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चेन्नई सुपर किंग्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स हेड टू हेड रिकॉर्ड और मैच एनालिसिस

चेन्नई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 53वें मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से होगा। CSK ने इस संस्करण 10 मुकाबले खेले हैं। 5 मैच में उसे जीत और इतने ही मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, LSG ने भी 10 मैच खेले हैं। टीम 3 मुकाबले ही जीत पाई है और उसे 7 मैचों में हार मिली है। ऐसे में आइए मुकाबले से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रही है कांटे की टक्कर IPL में दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मुकाबले हुए हैं। CSK को 2 मैच में जीत मिली है। LSG ने 3 मुकाबले अपने नाम किए हैं। एक मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। IPL 2025 में दोनों टीमें आखिरी बार भिड़ी थी। उस मैच में CSK को 5 विकेट से जीत मिली थी। IPL 2024 में हुए दोनों मुकाबलों में LSG ने जीत दर्ज की थी। ऐसी हो सकती है CSK की प्लेइंग इलेवन CSK को अपने पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ 8 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेंगे। संजू सैमसन अच्छे फॉर्म में चल रहे हैं। ऐसे में उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: संजू सैमसन (विकेटकीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, जेमी ओवरटन, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी और गुरजपनीत सिंह। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है LSG LSG ने पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की थी। ऐसे में वह CSK के खिलाफ उसी फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे। मिचेल मार्श और निकोलस पूरन से एक बार फिर ताबड़तोड़ पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में प्रिंस यादव बेहतर करना चाहेंगे। संभावित एकादश: मिचेल मार्श, अर्शिन कुलकर्णी, निकोलस पूरन, एडेन मार्करम, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शाहबाज अहमद, दिग्वेश सिंह राठी, मोहम्मद शमी और प्रिंस यादव। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर LSG: मयंक यादव, मुकुल चौधरी, अब्दुल समद, मणिमारन सिद्धार्थ और आवेश खान। CSK: शिवम दुबे, प्रशांत वीर, मैथ्यू शॉर्ट, आकाश मधवाल और सरफराज खान। कैसा रहेगा पिच का मिजाज? चेन्नई की पिच लाल मिट्‌टी से बनी है जो आमतौर पर स्पिनरों को मदद करती है। हालांकि, शुरुआती कुछ ओवरों में तेज गेंदबाजों को फायदा मिलता है। यहां की विकेट अमूमन सूखी और सख्त होती है जो मैच आगे बढ़ने के साथ और खराब होती जाती है। बल्लेबाजों को बड़े-बड़े शॉट्स लगाने के लिए नजरें जमाने होती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में यहां पर पहली पारी का औसत स्कोर 165 रन है। ऐसा रहेगा चेन्नई का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 10 मई को चेन्नई का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 28 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश होने की 55 प्रतिशत संभावना है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर CSK के लिए सैमसन ने पिछले 10 मैचों में 167.5 की स्ट्राइक रेट से 402 रन बनाए हैं। गायकवाड़ के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 251 रन निकले हैं। LSG के लिए मार्श ने पिछले 10 मैच में 152.91 की स्ट्राइक रेट से 367 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में कंबोज ने पिछले 10 मैच में 8.92 की इकॉनमी से 17 विकेट लिए हैं। LSG से प्रिंस ने पिछले 10 मैचों में 8.08 की इकॉनमी से 16 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? MI और CSK के बीच यह मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

