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वोटर लिस्ट जांच को लेकर बड़ा अभियान, पंजाब-चंडीगढ़ में BLO करेंगे डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने का ऐलान किया है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं। SIR के तीसरी चरण के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि गलत, फर्जी या दोहराए गए नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे। इस मुद्दे पर नेता विपक्ष और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह ने कहा कि SIR के दौरान लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा- गांव उसी का बचता है, जिसका चौकीदार जागता है। ऐसा न हो कि बाद में पछताना पड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आखिरी दम तक अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी और SIR प्रक्रिया पर पूरी नजर रखेगी। पार्टी अपने वोटरों का ध्यान रखेगी और जिन लोगों की नई वोट बननी है, उनकी वोट भी बनवाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हर बूथ पर अपने बीएलए तैनात कर रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसी की वोट गलत तरीके से न काटी जा सके। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य?     पेंशनर पहचान पत्र     किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र     जन्म प्रमाणपत्र     पासपोर्ट     10वीं की मार्कशीट     स्थायी निवास प्रमाणपत्र     वन अधिकार प्रमाणपत्र     जाति प्रमाणपत्र     राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम     परिवार रजिस्टर में नाम     जमीन या मकान आवंटन पत्र     आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने BJP को घेरा, अपराध के मुद्दे पर साधा निशाना

चंडीगढ़  पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने अपराध के मुद्दे पर भाजपा शासित राज्यों को घेरते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि जिन राज्यों में लंबे समय से भाजपा की सरकार है, वहां अपराध तेजी से बढ़े हैं। चीमा कहा कि पंजाब में सख्त कार्रवाई और विशेष बलों के गठन के कारण अपराध की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में काफी नियंत्रित है। अपराध के आंकड़ों में दिल्ली सबसे ऊपर है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में अपराध दर 1602 अंक तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और चंडीगढ़ का भी उन्होंने जिक्र किया। चीमा ने कहा कि पंजाब में अपराध दर 227.1 अंक बताई गई है, जो अन्य कई राज्यों की तुलना में काफी कम है। वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए अलग-अलग विशेष बल तैयार किए हैं और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंजाब में लोगों को सुरक्षित माहौल देना है। चंडीगढ़ मेें बढ़ने लगा अपराध हरपाल चीमा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां भी भाजपा जाती है, वहां कानून व्यवस्था खराब होने लगती है। उन्होंने चंडीगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले लोग यहां केवल यातायात नियमों को लेकर सतर्क रहते थे, लेकिन अब यहां हत्या जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने गायक दिलजीत दोसांझ से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। चीमा ने आरोप लगाया कि पहले भाजपा की ओर से उन्हें अपने साथ जोड़ने की कोशिश की गई और अब उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिलजीत दोसांझ के प्रबंधक के घर पर हमला कर डराने की कोशिश की गई। चीमा ने इसे पंजाब विरोधी सोच बताया। लॉरेंस के मुद्दे पर भाजपा को घेरा वित्त मंत्री ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि लॉरेंस गुजरात की जेल में बंद है, लेकिन अलग-अलग राज्यों को जांच के लिए उसकी जरूरत होने के बावजूद उसे सुरक्षित रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके नाम का इस्तेमाल कर विभिन्न राज्यों में लोगों को डराने का माहौल बनाया जा रहा है। ईवीएम के बजाय मतपत्र से चुनाव कराने की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में हरपाल चीमा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास उम्मीदवार नहीं हैं, इसलिए वे इस तरह के आरोप लगाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव से फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने की मुलाकात

बिलासपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव से आज 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली सफलता पर टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। हैदराबाद में आयोजित 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया।  साव से मुलाकात के दौरान टीम की मैनेजर एवं नेटबॉल संघ के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

Team India Squad: श्रीलंका टूर के लिए नई टीम घोषित, वैभव की एंट्री और तिलक को मिली कमान

 नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जून 2026 में श्रीलंका में होने वाली ट्राई नेशन वनडे सीरीज के लिए इंड‍िया ए (India A) टीम की घोषणा कर दी है. सेलेक्शन कमेटी ने युवा खिलाड़ियों से भरी 15 सदस्यीय टीम चुनी है, जिसकी कप्तानी तिलक वर्मा को सौंपी गई है।  वहीं रियान पराग को उपकप्तान बनाया गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस टीम में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भी मौका मिला है. इसके अलावा पंजाब किंग्स के आत‍िशी बल्लेबाज प्र‍ियांश आर्य को भी टीम में मौका दिया गया है।  इस ट्राई सीरीज में  इंड‍िया  A के अलावा श्रीलंका A और अफगानिस्तान A की टीमें हिस्सा लेंगी. सीमित ओवरों की यह सीरीज दांबुला में खेली जाएगी. इसके बाद इंड‍िया  A टीम श्रीलंका A के खिलाफ दो मल्टी-डे मुकाबले भी खेलेगी. रेड बॉल सीरीज के लिए अलग टीम का ऐलान बाद में किया जाएगा. मल्टी-डे मैच गॉल में आयोजित होंगे।  इंड‍िया  टीम में कई ऐसे युवा खिलाड़ियों को जगह मिली है, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट और IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है. वैभव सर्यूवंशी, प्रियांश आर्य, आयुष बदोनी, निशांत सिंधु और हर्ष दुबे जैसे नाम टीम में शामिल हैं. विकेटकीपर के तौर पर प्रभसिमरन सिंह और कुमार कुशाग्र को चुना गया है।  गेंदबाजी विभाग में यश ठाकुर, युद्धवीर सिंह, अंशुल कंबोज और अरशद खान को मौका मिला है. वहीं ऑलराउंडर विकल्प के तौर पर रियान पराग, निशांत सिंधु, हर्ष दुबे और विपराज निगम टीम को संतुलन देंगे।  वैभव को क्यों मिला इंड‍िया ए टीम में मौका ?  दरअसल, वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में जबरदस्त प्रभाव छोड़ा है. राजस्थान रॉयल्स  (Rajasthan Royals) के लिए खेलते हुए उन्होंने अब तक 11 मैचों में 440 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वाधिक स्कोर 103 रहा. इस दौरान उनका एवरेज 40.00 और स्ट्राइक रेट 236.55 रहा, जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी को साफ दिखाता है. उन्होंने 11 पारियों में 1 शतक और 2 अर्धशतक लगाए, 186 गेंदों का सामना किया और 38 चौके तथा 40 छक्के जड़े, जो उन्हें टूर्नामेंट के सबसे आक्रामक युवा बल्लेबाजों में शामिल करता है।  वैभव की कहानी पहले ही सुर्खियां बटोर चुकी है. आईपीएल 2025 ऑक्शन में मात्र 13 साल की उम्र में वह आईपीएल अनुबंध पाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे, जब राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था।  इससे पहले वह भारत अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ चार दिवसीय मैच में 58 गेंदों पर शतक जड़ा था. 2024 एसीसी अंडर-19 एशिया कप में भी उन्होंने 176 रन बनाए थे और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा रणधीर वर्मा टूर्नामेंट में उन्होंने नाबाद 332 रनों की तिहरी शतकीय पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा पहले ही मनवा दिया था।  अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले में  वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ केवल 80 गेंदों में धुआंधार 175 रन बनाए थे。 इस ऐतिहासिक पारी में उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के जड़े थे, जिसकी मदद से भारत ने यह टूर्नामेंट जीत लिया था।  इंड‍िया ए स्क्वॉड: तिलक वर्मा (कप्तान), प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग (उपकप्तान), आयुष बदोनी, निशांत सिंधु, हर्ष दुबे, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), विपराज निगम, यश ठाकुर, युद्धवीर सिंह, अंशुल कंबोज, अरशद खान।  ट्राई सीरीज का पूरा शेड्यूल 9 जून 2026 – इंड‍िया  A vs श्रीलंका A 11 जून 2026 – इंड‍िया  A vs अफगानिस्तान A 13 जून 2026 – अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 15 जून 2026 – इंड‍िया  A vs श्रीलंका A 17 जून 2026 – इंड‍िया  A vs अफगानिस्तान A 19 जून 2026 – अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 21 जून 2026 – फाइनल मुकाबला यह दौरा कई युवा खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे खोल सकता है. सेलेक्टर्स की नजर खासतौर पर उन खिलाड़ियों पर रहेगी, जो दबाव वाले मुकाबलों में खुद को साबित कर पाएंगे. ऐसे में वैभव समेत तमाम ख‍िलाड़‍ियों के लिए यह दौरा बेहद अहम है।   

