samacharsecretary.com

पंजाब में ED रेड पर सियासत तेज: केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

चंडीगढ़. पंजाब में लगातार हो रही प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारियों को लेकर आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में कहा- जैसे ही बंगाल चुनाव खत्म हुए, मोदी ने पंजाब में रोज ईडी की रेड करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ सालों में मोदी जी ने पंजाब के साथ बहुत धक्का किया है। पंजाबियों को तरह तरह से प्रताड़ित किया है। केजरीवाल ने आरोप लगाए कि पंजाब के पानी पर हमला किया, पंजाब यूनिवर्सिटी को लेने की कोशिश की, ग्रामीण विकास का पैसा रोक लिया और अब ईडी की ताबड़ तोड़ रेड शुरू कर दी। अशोक मित्तल के यहां रेड हुई, अगले दिन उनको बीजेपी में शामिल करवा लिया। रेड करवा मित्तल को पार्टी से तोड़ने के आरोप केजरीवाल ने कहा कि इसका मतलब ईडी की रेड का मकसद चोरी का पैसा ढूंढना नहीं था। केवल अशोक मित्तल को तोड़कर उन्हें बीजेपी में शामिल करवाना था। कुछ दिन पहले संजीव अरोड़ा के यहां भी रेड हुई। वो बीजेपी में शामिल नहीं हुए तो उनके यहां फिर से रेड करवा दी। पंजाब गुरुओं की धरती है। कई सौ साल पहले औरंगजेब ने जुर्म और अत्याचार के जरिए देश के कई भागों पर कब्जा कर लिया। प्रधानमंत्री ने भी बेईमानी से देश के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। उसके बाद औरंगजेब पंजाब पहुंचा। मोदी भी अब पंजाब पहुंचे हैं। पंजाबियों पर अत्याचार कर रहे मोदी केजरीवाल ने कहा कि औरंगजेब ने गुरुओं पर बहुत अत्याचार किए। प्रधानमंत्री भी पंजाबियों पर अत्याचार कर रहे हैं। पर गुरुओं ने कुर्बानी देकर औरंगजेब का सामना किया और लोगों को बचाया। आज गुरुओं की कुर्बानी से प्रेरणा लेकर पंजाब पीएम मोदी के अत्याचार का सामना करेगा और पूरे देश को उनके अत्याचार से बचाएगा। कुछ वर्ष पहले पीएम मोदी ने पंजाब के किसानों को ललकारा था और उन्हें किसानों के आगे झुकना पड़ा। आज मोदी जी ने पूरे पंजाब को ललकारा है।