यूपी में बूथ सत्यापन अभियान शुरू, दो हजार कार्यकर्ता मैदान में उतरे

 लखनऊ  बंगाल, असम और पुडुचेरी में प्रचंड जीत के बाद यूपी का चुनावी पारा चढ़ गया है। आत्मविश्वास की लहर पर सवार भाजपा ने प्रदेश पर पूरा फोकस कर दिया है। मिशन-2027 को भेदने के लिए बूथ कमेटियों के सत्यापन, सामाजिक समीकरण और जीत-हार के कारकों पर 15 दिन में रिपोर्ट बनाने के लिए दो हजार अनुभवी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा गया है। उन्हें हर मंडल में दस दिन रहते हुए चुनावी धड़कन पकड़ना होगा गाजियाबाद, लखनऊ एवं कानपुर में बैठक कर पार्टी होमवर्क बना चुकी है। 12 मई को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन जिलाध्यक्षों के साथ लखनऊ में मीटिंग कर बूथ प्रबंधन को मथेंगे। 1981 मंडलों में बूथों सत्यापन के लिए पार्टी ने उतारे गए दो हजार कार्यकर्ता भाजपा ने प्रदेश के विधान सभा चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर बूथ प्रबंधन को बदले हुए तेवर के साथ जमीन पर उतारा है। प्रभारी रहते हुए वर्ष 2014 में अमित शाह ने विरोधी दलों को बूथ प्रबंधन के चक्रव्यूह में उलझाकर भाजपा को बड़ी जीत दिलाई। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भी माइक्रोमैनेजमेंट ने पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाया। 2019 लोकसभा एवं 2022 विधानसभा चुनाव में भी बूथों के राजनीतिक कौशल की भूमिका रही, लेकिन कमेटियों का भौतिक सत्यापन न होने से बाद में कई पदाधिकारी कागजों पर ही नजर आए। अब 2027 विधान सभा चुनाव से पहले पार्टी ने बूथ प्रबंधन का गियर नए सिरे से लगाया है। जातीय समीकरण, विपक्षी दलों की स्थिति व जीत-हार पर भी देनी होगी रिपोर्ट प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों के 1981 मंडलों में बूथ कमेटियों एवं शक्ति केंद्रों (जिसमें पांच से सात बूथ होते हैं) की जांच के लिए पार्टी ने दो हजार अनुभवी कार्यकर्ताओं को जिम्मा दिया है, जो 10 दिन में प्रदेश संगठन को रिपोर्ट देंगे। उन्हें न सिर्फ बूथ अध्यक्षों, बूथ प्रभारियों एवं शक्ति केंद्रों का भौतिक सत्यापन करना है, बल्कि विपक्षी दलों एवं मतदाता सूची की स्थिति, सामाजिक-राजनीतिक समीकरण, जीत-हार के फैक्टर एवं कार्यकर्ताओं की स्थिति पर जमीनी रिपोर्ट बनाकर देनी होगी। कार्यकर्ता चुनावी कील कांटे दुरुस्त करने उतरेंगे बूथ कमेटियों की रिपोर्ट तैयार होने के बीच योगी सरकार में छह नए मंत्रियों एवं प्रदेश और क्षेत्रीय इकाई घोषित करने की योजना है। लखनऊ में प्रदेश इकाई की जिलाध्यक्षों के साथ बैठक के बाद बूथों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज करते हुए कार्यकर्ता चुनावी कील कांटे दुरुस्त करने उतरेंगे। सालभर चले अभियानों की पड़ताल करने के साथ ही भाजपाइयों को हर विधानसभा सीट पर फीडबैक भी देना होगा।  

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती में “संध्या संवाद” से ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

लखनऊ  योगी सरकार के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के विजन को नई धार देने के लिए देवीपाटन मंडल में “संध्या संवाद कार्यक्रम” की शुरुआत शुक्रवार को श्रावस्ती से की गई। योगी सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रशासन को सीधे गांव-गांव तक ले जाने की इस पहल की शुरुआत श्रावस्ती की चयनित ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ से की गई। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया।  संध्या संवाद में मंडलायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, शिविर लगाकर दिया गया योजना का लाभ देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती दौरे के दौरान “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत चयनित ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ में प्रतिभाग कर ग्रामीणों से खुली चौपाल में सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत में एक दिवसीय विशेष शिविर भी आयोजित किया गया, जहां विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया गया। मंडलायुक्त ने बताया कि “संध्या संवाद कार्यक्रम” का उद्देश्य शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का है। इसी के तहत प्रशासनिक अधिकारी सीधे गांवों में पहुंचे और लोगों से संवाद किया। इससे न केवल लोगों का योगी सरकार पर विश्वास मजबूत होगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।  किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें अधिकारी मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती में कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई की।  इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल समाधान कराया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बाद  संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की। आयुक्त ने राहत एवं बचाव कार्यों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता और विभागों के बीच समन्वय की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सक्रिय और मजबूत रखी जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए  मंडलायुक्त ने कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं की भी सुनवाई की। कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने जीपीएफ, पेंशन और अन्य देयकों के लंबित भुगतान की शिकायत की, जिस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मालूम हो कि योगी सरकार लगातार वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर जोर दे रही है और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है। इसके बाद आयुक्त ने श्रावस्ती में चल रही विभिन्न निर्माणाधीन और नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच की। इस दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित कई परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कराया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को दी शुभकामनाएं

