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नॉर्वे चेस में आर प्रज्ञानंद का शानदार प्रदर्शन जारी, कार्लसन को लगातार दूसरी बार दी मात

 नई दिल्ली नॉर्वे चेस 2026 के आठवें दौर में आर प्रज्ञानंद ने एक बार फिर वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन के खिलाफ दमदार खेल दिखाया है। 20 साल के चेन्नई के इस ग्रैंडमास्टर ने 3 जून को कार्लसन को फिर से हराकर इतिहस रचा। प्रज्ञानंद ने इसी टूर्नामेंट के राउंड 3 में भी नॉर्वे के कार्लसन को हराया था। इस तरह 19 साल में ये पहली बार देखने को मिला है जब नॉर्वे के वर्ल्ड नंबर 1 को एक ही क्लासिकल टूर्नामेंट में एक ही खिलाड़ी ने दो बार हराया है। इससे पहले साल 2007 में लिनारेस टूर्नामेंट में भारतीय दिग्गज विश्वनाथन आनंद ने कार्लसन को दो बार हराया था। इतना ही नहीं, खास बात ये भी है कि प्रज्ञानानंदा ने 2024 के नॉर्वे चेस में भी कार्लसन को मात दी थी। R Praggnanandhaa ने कार्लसन पर दर्ज की दूसरी जीत दरअसल, आर प्रज्ञानंद के हाथों मिली हार के बाद कार्लसन काफी परेशान नजर आए। उन्होंने अपना सिर हिलाया और इस युवा भारतीय से एक बार फिर हारने के बाद तुरंत खेल की जगह से बाहर चले गए। इस हार से नॉर्वे के कार्लसन का खिताब बचाना मुश्किल हो गया। वहीं, इस जीत के साथ प्रज्ञानंद के 12 अंक हो गए हैं और वो टेबल में तीसरे नंबर पर आ गए हैं। अभी दो राउंड बाकी हैं और वो खिताब की रेस में बने हुए हैं। वहीं वेस्ले सो 14 प्वाइंट के साथ टॉप पर हैं। अलीरेजा फिरोजा 13 पॉइंट के साथ दूसरे नंबर पर हैं। डी गुकेश की खिताब की उम्मीदें लगभग खत्म फिरोजा ने वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश को हराकर उनकी खिताब की उम्मीदें लगभग खत्म कर दी हैं। लेकिन प्रज्ञानंद के लिए ये सही समय पर बनी लय है। कार्लसन के खिलाफ लगातार जीत से वो इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े स्टार बन गए हैं। इतनी बड़ी कामयाबी के बाद भी 20 साल के प्रज्ञानंद शांत रहे और मैच के बाद उन्होंने कहा, "मैग्नस को हराने से ज्यादा जरूरी है कि इस टूर्नामेंट में मैच जीता जाए। इस समय यही अहम है। मैं खुश हूं कि मैं ये कर पाया। उन्होंने मैच के दौरान कार्लसन के जज्बे की भी तारीफ की और माना कि उसे हराना कितना मुश्किल था। प्रज्ञानंद ने कहा, "नहीं, वो सच में बहुत अच्छा खेल रहे थे और बेहतरीन डिफेंस कर रहे थे। मुझे लगता है कि कई दूसरे खिलाड़ी यहां-वहां छोटी पोजिशनल गलतियां कर देते, लेकिन वो लगातार सही चालें चल रहे थे। एक समय तो मुझे सच में लगा कि ये गेम ड्रॉ हो जाएगा। ये हैरानी की बात थी कि उन्होंने ऐसी गलती की, क्योंकि उससे पहले तक उन्होंने बहुत अच्छा बचाव किया था। कुल मिलाकर मुझे लगता है कि मैं अच्छा खेल रहा हूं। बस टाइम स्क्रैम्बल मेरे हिसाब से नहीं रहे। तो मैं कोशिश करूंगा कि घड़ी में ज्यादा समय रखूं और पिछले कुछ मैचों की तरह ही खेलता रहूं। मैं कल आराम करने की कोशिश करूंगा और फिर आखिरी राउंड्स के लिए पूरे जोश के साथ वापसी करूंगा।"

