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फूहड़ गानों पर लगेगी रोक, मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने दी चेतावनी

 पटना बिहार में अब अश्लील और फूहड़ गानों के जरिए रातों-रात सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाले गायकों और निर्माताओं की खैर नहीं है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने ऐसे गानों और कलाकारों पर सख्त कार्रवाई करने के साफ संकेत दे दिए हैं। मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जो लोग फूहड़ गानों के जरिए समाज को दूषित कर रहे हैं, सरकार सबसे पहले उन्हें ठीक करने का काम करेगी। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि अश्लीलता पर जल्द ही बड़ी नकेल कसी जाएगी। फूहड़ गानों पर होगा सीधा एक्शन कला और संस्कृति विभाग की अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी कलाकार गलत या आपत्तिजनक गाना गाता है, तो उसे रोकने के लिए विभाग अब पूरी सख्ती से काम करेगा। प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा, “फूहड़ गाने बजाकर समाज का माहौल खराब करने वालों को हम सबसे पहले ठीक करेंगे। कला और संस्कृति ऐसा माध्यम बिल्कुल नहीं होना चाहिए जिससे किसी का मन खराब हो या समाज में किसी तरह की आपत्ति पैदा हो।” 'कला समाज को जोड़ने का माध्यम है, बिगाड़ने का नहीं' मंत्री ने कला के मूल उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि बिहार हमेशा से कला और संस्कृति के मामले में एक बेहद समृद्ध राज्य रहा है। यहां की लोक परंपराएं, सुरीला संगीत और सांस्कृतिक विरासत पूरे देशभर में अपनी एक अलग और सकारात्मक पहचान रखती हैं। उन्होंने कहा, "कला और संस्कृति लोगों के मन को ठीक रखती है। यह केवल सस्ते मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने का भी काम करती है। कला संस्कृति वह चीज है जो लोगों को आपस में जोड़ती है, उनके मनोभाव को निखारती है और व्यक्तित्व का विकास करती है।" बिहार की सांस्कृतिक पहचान को बचाने और बढ़ाने पर जोर अपने विजन को साझा करते हुए मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने स्पष्ट किया कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करना है। विभाग अब ऐसे कार्यक्रमों और प्रतिभावान कलाकारों को मंच देकर आगे लाएगा जो समाज में एक सकारात्मक संदेश देते हों। मंत्री के इस कड़े बयान के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में बिहार में बनने वाले अश्लील और विवादित गानों पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सरकार कोई बड़ा और सख्त कानूनी कदम उठा सकती है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पेंशनर्स को मिलेगा लंबित एरियर का लाभ

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को 120 दिनों के भीतर छठवें और सातवें वेतनमान का बकाया एरियर भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश मध्य प्रदेश पुनर्गठन Act 2000 की धारा 49 के तहत जारी किया। इस फैसले से हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। पेंशनर्स समाज ने दायर की थी याचिका मामले में छत्तीसगढ़ पेंशनर्स (Chhattisgarh Pensioners) समाज के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती ने 12 अगस्त 2021 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने लंबे समय तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पेंशनरों की समस्याओं से अवगत कराया था। हालांकि शासन स्तर पर कोई समाधान नहीं निकलने के बाद पेंशनर्स समाज को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट ने धारा 49(6) की दी अहम व्याख्या हाईकोर्ट ने अपने फैसले में मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49(6) की व्याख्या करते हुए कहा कि राज्यों के बीच वित्तीय सहमति की प्रक्रिया पेंशनरों के अधिकारों में बाधा नहीं बन सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनका वैधानिक लाभ समय पर मिलना चाहिए और प्रशासनिक या वित्तीय विवादों का असर उन पर नहीं पड़ना चाहिए। पुराने फैसले का भी दिया हवाला अदालत ने Dr. Surendra Narayan Gupta से जुड़े मामले का हवाला देते हुए छठवें और सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का रास्ता साफ किया। कोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 32 माह का एरियर मिलेगा। यह राशि 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की अवधि के लिए देय होगी। वहीं, 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 27 माह का एरियर दिया जाएगा। यह भुगतान 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है। 