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जीरकपुर में दर्दनाक हादसा, मनाली-दिल्ली बस अनियंत्रित होकर पलटी; कई यात्री घायल

 जीरकपुर  जीरकपुर। जीरकपुर के छत लाइट चौक के पास वीरवार रेट देर रात 3:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। मनाली से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी एक निजी बस ट्रक की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। इस दुर्घटना में करीब 20 से 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को भी चोटें आई हैं। ऐसा हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब छत लाइट चौक के पास पहुंची तो उसी दौरान जीरकपुर से पटियाला की ओर जा रहे एक ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद बस चालक संतुलन खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना का सबसे दर्दनाक पहलू एक युवक के साथ सामने आया, जो बस पलटने के दौरान नीचे दब गया। बताया जा रहा है कि युवक की बाजू बस के नीचे आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और गंभीर रूप से कट गई। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क सुरक्षा के छह कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। हादसे के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। बस सड़क के बीचों-बीच पलटी होने के कारण करीब दो घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मौके पर पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सीधा किया गया और सड़क किनारे हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हादसे में बस के अलावा दो ट्रकों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

यूपी सरकार का बड़ा तोहफा! गन्ना किसानों को मिला 3.21 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा भुगतान

उत्तर प्रदेश ने गन्ना किसानों को किया 3.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान  सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य है उत्तर प्रदेश, गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में भी शीर्ष पर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्यों की दरों में 30 रुपये प्रति कुंतल की ऐतिहासिक वृद्धि भी की  प्रदेश में लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का आधार बना गन्ना विकास विभाग प्रदेश की चीनी मिलों में 1,28,500 टी.सी.डी. की अतिरिक्त पेराई क्षमता का हुआ सृजन, 9 वर्ष में लगभग 6,924 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश हुआ ई-गन्ना ऐप एवं डिजिटल सेवाओं से 48 लाख गन्ना किसानों को घर बैठे सभी सुविधाएं हुईं सुलभ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पहले दिन से ही किसानों के हित में कार्य कर रही है। अपने पहले फैसले में किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्जमाफी करने वाली योगी सरकार के निर्देश पर किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों, पारदर्शी व तकनीक आधारित व्यवस्था ने गन्ना किसानों को वर्ष 2017 से अब तक कुल 3,21,963 करोड़ का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराकर इतिहास रचा है। भुगतान की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त हो गई। गन्ना एवं चीनी उद्योग अब प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। योगी सरकार किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,21,963 करोड़ रुपये का भुगतान किया गन्ना किसानों को समय से भुगतान करने में योगी सरकार की नीति पूर्व की सरकारों पर भारी पड़ी। 2007 से 2012 में गन्ना किसानों को 52,131 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 2012 से 2017 में 95,215 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,21,963 करोड़ रुपये का भुगतान किया। योगी सरकार की अभिनव पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है।  48 लाख गन्ना किसान परिवारों को दी आर्थिक मजबूती  योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि भी की। अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपये व सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त हुआ है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई। समय से भुगतान होने से प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में गन्ना विकास विभाग का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता 10.21 प्रतिशत  यूपी के गन्ना क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2025-26 में 29.51 लाख हेक्टेयर में गन्ना की खेती की गई। योगी सरकार के प्रयास से उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी गन्ना उत्पादक राज्य बना है। उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें संचालित हैं। उप्र राज्य चीनी निगम की 3, उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ की 23 व निजी क्षेत्र की 95 चीनी मिलों द्वारा 877.93 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया है। पिछले पेराई सत्र में औसत चीनी परता उत्तर प्रदेश का 10.21 प्रतिशत रहा, जबकि महाराष्ट्र का चीनी परता 9.49 प्रतिशत है।  10 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित  प्रदेश में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार, नई चीनी मिलों की स्थापना तथा मिलों की पेराई क्षमता में 1,28,500 टी.सी.डी. वृद्धि से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। मिलों के आधुनिकीकरण व औद्योगिक पुनरुद्धार से 10 लाख से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। विगत 9 वर्ष से लगभग 6924 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश किया गया है। एथेनॉल उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार के प्रयासों से राज्य में एथेनॉल उत्पादन 188 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है।  गन्ना किसानों की समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री 1800-121-3203 एक्टिव गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है। ई-गन्ना ऐप, ऑनलाइन सर्वे, पारदर्शी पर्ची वितरण एवं शिकायत निवारण प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों को बड़ी राहत व सुविधा प्रदान की है। आज लाखों किसान मोबाइल के माध्यम से घर बैठे गन्ना संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर टोल-फ्री कॉल सेन्टर नम्बर 1800-121-3203 की स्थापना की गयी है, जो 24 घण्टे संचालित है।

मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी की खिलाड़ी का FIE Women’s Épée World Cup 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन

भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी, भोपाल की प्रतिभाशाली खिलाड़ी खुशी दाभाडे का चयन प्रतिष्ठित FIE Women’s Épée World Cup के लिए भारतीय टीम में किया गया है। यह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता 22 से 24 मई 2026 तक फ्रांस में आयोजित होगी। पूरे देश से केवल चार खिलाड़ियों का चयन इस प्रतियोगिता के लिए किया गया है, जिनमें मध्यप्रदेश की खिलाड़ी खुशी दाभाडे का नाम शामिल होना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता को दर्शाती है, बल्कि मध्यप्रदेश में विकसित हो रही मजबूत खेल संस्कृति और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का भी प्रमाण है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगा मध्यप्रदेश का दम खुशी दाभाडे ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण के दम पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी, भोपाल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही खुशी लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करती रही हैं, जिसके आधार पर उनका चयन भारतीय टीम में किया गया है। अब वे फ्रांस में आयोजित इस प्रतिष्ठित विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। यह अवसर किसी भी खिलाड़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और खुशी के लिए यह उनके खेल कॅरियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। संघर्ष, समर्पण और मेहनत की प्रेरणादायक कहानी साधारण परिवार से आने वाली खुशी दाभाडे की सफलता हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी माता एक नर्स के रूप में कार्यरत हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने खुशी के सपनों को पूरा करने में हर संभव सहयोग दिया। कठिन परिस्थितियों के बीच भी खुशी ने अपने लक्ष्य से कभी ध्यान नहीं हटाया और लगातार मेहनत करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर तय किया। उनकी यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अकादमी की आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम मध्यप्रदेश राज्य फेंसिंग अकादमी, भोपाल में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, फिटनेस सपोर्ट और अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खुशी दाभाडे की यह सफलता अकादमी की सुदृढ़ प्रशिक्षण प्रणाली और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। प्रदेश के लिए गौरव एवं युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा खुशी दाभाडे का भारतीय टीम में चयन मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। उनकी उपलब्धि प्रदेश के उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। यह सफलता बताती है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियां प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने खुशी दाभाडे को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। राज्य शासन द्वारा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।     

मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्म डेस्टिनेशन, CM मोहन यादव के विजन का दिखने लगा असर