Xiaomi 17T भारत में लॉन्च से पहले चर्चा में, कीमत और फीचर्स लीक

जून महीने की शुरुआत एक पावरफुल फोन की लॉन्चिंग के साथ हो रही है. शाओमी भारत में 4 जून को अपना Xiaomi 17T लॉन्च करने जा रहा है. कंपनी इसकी लॉन्चिंग डेट को पहले ही कंफर्म कर चुका है. कंपनी ने इसका पोस्टर जारी कर चुकी है, जिसमें हैंडसेट को पर्पल कलर में दिखाया गया है. बैक पैनल पर ट्रिपल कमरा सेटअप दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स में टिप्स्टर्स के हवाले से बताया गया है कि भारत में Xiaomi 17T को करीब 65 हजार से 70 हजार रुपये में लॉन्च किया जाएगा, हालांकि अभी तक कंपनी ने इस कीमत को कंफर्म नहीं किया है. यह एक पावर परफॉर्मेंस स्मार्टफोन है, जिसमें कई अच्छे फीचर्स और कैमरा आदि देकने को मिलेगा. हालांकि ऑफिशियली तौर पर फीचर लॉन्चिंग के बाद ही पता चलेंगे. ग्लोबल मार्केट में यह करीब 749 यूरो (करीब 83 हजार रुपये) में लॉन्च हो सकता है. Xiaomi 17T के भारत में दो वेरिएंट लॉन्च होंगे Xiaomi 17T को भारत में 65 हजार रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया जा सकता है, जिसमें 12 जीबी रैम और 256जीबी इंटरनल स्टोरेज मिलती है. हालांकि टॉप एंड वेरिएंट में 512जीबी स्टोरेज मिलेगी, जिसकी कीमत की जानकारी कंपनी ने शेयर नहीं की है. शाओमी 17T में 6500mAh की सिलिकॉम कार्बन बैटरी मिलेगी, जो 67W हाइपर चार्ज के साथ आएगा. ऑफिशियल पोर्टल पर बैटरी की जानकारी को ऑफिशियल कर दिया है, जिससे पता चलता है कि इसमें बड़ी बैटरी मिलेगी. शाओमी 17T का प्रोसेसर शाओमी के ऑफिशियल पोर्टल के मुताबिक, शाओमी 17T में डाइमेंसिटी 8500 अल्ट्रा चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा. कंपनी ने बैक पैनल को दिखाया है, जिसमें साफ पता चलता है कि यह हैंडसेट पर्पल कलर वेरिएंट में लॉन्च होगा. इसमें बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा, जिसको Leica ने ट्यून किया है. लीक्स रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा सेंसर है. 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस और 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस है, जिसमें 5X ऑप्टिकल जूम की खूबी मिलता है. कंपनी की तरफ से 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है. Xiaomi 17T के स्पेसिफिकेशन्स Xiaomi 17T में 6.59 इंच का 1.5K रेजोल्युशन डिस्प्ले दिया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट्स का डिस्प्ले दिया गया है. इसमें एचडीआर 10 प्लस, डॉल्बी विजन और फुल डीसीआई पी3 कलर गमेट कवरेज का इस्तेमाल किया गया है. इसमें 3500 की पीक ब्राइटनेस मिलेगी.

हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए बेस्ट ऑप्शन? जानिए Dylect NutriPro Slow Press Juicer का रिव्यू

आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल सिर्फ जिम और डाइट तक सीमित नहीं है. लोग अब घर पर फ्रेश और न्यूट्रिशन से भरपूर जूस बनाना चाहते हैं. लेकिन ज्यादातर घरों में जो जूसर होते हैं वो मिक्सर वाले सेटअप के साथ आते हैं. यानी इन जूसर से सभी फलों के जूस को नहीं निकाला जा सकता है. ऐसे जूसर का विकल्प स्लो जूसर हैं. क्योंकि मिक्सर-ग्राइंडर वाले सेटअप से जूस नहीं बल्कि फलों का पेस्ट निकलता है. यही वजह है कि स्लो प्रेस और कोल्ड प्रेस जूसर्स तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं. इन्हीं में से एक है डायलेक्ट न्यूट्रीप्रो स्लो प्रेस जूसर (Dylect NutriPro Slow Press Juicer), जो हाल में भारत में लॉन्च हुआ है. डायलेक्ट ने इस प्रोडक्ट के साथ किचन अप्लायंसेस की कैटेगरी में भी एंट्री की है. कंपनी कहती है कि ये जूसर सिर्फ जूस नहीं बनाता, बल्कि फलों और सब्जियों के पोषण को बेहतर तरीके से बचाकर रखता है. पिछले कुछ दिनों से हम इसे इस्तेमाल कर रहे हैं. आइए जानते हैं ये जूसर कितना दमदार है. डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी डायलेक्ट का ये स्लो जूसर पहली नजर में काफी प्रीमियम और कॉम्पैक्ट महसूस होता है. इसका मोटर यूनिट थोड़ा भारी जरूर है, लेकिन इसी वजह से इस्तेमाल के दौरान मशीन स्टेबल रहती है. डिजाइन मॉडर्न किचन अप्लायंस के साथ फिट बैठता है. यानी ये आपके मॉडर्न किचन का हिस्सा आसानी से बन जाएगा और ज्यादा जगह भी नहीं घेरता है.Dylect बॉक्स में कंपनी ने यूजर मैन्युअल, क्विक असेंबली गाइड, रेसिपी बुक, क्लीनिंग ब्रश, दो कंटेनर और पुशर दिया हैं. रेसिपी बुक में आपको कई जूस कॉम्बिनेशन के अच्छे आइडिया मिल जाएंगे. इन्हें आप ट्राई कर सकते हैं. इस स्लो जूसर की असेंबली काफी आसान है. इसमें लॉकिंग सिस्टम दिया गया है, जिसकी वजह से अगर ढक्कन सही तरीके से बंद नहीं होगा, तो मशीन स्टार्ट नहीं होगी. ये एक अच्छा सेफ्टी फीचर है. अगर आपको इसकी असेंबली में दिक्कत आ रही है, तो आप बॉक्स में मिलने वाले क्यूआर कोड्स को स्कैन करके उसका प्रॉसेस देख सकते हैं. कैसा रहा एक्सपीरियंस? जूसर को सेटअप करना ज्यादा मुश्किल नहीं है. सभी पार्ट्स आसानी से फिट हो जाते हैं और एक बार लॉक हो जाने पर मशीन मजबूत तरीके से काम करती है. फल और सब्जियां ऊपर से डालनी होती हैं और जरूरत पड़ने पर पुशर का इस्तेमाल किया जा सकता है. मशीन में दो अलग आउटलेट दिए गए हैं. एक से आपको फ्रेश जूस मिलेगा, जबकि दूसरे से वेस्ट पल्प बाहर आता है. जूसर में एक सिंपल स्विच दिया गया है, जिसमें ऑन-ऑफ और एक रिवर्स बटन मिलता है. रिवर्स बटन का इस्तेमाल आप तब कर सकते हैं, जब कोई फल या सब्जी अंदर फंस जाए. इस जूसर से आप नट मिल्क और कोकोनट मिल्क भी तैयार कर सकते हैं.Dylect रफॉर्मेंस कैसी है? डायलेक्ट का ये स्लो जूसर धीरे-धीरे जूस निकालता है. इसमें हाई-स्पीड ब्लेड्स वाली गर्मी पैदा नहीं होती, इसलिए जूस ज्यादा फ्रेश और नैचुरल लगता है. मौसंबी और तरबूज जैसे फलों के साथ मशीन काफी स्मूद काम करती है. वहीं गाजर और चुकंदर जैसी हार्ड सब्जियों पर मोटर थोड़ा ज्यादा आवाज करता है, लेकिन जूस निकालने में दिक्कत नहीं होती. सबसे अच्छी बात ये है कि पल्प काफी ड्राई निकलता है, यानी मशीन फलों से अच्छा-खासा जूस एक्सट्रैक्ट कर लेती है. इस मशीन की सफाई करना आसान है. कंपनी ने अलग ब्रश दिया है, जिससे फिल्टर और अंदरूनी हिस्से साफ किए जा सकते हैं. अगर आपको इंस्टेंट और बहुत बड़ी मात्रा में जूस बनाना है, तो ये थोड़ा स्लो महसूस हो सकता है. बॉटम लाइन डायलेक्ट न्यूट्रीप्रो स्लो प्रेस जूसर (Dylect NutriPro Slow Press Juicer) उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, जो घर पर हेल्दी और फ्रेश जूस चाहते हैं. इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन, आसान असेंबली और न्यूट्रिशन-फोकस्ड स्लो प्रेस टेक्नोलॉजी इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए काफी उपयोगी बनाती है. इस जूसर की कीमत 12,999 रुपये है. हालांकि, डिस्काउंट ऑफर के साथ आप इसे लगभग 10 हजार के बजट में खरीद सकते हैं. कई लोगों को ये डिवाइस महंगा लग सकता है. अगर आप अपनी हेल्थ पर इन्वेस्ट करना चाहते हैं, तो डिवाइस को खरीद सकते हैं.

Bhupesh Baghel ने किया साफ, पंजाब में नहीं बदलेगा पार्टी अध्यक्ष

चंडीगढ़  कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर बदलाव की अटकलों को खारिज करते हुए  कहा कि प्रदेश में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। बघेल ने कहा कि अगले साल की शुरुआत में संभावित विधानसभा चुनाव मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा तथा राज्य के सभी कांग्रेस नेता सामूहिक रूप से लड़ाई लड़ेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आवास पर पंजाब को लेकर हुई बैठक के बाद बघेल ने यह भी कहा कि इस बैठक में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नेतृत्व के परिवर्तन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक में खड़गे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और बघेल शामिल थे। बैठक के बाद बघेल ने संवाददाताओं से कहा कि पंजाब के चुनाव नजदीक हैं। इसलिए इसको लेकर गंभीर मंत्रणा हुई। प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वेणुगोपाल जी इस बारे में पहले बोल चुके हैं, इस पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह केवल मीडिया में है, इसके अलावा कुछ नहीं है। नेतृत्व परिवर्तन के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। यह पूछे जाने पर कि वर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाया जा रहा है तो बघेल ने कहा, ''बिल्कुल नहीं।'' उन्होंने कहा कि प्रदेश के नेता मिलकर चुनाव लड़ेंगे और यह चुनाव खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। बघेल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की स्थिति सबसे बड़ा मुद्दा है।