मुख्य सचिव ने की अहम योजनाओं की समीक्षा, डेटा आधारित मॉनिटरिंग पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, डेटा आधारित निगरानी पर जोर अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के निर्देश आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों के बुनियादी ढांचे में सुधार की प्राथमिकता रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों की जनोन्मुखी और महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अनुशंसाओं पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली और अधिकारियों को विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। डेटा आधारित निगरानी और सुशासन        मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने डेटा आधारित निगरानी प्रणाली (Data-driven Monitoring System) को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से क्षमता विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। शिक्षा और आंगनबाड़ी बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण       शिक्षा और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों की समस्या है, वहां प्राथमिक शालाओं के अतिरिक्त कक्षों में आंगनबाड़ी संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कलेक्टरों के साथ समन्वय करने को कहा। समग्र शिक्षा के तहत जिन स्कूलों में कमरों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा           बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आदिम जाति विकास, पर्यटन, ऊर्जा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार सहित स्कूल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन, और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा: छत्तीसगढ़ में मियावाकी तकनीक से तेजी से विकसित हो रहे वन

मियावकी वन तकनीक से हरित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम कम समय में घने जंगल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण को मिल रही नई दिशा  रायपुर              वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए मियावाकी तकनीक एक बेहद प्रभावी और लोकप्रिय विधि बन गई है। जापानी वनस्पतिशास्त्री डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित यह तकनीक केवल 2-3 वर्षों में बंजर भूमि को घने, आत्मनिर्भर सूक्ष्म वनों में बदल देती है। पारंपरिक वृक्षारोपण की तुलना में यह विधि 10 गुना तेजी से बढ़ती है और 30 गुना अधिक घने जंगल बनाती है, जो शहरी क्षेत्रों के लिए आदर्श है।          छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए मियावकी वन तकनीक तेजी से अपनाई जा रही है। राज्य में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा इस तकनीक के जरिए शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और खनन प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित की जा रही है। मियावकी पद्धति में स्थानीय प्रजातियों के पौधों को अधिक घनत्व में लगाया जाता है, जिससे मात्र 3 से 5 वर्षों में घना जंगल तैयार हो जाता है। राज्य में तेजी से बढ़ रहा सघन वनीकरण        छत्तीसगढ़ में वर्ष 2022 से मियावकी पद्धति के तहत लगातार वृक्षारोपण किया जा रहा है। वर्ष 2022 में कोटा मण्डल में एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से 1 हेक्टेयर क्षेत्र में 23 हजार पौधे तथा 0.3 हेक्टेयर में 7 हजार पौधे लगाए गए। वर्ष 2023 में कोटा के भिल्मी क्षेत्र में 6.4 हेक्टेयर भूमि पर 64 हजार पौधों का रोपण किया गया। वहीं गेवरा क्षेत्र में 2 हेक्टेयर भूमि पर 20 हजार पौधे लगाए गए। वर्ष 2024 में कोटा के उच्चभट्टी क्षेत्र में 3.2 हेक्टेयर में 32 हजार पौधे लगाए गए। इसके अलावा रायगढ़ मण्डल के तिलईपाली और छाल क्षेत्रों में कुल 3.75 हेक्टेयर भूमि पर 37 हजार 500 पौधों का सफल रोपण किया गया। वर्ष 2025 में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं जारी           वर्तमान में राज्य के कई क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्य तेजी से जारी है। बारनवापारा मण्डल में ‘हरियर छत्तीसगढ़’ योजना के तहत 6 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। कोरबा और रायगढ़ क्षेत्रों में साउथ इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के सहयोग से 4 हेक्टेयर क्षेत्र में 40 