चीन की अदालत का बड़ा फैसला: AI के नाम पर नौकरी नहीं जाएगी

AI आएगा तो नौकरी जाएगी. ये डर अब तक सिर्फ बहस में था, लेकिन अब इस पर एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. चीन की एक अदालत के फैसले ने साफ कर दिया है कि सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आ जाने से किसी कर्मचारी को नौकरी से निकाला नहीं जा सकता है. इस फैसले के बाद टेक कंपनियों की स्ट्रैटिजी और कर्मचारियों की सुरक्षा, दोनों पर नई चर्चा शुरू हो गई है. पूरा मामला चीन के हांगझोउ शहर की एक कंपनी से जुड़ा है. गौरतलब है कि हांगझोउ चीन का वही शहर है जहां से दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां निकली हैं. अली बाबा और डीपसीक जैसी कंपनियां भी इसी शहर से निकली हैं. परेशान हो कर इंप्लॉइ ने किया मुकदमा इसी शहर में एक कर्मचारी का काम धीरे-धीरे AI टूल्स और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स की वजह से कम हो गया. कंपनी ने सोचा कि अब इंसान की जगह मशीन से काम लिया जा सकता है. इसके बाद उस कर्मचारी को दूसरी पोस्ट ऑफर की गई, लेकिन उस नए रोल में सैलरी काफी कम थी और काम की शर्तें भी अलग थीं. कर्मचारी ने इसे मानने से इनकार कर दिया. इसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया. मामला कोर्ट पहुंचा और यहीं से कहानी पलट गई. अदालत ने साफ कहा कि कंपनी का ये कदम सही नहीं था. सिर्फ इस आधार पर कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब वही काम कर सकता है, किसी को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जा सकता. AI के नाम पर ना हों जॉब कट कोर्ट ने अपने फैसले में एक अहम बात कही, टेक्नोलॉजी बदलना कंपनी का हक है, लेकिन कर्मचारियों के अधिकार उससे खत्म नहीं हो जाते. अगर कंपनी ऑटोमेशन या AI अपना रही है, तो उसे लेबर कानूनों का भी पालन करना होगा. यानी कंपनी सीधे-सीधे ये नहीं कह सकती कि 'अब AI आ गया है, तुम्हारी जरूरत नहीं है' इस फैसले का मतलब ये भी है कि कंपनियों को कर्मचारियों के साथ सही तरीके से व्यवहार करना होगा. अगर रोल बदलना है, तो जायज सैलरी और शर्तें देनी होंगी. अगर नौकरी खत्म करनी है, तो उसके लिए वैलिड वजह और प्रक्रिया जरूरी होगी. सिर्फ AI सस्ता है ये वजह काफी नहीं मानी जाएगी. दिलचस्प बात ये है कि अदालत ने कर्मचारियों के लिए भी एक संदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि बदलती टेक्नोलॉजी के साथ खुद को अपडेट करना जरूरी है. यानी AI को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि इंसानों को बिना वजह बाहर कर दिया जाए. गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले 2024 में गुआंझु की एक अदालत ने इसी तरह के एक केस में कहा था टेक्नोलॉजी अपग्रेड किसी की जॉब खत्म करने की वजह नहीं बन सकता है. चीन फिलहाल कई अलग अलग फ्रंट पर प्लान कर रहा है. इसमें अलग प्रोविजन बनाए जा रहे हैं जिससे AI बूम के बावजूद लोगों की जॉब्स पर ज्यादा असर नहीं पड़़ेगा. इस फैसले की चर्चा अब चीन तक सीमित नहीं है. दुनिया भर में Microsoft, Google, Amazon जैसी कंपनियां AI पर तेजी से काम कर रही हैं. कई जगहों पर लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है. ऐसे में चीन की अदालत का ये रुख कर्मचारियों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है. अब बड़ा सवाल ये है कि क्या दूसरे देशों में भी ऐसा ही रुख देखने को मिलेगा? क्या भविष्य में AI और नौकरियों को लेकर नए कानून बनेंगे? क्योंकि आने वाले समय में AI का असर हर सेक्टर, मीडिया, टेक, कस्टमर सपोर्ट, यहां तक कि क्रिएटिव फील्ड्स पर पड़ने वाला है. AI बनाम नौकरी की ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. लेकिन चीन के इस फैसले ने इतना जरूर तय कर दिया है कि टेक्नोलॉजी की दौड़ में इंसानों के अधिकारों को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड, चेहरे पर मुस्कान

सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में हितग्राहियों को मिले राशन कार्ड, चेहरे पर आई मुस्कान गांव के नजदीक मिला समाधान, महिलाओं ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। “गांव-गांव, द्वार-द्वार” पहुंच रही प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। शिविर में कुल 5 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की अनामिका टोप्पो, मयूरचुंदी की श्रीमती लीलावती गोंड तथा सेली खेस की गीता सिंह सहित अन्य हितग्राही शामिल हैं।  राशन कार्ड प्राप्त होने पर महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। हितग्राहियों ने कहा कि सुशासन तिहार उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि प्रशासन स्वयं गांव के नजदीक पहुंचकर त्वरित समाधान उपलब्ध करा रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

10 मई से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, 11 मई से पंजाब में आएंगी तेज बारिश और आंधी