120 दिनों में करना होगा भुगतान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पात्र पेंशनरों को 120 दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। फैसले के बाद पेंशनरों में खुशी का माहौल है और इसे लंबे संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है। सरकार ने नियमों में किया संशोधन राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सेवा नियमों में संशोधन किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार अब अधिकारियों को निर्धारित अर्हताकारी सेवा पूर्ण करने पर उच्चतर वेतनमान प्रदान दिया जाएगा। ( CG News ) नए प्रावधान के तहत अधिकारियों को संबंधित पद की उपलब्धता की अनिवार्यता के बिना ही, सेवा पूर्ण होने की तिथि से क्रमशः उच्चतर वेतनमान का लाभ दिया जाएगा।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रतापगढ़ जंक्शन का आधुनिकीकरण तेज

 प्रतापगढ़  मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन के यार्ड को अपग्रेड किया जाएगा। इससे यार्ड से होकर ट्रेनें स्पीड से प्लेटफार्म पर पहुंचेंगी और रवाना भी होंगी। यार्ड के सभी प्वाइंट्स व्यवस्थित किए जाएंगे। स्लीपर व नई पटरियां भी लगाई जाएंगी। ट्रैक पैकेजिंग भी होगी। इससे ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा। बारिश से पहले यार्ड को बेहतर बनाने की तैयारी है। स्टेशन के पुराने भवन की जगह नए बनाए जा रहे मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन पर अमृत भारत स्टेशन के तहत कार्य चल रहा है। पुराने भवन को गिराकर नए भवन बनाए जा रहे हैं। यात्री सुविधाओं पर भी ध्यान है। एलईडी स्क्रीन, कोच संकेतक भी लग गए हैं। सीसीटीवी का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा ट्रेनों के संचालन नर भी विशेष ध्यान है। इसी के क्रम में जंक्शन के यार्ड को अपग्रेड किया जाएगा। खास-खास – 5 प्लेटफार्म हैं जंक्शन पर – 5 हजार यात्री आते-जाते हैं प्रतिदिन – 20 से अधिक वाटर बूथ लगे हैं जंक्शन पर – 2 जनरल टिकट के काउंटर – 2 आरक्षण टिकट काउंटर – 3 एलईडी स्क्रीन स्लीपर व पटरी बदली जाएगी यार्ड की स्क्रीनिंग करने के बाद स्लीपर व पटरी को बदला जाएगा। सभी प्वाइंट्स को बेहतर बनाया जाएगा। इससे ट्रेन की स्पीड बढ़ेगी। दरअसल, जंक्शन के दोनों छोर पर यार्ड को अपग्रेड हुए लंबा समय हो गया है। इससे जब यहां ट्रेन पहुंचती है तो इनकी स्पीड धीमी हो जाती है। कई बार आउटर पर ही ट्रेनें खड़ी हो जाती हैं। धीरे-धीरे यह प्लेटफार्म की ओर रुख करती हैं। दक्षिणी छोर और उत्तरी छोर पर यार्ड से पहले ट्रेनों की गति धीमी हो जाती है। यार्ड सुदृढ़ीकरण कार्य जल्द शुरू : पीडब्ल्यूआइ पटरियों से भी तेज आवाज आती है। कई बार तो ट्रेनों के कोच नया माल गोदाम रोड क्रासिंग व जेल रोड क्रासिंग पर देखे जाते हैं। इससे जाम की स्थिति भी रहती है, लेकिन अब यार्ड के अपग्रेड होने के बाद ट्रेनों के संचालन में बदलाव दिखेगा। पीडब्ल्यूआइ जितेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही यार्ड के सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू होगा। इसे और बेहतर बनाया जाएगा। इससे ट्रेनों का आवागमन सुगम होगा।  

13 जिलों में मौसम अलर्ट, प्रदेश में दो सिस्टम सक्रिय; कल से बढ़ेगी गर्मी