खोड़ा में पुलिस-प्रशासन का बड़ा एक्शन, 600 अपराधियों का किया गया सत्यापन

गाजियाबाद यूपी के गाजियाबाद में पुलिस-प्रशासन का 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' जारी है. सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा इलाके को अपराध मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे इस ऑपरेशन के तीसरे और फाइनल दिन मंगलवार को तीन अवैध मदरसों को सील कर दिया. वक्फ निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा. पुलिस ने घर-घर जाकर 600 अपराधियों का सत्यापन किया, संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और पुराने बदमाशों से अपराध न करने की शपथ दिलवाई. खोड़ा के तीन अवैध मदरसे किए गए सील आपको बता दें कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़, डीएम रविन्द्र एम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चन्द्र तिवारी की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन की अगुवाई की. मोहल्ले-मोहल्ले जाकर अपराधियों की शिनाख्त की गई और कानूनी एक्शन लिया गया. इन सबके बीच प्रशासन की टीम ने खोड़ा के मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल उलूम (मोहल्ला बीरबल), सुल्तान अलारफीन मदरसा और एक अन्य मदरसे को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया है. यह कार्रवाई मदरसों के गैर-मान्यता प्राप्त होने, अवैध संचालन, कार्यालय में पंजीकृत न होने और परिसर में अग्निशमन व विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी (NOC) न होने के कारण की गई. संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. अपराधियों का सत्यापन और थानों में ली शपथ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का असर अब पूरे गाजियाबाद जिले में दिखने लगा है. खोड़ा कॉलोनी में घर-घर जाकर 3 दिन के अंदर 600 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स का वेरिफिकेशन किया गया. इसके अलावा, साहिबाबाद, इंदिरापुरम और खोड़ा थानों में करीब 150 पुराने अपराधियों को बुलाकर चेतावनी दी गई, जिसके बाद करीब 80 लोग तख्ती लेकर साहिबाबाद थाने पहुंचे और भविष्य में कभी अपराध न करने की शपथ ली. संदिग्ध किराएदारों की जांच और असद के घर पर नोटिस खोड़ा के घने आबादी वाले इलाके में बिना वेरिफिकेशन के रह रहे किराएदारों और कमर्शियल जगहों की लिस्ट खंगालकर चेकिंग चलाई जा रही है. मुख्य आरोपी असद के घर के दरवाजे पर एसडीएम (SDM) का नोटिस लगा है, जिसे सोमवार को कुछ लोगों ने तोड़ने की कोशिश की थी. पड़ोसी ललित के मुताबिक असद के पिता नवाब ने यह मकान 6 महीने पहले किसी डीलर को बेच दिया था, लेकिन असद कभी-कभार गली में आया करता था. असद के मददगार गिरफ्तार, सारिक मेवाती फरार पुलिस ने इस मामले में गहराई से जांच करते हुए कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है और कुछ को छोड़ दिया गया है. मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने साजिश रचने और मदद करने के आरोप में उसके पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी सारिक मेवाती अभी भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है.

छत्तीसगढ़ में अब ऑनलाइन मिलेगा न्याय, राजस्व ई-कोर्ट परियोजना बनी डिजिटल सुशासन की मिसाल

