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नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष कांकर ने संभाला पदभार

नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष कांकर ने संभाला पदभार खाद्य मंत्री राजपूत और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया भी थे मौजूद भोपाल मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद पर डॉ. के.पी. यादव एवं उपाध्यक्ष पद पर संजीव कांकर ने बुधवार को विधिवत अपना पदभार ग्रहण किया। यह पदभार ग्रहण प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। मंत्री राजपूत ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य नागरिक आपूर्ति निगम प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भरोसा जताया कि डॉ. के.पी. यादव और कांकर अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए निगम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि निगम की भूमिका केवल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने नव-नियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से अपेक्षा व्यक्त की कि वे प्रशासनिक दक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, निगम के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा सहित निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

पूर्वांचल-तराई में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। कहीं तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बादलों की आवाजाही, बारिश और तेज हवाएं राहत दे रही हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वहीं 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल लू जैसी स्थिति बनने के आसार नहीं हैं। लखनऊ में दिनभर बदलता रहा मौसम राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिन में तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरुवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वांचल और तराई बेल्ट में येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 मई के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से अचानक मौसम बदलने और तेज आंधी-बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना मौसम विभाग के अनुसार देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा मौसमी गतिविधियों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी और संभावित ओलावृष्टि का असर फसलों पर पड़ सकता है। 8 मई के बाद तेजी से बढ़ेगा तापमान वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने और आसमान साफ होने के बाद गर्मी का असर बढ़ेगा। हालांकि अभी प्रदेश में लू चलने की संभावना नहीं जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।  

प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति

योगी सरकार में बदली शिक्षामित्रों की तस्वीर प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति शिक्षा सुधार और गुणवत्ता में शिक्षामित्र बने व्यवस्था की मजबूत कड़ी लखनऊ  योगी सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से शिक्षामित्रों को तकनीकी और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया। उन्हें सिर्फ 'सहयोगी' की भूमिका से बाहर निकाला और शिक्षा व्यवस्था का सक्षम एवं जिम्मेदार अंग बनाया। लगातार प्रशिक्षण, डिजिटल साधनों से जोड़ने और जिम्मेदारी तय करने के बाद जब शिक्षामित्रों ने खुद को इस नई भूमिका के अनुरूप साबित किया, तब सरकार ने उन्हें मानदेय बढ़ोतरी का लाभ देकर उनके योगदान को सम्मानित किया। सरकार ने सुधार को जमीन पर उतारते हुए शिक्षामित्रों की स्थिति और भूमिका दोनों को मजबूत किया है। सरकार ने सबसे पहले शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दिया। पहले जहां उन्हें ₹3,500 मानदेय मिलता था, उसे बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब 1 अप्रैल 2026 से यह ₹18,000 प्रतिमाह हो गया है। इससे शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार आया है। यह बढ़ोतरी उनके वर्षों से किए जा रहे कार्य को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योगी सरकार के समन्वित प्रयासों ने दिखाया कि किसी वर्ग को सक्षम बनाकर सम्मान व आर्थिक संबल दिया जाए, तो वह व्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है। शिक्षामित्रों की बदली हुई भूमिका इसका स्पष्ट उदाहरण है। प्रशिक्षण और डिजिटल सशक्तिकरण से बढ़ी क्षमता सरकार ने केवल मानदेय बढ़ाने तक ही काम सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षामित्रों को बेहतर शिक्षण के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्हें विषय आधारित प्रशिक्षण, बच्चों को समझकर पढ़ाने की तकनीक, बुनियादी साक्षरता और मूल्यांकन की विधियों से जोड़ा गया। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षामित्रों को DIKSHA प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जहां उन्हें ई-कंटेंट, स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन शिक्षण का प्रशिक्षण मिला। इससे वे तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने में सक्षम हुए। जवाबदेही तय, भूमिका हुई स्पष्ट विद्यालयों में शिक्षामित्रों की भूमिका को स्पष्ट किया गया और उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था लागू की गई। नामांकन अभियान और मिशन प्रेरणा जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिसका सकारात्मक असर स्कूलों में बच्चों के नामांकन और पढ़ाई के स्तर पर देखने को मिला है। शिक्षा सुधार के केंद्र में शिक्षामित्र योगी सरकार की सुनियोजित नीति से आज शिक्षामित्र केवल सहायक नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उनकी तकनीकी समझ, प्रशिक्षण और जिम्मेदारी ने उन्हें शिक्षा व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी के रूप में स्थापित कर दिया है।

