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भीषण तापमान बना जानलेवा, छत्तीसगढ़ में सैकड़ों चमगादड़ों ने तोड़ा दम

कांकेर. छत्तीसगढ़ में आसमान से बरस रही आग से वन्यजीवों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है. कोरबा के बाद अब कांकेर जिले के सरोना गांव में हीट स्ट्रोक के कारण 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है. अब नौतपा में कांकेर में हीटवेव के अलर्ट ने चिंता बढ़ा दी है. जानकारी के मुताबिक, सरोना गांव में बड़ी संख्या में चमगादड़ों के मरने की घटना सामने आई है. ग्रामीणों के मुताबिक कई चमगादड़ पेड़ों से अचानक नीचे गिरने लगे और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई. रोजाना सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो रही है और 2 से 4 दिनों के भीतर करीब 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है. वही विशेषज्ञ इसे भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक का असर मान रहे हैं. लगातार बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ वन्यजीवों पर ही नहीं बल्कि इंसानों की सेहत पर भी पड़ रहा है. जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं. बता दें कि हाल ही में कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत नौकोनिया तालाब के आसपास लगे बड़े पेड़ों पर रहने वाले सैंकड़ों चमगादड़ रविवार को अचानक पेड़ों से सीधे जमीन पर गिरने लगे. एक साथ इतनी संख्या में चमगादड़ों की मौत से इलाके के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है.

पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

क्वाड बैठक में अमेरिका का बड़ा संदेश, मार्को रुबियो बोले- रूस-चीन भी नहीं चाहेंगे होर्मुज बंद हो

नई दिल्ली दिल्ली में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक शुरू हो गई. इस बैठक की शुरुआत में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और कहा कि क्वाड देशों के बीच साझा गतिविधियों और साझा चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की जा रही है. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में कई बड़े मौके और चुनौतियां सामने हैं, जिन पर मिलकर काम करने की जरूरत है।  वहीं इस बैठक में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हर हाल में खुला रहना चाहिए और रहेगा. उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जो कुछ हो रहा है, वह गैरकानूनी, अस्थिर और दुनिया के लिए अस्वीकार्य है।  माना जा रहा है कि बैठक का सबसे बड़ा फोकस चीन के बढ़ते प्रभाव और खासकर क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में उसके दबदबे को चुनौती देना होगा. दरअसल, पिछले साल क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स पहल शुरू की गई थी. अब इस बैठक में सप्लाई चेन को विविध बनाने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान हो सकता है. अमेरिका इस पहल की अगुवाई कर रहा है और माना जा रहा है कि QUAD देश मिलकर चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।  इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा होगी. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को देखते हुए क्वाड देश ऊर्जा सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति बना सकते हैं. इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, ट्रांसनेशनल क्राइम, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।  समुद्र, मिनरल्स और ऊर्जा… QUAD ने खोला नया मोर्चा, जयशंकर बोले- हुई बेहद अहम बैठक दिल्ली में हुई QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच बेहद ‘उपयोगी और उत्पादक’ चर्चा हुई है. भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसलों पर सहमति बनाई है।  इंडो-पैसिफिक में क्वाड की नई रणनीति, अमेरिका ने लॉन्च किया सर्विलांस प्लान दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह साझेदारी अब सिर्फ चर्चा का मंच नहीं रह गई है, बल्कि ‘फ़ोरम ऑफ एक्शन’ बन चुकी है. उन्होंने भारत को सफल मेज़बानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक में बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा हुई. रुबियो ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चारों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि QUAD देशों ने इंडो-पैसिफिक सर्विलांस लॉन्च करने का फैसला किया है. उनका कहना था कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र है, जहां से करीब 60 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है. ऐसे में समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।  रुबियो ने कहा कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है. माना जा रहा है कि इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक सप्लाई चेन को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि QUAD सिर्फ सदस्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।  इंडो-पैसिफिक पर क्वाड का फोकस, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर बनी रणनीति दिल्ली में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक खत्म होने के बाद भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने साझा बयान जारी किया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री मोटेगी ने बैठक को सकारात्मक और उपयोगी बताया।  इस बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि QUAD देशों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि चारों देशों ने सुरक्षित समुद्री व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।  जयशंकर ने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए सप्लाई चेन को मजबूत और भरोसेमंद बनाना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि QUAD देशों ने इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. विदेश मंत्री के मुताबिक बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, फर्टिलाइजर्स और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. माना जा रहा है कि चीन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक सप्लाई नेटवर्क तैयार करने को लेकर QUAD देशों के बीच रणनीतिक तालमेल और मजबूत हुआ है।   

दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र का आश्वासन, जिमखाना क्लब को बलपूर्वक खाली नहीं कराया जाएगा

 नई दिल्ली दिल्ली जिमखाना क्लब मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है. सरकार ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह प्रतिष्ठित दिल्ली जिमखाना क्लब की जगह पर जबरदस्ती कब्जा नहीं करेगी. अगर क्लब 5 जून तक जमीन खाली नहीं करता है, तो वह कानून के तहत सही प्रक्रिया का पालन करेगी।  सरकार ने यह बात क्लब की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कही, जिसमें क्लब के सदस्यों की तरफ से सरकार के आदेश को चुनौती दी थी. सरकार ने लुटियंस दिल्ली में 2, सफदरजंग रोड पर स्थित 27.3 एकड़ की संपत्ति को रक्षा और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए खाली करने का निर्देश दिया गया था।  केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि 5 जून की तारीख क्लब को सिर्फ इसलिए दी गई थी, जिससे वे अपनी मर्जी से जगह खाली कर सकें।  5 जून को जगह नहीं खाली हुई तो…? मेहता ने कहा, "हम कानून के मुताबिक ही कब्जा लेंगे. 5 जून वह तारीख है, जब हमने उन्हें अपनी मर्जी से जगह खाली करने का विकल्प दिया है।  तुषार मेहता ने कहा, "मान लीजिए अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो ऐसा नहीं होगा कि पुलिस तुरंत अंदर घुस जाएगी और जबरदस्ती कब्जा कर लेगी. सार्वजनिक जगहों से बेदखली के संबंध में कानून के तहत जो प्रक्रिया तय है, उसी का पालन किया जाएगा।  इसके बाद कोर्ट ने सवाल किया कि क्या वह केंद्र सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर ले सकती है, जिस पर मेहता ने 'हां' में जवाब दिया।  जमीन छिन जाने के बाद कहां चलेगा क्लब? सुनवाई के दौरान, अदालत ने याचिकाकर्ताओं (क्लब के सदस्य) से यह भी कहा, "भले ही जमीन ले ली जाए, आपकी सदस्यता बनी रहेगी. आप पट्टेदार नहीं हैं।  मेहता ने आगे कहा कि दिल्ली जिमखाना को उसके परिसर के लिए कोई वैकल्पिक जगह दी जाएगी। 

विराट बनाम रबाडा-राशिद! धर्मशाला में हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर फैंस में उत्साह