चंडीगढ़  पंजाब में 11 मई से मौसम के मिजाज फिर बदलेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक 10 मई से पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से पंजाब में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और कई जगहों पर बारिश होगी। मौसम विभाग ने 11 मई सेे चार दिन के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पंजाब के तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल पंजाब में मौसम शुष्क बना हुआ है। शुक्रवार को तापमान में 0.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। फिलहाल तापमान सामान्य से 5 डिग्री नीचे बना है। सबसे अधिक 38.1 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे कम 16.5 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों का तापमान अमृतसर का अधिकतम पारा 33.6 डिग्री, लुधियाना का 33.5 डिग्री, पटियाला का 33.6 डिग्री, पठानकोट का 35.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 33.2 डिग्री, फरीदकोट का 36.0 डिग्री, फाजिल्का का 36.3 डिग्री, फिरोजपुर का 35.4 डिग्री, होशियारपुर का 32.5 डिग्री और रूपनगर का 34.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 21.3 डिग्री, लुधियाना का 20.4 डिग्री, पटियाला का 20.0 डिग्री, पठानकोट का 22.4 डिग्री, बठिंडा का 23.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.5 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री और होशियारपुर का 19.4 डिग्री दर्ज किया गया।   

दीपिका कुमारी और कुमकुम मोहद को झटका, मजबूत प्रतिद्वंद्वियों से टूटा सफर

 शंघाई रिकर्व तीरंदाज सिमरनजीत कौर और कंपाउंड तीरंदाज साहिल जाधव ने शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरे अभियान में भारत के लिए अप्रत्याशित रूप से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने पहले तीरंदाजी विश्व कप में पदक की उम्मीदें बरकरार रखी हैं। एशियाई खेलों की टीम कांस्य पदक विजेता सिमरनजीत ने विश्व कप के दूसरे चरण में सेमीफाइनल में पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से मिले अवसर का भरपूर फायदा उठाया। वह इससे पहले क्वालीफाइंग दौर में दीपिका कुमारी से तीन अंक पीछे रहने के कारण भारतीय महिला टीम में जगह बनाने से चूक गई थीं। ताइवान की खिलाड़ी ने दी मात हरियाणा की 27 वर्षीय खिलाड़ी ताइवान की किशोरी फोंग यू झू को सीधे सेटों में 6-0 (27-24, 28-26, 29-26) से हराकर विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने से सिर्फ एक जीत दूर है। इससे पहले फोंग ने दूसरे दौर में भारत की शीर्ष क्रम की तीरंदाज अंकिता भकत को चौंका दिया था। सिमरनजीत ने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की 19 वर्षीय खिलाड़ी के खिलाफ नौ तीरों में से सिर्फ छह अंक गंवाते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखा। उनके सामने अब सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक खिलाड़ी कांग चेयांग की चुनौती होगी। यह उनके करियर की सबसे कठिन चुनौती है। इस मुकाबले में हारने पर भी उनके पास प्लेऑफ के जरिए कांस्य पदक जीतने का मौका रहेगा। दीपिका कुमारी को मिली हार भारत की अनुभवी खिलाड़ी दीपिका कुमारी और किशोरी कुमकुम मोहद प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन मजबूत प्रतिद्वंदियों से हार गईं। दीपिका को दक्षिण कोरिया की चेयांग से हार का सामना करना पड़ा जो मौजूदा विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक टीम स्वर्ण पदक विजेता हैं। वहीं कुमकुम को मैक्सिको की अनुभवी खिलाड़ी एलेजांद्रा वालेंसिया से हार मिली, जो दो बार की ओलंपिक टीम कांस्य पदक विजेता हैं। धीरज बोम्मादेवरा पुरुषों के रिकर्व वर्ग में भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ रहे। उनका अभियान भी प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के खिलाड़ी जीन-चा‌र्ल्स वलाडोंट से 0-6 से हारकर समाप्त हुआ।  