योगी सरकार की नई पहल: 34 सवालों के जवाब देकर बनाएं अपनी Census ID

लखनऊ उत्तर प्रदेश के निवासी गुरुवार से अपनी जनगणना खुद कर सकेंगे। जनगणना का पहला चरण शुरू होने से पहले गुरुवार से स्वगणना शुरू होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम आवास पर अपनी जानकारी पोर्टल पर भरने के साथ स्वगणना का शुभारंभ करेंगे। स्वगणना की यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी, जिसके बाद 22 मई से प्रगणक खुद जाकर आंकड़ों की तस्दीक करेंगे। इसके अलावा जिन्होंने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया होगा, उनका ब्योरा दर्ज करेंगे। 22 मई से शुरू होने वाला यह चरण 20 जून तक चलेगा, जिसमें मकानों की गणना प्रगणक घर-घर जाकर करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल होगा। इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में की जा रही है। निदेशक व मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार से शुरू होने वाली स्वगणना में लोग विशेष तौर पर तैयार किए गए पोर्टल, se.census.gov.in पर जाकर जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। उन्हें 34 सवालों के जवाब देने होंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष स्वगणना आईडी (एसई आईडी) मिलेगी। जब प्रगणक उनके पास तक पहुंचेंगे तो वे उसकी तस्दीक करके आईडी जनगणना पोर्टल पर दर्ज करेंगे। एक रसोई – एक परिवार जनगणना के नियमों के मुताबिक एक साथ रहने वाले और एक रसोई में भोजन करने वालों को एक ही परिवार के तौर पर दर्ज किया जाएगा। परिवार की गिनती के लिए साझा रसोई को ही निर्णायक कारक माना जाएगा। वहीं, जनगणना की प्रक्रिया में मकान उसे माना जाएगा जिसमें आंगन, सड़क, सीढ़ी के इतर अलग से मुख्य प्रवेश द्वार होगा। स्वगणना के लिए अपनानी होगी ये प्रक्रिया -स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in खोलें -परिवार पंजीकरण करें (नाम व मोबाइल नंबर) -भाषा चुनें और ओटीपी सत्यापन करें -पता दर्ज करें और मानचित्र पर घर चिह्नित करें -जनगणना प्रश्नावली भरें और अंतिम सबमिट कर एसई आईडी प्राप्त करें -प्रगणक द्वारा एसई आईडी की प्रविष्टि व क्षेत्रीय सत्यापन इन 34 सवालों का देना होगा जवाब 1-मकान नंबर (स्थानीय या जनगणना नंबर)। 2-मकान की छत, दीवार और फर्श में इस्तेमाल की गई मुख्य सामग्री। 3-मकान का उपयोग (आवासीय, आवासीय-सह-अन्य, या गैर-आवासीय)। 4-मकान की स्थिति (अच्छी, रहने योग्य या जर्जर)। 5-परिवार नंबर। 6-परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या। 7-परिवार के मुखिया का नाम। 8-मुखिया का लिंग (पुरुष/महिला/थर्ड जेंडर)। 9-क्या मुखिया अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) से है? 10-मकान के स्वामित्व की स्थिति (अपना, किराये का या अन्य)। बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल 11-परिवार के पास रहने के लिए कमरों की संख्या। 12-परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या। 13-पीने के पानी का मुख्य स्रोत। 14-पानी के स्रोत की उपलब्धता (परिसर के भीतर, पास में या दूर)। 15-प्रकाश (बिजली) का मुख्य स्रोत। 16-शौचालय की उपलब्धता (प्रकार और उपयोग)। 17-गंदे पानी की निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था। 18-स्नान सुविधा की उपलब्धता। 19-रसोई घर की उपलब्धता और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन। 20-खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन। संपत्ति और संसाधनों से जुड़े सवाल 21-रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता। 22-टेलीविजन (TV) की उपलब्धता। 23-इंटरनेट सुविधा (हाँ/नहीं)। 24-लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता। 25-टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन की उपलब्धता। 26-साइकिल की उपलब्धता। 27-स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड की उपलब्धता। 28-कार/जीप/वैन की उपलब्धता। 29-क्या परिवार के पास मुख्य रूप से खेती की जमीन है? 30-परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज। अन्य महत्वपूर्ण जानकारी 31-मोबाइल नंबर (संपर्क के लिए)। 32-क्या परिवार का कोई सदस्य शारीरिक/मानसिक रूप से अक्षम है? 33-परिवार के पास बैंक खाता/डाकघर खाता है या नहीं? 34-क्या परिवार किसी सरकारी आवास योजना का लाभ ले रहा है? ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को तबादला नीति से राहत नहीं राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है, जिसमें जनगणना में लगे कर्मचारियों को इससे अलग नहीं रखा गया है। तबादला सत्र की आखिरी तारीख 31 मई रखी गई है, जबकि तमाम राज्य कर्मचारी भी 22 मई से जनगणना कार्य में लगाए गए हैं। ऐसे में अगर इनका तबादला होता है तौर तत्काल प्रभाव से इन्हें नई तैनाती स्थल में पदभार ग्रहण करने के लिए कहा जाता है तो जनगणना कार्य प्रभावित हो सकता है। जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलना है। प्रशिक्षण कार्य में तेजी जनगणना के काम में प्रदेश भर से तकरीबन पांच लाख कर्मचारियों का इस्तेमाल होगा। इस संख्या में अतिरिक्त या रिजर्व में रखे गए कर्मचारी भी शामिल हैं। बड़े स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है। हालांकि अब भी प्रशिक्षण का काम पूरा नहीं हुआ है। स्वगणना प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब बचे हुए कर्मचारियों के प्रशिक्षण में तेजी लाई जा रही है। कर्मचारियों को संदेश भेजा जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