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार मई की शुरुआत से ही मौसम ने अलग रंग दिखाया है। जहां आमतौर पर तेज गर्मी का असर रहता है, वहीं इस बार आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के बीचोंबीच से दो ट्रफ लाइन गुजर रही हैं और ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसी वजह से कई जिलों में मौसम लगातार बदल रहा है। इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट शनिवार को मौसम विभाग ने 13 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी भोपाल स्थित राज्य मौसम विभाग ने शनिवार को सूबे के नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली यानी कुल 13 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन्ही में से कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। इन जिलों में आंधी बारिश दर्ज इससे पहले शुक्रवार को कहीं तेज गर्मी तो कहीं आंधी-बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर, दमोह, बालाघाट, भोपाल, देवास, खरगोन, राजगढ़, विदिशा, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर में कहीं तेज आंधी तो कहीं हल्की बारिश हुई। इन जिलों में तेज ग्रमी का असर वहीं, दिन में कई जिलों में गर्मी का असर देखा गया। इस वजह से रतलाम में पारा 43.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। शाजापुर में 42.6 डिग्री रहा। वहीं, पांच बड़े शहरों में उज्जैन में पारा 42.4 डिग्री, इंदौर-भोपाल में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री और ग्वालियर में 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 3 से 4 डिग्री तक तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान मौसम विभाग ने शनिवार को भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, लेकिन इसके बाद दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। रविवार को मौसम शुष्क होने के कारण प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में अदिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग की सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने बिजली चमकने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। खासकर पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने को कहा गया। मौसम में बदलाव होने पर खुले – मैदानी क्षेत्र छोड़कर किसी पक्के मकान में शरण लेने की हिदायत दी गई है। बेमौसम हो रही इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है। मई में अब तक बारिश का दौर IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, इस बार मई के पहले ही दिन से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। आम तौर पर शुरुआत में तेज गर्मी का असर रहता है, लेकिन इस बार कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि वाला मौसम रहा। चक्रवात, ट्रफ और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से ऐसा मौसम रहा। पारे में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी मौसम विभाग ने शनिवार को भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, लेकिन इसके बाद दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। रविवार को ज्यादातर शहरों में पारे में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग की सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने बिजली चमकने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खुले मैदान में होने पर तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें। बेमौसम हो रही इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है।

RR कैम्प में नए मालिक का आगमन, ₹15 हजार करोड़ की डील और खिलाड़ियों से बातचीत

जयपुर  उद्योगपति और राजस्थान रॉयल्स के नए मालिक लक्ष्मी निवास मित्तल शुक्रवार को जयपुर पहुंचे, जहां उन्होंने सवाई मानसिंह स्टेडियम में अपनी टीम का प्रैक्टिस सेशन देखा. इस दौरान उनके बेटे भी उनके साथ मौजूद रहे. स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के मौजूदा मालिक मनोज बधाले भी उपस्थित रहे।  प्रैक्टिस सेशन के दौरान लक्ष्मी निवास मित्तल ने रॉयल बॉक्स में खड़े होकर खिलाड़ियों की तैयारियों को करीब से देखा. टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से उन्होंने बातचीत भी की. आईपीएल के अहम मुकाबलों से पहले टीम का माहौल काफी उत्साहपूर्ण नजर आया. स्टेडियम में मौजूद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच मित्तल की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।  