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ब्रिज विवाद में सस्पेंड इंजीनियर्स की बहाली, मंत्री के नोटशीट निर्देश से हुआ फैसला

भोपाल  राजधानी भोपाल के चर्चित 90 डिग्री मोड़ वाले रेलवे ओवरब्रिज मामले में निलंबित किए गए सभी सात इंजीनियरों को लोक निर्माण विभाग ने बहाल करने की तैयारी कर ली है। इनमें दो चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इस ओवरब्रिज के डिजाइन और निर्माण को लेकर देशभर में मध्य प्रदेश सरकार और पीडब्ल्यूडी की काफी आलोचना हुई थी। जानकारी के अनुसार, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बहाली संबंधी नोटशीट पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि संबंधित अधिकारी जून 2025 से निलंबित हैं, इसलिए उन्हें पुनः सेवा में लिया जाए। इसके बाद विभाग ने बहाली आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है।  सस्पेंशन के दौरान दोनों तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियरों को ईएनसी कार्यालय से संबद्ध किया गया था, जबकि अन्य इंजीनियर भोपाल के फील्ड कार्यालयों में अटैच थे। अब बहाली के बाद सभी अधिकारियों की पदस्थापना ईएनसी कार्यालय में किए जाने की तैयारी है।   पहले जारी हो चुके थे आरोप पत्र जानकारी के अनुसार, सभी सात इंजीनियरों को पूर्व में आरोप पत्र जारी किए गए थे और उनसे जवाब मांगा गया था। डिजाइन से जुड़े अधिकारियों ने अपने जवाब में किसी प्रकार की गलती से इनकार किया। विभाग द्वारा जवाबों का परीक्षण करने के बाद अधिकांश अधिकारियों को बिना अतिरिक्त कार्रवाई के बहाल कर दिया गया।  इन अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई मामले में  चीफ इंजीनियर संजय खांडे, चीफ इंजीनियर जीपी वर्मा,  प्रभारी ईई शबाना रज्जाक, सहायक यंत्री शानुल सक्सेना, उप यंत्री उमाशंकर मिश्रा, प्रभारी एसडीओ रवि शुक्ला, प्रभारी ईई जावेद शकील और सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री एमपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। आरोप था कि रेलवे की मंजूरी के बिना ड्राइंग अनुमोदन और डिजाइन से जुड़ी प्रक्रियाओं में गंभीर त्रुटियां हुईं। विभागीय जांच अभी जारी रहेगी पीडब्ल्यूडी ने स्पष्ट किया है कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच आगे भी जारी रहेगी। इसके लिए अलग से जांच अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो दस्तावेज, बयान और साक्ष्यों का परीक्षण करेगा। यह प्रक्रिया अगले चार से पांच महीने तक चल सकती है। बताया गया है कि तत्कालीन चीफ इंजीनियर जीपी वर्मा, एसडीओ रवि शुक्ला और उप यंत्री उमाशंकर मिश्रा के मामलों में बहाली के साथ विभागीय जांच भी जारी रहेगी, जबकि अन्य अधिकारियों को फिलहाल राहत दे दी गई है।  ब्रिज का दोबारा हो रहा री-डिजाइन भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बने इस रेलवे ओवरब्रिज का तीखा मोड़ शुरुआत से विवादों में रहा है। विशेषज्ञों ने इसे यातायात के लिहाज से जोखिमभरा बताया था। अब पीडब्ल्यूडी और रेलवे मिलकर ब्रिज के टर्निंग हिस्से का दोबारा डिजाइन तैयार कर रहे हैं, हालांकि निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि मामला सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से तकनीकी जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में ब्रिज पर 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति से वाहन चलाने को खतरनाक बताया गया था।  