आईपीएल का उत्सव नवा रायपुर में, 10 और 13 मई को होगा मैचों का धमाल

नवा रायपुर में आईपीएल का रोमांच मैच 10 और 13 मई को  मुख्य सचिव ने तैयारियों की कमान संभाली, सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कड़े निर्देश रायपुर नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आगामी 10 और 13 मई को होने वाले टाटा आईपीएल टी-20 मैचों के सफल आयोजन के लिए राज्य प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव के इन कड़े निर्देशों के बाद अब नवा रायपुर का प्रशासन क्रिकेट के इस महाकुंभ की मेजबानी के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, जिससे दर्शकों को एक सुरक्षित और आनंदमयी अनुभव मिल सके। मैचों का शेड्यूल  10 मई 2026 केा रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम मुंबई इंडियंस (डप्) और 13 मई 2026 को  रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स (ज्ञज्ञत्) के मध्य मैच खेला जाएगा। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर         मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम में आने वाले हजारों दर्शकों की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद रायपुर पहुंचने वाली दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कमिश्नर रायपुर को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्किंग एरिया और स्टेडियम के चारों ओर CCTV कैमरों का सघन जाल बिछाया जाएगा। बैरिकेडिंग और पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस, NRDA और BCCI की संयुक्त टीम संभालेगी। आपातकालीन सेवाएं          फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के लिए डेडिकेटेड रूट (Emergency Route) चिन्हांकित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। आयोजन के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), आयुक्त नगर निगम, संचालक (खेल एवं युवा कल्याण), क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), और NRDA के CEO सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यद्यपि संपूर्ण आयोजन का उत्तरदायित्व BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ का है, लेकिन प्रशासन पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। नियादी सुविधाओं की उपलब्धता          लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को स्टेडियम में पानी के सुचारू प्रवाह और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। बिजली विभाग को मैचों के दौरानछत्तीसग्ढ विद्युत वितरण कंपनी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।         बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, PHE सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, खेल सचिव श्री यशवंत कुमार और कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह सहित पुलिस विभाग, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन और CSPDCL के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी तैयारियों का ब्यौरा साझा किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सपने कभी नहीं रुकते, बस सही मौके का इंतजार करते हैं

सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं द्वितीय परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रदेश में 7 मई से शुरू हो रही है कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा भोपाल प्रदेश सरकार द्वारा एमपी बोर्ड के परी क्षा परिणाम में असफल हुए विधार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए द्वितीय परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुनः परीक्षा देने वाले विधार्थियों को शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, आप जानते हैं कि इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 16 वर्षों में सबसे बेहतर रहा, इसी प्रकार 10वीं के परिणाम भी अच्छे रहे, लेकिन कुछ परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके थे। ऐसे बच्चों के लिए मध्यप्रदेश में द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत 7 मई से की जा रही है। आप सभी को मेरी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं। आप केवल छात्र नहीं, प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप सभी मेरे लिए केवल छात्र नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं। जब आप अपने सपनों के लिए मेहनत करते हैं, तो उसमें केवल आपका नहीं, आपके परिवार का, आपके शिक्षकों का और पूरे प्रदेश का विश्वास जुड़ा होता है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं, परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं आते, इससे मन थोड़ी देर के लिए ठहर जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि सपने कभी रुकते नहीं, वह बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है। महज योजना नहीं, विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देन का संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं हर विद्यार्थी को ये कह रहा हूं कि एक परिणाम आपके पूरे भविष्य की कहानी तय नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार की ओर से यह अवसर इसी दिशा में एक विशेष पहल है। ये महज योजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को फिर से उड़ान देन का संकल्प है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है। जो 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में किसी कारणवश अनुत्तीर्ण हो गए या परीक्षा नहीं दे पाए। द्वितीय परीक्षा विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है। एक ऐसा मौका, जहां आप अपनी मेहनत को फिर से साबित कर सकते हैं। अपने आत्मविश्वास को पुनः खड़ा कर सकते हैं और अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते हैं। वहीं अब प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हो रही हैं। बच्चों के साथ खड़े रहें अभिभावक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों से भी मेरा विनम्र निवेदन है कि इस समय बच्चों के साथ खड़े रहें। उनके मन को समझें, उन्हें सपोर्ट करें क्योंकि कई बार एक विश्वास भरा शब्द ही उन्हें नई ऊर्जा दे देता है, हर विद्यार्थी में अपार क्षमता है। अगर जरूरत है तो केवल उसे पहचानने की, उसे संवारने की और सही दिशा देने की। याद रखिए यह परीक्षा सिर्फ अंक सुधारने का नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। अंत में मैं आप सभी को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। आप प्रदेश का भविष्य हैं। आप सफल होकर अपने सपनों को साकार करें और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। आगे बढ़ें, सफल हों और अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छुएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुशासन का दौर जारी, इसका कोई अंत नहीं