भोपाल   मध्यप्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक वैभव को अब वैश्विक मंच पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी विजन और नेतृत्व में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश तेजी से एक 'ग्लोबल फिल्मिंग हब' के रूप में स्थापित हो रहा है। इसी कड़ी में स्पेन के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस ‘कलर्स कम्युनिकेशन ग्रुप’ द्वारा निर्मित अंतर्राष्ट्रीय टेलीविजन सीरीज़ "रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड" की शूटिंग प्रदेश के विभिन्न पर्यटन अंचलों में हुई। इस गौरवशाली पहल से मध्यप्रदेश की अनूठी जीवन शैली और पर्यटन स्थलों का प्रदर्शन दुनिया के 80 से अधिक देशों में किया जाएगा, जिससे राज्य की पर्यटन संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई उड़ान मिलेगी। सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया की जनजातीय परंपरा का हुआ फिल्मांकन अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत छिंदवाड़ा जिले की नैसर्गिक सुंदरता और यहां की जीवंत जनजातीय संस्कृति ने स्पेनिश फिल्म क्रू को गहराई से प्रभावित किया है। टीम ने जिले के सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्र में प्रवास कर ग्रामीण जीवन, स्थानीय परंपराओं और पातालकोट की विशिष्ट जीवन शैली को कैमरे में कैद किया। विशेष रूप से पातालकोट में संपन्न जनजातीय विवाह की पारंपरिक रस्मों और प्राकृतिक सौंदर्य का फिल्मांकन किया गया है। स्पेनिश डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने धूसावानी होमस्टे में मिले आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि यदि कोई वास्तविक भारत की जड़ों को जानना चाहता है, तो उसे मध्यप्रदेश के इन गांवों का अनुभव अवश्य लेना चाहिए। स्पेन में हुए एमओयू के मिल रहे सुखद परिणाम यह महत्वपूर्ण उपलब्धि इसी वर्ष जनवरी-2026 में स्पेन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेले 'FITUR मैड्रिड 2026' के दौरान हुए रणनीतिक समझौतों और एमओयू (MoU) का सुखद परिणाम है। पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. और अपर प्रबंध संचालक अभय अरविंद बेडेकर के मार्गदर्शन में प्रदेश को एक 'फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन' के रूप में वैश्विक पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस सीरीज़ में न केवल ग्रामीण संस्कृति, बल्कि सांची स्तूप, भीमबेटका की गुफाएं, सतपुड़ा नेशनल पार्क और उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों को भी शामिल किया गया है, जो प्रदेश के बहुआयामी पर्यटन वैभव को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेंगी। मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्मिंग हब इस वैश्विक पहल से न केवल मध्यप्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, होमस्टे और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों को भी भारी प्रोत्साहन मिलेगा। कलेक्टर छिंदवाड़ा श्री हरेंद्र नारायन एवं जिला प्रशासन के समन्वय से संपन्न हुई यह शूटिंग राज्य को विश्व सिनेमा के मानचित्र पर एक जीवंत और सांस्कृतिक कैनवास के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शूटिंग के लिए आवश्यक अनुमति, लॉजिस्टिक सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था और ऑन-ग्राउंड समन्वय उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल राज्य को “फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश ने फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बॉलीवुड फिल्मों, वेब सीरीज़ और अंतर्राष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स के लिए प्रदेश लगातार पसंदीदा लोकेशन बन रहा है। इससे न केवल राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग मजबूत हो रही है, बल्कि स्थानीय रोजगार, ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश आज केवल “टाइगर स्टेट” नहीं, बल्कि विश्व सिनेमा के लिए प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और अनुभवों से भरा एक जीवंत कैनवास बन चुका है।

राम मंदिर में 29 मई को होगा बड़ा आयोजन, 2000 महिलाओं की मौजूदगी से बनेगा खास माहौल

