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काफिला छोटा करने के बाद CM का नया संदेश, पैदल पहुंचे सचिवालय

पटना  देश में पेट्रोलियम संकट और ईंधन बचत की बढ़ती जरूरत के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को एक बड़ा संदेश दिया।मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास से पैदल ही सचिवालय पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ के रूप में मनाने का फैसला लेते हुए सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया। तेज धूप के बावजूद उनके साथ सचिव व अन्‍य अधिकारी भी पैदल ही निकले। रास्‍ते में मुख्‍यमंत्री ने लोगों का अभ‍िवादन भी स्‍वीकार किया। मुख्यमंत्री के इस कदम को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।इससे पहले भी उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी थी और इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल शुरू किया था। पहले ही कर चुके हैं अपील मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही लोगों से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें तो बड़े स्तर पर ईंधन की बचत की जा सकती है।अब मुख्यमंत्री खुद उसी अपील पर अमल करते नजर आए। उनके पैदल सचिवालय पहुंचने की चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में होती रही। मंत्रियों पर भी दिख रहा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण संबंधी अपील का असर अब बिहार सरकार में भी दिखाई देने लगा है। कई मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटा दी है।कुछ मंत्री ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रहे हैं, जबकि कई जनप्रतिनिधि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। सरकार इसे जनभागीदारी के जरिए ऊर्जा संकट से निपटने की कोशिश के रूप में देख रही है।

शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का आज होगा शुभारंभ, राज्यमंत्री श्रीमती गौर करेंगी शुरुआत

राज्यमंत्री श्रीमती गौर आज करेंगी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. कुसमरिया भी होंगे शामिल 20 जिलों के 4000 ओबीसी युवाओं को सेना और पुलिस भर्ती के लिए मिलेगा 45 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शुक्रवार 15 मई 2026 को सुबह 11 बजे 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' का शुभारंभ करेंगी। अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और स्थानीय विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित रहेंगे। भोपाल, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए ये योजना विभाग द्वारा शुरू की गई है। यह योजना प्रदेश के 20 चयनित जिलों में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवाओं को भारतीय सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य अर्ध सैनिक बलों की भर्ती परीक्षाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना है। योजना में प्रदेश भर से चयनित 4000 प्रतिभागियों को जिला स्तर पर 45 दिनों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 100-100 के बैच में पुरुष और महिला वर्ग के युवाओं को अलग-अलग केंद्रों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद वैज्ञानिक और सघन बनाया गया है। इसमें कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिदिन 4 घंटे का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और 3 घंटे का शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निशुल्क आवास और भोजन के साथ स्टाइपेंड, अध्ययन सामग्री भी मिलेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि यह योजना युवाओं के लिए एक 'ऐतिहासिक सौगात' है, जो न केवल उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेगी बल्कि उनमें देश सेवा का जज्बा और अनुशासन भी पैदा करेगी।  

रायपुर के उत्तम साहू का कमाल, OSOA मंच पर चमकी छत्तीसगढ़ी टेराकोटा कला की विरासत

रायपुर. रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि युवा कलाकार उत्तम साहू का चयन राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहल “वन स्टेट वन आर्टिस्ट (OSOA)” के लिए किया गया, जहां उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध टेराकोटा कला का प्रतिनिधित्व किया. 1 से 9 मई 2026 तक नशाला, हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस विशेष पहल में देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित 38 युवा लोक और पारंपरिक कलाकारों ने भाग लिया. इस पहल का उद्देश्य भारत की पारंपरिक और लोक कला विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था. उत्तम साहू ने रायपुर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली टेराकोटा कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला परंपरा को देशभर के कलाकारों और दर्शकों तक पहुंचाया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के साथ कोलेबोरेटिव आर्टवर्कस तैयार किए और कला कार्यशालाओं, सांस्कृतिक संवाद और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई.   लोक कला ढोकरा का प्रदर्शन  इस राष्ट्रीय पहल में छत्तीसगढ़ से अन्य युवा कलाकारों का भी चयन हुआ, जिनमें सुरेंद्र सोनी ने प्रसिद्ध लोक कला ढोकरा का प्रतिनिधित्व किया. युवा आर्टिस्ट प्रकाश गर्ग द्वारा परिकल्पित OSOA का उद्देश्य भारत की लोक कला परंपराओं को युवाओं के माध्यम से नई पहचान देना और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर लाना है. पूर्ण रूप से प्रायोजित इस पहल ने युवा कलाकारों को अपनी लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने, अन्य राज्यों की कला शैलियों को समझने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया. उत्तम साहू का यह चयन और प्रतिनिधित्व रायपुर एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला परंपरा के लिए गर्व का विषय है. यह दर्शाता है कि राज्य के युवा कलाकार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं.