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सुवेंदु अधिकारी व सभी मंत्रियों को उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।  अब सिद्ध होगा 'सोनार बांग्ला' का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सुवेंदु अधिकारी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! ​पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं आप (सुवेंदु अधिकारी) के ऊर्जावान नेतृत्व में 'सोनार बांग्ला' का संकल्प सिद्ध होगा और प्रदेश सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं आर्थिक उत्थान के अमृतकाल में प्रवेश करेगा। मुख्यमंत्री ने लिखा कि ​आपका कार्यकाल बंगाल के जन-जन की आकांक्षाओं की पूर्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का स्वर्णिम अध्याय बने, माँ काली से यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित मंत्रियों को भी दी बधाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों को भी बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल में मंत्री पद की शपथ लेने वाले समस्त माननीय को भी हृदयतल से बधाई! पूर्ण विश्वास है कि आप सभी जन-सेवा को सर्वोपरि मानकर 'सोनार बांग्ला' के गौरव को पुनर्स्थापित करेंगे।  ​माँ काली की कृपा से आप सभी का कार्यकाल यशस्वी और लोक-कल्याणकारी हो।

किसी की लगी लॉटरी, किसी को लगा झटका! बिहार कैबिनेट विस्तार में दिखा बड़ा फेरबदल

पटना  बिहार में सम्राट का स्मार्ट मूव। कल तक जो मुख्यमंत्री के रेस में थे मंत्री तक नहीं बन पाए। सम्राट का 'स्मार्ट मूव' गांधी मैदान में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान दिखा। कई मंत्रियों को मिजाज के साथ-साथ विभाग भी बदल दिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार में विभागों का जब बंटवारा हुआ तो कई के तो लॉटरी लग गए, गर कई को तो जोर का झटका धीरे से लगा। बिहार में जिन मंत्रियों का विभाग बदला बीजेपी के कई मंत्रियों के विभाग बदल दिए गए। ये बदलाव विभाग में अपेक्षित कार्य नहीं करने के कारण नहीं लगा। ऐसा इसलिए कि तीन चार-माह में किसी का मूल्यांकन क्या हो सकता है। लेकिन जैसे पानी में पत्थर फेंक शांत तालाब में हलचल लाई जाती है वैसे ही विभाग को बदल कर आलाकमान ने साफ-साफ कह दिया कि यहां स्थाई कुछ नहीं होता, काम कर के दिखाना पड़ता है।     विजय सिन्हा: पिछले मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री रहे विजय कुमार सिन्हा को एक साथ कई विभाग मसलन राजस्व एवं भूमि सुधार के साथ-साथ खान एवं भूतत्व विभाग भी था। लेकिन इस बार विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग से संतोष करना पड़ा।     दिलीप जायसवाल: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के पास पिछली बार पथ निर्माण जैसा विभाग था, मगर इस बार उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग दिया गया।     रामकृपाल यादव: विभाग तो रामकृपाल यादव का बदल दिया गया है। रामकृपाल यादव के पास कृषि था, अब इन्हें सहकारिता दी गई है।     नीतीश मिश्रा: पिछले के पिछले मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। इस बार उन्हें नगर विकास विभाग मिला है। साथ में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिला है।     अरुण शंकर प्रसाद: पिछले मंत्रिमंडल में कला, संस्कृति एवं पर्यटन थे, उन्हें श्रम एवं प्रवासी कल्याण युवा विभाग दी गई है। बीजेपी में जिनका कद बढ़ा कुछ विधायक जो इस बार मंत्री बने हैं उन पर सम्राट चौधरी विशेष मेहरबान रहे हैं।     इंजीनियर शैलेन्द्र: पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल इंजीनियर शैलेन्द्र को मिला बड़े विभाग का तोहफा। इन्हें पथ निर्माण जैसा विभाग दिया गया है।     संजय टाइगर: इस बार उच्च शिक्षा विभाग देकर मान बढ़ाया है। साध ही विधि विभाग भी दिया गया है। इसके पहले संजय टाइगर को श्रम विभाग था।     श्रेयसी सिंह: इनका कद बढ़ाया गया है, इन्हें पहले खेल विभाग मिला था। इस बार इस विभाग के साथ ही इन्हें उद्योग भी मिला है।     प्रमोद चंद्रवंशी: पर्यावरण एवं वन खान एवं भूतत्व, कला एवं संस्कृति विभाग बिहार में पहली बार मंत्री बने     केदार गुप्ता: पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी दी गई।     रामचंद्र प्रसाद: पर्यावरण, वन्य एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मिला।     नंद किशोर राम: डेयरी, मतस्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री बना गए।