धर्मशाला  IPL 2026 का लीग चरण खत्म हो चुका है. अब बारी है उन मुकाबलों की, जहां एक गलती पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फेर सकती है. मंगलवार को धर्मशाला में जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटन्स (GT) आमने-सामने होंगे, तो दांव सिर्फ जीत का नहीं होगा. दांव होगा सीधे फाइनल में पहुंचने का।  दिलचस्प बात यह है कि दोनों टीमों ने लीग स्टेज 18-18 अंकों के साथ खत्म किया. फर्क सिर्फ नेट रन रेट का रहा, जिसने RCB को टॉप पर पहुंचा दिया. लेकिन अब अंक तालिका का कोई मतलब नहीं. अब सिर्फ 40 ओवर तय करेंगे कि IPL 2026 के फाइनल का पहला टिकट किसे मिलेगा।  RCB: बल्लेबाजी जिसने पूरे सीजन विपक्षियों को डराया अगर IPL 2026 में किसी टीम ने लगातार बड़े स्कोर खड़े कर विरोधियों पर दबाव बनाया है, तो वह RCB रही है।  विराट कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि उम्र सिर्फ आंकड़ा है. उनके अनुभव ने टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकाला, जबकि फिल सॉल्ट, रजत पाटीदार और मिडिल ऑर्डर की आक्रामक बल्लेबाजी ने कई मुकाबलों को एकतरफा बना दिया।  RCB की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ उसके स्टार खिलाड़ी नहीं, बल्कि उसकी बल्लेबाजी की गहराई है. ऊपर के बल्लेबाज आउट भी हो जाएं तो नीचे रन बनाने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं. यही वजह रही कि टीम ने कई बार 200 का आंकड़ा पार किया।  सबसे अहम बात यह कि पिछले सीजन की तुलना में इस बार RCB की गेंदबाजी भी भरोसेमंद नजर आई. जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने नई गेंद से लगातार विकेट निकाले और बल्लेबाजों के लिए काम आसान कर दिया।  GT: गेंदबाजी जिसने मैचों को स्क्रिप्ट की तरह कंट्रोल किया दूसरी तरफ गुजरात टाइटन्स की कहानी बिल्कुल अलग है।  शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर ने बल्लेबाजी में मजबूती दी, लेकिन GT को असली खतरनाक टीम उसकी गेंदबाजी ने बनाया।  मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और प्रसिद्ध कृष्णा की तेज तिकड़ी ने पूरे सीजन बल्लेबाजों को सांस नहीं लेने दी. नई गेंद से विकेट और डेथ ओवर्स में नियंत्रण….दोनों काम इस यूनिट ने बखूबी किए।  फिर आते हैं राशिद खान और साई किशोर. मिडिल ओवर्स में इन दोनों स्पिनरों ने रन रोककर विपक्षी टीमों को जकड़ लिया. यही वजह है कि GT पूरे टूर्नामेंट में सबसे संतुलित और अनुशासित गेंदबाजी इकाई बनकर उभरी।  चेन्नई सुपर किंग्स पर 89 रन की विशाल जीत के बाद गुजरात का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है।  मुकाबले के भीतर छिपे 4 बड़े मुकाबले विराट कोहली vs कगिसो रबाडा धर्मशाला की अतिरिक्त उछाल और रबाडा की गति. दूसरी तरफ विराट का अनुभव. पावरप्ले में यह जंग मैच का रुख तय कर सकती है।  फिल सॉल्ट vs मोहम्मद सिराज चोट से लौटे सॉल्ट शुरुआत से हमला करना पसंद करते हैं. लेकिन सिराज RCB के पूर्व खिलाड़ी हैं और बल्लेबाजों की मानसिकता को अच्छी तरह समझते हैं।  गिल-साई सुदर्शन बनाम हेजलवुड-भुवनेश्वर GT की बल्लेबाजी काफी हद तक अपने टॉप ऑर्डर पर निर्भर करती है. अगर RCB शुरुआती झटके देने में सफल रही, तो गुजरात पर दबाव बढ़ सकता है।  राशिद खान बनाम RCB का मिडिल ऑर्डर राशिद का एक अच्छा स्पेल किसी भी मैच का नक्शा बदल सकता है. हालांकि रजत पाटीदार स्पिन के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड रखते हैं और यही RCB की सबसे बड़ी उम्मीद होगी।  कौन भारी? अगर बल्लेबाजी की गहराई देखी जाए तो RCB थोड़ा आगे नजर आती है. लेकिन अगर गेंदबाजी के अनुशासन और निरंतरता की बात करें तो GT पूरे टूर्नामेंट में नंबर-1 रही है।  यानी यह सिर्फ दो टीमों का मुकाबला नहीं है. यह IPL 2026 की दो सबसे बड़ी ताकतों की टक्कर है- RCB की विस्फोटक बल्लेबाजी बनाम GT की निर्दयी गेंदबाजी मशीन. और शायद यही वजह है कि धर्मशाला में होने वाला यह मुकाबला फाइनल से पहले का फाइनल महसूस हो रहा है. क्योंकि मंगलवार की रात सिर्फ एक टीम को फाइनल का टिकट मिलेगा… और दूसरी टीम को फिर से एक और इम्तिहान देना पड़ेगा। 

‘नो PUCC, नो फ्यूल’! हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 1 अक्टूबर से लागू होगी नीति

