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ED की कार्रवाई में मोहाली IT कारोबारी के 9वीं मंजिल से कैश फेंके, एक बैग ड्राइवर ने उठाकर ले भागा

मोहाली  Enforcement Directorate ने मोहाली और चंडीगढ़ में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कथित घोटाले को लेकर 12 स्थानों पर छापेमारी की. जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई ABS Townships Pvt Ltd, Altus Builders, Dhir Constructions और कारोबारी अजय सहगल समेत अन्य सहयोगियों के खिलाफ की. आरोप है कि इन लोगों ने GMADA से CLU लाइसेंस हासिल करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं और आम लोगों से सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाकर धोखाधड़ी की. सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच के दायरे में नितिन गोहल भी हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने GMADA फीस भुगतान में डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों की मदद की और उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिलाने की कोशिश की। एजेंसी वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है. ईडी की टीम जब छापेमारी कर रही थी, तभी एक इमारत के नौवें फ्लोर से 500-500 के नोट बरसने लगे।  मोहाली जिले के खरड़ स्थित नामी हाउसिंग सोसायटी वेस्टर्न टावर्स में वीरवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेड की है। रेड के दौरान नौवीं मंजिल के एक फ्लैट से नकदी से भरे दो बैग नीचे फेंके गए, जिसके बाद सोसायटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब सात बजे दिल्ली से खरड़ पहुंची और चज्जूमाजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसायटी के फ्लैट नंबर 906 में तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट आईटी कारोबारी नितिन गोयल से जुड़ा हुआ है। ईडी अधिकारियों ने फ्लैट के अंदर कई घंटों तक दस्तावेजों और अन्य रिकार्ड की गहन जांच की। इस दौरान फ्लैट अंदर से बंद बताया गया। ईडी ने कब्जे में लिए दोनों बैग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेड के दौरान अचानक फ्लैट की ऊपरी मंजिल से दो बैग नीचे फेंके गए। बैग गिरते ही उनमें से 500-500 रुपये के नोट सोसायटी परिसर में बिखर गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में निवासी वहां इकट्ठा हो गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने नकदी से भरे दोनों बैग अपने कब्जे में ले लिए। सूत्रों के मुताबिक बैगों से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ईडी की ओर से बरामद रकम या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ईडी के अधिकारी पूरे मामले में फिलहाल चुप्पी बनाए हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह कार्रवाई मनी लान्ड्रिंग से जुड़े किसी बड़े मामले की जांच का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि जिस कारोबारी के यहां रेड हुई, उसके संबंध राज्य सरकार के एक वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारी के करीबी लोगों से बताए जा रहे हैं। हालांकि इस राजनीतिक कनेक्शन की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि गुरुवार (07 मई, 2026) ईडी को ईडी ने पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली और चंडीगढ़ में 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापामारी शुरू की है। यह तलाशी अभियान सनटेक सिटी परियोजना, अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और उनके सहयोगियों के खिलाफ चलाया जा रहा है। कार लेकर भागा ड्राइवर पता चला है कि ED के पहुंचने की जानकारी कारोबारी को पहले से ही हो गई थी। इसलिए, उसने नौवीं मंजिल स्थित फ्लैट से कथित तौर पर नोटों से भरे बैग नीचे फेंके थे। नीचे पहले से ही उसका ड्राइवर खड़ा था जो तुरंत एक सफेद रंग की कार में सवार होकर एक बैग उठा ले गया। हालांकि, मौके पर मौजूद टीम ने उसका पीछा किया, फिर भी वह हाथ नहीं आया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस इस घटना को देखकर सोसाइटी में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही खरड़ के DSP ईशांत सिंगला के निर्देश पर स्थानीय पुलिस को मौके पर भेजा गया। खरड़ सिटी थाने के SHO अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। टावर में रहने वाला 4 महीने पहले आया प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह कार्रवाई सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में रेड हुई है। यहां रहने वाले व्यक्ति की पहचान नितिन कुमार गोहिल के रूप में हुई है, जो IT सेक्टर में कार्यरत बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, नितिन कुमार गोहिल के कुछ राजनीतिक संपर्क होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोसाइटी के लोगों ने बताया कि नितिन कुमार करीब 4 महीने पहले ही यहां रहने आया था। इसलिए, लोगों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। रोजाना कूरियर आते थे सोसाइटी के लोगों के अनुसार, नितिन कुमार के फ्लैट पर रोजाना बड़ी संख्या में कूरियर आते थे, जिन्हें अधिकतर उसका ड्राइवर ही रिसीव करता था। जांच एजेंसियों ने बरामद कैश से भरे बैग को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल, उसके फ्लैट में रेड जारी है। मोहाली-चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर रेड चल रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में मोहाली और चंडीगढ़ में 12 जगहों पर दबिश दी है। ABS टाउनशिप, ऑल्टस बिल्डर्स और धीर कंस्ट्रक्शन्स समेत बिल्डर्स पर जनता को धोखा देने और GMADA से मिले CLU लाइसेंस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। नितिन गोहिल पर भी कथित राजनीतिक लिंक और फाइनेंशियल गड़बड़ियों के लिए जांच चल रही है।  