अयोध्या अयोध्या में स्थित राम मंदिर एक बार फिर ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है. आगामी 29 मई को राम मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होगा. इसमें देशभर से करीब 2000 महिलाएं भाग लेने आएंगी. इस विशेष आयोजन में प्रमुख रूप से साध्वी ऋतंभरा शामिल होंगी, जो राम मंदिर परिसर के परकोटे में स्थित दुर्गा मंदिर पर विधिवत ध्वजारोहण करेंगी. यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया जाएगा।  राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी महिलाओं, संतों और विभिन्न संगठनों की प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है. कार्यक्रम में शामिल होने वाली महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा के रूप में मंदिर परिसर पहुंचेंगी, जिससे पूरे आयोजन को सांस्कृतिक भव्यता भी मिलेगी. राम मंदिर ट्रस्ट इस आयोजन की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ है. सुरक्षा व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन, आवास और मंदिर परिसर की सजावट तक की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।  ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख लोगों और संत समाज को निमंत्रण भेजा जा रहा है. जानकारी के अनुसार राम मंदिर परिसर में बने 18 मंदिरों में क्रमश ध्वजारोहण कार्यक्रम चल रहा है. इसी श्रृंखला में परकोटे के भीतर स्थित दुर्गा मंदिर पर 29 मई को ध्वजारोहण किया जाएगा.धार्मिक मान्यता के अनुसार ध्वजारोहण को शक्ति, आस्था और विजय का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में साध्वी ऋतंभरा की मौजूदगी इस आयोजन को और अधिक विशेष बना रही है.रामनगरी अयोध्या में होने वाला यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक वातावरण को और मजबूत करेगा बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका और शक्ति को भी नई पहचान देने का प्रयास करेगा।  राम मंदिर ट्रस्ट के सहयोगी और विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि राम मंदिर परिसर में स्थित परकोटे के मंदिरों पर ध्वजारोहण का कार्य चल रहा है. 29 मई को मां दुर्गा के मंदिर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न होगा. इसकी तैयारी में राम मंदिर ट्रस्ट जुट चुका है. इस पूरे कार्यक्रम 2000 महिला शामिल होंगी. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी साध्वी ऋतंभरा होगी।  राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर के मुख्य शिखर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में ध्वजारोहण किया था. उसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया. फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया. अब राम मंदिर परिसर में राम मंदिर आंदोलन में अग्रिम भूमिका निभाने वाली साध्वी ऋतंभरा 29 तारीख को ध्वजारोहण करने आ रही हैं. 2000 महिलाओं को बैठने के लिए कुर्सियां लगाई जा रही हैं. एक भव्य मंच भी तैयार किया जा रहा है. इसके साथ ही राम भक्त अब राम मंदिर परिसर में स्थित सभी मठ मंदिरों में दर्शन पूजन कर रहे हैं. राम भक्तों को किसी प्रकार कोई दिक्कत ना हो इसको लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 

सारणी में 160 MVA पावर ट्रांसफार्मर हुआ ऊर्जीकृत, ऊर्जा मंत्री तोमर ने दी जानकारी

सारणी मे ऊर्जीकृत हुआ 160 एम वी ए का पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर 45 वर्षो तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने के बाद ट्रांसको का पावर ट्रांसफार्मर हुआ रिटायर भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था के इतिहास में एक भावुक और गौरवपूर्ण अध्याय उस समय जुड़ गया, जब एमपी ट्रांसको के बैतूल जिला स्थित सारणी 220 केवी सबस्टेशन में स्थापित 100 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगातार 45 वर्षों तक निर्बाध सेवाएं देने के बाद सम्मानपूर्वक रिटायर हुआ। मंत्री तोमर ने बताया कि उल्लेखनीय है कि सन 1978 मे निर्मित इस ट्रांसफार्मर की निर्धारित कार्य अवधि लगभग 25 वर्ष थी, किंतु मध्यप्रदेश विद्युत मंडल तथा बाद में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों की कुशल मेंटेनेंस, सटीक तकनीकी प्रबंधन और उत्कृष्ट कार्य दक्षता के कारण इसने लगभग दोगुनी अवधि तक विश्वसनीय सेवाएं दीं। इसके साथ ही पुराने 100 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर अब सारणी 220 केवी सबस्टेशन में 160 एमवीए क्षमता का अत्याधुनिक पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र की पारेषण क्षमता और विद्युत विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली पहुंचाने में रहा था अहम योगदान ऊर्जा मंत्री तोमर ने आगे जानकारी दी कि सारणी ताप विद्युत गृह से उत्पादित होने वाली बिजली को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक सुरक्षित एवं सतत रूप से पहुंचाने में इस ट्रांसफार्मर की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीते लगभग साढे चार दशकों में इस ट्रांसफार्मर ने न केवल प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती प्रदान की, बल्कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं सामाजिक विकास की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मौन आधार स्तंभ की तरह योगदान दिया। यह ट्रांसफार्मर प्रदेश की ऊर्जा अवसंरचना के विकास का साक्षी रहा है। बैतूल के साथ रेलवे ट्रैक्सन फीडर को मिलेगी विश्वसनीय बिजली एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस नये पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद 220 के वी सबस्टेशन सारणी की क्षमता बढकर 320 एम व्हीए की हो गई है। इससे विश्वसनीयता बढने के साथ तीन 132 के व्ही सबस्टेशनों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा रेलवे ट्रैक्सन घोड़ाड़ोंगरी के दोनों फीडर को भी गुणवत्ता पूर्ण विश्वसनीय सप्लाई उपलब्ध रहेगी। बैतूल जिले की क्षमता में वृद्धि शांडिल्य ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से बैतूल जिले की कुल स्थापित क्षमता 740 एमवीए से बढ़कर 800 एमवीए हो गई। एमपी ट्रांसको बैतूल जिले में अपने 220/132 केव्ही के तीन एवं 132/33 के व्ही के छह सब स्टेशन के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है।  