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। वहीं विशेष परियोजनाओं के अंतर्गत महानदीकोलफील्ड लिमिटेड द्वारा 1.9 हेक्टेयर भूमि पर 64 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही अरपा नदी के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर हरित क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण में मिल रहे बहुआयामी लाभ          विशेषज्ञों के अनुसार मियावकी वन सामान्य जंगलों की तुलना में अधिक कार्बन अवशोषित करते हैं। इससे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। यह तकनीक वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने, भू-जल स्तर सुधारने और मिट्टी संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन वनों की शुरुआती वर्षों में देखभाल की जाती है, जिसके बाद ये जंगल स्वतः विकसित होने लगते हैं। इससे रखरखाव की लागत कम होती है और लंबे समय तक पर्यावरणीय लाभ मिलता है।  बंजर डंप क्षेत्र से हरित जंगल बनने की ओर गेवरा की प्रेरक पहल           छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए कोरबा जिले के गेवरा क्षेत्र के 12.45 हेक्टेयर डंप क्षेत्र में 33 हजार 935 मिश्रित प्रजातियों के पौधों का सफल रोपण किया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। जहां हरियाली संभव नहीं थी, वहां तैयार हो रहा जंगल         कोयला खनन के बाद डंप क्षेत्रों में उपजाऊ मिट्टी नीचे दब जाती है और ऊपर पत्थर, कोयला अवशेष तथा अनुपजाऊ मिट्टी रह जाती है। ऐसे क्षेत्रों में पौधों का उगना बेहद कठिन माना जाता है। लेकिन वैज्ञानिक पद्धति और सतत प्रयासों से इस बंजर भूमि को अब हरियाली में बदला जा रहा है। वैज्ञानिक तरीके से किया गया पौधारोपण          डंप क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट, नीमखली और डीएपी का उपयोग किया गया। जीपीएस सर्वे और सीमांकन के बाद व्यवस्थित गड्ढे तैयार किए गए तथा 3 से 4 फीट ऊंचाई वाले स्वस्थ पौधों का रोपण किया गया। इस क्षेत्र में नीम, शीशम, सिरस, कचनार, करंज, आंवला, बांस, महोगनी, महुआ और बेल जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इससे आने वाले समय में यह क्षेत्र पक्षियों और अन्य वन्य जीवों के लिए भी उपयुक्त आवास बन सकेगा। निरंतर देखभाल से मिल रही सफलता         शुरुआती 2-3 वर्षों की देखभाल के बाद, यह वन पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाता है और इसे किसी उर्वरक या पानी की आवश्यकता नहीं होती है। रोपण के बाद पौधों की नियमित सिंचाई, खाद, निंदाई-गुड़ाई, घास कटाई और सुरक्षा का कार्य लगातार किया जा रहा है। मृत पौधों का समय पर प्रतिस्थापन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। वर्ष 2025 से 2029 तक पांच वर्षों तक रखरखाव के बाद इस विकसित हरित क्षेत्र को साउथ इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड गेवरा को सौंपा जाएगा। हरित भविष्य की ओर मजबूत पहल        कम जगह में घने जंगल बनाकर शहरों में प्रदूषण (धूल और ध्वनि) को कम करने में सहायक होते हैं। ये वन पारंपरिक वनों की तुलना में 30 गुना अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं। गेवरा की यह पहल दर्शाती है कि सही योजना, वैज्ञानिक तकनीक और निरंतर प्रयासों से बंजर और पत्थरीली भूमि को भी घने जंगल में बदला जा सकता है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र सघन हरित वन और जैव विविधता से भरपूर मानव निर्मित जंगल के रूप में विकसित होगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।    धनंजय राठौर                             संयुक्त संचालक                         अशोक कुमार चंद्रवंशी                       सहायक जनसंपर्क … Read more

फेडरेशन कप नेटबॉल चैंपियनशिप के रजत पदक विजेताओं ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से की मुलाकात

उप मुख्यमंत्री अरुण साव से फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने की मुलाकात बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से आज 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली सफलता पर टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। हैदराबाद में आयोजित 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। साव से मुलाकात के दौरान टीम की मैनेजर एवं नेटबॉल संघ के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