दुबई से शुरू हुई लव स्टोरी, अब कानूनी बंधन में बंधे शिखर धवन और सोफी शाइन

नई  दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर श‍िखर धवन (Shikhar Dhawan) एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं. धवन ने पत्नी सोफी शाइन (Sophie Shine) के साथ गुरुग्राम में अपनी शादी का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन कराया. मंगलवार (6 मई 2026) को दोनों विकास सदन स्थित मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल दोपहर करीब 3 बजे रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचा. उनके साथ परिवार के कुछ सदस्य, करीबी दोस्त और एक पुजारी भी मौजूद थे. पूरी प्रक्रिया करीब 35 मिनट चली, जिसके बाद दोनों को ऑफिशियल मैरिज सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया.   इस दौरान शिखर धवन बेहद कैजुअल अंदाज में नजर आए. उन्होंने डार्क ब्लू टी-शर्ट पहनी थी, जबकि सोफी शाइन स्काई ब्लू टॉप में दिखाई दीं. दोनों ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चुपचाप वहां से रवाना हो गए. फरवरी में हुई थी ग्रैंड वेडिंग शिखर धवन और सोफी शाइन ने 21 फरवरी 2026 को दिल्ली-NCR में एक निजी लेकिन बेहद भव्य समारोह में शादी की थी. शादी में पारंपरिक लाल रंग की बजाय आइवरी और फ्लोरल थीम चुनी गई थी, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. दोनों ने मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए हुए आउटफिट पहने थे. शादी समारोह में भारतीय क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं, जिनमें रोहित शर्मा, युजवेंद्र चहल और रोहित शर्मा जैसे नाम शामिल रहे. हल्दी, संगीत और रिसेप्शन जैसे इवेंट भी काफी चर्चा में रहे थे. दुबई से शुरू हुई थी लव स्टोरी शिखर धवन और सोफी की पहली मुलाकात दुबई में हुई थी. दोनों ने करीब एक साल तक एक-दूसरे को डेट किया. साल 2024 में दोनों कई इवेंट्स में साथ नजर आए, जिसके बाद रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. आखिरकार मई 2025 में कपल ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया और तमाम अफवाहों पर विराम लगा दिया. इसके बाद 12 जनवरी 2026 को दोनों ने सगाई की और फिर फरवरी में शादी रचा ली. शिखर धवन फाउंडेशन संभालती हैं सोफी आयरलैंड मूल की सोफी शाइन फिलहाल शिखर धवन फाउंडेशन की हेड हैं और सोशल वेलफेयर एक्टिविटीज में सक्रिय भूमिका निभाती हैं. धवन इस साल 40 साल के हो चुके हैं और अब उन्होंने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत को कानूनी रूप से भी आधिकारिक बना दिया है. ध्यान रहे भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ओपनर रहे शिखर धवन की पहली शादी आयशा मुखर्जी से हुई थी, जो उनसे उम्र में 10 साल बड़ी थी. 2009 में दोनों ने सगाई की थी. इसके बाद 2012 में धवन ने आयशा से शादी की थी. यह शिखर की पहली शादी थी, लेकिन आयशा की दूसरी शादी थी. 2023 में दोनों का तलाक हो गया था. आयशा की पहली शादी ऑस्ट्रेलिया के बिजनेसमैन से हुई थी, जो टूट गई थी. आयशा और उनके पहले पति की दो बेटियां हैं जिनका नाम रेया और आलिया है. शिखर और आयशा का एक बेटा है जिसका नाम जोरावर है.