गन्ना खेती को बढ़ावा: हरियाणा सरकार देगी किसानों को 5 हजार रुपये प्रति एकड़

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करने व किसानों को अधिकाधिक लाभ प्रदान करने की योजना तैयार की है। 'गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन' के अंतर्गत अब जो किसान चार फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करेंगे, उन्हें हरियाणा सरकार की ओर से पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। पहले यह राशि किसानों को तीन हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मिलती थी। दो हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से इसमें बढ़ोतरी की गई है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कहा कि हरियाणा का किसान केवल अन्न पैदा करने वाला नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता का सशक्त आधार भी है, इसलिए किसान को मजबूत करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बताया कि पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में की थी, जिसे राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 15 अक्टूबर से करें आवेदन श्याम सिंह राणा ने बैठक में कहा कि बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि को प्राप्त करने के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को पोर्टल के माध्यम से 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। फरवरी 2027 के अंत तक भौतिक सत्यापन करने के बाद संबंधित किसान को प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि किसानों को एकल-आंख विधि से भी गन्ने की बिजाई करने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है, जो कि पहले तीन हजार रुपये प्रति एकड़ थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएगी, ताकि किसानों की फसल कटाई पर लागत कम हो सके। किसान अक्टूबर से दिसंबर तक पौध लगा सकते हैं कृषि मंत्री के अनुसार टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि की जाएगी। इस विधि से तैयार हुई गन्ने की पौध को किसानों को मुफ्त उपलब्ध करवाया जाएगा। करनाल सहकारी चीनी मिल द्वारा यह पौध तैयार होगी। इस मिल से किसान अक्टूबर से दिसंबर तक पौध ले सकते हैं। राणा ने कहा कि इन सभी पहल से किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार और निदेशक राज नारायण कौशिक समेत कई अधिकारी शामिल हुए।

​सुशासन तिहार: घुटनों के बल चलने की मजबूरी थमी, ट्राइसाइकिल से मिली जीवन लाल के सपनों को नई रफ़्तार

​सुशासन तिहार: घुटनों के बल चलने की मजबूरी थमी,  ट्राइसाइकिल से मिली जीवन लाल के सपनों को नई रफ़्तार ​धमतरी के दिव्यांग जीवन लाल के लिए 'उम्मीद की किरण' बना जनसमस्या निवारण शिविर; अब आत्मनिर्भरता के साथ तय करेंगे अपनी राह ​रायपुर       छत्तीसगढ़ सरकार की 'सुशासन' की संकल्पना अब धरातल पर उन चेहरों पर मुस्कान बनकर लौट रही है, जो वर्षों से अभावों में जी रहे थे। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित 'सुशासन तिहार' एक ऐसा ही मंच बना, जिसने दिव्यांग जीवन लाल साहू के संघर्षपूर्ण जीवन को नई गति और गरिमा प्रदान की है। ​     ​सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता का दंश झेल रहे हैं। दशकों तक उन्होंने वह दर्द सहा है, जहाँ चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घुटनों के बल रेंगना पड़ता था। शारीरिक अक्षमता के बावजूद जीवन लाल ने कभी खुद को बेबस नहीं माना। वे न केवल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि की देखरेख में हाथ बंटाते हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। ​शासन की योजनाओं का मिला संबल       जीवन लाल के परिवार को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है। दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की ​आर्थिक सहायता और राशन कार्ड के जरिए हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल मिल रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से मौके पर ही ट्राइसाइकिल की उपलब्धता से अब कही आने जाने में समस्या नही होगी। ​      जब जीवन लाल को ग्रामीणों से 'सुशासन तिहार' के बारे में पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पहुँचे। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का आलम यह था कि उनके आवेदन पर बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें निशुल्क ट्राइसाइकिल भेंट की गई। इस पर जीवन लाल ने कहा कि अब मुझे खेत जाने या गांव में कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे लिए नए पैर हैं जो मुझे आत्मनिर्भर बनाएंगे। ​संवेदनशील प्रशासन, सशक्त नागरिक     ​ट्राइसाइकिल पाकर भावुक हुए जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया है।      ​धमतरी के इस सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन द्वार तक पहुँचता है, तो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का जीवन वाकई बदल जाता है। जीवन लाल की यह कहानी प्रदेश के हजारों दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। ​

