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पंजाब पुलिस पर फायरिंग के आरोपी शूटर राजस्थान से पकड़ा गया, रंगदारी नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना

चंडीगढ़  पंजाब के गैंगस्टर जीशान अख्तर गिरोह पर शिकंजा कसते हुए राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने उसके करीबी सहयोगी चंद्र प्रकाश शर्मा उर्फ चंदू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पंजाब पुलिस अब आरोपित को संबंधित जिलों में ले जाकर अलग-अलग मामलों में पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में रंगदारी और शूटआउट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। चंदू पर जालंधर के नकोदर में कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग कराने, रंगदारी मांगने और पंजाब पुलिस टीम पर गोली चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। पंजाब पुलिस ने तीन फरवरी को उसे पकड़ने के लिए नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई की थी, लेकिन वह पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग निकला। इस दौरान उसके साथी अंकित कुमार और हरजिंदर गुप्ता जवाबी कार्रवाई में घायल हुए थे। जीशान के निर्देश पर चल रहा नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि चंदू विदेश में बैठे गैंगस्टर जीशान अख्तर के निर्देश पर पंजाब में रंगदारी नेटवर्क चला रहा था। कारोबारी वर्ग को धमकाकर पैसे वसूलने और विरोध करने वालों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का जिम्मा उसी के पास था। जांच एजेंसियों के अनुसार, 18 जनवरी को नकोदर स्थित बक्शी ट्रैवल्स कार्यालय पर हुई फायरिंग में भी चंदू का नाम सामने आया। कारोबारी से कथित तौर पर रंगदारी मांगी गई थी। रकम नहीं देने पर दफ्तर पर गोलियां चलाकर डराने की कोशिश की गई। इस मामले में पंजाब पुलिस पहले ही दीपक, अंकित कुमार और हरजिंदर गुप्ता समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंदू लगातार ठिकाने बदलकर बचता फिर रहा था। राजस्थान में छिप गया था शूटर सूत्रों के मुताबिक, पंजाब से भागने के बाद चंदू राजस्थान के जयपुर, दौसा, लालसोट और परासर धाम इलाके में छिपकर रह रहा था। एजीटीएफ पिछले एक महीने से तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि चंदू विदेश में बैठे गैंगस्टर जीशान अख्तर के निर्देश पर पंजाब में रंगदारी नेटवर्क चला रहा था। कारोबारी वर्ग को धमकाकर पैसे वसूलने और विरोध करने वालों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का जिम्मा उसी के पास था। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब से भागने के बाद चंदू राजस्थान के जयपुर, दौसा, लालसोट और परासर धाम इलाके में छिपकर रह रहा था। एक महीने से पीछे थी एजीटीएफट एजीटीएफ पिछले एक महीने से तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसकी तलाश कर रही थी। मंगलवार रात बांदीकुई में जाल बिछाकर उसे दबोच लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि चंदू का पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं था और वह हाल ही में जीशान अख्तर गैंग से जुड़ा था। पुलिस अब उससे गैंग के नेटवर्क, हथियार सप्लाई और पंजाब में सक्रिय अन्य शूटरों को लेकर पूछताछ करेगी। पंजाब पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में रंगदारी और शूटआउट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

‘वंदे मातरम्’ को मिला कानूनन संरक्षण, मुख्यमंत्री ने बताया—राष्ट्र और संस्कृति का सम्मान बढ़ा

‘वंदे मातरम्’ को वैधानिक संरक्षण: राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक अस्मिता को मिला नया सम्मान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘वंदे मातरम्’ को वैधानिक संरक्षण देना राष्ट्र की आत्मा का सम्मान : मुख्यमंत्री साय 'वंदे मातरम्’ का सम्मान, राष्ट्रभावना का सम्मान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय गौरव को मिला नया सम्मान : मुख्यमंत्री राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने वाला निर्णय : मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करने संबंधी केंद्रीय मंत्रिमंडल के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे देश की सांस्कृतिक चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत और राष्ट्रभक्ति की भावना को सम्मान देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) में संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान किया जाना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और आत्मसम्मान का विषय है।  उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’  भारत की आत्मा, स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और करोड़ों देशवासियों की राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों में नई ऊर्जा और आत्मबल का संचार किया था। यह गीत आज भी हर भारतीय के मन में मातृभूमि के प्रति समर्पण, सेवा और गौरव की भावना जागृत करता है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री साय ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार निरंतर भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और जनभावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान एवं गरिमा को बनाए रखने का आह्वान भी किया।