सुशासन का है यह दौर, जिसका ओर है ना छोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवाचारों के साथ हमने प्रदेश की तरक्की के बनाए हैं नए रास्ते मुख्यमंत्री का निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैसी नीयत होती है, वैसी ही बरकत होती है। हमारा प्रदेश आज देश में सुशासन के जरिए लोक कल्याण का पर्याय बन चुका है। लोक कल्याण के अवसर सबको मिलते हैं, लेकिन जो हृदय की गहराईयों से लोगों के कल्याण की सोच रखते हैं, ईश्वर उसकी मदद करते हैं। हमारी सरकार लोक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्ध सोच, कर्मठता, समर्पण और नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। आज प्रदेश के हर कोने में, हर छोर में सुशासन का दौर है। उन्होंने कहा कि हमने 'विरासत से विकास' की परम्परा को कायम रखते हुए जनहित में अधिकाधिक नवाचार अपनाकर प्रदेश की तरक्की के नए रास्ते बनाये हैं। प्रदेश की जनता की सेवा, कल्याण और सबके जीवन में खुशहाली लाने में हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'सच्चा वादा- पक्का काम' यही हमारी सरकार का मूलमंत्र है। प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। पर्यटन बढ़ेगा तो प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे और इसका सीधा लाभ हमारे अपने नागरिकों को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोग-निगम-मंडलों एवं विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को अवसर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुए गरिमामय समारोह में अभिनंदन कर आभार जताया। अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित थे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष रामनिवास रावत, मध्यप्रदेश राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण की नवनियुक्त अध्यक्षा श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव, निगम के उपाध्यक्ष संजीव कांकर, रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्राधिकरण के उपाध्यक्षद्वय गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी तथा मध्यप्रदेश राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश केवट एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करके उन्हें जनकल्याण का सेवा दायित्व देने के लिए आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भी दिए गए।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस पर करेंगे संबोधन

भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करेंगे 182 देशों के प्रतिभागी प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यम से बनेंगे भारत के सबसे व्यापक आध्यात्मिक आंदोलन के साक्षी रायपुर भारत के माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी जी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ की स्थापना के 45 वर्ष पूर्ण होने और इसके संस्थापक, गुरुदेव रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित समारोह को संबोधित करेंगे 10th मई 2026 को, आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु में। भारत के इस सबसे दूरगामी मानवीय एवं आध्यात्मिक आंदोलन के साढ़े चार दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस वैश्विक समागम में 182 से अधिक देशों के प्रतिभागी प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित होंगे। यह आयोजन समाज के हर वर्ग  राजनेताओं, सिविल सेवकों, किसानों, इंजीनियरों, गृहिणियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाएगा, जो गुरुदेव के दूरदर्शी नेतृत्व और संगठन के वैश्विक प्रभाव का एक अनूठा उत्सव होगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य वक्तव्य देंगे तथा नव-निर्मित ‘ध्यान मंदिर’ एक विशेष ध्यान कक्ष का उद्घाटन करेंगे।  