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राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया शेड्यूल: छत्तीसगढ़ में एक जून को पड़ेंगे उपचुनाव के वोट

रायपुर. राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को नगरी निकायों और पंचायतों के चुनाव व उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया। दोनों चुनाव एक ही चरण में संपन्न होंगे। आयोग के अनुसार एक जून को मतदान कराया जाएगा, जबकि चार जून को परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 11 मई से शुरू होगी और 18 मई तक चलेगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 19 मई को की जाएगी। उम्मीदवार 21 मई तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। कई पदों पर होंगे चुनाव नगरी निकायों में अध्यक्ष के पांच और पार्षदों के 77 रिक्त पदों पर मतदान होगा। वहीं पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 10, सरपंच के 82 और पंच के 1136 रिक्त पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। मतदान केंद्र और मतदाता संख्या नगरी निकायों के 44,525 तथा पंचायतों के 10,37,789 मतदाता चुनाव में भाग लेंगे। मतदान के लिए नगरी निकायों में 115 और पंचायतों में 937 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। आयोग की सचिव शिखा राजपूत तिवारी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 33 सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। ईवीएम और बैलेट से मतदान नगरी निकायों में मतदान ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से कराया जाएगा, जबकि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। नगरी निकायों में मतदान सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक और पंचायतों में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा।

PM मोदी ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया, माखनलाल सरकार और बंगाल की जनता पर भावुक पल

कलकत्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पश्चिम बंगाल की जीत के मायने बड़े हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है जब वह शुभेंदु अधिकारी और उनकी कैबिनेट की शपथ के लिए मंच पर पहुंचे तो उन्होंने मंच पर मौजूद माखनलाल सरकार का सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड स्थित मंच पर पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और काफी देर तक गले से लगाए रखा। इस दौरान वहां पीएम मोदी और माखनलाल सरकार सहित मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।आज जब पहली बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो भगवा पार्टी ने 98 साल के इस वयोवृद्ध नेता को ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर स्थान दिया और उनका सम्मान किया। पीएम मोदी का बंगाल की जनता को अनोखा सलाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. सीनियर लीडर सुवेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ ली. उनके साथ पांच अन्‍य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली. इस तरह 9 मई 2026 से बंगाल में भाजपा सरकार अस्तित्‍व में आ गई. इस दौरान पीएम मोदी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्‍ता दिलाने के लिए पश्चिम बंगाल की जनता को नमन किया. शपथ ग्रहण मंच पर घुटनों के बल बैठते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरपूर प्रेम और आशीर्वाद देने के लिए बंगाल की जनता का भावुक तरीके से आभार जताया।  मौका था पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का. इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे थे. सुवेंदु अधिकारी अन्‍य मंत्रियों के शपथ लेने के बाद उन्‍होंने बंगाल में भाजपा के पहले मुख्‍यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उनके कैबिनेट सहयोगियों को बधाई दी. इसके बाद मौका था उनका शुक्रिया अदा करने का, जिनके आशीर्वाद से भाजपा बंगाल की सत्‍ता में आई. पीएम मोदी ने पहले हाथ उठाया, फिर हाथ जोड़े, उसके बाद मंच पर घुटनों के बल बैठे और फिर नतमस्‍तक होकर पश्चिम बंगाल की जनता का शुक्रिया अदा किया. इस मौके पर समारोह स्‍थल पर ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगते रहे।  कौन हैं माखनलाल सरकार? माखनलाल सरकार आज भी राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं। 1952 में उन्हें कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार कर लिया गया था। इस दौरान वह जेल में रहे। 1980 में BJP के गठन के बाद वे पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के संगठनात्मक समन्वयक बने। सिर्फ एक साल के अंदर ही उन्होंने लगभग 10,000 सदस्यों को पार्टी में शामिल करवाने में मदद की। 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में सेवा की। यह उस समय एक असाधारण उपलब्धि थी, जब आम तौर पर BJP के नेता किसी एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे। इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए शुभेंदु अधिकारी के साथ सभा में पहुंचे रपीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। 'जय श्री राम' के नारों के बीच मोदी खुले वाहन पर सवार होकर समारोह स्थल में दाखिल हुए और हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री सुबह करीब दस बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिये रेस कोर्स मैदान पहुंचे, जहां से वह सड़क मार्ग से समारोह स्थल पर पहुंचे। सुबह से ही हजारों भाजपा समर्थक शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनने के लिए ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जमा होने लगे।आपको बता दें कि भाजपा ने 294-सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट जीतकर राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत किया है। वयोवृद्ध पार्टी कार्यकर्ता के पीएम मोदी ने छुए पैर पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का आशीर्वाद लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे. ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए नामित सुवेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य के साथ खुली जीप में सवार होकर वहां मौजूद हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन किया. पूरा ब्रिगेड परेड ग्राउंड भगवा रंग में सजा हुआ नजर आया. समारोह में बड़ी संख्या में कलाकार पारंपरिक ढोल की थाप पर प्रस्तुति दे रहे थे. जीप यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी मंच पर पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं से मुलाकात की. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने माखनलाल सरकार का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल भेंट की और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।  श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कर चुके हैं काम 98 वर्ष की आयु में भी माखनलाल सरकार आजादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं. 1952 में उन्हें कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार किया गया था. साल 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन समन्वयक बनाया गया. उन्होंने सिर्फ एक साल में करीब 10 हजार लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम किया. साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया. उस समय यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, क्योंकि आमतौर पर भाजपा नेता एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे। 