मध्यप्रदेश का बड़ा लक्ष्य: टेक्सटाइल सेक्टर से 2030 तक 5 अरब डॉलर का निर्यात

मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा लक्ष्य, 2030 तक 5 अरब डॉलर निर्यात का टारगेट उद्योग, कौशल और ग्लोबल बाजार को जोड़कर बनाया रोडमैप भोपाल  मध्यप्रदेश ने टेक्सटाइल सेक्टर में वर्ष 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसके लिए एक स्पष्ट और समग्र कार्ययोजना तैयार की है। इसी उद्देश्य से राज्य निर्यात कार्य योजना के अंतर्गत वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र पर राज्य स्तरीय हितधारक परामर्श बैठक एमपीआईडीसी, भोपाल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने की। बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधि निर्यात संवर्धन परिषदों, वित्तीय संस्थानों, एमएसएमई इकाइयों और पारंपरिक वस्त्र समूहों के प्रतिनिधियों ने राज्य की निर्यात क्षमता को सशक्त बनाने के लिए सुझाव दिए। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत के 100 अरब डॉलर टेक्सटाइल निर्यात लक्ष्य में मध्यप्रदेश की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये रणनीति बनाना था। 11 जिलों पर फोकस, उत्पादन से निर्यात तक पूरी रणनीति राज्य में टेक्सटाइल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 11 जिलों को चिन्हित किया गया है। इनमें सीहोर, रायसेन, धार, इंदौर, खरगोन, उज्जैन और भोपाल को चैंपियन जिले तथा जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और बुरहानपुर को आकांक्षी जिले के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन जिलों में उत्पादन, प्रोसेसिंग और निर्यात गतिविधियों को एकीकृत रूप से विकसित करने की रणनीति बनाई गई। पीएम मित्र पार्क से निवेश और रोजगार को बल धार के पीएम मित्र पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति मिल रही है। यहां 38 कंपनियों द्वारा 21,500 करोड़ रूपए के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई है, जिससे लगभग 55 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। यह विकास राज्य को टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। कौशल विकास और नए निर्यातकों पर विशेष जोर बैठक में यह तय किया गया कि राज्य में एक लाख से अधिक युवाओं को टेक्सटाइल सेक्टर के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए समर्थ 2.0, निफ्ट भोपाल के विस्तार और चैंपियन जिलों में नए प्रशिक्षण संस्थानों का उपयोग किया जाएगा। राज्य से एक हजार नए निर्यातकों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला स्तरीय निर्यात समितियों, एक्ज़िम बैंक, ईसीजीसी और अन्य संस्थाओं के सहयोग से छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। लॉजिस्टिक्स और अधोसंरचना होगी मजबूत निर्यात को आसान और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीथमपुर में नया इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किया जा रहा है और मण्डीदीप में मौजूदा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम मित्र पार्क से इंदौर तक कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा रहा है। राज्य में कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां परीक्षण, डिजाइन और मूल्य संवर्धन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे एमएसएमई इकाइयों को गुणवत्ता सुधार में सहायता मिलेगी। नई तकनीक और डिज़ाइन से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए टेक्सटाइल इकाइयों में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और डिजिटल गुणवत्ता प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाएगा। डिज़ाइन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए निफ्ट भोपाल में तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ फैशन और ब्रांडिंग आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो सके। ग्लोबल बाजार और एफटीए का लाभ उठाने की रणनीति राज्य ने अमेरिका, यूरोप, यूनाइटेड किंगडम, यूएई और जापान जैसे प्रमुख बाजारों को ध्यान में रखते हुए निर्यात रणनीति तैयार की है। यूके, यूएई, ईएफटीए और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने के लिए जिला स्तर पर उत्पाद मैपिंग और उद्योग समन्वय किया जाएगा। पारंपरिक वस्त्रों को मिलेगा वैश्विक मंच “टेक्सटाइल्स ऑफ एमपी” अभियान में चंदेरी, माहेश्वरी, बाग प्रिंट और बाटिक प्रिंट जैसे पारंपरिक उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग की जाएगी। इससे कारीगरों को नए बाजार मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। उद्योग की भागीदारी से तैयार हो रहा मजबूत तंत्र बैठक में प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियों, निर्यात परिषदों और उद्योग संगठनों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए। इससे राज्य में उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है, जो निर्यात वृद्धि के लिए आवश्यक है। प्राप्त सुझावों को राज्य निर्यात कार्य योजना में शामिल करते हुए इसे निर्धारित समय सीमा में केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की रणनीति को आगे बढ़ाते हुए टेक्सटाइल सेक्टर में राज्य को अग्रणी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।  