अब न्याय होगा ऑनलाइन: छत्तीसगढ़ की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना बनी डिजिटल सुशासन की नई मिसाल डिजिटल क्रांति से बदल रही है राजस्व न्याय व्यवस्था विशेष लेख                  भारत तेजी से डिजिटल प्रशासन की ओर बढ़ रहा है और इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने राजस्व प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और आमजन के लिए सहज बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई “राजस्व ई-कोर्ट परियोजना” अब केवल एक तकनीकी व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण और शहरी नागरिकों के लिए न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और भरोसेमंद बनाने वाला प्रभावशाली माध्यम बन चुकी है।         वर्षों तक राजस्व मामलों में आम लोगों को तहसील, एसडीएम कार्यालय और कलेक्टर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती प्रकरण, खाता सुधार या भूमि विवाद जैसे मामलों में पेशी की तारीख जानने, आदेश की प्रति लेने या केस की स्थिति समझने में समय, धन और ऊर्जा तीनों की भारी खपत होती थी। कई बार बिचौलियों और भ्रष्टाचार का सामना भी करना पड़ता था। लेकिन अब वही पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है।         छत्तीसगढ़ की ई-कोर्ट परियोजना ने राजस्व न्यायालयों की पारंपरिक कार्यप्रणाली को बदलकर उसे “पेपरलेस”, “स्मार्ट” और “जनकेंद्रित” बना दिया है। नायब तहसीलदार से लेकर कलेक्टर और राजस्व मंडल तक की न्यायिक प्रक्रिया अब ऑनलाइन संचालित हो रही है। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। ई-कोर्ट व्यवस्था एक प्रभावी समाधान-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय         मुख्यमंत्री  ने राजस्व ई-कोर्ट परियोजना को सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और जनता के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।        राजस्व मामलों में वर्षों से चली आ रही जटिलताओं को समाप्त करने के लिए ई-कोर्ट व्यवस्था एक प्रभावी समाधान बनकर सामने आई है। अब नागरिकों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार न्याय प्रक्रिया को लोगों के मोबाइल तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।          उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ने से भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका स्वतः समाप्त होगी तथा आम लोगों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, “ई-गवर्नेंस केवल तकनीक नहीं, बल्कि जनता को सम्मानपूर्वक और समयबद्ध सेवाएं देने का माध्यम है। पारदर्शिता और जवाबदेही की नई व्यवस्था       ई-कोर्ट प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आवेदन प्राप्त होते ही उसका ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है और तत्काल डिजिटल पावती जारी होती है। इससे आवेदक को यह भरोसा मिल जाता है कि उसका आवेदन रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है और अब उसे किसी कर्मचारी या दलाल के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा।        इसके बाद की पूरी प्रक्रिया—जैसे नोटिस जारी करना, इश्तहार प्रकाशित करना, पक्षकारों को सूचना भेजना, सुनवाई की तारीख तय करना और अंतिम आदेश पारित करना सभी ऑनलाइन दर्ज होते हैं।प्रत्येक कार्रवाई डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहती है, जिससे किसी भी स्तर पर हेरफेर की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है।          ई-कोर्ट पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे यह देख सकते हैं कि उनके मामले में पिछली तारीख पर क्या कार्यवाही हुई, अगली पेशी कब है और आदेश जारी हुआ है या नहीं। इससे न्यायालयों के बाहर लगने वाली भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ में उल्लेखनीय कमी आई है। किसानों और ग्रामीण नागरिकों के लिए बड़ी राहत         राजस्व मामलों का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भू-स्वामियों पर पड़ता है। पहले किसानों को एक छोटी सी जानकारी के लिए भी पूरे दिन का समय निकालकर तहसील मुख्यालय जाना पड़ता था। कई बार केवल अगली तारीख जानने में ही मजदूरी और किराए का नुकसान हो जाता था। अब ई-कोर्ट व्यवस्था ने यह परेशानी काफी हद तक समाप्त कर दी है। किसान अपने गांव के लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या मोबाइल फोन के माध्यम से ही अपने प्रकरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती मिल रही है।        डिजिटल न्याय व्यवस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन के प्रति विश्वास को भी बढ़ाया है। जब लोगों को अपने आवेदन की ऑनलाइन पावती और हर कार्रवाई की जानकारी समय पर मिलने लगती है, तो पारदर्शिता स्वतः स्थापित होती है। विवादित जमीनों की जानकारी अब सार्वजनिक        ई-कोर्ट परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि विचाराधीन भूमि विवादों की जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। इससे जमीन खरीदने वाले लोग पहले ही जांच कर सकते हैं कि संबंधित खसरा नंबर पर कोई विवाद या न्यायालयीन प्रकरण लंबित तो नहीं है।        यह व्यवस्था फर्जीवाड़े, अवैध बिक्री और धोखाधड़ी रोकने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है। पहले कई लोग विवादित भूमि खरीदकर वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर काटते रहते थे, लेकिन अब पारदर्शी ऑनलाइन रिकॉर्ड के कारण ऐसी घटनाओं में कमी आई है। तकनीक के सहारे मजबूत हुआ प्रशासन       राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली के सफल संचालन के लिए प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे न्यायालयों के कार्य निष्पादन की गति बढ़ी है और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हुई है।        डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित सर्वर में संग्रहीत होने से अब फाइलों के गुम होने, फटने या रिकॉर्ड में छेड़छाड़ जैसी समस्याएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। प्रशासनिक निगरानी भी आसान हुई है क्योंकि उच्च अधिकारी किसी भी न्यायालय की कार्यवाही ऑनलाइन मॉनिटर कर सकते हैं। “मोबाइल में कोर्ट” की दिशा में बड़ा कदम       छत्तीसगढ़ की यह पहल वास्तव में “मोबाइल में कोर्ट” की अवधारणा को साकार करती दिखाई देती है। अब नागरिकों को केवल जानकारी लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर … Read more

Himachal Entry Tax के विरोध में निहंगों का बड़ा कदम, कुल्लू-मनाली हाईवे जाम की चेतावनी