जल संकट को लेकर प्रशासन अलर्ट: खराब हैंडपंप-पाइपलाइन जल्द दुरुस्त करने का आदेश

रायपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों को पेयजल संकट के निवारण के निर्देश दिए हैं। विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी निकायों को हैंडपंपों, बोरवेल एवं अन्य जलप्रदाय प्रणालियों की एक सप्ताह में चेकिंग कर आवश्यक मरम्मत करने को कहा है। साथ ही पाइपलाइन में लीकेज या टूट-फूट को तत्काल सुधारने तथा नालियों से होकर गुजरने वाले पाइपलाइनों व हाऊस-सर्विस कनेक्शन को स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएम ने पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए थे निर्देश उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने हाल ही में निकायों की समीक्षा बैठक के दौरान गर्मियों में निरंतर और समुचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके परिपालन में संचालनालय ने सभी निकायों को पेयजल संकट के निवारण तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति के लिए निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने ऐसे वार्डों एवं बस्तियों जहां ग्रीष्म काल में जलस्तर नीचे चला जाता है, उन्हें चिन्हित कर उचित माध्यम से जलप्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें बनाया गया नोडल अधिकारी नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को जारी परिपत्र में कहा है कि ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट के निवारण के लिए नगर निगमों में आयुक्त तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नोडल अधिकारी होगें। पेयजल संकट के समाधान के लिए वे प्रतिदिन स्वयं शिकायतों के निराकरण की समीक्षा करेगें। जल प्रदाय योजनाओं के संधारण एवं मरम्मत के लिए प्राप्त शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करेंगे। विभाग ने सभी निकायों को संचालनालय से जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए ग्रीष्म काल में लोगों को शुद्ध पेयजल प्रदान करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निकायों को हैंडपंपों के जल को कीटाणुरहित करने ब्लीचिंग पावडर का घोल और सोडियम हाइपोक्लोराइड आवश्यक मात्रा में डालना सुनिश्चित करने को कहा है। जलप्रदाय में क्लोरीन की मात्रा का नियमित परीक्षण करने तथा आवश्यकतानुसार ओव्हरहेड टैंक में रि-क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। निकायों में स्थापित जल शोधन संयंत्रों, उच्च स्तरीय जलागारों एवं संपवेल के सिल्ट की सफाई एवं डिस-इन्फेक्शन भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने बस स्टैण्डों, बाजारों एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर प्याऊ घर खोलने और वहां पानी की व्यवस्था के साथ मानव बल भी उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं एवं एनजीओ से भी स्वेच्छानुसार सहयोग लिए जा सकते हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मद से स्वीकृत जल प्रदाय योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा है। ऐसी जल आवर्धन योजनाएं और अमृत मिशन के कार्य जो पूर्णता की स्थिति में हैं, उन्हे 15 दिनों में पूर्ण कर पेयजल आपूर्ति प्रारंभ कर कार्य पूर्णता वाली योजनाओं का तुरंत संचालन प्रारंभ करते हुए पेयजल आपूर्ति योजनाओं का लाभ नागरिकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के भी निर्देश निकायों को दिए गए हैं। निकायों को पशुधन के लिए भी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस हेतु निस्तारी के लिए तालाबों में जल भराव के लिए जल संसाधन विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा गया है। विभाग ने निकायों को भू-जल स्तर बढ़ाने नलकूप या बोरवेल के समीप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग या रिचार्ज पिट का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए नियमित जल परीक्षण कर रिपोर्ट संचालनालय को भेजने कहा गया है। निकायों को महामारी फैलने की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर उचित कार्यवाही करने कहा गया है। विभाग ने निकायों में संचालित डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण वाहनों के माध्यम से जल के दुरूपयोग को रोकने व जल संचयन के लिए प्रचार-प्रसार करने के साथ ही जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं नागरिक समूहों के सहयोग से प्रत्येक वार्ड में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

धमाके से दो दिन पहले रेकी करने वाला संदिग्ध दिल्ली से पकड़ा गया, जालंधर में थ्री-लेयर चेकिंग