संघर्ष और समर्पण से रचा सफलता का नया अध्याय

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत संचालित म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में आयोजित “24वीं कुमार सुरेंद्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप 2026” के अंतर्गत आज 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन (वुमेन) स्पर्धा का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से आई महिला निशानेबाज़ों ने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, धैर्य एवं एकाग्रता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें अकादमी की युवा निशानेबाज़ों ने अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और सटीक निशानेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियाँ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रथा राठौड़ ने जीता स्वर्ण एवं रजत पदक 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन युथ महिला वर्ग में म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी कु. प्रथा राठौड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। इसके साथ ही उन्होंने जूनियर वर्ग में रजत पदक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वहीं सीनियर वर्ग में भी प्रथा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने संतुलित एवं प्रभावशाली निशानेबाजी का परिचय देते हुए अपनी तकनीकी दक्षता और मानसिक मजबूती साबित की। प्रार्थना सेन ने भी साधा पदक पर निशाना अकादमी की होनहार खिलाड़ी कु. प्रार्थना सेन ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए युथ वर्ग में रजत पदक अर्जित किया। इसके अतिरिक्त जूनियर वर्ग में उन्होंने पाँचवाँ स्थान प्राप्त कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता में उनके निरंतर प्रदर्शन और आत्मविश्वास ने दर्शकों एवं विशेषज्ञों को प्रभावित किया। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया उत्कृष्ट कौशल प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों, रेलवे, सेना एवं अन्य संस्थानों के खिलाड़ियों ने सहभागिता की। खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को रोमांचक बनाया। इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ खिलाड़ियों को बड़े मंचों के लिए तैयार करने के साथ युवाओं में शूटिंग खेल के प्रति रुचि एवं अनुशासन विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी लगातार खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, वैज्ञानिक कोचिंग एवं उत्कृष्ट मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर रही है। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई समस्त पदक विजेता खिलाड़ियों को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में प्रदेश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी नई उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।  

पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: सीएम

पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए निभानी होगी सामूहिक जिम्मेदारी: सीएम योगी टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: सीएम प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए: मुख्यमंत्री देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे: योगी आदित्यनाथ हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाने में सफल रहा विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं, सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देशवासियों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था, पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच उसी सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यह वैश्विक संकट है, जिसका असर ईंधन, खाद्य व उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे समय हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्पों को अपनाकर देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती दे। मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ के होटल ताज में टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। संकट के समय देशहित सर्वोपरि मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए ईंधन की बचत के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक व्हीकल और शटल बस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 15 लाख से अधिक गोवंश के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित करने की बात कही, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए। हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र के साथ खड़ा होकर अपना योगदान दे। उन्होंने अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए। देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे। बालिग होती पीढ़ी को सही जानकारी देना आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिग होती पीढ़ी को उत्तर प्रदेश के बारे में सही जानकारी देना आवश्यक है। 500 से 1500 वर्ष पूर्व तक भारत की विश्व अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44-45 प्रतिशत थी, कारण था जीवन के हर क्षेत्र में सामूहिकता, समन्वय और परस्पर सहयोग। भारत के पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ भूमि और जल संसाधन थे। विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की परंपरागत खेती होती थी। खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और हस्तशिल्प का भी उत्कृष्ट तंत्र विकसित था। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का जाल फैला हुआ था। भारतीय कारीगर और व्यापारी विश्व बाजार तक अपनी वस्तुओं को पहुंचाते थे। खेती, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन की व्यापक संभावनाओं के कारण भारत विश्व की आर्थिक महाशक्ति बना। आक्रमणों के बावजूद भारत अस्तित्व बचाने में सफल मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में आज जो आर्थिक समृद्धि दिखाई दे रही है, उसकी जड़ें मात्र 400-500 वर्ष पुरानी हैं, जबकि भारत में यह समृद्धि इससे बहुत पहले विद्यमान थी। लेकिन जब हमने अपने संसाधनों, ज्ञान और नवाचार पर विश्वास करना छोड़ दिया, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को उपेक्षित किया तो हम पिछड़ते गए। उस समय तीर्थयात्रा पर्यटन का प्रमुख रूप थी। केदारनाथ में जलाभिषेक के लिए रामेश्वरम का जल और रामेश्वरम में अभिषेक के लिए गंगोत्री का जल ले जाने की परंपरा उत्तर और दक्षिण को जोड़ती थी। द्वादश ज्योतिर्लिंग और चार धाम पूरे देश को एक सूत्र में बांधते थे। जीवन इस तरह व्यवस्थित था कि कोई किसी पर बोझ न बने। यही कारण था कि भारत विश्व गुरु बना। हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाए रखने में सफल रहा, जो दुनिया में कम  ही देखने को मिलता है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बना दिया था प्रश्न प्रदेश मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रश्न प्रदेश बना दिया गया था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था, व्यापारी पलायन कर रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे, त्योहारों के समय दंगे-फसाद होते थे, गुंडागर्दी और माफिया राज था। भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता चरम पर थी। बिजली, सड़क, सिंचाई और बाजार की कोई व्यवस्था नहीं थी। परंपरागत उद्यम बंद हो रहे थे। इसी निराशा और अराजकता के माहौल में 2017 में जनता ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को आशीर्वाद दिया। सरकार बनते ही हमने पहले एक महीने तक केवल मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ शाम छह बजे से रात बारह बजे तक बैठक की। हर विभाग का प्रेजेंटेशन लिया गया और कार्ययोजना तैयार की गई। खजाना खाली था, कर्मचारियों के वेतन के लिए भी पैसे नहीं थे, लेकिन हमने स्पष्ट नीति बनाई कि कोई भाई-भतीजावाद नहीं, कोई क्षेत्रवाद नहीं, कोई परिवारवाद नहीं। आज उत्तर प्रदेश में विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं है। सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास हो रहा है। सभी जगह एक समान बिजली पहुंच रही है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति सख्ती से लागू है। भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस है। बीमारू से भारत की विकास यात्रा का इंजन बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे में यूपी का हिस्सा देश का 60 प्रतिशत है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे बन चुके हैं। भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर (नोएडा) बनकर तैयार है और 15 जून से उड़ानें शुरू हो रही हैं। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही है। राष्ट्रीय जल मार्ग सक्रिय हैं। फोर-लेन सड़कों और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का जाल बिछा है। कृषि वृद्धि दर 8 से बढ़कर 18 … Read more