हल्दी से कैंसर पर वार! हरियाणा की यूनिवर्सिटी तैयार कर रही खास नैनो-जैल तकनीक

हिसार. महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर मामलों के बीच गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में हर्बल आधारित नैनो-जैल पर शोध शुरू किया गया है। फार्मास्युटिकल साइंसिज विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रेखा राव इस शोध के माध्यम से ऐसी जैल विकसित करने पर काम कर रही हैं, जो शुरुआती स्तर पर कैंसर कोशिकाओं की पहचान और लक्षित उपचार में सहायक हो सके। शोध में गुरुग्राम स्थित डीपीजी यूनिवर्स कालेज की डॉ. वर्षा भी सहयोग कर रही हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित यह जैल प्रभावित हिस्से पर सीधे काम करने के सिद्धांत पर विकसित की जा रही है। इसमें हल्दी के सक्रिय तत्व ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल घटकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे साइड इफेक्ट कम रहने की संभावना जताई जा रही है। शोध पूरा होने पर इसका पेटेंट कराया जाएगा। जानें… क्या है नैनो-जैल तकनीक शोध के तहत विकसित की जा रही जैल नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को लक्षित कर दवा के प्रभाव को प्रभावित हिस्से तक केंद्रित करना है। शोधकर्ताओं के अनुसार वर्तमान उपचार में दवाओं की अधिक मात्रा और उनके व्यापक प्रभाव से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। नैनो-जैल तकनीक इस चुनौती को कम करने की दिशा में उपयोगी हो सकती है। हरियाणा में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के मामले हर साल लगभग 8 हजार से 10 हजार नए ब्रेस्ट कैंसर मामले सामने आने का अनुमान है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहरी क्षेत्रों में मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञ बदलती जीवनशैली, तनाव, खानपान और जागरूकता की कमी को प्रमुख कारण मानते हैं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी कई बार तीसरे या चौथे चरण में सामने आती है। साइड इफेक्ट कम करने का प्रयास इस जैल में हल्दी से प्राप्त ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल तत्वों का उपयोग किया जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि हर्बल बेस होने के कारण इसके दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं। जैल को त्वचा पर लगाने योग्य रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि प्रभावित हिस्से पर सीधे उपयोग संभव हो सके।