जालंधर पंजाब के जालंधर में BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई को हुए धमाके मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिससे CIA और दिल्ली पुलिस की टीमें पूछताछ कर रही हैं। शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि आरोपी वारदात से पहले दो दिन तक BSF चौक और आसपास के इलाके की रेकी करता रहा। जांच एजेंसियों के मुताबिक संदिग्ध जालंधर से बस में बैठकर दिल्ली पहुंचा था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट आरोपी ने खुद किया या उसे किसी अन्य व्यक्ति ने विस्फोटक डिलीवर किया था। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार आरोपी को जालंधर लाकर पूछताछ की जा रही है। CCTV फुटेज से मिला बड़ा सुराग धमाके के तुरंत बाद जालंधर पुलिस को इलाके में लगे CCTV कैमरों से अहम सुराग मिले थे। जांच के दौरान एक युवक धमाके के बाद तेजी से बस स्टैंड की ओर जाते हुए दिखाई दिया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे कैमरों की फुटेज खंगालकर उसकी मूवमेंट ट्रैक की। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ में भी यही जानकारी सामने आई कि वह वारदात के बाद बस से दूसरे शहर गया और फिर दिल्ली में छिप गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद जालंधर बस स्टैंड पहुंचा था और वहां से दूसरे शहर के लिए बस पकड़ी। बाद में दिल्ली जाकर छिप गया। इस मामले में पुलिस ने भी कोई पुष्टि नहीं की, लेकिन बताया जा रहा है कि आरोपी को जालंधर पुलिस कस्टडी में ले आई है। सूत्रों के हवाले से ये भी बताया गया कि सीआईए स्टाफ जालंधर और दिल्ली पुलिस की टीम ने संयुक्त आपरेशन चलाकर संदिग्ध को पकड़ा। ब्लास्ट में इसकी कितनी भूमिका है, इसके बारे में कुछ भी शेयर नहीं किया गया है। बता दें कि 5 मई को जालंधर के बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर रात 8 बजे विस्फोट हुआ था। इसमें बीएसएफ से पार्सल लेने आए गढ़ा निवासी गुरप्रीत (21) की स्कूटी जल गई थी। शुरूआती जांच में स्कूटी में विस्फोटक का शक जताया गया था। गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अगले दिन रात को उसे छोड़ दिया गया। जालंधर में धमाके के बाद अमृतसर के आर्मी एरिया खासा में विस्फोट हुआ। इस मामले में अभी तक कोई नहीं पकड़ा जा सका है। 2 दिन तक BSF चौक के आसपास रेकी की थी धमाके के बाद ही जालंधर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से क्लू मिले थे। हालांकि पुलिस ने जांच प्रभावित होने का हवाला देकर कुछ भी जानकारी शेयर करने से मना कर दिया था, लेकिन इतना जरूर पता चला था कि धमाके के बाद एक युवक बस स्टैंड की तरफ भागकर जाता दिखा था। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से हुई पूछताछ में भी कुछ ऐसी ही बातें समाने आई है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले 2 दिन तक इलाके की रेकी की थी। धमाके के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की है। 