गैंगस्टरों के खिलाफ कनाडा सख्त: 7 पंजाबी अपराधियों की पहचान सार्वजनिक

चंडीगढ़. कनाडा में पंजाब मूल के युवकों का नाम लगातार रंगदारी, गैंगवार और फायरिंग की घटनाओं में सामने आने के बाद वहां की सुरक्षा एजेंसियों ने सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में सरे पुलिस सर्विस (एसपीएस) द्वारा सात भारतीय मूल के युवकों की तस्वीरें सार्वजनिक किए जाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। इनमें से अधिकतर पंजाब से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ये युवक रंगदारी, हथियारों के इस्तेमाल और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में जांच के घेरे में हैं। एसपीएस की ओर से जारी सूची में हंसप्रीत सिंह, हर्षदीप सिंह, हरजोत सिंह, तरणवीर सिंह, लवबीर सिंह, दयाजीत बिलिंग और प्रभजोत सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इनकी गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी कारण जनता से जानकारी जुटाने के लिए तस्वीरें सार्वजनिक की गईं। मामले में कनाडा बार्डर सर्विस एजेंसी (सीबीएसए) ने भी कार्रवाई करते हुए कुछ युवकों को डिपोर्ट किया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार लवबीर सिंह और प्रभजोत सिंह को कनाडा से बाहर भेजा जा चुका है। पिछले दो वर्षों में कनाडा में सक्रिय पंजाब मूल के कई युवकों के नाम गैंगवार, ड्रग्स तस्करी, रंगदारी और फायरिंग मामलों में सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार दर्जनों युवकों को या तो हिरासत में लिया गया है या डिपोर्ट किया गया है। वहीं, कई मामलों में भारत की एजेंसियों ने भी इनपुट साझा किए हैं। कनाडा में सक्रिय कुछ गैंगों के तार पंजाब और विदेश में बैठे खालिस्तानी समर्थक नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका भी जताई जाती रही है। कनाडा और भारत के बीच हाल के वर्षों में खालिस्तानी गतिविधियां बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं। भारत पहले भी कई वांछित आतंकियों और गैंगस्टरों की सूची कनाडा सरकार को सौंप चुका है। इनमें कुछ को भारत में आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से भी विदेश में बैठे कई खालिस्तानी समर्थकों और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पंजाब में हुए कई टारगेट किलिंग और रंगदारी मामलों में विदेश से संचालन की बात जांच में सामने आ चुकी है। इसी बीच सरे पुलिस ने 27 वर्षीय जसकरण सरोये की गिरफ्तारी भी की है। उस पर एक रिहायशी इलाके में फायरिंग करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार 13 अप्रैल को घर पर गोलीबारी की घटना के बाद जांच शुरू की गई थी। बाद में संदिग्ध वाहन की पहचान कर आरोपित को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है।