RO-ARO भर्ती: OBC अभ्यर्थियों को 42% प्रतिनिधित्व, आयोग कोर्ट में रखेगा पक्ष

RO-ARO भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों को मिला 42% प्रतिनिधित्व, आयोग कोर्ट में रखेगा मजबूत पक्ष – 419 अभ्यर्थियों का हुआ था चयन, 176 ओबीसी वर्ग से चयनित – हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े समान मामले के आधार पर कोर्ट में पक्ष रखेगा यूपी लोक सेवा आयोग – चयनित अभ्यर्थियों को राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन शुरू – रिजल्ट के बाद एक दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थी कर चुके हैं ज्वाइन – त्रिस्तरीय प्रक्रिया के तहत हुई थी RO-ARO भर्ती परीक्षा – आयोग का दावा- आरक्षण नियमों के तहत हुई पूरी चयन प्रक्रिया – कोर्ट में भर्ती प्रक्रिया के समर्थन में मजबूती से रखा जाएगा पक्ष – RO-ARO भर्ती में सामाजिक न्याय और मेरिट दोनों का संतुलन – ओबीसी युवाओं की बढ़ी भागीदारी बनी चर्चा का केंद्र प्रयागराज/लखनऊ समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा-2023 में चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े समान मामले और उस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का गहन अध्ययन कर रहा है। आयोग का कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा केवल 'सूटेबिलिटी एग्जाम' होती है, जिसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, जबकि आरक्षण का अंतिम निर्धारण फाइनल चयन चरण में किया जाता है। आयोग के सचिव गिरिजेश त्यागी ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा स्तर पर आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही अंतरिम रोक दे चुका है और आयोग हाईकोर्ट में इन्हीं स्थापित कानूनी सिद्धांतों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा। 419 चयनितों में 176 ओबीसी अभ्यर्थियों का चयन आयोग द्वारा बताया गया कि 5 अप्रैल 2026 को घोषित अंतिम परिणाम में कुल 419 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें 176 अभ्यर्थीओबीसी वर्ग से हैं। यानी कुल चयन में ओबीसी वर्ग की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही, जबकि सामान्य वर्ग का प्रतिशत 28.16 रहा। आयोग का कहना है कि यह परिणाम पूरी तरह समावेशी चयन प्रक्रिया को दर्शाता है, जिसमें मेरिट और नियमबद्ध आरक्षण व्यवस्था दोनों का संतुलन सुनिश्चित किया गया। नियमों और विज्ञापन के अनुरूप हुई पूरी प्रक्रिया आयोग सचिव गिरिजेश त्यागी ने कहा कि RO-ARO भर्ती प्रक्रिया में आयोग ने विज्ञापन की शर्तों और 1994 तथा 1986 की स्थापित नियमावलियों का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय परीक्षा प्रणाली में प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग और उपयुक्तता तय करने के लिए होती है, जबकि अंतिम चयन मुख्य परीक्षा, टंकण परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाता है। ऐसे में फाइनल रिजल्ट में ओबीसी वर्ग को मिला 42 प्रतिशत प्रतिनिधित्व यह साबित करता है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सामाजिक न्याय के अनुरूप रही है। हाईकोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे हैं सवाल कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अंतिम चयन सूची को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिकाओं में आरक्षण और माइग्रेशन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि आयोग का कहना है कि अदालत में पूरी प्रक्रिया का कानूनी और तथ्यात्मक पक्ष विस्तार से रखा जाएगा। हरियाणा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर फोकस आयोग अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम आदेशों और कानूनी टिप्पणियों को अपने पक्ष के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है। आयोग का मानना है कि आरक्षण और माइग्रेशन से जुड़े मुद्दों पर सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट संकेत दे चुका है कि प्रारंभिक परीक्षा स्तर पर आरक्षण लागू करने के प्रश्न पर विस्तृत कानूनी परीक्षण आवश्यक है। इसी आधार पर आयोग हाईकोर्ट में यह पक्ष रखेगा कि पूरी चयन प्रक्रिया नियमबद्ध, पारदर्शी और स्थापित संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी या नुकसान न हो।

बिल्डरों पर ED का शिकंजा: चंडीगढ़ और मोहाली में लंबी कार्रवाई से मचा हड़कंप

चंडीगढ़. मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कथित सीएलयू (चेंज आफ लैंड यूज) घोटाले और मनी लांड्रिंग मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की कार्रवाई करीब 40 घंटे बाद खत्म हुई। गुरुवार सुबह शुरू हुई रेड शुक्रवार देर रात तक चली। लगातार दो दिन चली इस कार्रवाई से रियल एस्टेट कारोबारियों और प्रॉपर्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा रहा। सूत्रों के अनुसार ईडी की टीमें दूसरे दिन भी अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और बिल्डरों, कंपनियों तथा कथित लायजनरों से जुड़े दफ्तरों और आवासों की तलाशी ली। मोहाली, न्यू चंडीगढ़ और चंडीगढ़ में कुल मिलाकर कई ठिकानों पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत खंगाले गए। जांच के घेरे में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट, आल्टस स्पेस बिल्डर्स, डीआर कंस्ट्रक्शन और कुछ अन्य रियल एस्टेट कंपनियां हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 21 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इसमें नकदी, प्रॉपर्टी दस्तावेज, बैंक रिकार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि मनी ट्रेल और निवेशकों से जुड़े लेनदेन की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके। जांच में सामने आया है कि न्यू चंडीगढ़ में बड़े रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीएलयू मंजूरियां हासिल की गईं। आरोप है कि जमीन मालिकों की सहमति के लिए फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे लगाए गए। इसी आधार पर बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिलाकर करोड़ों रुपये का निवेश जुटाया गया। पंजाब पुलिस ने इस मामले में 2022 और 2024 में एफआईआर दर्ज की थीं, जिनके आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग जांच शुरू की। सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियां अब उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं जो कथित तौर पर बिल्डरों और सरकारी दफ्तरों के बीच संपर्क का काम करते थे। कुछ लायजनरों से जुड़े परिसरों में भी लंबी पूछताछ हुई। कार्रवाई के दौरान कई अहम फाइलें और डिजिटल डेटा कब्जे में लिया गया है। उधर, जांच के बीच पंजाब सरकार ने खरड़ नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी सुखदेव सिंह का तबादला फिरोजपुर कर दिया। हालांकि सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक फैसला बताया है, लेकिन रेड के दौरान हुए इस तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। ईडी अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पश्चिम बंगाल की नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में शनिवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सुवेंदु अधिकारी को बधाई दी और उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। सीएम योगी ने सुवेंदु अधिकारी को मंच पर भगवा अंगवस्त्र भी पहनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, क्षुदीराम टुडू, निशीथ प्रमाणिक को भी बधाई दी। शपथ ग्रहण के पश्चात पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर सबके प्रति आभार प्रकट किया। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने एक जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवा अंगवस्त्र पहनाकर उनका बंगाल की धरा पर स्वागत किया था। इसके उपरांत उनके चरणों में शीश नवाकर अपनी श्रद्धा भी निवेदित की थी।