आम आदमी पर फिर बढ़ा बोझ, MP में पेट्रोल-डीजल महंगा; भोपाल-इंदौर के ताजा भाव जारी

भोपाल  विश्व संकट और ईरान-अमेरिका के बीच युद्द के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई है। लेकिन, अब इसका असर  भारत में भी दिखना शुरू हो गया है। दरअसल, आज यानी 15 मई से देशभर में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। पेट्रोल पर 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इंदोर और भोपाल में पेट्रोल व डीजल 3-3 रूपए मंहगा हुआ है। इसके चलते आमजनजीवन को एक बार फिर मंहगाई की मार झेलनी पड़ रही है। इंदौर और भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एमपी के भोपाल और इंदौर में भी पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। यहां 3-3 रूपए की कीमत से पेट्रोल और डीजल मंहगा हुआ है। इंदौर में पेट्रोल की कीमत ₹106.58 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹109.58 प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, डीजल की कीमत ₹91.97 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹94.97 प्रति लीटर की गई है। भोपाल में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.82 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, डीजल की कीमत 91.87 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 94.98 रुपये हो गई है। क्यों बढ़ रहे हैं दाम? ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन में आई बाधा को माना जा रहा है। कच्चा तेल (Crude Oil) महंगा होने की वजह से घरेलू तेल कंपनियों ने इस बढ़े हुए बोझ को उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है। 15 मई से लागू हुए इन दामों ने आम जनता के घर का बजट बिगाड़ दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी का सफर तय करते हैं।

सीएम योगी ने दिया आपदा में मौत पर 4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश

फसल और पशुधन नुकसान पर किसानों के साथ खड़ी योगी सरकार सीएम योगी ने दिया आपदा में मौत पर 4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश सीएम योगी के निर्देश पर प्रभारी मंत्री करेंगे प्रभावित परिवारों से मुलाकात जिलाधिकारियों को तत्काल सहायता पहुंचाने के सख्त निर्देश लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी: मुख्यमंत्री जनहानि और फसल नुकसान से प्रभावित परिवारों को तेजी से राहत पहुंचाने के निर्देश लखनऊ  उत्तर प्रदेश में आंधी, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि और फसल नुकसान के बीच योगी सरकार ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सीएम योगी ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को तत्काल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसानों, पशुपालकों और अन्य प्रभावित परिवारों को भी तेजी से राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। फसल का नुकसान उठाने वाले किसानों के लिए मुआवजे और पशुधन क्षति पर भी आर्थिक सहायता तय की गई है। राहत आयुक्त डाॅ0 हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों व अपर जिलाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खराब मौसम के कारण प्राकृतिक आपदा से हुई विभिन्न क्षतियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अधिकारी स्वयं प्रभावित परिवारों से मिलकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से निरंतर माॅनिटरिंग की जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी के उपरान्त राहत आयुक्त कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम द्वारा सचेत पोर्टल के माध्यम से आम जनमानस को 34 करोड़ 64 लाख रेड एवं ऑरेंज  चेतावनी संदेश भेजे गये हैं। कंट्रोल रूम को हाई एलर्ट पर रखते हुए प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता राशि की माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए गये हैं।  राहत आपदा हेल्प लाइन नम्बर 1070 पर काॅल आते ही तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि का शत प्रतिशत वितरण कराने हेतु निर्देशित किया।  फसल नुकसान पर मुआवजा तय योगी सरकार प्राकृतिक आपदा में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी। इसके अलावा 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह वर्षा सिंचित क्षेत्र में 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सुनिश्चित सिंचित क्षेत्र में 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तथा 12 माही फसलों और कृषि वानिकी के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि वाले किसानों को दी जाएगी। खेतों से गाद हटाने में भी आर्थिक मदद अतिवृष्टि के कारण खेतों में जमा गाद और मलबा हटाने के लिए भी योगी सरकार ने 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता देने का प्रावधान किया है। इससे प्रभावित किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वे कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए ताकि पात्र किसानों को समय पर राहत मिल सके। पशुपालकों को भी आर्थिक संबल योगी सरकार ने पशुपालकों को राहत देने के लिए भी व्यापक सहायता योजना लागू की है। दुधारू पशुओं जैसे गाय-भैंस की मृत्यु पर 37,500 रुपये तक सहायता दी जाएगी। बैल और घोड़े जैसे गैर दुधारू पशुओं के लिए 32 हजार रुपये तथा बछड़ा, गधा, खच्चर और टट्टू के लिए 20 हजार रुपये की सहायता तय की गई है। भेड़, बकरी और सुअर की क्षति पर भी 4 हजार रुपये प्रति पशु आर्थिक मदद दी जाएगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका को देखते हुए सरकार की यह पहल प्रभावित परिवारों को राहत देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राहत कार्यों की लगातार निगरानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रभावित जिलों में राहत वितरण की समीक्षा हो रही है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि आपदा से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को समय पर सहायता मिल सके और वो जल्द सामान्य स्थिति में लौट सकें।

LSG vs CSK Pitch Report: इकाना की धीमी पिच पर किसे मिलेगा फायदा?

लखनऊ लखनऊ सुपर जाएंट्स वर्सेस चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल 2026 का 59वां मैच आज यानी शुक्रवार, 15 मई को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। एलएसजी वर्सेस सीएसके मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -ऋषभ पंत और ऋतुराज गायकवाड़- आधा घंटा पहले यानी 7 बजे मैदान पर उतरेंगे। लखनऊ की टीम प्लेऑफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है, ऐसे में आज वह बेखौफ होकर खेलेंगे। हालांकि हर किसी की नजरें चेन्नई पर रहने वाली है। समय रहते सीएसके ने फॉर्म पकड़ ली है। आज का मैच जीतकर चेन्नई की नजरें टॉप-4 में जगह बनाने और प्लेऑफ की ओर एक और कदम बढ़ाने पर होगी। आईए एक नजर एलएसजी वर्सेस सीएसके पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- LSG vs CSK पिच रिपोर्ट लखनऊ वर्सेस चेन्नई मैच इकाना स्टेडियम की पिच नंबर 4 पर खेला जाएगा। यह पिच इस सीजन लो स्कोरिंग रही है। LSG को इस साल इस खास ट्रैक पर संघर्ष करना पड़ा है, उन मैचों में वे 141 और 119 रन पर आउट हो गए, और दोनों में हार का सामना करना पड़ा। उन मैचों में गिरे 30 विकेटों में से 23 विकेट फास्ट बॉलर्स ने लिए थे। 2024 से इस ट्रैक पर सभी IPL मैचों में, स्पिनर्स फास्ट बॉलर्स की तुलना में थोड़े ही ज्यादा इकॉनमी रेट वाले रहे हैं (स्पिनर्स के लिए 9.35 का इकॉनमी रेट बनाम फास्ट बॉलर्स के लिए 9.51)। इकाना स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 27 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 12 (44.44%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 14 (51.85%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 16 (59.26%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 10 (37.04%) बिना रिज़ल्ट वाले मैच- 1 (3.70%) हाईएस्ट स्कोर- 235/6 लोएस्ट स्कोर- 108 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 177/2 हर विकेट पर औसत रन- 27.48 हर ओवर पर औसत रन- 8.73 पहले बैटिंग करते हुए औसत स्कोर- 173.56 LSG vs CSK हेड टू हेड लखनऊ सुपर जाएंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स का आमना सामना आईपीएल के इतिहास में कुल 7 बार हुआ है, जिसमें दोनों टीमों ने 3-3 मैच जीते हैं, वहीं एक मुकाबले का नतीजा नहीं निकल पाया था। दोनों टीमों की यह इस सीजन की दूसरी भिड़ंत है, पहली बार में चेन्नई ने अपने घर पर लखनऊ को 5 विकेट से हराया था। LSG vs CSK स्क्वॉड लखनऊ सुपर जायंट्स स्क्वॉड: जोश इंग्लिस, मिशेल मार्श, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (विकेट कीपर/कप्तान), एडेन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, शाहबाज अहमद, हिम्मत सिंह, मोहम्मद शमी, आवेश खान, दिग्वेश सिंह राठी, प्रिंस यादव, मुकुल चौधरी, अब्दुल समद, मणिमारन सिद्धार्थ, मयंक यादव, जॉर्ज लिंडे, एनरिक नोर्त्जे, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, मोहसिन खान, अर्जुन तेंदुलकर, आयुष बडोनी, आकाश महाराज सिंह, अर्शिन कुलकर्णी, नमन तिवारी चेन्नई सुपर किंग्स स्क्वॉड: संजू सैमसन (विकेट कीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अकील होसेन, अंशुल कंबोज, नूर अहमद, मुकेश चौधरी, गुरजपनीत सिंह, मैथ्यू शॉर्ट, सरफराज खान, आकाश मधवाल, डियान फॉरेस्टर, एमएस धोनी, मैट हेनरी, श्रेयस गोपाल, राहुल चाहर, स्पेंसर जॉनसन, अमन खान, ज़कारी फाउल्केस, मैकनील नोरोन्हा