LG ने लॉन्च की 2026 होम अप्लायंसेस रेंज, जानें नए फीचर्स और कीमतें

LG ने 2026 के लिए अपनी नई होम अप्लायंसेस रेंज लॉन्च कर दी है. कंपनी ने इस बार फोकस सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट पर नहीं रखा, बल्कि अफोर्डेबल-प्रीमियम सेगमेंट को भी काफी मजबूत किया है. इस लॉन्च में कंपनी ने Essential Series में कुछ नए प्रोडक्ट्स ऐड किए हैं, जिसे अक्टूबर 2025 में शुरू किया गया था. अब इसमें ज्यादा डिजाइन, अलग-अलग कैपेसिटी और अलग प्राइस रेंज जोड़ी गई है ताकि ज्यादा लोग इसे खरीद सकें. इसके साथ ही प्रीमियम कैटेगरी में भी कई नए प्रोडक्ट्स लाए गए हैं, जो बड़े घरों और एडवांस फीचर्स चाहने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. LG का कहना है कि यह पूरा पोर्टफोलियो भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यानी ऐसे फीचर्स जो रोजमर्रा की जिंदगी में काम आएं और लंबे समय तक भरोसेमंद रहें. भारत में से एक्सपोर्ट करेगी कंपनी कंपनी अब भारत से बाहर भी इन प्रोडक्ट्स को भेजने की तैयारी में है. 2026 में Essential Series को एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के 22 देशों में एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है. रेफ्रिजरेटर की बात करें तो Essential Series में 225 लीटर, 251 लीटर और 276 लीटर के नए ऑप्शन जोड़े गए हैं. इनमें स्मार्ट इनवर्टर कंप्रेसर दिया गया है, जिससे बिजली की खपत कम होती है और आवाज भी कम आती है. स्मार्ट मोड खुद ही यूजर के इस्तेमाल के हिसाब से कूलिंग को एडजस्ट करता है. इसके अलावा कनवर्टिबल फीचर के साथ डेयरी मोड भी दिया गया है, जिससे फ्रीजर को जरूरत के हिसाब से फ्रिज में बदला जा सकता है. टर्बो फ्रेश जोन खाने को ज्यादा समय तक ताजा रखने में मदद करता है. इनकी शुरुआती कीमत करीब ₹25,500 रखी गई है. नए फीचर्स के साथ वॉशिंग मशीन वॉशिंग मशीन में भी कंपनी ने काफी बदलाव किए हैं. Essential Series में 8 किलो से 10 किलो तक की नई टॉप लोड मशीनें आई हैं. लो प्रेशर फिल फीचर कम पानी में भी कपड़े धोने में मदद करता है, जबकि इंटेलिजेंट ऑटो स्टार्ट बिजली जाने के बाद भी मशीन को वहीं से चालू कर देता है. इको वॉश और साड़ी मोड जैसे ऑप्शन भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर दिए गए हैं. इस रेंज की कीमत ₹20,900 से शुरू होती है. इसके अलावा AX सीरीज की सेमी ऑटोमेटिक मशीनें भी लाई गई हैं, जिनकी कैपेसिटी 8 किलो से 12 किलो तक है. इसमें डुअल स्पिन शावर और रोलर जेट प्लसेटर जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो कपड़ों की गहरी सफाई में मदद करते हैं. इनकी शुरुआती कीमत ₹17,300 है. कुकिंग अप्लायंसेस में LG ने 28 लीटर के कनवर्टिबल कन्वेक्शन ओवन पेश किए हैं. इसमें एयर फ्राइ फीचर दिया गया है, जिससे कम तेल में खाना बनाया जा सकता है. चारकोल लाइटिंग हीटर टेक्नोलॉजी खाने का स्वाद बेहतर बनाती है. इसमें 330 से ज्यादा ऑटो कुक मेन्यू दिए गए हैं, जिनमें 28 भारतीय ब्रेड मेन्यू भी शामिल हैं. इसकी कीमत करीब ₹28,700 से शुरू होती है. 