बंगाल में सुवेंदु सरकार की बड़ी योजना, मोदी गारंटी हर घर तक

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया. पहली बार भाजपा ने राज्य की सत्ता पर पूर्ण बहुमत के साथ कब्जा किया और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. ब्रिगेड मैदान में हुए भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने इस जीत को राष्ट्रीय महत्व दे दिया. चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने दावा किया था कि अगर बंगाल में उसकी सरकार बनी तो वे सभी केंद्रीय योजनाएं लागू होंगी जो सालों से राजनीतिक टकराव के कारण अटकी हुई थीं. अब सुवेंदु सरकार के गठन के साथ ही 'मोदी की गारंटी' को जमीन पर उतारने की चर्चा तेज हो गई है. भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, किसानों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल की राजनीति अब कल्याणकारी योजनाओं की सीधी प्रतिस्पर्धा में बदल सकती है।  सबसे ज्यादा चर्चा आयुष्मान भारत योजना को लेकर हो रही है. अब तक पश्चिम बंगाल इस केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से बाहर था. भाजपा सरकार बनने के बाद इसे राज्य में लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है. इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने विजय भाषण में कहा कि बंगाल के गरीब परिवारों को अब इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलेगी और निजी अस्पतालों तक उनकी पहुंच आसान होगी. भाजपा इसे बंगाल में अपनी सबसे बड़ी सामाजिक गारंटी के तौर पर पेश कर रही है।  प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी नई सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है. पिछले कुछ सालों में इस योजना पर भ्रष्टाचार और लाभार्थी चयन में गड़बड़ी के आरोप लगते रहे. अब सुवेंदु सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवास योजना को तेज करने की तैयारी में है. भाजपा नेताओं का दावा है कि लाखों अधूरे घरों का निर्माण जल्द पूरा होगा. केंद्र और राज्य के बीच फंड और नामकरण को लेकर जो विवाद था, वह अब खत्म माना जा रहा है. गरीब परिवारों को पक्का घर देने का मुद्दा भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया जा रहा है।  जल जीवन मिशन को भी नई सरकार के मेगा प्लान का अहम हिस्सा माना जा रहा है. बंगाल में अभी तक ग्रामीण इलाकों के केवल सीमित परिवारों तक नल से जल पहुंच पाया है. केंद्र ने हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन काम धीमा रहा. भाजपा सरकार का दावा है कि अब गांव-गांव पाइपलाइन बिछाकर हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा. राजनीतिक रूप से भी यह योजना बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का मुद्दा लंबे समय से बड़ा चुनावी विषय रहा है. भाजपा इसे 'डबल इंजन सरकार' की ताकत बताकर प्रचारित कर रही है।  किसानों को लेकर भी भाजपा सरकार बड़े ऐलान कर रही है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के साथ राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता जोड़ने की तैयारी है. भाजपा ने वादा किया है कि किसानों को सालाना 9 हजार रुपए तक की मदद दी जाएगी. इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी राज्य में पूरी तरह लागू किया जाएगा. प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को सीधे मुआवजा मिलेगा. भाजपा नेताओं का कहना है कि इससे किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा।  महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के लिए भी सुवेंदु सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है. भाजपा ने चुनाव के दौरान महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपए देने का वादा किया था. इसे तृणमूल कांग्रेस की 'लक्ष्मी भंडार' योजना से बड़ा कदम बताया जा रहा है. वहीं स्नातक बेरोजगार युवाओं को भी मासिक भत्ता देने की बात कही गई है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को एकमुश्त आर्थिक सहायता देने का वादा भी भाजपा के एजेंडे में शामिल है. इससे युवा वर्ग में नई सरकार को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।  प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना भी बंगाल की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. बंगाल के कारीगरों, बुनकरों, कुम्हारों और मछुआरों को आधुनिक उपकरण, ट्रेनिंग और बिना गारंटी वाले लोन देने की तैयारी है. भाजपा का मानना है कि इससे पारंपरिक रोजगार को नई ताकत मिलेगी. खासकर उत्तर और दक्षिण 24 परगना, सुंदरबन और तटीय इलाकों में मछुआरा समुदाय को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. सरकार इसे 'आत्मनिर्भर बंगाल' मॉडल का हिस्सा बता रही है।  सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी भाजपा सरकार ने बड़ा संदेश दिया है. चुनाव के दौरान भाजपा ने वादा किया था कि सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर लंबित डीए का भुगतान किया जाएगा और सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा. अब लाखों कर्मचारी नई सरकार के फैसलों पर नजर लगाए बैठे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर सुवेंदु सरकार इन वादों को तेजी से लागू करती है तो बंगाल की राजनीति में भाजपा अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है. वहीं विपक्ष इसे चुनावी वादों की असली परीक्षा बता रहा है। 