पठानकोट  हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर दी है। इस कदम ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चल रहे एंट्री टैक्स विवाद को नई चर्चा में ला दिया है। निहंग सिंहों का कहना है कि हिमाचल नंबर वाले वाहनों से किसी प्रकार का अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जा रहा, बल्कि वाहन चालक अपनी इच्छा से जो भी राशि देना चाहते हैं, उसे स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा और पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर चल रही है। तरना दल के निहंग अच्छर सिंह ने कहा कि कार समेत छोटी गाड़ियों से 100 रुपए, छोटे कॉमर्शियल वाहनों से 200 रुपए और बड़ी गाड़ियों से 300 से 500 रुपए की वसूली की जा रही है। इसके अलावा दोपहर 3 बजे तक इसी हाईवे पर गांव मोड़ा के पास रोड भी जाम की जाएगी। इस तरह के टैक्स को गैरकानूनी बताने के सवाल पर निहंग अच्छर सिंह ने कहा कि यह पैसा सरबत के भले के लिए यूज होगा। हम किसी से जोर जबरदस्ती नहीं करेंगे। निहंग ने कहा कि NHAI जो टैक्स लेती है, उसके जरिए रोड बनाकर देती है। उससे हमें कोई नुकसान नहीं है। मगर, हिमाचल सरकार गुंडा टैक्स ले रही है। उन्होंने हिमाचल और पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि अगर उन्हें रोकने की कोशिश की गई तो फिर वह पूरी तैयारी से आएं क्योंकि हम भी संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। एंट्री टैक्स के विरोध में प्रतीकत्मक कदम निहंग सिंहों के प्रमुख बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में यह प्रतीकात्मक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सरबत के भले और सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना है कि व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों का विरोध किया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि दो दिन पहले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने भी गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर एंट्री टैक्स के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टैक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग की थी। फैसला वापस लेने की रखी मांग इसी प्रदर्शन के दौरान निहंग सिंहों ने घोषणा की थी कि यदि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स वापस नहीं लिया तो वे खालसा राज टैक्स वसूली अभियान शुरू करेंगे। अब उस घोषणा को अमल में लाते हुए उन्होंने टोल प्लाजा पर अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एंट्री टैक्स के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं और दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निहंग सिंहों ने दी चेतावनी निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उनका विरोध और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। हिमाचल के टैक्स से जुड़ा ये विवाद क्या है, जानिए:- अगर कोई व्यक्ति किसी भी पॉइंट से हिमाचल में एंट्री करता है तो उससे एंट्री टैक्स वसूला जाता है। हालांकि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि 1975 में हिमाचल प्रदेश टोल्स एक्ट के तहत यह व्यवस्था की गई है।     पहले 2025 में बढोतरी हुई: साल वर्ष 2025 में हिमाचल सरकार ने इन टैक्स की दरों में मामूली बढ़ोतरी की थी, 1 अप्रैल 2025 को निजी और व्यावसायिक चार पहिया वाहनों पर लगभग ₹10 की वृद्धि तथा कुछ व्यावसायिक वाहनों पर ₹20 तक की बढ़ोतरी हुई। जिसमें कार/जीप/वैन से ₹70, 6-12 सीट वाहन से ₹110, ट्रैक्टर से ₹70 और भारी वाहन से ₹720 लेने का प्रस्ताव पास किया गया।     फरवरी 2026 में रेट और बढ़ा दिए: इसके बाद फरवरी 2026 में सरकार ने एक नई टोल नीति जारी करते हुए कई श्रेणियों के वाहनों पर भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया। प्रस्तावित दरों के अनुसार निजी कारों और जीपों पर लगने वाला शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये करने की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा ट्रैक्टर, टैक्सी और मालवाहक वाहनों पर भी टैक्स में बढ़ोतरी कर दी गई। इसके बाद कार/जीप/वैन का टैक्स ₹70 से बढ़ाकर ₹170, 6-12 सीट वाहन के ₹110 से बढ़ाकर ₹130-170 (श्रेणी अनुसार), ट्रैक्टर के ₹70 से बढ़ाकर ₹100 और भारी वाहनों के ₹720 से बढ़ाकर ₹900 तक कर दिए।     पंजाब-हरियाणा में विरोध के बाद रेट घटाए: हिमाचल सरकार के इअस फैसले का जबरदस्त विरोध होने लगा। सबसे ज्यादा विरोध पंजाब और हरियाणा में देखने को मिला क्योंकि हिमाचल में ज्यादा टूरिस्ट और ट्रांसपोर्टर्स यहीं से आते-जाते हैं। इसके विरोध में प्रदर्शन भी हुए। तब हिमाचल सरकार ने तर्क दिया कि पहाड़ी राज्य में सड़क नेटवर्क के रखरखाव और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त इनकम की आवश्यकता है और यह टैक्स इसी मकसद से लिया जाता है। सीएम सुक्खू के दखल के बाद घटे रेट: विवाद बढ़ने पर 31 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को हस्तक्षेप करना पड़ा। सरकार ने निजी कारों और कुछ यात्री वाहनों पर प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस लेने की घोषणा की। इसके बावजूद एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हिमाचल के बीच राजनीतिक बहस जारी रही। मौजूदा वक्त में कार/जीप/वैन के 100 रुपए, 6-12 सीट वाहन के 130 रुपए, ट्रैक्टर के 100 रुपए ओर भारी वाहनों के 800 … Read more