1.18 लाख रुपये का फ्रिज प्रीमियम सेगमेंट में कंपनी ने फ्रेंच डोर रेफ्रिज्रेटर लॉन्च किया है, जिसकी सबसे खास बात ऑटो आइस मेकर है, जो बिना पाइप कनेक्शन के बर्फ बना सकता है. इसकी कैपेसिटी 574 लीटर से 610 लीटर तक है और इसमें InstaView Door-in-Door, Hygiene Fresh+ और AI ThinQ जैसे स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत ₹1.18 लाख है. इसके साथ साइड बाइ साइड फ्रिज भी आए हैं, जिनकी कैपेसिटी 790 लीटर तक जाती है. इनकी कीमत ₹1.09 लाख से शुरू होती है. प्रीमियम वॉशिंग मशीन में AI DD 2.0 टेक्नोलॉजी दी गई है, जो कपड़े के फैब्रिक और गंदगी को पहचानकर खुद ही सही वॉश सेटिंग चुनती है. इसमें Steam+ और माइक्रोप्लास्टि केयर जैसे फीचर्स भी हैं. इस रेंज की कीमत ₹62,900 से शुरू होती है. मिड सेगमेंट में TX सीरीज की टॉप लोड मशीनें आई हैं, जिनमें हार्ड वॉटर वॉश और स्टेन क्लीन जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इनकी शुरुआती कीमत ₹32,400 है. डिशवॉशर सेगमेंट में LG ने 15 प्लेस सेटिंग वाला ट्रू स्टीम डिशवॉशर लॉन्च किया है, जो भारतीय बर्तनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसमें QuadWash टेक्नोलॉजी दी गई है, जिससे हर एंगल से सफाई होती है. इसकी कीमत ₹73,500 है. इसके अलावा कंपनी ने नए वॉटर प्यूरीफायर भी पेश किए हैं, जिनमें UV स्टेरिलाइजेशन और 7+ pH बैलेंस्ड पानी जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत ₹16,600 है.

बारिश और तेज आंधी का दौर शुरू: छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के रायगढ़ और महासमुंद जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दोनों जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। अचानक मौसम बदलने से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। वहीं आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खराब मौसम के दौरान पेड़ों और खुले मैदानों से दूर रहने की अपील की गई है। प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान 1-2 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। वहीं अगले 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में बादल छाए रहने, मेघगर्जन की संभावना रहेगी।11 मई से बादल गरजने की गतिविधी में कमी आएगी। अगले 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है। उसके बाद 2 दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। राजनांदगांव सबसे ज्यादा गर्म राज्य में सबसे अधिक तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया है। सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 2 डिग्री तापमान में बढ़ोतरी हुई है। सुकमा में 38.8, रायपुर में 39.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। वहीं कवर्धा में 37.6, बेमेतरा में 38.2 डिग्री, बिलासपुर में 37.4, जगदलपुर में 36.4 डिग्री, रायगढ़ में 37, सरगुजा में 34.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। अगले 4 दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री बढ़ोतरी की संभावना है।