इसके साथ ही, वे मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित राष्ट्रव्यापी सेवा पहलों का भी शुभारंभ करेंगे। संस्था के विषय में वर्ष 1981 में गुरुदेव रवि शंकर द्वारा स्थापित 'आर्ट ऑफ लिविंग' आज एक वैश्विक, स्वयंसेवक-आधारित मानवीय और शैक्षिक संगठन बन चुका है। 182 देशों में सक्रिय यह संस्था 'सुदर्शन क्रिया' जैसी परिवर्तनकारी श्वास तकनीकों और सतत विकास के क्षेत्र में अपनी अग्रणी ठोस पहलों के माध्यम से अब तक 100 करोड़ से अधिक जीवन को स्पर्श कर चुकी है। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ * शासन, व्यवसाय, मीडिया, शिक्षा, कला-संस्कृति और नागरिक समाज में नैतिकता पर केंद्रित वैश्विक नेतृत्व संवाद और शिखर सम्मेलन। * 182 देशों की विविध संस्कृतियों को प्रस्तुत करते हुए संगीत, नृत्य और कलात्मक अभिव्यक्तियों से सुसज्जित सांस्कृतिक महोत्सव। * 13 मई 2026 को गुरुदेव रवि शंकर के मार्गदर्शन में ‘विश्व शांति हेतु वैश्विक ध्यान’ सभी के लिए निःशुल्क और विश्वभर में सीधा प्रसारित। * भारत के 450 से अधिक जिलों में कार्यरत अनसुने दैनिक नायकों (Unsung Heroes) को सम्मानित करने के विशेष समारोह। * विभिन्न क्षेत्रों और सार्वजनिक सेवाओं में अधिक मानवीय और सतत व्यवस्थाएँ विकसित करने पर केंद्रित नीति एवं विषयगत गोलमेज चर्चाएँ। * 25–26 मई को ‘बंदी कल्याण और नीतिगत सुधार’ पर विशेष गोलमेज, इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य जेलों में सुधार की सर्वोत्तम पद्धतियों को रेखांकित करना तथा कैदियों के पुनर्वास में 'आर्ट ऑफ लिविंग' के कार्यक्रमों के सकारात्मक प्रभाव को प्रदर्शित करना  होगा। •भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित ‘बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान’, जिसमें सभी सात बिम्सटेक देशों के युवा नेता ‘आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर’ में केंद्रित नेतृत्व प्रशिक्षण (लीडरशिप इमर्शन) हेतु एकत्र होंगे।  आयोजन का महत्त्व  वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के बीच इस तरह के आयोजनों का महत्त्व केवल औपचारिकता से कहीं अधिक है। दशकों से आर्ट ऑफ लिविंग भारत के सांस्कृतिक ज्ञान के एक सशक्त संवाहक के रूप में कार्य कर रहा है, जिसने प्राचीन भारतीय ज्ञान को करोड़ों लोगों के जीवन का व्यावहारिक अनुभव बनाया है। संस्था की 45 वर्षों की यात्रा विश्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और सांस्कृतिक नेतृत्व की गाथा के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। प्रमुख वक्तव्य माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी जी "आर्ट ऑफ लिविंग ने लोगों को जागरूकता, करुणा और अपनी जड़ों से जुड़े रहकर  कार्य करना सिखाया है। यही वास्तव में योग का मूल स्वरूप है। और यही कारण है कि आज जब विश्व – चिंता, संघर्ष और विखंडन के समाधान खोजता है, तो उसकी दृष्टि बढ़ते हुए भारत की ओर जाती है।”  गुरुदेव रवि शंकर “एक स्वस्थ समाज की पहचान है- हर चेहरे पर मुस्कान। यही लक्ष्य है, जिसके लिए हम पिछले 45  वर्षों से निरंतर प्रयासरत हैं।”  