पीएम सूर्य घर योजना से बदली अरूना की जिंदगी, अब सूरज की रोशनी से जगमगाता है घर

पीएम सूर्य घर योजना -अरूना के घर अब सूरज की रोशनी से रोशन, बिजली बिल की चिंता से मिली मुक्ति 3 किलोवाट के सोलर प्लांट ने बदली राजपुर निवासी अरूना की जिंदगी, बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश रायपुर   प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उठाकर कोई भी अपने घर में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित कर सकता है।  बढ़ती महंगाई के दौर में बिजली का भारी-भरकम बिल किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के लिए चिंता का विषय हो सकता है। लेकिन बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड की श्रीमती अरूना कश्यप ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को अपनाकर अरूना न केवल अपना बिजली बिल शून्य करने की ओर बढ़ रही हैं, बल्कि वे क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी एक मिसाल बन गई हैं। बढ़ते खर्चों के बीच सोलर बना सहारा       अरूनाकश्यप साझा करती हैं कि बढ़ती जरूरतों के साथ हर महीने आने वाला भारी बिजली बिल उनके घरेलू बजट को बिगाड़ देता था। वे कहती हैं, पहले बिजली का खर्च लगातार बढ़ रहा था, जिससे घर का तालमेल बिठाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन जब मुझे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और उस पर मिलने वाली केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी के बारे में पता चला, तो लगा कि यह हमारे लिए सबसे अच्छा समाधान है। 3 किलोवाट का प्लांट राहत की नई किरण        अरूना ने विभागीय सहयोग से अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगवाया है। शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह प्रक्रिया जटिल होगी, लेकिन शासन की सहायता और मार्गदर्शन से यह काम आसान हो गया। लगने के बाद बिजली बिल में भारी गिरावट आई है। अब घर के सभी जरूरी उपकरण बिना किसी तनाव के सौर ऊर्जा से चल रहे हैं। अरूना का मानना है कि सौर ऊर्जा न केवल पैसों की बचत है, बल्कि यह पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक बड़ा योगदान है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम           श्रीमती अरूना ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम है। सब्सिडी के प्रावधान ने इस तकनीक को आम आदमी की पहुँच में ला दिया है। श्रीमती अरूना कश्यप कहती हैं कि अगर हर घर सौर ऊर्जा अपनाए, तो न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि हमारा पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त रहेगा। योजना का लाभ        प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सोलर प्लांट की स्थापना पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। इससे आम नागरिक अपनी छत का उपयोग कर स्वयं बिजली पैदा कर सकते हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।

छत्तीसगढ़ की ज्ञानेश्वरी यादव ने बढ़ाया देश का मान, मुख्यमंत्री साय ने सराहा प्रदर्शन

रायपुर   राजनांदगांव की युवा वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए ज्ञानेश्वरी ने सिल्वर और कांस्य पदक अपने नाम कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रतियोगिता में स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 106 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 194 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके इस दमदार प्रदर्शन ने खेल जगत में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा को नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता पूरे प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो उपलब्धि हासिल की है, वह छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास के लिए गौरव का क्षण है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ज्ञानेश्वरी आने वाले समय में देश के लिए और भी बड़े कीर्तिमान स्थापित करेंगी। 

दिल्ली में CM-अमित शाह बैठक से सियासी हलचल तेज, क्या होने वाला है कैबिनेट विस्तार?

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के पहले से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। 17 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव अलग-अलग मंत्रियों से चर्चा करने वाले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेह हो गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद भाजपा कैबिनेट विस्तार पर फैसला ले सकती है। जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के बाद अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रहा है। इसके तहत कुछ मंत्रियों से इस्तीफा लेने की भी योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद विवादों में हैं, वहीं कुछ अन्य मंत्रियों का प्रदर्शन भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार से पहले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में सीएम समेत 31 पद भरे हुए है और चार पद खाली हैं और विस्तार से पहले चार मंत्रियों के इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है।  राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा  जानकारी के अनुसार इस बार कैबिनेट विस्तार में कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ महिला विधायकों को भी मौका दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर 17 मई को होने वाली बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुलाकात में पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत पर बधाई देने के साथ ही अन्य राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा करने की बात कही जा रही है। इससे पहले नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दो दिन पहले अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं।   केंद्रीय मंत्रियों से भी सीएम ने की मुलाकात  दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मध्यप्रदेश में शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी से सौजन्य भेंट की। वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू से भी मुलाकात कर प्रदेश में विमानन सुविधाओं और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के इस दिल्ली दौरे को प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार और केंद्र-राज्य समन्वय के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।