भगवंत मान ने किया जोरदार बयान, कहा- भाजपा की ED ने अरोड़ा के घर मारा छापा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) के घर ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, लेकिन पंजाब दबाव में आने वाला नहीं है। भगवंत मान ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, “आज फिर से भाजपा की ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है। एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ईडी उनके घर आई है। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला।” उन्होंने आगे कहा, “मैं मोदी जी को बताना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की भूमि है। औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका। यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया, इसलिए पंजाब मोदी की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा।” मुख्यमंत्री ने भाजपा और ईडी के बीच “अनैतिक गठबंधन” होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब इस राजनीति का जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि शनिवार सुबह ईडी की टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई थी। बीजेपी पंजाब में भी खेल रही वहीं खेल  मुंख्‍यमंत्री भगवंत मान ने कहा, "आज फिर ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है. एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ED उनके घर आई है. फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला. पंजाब गुरुओं की भूमि है, औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका. यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया. इसलिए, पंजाब विरोधियों की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा. पंजाब में भी वही हो रहा है, जो BJP पूरे देश में काम कर रही है. बीजेपी प्रवर्तन निदेशालय, चुनाव आयोग जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर रही है. पंजाब अब बीजेपी के निशाने पर है. पहले अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी पर रेड, 2 दिन रेड और तीसरे दिन वो बीजेपी में शामिल हो गए. आज सुबह संजीव अरोड़ा के घर पर रेड पड़ रही है. इस महीने में 2 बार आए, कुछ नहीं मिला, लेकिन लोगों को डरा-धमकाकर शामिल करवा रहे हैं।  पिछले महीने भी ठिकानों पर दबिश दी थी  करीब 20 दिन पहले भी मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके 2 पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने रेड की थी. अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण देने का संदेह है, ताकि उनके मुनाफे में हिस्सा लिया जा सके. उन पर यह भी आरोप था कि वह अपनी कंपनियों और कई एंट्री ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं. वह मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे।  अधिकारियों के अनुसार, संजीव अरोड़ा की कंपनियां कई फर्जी निर्यात बिल बुक करने, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और नॉन-एग्जिस्टेंट जीएसटी संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखाने के मामले में भी जांच के दायरे में हैं।  अब कानून वापस नहीं होगा पंजाब के लोग बेअदबी कानून के साथ सहमत है, लेकिन सिर्फ बादल परिवार ही ऐसा है जो विरोध कर रहा है। इसका कारण यह है कि परिवार पहले खुद बेअदबी की घटना में संलिप्त रहा है। पंजाब में क्या कोई नया पंथ बादल पंथ चलाया जा रहा है। अब कानून वापस नहीं होगा। राज्यपाल के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। कोई पत्थर दिल होगा जो इस कानून का विरोध करेंगा। ED, CBI का भाजपा ने किया राजनीतिकरण मान ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के काम करने का यही तरीका है। अब वह ईडी, सीबीआई, इनकम टेक्स, चुनाव आयोग का इस्तेमाल करेंगे। इन विभागों का भाजपा ने राजनीतिकरण कर दिया है। भाजपा इन्हें लंबे समय से इसी तरह से बरत रही है। महाराष्ट्र, बिहार, यूपी, वेस्ट बंगाल आदि राज्यों में भी इसका इस्तेमाल इसी तरह से किया गया है। ED रेड का मतलब भाजपा में आ जाओ सब कुछ माफ मान ने कहा कि अब पंजाब में चुनाव आने वाले हैं। ED रेड का मतलब यही है कि भाजपा में आ जाओ फिर सब कुछ माफ है। कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के घर ED ने रेड की थी। वह भाजपा में आए तो रेड खत्म उन्हें Y सुरक्षा देकर भाजपा ने सम्मानित कर दिया। संजीव अरोड़ा को डराया जा रहा है अब संजीव अरोड़ा के घर रेड की गई है। पहले भी अरोड़ा के रेड की थी कुछ नहीं मिला था। अब भी कुछ नहीं मिलेगा। संजीव अरोड़ा को डराया जा रहा है कि आपके कारोबार बंद कर देंगे अन्यथा भाजपा में आ जाओ। यह सब पंजाब में नहीं चलेगा। पंजाबी डरने वाले नहीं है। एक बार ही मोदी जी ने यू-टर्न लिया और माफी मांगी थी जब तीनों काले कानूनों को रद्द करना पड़ा था। उस समय भी उन्हें पंजाबियों ने झुकाया था। उसी बात का मोदी जी दिल में दर्द रखे बैठे हैं। कभी कहते हैं चंडीगढ़ हम अलग से यूटी बना देंगे। उसका राज्यपाल अलग बना देंगे। कभी कहते हैं कि पंजाब यूनिर्वसिटी हमारी है। कभी कहते हैं कि भाखड़ा पर डेंम सीआईएफ लगाकर पानी हरियाणा को देंगे। कभी कहते हैं धान नहीं उठानी। कभी पंजाब की झांकी नहीं 26 जनवरी को दिखानी। आरडीएफ का पैसा नहीं देना। किस मुंह से वोट मांगने अब आएंगे। मोदी की नीरव मोदी और विजय माल्या के साथ है तस्वीरें मान ने कहा कि मैं ईडी के इस्तेमाल की सख्त शब्दों में निंदा करता हूं। कुछ दिन पहले एक कारोबारी पर रेड की और अमन अरोड़ा का नाम उससे जोड़ दिया। अमन अरोड़ा की कई लोगों के साथ तस्वीरें हैं। किसी के साथ तस्वीर खिंचवाने से पहले उसकी आईडी नहीं पूछ सकते। ऐसे तो मोदी जी की नीरव मोदी या विजय माल्या के साथ तस्वीरें है। बंगाल में अभी भाजपा ने शपथ ग्रहण करना है, उससे पहले ही पूरे बंगाल में आग लगी पड़ी है। दो समुदायों … Read more