5 मई को BSF मुख्यालय के बाहर हुआ था धमाका 5 मई की रात करीब 8 बजे जालंधर स्थित BSF पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर धमाका हुआ था। घटना के दौरान गढ़ा निवासी 21 वर्षीय गुरप्रीत अपनी स्कूटी पर पार्सल लेने पहुंचा था। विस्फोट में उसकी स्कूटी जलकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस को स्कूटी में विस्फोटक होने का संदेह हुआ था, जिसके बाद गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। हालांकि, अगले दिन पुलिस ने जांच के बाद उसे छोड़ दिया और बाद में क्लीन चिट दे दी। गुरप्रीत ने बयान में कहा था कि वह केवल पार्सल लेने गया था और उसी दौरान धमाका हो गया। पंजाब के कैंट इलाकों में सुरक्षा कड़ी जालंधर धमाके और अमृतसर के खासा आर्मी एरिया में हुए दूसरे विस्फोट के बाद पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तान सीमा से करीब 550 किलोमीटर लगने वाले पंजाब के सभी कैंटोनमेंट क्षेत्रों में थ्री-लेयर चेकिंग लागू की गई है। जालंधर कैंट, पठानकोट और अन्य सैन्य इलाकों में अब हर वाहन और व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। आर्मी, पंजाब पुलिस और डिफेंस सिक्योरिटी स्टाफ संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। बिना पहचान पत्र किसी भी नागरिक को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। संसारपुर, कुक्कड़ पिंड और धोगड़ी जैसे इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। राज्यसभा सांसद साहनी ने पीड़ित युवक की मदद का ऐलान किया धमाके में स्कूटी खोने वाले डिलीवरी बॉय गुरप्रीत की मदद के लिए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी आगे आए हैं। उन्होंने गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह से फोन पर बातचीत कर नई स्कूटी देने का भरोसा दिलाया। सांसद ने कहा कि गुरप्रीत जिस मॉडल की स्कूटी चाहता है, उसकी जानकारी उनके कार्यालय को भेज दी जाए। साहनी ने यह भी कहा कि अगर गुरप्रीत डिलीवरी का काम जारी रखना चाहता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहीं अगर वह कोई नया कौशल सीखना चाहता है तो उनकी सन फाउंडेशन उसे स्किल ट्रेनिंग भी देगी। इस घोषणा के बाद परिवार ने सांसद का आभार जताया है। पार्सल देने आए युवक को पुलिस ने क्लीन चिट दी घटना के बाद पुलिस ने धमाके में डैमेज स्कूटी मालिक गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। एक दिन बाद गुरप्रीत को छोड़ दिया गया था। गुरप्रीत ने पुलिस को बताया था कि वह केवल पार्सल लेने के लिए वहां आया था। इसी दौरान धमाका हो गया। पुलिस ने युवक की गतिविधियों और बयान की जांच के बाद उसे क्लीन चिट दी है। पंजाब के सभी कैंट में थ्री लेयर चेकिंग साढ़े 500 किलोमीटर बॉर्डर शेयर करने वाले पंजाब में अचानक धमाकों के बाद सभी कैंटोनमेंट में सिविलियन की एंट्री पर जांच कड़ी हो गई है। जालंधर, पठानकोट सहित सभी कैंटोनमेंट एरिया … Read more