विवादित पेनाल्टी फैसलों के बीच एटलेटिको का टूटा यूसीएल जीतने का सपना

लंदन  एटलेटिको मैड्रिड का पहली बार यूएफा चैंपियंस लीग खिताब जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया। मंगलवार रात लंदन के एनफील्ड एरिना में खेले गए सेमीफाइनल के दूसरे लेग में आर्सेनल ने बुकायो साका के गोल से एटलेटिको पर 1-0 की जीत दर्ज की और कुल 2-1 से फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही आर्सेनल ने 20 साल बाद चैंपियंस लीग फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि मैच के बाद चर्चा आर्सेनल की जीत से ज्यादा उन विवादित पेनाल्टी निर्णयों की रही, जो एटलेटिको के विरुद्ध गए। आर्सेनल के लिए बुकायो साका के पहले हाफ के अंतिम मिनट में गोल दागा, जो मैच का एकमात्र गोल था। 45वें मिनट में लिएंड्रो ट्रोसार्ड के शाट को जान ओब्लाक ने बचा लिया, जिसके बाद साका ने रिबाउंड पर गोल दागकर आर्सेनल को बढ़त दिला दी। बढ़त हासिल करने के बाद आर्सेनल की रक्षापंक्ति ने उसे बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। वहीं डिएगो सिमोन की टीम एटलेटिको मैड्रिड ने शुरुआत से आक्रामक खेल खेला, लेकिन दूसरे हाफ में दो अहम मौकों पर रेफरी के फैसले उसके विरुद्ध चले गए। 51वें मिनट में एटलेटिको के युवा विंगर गुइलियानो सिमोने पेनाल्टी बाक्स के अंदर गिर पड़े। उन्होंने आर्सेनल के गोलकीपर डेविड राया को पार कर लिया था और शाट लेने ही वाले थे कि पीछे से डिफेंडर गैब्रियल मैगलहेस ने उन्हें चुनौती दी। सिमोने ने तुरंत पेनाल्टी की मांग की, लेकिन जर्मन रेफरी डेनियल सीबर्ट ने खेल जारी रखा। वीडियो रिव्यू जांच के बाद भी फैसला नहीं बदला गया। इसके सिर्फ पांच मिनट बाद एटलेटिको को एक और झटका लगा। फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर एंटोइन ग्रीजमैन पेनाल्टी बाक्स में आर्सेनल डिफेंडर रिकार्डो कालाफियोरी के संपर्क में आने के बाद गिर पड़े। रीप्ले में ग्रीजमैन के पैर पर स्टड पड़ता साफ दिखाई दिया, लेकिन रेफरी ने इससे पहले एटलेटिको खिलाड़ी मार्क प्यूबिल द्वारा गैब्रियल पर फाउल मानते हुए पेनाल्टी नहीं दी। एटलेटिको के कोच डिएगो सिमोने ने सीधे तौर पर रेफरी की आलोचना करने से बचते हुए कहा, अब कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। हम बाहर हो गए हैं और आर्सेनल को बधाई देनी होगी। लेकिन कुछ फैसले ऐसे थे जिन्हें सभी ने देखा। पहले चरण में भी दोनों टीमों ने पेनाल्टी फैसलों को लेकर शिकायत की थी। उस मुकाबले में दोनों टीमों ने एक-एक पेनाल्टी गोल किया था और मैच 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुआ था। मैच समाप्त होने के बाद एटलेटिको के खिलाडि़यों और कोचिंग स्टाफ ने दर्शकों का अभिवादन किया। हालांकि हार के साथ एक बार फिर चैंपियंस लीग का उनका सपना टूट गया, जबकि आर्सेनल अब दो दशक बाद यूरोप की सबसे बड़ी क्लब प्रतियोगिता के फाइनल में खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। आर्सेनल ने अब तक तीनों नाकआउट राउंड में अपने घरेलू मैदान पर एक भी गोल नहीं खाया है। टीम ने लीग चरण में अपने सभी आठ मैच जीतकर प्रतियोगिता में सबसे कम चार गोल खाए थे।