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री ओपी चौधरी

बस्तर अंचल में बैंकिंग सुविधाओं में तेजी से विस्तार शांति और विकास का प्रतीक– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री ओपी चौधरी सरकार बनने के बाद बस्तर संभाग में 31वीं बैंक शाखा का शुभारंभ, तेज़ी से मजबूत हो रहा बैंकिंग नेटवर्क वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का वर्चुअल उद्घाटन किया रायपुर,  साय सरकार के गठन के बाद से  बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम में शामिल हुए और शाखा का शुभारंभ किया। यह पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुलने वाली 31वीं नई बैंक शाखा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तर्रेम में बैंक शाखा खुलने से स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे एवं पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर अब बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है—जहां पहले बैंकिंग सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं। यह नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के लगातार विस्तार को सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता से आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार एवं वित्तीय गतिविधियों से जुड़ने में आसानी होगी तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय और अभाव की पहचान से निकलकर विश्वास, विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जहां नक्सलियों ने किया था हमला, वहीं अब विकास की नई कहानी इससे पूर्व भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तत्कालीन धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-सुकमा जिले  के सीमावर्ती जगरगुंडा क्षेत्र में भी बैंक की नई शाखा का उद्घाटन किया था। उस दौरान वे रायपुर से सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचे थे। उन्होंने अपने दंतेवाड़ा में कलेक्टर कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि उस समय यह क्षेत्र अत्यधिक नक्सल प्रभावित था और अधिकारी अंदरूनी क्षेत्रों में जाने से भी कतराते थे। उन्होंने कहा कि “जिस इमारत में कभी ग्रामीण बैंक की शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, उसी स्थान पर पुनः बैंक शाखा शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी भाइयों एवं बहनों के आर्थिक संबल के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं।  ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुले 31 नई बैंक शाखाएं पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। बस्तर जिले में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा बादेककलूर में, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा जगदलपुर में, इंडसइंड बैंक की शाखा धरमपुरा (जगदलपुर) में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का होम लोन सेंटर (RACPC) जगदलपुर में खोला गया है।  बीजापुर जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं बीजापुर और तर्रेम में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा पामेड़ में, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक की शाखाएं बीजापुर में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मड्डेड में खोली गई हैं। दंतेवाड़ा जिले में एचडीएफसी बैंक की शाखा चेरपाल में, आईसीआईसीआई बैंक की शाखा दंतेवाड़ा में, इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं दंतेवाड़ा और समलवार में, कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा परचेली में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा काटेकल्याण में खोली गई है। कांकेर जिले में एक्सिस बैंक की शाखाएं पनडोबिर और पाखांजूर में, बैंक ऑफ इंडिया की शाखा चरामा में तथा आईसीआईसीआई बैंक की शाखा भानुप्रतापपुर में खोली गई है। कोंडागांव जिले में एक्सिस बैंक की शाखा फरसगांव में तथा बंधन बैंक की शाखा कोंडागांव में शुरू की गई हैं। नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा सोनपुर में तथा एचडीएफसी बैंक की शाखा कोहकामेटा में खोली गई है। इसी प्रकार सुकमा जिले में एक्सिस बैंक की शाखा चिंतलनार में, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सुकमा में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा सुकमा में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा किस्टाराम में तथा इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं सुकमा और जगरगुंडा में नई शाखाएं शुरू की गई हैं।  स्थानीय ग्रामीणों ने तर्रेम में बैंक शाखा खुलने पर खुशी जताई और इसे अपने लिए बड़ी सुविधा बताया। इस पहल से न केवल बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी। बस्तर में हो रहे ये सकारात्मक बदलाव आने वाले समय में समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित होंगे।

छत्तीसगढ़ में महिलाओं को जमीन रजिस्ट्री पर 50% की छूट, महिला सशक्तिकरण की नई पहल

महिला सशक्तिकरण की नई इबारत  छत्तीसगढ़ में अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50 प्रतिशत की छूट रायपुर छत्तीसगढ़ की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर एवं  वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक अधिसूचना आज राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। निर्णय का मुख्य उद्देश्य          इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इस छूट से अधिक से अधिक परिवार अपनी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराएंगे। संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आर्थिक सुरक्षा बढेगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण औरा महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री का विजन- सशक्त महिला, सशक्त प्रदेश        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन के स्वामित्व से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी। सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर मिलेगा लाभ     छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ₹25 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया  है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर विभाग द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया ।  अधिसूचना जारी होने पश्चात सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिको को मिलने वाली यह छूट प्रभावशील हो गई है। अधिसूचना के अनुसार, सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों  एवं दिवंगत होने पर उनके जीवन साथी को इस छूट की पात्रता केवल एक बार के लिए होगी।  ₹25 लाख तक की सीमा तक यह छूट मिलेगी । यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा। देश की सेवा करने वाले सैनिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय है।     वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर  लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, अब इस नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर सेवा करने वाले सैनिकों को आवास क्रय लागत में कमी की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा तथा संबंधित सैनिक/पूर्व सैनिक या विधवा होने के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। राजस्व में निवेश, भविष्य में लाभ         वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस योजना के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा। रजिस्ट्रेशन शुल्क में इस रियायत से राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, यह कोई राजस्व हानि नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा निवेश है, जिसके दूरगामी सामाजिक परिणाम होंगे। क्या कहती है अधिसूचना?        राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण के दस्तावेज यदि महिलाओं के पक्ष में निष्पादित किए जाते हैं, तो उन पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।