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई तकनीक आधारित कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. सरकार ने फैसला लिया है कि 1 अक्टूबर 2026 से जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (PUC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा. यह नियम एनसीआर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू किया जाएगा. हरियाणा में प्रदूषण कम करने के लिए ​ पर जोर प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया कि सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है. इसके तहत सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. सरकार ईवी नीति के तहत करेगी काम सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 तक एनसीआर के प्रमुख शहरों में 925 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का है. इनमें से 575 बसों के खरीद आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं. गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, करनाल, रोहतक और सोनीपत में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सरकार ईवी नीति के तहत लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन भी दे रही है. बिना PUC वाले वाहनो की जाएगी पहचान प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी. सरकार ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम लागू कर रही है, जिससे बिना PUC वाले वाहनों की पहचान की जा सकेगी. परिवहन विभाग ने पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ रोजाना कार्रवाई करने का लक्ष्य तय किया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेटवर्क से कनेक्ट उद्योगों की निगरानी भी अब पहले से ज्यादा सख्त होगी. हरियाणा में 1349 उद्योगों को ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है. इनमें से अधिकतर इकाइयों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेटवर्क से कनेक्ट किया जा चुका है . सरकार सितंबर 2026 तक नए उत्सर्जन मानकों को पूरी तरह लागू करने की तैयारी कर रही है . अवैध और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान के लिए नया सर्वे भी कराया जाएगा. सरकार का लक्ष्य वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए राज्य में नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन भी लगाए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य 30 सितंबर 2026 तक सभी जरूरी स्टेशन चालू करने का है, ताकि प्रदूषण वाले क्षेत्रों की समय पर पहचान की जा सके. जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग व्यवस्था लागू इसके अलावा एनसीआर क्षेत्र में सड़कों के पुनर्विकास, निर्माण सामग्री और कचरा प्रबंधन पर भी काम तेज किया गया है. सरकार ने जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और जियो टैगिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं . अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकतर काम पूरे कर लिए जाएंगे, जिससे आने वाले समय में एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सके.

तेल कीमतों के विरोध में राजा वड़िंग का अलग अंदाज, बैलगाड़ी से पहुंचे मतदान केंद्र

श्री मुक्तसर साहिब. पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मंगलवार को पत्नी अमृता वड़िंग के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर के वार्ड नंबर पांच में वोट डालने पहुंचे। महंगाई के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। राजा वड़िंग ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ऐसे हालात बन गए हैं कि लोगों को अपने वाहन घरों में खड़े करने पड़ रहे हैं। गरीब व्यक्ति कैसे चलेगा? जिसकी आमदनी कम है, वो घर चलाएगा या वाहन चलाएगा? उन्होंने बताया कि पंजाब में औसतन पेट्रोल 105.44 और डीजल 95.38 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार पर साधा निशाना उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को केवल चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया है। जनता को राहत देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। बैलगाड़ी से वोट डालने का मकसद सरकार को संदेश देना था कि महंगाई ने हालात इतने खराब कर दिए हैं कि लोगों को फिर से बैलगाड़ियों का सहारा लेना पड़ेगा। राजा वड़िंग ने ऐलान किया कि कांग्रेस देशभर और पंजाब में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों में चौथी बार दाम बढ़े हैं। लगातार बढ़ रहे दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है और सब्जी, राशन समेत जरूरी सामान के दाम भी बढ़ने की आशंका है। राजा वड़िंग ने कहा कि महंगाई ने आम घर का बजट 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। किसानों पर भी बोझ बढ़ रहा है। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर सड़क से संसद तक यह मुद्दा उठाएगी।

लंबित डायवर्सन केसों पर मंत्री टंकराम वर्मा सख्त, अधिकारियों को जल्द निराकरण के निर्देश