मप्र मौसम अपडेट: ग्वालियर और 11 जिलों में बारिश का अलर्ट, कुछ शहरों में तापमान रहेगा अधिक

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। एक तरफ ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग ने गुरुवार को 11 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से मौसम लगातार बदल रहा है। कई जिलों में बादल, आंधी और हल्की बारिश का सिलसिला बना हुआ है। गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।  इधर दूसरी तरफ प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम का दूसरा रुख भी देखने को मिल रहा है, जहां गर्मी धीरे-धीरे अपना असर दिखा रही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत करीब 40 से ज्यादा जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और कई जगह पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। खासकर निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर जैसे जिलों में गर्म हवा और तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4 दिन तक ऐसा ही मिला-जुला मौसम बना रहेगा, यानी कहीं बारिश तो कहीं लू जैसे हालात। वहीं 9 और 10 मई को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी तेज रहने का अनुमान है, जबकि 10 मई के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसका असर कुछ दिन बाद देखने को मिलेगा। पिछले कुछ दिनों के हालात देखें तो मध्य प्रदेश में लगातार छठे-सातवें दिन भी मौसम बदला हुआ रहा है और कई जिलों में आंधी-बारिश ने गर्मी से थोड़ी राहत दी है। धार, बालाघाट, पीथमपुर और मुलताई जैसे इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण सड़कें भीग गईं और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश के बीचोंबीच एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है, जबकि दूसरा सिस्टम ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और पूर्वी मध्य प्रदेश से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से मौसम में यह अस्थिरता बनी हुई है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में मई के महीने में अक्सर गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड देखा जाता है, जहां कभी तापमान 46 से 48 डिग्री तक पहुंच जाता है तो कभी अचानक बौछारें राहत दे देती हैं। इस बार भी वही पैटर्न देखने को मिल रहा है और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिन मौसम तेजी से बदल सकता है। अगले चार दिन मौसम रहेगा अस्थिर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले दो दिन कुछ हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 9 और 10 मई से गर्मी का असर ज्यादा बढ़ेगा। इसके बाद 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर अगले दो दिनों में देखने को मिल सकता है। लगातार सातवें दिन बदला मौसम प्रदेश में बुधवार को लगातार सातवें दिन भी कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर बना रहा। धार समेत कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। मई की शुरुआत में लगातार बारिश होने से फिलहाल भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे बना हुआ है। प्रदेश में क्यों बदल रहा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश के मध्य हिस्से और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके साथ ही पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इन तीनों सिस्टमों के संयुक्त असर से प्रदेश में आंधी, बादल और बारिश की स्थिति बनी हुई है।  थल-पुथल वाला मौसम रहेगा मौसम विभाग की माने तो अगले 4 दिन तक प्रदेश में उथल-पुथल वाला मौसम रहेगा। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार है। वहीं, 9 और 10 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 2 दिन बाद देखने को मिल सकता है। छह दिन से बारिश का दौर प्रदेश में बुधवार को लगातार सातवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। धार समेत कई जिलों में असर देखने को मिला। यानी, इस बार मई के शुरुआत छह दिन तक बारिश हुई है। मौसम में बदलाव होने से गर्मी का असर कम हुआ है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। 10 मई से नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। वर्तमान में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) प्रदेश के बीचोंबीच में एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है।