तमिलनाडु राजनीति में बदलाव: वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से विजय की पार्टी मजबूत

तमिलनाडु तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय के मुख्यमंत्री बनने और सरकार गठन का रास्ता शनिवार को पूरी तरह साफ हो गया है. वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने उनकी पार्टी टीवीके (TVK) को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है. दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं. इससे पहले विजय लगातार तीन दिनों तक राज्यपाल से मुलाकात के बावजूद सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन नहीं दिखा पाए थे. अब वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन के बाद विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन हो गया है. इसके साथ ही चार दिनों से जारी राजनीतिक असमंजस खत्म हो गया. विजय की पार्टी टीवीके ने विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपने और सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से आज शाम 6 बजे मुलाकात का समय मांगा था. हालांकि, टीवीके को आज राज्यपाल से मिलने का समय नहीं मिला. इससे पहले विजय ने दो बार राज्यपाल से मुलाकात की थी. लेकिन बहुमत के लिए विधायकों की संख्या पूरी नहीं होने के चलते उन्हें राज्यपाल की ओर सरकार गठन का न्योता नहीं मिला था. तमिलनाडु में TVK बनी सबसे बड़ी पार्टी दो साल पुरानी विजय की टीवीके ने इस चुनाव में डीएमके और एआईएडीएमके जैसी द्रविड़ राजनीति के धुरंधरों को पीछे छोड़ते हुए 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की. हालांकि, विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक छोड़नी होगी, इसलिए पार्टी के विधायकों की वास्तविक संख्या 107 है. डीएमके साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं. त​मिलनाडु चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस डीएमके से अलग होकर, टीवीके को समर्थन देने वाली पहली पार्टी बनी थी. वामदलों ने भी अपने चार विधायकों के साथ विजय को समर्थन देने का ऐलान किया है. अब वीसीके और आईयूएमएल के जुड़ने से टीवीके बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है. बता दें कि 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है. विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन टीवीके के 107, कांग्रेस के 5, वामदलों के 4 और वीसीके-आईयूएमएल के 2-2 विधायकों के समर्थन से विजय के पास अब 120 विधायकों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े से 2 ज्यादा है. वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन इस बात से नाराज थे कि विजय ने व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बजाय व्हाट्सऐप संदेश के जरिए समर्थन मांगा था. आईयूएमएल ने भी शुरुआत में सख्त रुख अपनाते हुए खुद को डीएमके के साथ बताया था. लेकिन शनिवार सुबह टीवीके नेताओं की वीसीके और आईयूएमएल नेतृत्व से मुलाकात के बाद स्थिति बदल गई. वीसीके ने भले ही बिना शर्त समर्थन दिया हो, लेकिन पार्टी नेता वन्नी अरसु ने स्थानीय मीडिया से कहा कि सरकार में शामिल होने को लेकर फैसला बाद में लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी चाहती है कि विजय द्वारा खाली की जाने वाली सीट से थोल थिरुमावलवन चुनाव लड़ें और आगे चलकर उपमुख्यमंत्री बनें.