रायपुर. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज रायपुर तहसील कार्यालय और नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के इस अचानक दौरे से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों के निपटारे में कछुआ गति और लापरवाही सामने आने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने आम जनता से जुड़े नामांतरण, त्रुटि सुधार, सीमांकन और बंटवारे जैसे संवेदनशील प्रकरणों में हो रहे विलंब को लेकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और इन्हें शीघ्र निपटाने के कड़े निर्देश दिए। विशेष रूप से डायवर्सन (व्यपवर्तन) के मामलों में बेहद धीमी प्रगति पाए जाने पर मंत्री ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) रायपुर को जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान राजस्व मंत्री ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने परिसर में फैली गंदगी और फाइलों के अव्यवस्थित रखरखाव पर अप्रसन्नता व्यक्त की। मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आम जनता की सुविधा के लिए कार्यालय में स्वच्छ वातावरण और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी शासकीय दस्तावेजों व फाइलों को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए। विभिन्न शाखाओं और कोर्ट का सघन निरीक्षण तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझने के लिए राजस्व मंत्री स्वयं भुइयां शाखा, कानूनगो शाखा, WBN शाखा और मालजमादार शाखा पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों का भी सघन निरीक्षण किया। अदालती कार्यवाही की समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि राजस्व कोर्ट में सुनवाई निरंतर होनी चाहिए, ताकि तारीख-पे-तारीख के चक्कर में आम जनता को परेशान न होना पड़े। लोग सुबह से आकर शाम तक बैठे रहते हैं और सुनवाई किए बिना अगली तारीख दे दी जाती है, यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंबित मामलों को शून्य करने का दिया लक्ष्य निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आंकड़ों का ब्यौरा देते हुए बताया कि तहसील में अब तक दर्ज कुल 65,390 मामलों में से 64,702 का निराकरण किया जा चुका है और वर्तमान में केवल 688 मामले लंबित हैं। इस पर मंत्री ने बचे हुए सभी लंबित मामलों को भी समय-सीमा के भीतर तत्काल शून्य करने का टारगेट दिया। जनता से सीधा संवाद और त्वरित निराकरण मंत्री ने न केवल फाइलों को खंगाला, बल्कि परिसर में मौजूद आम जनता के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद भी किया। उन्होंने लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनीं और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। राजस्व कार्यों का रोडमैप तैयार करने के निर्देश तहसील कार्यालय के बाद मंत्री ने नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का रुख किया। वहां उन्होंने लंबित राजस्व मामलों को समय-सीमा के भीतर निपटाने के लिए संभाग आयुक्त को निर्देशित किया। कामकाज में कसावट लाने और कप्तानी की निगरानी को मजबूत करने के साथ ही मंत्री ने संभाग आयुक्त को संभाग के सभी जिलों में राजस्व कार्यों की वास्तविक प्रगति का एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए खुशखबरी! 13 दिन में चांदी ₹27 हजार सस्ती, गोल्ड रेट भी लुढ़का

 नई दिल्ली सोना-चांदी फिर सस्ता (Gold-Silver Cheaper) हुआ है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मंगलवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में खुलते ही तेज गिरावट देखने को मिली. चांदी का भाव तो अचानक 4400 रुपये प्रति किलो से ज्यादा कम हो गया. सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद अचानक आए तेज उछाल के बाद से अब तक 1 Kg Silver Price 27,000 रुपये से ज्यादा गिर चुका है. वहीं ताजा गिरावट के बाद अब अपने हाई से चांदी अब 1.85 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती मिल रही है. सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए टूटा है।  13 दिन में 27000 रुपये टूटी चांदी  सरकार ने कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था, तो बीते 13 मई को अचानक चांदी का भाव एमसीएक्स पर (MCS Silver Price) 3 लाख रुपये के पार निकल गया था. लेकिन इसके बाद ये एक-दो दिन को छोड़ दें, तो बिखरी ही है. तब से अब तक 13 दिनों में इसका भाव 3,00,238 रुपये से टूटकर ताजा गिरावट के साथ 2,72,265 रुपये पर आ गया है और इस हिसाब से देखें तो Silver 27,973 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।  गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन सोमवार को दिनभर के कारोबार के बाद 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी 2,76,716 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और मंगलवार को खुलते ही ये 4,451 रुपये सस्ती हो गई. वहीं इसके हाई लेवल से तुलना करें, तो जनवरी में रिकॉर्ड तेजी के साथ चांदी 4,57,328 रुपये प्रति किलो के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंची थी और यहां से अब 1,85,063 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।  Gold हाई से अब इतना सस्ता  न सिर्फ चांदी का भाव टूटा है, बल्कि वायादा सोना भी मंगलवार को फिसला है. एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 जून की एक्सपायरी वाला 24 Karat Gold अपने पिछले बंद 1,59,081 रुपये की तुलना में गिरकर 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया. इस गिरावट के साथ 10 ग्राम सोने का भाव अब अपने हाई लेवल 2,02,984 रुपये से 44,884 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो चुका है।  चांदी की तरह सोना भी इंपोर्ट ड्यूटी हाईक के बाद तेज रफ्तार से भागता हुआ नजर आया था. 13 मई को ये 1,62,186 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया था, लेकिन अब इसकी कीमत यहां से 4,086 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर चुकी है।  मई में अब तक कैसा रहा हाल?  वायदा कारोबार में मई महीने में सोना-चांदी की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव पर नजर डालें, तो ये महंगे हुए हैं. जहां बीते महीने के आखिरी दिन यानी 30 अप्रैल को 1 किलो चांदी की कीमत 2,44,456 रुपये प्रति किलो थी और ताजा भाव से तुलना करें, तो ये करीब 27 हजार रुपये से ज्यादा बढ़ चुकी है. वहीं सोना इस दौरान 1,51,111 रुपये प्रति 10 ग्राम से 7 हजार रुपये से अधिक महंगा हुआ है। 

विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपालों के साथ किसान मेला का भी हो आयोजन: मुख्यमंत्री

खरीफ-2026 की तैयारी समय से पूरी करें, किसानों को हर जरूरी संसाधन उपलब्ध हो: मुख्यमंत्री विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपालों के साथ किसान मेला का भी हो आयोजन: मुख्यमंत्री दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश यूपी आईटीएस की तर्ज पर कृषि विभाग भी आयोजित करे अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी खरीफ-2026 में 302.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य 2.29 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी पीएम किसान और फसल बीमा योजनाओं का लाभ समय से दिलाने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कृषि विभाग की विभिन्न प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि खरीफ-2026 की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूखा संभावित क्षेत्रों के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तर्ज पर कृषि विभाग को भी अपनी विशेषताओं की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी लगानी चाहिए। बैठक में बताया गया कि खरीफ-2026 में 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल और 302.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन रखा गया है, जबकि बाजरा, मक्का, अरहर और मूंगफली के उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य तय किया गया है। बैठक में बताया गया कि खरीफ-2026 के लिए 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 24 मई 2026 तक 1.26 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है। धान के लिए 80 हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय-समय पर कृषि संबंधी तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि टेक्स्ट मैसेज, सोशल मीडिया, दूरदर्शन, आकाशवाणी और अन्य माध्यमों से किसानों तक जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही कम अवधि और सूखा सहनशील प्रजातियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी जून माह से सभी विकास खंडों में चौपाल लगाई जाएगी। इन चौपालों के साथ ही किसान मेला भी लगाई जाए। किसानों को हर योजना का लाभ मिले और उन्हें प्रगतिशील खेती से जोड़े जाने का प्रयास हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग के अंतर्गत सभी विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, मंडियों, वेयरहाउस आदि के आस-पास साफ-सफाई होनी चाहिए आवश्यकतानुसार इनकी रंगाई कराई जाए। इन केंद्रों तक पहुंचने के लिए अच्छी कनेक्टिविटी होनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के लगभग 18 से 20 जनपद सूखे की दृष्टि से संवेदनशील हैं। धान एवं मूंगफली के लगभग 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए दलहन, तिलहन और श्रीअन्न फसलों के अतिरिक्त बीजों की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित सीड पार्क को प्रारम्भ करने की दिशा में तेजी के निर्दश दिए। उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जमाखोरी, कालाबाजारी और उर्वरकों के डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक विकल्पों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि 24 मई 2026 तक प्रदेश में 36.44 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध रहे तथा 28.26 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध स्थिति में हैं। उर्वरक प्रवर्तन अभियान के तहत 4025 छापे डाले गए, 81 लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 9 एफआईआर दर्ज कराई गईं।  मुख्यमंत्री ने कृषि योजनाओं में डिजिटल तकनीक के उपयोग को और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि एग्रीस्टैक योजनांतर्गत 24 मई 2026 तक 2.29 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि बुंदेलखंड सहित जल संकट वाले क्षेत्रों में ऐसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि बुंदेलखंड के सभी विकासखंडों में गौ-आधारित प्राकृतिक खेती कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में रसायन मुक्त खेती की गई तथा 21,934 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।  मुख्यमंत्री ने मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने तथा उससे जुड़े उद्योगों के साथ समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में मक्का क्षेत्रफल 11.39 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है तथा वर्ष 2027-28 तक 32.84 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।   मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए तथा बीमा दावों के निस्तारण में तेजी लाई जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश के किसानों को 99,032 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की जा चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2016-17 से वर्ष 2025-26 तक 80.61 लाख किसानों को 6454.57 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई है। कृषि उत्पादों के निर्यात पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल मानकों का ध्यान रखते हुए उत्पाद को तैयार कराया जाए। वहीं मंडी समिति की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी समितियों को किसानों के हित में आधुनिक, पारदर्शी और सुविधायुक्त बनाया जाए, कृषि विपणन व्यवस्था को और मजबूत करें।