सामूहिक विवाह योजना से बेटियों को सम्मान, कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री की पहल

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: आर्थिक कमजोर परिवारों को बड़ा सहारा, बेटियों को मिल रहा सम्मानजनक जीवन योगी सरकार की पहल से सुनिश्चित हुआ प्रदेश की बेटियों का रीति-रिवाज के मुताबिक विवाह  खाने से लेकर जरूरी सामान तक की पूरी व्यवस्था, पारदर्शी प्रक्रिया से मदद सीधे लाभार्थियों तक लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश की लाखों बेटियों के विवाह को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से नई जिंदगी शुरू करने का अवसर भी दिया है। शादी जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजन में होने वाले भारी खर्च से जूझ रहे परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न करा चुकी है। योगी सरकार की पहल से बढ़ा भरोसा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत वर्ष 2017-18 में की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित करना है। योजना के तहत प्रति जोड़े 1 लाख की सहायता दी जाती है। इसमें 60,000 सीधे वधू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि 25,000 के उपहार और आवश्यक सामान तथा 15,000 विवाह आयोजन की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत धनराशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है और लोगों का भरोसा इस योजना पर लगातार बढ़ा है। खाने से लेकर जरूरी सामान तक पूरी व्यवस्था इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि योगी सरकार विवाह की पूरी जिम्मेदारी अपने स्तर पर सुनिश्चित करती है। सामूहिक विवाह समारोह में खान-पान, पंडाल, सजावट और अन्य व्यवस्थाएं सरकारी स्तर पर की जाती हैं। इसके साथ ही नवविवाहित जोड़े को कपड़े, बर्तन, पायल, बिछिया सहित अन्य जरूरी घरेलू सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इन सभी के चीजों लिए रुपये निर्धारित हैं। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और वह अपनी बेटियों की शादी बिना किसी तनाव के कर पाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया, सीधे खाते में सहायता योजना की पारदर्शिता इसकी सफलता का प्रमुख आधार है। लाभार्थियों का चयन निर्धारित पात्रता के आधार पर किया जाता है, जिसमें परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम होना जरूरी है। आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे इच्छुक परिवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सहायता राशि सीधे वधू के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचता है। लाखों बेटियों का हुआ सम्मानजनक विवाह योजना की लोकप्रियता और प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025- 26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न कराए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना ने प्रदेश के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है और गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है। इससे न केवल आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। सामाजिक समरसता को मिल रहा बढ़ावा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही है। सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज में समानता और एकता का संदेश दिया जा रहा है। अलग-अलग वर्गों और समुदायों के लोग एक ही मंच पर विवाह कर एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। पात्रता और आवेदन प्रक्रिया आसान समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से कम है। लाभार्थी शादी अनुदान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार योजना से जुड़ सकें।

शपथ से पहले भावुक पल: पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर लिया आशीर्वाद