क्रिकेट और राजनीति में मुश्किलें: यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा जांच के दायरे में

नई दिल्ली  भारतीय टेस्ट टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और महिला टीम की तूफानी ओपनर शेफाली वर्मा मुश्किल में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। इन दोनों को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नोटिस भेजा है। नाडा ने दोनों खिलाड़ियों को ये नोटिस डोप टेस्ट नहीं देने को कारण भेजा है। दोनों ही खिलाड़ियों ने नाडा को अपने दिए गए ठिकानों पर टेस्ट के लिए न मिलने को लेकर नोटिस भेजा है। इस संबंध में दोनों को अपनी सफाई देने का मौका दिया जाएगा। 12 महीने में अगर खिलाड़ी तीन बार व्हेयर अबाउट फेल्योर टेस्ट को तीन बार मिस कर देता है तो उसे डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी माना जाता है। इसके बाद नाडा के पैनल के सामने खिलाड़ी को अपनी सफाई देनी पड़ती है। अगर इसमें वह असफल होता है तो फिर दो साल का बैन लगाया जाता है। 17 दिसंबर को नहीं मिले यशस्वी नाडा के नोटिस के मुताबिक, यशस्वी पिछले साल 17 दिसंबर को अपनी बताई हुई जगह पर डोप टेस्ट के लिए नहीं मिले। वहीं शेफाली सात नवंबर को अपनी बताई हुई जगह पर टेस्ट के लिए नहीं मिलीं। इसी कारण दोनों को नोटिस मिला है। ये दोनों ही खिलाड़ी नाडा की रिजस्टर्ड टेस्टिंग पूल का हिस्सा हैं। इस पूल में जो खिलाड़ी शामिल होते हैं उन्हें नाडा को बताना होता है कि वह कब और कहां टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे। उसी के हिसाब से नाडा टेस्ट के लिए अपनी टीम भेजता है, लेकिन दोनों ही खिलाड़ी अपनी बताई हुई जगह पर नहीं मिले थे। सात दिन का मिला समय इस मामले की जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईसीसी को दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ही खिलाड़ियों को अपनी सफाई पेश करने के लिए सात दिन का समय मिला है। दोनों को अब पहले से ज्यादा एहियात बरतने की जरूरत है क्योंकि अगर दो और मिस टेस्ट की रिपोर्ट आती है तो इन्हें बैन झेलना पड़ सकता है। दोनों ने नहीं दिया था जवाब, फिर मिला समय मिस टेस्ट रिकॉर्ड होने के बाद भी दोनों खिलाड़ियों को अपनी सफाई देने का एक और मौका मिला है. शेफाली और यशस्वी को सफाई देने के लिए 7 दिन का और समय दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार 18 फरवरी और 20 फरवरी को इन दोनों क्रिकेटर्स से जवाब माँगा गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई उत्तर नहीं दिया गया. इसके बाद नाडा ने पहला मिस टेस्ट रिकॉर्ड कर लिया।  नाडा ने इसकी जानकारी BCCI और ICC को भी दे दी है. अब दोनों ही खिलाड़ियों को सावधान रहना होगा क्योंकि अगर 2 मिस टेस्ट उनके खिलाफ और रिकॉर्ड में दर्ज हो जाते हैं तो उन पर बैन का खतरा मंडराने लगेगा।   क्या होगी सख्त कार्रवाई? 12 माह के अंतराल में अगर किसी भी खिलाड़ी के व्हेयर अबाउट फेल्योर के तहत तीन मिस टेस्ट दर्ज किए जाते हैं तो उसे एंटी डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी करार दिया जाता है। नाडा सुनवाई पैनल के समक्ष अगर खिलाड़ी अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाता है तो उस पर दो साल तक का प्रतिबंध लग सकता है। यशस्वी ने 17 दिसंबर को नहीं दिया टेस्ट यशस्वी और शेफाली दोनों नाडा के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (आरटीपी) में हैं। आरटीपी में शामिल खिलाड़ियों को डोप टेस्टिंग के लिए दिन के किसी भी समय का एक हिस्सा और स्थान नाडा को दर्ज कराना होता है। दिए गए समय और स्थान पर डोप कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) कभी भी सैंपल लेने पहुंच सकता है। नाडा की ओर से जारी नोटिस के अनुसार यशस्वी का बीते वर्ष 17 दिसंबर और शेफाली का बीते वर्ष सात नवंबर को डोप टेस्ट लेने डीसीओ पहुंचा, लेकिन दोनों वहां नहीं मिले। नाडा ने दोनों क्रिकेटरों से इस वर्ष 18 और 20 फरवरी को जवाब मांगा, लेकिन दोनों ने कोई उत्तर नहीं दिया। इस पर नाडा ने दोनों का पहला मिस टेस्ट दर्ज कर दिया। बीसीसीआई, आईसीसी को दी गई जानकारी मिस टेस्ट दर्ज किए जाने के बावजूद दोनों क्रिकेटरों को सफाई के लिए सात दिन का समय दिया गया है। दोनों क्रिकेटरों के मिस टेस्ट की जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईसीसी को भी दे दी गई है। अब दोनों ही क्रिकेटरों को बेहद सतर्क रहना होगा। अगर उनके खिलाफ दो और मिस टेस्ट दर्ज कर लिए गए तो दोनों बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। इस वक्त नाडा के आरटीपी में इन दोनों के अलावा अभिषेक शर्मा, अक्षर पटेल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह, तिलक वर्मा, दीप्ति शर्मा, रेणुका ठाकुर जैसे क्रिकेटर शामिल हैं। About the author शिवम शिवम फरवरी 2025 से एबीपी की स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े हैं. इससे पहले शिवम ने 3 साल इनसाइडस्पोर्ट में बतौर सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम किया है. शिवम ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई जामिया मिल्लिया इस्लामिया से की है।   