नोरोवायरस का हमला, 115 यात्रियों की तबीयत बिगड़ी, 3116 लोगों से भरी क्रूज शिप प्रभावित

बैंकॉक कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप पर नोरोवायरस का बड़ा संक्रमण फैल गया है. इस जहाज पर कुल 3116 यात्री सवार थे, जिनमें से 102 यात्रियों और 13 क्रू सदस्यों को बीमारी हो गई. कुल मिलाकर 115 लोग इस संक्रमण की चपेट में आए हैं. यह यात्रा 28 अप्रैल से 11 मई तक की थी, जो फोर्ट लॉडरडेल से शुरू होकर पोर्ट कैनावेरल पर खत्म होने वाली है।  यात्रा के दौरान जहाज अरूबा, बोनेर, प्यूर्टो रिको और बहामास जैसे सुंदर स्थानों पर रुका था. सेंटर फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, बीमारी के मुख्य लक्षण उल्टी और दस्त था. प्रिंसेस क्रूज कंपनी ने इसे पेट संबंधी बीमारी बताया है।  नोरोवायरस क्या है और यह कैसे फैलता है? नोरोवायरस एक संक्रामक वायरस है जो पेट और आंतों को संक्रमित करता है. यह तेजी से उल्टी और दस्त पैदा करता है. यह वायरस बंद जगहों और लोगों के संपर्क वाली जगहों पर तेजी से फैलता है. क्रूज शिप जैसी जगहें खासतौर पर जोखिम भरी होती हैं क्योंकि यहां हजारों यात्री और कर्मचारी लंबे समय तक एक साथ रहते हैं, एक ही भोजन का सेवन करते हैं. सामान्य सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं।  संक्रमित व्यक्ति के हाथों, खाने-पीने की चीजों, पानी या छुई हुई सतहों के जरिए यह वायरस दूसरों तक आसानी से पहुंच जाता है. क्रूज शिप पर होने वाली पेट की बीमारियों का सबसे आम कारण नोरोवायरस ही है।  इस यात्रा में क्या हुआ? यह प्रकोप पूरी यात्रा के दौरान धीरे-धीरे फैला. सभी यात्री एक साथ बीमार नहीं हुए, बल्कि केस पूरे सफर में लगातार बढ़ते रहे. जब बीमार लोगों की संख्या कुल यात्रियों के 3 प्रतिशत से अधिक हो गई, तब CDC को सार्वजनिक सूचना जारी करनी पड़ी. स्वास्थ्य अधिकारी अब जहाज का पूरा निरीक्षण कर रहे हैं. वेसल सैनिटेशन प्रोग्राम के तहत गहन जांच चल रही है।  कंपनी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे जहाज पर सख्त सफाई और डिसइंफेक्शन बढ़ा दिया है. बीमार यात्रियों और क्रू सदस्यों को अलग-अलग रखा गया है. उनके स्टूल सैंपल लेकर जांच की जा रही है. CDC के साथ मिलकर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।  बीमारी के लक्षण क्या हैं? नोरोवायरस संक्रमण के प्रमुख लक्षण अचानक शुरू होने वाली उल्टी और पानी जैसे दस्त हैं. इसके साथ पेट में दर्द, जी मिचलाना, हल्का बुखार, सिरदर्द और शरीर में कमजोरी भी हो सकती है. ज्यादातर मामलों में ये लक्षण 1 से 3 दिन तक रहते हैं. ज्यादातर लोग बिना किसी गंभीर समस्या के ठीक हो जाते हैं।  हालांकि, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है. इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इस प्रकोप में प्रभावित लोगों को हल्की बीमारी बताई गई है।  क्रूज शिप पर नोरोवायरस क्यों फैलता हैं? क्रूज शिप बंद और भीड़-भाड़ वाली जगह होती है, जहां एक संक्रमित व्यक्ति पूरे समूह को आसानी से संक्रमित कर सकता है. अक्सर कोई यात्री बिना लक्षण दिखे जहाज पर चढ़ जाता है. फिर बुफे खाना, स्विमिंग पूल, लिफ्ट, हैंड्रेल जैसी साझी चीजों के जरिए वायरस फैलने लगता है।  अमेरिका में हर साल लाखों लोग नोरोवायरस से संक्रमित होते हैं, लेकिन क्रूज शिप वाले मामले कुल आंकड़ों का बहुत छोटा हिस्सा होते हैं. फिर भी इनकी चर्चा ज्यादा होती है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लोग एक साथ प्रभावित होते हैं।  प्रिंसेस क्रूज कंपनी ने कहा कि उन्होंने पूरे जहाज को अच्छी तरह साफ किया. पूरे सफर के दौरान अतिरिक्त सैनिटाइजेशन जारी रखा. हाथ धोने, सैनिटाइजर इस्तेमाल करने और बीमार लोगों से दूरी बनाए रखने पर जोर दिया गया है. कंपनी CDC के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है।  नोरोवायरस कितना खतरनाक है? नोरोवायरस आमतौर पर जानलेवा नहीं होता. ज्यादातर लोग कुछ दिनों में आराम से ठीक हो जाते हैं. गंभीर जटिलताएं बहुत कम होती हैं. वे भी मुख्य रूप से कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों में देखी जाती हैं. इस प्रकोप में भी ज्यादातर मामलों में स्थिति हल्की बताई गई है. यात्रा के दौरान यात्रियों में तनाव और चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। 

20 वार्डों और 204 मतदान केंद्रों पर 2.07 लाख मतदाता करेंगे मतदान

 पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार शाम चुनाव प्रचार थम गया। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंकते हुए रोड शो, जनसभाएं और डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाए। चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले शहर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। अब उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का पूरा ध्यान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने पर रहेगा। इस बार नगर निगम चुनाव में सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में स्टार प्रचारकों को उतारकर पूरी ताकत दिखाई, जबकि कांग्रेस प्रचार के स्तर पर अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई। कांग्रेस के कई बड़े नेता मीडिया से रूबरू तो हुए, लेकिन जनसभाओं और जमीनी प्रचार में उनकी सक्रियता कम दिखाई दी। इसके बावजूद कांग्रेस खेमे में उत्साह बना हुआ है। अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ा कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के पति और पार्टी नेता संजीव भारद्वाज ने दावा किया कि इस बार चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता के बीच काम कर रही है और अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ दिया गया है। सुधा भारद्वाज ने डोर शो करके प्रचार किया। बंसल ने किया 40 हजार से जीतने का दावा भाजपा पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी नजर आई। भाजपा के मेयर पद प्रत्याशी श्याम लाल बंसल ने दावा किया कि पार्टी लगभग 40 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि शहर में भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बन चुका है और पार्टी मेयर पद के साथ-साथ सभी 20 वार्डों में जीत हासिल करेगी। 204 मतदान केंद्र नगर निगम चुनाव के लिए 20 वार्डों में कुल 204 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वार्ड-1, 2, 3, 10, 11, 12 और 13 में 10-10 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि वार्ड-17 में सबसे अधिक 13 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो ईवीएम लगाई जाएंगी, एक मेयर और दूसरी पार्षद पद के लिए, ताकि मतदाता अलग-अलग मतदान कर सकें। 2,07,379 मतदाता चुनाव में कुल 2 लाख 7 हजार 379 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 8 हजार 227 पुरुष, 98 हजार 447 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। वार्ड-17 में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि वार्ड-15 में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्वाचन व्यवस्था के तहत मेयर पद के लिए 204 ईवीएम मशीनों के साथ 41 रिजर्व मशीनें रखी गई हैं। वहीं, पार्षद चुनाव के लिए 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्धारित की गई हैं। प्रशासन द्वारा पोलिंग स्टाफ की अंतिम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और मतदान केंद्रों पर ईवीएम वितरण की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए वार्ड-वार ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मतदान 10 मई और मतों की गिनती 13 मई को Government Girls College Sector 14 में सुबह 8 बजे से शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

25 किलोमीटर लंबी अंतिम यात्रा में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा पूरा क्षेत्र

 ब्यावर जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों से लोहा लेते हुए मातृभूमि पर प्राण न्यौछावर करने वाले अग्निवीर जवान युवराज सिंह चौहान की पार्थिव देह जब उनके गृह नगर ब्यावर पहुंची तो पूरा क्षेत्र गमगीन हो उठा. शहादत को नमन करने के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा. करीब 25 किलोमीटर लंबी इस गौरवमयी अंतिम यात्रा में शामिल हजारों लोग हाथों में तिरंगा थामे 'भारत माता की जय' और 'युवराज अमर रहे' के नारे लगा रहे थे. चार महीने बाद होना था रिटायरमेंट युवराज सिंह 17 फरवरी 2022 को भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे. उन्होंने अपनी सेवा के दौरान जबलपुर, गोवा और पठानकोट जैसे महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों में अपनी वीरता का परिचय दिया. वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू के अखनूर सेक्टर में थी. परिवार के लोगों ने बताया कि 5 मई की रात ड्यूटी पर जाने से पहले युवराज ने परिवार से फोन पर बात की थी. उन्होंने सभी का हालचाल पूछा और ढेर सारी बातें कीं. अगले दिन सुबह जब परिजनों ने फोन लगाया तो मोबाइल बंद मिला. दोपहर होते-होते शहादत की खबर घर पहुंच गई थी. दु:खद बात यह है कि उनकी सेवा के मात्र चार महीने ही शेष थे और इसके बाद उनका रिटायरमेंट होने वाला था लेकिन उससे पहले ही उन्होंने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया. पैतृक गांव में नम आंखों से विदाई शहीद की अंतिम यात्रा ब्यावर शहर से उनके पैतृक गांव लगेतखेड़ा पहुंची. पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर वीर सपूत का स्वागत किया. गांव पहुंचते ही माहौल पूरी तरह मातमी हो गया. अपने लाड़ले को तिरंगे में लिपटा देख मां बार-बार बेहोश हो रही थी और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था. बूढ़ी दादी और पिता प्रताप सिंह की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गांव के मुक्तिधाम में सेना की टुकड़ी ने शहीद को सशस्त्र सलामी दी. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से स्थानीय विधायकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. पिता, माता और बहन बबीता ने अपने वीर योद्धा को अंतिम सैल्यूट किया. राष्ट्रभक्ति के गीतों और जयकारों के बीच युवराज पंचतत्व में विलीन हो गए.