RR टीम ने मैदान पर जमकर पसीना बहाया हाल ही में लक्ष्मी निवास मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी को करीब 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वैल्यूएशन पर खरीदा है. इस डील के बाद राजस्थान रॉयल्स की गिनती आईपीएल की सबसे मूल्यवान फ्रेंचाइजियों में होने लगी है. जयपुर में राजस्थान रॉयल्स के अभ्यास सत्र के दौरान खिलाड़ियों ने नेट्स पर जमकर पसीना बहाया. टीम के कोचिंग स्टाफ ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग से जुड़े अलग-अलग सत्र आयोजित किए।   भिड़ेगी रॉयल्स और जीटी: 9 मई को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम पर राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला खेला जाएगा. मुकाबले से पहले गुजरात टाइटंस के विकेटकीपिंग कोच ने कहा कि यह मुकाबला उनके लिए काफी अहम है. उन्होंने राजस्थान की टीम के ऊपरी क्रम के बल्लेबाजों को लेकर विशेष नीति बनाने की बात कही. उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक शानदार खिलाड़ी हैं।  यशस्वी से की लंबी बात मित्तल परिवार के टीम के अभ्यास देखने और मिलने का वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि लक्ष्मी मित्तल और उनके बेटे आदित्य सहित परिवार के कुछ और लोग स्टैंड में पहुंचकर खिलाड़ियों को अभ्यास करते हुए देख रहे हैं। इसके बाद बाउंड्री लाइन के बाहर खड़े होकर एक-एक कर टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से मुलाकात की। इस दौरान टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को लक्ष्मी मित्तल से लंबी बात करते हुए देखा गया। उन्होंने कप्तान रियान पराग से भी बात की। रवींद्र जडेजा, बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर ने भी उनसे मुलाकात की। रिपोर्ट्स के अनुसार 2026 की तीसरी तिमाही तक यह ट्रांजैक्शन पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद मित्तल परिवार के पास टीम की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूनावाला करीब 18 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने पास रखेंगे. बाकी 7 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा शेयरहोल्डर्स, जिनमें मनोज बदाले भी शामिल हैं, उनके पास रहेगी।  सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो फोटोज  में लक्ष्मी मित्तल खिलाड़ियों से बातचीत करते नजर आए. उन्होंने टीम के सपोर्ट स्टाफ से भी मुलाकात की. वीडियो में मित्तल को खास तौर पर यशस्वी जायसवाल से लंबी बातचीत करते देखा गया।  कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मित्तल परिवार ने जायसवाल के साथ ज्यादा समय बिताया, जबकि कप्तान रियान पराग के साथ उनकी बातचीत  कम रही. हालांकि टीम कैम्प में माहौल काफी सकारात्मक नजर आया।  राजस्थान रॉयल्स फिलहाल प्लेऑफ की दौड़ में मजबूती से बनी हुई है. टीम ने सीजन की शानदार शुरुआत की थी, लेकिन पिछले पांच मैचों में उसका प्रदर्शन थोड़ा लड़खड़ाया है. इसके बावजूद RR 12 अंकों के साथ चौथे स्थान पर कायम है।  अगर राजस्थान शनिवार को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज कर लेती है, तो टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान तक पहुंच सकती है. ऐसे में यह मुकाबला टीम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।  जयपुर में रॉयल्स ने दो मुकाबले हारे हैं और पिछले दो मैचों में गेंदबाज मैच को पूरी तरह अपने पक्ष में नहीं कर पाए, जिस पर रॉयल्स के हेड कोच सांगक्कारा ने कहा कि ऐसा कुछ खास नहीं है. बात सिर्फ बेहतर तरीके से योजनाओं को लागू करने की है और उसके साथ अच्छी फील्डिंग करने की भी है।  सांगाकारा ने कहा कि "मुझे लगा कि पिछले दो मैचों में हमने अच्छी बल्लेबाजी की और गेंदबाजों को बचाव के लिए अच्छा स्कोर दिया. गेंदबाजों ने अपनी पूरी कोशिश की. मैं सिर्फ यही चाहता हूं कि हम थोड़े और स्मार्ट बनें, फील्डिंग में थोड़ा और बेहतर हों और अपनी योजनाओं को आक्रामक तरीके से लागू करें।  हाल ही में खरीदी हिस्सेदारी आईपीएल-2026 के बीच ही लक्ष्मी मित्तल ने राजस्थान प्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदी है। इसमें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ आदर पूणावाला भी शामिल हैं। इसके लिए इस ग्रुप ने 15.660 करोड़ रुपये की कीमत चुकाई है। फ्रेंचाइजी के पुराने मालिक मनोज बादले भी टीम का हिस्सा हैं। इस ग्रुप ने पूरी रॉयल्स फ्रेंचाइजी को खरीद है जिसमें साउथ अफ्रीकी का एसए20 लीग की फ्रेंचाइजी पार्ल रॉयल्स और कैरिबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) की बारबाडोस रॉयल्स भी शामिल है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ‘सुशासन तिहार’, किसानों और युवाओं के लिए विकास का महापर्व—दक्ष वैद्य साहू