BJP की रणनीति और थलापति विजय की ताकत, तमिलनाडु में कांग्रेस की स्थिति पर सवाल

चेन्नई तमिलनाडु की सियासत में गजब ट्विस्ट आया है. थालापति विजय की टीवीके सरकार बनाने की कवायद में जुटी है. उसके पास बहुमत वाला नंबर नहीं है. इसलिए एक्टर विजय की पार्टी टीवीके को अन्य साथियों की जरूरत है. थलापति विजय को सरकार बनाने के लिए कुल 118 विधायकों की जरूरत है. टीवीके के पास हैं 108. अब ऐसे में कैसे 118 के आंकड़े तक पहुंचा जाए, अभी इस पर मंथन जारी है. इस बीच तमिलनाडु के सियासी गेम में अचानक भाजपा की एंट्री हो गई है. सरकार वाली फ्रेम में अब तक भाजपा नहीं थी. मगर अब भाजपा ने एआईएडीएमके को धर्मसंकट में डाल दिया है. मगर एक्टर विजय के लिए तब भी खुशखबरी ही है।  जी हां, भाजपा के नए दांव से टीवीके चीफ थलापति विजय की चांद ही चांदी है. भाजपा अब चाहती है कि टीवीके की ही तमिलनाडु में सरकार बने. इसके लिए भाजपा तमिलनाडु में अपनी सहोयगी एआईएडीएमके को थलापति विजय की TVK के साथ गठबंधन के लिए जोर दे रही है. भाजपा के इस दांव से एआईएडीएमके धर्मसंकट में है. एआईएडीएमके पर टूट यानी विभाजन का खतरा मंडरा रहा है. उसे भी उद्धव ठाकरे की शिवसेना जैसा खतरा महसूस हो रहा है।  भाजपा का चाणक्य वाला दांव इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, तमिलनाडु रिजल्ट के बाद एआईएडीएमके (AIADMK) अपने सबसे गंभीर अंदरूनी संकट की ओर बढ़ती दिख रही है. एआईएडीएमके विजय की टीवीके के साथ गठबंधन को लेकर धर्मसंकट में है. पार्टी के भीतर इस बात पर गहरे मतभेद उभर आए हैं कि क्या थलापति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) को गठबंधन सरकार बनाने में समर्थन दिया जाए या नहीं. सूत्रों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे भाजपा बहै. भाजपा नहीं चाहती कि टीवीके और कांग्रेस का गठबंधन हो. इसके लिए भाजपा चाहती है कि एआईएडीएमके और टीवीके साथ मिलकर सरकार बनाए. इसकी वजह है भाजपा की जिद, सके तहत वह कांग्रेस को तमिलनाडु की सत्ता में आने से रोकना चाहती है।  क्यों भाजपा चाहती है टीवीके और AIADMK का गठबंधन खुद एआईएडीएमके के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि भाजपा टॉप लीडरशिप इस बात से असहज है कि तमिलनाडु में कांग्रेस के सममर्थन से टीवीके की सरकार बन सकती है. वह भी ऐसी स्थिति में जब पड़ोसी राज्य केरल में कांग्रेस ने एक बार फिर से जोरदार वापसी की है. यही कारण है कि भाजपा नहीं चाहती कि तमिलनाडु की सत्ता में कांग्रेस की किसी भी तरह वापसी हो।  तमिलनाडु में सरकार का नंबर गेम समझिए थलापति विजय की TVK के पास 108 सीटें हैं. बहुमत के लिए चाहिए 118 सीटें. मतलब बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम हैं. इसलिए तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए गठबंधन बनाना अब जरूरी हो गया है. ऐसे में भाजपा उन कोशिशों का समर्थन करती दिख रही है, जिनका मकसद AIADMK को विजय का साथ देने के लिए राजी करना है, ताकि कांग्रेस और वामपंथी दल को नई सरकार में आने से रोका जा सके।  