CM डॉ. यादव ने किया दिल्ली मेट्रो में सफर, PM मोदी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट संदेश को अपनाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो में किया सफर प्रधानमंत्री मोदी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग के आह्वान पर किया अमल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को दिल्ली प्रवास के दौरान मेट्रो ट्रेन से सफर कर मितव्ययता का उदाहरण प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि देश में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, प्रदूषण और वर्तमान वैश्विक संकट के दृष्टिगत भविष्य के लिए ईंधन की बचत और वर्तमान में की जा रही खपत को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो के अधिक उपयोग की अपील की है। इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो में यात्रा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आम यात्रियों के बीच रहकर सफर किया और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मेट्रो सफर की सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ ही प्रशासनिक क्षेत्र में काफी चर्चा रही। इसे एक प्रतीकात्मक और प्रभावशाली संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आम नागरिकों को भी यह प्रेरणा मिलती है कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकते हैं, तो सभी इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।  कार्बन उत्सर्जन में कमी और प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी उपयोगी है मेट्रो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेट्रो सफर के संदर्भ में कहा कि मेट्रो जैसे आधुनिक परिवहन साधन समय की बचत के साथ पर्यावरण-संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बड़े शहरों में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बेहद आवश्यक है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि भारत तेजी से आधुनिक और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां परिवहन व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली मेट्रो की व्यवस्था, समयबद्धता और यात्री सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश के अन्य शहरों में भी इस तरह की व्यवस्थाओं का विस्तार होना चाहिए। मध्यप्रदेश में भोपाल और इंदौर के पश्चात अन्य बड़े नगरों में मेट्रो ट्रेन सुविधा का विस्तार इसी सुविचारित योजना का हिस्सा है। हमारा देश स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन मोबिलिटी और स्मार्ट सिटी मिशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