जनगणना 2027: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर भागीदारी दर्ज की

जनगणना-2027: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई स्वगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार ग्राम स्तर तक चलाएगी जागरूकता अभियान, हेल्पडेस्क स्थापित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को किया था जनगणना-2027 के प्रथम चरण का शुभारंभ नागरिकों से जनगणना पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की अपील डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों के पालन का भरोसा लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार जनगणना- 2027 को पारदर्शी, तकनीक आधारित और सटीक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप के सरकारी आवास पर जनगणना-2027 के अंतर्गत स्वगणना सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। 22 मई से मकान सूचीकरण होगा आरंभ स्वगणना की इस पहल से नागरिकों को अपनी और अपने परिवार की जानकारी जनगणना पोर्टल http://se.census.gov.in पर ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इसको लेकर प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वह जनगणना-2027 में उत्साहपूर्वक भाग लें और स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य डेटा संकलन की प्रक्रिया को तेज करना और त्रुटिहीन एवं सटीक आंकड़े प्राप्त करना है। जनगणना-2027 के प्रथम चरण यानी स्वगणना प्रक्रिया में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्वगणना की 15 दिनों की अवधि पूर्ण होने के बाद 22 मई से औपचारिक मकान सूचीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।  ग्राम स्तर तक चलेगा जागरूकता अभियान स्वगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार प्रदेश स्तर से लेकर जिला और ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएगी। साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और सहायता केंद्र स्थापित किए जाने के लिए भी कहा गया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अपने-अपने स्तर पर इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही अधिक से अधिक नागरिकों को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें। जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को मिलेगी नई दिशा मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। इससे प्राप्त आंकड़े राज्य की विकासपरक योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में अत्यन्त सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उच्चाधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

किसानों की समस्या पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए तत्काल जांच के आदेश

 पटना बिहार में अपनी विश्व प्रसिद्ध लीची की फसल को कीड़ों और बीमारियों से बर्बाद होता देख परेशान किसानों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर है। लीची के फलों में लगने वाले खतरनाक 'स्टिंग बग' और अन्य बीमारियों से फसल को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने तुरंत कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सीधे निर्देश पर एक्स्पर्ट्स की एक विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया है। यह उच्च स्तरीय कमेटी न सिर्फ प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी, बल्कि एक हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सीधे केंद्र सरकार को सौंपेगी। किसानों की गुहार के बाद एक्शन में आए कृषि मंत्री दरअसल, इस सीजन में बिहार के लीची उत्पादक किसान अपनी फसल में लग रहे 'स्टिंग बग' नाम के कीड़े से भारी नुकसान का सामना कर रहे हैं। इस कीड़े के कारण फल खराब हो रहे हैं, जिससे किसानों की आमदनी पर गहरा संकट आ गया है। किसानों द्वारा इस गंभीर मुद्दे को मजबूती से उठाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल इसका संज्ञान लिया। उनके तुरंत निर्देश पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत आने वाले राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर द्वारा यह विशेषज्ञ कार्यबल गठित करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। खेतों का दौरा करेगी टीम जारी आदेश के मुताबिक, यह टास्क फोर्स प्रभावित क्षेत्रों के लीची बागानों का जमीनी दौरा कर 'स्टिंग बग' की वर्तमान स्थिति का आकलन करेगी। टीम का मुख्य काम फसल को हुए नुकसान का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करना होगा। इसके अलावा, यह टीम किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कीटनाशकों और उपायों का सुझाव देगी। साथ ही, भविष्य में इस तरह की बीमारियों से फसल को बचाने के लिए लॉंग टर्म रणनीति तैयार करेगी और राज्य व केंद्र स्तर पर जरूरी हस्तक्षेप के लिए अपनी सिफारिशें भी देगी। दिग्गज वैज्ञानिकों को सौंपी गई जांच की कमान इस अहम कमेटी की कमान राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के निदेशक डॉ. विकास दास को सौंपी गई है, जिन्हें अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ उद्यान-सह-बिहार राज्य बागवानी मिशन और पौधा संरक्षण निदेशालय के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि और बिहार कृषि विवि के जाने-माने कीट वैज्ञानिकों को भी टीम में जगह दी गई है। वहीं, डॉ. इप्सिता सामल और प्रधान वैज्ञानिक (कीट विज्ञान) डॉ. विनोद कुमार को इस टास्क फोर्स का सदस्य सचिव बनाया गया है।