भाजपा के दांव से एआईएडीएमके में धर्मसंकट हालांकि, भाजपा के दांव से एआईएडीएमके में धर्मसंकट है. यह संकट तब और गहरा गया, जब मंगलवार रात एआईएडीएमके की वरिष्ठ नेता लीमा रोज मार्टिन ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि टीवीके और AIADMK के बीच बातचीत चल रही है. लीमा रोज मार्टिन लॉटरी किंग की पत्नी हैं. उनके बेटे पुडुचेरी से विधायक हैं और एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं. इसलिए एआईएडीएमके का एक खेमा चाहता है कि विजय की पार्टी संग गठबंधन हो. मगर एक खेमा चाहता है कि गठबंधन न हो. ऐसे में एआईएडीएमके में टूट का खतरा मंडरा रहा है।  इसके बाद भी 5 सीटें उसके पास कम हैं। वजह यह कि वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, सीपीआई और सीपीएम जैसे दलों ने समर्थन देने से इनकार कर दिया है। एआईएडीएमके ने भी विजय के साथ जाने की बात खारिज की है। यही नहीं कई दलों के नेताओं ने बुधवार को एमके स्टालिन से मुलाकात की है। ऐसे में यह भी कयास लग रहे हैं कि क्या डीएमके और एआईएडीएमके मिलकर सरकार बनाने पर विचार कर रहे हैं। दोनों ही दल तमिलनाडु की राजनीति में कट्टर विरोधी रहे हैं। ऐसे में दोनों साथ आए तो यह उसी तरह होगा, जैसे सपा और बसपा यूपी में मिले थे। जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी ने भी सरकार साथ में बनाई तो ऐसा ही सवाल उठा था। इसके अलावा महाराष्ट्र में जब उद्धव की शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी साथ आए तो वह भी राजनीति की उलटबासी थी। अब तमिलनाडु में ऐसा देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस फंसा हुआ अनुभव करेगी, जिसने जल्दबाजी में ही विजय की टीवीके को समर्थन दे दिया। डीएमके की ओर से इसकी आलोचना भी की जा रही है। वहीं कांग्रेस ने इसे विचारधारा से समझौता मानने से इनकार किया है और कहा कि विजय की विचारधारा भी सेकुलर है। यही नहीं कांग्रेस की सांसद जोथीमणि सेन्निमलाई ने डीएमके को भी जवाब दिया है। कांग्रेस बोली- हमें तो चुनाव से एक सप्ताह पहले कर दिया था बाहर उन्होंने कहा कि राजनीति में गठबंधन बनना और टूटना सामान्य बात है। उन्होंने कहा कि 2014 में डीएमके ने कांग्रेस को गठबंधन से बाहर कर दिया था। वह अकेले ही लड़ी थी। तब हमने यह माना था कि डीएमके का यह कदम राजनीतिक है और इसकी हमने आलोचना नहीं की थी। उन्होंने कहा कि राजनीति में गठबंधन बनना या फिर अलग होना नेचुरल है। यहां तक कि 2014 के संसदीय चुनाव से एक सप्ताह पहले ही डीएमके ने कांग्रेस को अलायंस से बाहर कर दिया था। हमें अचानक से अकेले उतरना पड़ा था, लेकिन हमने उसकी मजबूरी को समझा था। विजय ने बुलाई अहम बैठक इस बीच टीवीके यानी तमिलगा वेत्री कड़गम के संस्थापक विजय ने सरकार गठन पर चर्चा के लिए आज यानी गुरुवार को यहां चुनाव जीतने वाले पार्टी के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. यह बैठक सरकार बनाने के लिए टीवीके के बहुमत से कुछ सीट पीछे रहने की पृष्ठभूमि में हो रही है. कांग्रेस के पांच विजयी उम्मीदवारों ने टीवीके को समर्थन देने की पेशकश की है, लेकिन विजय की … Read more