यूपी में AI क्रांति की शुरुआत! ‘AI For All’ पहल से युवा बनेंगे टेक्नोलॉजी में माहिर

योगी सरकार की ‘एआई फॉर ऑल’ पहल से प्रदेश के युवाओं को मिलेगा भविष्य की तकनीक का ज्ञान प्रदेशभर में मुफ्त एआई प्रशिक्षण अभियान तेज, हर नागरिक को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की तैयारी उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन चला रहा विशेष अभियान लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा ‘एआई फॉर ऑल’ पहल को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत हर नागरिक को निःशुल्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन इस अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। यह कार्यक्रम वैश्विक आईटी संस्था ओरेकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 अप्रैल 2026 को मुजफ्फरनगर में आयोजित वृहद रोजगार मेले के दौरान किया था। योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों तथा आम नागरिकों को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करना है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज वैश्विक स्तर पर रोजगार, उद्योग और कार्य संस्कृति में बड़ा बदलाव ला रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश का युवा तकनीकी रूप से सक्षम बने और नई संभावनाओं का लाभ उठाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गांव, कस्बों और शहरों तक इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस निःशुल्क प्रशिक्षण से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का फोकस केवल पारंपरिक रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। यही कारण है कि कौशल विकास के क्षेत्र में प्रदेश लगातार नई पहलें कर रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत ‘एआई फॉर यू: ट्रेनिंग एंड असेसमेंट’ नामक कोर्स लगभग तीन घंटे की अवधि का है, जिसे पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाता है तथा सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जो उनके करियर विकास में सहायक होगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि इस पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘एआई फॉर ऑल’ टैब के माध्यम से सरल प्रक्रिया में निःशुल्क पंजीकरण कर घर बैठे प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

जीरकपुर में दर्दनाक हादसा, मनाली-दिल्ली बस अनियंत्रित होकर पलटी; कई यात्री घायल

 जीरकपुर  जीरकपुर। जीरकपुर के छत लाइट चौक के पास वीरवार रेट देर रात 3:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। मनाली से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी एक निजी बस ट्रक की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। इस दुर्घटना में करीब 20 से 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को भी चोटें आई हैं। ऐसा हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब छत लाइट चौक के पास पहुंची तो उसी दौरान जीरकपुर से पटियाला की ओर जा रहे एक ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद बस चालक संतुलन खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना का सबसे दर्दनाक पहलू एक युवक के साथ सामने आया, जो बस पलटने के दौरान नीचे दब गया। बताया जा रहा है कि युवक की बाजू बस के नीचे आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और गंभीर रूप से कट गई। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क सुरक्षा के छह कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। हादसे के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। बस सड़क के बीचों-बीच पलटी होने के कारण करीब दो घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मौके पर पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सीधा किया गया और सड़क किनारे हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हादसे में बस के अलावा दो ट्रकों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।