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ‘सुशासन तिहार किसानों-युवाओं के लिए बना विकास का महापर्व: दक्ष वैद्य साहू   ‘गांव-गांव पहुंच रहे सीएम साय, खेत-खलिहान में हो रहा जन-संवाद त्वरित समाधान सतत निगरानी रायपुर   भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा सोशल मीडिया प्रदेश सहप्रभारी एवं हिन्द सेना युवा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य साहू ने ‘सुशासन तिहार 2026’ को ‘विकास का महापर्व’ निरूपित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और अन्नदाता के द्वार तक पहुंचकर सुशासन का स्वर्णिम अध्याय रच रही है।   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अनवरत रूप से गांव-गांव पहुंचकर आमजन से आत्मीय संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे अन्नदाता भाइयों की व्यथा खेत की मेड़ पर बैठकर सुन रहे हैं, युवा साथियों के रोजगार संबंधी विषयों पर गंभीर विमर्श कर रहे हैं और मातृशक्ति के सुझावों को प्राथमिकता से संज्ञान में ले रहे हैं। ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ ही विकास कार्यों की सतत एवं प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है।   किसानों-युवाओं को समर्पित जन-अभियान   साहू ने कहा कि सुशासन तिहार मात्र एक शासकीय अभियान नहीं, अपितु जनता और सरकार के मध्य विश्वास, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवेदनशील प्रशासन का सुदृढ़ सेतु है। भाजपा की डबल इंजन सरकार में यह अभूतपूर्व है कि कोई मुख्यमंत्री स्वयं ट्रैक्टर पर सवार होकर खेतों का निरीक्षण कर रहा है, गौठानों में पहुंचकर गोबर खरीदी व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है और धान उपार्जन केंद्रों में कृषकों के साथ बैठकर उनके सुख-दुःख में सहभागी बन रहा है। यही वास्तविक सुशासन है।   उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में जनकल्याणकारी योजनाएं सचिवालय की फाइलों में कैद होकर रह जाती थीं। इसके विपरीत आज मुख्यमंत्री स्वयं धरातल पर उतरकर प्रत्येक विकास कार्य का प्रतिपुष्टि जनता से प्राप्त कर रहे हैं। सड़क, विद्युत, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा – प्रत्येक विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। ‘शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना’ के अंतर्गत 2.49 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड निर्गत हो चुके हैं तथा 48 लाख से अधिक हितग्राहियों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क उपचार प्राप्त हुआ है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता का जीवंत प्रमाण है।   किसान मोर्चा उतरेगा जन-जागरण में   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि ₹5 लाख का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच, ₹3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 1 लाख सरकारी नौकरियों का सृजन तथा स्वरोजगारोन्मुखी योजनाएं प्रदेश के युवाओं और किसानों का भविष्य सुरक्षित कर रही हैं। भाजपा किसान मोर्चा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी की सफलता की कहानी को घर-घर तक पहुंचाएगा।   दक्ष वैद्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने 5 वर्ष के शासनकाल में अन्नदाताओं को छला, युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के नाम पर भ्रमित किया और माताओं-बहनों को पूर्ण शराबबंदी के वादे से वंचित रखा। आज भाजपा सरकार में किसान सम्मान निधि का समयबद्ध भुगतान हो रहा है, 2 वर्ष का लंबित बोनस एकमुश्त प्रदान किया गया है तथा ‘महतारी वंदन योजना’ से 70 लाख बहनों को प्रतिमाह ₹1000 की सम्मान राशि प्राप्त हो रही है। यही ‘कथनी और करनी’ का प्रत्यक्ष अंतर है।   दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा सरकार ‘वातानुकूलित कक्षों से नहीं, अपितु खेत-खलिहान की माटी से संचालित होती है’। यह ‘विकास का महापर्व’ वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने के संकल्प की आधारशिला को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गांव-गांव संवाद, सुशासन तिहार में विकास का उत्सव:रत्नावली कौशल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गांव-गांव संवाद सुशासन तिहार विकास का त्योहार:रत्नावली कौशल शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना’ बनी जीवन रक्षक 2.49 करोड़ आयुष्मान कार्ड, 48 लाख मुफ्त इलाज: संवेदनशील प्रशासन का प्रमाण रायपुर  भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने ‘सुशासन तिहार 2026’ को ‘विकास का त्योहार’ बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार जनता के द्वार पहुंचकर सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रही है। रत्नावली कौशल ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार गांव-गांव पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुद्दों पर त्वरित पहल के साथ विकास कार्यों की सतत निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन का मजबूत सेतु बन रहा है। स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बना आयुष्मान   रत्नावली कौशल ने कहा कि सुशासन सरकार का सबसे बड़ा ‘स्वास्थ्य सुरक्षा कवच’ – ‘शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना’ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है। छत्तीसगढ़ में अब तक 2.49 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। 45 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं और 48 लाख से ज्यादा लोगों का ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज कराया जा चुका है।उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारी में गरीब परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाता था या इलाज के अभाव में जान गंवा देता था। आज माताएं-बहनें निश्चिंत होकर कहती हैं कि ‘मोदी-साय की सरकार है तो चिंता की कोई बात नहीं’। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री स्वयं अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं और मरीजों से फीडबैक ले रहे हैं। इससे डॉक्टरों और स्टाफ की जवाबदेही तय हुई है। SC-ST वर्ग के लिए विशेष लाभ   रत्नावली कौशल ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के भाई-बहन जो दूरस्थ वनांचलों में रहते हैं, उनके लिए आयुष्मान योजना सबसे बड़ी राहत है। सुशासन तिहार के दौरान विशेष शिविर लगाकर वंचित परिवारों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। पेंशन, राशन, आवास, नल-जल जैसी योजनाओं के साथ स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यही ‘अंत्योदय से सर्वोदय’ का भाजपा का मूल मंत्र है। कांग्रेस पर साधा निशाना   रत्नावली कौशल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में योजनाएं कागजों पर चलती थीं और कमीशनखोरी हावी थी। भाजपा की डबल इंजन सरकार में मुख्यमंत्री खुद खेत-खलिहान में किसान के पास, अस्पताल में मरीज के पास और चौपाल में मातृशक्ति के पास पहुंच रहे हैं। यही असली सुशासन है। ‘सुशासन तिहार’ ने साबित कर दिया कि सरकार एसी कमरों से नहीं, जनता के बीच से चलती है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा सुशासन तिहार के दौरान हर बूथ तक जाएगी और बहनों को बताएगी कि ₹5 लाख का स्वास्थ्य कवच कैसे उनके परिवार को सुरक्षित रख रहा है। 2026 का यह ‘विकास का त्योहार’ छत्तीसगढ़ को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने की नींव और मजबूत करेगा।

एनसीआरबी रिपोर्ट में खुलासा, 99.8% साइबर केस लंबित, जांच प्रक्रिया धीमी