कलेक्टर और एसपी ने मोटरसाइकिल से तय किया दुर्गम पहाड़ी सफर, सुशासन का संदेश

सुशासन की मोटरसाइकिल से दुर्गम पहाड़ों तक पहुँचे कलेक्टर-एसपी  गोंडेरास और नीलावाया में ऐतिहासिक सुशासन चौपाल रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत अब विकास की किरण केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे सुदूर वनांचलों तक पहुँच रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ के सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। बुधवार को कलेक्टर श्री अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए, खुद मोटरसाइकिल चलाकर 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को पार किया और पहुंचविहीन ग्राम गोंडेरास व नीलावाया पहुँचे।    जिला प्रशासन सुशासन तिहार के माध्यम से 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा रहा है। कलेक्टर और एसपी का यह दौरा साबित करता है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ दूरी मिटाता है, तो जनता के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास और बदलाव की नई उम्मीद जागती है। ग्राम गोंडेरास में इमली की छाँव में समस्याओं का तत्काल समाधान         गोंडेरास गांव में कलेक्टर और एसपी ने किसी आलीशान मंच के बजाय इमली के पेड़ के नीचे बिछी खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों द्वारा सोलर प्लेट्स के खराब होने की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल क्रेडा विभाग को सभी घरों में मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गाँव में आंगनबाड़ी और पंचायत भवन जैसे बुनियादी कार्यों के लिए 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई, जिसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को ही सौंपी गई है। शिविर में 17 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 जाति प्रमाण पत्र और 11 पीएम-किसान प्रकरणों का निराकरण, 2  किसान किताब, 2 पटवारी प्रतिवेदन सहित कई दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए।  स्वास्थ्य सुरक्षा और पुलिया की सौगात        ग्राम नीलावाया पहुँचकर अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली 15 किमी की अतिरिक्त दूरी को खत्म करने के लिए कलेक्टर ने मौके पर ही नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजने और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए सचिव को कड़े निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र तत्काल बनाकर सौंपे गए। कागजी नहीं, धरातली सुशासन हमारा लक्ष्य        कलेक्टर श्री अमित कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि शासन का लक्ष्य नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गाँव) योजना के जरिए हर घर को बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के सैचुरेशन (पूर्णता) से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाना कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने का एक बड़ा कदम है। यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर हमारे गाँव तक मोटरसाइकिल से पहुँचा है। अब हमें भरोसा है कि हमारी समस्याएँ अनसुनी नहीं रहेंगी। गांव के सरपंच श्री जोगा वंजामी ने अधिकारियों के आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर उनके गांव तक पहुंचा है।

सुशासन तिहार: आवेदन के घंटे भर में कौशिल्या को मिला आयुष्मान कार्ड, चेहरे खिले

सुशासन तिहार:आवेदन के चंद घंटों में कौशिल्या को मिला आयुष्मान कार्ड, खिले चेहरे रायपुर राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयोजित सुशासन तिहार शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इसी क्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहाँ ग्राम मोहतरा निवासी महिला कौशिल्या साहू को आवेदन करते ही तत्काल आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। मौके पर ही हुआ समाधान          शिविर में अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर पहुँची कौशिल्या साहू ने जैसे ही आयुष्मान कार्ड के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया, संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई। मौके पर ही पात्रता की जाँच कर ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण की गई और तत्काल कार्ड प्रिंट कर उन्हें सौंप दिया गया। ग्रामीणों के द्वार तक पहुँची सरकार         हाथों-हाथ आयुष्मान कार्ड मिलने पर कौशिल्या साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, ष्पहले छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से अब सरकार खुद हमारे द्वार तक आ रही है। उन्होंने इस त्वरित सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्ड उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी है। सुशासन की नई मिसाल         जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से मिल रहे इन त्वरित समाधानों की ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सराहना हो रही है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली ने न केवल सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाई है, बल्कि आम नागरिकों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ किया है।

कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान

 लखनऊ यूपी में अभी बारिश का सिलासिला थमने वाला नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटों के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं कई जगह में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग अलग हिस्सों पर बने एक चक्रवातीय हवाओं के दबाव का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। बीते दिनों हुई बारिश की नमी अभी भी वातावरण में मौजूद है। हवाओं की दिशा बदली है और पहाड़ों की ओर से आ रही हवाएं भी मिलकर चल रही हैं। जिनसे तापमानों में स्थिरता देखी गई। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि हो सकती है। अलबत्ता अगले 24 घंटों के दौरान भी आसमान पर बादल नजर आने तेज धूप में तापमान बढने पर कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां भी हो सकती हैं। अगला पश्चिमी विक्षोभ 10 मई के आसपास पहाड़ों पर पहुंच सकता है। जिससे एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना बन सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई है। मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी मौसम विभाग ने जालौन, आगरा, कानपुर नगर, इटावा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, उन्नाव, औरैया, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, बदायूं, संभल, अमरोहा और मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है। कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी इसके साथ ही प्रयागराज, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, झांसी, हाथरस, सीतापुर, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी, बिजली और हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। तापमान में गिरावट ने बढ़ाई बच्चों में बीमारी पिछले कुछ दिनों में तापमान में आई गिरावट का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। तापमान की गिरावट ने छोटे बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित किया है। इससे पिछले दो दिन में निमोनिया से बीमार बच्चे जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे है। ओपीडी में आने वाले ज्यादातर बच्चों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ रहती है।

बीकानेर में 3.4 लाख पांडुलिपियों का रिकॉर्ड, भारत की ज्ञान परंपरा को मिल रहा संरक्षण

जयपुर भारत सरकार ने इस वर्ष प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने का एक अभियान शुरू किया है. ‘ज्ञान भारतम मिशन' नाम के इस अभियान की शुरुआत 16 मार्च को की गई थी जो तीन महीने तक चलेगा. इसका उद्देश्य देश भर में स्थित पांडुलिपियों की पहचान करना और दस्तावेजों के तौर पर उनका रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके. अभियान के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और सर्वे का कार्य तेज गति से जारी है. बताया जा रहा है कि इसमें राजस्थान में सबसे अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है. प्रदेश में भी सबसे अधिक काम बीकानेर में हुआ है. तीन महीने तक चलेगा ‘ज्ञान भारतम मिशन' का सर्वे देश भर में ‘ज्ञान भारतम मिशन' अभियान के तहत 16 जून तक सर्वे कार्य जारी रहेगा. प्रदेशों में राजस्थान में अब तक 15 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है जो देश में सबसे अधिक माना जा रहा है. वहीं बीकानेर जिला भी इस मिशन में अहम भूमिका निभा रहा है जहां अब तक करीब 3 लाख 40 हजार पांडुलिपियों का सर्वे पूरा हो चुका है. बीकानेर में तेजी से हो रहा काम बीकानेर की खास बात यह है कि यहां स्थित अभय जैन ग्रंथालय में ही करीब 2 लाख पांडुलिपियां संरक्षित हैं जो अपने आप में एक बड़ी धरोहर मानी जाती हैं. इन पांडुलिपियों में इतिहास, संस्कृति, धर्म और परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संजोई गई हैं. खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में बीकानेर की इन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हो रहे कार्य का उल्लेख किया था जिससे इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. बीकानेर की जिला नोडल अधिकारी डॉ. नितिन गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरी तरह लक्ष्य आधारित है और इसके तहत घर-घर जाकर और विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर पांडुलिपियों का सर्वे, सत्यापन और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य न केवल इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखना है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से इनका डिजिटलीकरण कर इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना भी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें.