए 48 गेंदों में 88 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया. इन दोनों ही बल्लेबाजों के कैच छूटे जिनका फायदा उठाते हुए ईशान और क्लासेन ने अर्धशतक ठोके. ईशान 32 गेंदों में 55 रन बनाकर आउट हुए. उनकी इस पारी में 4 छक्के और 2 चौके शामिल रहे. नितीश रेड्डी ने हेनरिक क्लासेन के साथ चौथे विकेट के लिए 32 गेंदों में 63 रन जोड़कर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया. क्लासेन 43 गेंदों में 4 छक्कों और 3 चौकों के साथ 69 रन बनाकर आउट हुए, जबकि नितीश रेड्डी ने 13 गेंदों में 4 बाउंड्री के साथ नाबाद 29 रन बनाए. पंजाब के लिए अर्शदीप सिंह, लॉकी फर्ग्यूसन, युजवेंद्र चहल और विजयकुमार वैशाक ने 1-1 विकेट निकाला। 

क्या आपको चाहिए लोअर बर्थ? IRCTC से जानें आसान तरीका

 नई दिल्ली अक्सर लोग स्वास्थ्य कारणों से या कंफर्ट की वजह से लोअर बर्थ लेना चाहते हैं. लेकिन, कई बार समय पर ट्रेन की टिकट समय पर बुक करने के बाद भी लोअर बर्थ नहीं मिल पाती है. दरअसल, रेलवे की ओर से सीनियर सिटीजन को लोअर बर्थ में प्राथमिकता दी जाती है. अगर आप भी परिवार में किसी सीनियर सिटीजन के लिए टिकट बुक कर रहे हैं तो आप आईआरसीटी की ओर से बताए गए तरीके से आसानी से लोअर बर्थ बुक कर सकते हैं. तो जानते हैं क्या है वो तरीका।  हाल ही में सोशल मीडिया पर किसी यूजर ने आईआरसीटीसी से लोअर बर्थ के बारे में सवाल किया था और सीनियर सिटीजन की टिकट को लेकर पूछा था. इसके जवाब में आईआरसीटीसी ने जवाब दिया है और बताया है कि किस तरह से लोअर बर्थ अलॉट की जाती है।  आईआरसीटीसी ने अपने एक्स अकाउंट पर बताया, 'आप लोअर बर्थ पाने के लिए सीनियर सिटीजन कोटा में टिकट बुक कर सकते हैं. जनरल कोटा में भी आप लोअर बर्थ की प्रेफरेंस दे सकते हैं, लेकिन बर्थ का अलॉटमेंट सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करता है. अगर आप सीनियर सिटीजन के लिए टिकट इसके बाद आप 'रिजर्वेशन चॉइस' में 'Book only if lower berth is allotted' विकल्प चुन सकते हैं।    साथ ही आईआरसीटी ने बताया कि जनरल कोटा में लोअर बर्थ का आवंटन पूरी तरह उपलब्धता पर निर्भर करता है और इसमें किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता. अगर बुकिंग के समय आपको लोअर बर्थ नहीं मिलती है तो आप यात्रा के दौरान ड्यूटी पर मौजूद कोच टीटीई (TTE) से संपर्क कर सकते हैं. वे जरूरतमंद यात्रियों की मदद करने के लिए अधिकृत होते हैं।  कैसे बुक करते हैं ट्रेन टिकट? ट्रेन टिकट बुक करने के लिए सबसे पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर अकाउंट बना लें और अगर अकाउंट है तो लॉगिन करें. इसके बाद “From” और “To” स्टेशन यात्रा की तारीख डालकर ट्रेन सर्च करें और अपनी पसंद की ट्रेन व क्लास चुनें. सीट उपलब्धता देखने के बाद “Book Now” पर क्लिक करें और यात्री का नाम, उम्र, जेंडर जैसी जानकारी भरें।  अगर लोअर बर्थ चाहिए तो प्रेफरेंस में चुन सकते हैं और 'रिजर्वेशन चॉइस' में Book only if lower berth allotted ऑप्शन भी सिलेक्ट कर सकते हैं. इसके बाद यूपीआई, कार्ड या नेट बैंकिंग से पेमेंट करें. पेमेंट सफल होने पर टिकट कन्फर्म हो जाता है और आपको एसएमएस, मेल से टिकट मिल जाती है।