सीएम योगी ने दी शुभेंदु अधिकारी को बधाई

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी है। इस संबंध में सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, शुभेंदु अधिकारी जी को बंगाल के बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। सीएम योगी के इस पोस्ट पर लोगों ने कमेंट कर भाजपा के इस फैसले की सराहना की है। गौरतलब है कि शुक्रवार को कोलकाता में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया।

लखनऊ में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक, 25 लाख टन लक्ष्य पर जोर

 लखनऊ  खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने गेहूं खरीद की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खरीद का लक्ष्य पाने के लिए तेजी से प्रयास किए जाएं। क्रय केंद्रों पर किसानों को परेशानी न हो। खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री ने दिए निर्देश राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित बैठक में बताया गया कि गेहूं खरीद के लिए 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। भारत सरकार ने 25 लाख टन की खरीद का लक्ष्य तय किया है और अब तक 190704 किसानों से 9.75 लाख टन (39.01 प्रतिशत) की खरीद हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में 9.19 लाख टन की खरीद हुई थी। मंत्री ने राशन की दुकानों पर ई-पास मशीनों से खाद्यान्न वितरण की नियमित जांच के भी निर्देश दिए। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। बताया गया कि खाद्यान्न वितरण की ऑनलाइन रिपोर्ट की मानिटरिंग की जा रही है और विभागीय कार्मिकों द्वारा फील्ड स्तर पर मोबाइल इंस्पेक्शन एप से आनलाइन जांच भी की जा रही है। इसकी औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। ई-केवाईसी और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए मंत्री ने राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव, वित्त नियंत्रक शशि भूषण तोमर, संभागीय खाद्य नियंत्रक (मुख्यालय) अशोक कुमार पाल आदि मौजूद रहे।  

नायब सरकार की नई पहल: किसानों और लोगों को घर बैठे मिलेंगी बड़ी सुविधाएं

चंडीगढ़. हरियाणा में अब भवनों के निर्माण के लिए नक्शों की अनुमति ऑनलाइन तरीके से मिलेगी। इसके अलावा, किसानों को उनके वाट्सएप पर जे-फार्म भेजे जाएंगे, जिनके आधार पर वे 72 घंटे के भीतर अपनी फसल की पेमेंट प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों योजनाओं की शुरुआत की। हरियाणा सरकार ने चालू रबी खरीद सीजन के दौरान एमएसपी पर बेची गई गेहूं, सरसों व चना की फसलों के जे-फार्म किसानों के वाट्सएप पर भेजने की घोषणा की थी। छह मई तक 5 लाख 78 हजार किसानों द्वारा अपनी उपज मंडियों में बेची गई। इन किसानों को 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किए गए हैं। यह सुविधा प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है। अब किसानों को अपना जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पडे़गा। आसानी से मिलेगा अप्रूवल हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफार्म काम करेगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को घर बैठे ही प्लाट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी बिना किसी देरी के आसानी से मिल सकेंगी। पहले चरण में, पुरानी नगर पालिकाओं या कोर क्षेत्रों में प्लांड रिहायशी प्लाटों की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की गई है। इस सिस्टम से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और काम की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्लेटफार्म की शुरुआत करते हुए कहा कि अब आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी व सरल बनेगी। नया सिस्टम लागू होने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने जानकारी दी कि जे-फार्म किसानों को वाट्सएप पर भेजकर योजना की शुरुआत की जा चुकी है। भविष्य में फसल की बिक्री के बाद समस्त जे-फार्म किसानों को उनके वाट्सएप नंबर पर ही मिलेंगे। किसानों की कितने हुई आवक? मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश में एक अप्रैल से सात मई तक 84 लाख 18 हजार टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 83 लाख 75 हजार टन गेहूं की बिक्री हेतु किसानों का बाायोमीट्रिक सत्यापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख 55 हजार टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। एक सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाायोमीट्रिक सत्यापन के लिए किसानों को कोई परेशान नहीं थी, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं को ज्यादा दिक्कत थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग, शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीन आत्रे शामिल रहे।