झारखंड में भी घोटाले की गूंज, ईडी की जांच में कई खुलासे सामने आए

रांची छत्तीसगढ़ के बाद अब झारखंड में भी शराब घोटाला केस में शिकंजा कसने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही वहां की ईडी ने अपने छठे पूरक आरोप पत्र में जिन्हें घोटाले का दोषी पाया है, उनका कनेक्शन झारखंड से भी है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में राज्य में छत्तीसगढ़ माडल पर लागू उत्पाद नीति में छत्तीसगढ़ के जिन पदाधिकारियों और वहां के शराब कारोबारियों का झारखंड में वर्चस्व था, सभी वहां चार्जशीटेड हैं। झारखंड में भी ईडी उनका हिसाब करेगी, क्योंकि उससे जुड़े केस झारखंड ईडी ने भी दर्ज किया है। झारखंड में ईडी ने शराब घोटाला से जुड़े केस में दो अलग-अलग इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) कर रखा है। इनमें एक ईसीआइआर रायपुर की आर्थिक अपराध इकाई में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर व दूसरी ईसीआइआर झारखंड एसीबी में 20 मई 2025 को दर्ज शराब घोटाले से संबंधित एफआइआर के आधार पर दर्ज है। दोनों ही ईसीआइआर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग झारखंड के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल से जुड़े हैं। आरोप है कि कमीशन में मोटी रकम लेकर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपितों का झारखंड में शराब बिक्री में प्रवेश कराया। प्लेसमेंट एजेंसियों से लेकर शराब आपूर्ति कंपनियों तक को झारखंड में काम दिया। इन कंपनियों पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप लगा तो उन्हें बाद में ब्लैकलिस्ट किया गया। अब भी झारखंड सरकार का 450 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया छत्तीसगढ़ की उक्त आरोपित कंपनियों पर है, जिसकी वसूली के लिए सरकार प्रयासरत है। डक्यूमेंटेशन भी कर चुकी है झारखंड की ईडी, जांच जारी झारखंड की ईडी ने अपने यहां दर्ज शराब घोटाले के दोनों ही मामलों में मनी लांड्रिंग के बिंदु पर जांच के बाद निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे व उनसे जुड़े अन्य आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। उनसे छत्तीसगढ़ के रायपुर में दर्ज केस में भी पूछताछ की जा चुकी है। यहां भी ईडी ने उनसे पूछताछ की थी। उनके कार्यकाल में फर्जी बैंक गारंटी पर शराब की खुदरा दुकानों में मैनपावर आपूर्ति का ठेका लेने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों के गिरफ्तार संचालकों से भी रिमांड पर पूछताछ की थी। झारखंड ईडी भी शराब घोटाले से जुड़े सबूत व बयान को जुटाती जा रही है, ताकि पुख्ता सबूत के साथ ईडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सके। छत्तीसगढ़ में जिन कंपनियों पर चार्जशीट की, उन्हें झारखंड से भुगतान ईडी ने पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में जिन दो कंपनियों मेसर्स दीशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड व मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड पर चार्जशीट की है और उनकी चल-अचल संपत्ति जब्त की है, उनपर झारखंड के अधिकारी मेहरबान रहे हैं। पूर्व में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन आयुक्त आईएएस अमित प्रकाश (अब सेवानिवृत्त) ने 11 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। यह भुगतान विभागीय मंत्री के रूप में योगेंद्र प्रसाद के शपथ ग्रहण व योगदान के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें बताए बगैर किया गया था। यह भुगतान अमित प्रकाश ने अपनी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले ही कर दिया था। छत्तीसगढ़ की इन दोनों ही कंपनियों ने झारखंड में वर्ष 2022 में थोक शराब की आपूर्ति की थी। उन्हें नवंबर 2024 में तत्कालीन आयुक्त ने भुगतान किया था। भुगतान वैसी स्थिति में किया गया था, जब छत्तीसगढ़ सिंडिकेट की ही झारखंड में काली सूची में डाली गई चार प्लेसमेंट एजेंसियों पर करीब 450 करोड़ रुपये का बकाया है। इन चार प्लेसमेंट एजेंसियों में मेसर्स एटूजेड इंफ्रा सविर्सस लिमिटेड, मेसर्स इगल हंटर सोल्यूशंस लिमिटेड, मेसर्स प्राइम वन वर्क फोर्स प्राइवेट लिमिटेड व मेसर्स सुमित फैसिलिटिज शामिल हैं। इस राशि की वसूली का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

अनुपमा’ की स्टारकास्ट का मस्तीभरा डांस वीडियो वायरल, रुपाली गांगुली ने दिखाया जबरदस्त अंदाज