पंजाब की शाही पेड़े वाली लस्सी, गर्मी में देती है ठंडक और ऊर्जा

पंजाब अपनी मेहमाननवाजी और खानपान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां की पेड़े वाली लस्सी साधारण लस्सी से थोड़ी अलग और शाही होती है. यह लस्सी न केवल गाढ़ी और मलाईदार होती है बल्कि इसमें घुले हुए दूध के पेड़े इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं. चिलचिलाती गर्मी में एक गिलास पेड़े वाली लस्सी पीते ही शरीर को गजब की ठंडक और ऊर्जा मिलती है. पंजाब में लस्सी को सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि खुराक माना जाता है. पेड़े वाली लस्सी की शुरुआत अमृतसर और पटियाला जैसे शहरों से हुई. इसमें ताजे दही के साथ दूध को जलाकर बनाए गए खोया के पेड़े को मसलकर डाला जाता है. यह लस्सी आम लस्सी के मुकाबले काफी भारी और पौष्टिक होती है. इसमें ऊपर से डाली गई गाढ़ी मलाई की परत और सूखे मेवे इसे एक डेजर्ट जैसा अहसास देते हैं. पेड़े वाली लस्सी के लिए तैयार कर लें ये चीजें ताजा दही: 2 कप (गाढ़ा) दूध के पेड़े: 3-4 (मैश किए हुए) चीनी: 2 बड़े चम्मच (स्वादानुसार, क्योंकि पेड़ों में भी मिठास होती है) इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच ठंडा दूध: आधा कप मलाई: ऊपर से डालने के लिए (ताजी) गार्निशिंग के लिए: बारीक कटे बादाम, पिस्ता और केसर के धागे बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन या मिक्सी जार में गाढ़ा दही और मैश किए हुए पेड़े डालें. पारंपरिक स्वाद के लिए इसे मथनी से मथें. अगर मिक्सी का उपयोग कर रहे हैं, तो बहुत कम चलाएं ताकि दही से मक्खन अलग न हो. अब इसमें चीनी, इलायची पाउडर और थोड़ा ठंडा दूध मिलाएं. इसे तब तक मथें जब तक कि पेड़े दही के साथ अच्छी तरह मिल न जाएं और झाग न बन जाए. लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ या लंबे स्टील के गिलास में निकालें. ऊपर से एक बड़ी चम्मच ताजी मलाई डालें, फिर कटे हुए सूखे मेवे और केसर से इसे सजाएं.

गुलाब जल आइस क्यूब से स्किन को मिलता है नेचुरल ग्लो और ठंडक

गुलाब जल सदियों से भारतीय स्किन केयर का अहम हिस्सा रहा है. लोग इसे फेस पैक में मिलाकर, टोनर के रूप में या क्लींजर की तरह इस्तेमाल करते हैं.  यह स्किन से जुड़ी समस्याओं को कम करने, उसे हाइड्रेट रखने और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है. आज हम आपको घर पर गुलाब जल आइस क्यूब्स बनाने का आसान तरीका बताएंगे. ये क्यूब्स स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ उसे फ्रेश और ग्लोइंग बनाने में भी मदद करते हैं. आइए जानते हैं घर पर गुलाब जल आइस क्यूब्स कैसे बना सकते हैं और इसे चेहरे पर लगाने का सही तरीका क्या है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 2-3 चम्मच गुलाब जल 4-5 गुलाब के पत्तियां आइस ट्रे गुलाब जल आइस क्यूब्स बनाएं कैसे?     गुलाब जल आइस क्यूब बनाने के लिए गुलाब की पंखुड़ियों को तोड़कर अच्छे से धो लें.     इसके बाद एक बाउल लें और इसमें गुलाब जल डालें.     अब इसमें गुलाब की पंखुड़ियों को डालिए और अच्छे से मिलाएं. जरूरत हो तो थोड़ा पानी भी मिला लें.     अब इस मिश्रण को आइस ट्रे में डालें और जमाने के लिए फ्रिज में रख दें.     जब क्यूब्स अच्छी तरह जम जाएं तो आपका गुलाब जल आइस क्यूब तैयार है.     इस आइस क्यूब्स को साफ चेहरे पर लगाकर मसाज करें. गुलाब जल आइस क्यूब्स  चेहरे पर कैसे लगाएं ? गुलाब जल आइस क्यूब्स चेहरे पर लगाने से पहले फेस को अच्छे से साफ कर सुखा लें. अब एक आइस क्यूब लेकर उसे हल्के-हल्के गोल घुमाते हुए पूरे चेहरे पर मसाज करें. मसाज के बाद चेहरे को वैसे ही छोड़ दें. थोड़ी देर बाद चेहरे पर मॉइश्चराइजर लगा लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं. इन बातों का रखें ध्यान इन आइस क्यूब्स को आप 10-15 दिन तक फ्रिज में रखकर इस्तेमाल कर सकते हैं. वैसे तो घर पर बने गुलाब जल आइस क्यूब्स बिल्कुल सेफ होते हैं. लेकिन बहुत ज्यादा सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को इसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. इसके अलावा, जिन लोगों को चेहरे पर पहले से पिंपल्स, एक्ने या स्किन इंफेक्शन की समस्या है, उन्हें भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.