पटना  आखिरकार नीतीश कुमार ने अपने बेटे को सत्ता का सारथी बना दिया। सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के विस्तार में कुल 31 मंत्रियों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें सबसे अधिक चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की हो रही है। निशांत कुमार की सरकार में डायरेक्ट एंट्री कैबिनेट के तौर पर हो रही है। मंत्री पद की गरिमा संभालने से ठीक पहले निशांत ने अपनी पारिवारिक परंपरा को निभाया। उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान नीतीश कुमार ने भावुक होकर अपने बेटे को गले लगाया निशांत को मिला पिता नीतीश का आशीर्वाद निशांत कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए निकलने से पहले अपने पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर अभिवादन किया। नीतीश कुमार ने न केवल उनके सिर पर हाथ रखकर विजयी होने का आशीर्वाद दिया, बल्कि उन्हें गले से भी लगा लिया। पिता-पुत्र के बीच का ये भावुक पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए खास रहा। बेटे को आशीर्वाद देने के बाद नीतीश ने लगाया गले बेटे निशांत को आशीर्वाद देने के बाद नीतीश कुमार गले लगा लिया। जब निशांत आशीर्वाद ले रहे थे, तब वहां पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह सहित जदयू के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। निशांत ने अपने पिता के बाद ललन सिंह के भी पैर छुए, जिस पर ललन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। नीतीश ने संजय झा और ललन सिंह ​से दिलवाया आशीर्वाद फिर नीतीश कुमार ने निशांत को संजय झा और ललन सिंह से भी आशीर्वाद दिलवाया। नई कैबिनेट के गठन में गठबंधन के सभी दलों का ध्यान रखा गया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में भाजपा के 15, जदयू के 13 और चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के 2 मंत्रियों को स्थान दिया गया है। निशांत कुमार को जदयू कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है।  

गो सेवा से समृद्धि: यूपी की डेयरी सेक्टर बनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

गो सेवा से समृद्धि का मॉडल, यूपी में डेयरी सेक्टर बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार मिनी नंदिनी योजना से गांव-गांव में रोजगार, सालाना 10–12 लाख की आय तक पहुंच रहे युवा सीएम योगी ने बदली तस्वीर, साहिवाल एवं गिर गोवंशों के जरिए बड़े पैमाने पर पैदा हो रहा रोजगार योगी सरकार ने तैयार की उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं लाभार्थियों की जुबानी, धरातल पर योजनाओं की सफलता की कहानी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गो सेवा अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक सशक्त आर्थिक मॉडल बनकर उभरी है। योगी सरकार में डेयरी सेक्टर ने जिस तेजी से विस्तार किया है, उसने न केवल किसानों और युवाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर भी पैदा किए हैं। “मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना” और “नंद बाबा दुग्ध मिशन” जैसी पहल ने इस बदलाव को जमीनी स्तर पर साकार किया है। आज प्रदेश के हजारों युवा डेयरी उद्यम के माध्यम से सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं, जो पहले कभी पारंपरिक पशुपालन में आसान नहीं माना जाता था। योगी सरकार के सहयोग से देवेंद्र बने आत्मनिर्भर मथुरा जिले के गांव रदोई निवासी देवेन्द्र सिंह का चयन नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में हुआ। उन्होंने आठ साहिवाल एवं दो गिर गोवंश खरीदकर डेयरी यूनिट स्थापित की। सरकार ने उन्हें योजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया। वर्तमान में उनकी डेयरी से औसतन 100 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो रहा है, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है। देवेन्द्र का कहना है कि योगी सरकार के सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। दुग्ध उत्पादन में यूपी देश में पहले स्थान पर अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब 16 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी वर्तमान में देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है। स्वदेशी नस्लों ने बदली तस्वीर साहिवाल और गिर नस्ल की गायें अधिक दूध उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। योगी सरकार ने इन नस्लों को बढ़ावा देकर डेयरी सेक्टर को नई दिशा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब स्थानीय स्तर पर आधुनिक डेयरी इकाइयां स्थापित हो रही हैं, जिनसे न केवल दूध का उत्पादन बढ़ा है बल्कि पशु आहार, परिवहन, दुग्ध संग्रहण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। गांवों में रुक रहा पलायन, बढ़ रही आय प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आर्थिक मुख्यधारा में लाया गया है। अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि यह वृद्धि योजनाबद्ध विकास और मुख्यमंत्री के जमीनी प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में आई यह तेजी उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुकी है। आय बढ़ने से युवा गांवों से पलायन नहीं कर रहे हैं। अब गो सेवा से आर्थिक समृद्धि ग्रामीण युवाओं का कहना है कि पहले पशुपालन सीमित आय का जरिया माना जाता था, लेकिन अब यही क्षेत्र सम्मानजनक और स्थायी रोजगार का बड़ा माध्यम बन गया है। बड़े पैमाने पर युवा डेयरी यूनिट स्थापित कर खुद के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। गांवों में गो सेवा अब आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बनती दिखाई दे रही है।

उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का संदेश – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषक कल्याण वर्ष-2026 उपज का एक-एक दाना कीमती, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री की किसान हितैषी नीति से चौरई के 64 किसानों को मिलेंगे लगभग एक करोड़ रुपये सभी मंडियों में समय-सीमा में हो भुगतान, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी नीतियों और मंडी बोर्ड की सक्रियता का परिणाम है कि कृषि उपज मंडी समिति चौरई की अपील पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा 64 कृषकों को उनके द्वारा विक्रय की गई उपज की राशि 96 लाख 51 हजार 500 रुपये के भुगतान करने के आदेश प्रसारित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसान के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि उपज मंडी समिति चौरई में पंजीकृत अनुज्ञप्तिधारी फर्म ज्ञाताट्रेडर्स, चौरई के द्वारा कृषकों से खरीदी गई अधिसूचित कृषि उपज का भुगतान नहीं करने पर मंडी समिति ने त्वरित कार्रवाई की। न्यायालय तहसीलदार, चौरई द्वारा फर्म से वसूली के लिए आर.आर.सी. जारी कर 96,51,500 रुपये (छियानबे लाख इक्यावन हजार पांच सौ रुपये) की वसूली की गई और राशि मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सिविल कोर्ट/जिला कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने पर मंडी समिति की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 को किसान हित में निर्णय पारित कर भुगतान की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "उपज का एक-एक दाना कीमती है। मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है।" उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में किसानों के भुगतान में लापरवाही न हो। खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान समय-सीमा में कराया जाए। मंडी बोर्ड द्वारा सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि किसान हित सर्वोपरि है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसानों को भुगतान की कार्यवाही मंडी समिति चौरई द्वारा समय-सीमा में की जाएगी।  

BSF स्कूल सहित कई स्कूलों को धमकी, ADCP के अनुसार 5-6 संस्थानों को चेतावनी मिली

जालंधर  जालंधर में बीएसएफ चौक के पास एक्टिवा ब्लास्ट के बाद अब निजी स्कूलों को मिली धमकियों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, बीएमसी चौक स्थित एपीजे स्कूल को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत एहतियातन सभी छात्रों की छुट्टी कर उन्हें घर भेज दिया।   धमकी की सूचना मिलते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्कूल परिसर की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। एडीसीपी आकर्षि जैन ने बताया कि शहर के 5-6 स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं, जबकि साइबर क्राइम टीम धमकी भरे ई-मेल की जांच में जुटी हुई है। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों ने बताया कि उन्हें स्कूल में मैसेज दिखाकर कहा गया कि स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद तुरंत छुट्टी कर दी गई। इस घटना के बाद अभिभावकों में भी डर और चिंता का माहौल है।  बच्चों को घर लेजाने का आया संदेश अभिभावकों ने बताया कि उन्हें केवल इतना कहा गया कि सुरक्षा कारणों की वजह से बच्चों को तुरंत घर ले जाएं। किसी को धमकी के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि बीएसएफ चौक पर दो दिन पहले हुए धमाके के बाद लोग पहले से ही डरे हुए हैं। ऐसे माहौल में स्कूल को मिली धमकी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्कूल को एहतियातन खाली करवाया गया है और पूरे परिसर की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की टीमें स्कूल के भीतर और आसपास जांच में जुटी हुई हैं। किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने जांच की शुरू जानकारी के अनुसार धमकी भरा संदेश मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। स्कूल के आसपास आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। वहीं अभिभावकों से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है। इस पूरे घटनाक्रम की टाइमिंग को मुख्यमंत्री भगवंत मान की जालंधर यात्रा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री गुरुवार को अपनी शुक्राना यात्रा के तहत जालंधर पहुंचे हुए हैं। उनके कार्यक्रम को लेकर पहले ही शहर में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। इसी बीच स्कूल को धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बीएसएफ मुख्यालय और सेना कैंप के पास हाल ही में हुए धमाके के बाद शहर में पहले से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं। अब स्कूल को मिली धमकी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और धमकी भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।   इस मौके स्कूल पहुंचे पेरेंट्स ने कहा कि उन्हें सिर्फ इतना मैसेज आया कि सिक्योरिटी रीजन है, इसलिए वह तुरंत अपने बच्चों को घर ले जाएं। कोई ड्यूटी पर था तो कोई अपने किसी पर्सनल काम पर, सब छोड़कर वह तुरंत बच्चों को लेने के लिए पहुंचे हैं। BSF हेडक्वार्टर और आर्मी कैंप में ब्लास्ट के बाद लोगों में ज्यादा डर है। इसी बीच जालंधर की ADCP आकर्षि जैन ने कहा कि जालंधर के 5 से 6 स्कूलों को धमकी भरी मेल मिली है, पुलिस सभी स्कूलों में जांच कर रही है। अभी तक कहीं से कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इस धमकी की टाइमिंग भी सीएम भगवंत मान से जोड़कर देखी जा रही है। CM आज अपनी शुक्राना यात्रा के चलते जालंधर में हैं, जिसको लेकर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इसके बीच धमकी आने से पुलिस हाईअलर्ट पर है। वहीं, जालंधर और अमृतसर में हुए ब्लास्टों में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को टीमें दोनों जगह पहुंचीं और जांच की। इसी बीच पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने विस्फोटक सप्लायर को पकड़ लिया है। पुलिस का दावा है कि इसे जमशेर इलाके से गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान नवांशहर में बंगा के रहने वाले दविंदर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि हाल ही में चंडीगढ़ में भाजपा हेडक्वार्टर के बाहर हुए ग्रेनेड अटैक में भी इसी ने ग्रेनेड सप्लाई किया था। उसे पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए विस्फोटकों की सप्लाई मिलती है, जिसे वह आगे सप्लाई करता था। पुलिस ने CM भगवंत मान के गुरुवार के जालंधर दौरे से ठीक पहले यह दावा किया है। जालंधर में हुए धमाके का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें बाइक पर एक पगड़ीधारी व्यक्ति आता है और धमाके वाली जगह रुकता है। कुछ ही देर में वह निकल जाता है, उसके जाने के 15 सेकेंड के बाद ब्लास्ट हो जाता है।

लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

हर जरूरतमंद का बनवाएं आयुष्मान कार्ड: मुख्यमंत्री लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा और आश्वस्त किया कि सरकार इलाज कराने में भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।  महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने अलग-अलग मामलों के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद निस्तारण होना चाहिए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह बुधवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उनसे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा, साथ ही भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। अस्पताल का एस्टीमेट मिलते ही विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।   जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्यार किया और उन्हें आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दी। इस दौरान उन्होंने एक महिला के साथ आए दो बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन कर उभरती स्वदेशी क्षमताओं की की सराहना

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का किया अवलोकन, उभरती स्वदेशी क्षमताओं को सराहा प्रदर्शनी में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित तकनीकों और उपकरणों ने दिखाई भारत की शक्ति भारतीय सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता का संगम रहा प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र प्रयागराज  नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए देश की उभरती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की सराहना की। तीन दिवसीय इस आयोजन में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यापक प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।  प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री ने बुलेटप्रूफ जैकेट, टैक्टिकल गियर, अत्याधुनिक हेलमेट और मल्टी-टेरेन ऑपरेशंस के लिए विकसित सैन्य उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों से तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली और उत्पादों की उपयोगिता पर चर्चा की। विशेष रूप से ‘हेड-टू-बूट’ सुरक्षा प्रणाली, अत्यधिक विषम तापमान में पहने जाने वाले कपड़े और मॉड्यूलर प्रोटेक्शन सिस्टम जैसे इनोवेशन आकर्षण का केंद्र रहे। सिम्पोजियम में प्रदर्शित तकनीकों में ड्रोन, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण और भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए विकसित एआई आधारित समाधान भी शामिल रहे। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर मल्टी-डोमेन वॉरफेयर यानी साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम में भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है।  प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में एमएसएमई, स्टार्टअप्स और रक्षा कंपनियों की भागीदारी ने ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती दी है। समापन अवसर पर समूह फोटो में सैन्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की संयुक्त उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि भविष्य का युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और साझेदारी से तय होगा और प्रयागराज का यह मंच उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

IPL 2026 का 50वां मैच आज: विराट vs लखनऊ स्पिनर्स, किसका चलेगा जादू?