 पटना बिहार में साइबर अपराध के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। 2023 में 4450 के मुकाबले 2024 में साइबर अपराध के लगभग डेढ़ गुना अधिक 6380 कांड दर्ज किए गये। खास बात रही कि इस साल सूबे में साइबर अपराध के कुल 11764 लंबित कांडों में मात्र 12 कांडों का ही अंतिम रूप से निबटारा हो सका। 99.8 फीसदी कांड लंबित रह गये। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के जारी आपराधिक आंकड़े 2024 से इसकी जानकारी मिली है। आंकड़े के मुताबिक इस साल राष्ट्रीय स्तर पर भी करीब 91 फीसदी कांड लंबित रहे। 1333 साइबर अपराधी हुए गिरफ्तार, आठ दोषी करार एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक इस साल साइबर अपराध के मामले में बिहार से 1333 अपराधी गिरफ्तार हुए। बिहार में साइबर अपराध के जिन 12 मामलों में अंतिम कार्रवाई हुई, इनमें भी आठ दोषी करार दिए गये। इस साल देशभर में मात्र 2292 साइबर अपराधियों को सजा मिली। इनमें सर्वाधिक 637 तेलंगाना, 303 आंध्र प्रदेश और 237 कर्नाटक के रहे। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में साइबर अपराध से जुड़े 98 हजार मामले ट्रायल के लिए लंबित रहे। इनमें बिहार के 5782 मामले भी शामिल रहे। 2024 में दर्ज कांडों में से 917 कांड ट्रायल के लिए भेजे गये जबकि 2023 के 4865 कांड ट्रायल के लिए पूर्व से लंबित थे। 87% कांडों का नहीं हुआ अनुसंधान भी पूरा आंकड़ों के मुताबिक साइबर अपराध के दर्ज कुल कांडों में 87 फीसदी कांडों का पुलिस अनुसंधान भी पूरा नहीं हो सका। अनुसंधान के लिए 11764 कांड उपलब्ध थे। इनमें 524 कांड पर्याप्त सबूत नहीं रहने के कारण बंद कर दिए गये। 917 मामलों में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।इस तरह, कुल 1481 मामले पुलिस के स्तर पर निष्पादित हुए। लेकिन, 10283 कांडों में पुलिस का अनुसंधान भी पूरा नहीं हो सका। महिलाओं के विरुद्ध 864 साइबर अपराध हुए बिहार में साइबर अपराध के दर्ज मामलों में 3771 ऑनलाइन ठगी, 1167 आपसी दुश्मनी, 187 फिरौती और 96 यौन शोषण से संबंधित रहे। महिलाओं के विरुद्ध 864 साइबर अपराध हुए। इनमें 40 साइबर ब्लैकमेलिंग, 73 साइबर छेड़खानी और 70 फेक प्रोफाइल से संबंधित रहे। इस दौरान बच्चों के विरुद्ध भी 21 साइबर अपराध दर्ज हुए।

सराय स्टेशन के पास सिग्नल टावर पर संदिग्ध IP कैमरा, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

मुजफ्फरपुर हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के सराय स्टेशन के आगे समपार फाटक संख्या-43 सी स्पेशल के पास लगे सिग्नल टावर पर इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) कैमरा लगाकर आतंकी नेटवर्क द्वारा रेलवे ट्रैक और सड़क की निगरानी किए जाने का मामला सामने आया है। सोलर संचालित इस कैमरे को इंटरनेट के जरिए चलाया जा रहा था। गुमटीमैन से मिली सूचना के बाद कैमरे की जांच में सनसनीखेज जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि कैमरे में आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर भी मिली है। मुख्यालय को दी गई सूचना आईपी एड्रेस की जांच में कर्नाटक के तटीय क्षेत्र से पाकिस्तान कनेक्शन वाले आतंकी नेटवर्क से इसकी निगरानी होने की बात सामने आई है। सराय स्टेशन के स्टेशन मास्टर मनोज कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर मुख्यालय को सूचना दी गई। शुक्रवार देर शाम एटीएस की तीन सदस्यीय टीम और एसटीएफ मौके पर जांच के लिए पहुंची। पूर्व मध्य रेलवे के आरपीएफ आईजी अमरेश कुमार और रेल एसपी बीणा कुमारी को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है। NGO कर्मी बनकर पहुंचा संदिग्ध युवक एक दिन पहले हरियाणवी बोलने वाला एक संदिग्ध युवक समपार फाटक पर पहुंचा और खुद को एक एनजीओ से जुड़ा बताते हुए सिग्नल टावर पर कैमरा फिट कर वहां से निकल गया। गुमटीमैन को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसने स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी। स्टेशन मास्टर ने तुरंत आरपीएफ को सूचना दी। आरपीएफ ने मामला जीआरपी हाजीपुर और मुजफ्फरपुर को भेज दिया। जांच में जुटीं कई एजेंसियां जीआरपी के एसआई मौके पर पहुंचे और कैमरा उतरवाकर गुमटीमैन को सौंप दिया। बाद में रेल डीएसपी सोनपुर सहकार खान के नेतृत्व में जीआरपी टीम ने गहन जांच शुरू की, जिसके बाद मामला गंभीर रूप में सामने आया। इसके बाद कैमरे को मुजफ्फरपुर जीआरपी को सौंप दिया गया। हाजीपुर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम जांच में जुटी है। वहीं मुजफ्फरपुर जीआरपी के एसआई के नेतृत्व में दूसरी टीम