वैश्विक मंच पर भारत का दम! प्रधानमंत्री मोदी की 5 देशों की अहम यात्रा आज से शुरू

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 15 मई से अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा शुरू कर रहे हैं। इस 5 दिवसीय दौरे (15-20 मई) के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस के बीच यह दौरा भारत के लिए रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। जानें क्या है दौरे का मुख्य एजेंडा? होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पीएम मोदी का प्राथमिक लक्ष्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को पुख्ता करना है। इस यात्रा में पारंपरिक ईंधनों के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन और न्यू टेक्नोलॉजी पर विशेष जोर रहेगा। सबसे पहले जायेंगे UAE दौरे के पहले दिन पीएम मोदी सबसे पहले अबू धाबी में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। जिसके बाद IOC और ADNOC के बीच LPG सप्लाई को लेकर रणनीतिक सहयोग होगा। भारत में Strategic Petroleum Reserve बनाने के लिए ISPRL और ADNOC के बीच अहम डील होने की उम्मीद है। वहीं UAE में रह रहे 45 लाख भारतीयों के हितों पर भी चर्चा होगी। यूरोप दौरा नीदरलैंड (16-17 मई): पीएम मोदी नीदरलैंड्स के पीएम रॉब जेटन के साथ सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन पर बात करेंगे। स्वीडन (17-18 मई): गोथेनबर्ग में स्वीडिश पीएम के साथ सप्लाई चेन और ग्रीन ट्रांजिशन पर चर्चा होगी। यहां पीएम मोदी 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को भी संबोधित करेंगे। नॉर्वे: 43 साल बाद ऐतिहासिक यात्रा 43 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे जा रहा है। 19 मई को ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे। यहां मुख्य फोकस ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) और आर्कटिक सहयोग पर रहेगा। इटली: दौरे का समापन 20 मई को यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी इटली पहुंचेंगे। वहां प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ रक्षा और व्यापार संबंधों पर द्विपक्षीय बातचीत के बाद वे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। जानें क्यों जरूरी है यह दौरा? जनवरी 2026 में भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद यह पीएम की पहली बड़ी यूरोप यात्रा है। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यात के लिए नए रास्ते खोलना और भारत को दुनिया के लिए एक भरोसेमंद 'सप्लाई चेन पार्टनर' के रूप में स्थापित करना है।

बिहार में ‘नीरा’ को बढ़ावा, समस्तीपुर में 157 बिक्री केंद्रों से मिलेगी प्राकृतिक ड्रिंक

 समस्तीपुर  जिले में नीरा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिले में एक व्यापक योजना बनायी गई है। इसके तहत कुल 5300 ताड़ पेड़ों की पहचान की गई है।मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और जीविका के संयुक्त प्रयास से इस सीजन में लगभग 17 लाख लीटर नीरा के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे जिले में 157 विक्रय केंद्रों के माध्यम से बेचा जाना है। इस पहल का उद्देश्य न केवल नीरा उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, बल्कि टैपर्स और ताड़ पेड़ मालिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। फिलहाल जिले में 25 स्थानों पर इसे खोल दिया गया है। पिछले वर्ष 11 लाख 22 हजार 122 लीटर नीरा का उत्पादन किया गया था। जानकारी के अनुसार, अप्रैल से जुलाई तक के ताड़ी उत्पादन सत्र के दौरान जिले के 561 टैपर्स को प्रति लीटर आठ रुपये की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभुकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। टैपर्स का सत्यापन जीविका के माध्यम से किया जाएगा, जिसके बाद विभाग द्वारा उन्हें आवश्यक लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। पिछले वर्ष 780 टैपर्स को जीविका द्वारा प्रशिक्षण दिया गया था। इसके माध्यम से 60 रुपये प्रति लीटर की दर पर नीरा को बेचा गया था। 157 नीरा बिक्री केंद्र किए जाएंगे स्थापित वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में जिले में 157 नीरा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें जीविका समूहों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। 60 रुपये लीटर या 10 रुपये ग्लास की दर से नीरा की बिक्री होगी। नीरा उत्पादन को और अधिक बढ़ावा देने के लिए ताड़ पेड़ मालिकों को भी प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार, प्रति लीटर नीरा पर उन्हें तीन रुपये की दर से अधिकतम दस पेड़ों तक लाभ दिया जाएगा। इस आधार पर एक पेड़ के लिए 585 रुपये तथा दस पेड़ों के लिए अधिकतम 5850 रुपये तक की राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि कोई टैपर एक साथ दस पेड़ों की टैपिंग करता है, तो उसे 15,600 रुपये की प्रोत्साहन राशि जीविका समूह द्वारा प्रदान की जाएगी। जिन टैपर्स के पास दस से कम पेड़ हैं, उन्हें भी उसी अनुपात में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही, चिह्नित पेड़ों की मार्किंग के लिए प्रति पेड़ 30 रुपये अलग से दिए जाएंगे।     यह योजना जिले में ताड़ी से जुड़े परंपरागत रोजगार को संरक्षित करने के साथ-साथ आर्थिक मजबूती देने की दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नीरा उत्पादन से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, और लोगों को स्वास्थ्यवर्द्धक पेय होने के कारण आम लोगों के बीच भी लोकप्रिय है। आलोक कुमार, फार्म प्रबंधक, जीविका समस्तीपुर