लखनऊ आईपीएल 2026 में आज मैचों का अर्धशतक पूरा हो जाएगा। लखनऊ सुपर जायंट्स वर्सेस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मैच आईपीएल के इस सीजन का 50वां लीग मैच है। यह मैच लखनऊ के लिए काफी अहम है, क्योंकि उन्हें प्लेऑफ्स की रेस में बने रहने के लिए हर एक मुकाबला जीतना है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी चाहेगी कि एक बड़ी जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंचा जाए। यही कारण है कि मुकाबला दिलचस्प होगा, क्योंकि यहां से एक हार एलएसजी को टूर्नामेंट से बाहर कर देगी। ऐसे में मुकाबला टक्कर का होगा। इससे पहले जान लीजिए कि लखनऊ की पिच का मिजाज कैसा रहने वाला है? क्या विराट कोहली का बल्ला बोलेगा या फिर लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर यहां अपना जादू बिखेरेंगे? लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में अब तक आईपीएल के 26 मुकाबले खेले गए हैं, क्योंकि आईपीएल की टीम ही लखनऊ सुपर जायंट्स 2022 से इस टूर्नामेंट का हिस्सा है। इन 26 मैचों में से एक मैच का नतीजा नहीं निकला था, क्योंकि बारिश ने खेल बिगाड़ दिया था। अब तक खेले गए 26 मैचों में से यहां 11 मैचों में पहले बल्लेबाजी करते हुए टीमों को जीत मिली है, जबकि रन चेज करते हुए 14 बार टीमों ने बाजी मारी है। टॉस को लेकर आंकड़े बताते हैं कि यहां टॉस जीतने वाली टीम 61.54 फीसदी मैच जीतती है, जबकि टॉस हारने वाली टीम को सिर्फ 34.62 फीसदी जीत मिलती है। टॉस जीतने वाली टीमों ने 26 में से 16 मुकाबले जीते हैं और 9 मैच टॉस हारने वाली टीम जीती है। पहली पारी की औसत स्कोर इकाना में आईपीएल में 172 से ज्यादा का है, जो इम्पैक्ट प्लेयर को देखते हुए थोड़ा सा कम लगता है, लेकिन यहां टीमें 200 रन तक बना लेती हैं। हालांकि, सबसे कम स्कोर यहां 108 रन है, जबकि सबसे ज्यादा स्कोर 235 रन एक पारी में बना है, लेकिन साल 2026 के आंकड़ों पर जाएं तो आपको लखनऊ में एक भी बार 200 का आंकड़ा नजर नहीं आएगी। यहां इस सीजन सबसे बड़ा स्कोर 165 है, जो एलएसजी के खिलाफ गुजरात टाइटन्स ने बनाया था और रन चेज में उनको जीत मिली थी। लखनऊ में गेंदबाज रहते हैं हावी गेंदबाजों का औसत रन रेट यहां 8.65 रन प्रति ओवर है, जबकि करीब 27 का औसत यहां विकेट चटकाने के मामले में है। ये दर्शाता है कि यहां विकेट खूब गिरते हैं और रन भी उतनी गति से गेंदबाज नहीं देते हैं। इस सीजन भी यहां खूब विकेट गिरे हैं और रन भी अन्य स्टेडियमों के मुकाबले कम पड़े हैं। हालांकि, आरसीबी एक ताकतवर टीम है, जबकि एलएसजी के बल्लेबाज भी अब रंग में लौटने लगे हैं। ऐसे में बड़ा स्कोर यहां पहली बार इस सीजन बन सकता है।