भी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। मामले की तकनीकी जांच के लिए रेलवे के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। अंधेरे में भी कर रहा था साफ रिकॉर्डिंग यह कैमरा आईपी तकनीक पर आधारित है और रात के अंधेरे में भी साफ तस्वीर रिकॉर्ड कर रहा था। कैमरे में 4G सिम लगा था। पुलिस ने कैमरे से करीब एक घंटे की रिकॉर्डिंग भी निकाली है। कैमरा मूवेबल था और कर्नाटक में बैठा व्यक्ति इसे मोबाइल से ऑपरेट कर रहा था। कैमरे के जरिए रेलवे ट्रैक के साथ-साथ सड़क मार्ग की भी निगरानी की जा रही थी आतंकी साजिश की आशंका गहराई प्रारंभिक जांच में कैमरे का कनेक्शन पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन से जुड़े लोगों के नाम पर होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि रेलवे ट्रैक, किसी वीआईपी मूवमेंट, हत्या या बड़े आतंकी हमले की रेकी के लिए यह कैमरा लगाया गया हो सकता है। आसपास लगे अन्य कैमरों और फुटेज को भी खंगाला जा रहा है, ताकि कैमरा लगाने वाले युवक की पहचान की जा सके।  

सावधान! बिहार में साइबर अपराधियों ने अपनाया नया तरीका, बड़े अधिकारियों के नाम पर ठगी

पूर्णिया. सावधान, साइबर बदमाश आपको एसपी, डीएम ही नहीं सीएम व पीएम बनकर भी झांसा दे सकते हैं। हाल में साइबर बदमाशों द्वारा इस तरकीब का खूब उपयोग किया जा रहा है और लोगों को आराम से चूना लगा रहे हैं। साइबर थानों तक इस तरह की शिकायतें पहुंच भी रही है और साइबर थाना पुलिस ऐसे मामलों को सुलझाने में जुटी भी रहती है। साइबर अपराध अब पुलिस के लिए नयी चुनौती बनती जा रही है। यद्यपि इसकी रफ्तार भी चौकाने वाली है। पूर्णिया साइबर थाने में औसतन हर दिन साइबर ठगी की तीन दर्जन से अधिक शिकायतें पहुंच रही है। इसमें अलग-अलग तरकीब का उपयोग कर लोगों का खाता खाली करने की बात सामने आ रही है। इसमें पीएम व सीएम वाला भी एक नया ट्रेंड है। प्रधानमंत्री की आवाज से ठगी चंद दिन पूर्व ही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज में जन धन योजना अंतर्गत खाते में 2000 रूपये आने का प्रलोभन देकर साइबर अपराधी ने एक बुजुर्ग के बैंक खाते से 1496 रूपये उड़ा लिये थे। पीड़ित जलालगढ़ थाना क्षेत्र के एकांबा निवासी सुधीर प्रसाद मजूमदार ने साइबर थाना में आवेदन दिया था। बुजुर्ग ने बताया था कि उनके मोबाइल पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज में एक संदेश आया। इस संदेश में कहा गया कि जिन लोगों का जन धन योजना अंतर्गत एसबीआई में खाता है, उनके खाते में दो हजार रूपये का लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए भेजे गए मैसेज को स्क्रैच करें। उन्होंने बताया कि भेजे गए संदेश को जैसे ही स्क्रैच किया, उनके खाते से 1496 रूपये की निकासी का मैसेज आया। उन्होंने बताया कि प्रधान मंत्री के आवाज के झांसे में आकर वे ठगी के शिकार हो गए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज AI से तैयार की जाती है। साइबर ठग डिजिटल अरेस्ट और केवाईसी के नाम पर भी लोगों को चूना लगा रहे हैं। यही नहीं पुलिस, सीबीआई या आरबीआई अधिकारी बनकर भी साइबर बदमाशों द्वारा चूना लगाया जा रहा है। दारोगा बताकर लूट इसी तरह खुद को थाना का दारोगा बताकर एक व्यक्ति से दर्ज केस के आरोपितों की गिरफ़्तारी के नाम पर बारी-बारी से कुल 9010 रूपये की आनलाइन ठगी कर ली। रघुवंशनगर थाना क्षेत्र के औरलाहा निवासी पीड़ित सुदीप कुमार ने साइबर थाना में आवेदन दिया है। आवेदन में कहा गया है कि गत 25 अप्रैल को उन्हें मोबाइल नंबर 8962070351 से कॉल आया, जिसमें कहा कि वह रघुवंशनगर थाना से दरोगा बात कर रहा है। उनके द्वारा जो केस दर्ज किया गया है, उसके आरोपितों की गिरफ्तारी हो जाएगी लेकिन उन्हें पैसा भेजना पड़ेगा। उनके द्वारा हामी भर दी गई। उसने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाता संख्या 009310356120 से 25 अप्रैल को 1000, 1000 एवं 800 कुल 3800 रूपये दरोगा के बताए स्कैनर पर भेज दिया। इसके बाद दरोगा ने कहा कि एसपी से बात कीजिए, आपको फोन कर रहे है। तब उन्हें 8962604672 नंबर से कॉल आया और कहा कि एसपी साहब बोल रहे है, अभियुक्त को जल्दी से पकड़ना है, तो उन्हें भी पैसा भेजना होगा। इस तरह से कुल मिला कर उनके खाता से 9010 रुपये उड़ा लिए गए।