टीवी के नंबर वन शोज में शुमार 'अनुपमा' एक बार फिर चर्चा में है. हालांकि इस बार वजह कोई हाई-वोल्टेज ड्रामा या कहानी का बड़ा ट्विस्ट नहीं, बल्कि शो की स्टारकास्ट का मस्तीभरा अंदाज है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 'अनुपमा' की पूरी टीम 'पैसा-पैसा' गाने पर धमाकेदार डांस करती नजर आ रही है. 'बा' का ताबड़तोड़ डांस वीडियो में अनुपमा का किरदार निभाने वाली रुपाली गांगुली पूरे जोश और एनर्जी के साथ थिरकती दिखाई दे रही हैं. लेकिन जिस शख्स ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा, वो हैं शो की 'बा' यानी अल्पना बुच. सीरियल में अक्सर सख्त, गुस्सैल और पारंपरिक सोच वाली बा के रूप में नजर आने वाली अल्पना बुच का ये रियल लाइफ अवतार देखकर फैंस हैरान रह गए. वीडियो में वो रुपाली गांगुली के साथ पूरे उत्साह में डांस स्टेप्स करती दिख रही हैं. उनकी एनर्जी और एक्सप्रेशंस देखकर सोशल मीडिया यूजर्स खूब रिएक्शन दे रहे हैं. कई फैंस का कहना है कि स्क्रीन पर हमेशा गंभीर नजर आने वाली बा असल जिंदगी में इतनी फन-लविंग और एनर्जेटिक हैं, ये देखकर उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा. वहीं कुछ यूजर्स ने लिखा कि अल्पना बुच ने तो इस वीडियो में रुपाली गांगुली को भी कड़ी टक्कर दे दी. रुपाली गांगुली का एंजॉयमेंट भी वीडियो में साफ नजर आ रहा है. पूरी स्टारकास्ट शूटिंग के बीच मस्ती के मूड में दिखाई दे रही है, जिसे देखकर फैंस भी खुश हो गए हैं. शो में क्या चल रहा है? अगर 'अनुपमा' की कहानी की बात करें तो इन दिनों शो में लगातार नए ट्विस्ट देखने को मिल रहे हैं. हालिया ट्रैक में अनुपमा की जिंदगी एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है. कहानी में लीप के बाद अनुपमा गोवा में अपनी नई जिंदगी शुरू करती नजर आई है, जहां वो खुद के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है. वहीं नए किरदारों की एंट्री और परिवार के भीतर बढ़ते टकराव कहानी में लगातार ड्रामा बनाए हुए हैं. आने वाले एपिसोड्स में भी अनुपमा के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी होने वाली हैं. परिवार, रिश्तों और अपने आत्मसम्मान के बीच संतुलन बनाने की उसकी जंग दर्शकों को बांधे हुए है. फिलहाल तो शो के ऑनस्क्रीन ड्रामे से अलग, ऑफस्क्रीन ये मस्तीभरा वीडियो फैंस का दिल जीत रहा है. खासकर बा का बिंदास और डांसिंग अवतार सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

सबालेंका का दमदार प्रदर्शन जारी, लगातार 14वें ग्रैंडस्लैम क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं

पेरिस, एपी  विश्व नंबर एक एरिना सबालेंका ने अपने पहले फ्रेंच ओपन खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाते हुए पूर्व विश्व नंबर एक नाओमी ओसाका को 7-5, 6-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। रोलां गैरो में तीन वर्षों बाद आयोजित नाइट सेशन मुकाबले में सबालेंका ने शुरुआती संघर्ष के बाद शानदार वापसी की और लगातार 14वें ग्रैंडस्लैम में कम से कम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने का रिकॉर्ड कायम रखा। वहीं मंगलवार को रूस की मीरा आंद्रीवा ने रोमानिया की सोराना क्रिस्टिया को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। 19 वर्षीय आंद्रीवा ने क्रिस्टिया पर सीधे सेटों में 6-0, 6-3 से जीत दर्ज की। सबालेंका का जलवा इससे पहले, फ्रेंच ओपन में अपने फैशन से जलवा बिखेरने वाली ओसाका ने सोमवार देर रात खेले गए मुकाबले में सबालेंका के विरुद्ध मुकाबले में शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती बढ़त हासिल कर ली, लेकिन सबालेंका ने अपनी ताकतवर ग्राउंडस्ट्रोक्स और आक्रामक खेल से मैच पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। पहले सेट में 5-5 की बराबरी के बाद उन्होंने निर्णायक ब्रेक हासिल किया और फिर दूसरे सेट में भी दबदबा बनाए रखा। जीत के बाद सबालेंका ने कहा कि ओसाका बेहद आक्रामक खिलाड़ी हैं और उनके खिलाफ दबाव बनाए रखना आसान नहीं था। अब क्वार्टर फाइनल में सबालेंका का सामना रूस की डियाना श्नाइडर से होगा। श्नाइडर ने अमेरिकी खिलाड़ी मेडिसन कीज को 6-3, 3-6, 6-0 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया। दूसरी बार सेमीफाइनल में आंद्रीवा मीरा एंड्रीवा ने अपने करियर में दूसरी बार फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई। मैच की शुरुआत से ही आंद्रीवा ने अपना दबदबा बनाए रखा। रूसी खिलाड़ी ने पहले छह गेम में सिर्फ नौ अंक गंवाए और 36 वर्षीय क्रिस्टी को एक भी गेम प्वाइंट नहीं दिया। एंड्रीवा ने पहला सेट सिर्फ 22 मिनट में अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में क्रिस्टी ने खाता खोला। इसके बाद वह पहले छह गेम तक आंद्रीवा के साथ बराबरी पर रहीं। आंद्रीवा ने तुरंत ही मैच पर अपना दबदबा फिर से कायम किया और अगले तीन गेम बिना कोई प्वाइंट गंवाए जीत लिए, जिसके साथ ही 6-0, 6-3 से जीत सुनिश्चित कर ली। इसके साथ आंद्रीवा का क्रिस्टी के विरुद्ध हेड-टू-हेड रिकार्ड 2-0 हो गया है। वह इस सीजन में डब्ल्यूटीए टूर पर सर्वाधिक 34 मैच जीतने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। इस साल क्ले कोर्ट पर आंद्रीवा की यह 20वीं जीत है। सेमीफाइनल में आंद्रीवा का सामना यूक्रेन की मार्टा कोस्त्युक से होगा, जिन्होंने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हमवतन एलिना स्वितोलिना को 6-3, 2-6, 6-2 से पराजित किया।