हल्दी के ‘कुरकुमिन’ से कैंसर उपचार की नई उम्मीद, GJU में शुरू हुआ खास शोध

 हिसार  महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर मामलों के बीच गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में हर्बल आधारित नैनो-जैल पर शोध शुरू किया गया है। फार्मास्युटिकल साइंसिज विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रेखा राव इस शोध के माध्यम से ऐसी जैल विकसित करने पर काम कर रही हैं, जो शुरुआती स्तर पर कैंसर कोशिकाओं की पहचान और लक्षित उपचार में सहायक हो सके। शोध में गुरुग्राम स्थित डीपीजी यूनिवर्स कालेज की डॉ. वर्षा भी सहयोग कर रही हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित यह जैल प्रभावित हिस्से पर सीधे काम करने के सिद्धांत पर विकसित की जा रही है। इसमें हल्दी के सक्रिय तत्व ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल घटकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे साइड इफेक्ट कम रहने की संभावना जताई जा रही है। शोध पूरा होने पर इसका पेटेंट कराया जाएगा। जानें… क्या है नैनो-जैल तकनीक शोध के तहत विकसित की जा रही जैल नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को लक्षित कर दवा के प्रभाव को प्रभावित हिस्से तक केंद्रित करना है। शोधकर्ताओं के अनुसार वर्तमान उपचार में दवाओं की अधिक मात्रा और उनके व्यापक प्रभाव से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। नैनो-जैल तकनीक इस चुनौती को कम करने की दिशा में उपयोगी हो सकती है। हरियाणा में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के मामले हर साल लगभग 8 हजार से 10 हजार नए ब्रेस्ट कैंसर मामले सामने आने का अनुमान है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहरी क्षेत्रों में मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञ बदलती जीवनशैली, तनाव, खानपान और जागरूकता की कमी को प्रमुख कारण मानते हैं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी कई बार तीसरे या चौथे चरण में सामने आती है। हर्बल तत्वों पर फोकस, साइड इफेक्ट कम करने का प्रयास इस जैल में हल्दी से प्राप्त ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल तत्वों का उपयोग किया जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि हर्बल बेस होने के कारण इसके दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं। जैल को त्वचा पर लगाने योग्य रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि प्रभावित हिस्से पर सीधे उपयोग संभव हो सके।  

एंटी बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार अडिग: CM मान बोले- फैसला नहीं बदलेगा

चंडीगढ़. पंजाब सरकार द्वारा बेअदली के खिलाफ कानून लाया गया है। वहीं इस कानून के लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने 15 दिन अल्टीमेटम दिया था कि पंजाब सरकार इस कानून से उन प्रावधानों को हटाए जो गुरु ग्रंथ साहिब, खालसा पंथ और सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ है।   इसे लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर इस कानून को वापस नहीं लेगी और न ही इसमें कोई बदलाव किया जाएगा। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि पूरे पंथ को ये सख्त कानून मंजूर है पर सिर्फ एक खास परिवार को ये पसंद नहीं आया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लंबे समय से शरारती तत्व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं, लेकिन उचित और सख्त कानून नहीं होने के कारण वे बच निकलते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसा मजबूत कानून तैयार किया है जिसके तहत गुरु साहिब की बेअदबी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा। हाईकोर्ट में रद्द हुई याचिका संबोधन के दौरान सीएम ने एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत का भी जिक्र किया और बताया कि कांग्रेस और अकाली दल के बहकावे में आकर एक व्यक्ति ने इस सख्त कानून के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।हाईकोर्ट ने न केवल उस याचिका को रद्द किया, बल्कि याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को अब कोई भी चुनौती देकर रद्द नहीं करवा सकता, क्योंकि इसे सरकार द्वारा लागू करने के बाद राज्यपाल ने भी अपनी मंजूरी दे दी है।