बेटे को जीत नहीं दिला सके राधाचरण, MLC चुनाव में JDU को मिली करारी हार

पटना  बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद हुए पहले उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को बड़ा झटका लगा है। भोजपुर बक्सर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद सीट पर लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी सोनू राय जीतकर एमएलसी बन गए हैं। उन्होंने एनडीए समर्थित जेडीयू कैंडिडेट कन्हैया प्रसाद को 350 से अधिक वोटों से हरा दिया। यह सीट पहले जेडीयू के पास थी, कन्हैया के पिता राधाचरण साह यहीं से एमएलसी थे। उनके विधायक बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिस पर उपचुनाव हुए। उपचुनाव में यह सीट आरजेडी ने जेडीयू से छीन ली है। भोजपुर बक्सर एमएलसी उपचुनाव में मुकाबला काफी रोचक रहा। जेडीयू के बागी मनोज उपाध्याय के मैदान में उतरने से एनडीए को नुकसान हुआ। सोनू कुमार राय को 2507 वोट मिले। जीत के लिए 2668 वोटों की जरूरत थी, लेकिन द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती खत्म होने के बाद बढ़त के आधार पर सोनू कुमार राय चुनाव जीत गए। बागी ने बिगाड़ा राधाचरण के बेटे का खेल जेडीयू के बागी उम्मीदवार मनोज उपाध्याय को उपचुनाव में 636 मत मिले। माना जा रहा है कि सामाजिक आधार पर यह वोट एनडीए का था। मनोज के बागी होकर चुनाव लड़ने से जेडीयू विधायक राधाचरण साह के बेटे कन्हैया प्रसाद को हार का सामना करना पड़ा। अन्य तीन उम्मीदवारों में प्रथम वरीयता के वोटों में सारण जिले के मढ़ौरा प्रखंड के निवासी लालू प्रसाद यादव को 30, निर्दलीय कन्हैया प्रसाद को 25 और निरंजन कुमार को 12 मत मिले थे। पहली वरीयता के मतों में आरजेडी को 340 वोट की बढ़त पहली वरीयता के मतों की गिनती में ही आरजेडी उम्मीदवार सोनू राय ने बढ़त हासिल कर ली थी। कुल पड़े 5956 मतों में से 621 मत रद्द कर दिए गए। 5335 वोट वैध करार दिए गए। इनमें से आरजेडी के सोनू राय को सर्वाधिक 2486 और जेडीयू कैंडिडेट कन्हैया प्रसाद को 2146 मत मिले। इस तरह 340 मतों से आरजेडी उम्मीदवार को निर्णायक बढ़त मिल गई। सोनू के पिता भी रह चुके हैं एमएलसी इस सीट से सोनू राय के पिता लालदास राय भी एमएलसी रह चुके हैं। उन्होंने भोजपुर-बक्सर निर्वाचन प्राधिकार क्षेत्र से 2003 में पहली बार आरजेडी के टिकट पर चुनाव जीता था। इस बार तेजस्वी यादव की पार्टी ने लालदास के बेटे सोनू राय को मैदान में उतारा और वह चुनाव जीतकर विधान परिषद पहुंच गए। RJD कार्यालय में जश्न का माहौल भोजपुर बक्सर एमएलसी उपचुनाव में आरजेडी प्रत्याशी सोनू कुमार की जीत पर गुरुवार को पटना स्थित प्रदेश पार्टी कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। आरजेडी नेताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाईं। आरजेडी नेताओं ने कहा कि लोगों ने प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भरोसा किया है। बधाई देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व केंद्रीय मंत्री मो. अली अशरफ अंसारी, शक्ति सिंह यादव, चितरंजन गगन और एजाज अहमद आदि शामिल हैं।