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फ्रिज से बढ़ सकती है घर की बरकत, जानें वास्तु के अनुसार सही तरीके और दिशा

आजकल फ्रिज को सजाना एक फैशन बन गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि किचन में रखी यह मशीन आपके घर की आर्थिक ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, फ्रिज सिर्फ एक मशीन नहीं है, बल्कि यह आपके घर की धन-ऊर्जा को स्टोर करता है.  यदि आप फ्रिज को सही दिशा में रखें और इस पर धन-आकर्षक (Money Magnet) प्रतीकों का उपयोग करें, तो यह आपके बैंक बैलेंस और बरकत के दरवाजे खोल सकता है. फ्रिज पर क्या लगाना है शुभ? वास्तु के अनुसार, फ्रिज पर इन चीजों का होना धन के प्रवाह को एक्टिव करता है: लक्ष्मी और कुबेर के प्रतीक: घर में धन की आवक और बरकत बनाए रखने के लिए फ्रिज पर माता लक्ष्मी या कुबेर जी के छोटे मैग्नेट्स या प्रतीक लगाना सबसे ज्यादा असरदार माना जाता है. शुभ-लाभ और रिद्धि-सिद्धि: फ्रिज पर शुभ-लाभ लिखे हुए स्टिकर लगाने से घर में धन बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है. सफलता, प्रगति या Wealth जैसे सकारात्मक शब्दों वाले मैग्नेट्स का इस्तेमाल करें. यह न केवल मानसिक शांति देते हैं, बल्कि आर्थिक लक्ष्यों के प्रति आपको केंद्रित भी रखते हैं. खुशनुमा वाइब्स: हैप्पी होम जैसे शब्द घर के माहौल को तनावमुक्त रखते हैं, जिससे धन कमाने की ऊर्जा (Productive Energy) बनी रहती है. क्या लगाने से बचें? (धन-बाधा के कारण) गलत चीजें घर की आर्थिक समृद्धि को रोक सकती हैं, इसलिए इनका ध्यान रखें: अव्यवस्था से बचें: फ्रिज के दरवाजे पर बहुत सारे स्टिकर या मैग्नेट्स चिपकाकर उसे कबाड़ न बनाएं. बिखरी हुई चीजों का मतलब है रुका हुआ पैसा, जो आर्थिक तरक्की में रुकावट डालता है. नकारात्मक आकृतियां: कभी भी डरावनी फोटो या अजीब, नुकीले किनारों वाली आकृतियां न लगाएं. ये घर की सकारात्मक ऊर्जा को सोख लेती हैं और आर्थिक तंगी की वजह बनती हैं. वास्तु के खास टिप्स सही दिशा: वास्तु शास्त्र के अनुसार, फ्रिज को घर की दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा में रखना सबसे शुभ है. यह स्थान स्थिरता का है, जिससे घर की जमा-पूंजी (Savings) सुरक्षित रहती है . स्वच्छता का महत्व: फ्रिज का दरवाजा हमेशा साफ रखें. गंदा और भरा हुआ फ्रिज आर्थिक अवसरों के दरवाजे बंद कर देता है. रोजाना सफाई से घर में धन के रास्ते खुलते हैं. उपाय: अगर आप फ्रिज के ऊपर या आसपास एक छोटा जेड प्लांट (Crassula) भी रख दें, तो यह आपकी आर्थिक उन्नति को और भी तेजी से गति देगा!

वास्तु के अनुसार ये 5 पौधे घर में लाते हैं सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा

 क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ घरों में कदम रखते ही एक अलग सी ताजगी और सकारात्मकता का अहसास होता है, जबकि कुछ जगहों पर हमेशा तनाव महसूस होता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे का एक बड़ा कारण हमारे आसपास मौजूद वनस्पतियां हैं.  प्रकृति और वास्तु का गहरा संबंध है. सही दिशा में रखे गए पौधे न केवल घर की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि ये मनी मैग्नेट (धन को आकर्षित करने वाले) की तरह भी काम करते हैं. यदि आप भी अपने घर या वर्कस्पेस में बरकत और आर्थिक समृद्धि चाहते हैं, तो वास्तु के अनुसार इन 5 पौधों को उनकी सही दिशा में आज ही लगाएं: 1. क्रासुला (Jade Plant) – क्रासुला को मनी ट्री के नाम से जाना जाता है.  इसकी छोटी और गोल पत्तियां धन के सिक्कों की तरह मानी जाती हैं.  वास्तु में इसे आर्थिक तरक्की का सबसे बड़ा जरिया माना गया है. सही दिशा: इसे हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) में रखें. यह दिशा धन और समृद्धि के ग्रह शुक्र से प्रभावित होती है, जिससे यह पौधा आय के नए स्रोत खोलता है. 2. मनी प्लांट (Money Plant) – मनी प्लांट का  पौधा न केवल घर की नकारात्मक ऊर्जा सोखता है, बल्कि आर्थिक तंगी को दूर करने में भी मदद करता है. सही दिशा: इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में ही रखें. ध्यान रहे कि इसकी बेलें कभी भी जमीन पर नहीं फैलनी चाहिए, इन्हें हमेशा ऊपर की ओर चढ़ाएं, क्योंकि ऊपर चढ़ती बेलें आपकी उन्नति और प्रगति का प्रतीक हैं. 3. लकी बैम्बू (Lucky Bamboo) – लकी बैम्बू सौभाग्य, लंबी आयु और धन का प्रतीक माना जाता है. इसे ऑफिस डेस्क या घर की मुख्य टेबल पर रखना बहुत शुभ होता है. सही दिशा: यदि आप स्वास्थ्य और समृद्धि चाहते हैं, तो इसे पूर्व दिशा में रखें.  वहीं, अगर करियर में धन और पदोन्नति चाहते हैं, तो इसे दक्षिण-पूर्व कोने में रखना सबसे अधिक फायदेमंद होता है. 4. तुलसी (Tulsi) – तुलसी को भारतीय घरों में साक्षात देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. यह पौधा न केवल आर्थिक समृद्धि लाता है, बल्कि घर के वास्तु दोषों को भी खत्म करता है. सही दिशा: तुलसी को हमेशा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या उत्तर दिशा में ही लगाना चाहिए. यह स्थान देवताओं का माना जाता है, जिससे घर में सुख-शांति और धन का प्रवाह बना रहता है. 5. स्नेक प्लांट (Snake Plant) – यह पौधा अपनी ऑक्सीजन छोड़ने की अद्भुत क्षमता के लिए जाना जाता है. वास्तु के नजरिए से, यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को बाहर फेंककर सफलता का मार्ग बनाता है. सही दिशा: इसे दक्षिण दिशा या घर के किसी भी कोने (खासतौर लिविंग रूम) में रखना फलदायी होता है.  यह परिवार के सदस्यों की ख्याति और करियर में स्थिरता लाने में मदद करता है.

‘जैसा है, जहां है’ योजना पर लोगों की कम रुचि, सरकार चलाएगी जागरूकता अभियान

नई दिल्ली राजधानी में अनधिकृत कॉलोनियों को जैसा है, जहां है, की शर्त पर पक्का करने की घोषणा के बाद भी लोग उसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो घोषणा के करीब एक महीने बाद भी अभी तक करीब 1700 आवेदन ही स्वगम पोर्टल पर मिले हैं, जबकि दिल्ली में 1511 कॉलोनियां हैं। अनधिकृत कॉलोनी वालों के इस रवैये पर दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है। यही नहीं, सूत्र बताते हैं कि सीएम रेखा गुप्ता जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करेंगी। केंद्र सरकार ने बीते माह 7 अप्रैल को दिल्ली की 1731 में से 1511 कॉलोनियों को जैसा है, जहां है के आधार पर पक्का करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही इसकी पूरी जिम्मेदारी डीडीए से लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी को दी थी। डीडीए पहले ही 40 हजार कन्वेंस डीड जारी कर चुका है, लेकिन वो लोग भी स्वगम पोर्टल पर अपने घर को पक्का कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आवेदनों की इतनी कम संख्या से हम भी हैरान हैं। इसलिए अब जागरूक करने के लिए अभियान चलाएंगे। 1511 अनधिकृत कॉलोनियां मौजूद आधार पर होंगी पक्की 1700-2000 आवेदन अब तक स्वगम पोर्टल के जरिए मिले 45 दिन में पूरी प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य हर जिले में बनी खास टीम राजस्व विभाग ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने के लिए हर जिले में एडीएम की निगरानी में स्पेशलाइज्ड टीम का गठन कर दिया गया है। डीएम, एडीएम समेत पूरी टीम को ट्रेनिंग का काम पूरा हो चुका है। यह टीम पूरी तरह से स्वगम पोर्टल पर आए आवेदनों पर काम करेगी। इसके अलावा डिजिटल, सोशल मीडिया व एफएम पर भी कैंपेन चलाया जाएगा। राजस्व विभाग ने कहा कि हम अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने के लिए जन प्रतिनिधियों जैसे विधायक, सांसद और पार्षदों की भी मदद लेंगे। सीएम रेखा गुप्ता ने भी भरोसा दिलाया है कि वह खुद जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगी। उन्हें पूरी योजना के बारे में बताया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रक्रिया आवेदक एमसीडी स्वगम पोर्टल (https://mcdonline.nic.in/swagam) पर लॉग इन करेंगे। अनधिकृत कॉलोनी (पात्र 1511 कॉलोनियों में से) का नाम चुनें वार्ड और जोन खुद फिल हो जाएगा। फिर विकल्प सेलेक्ट करें कि क्या पीएम-यूडीएवाई केस आईडी मौजूद है। अगर नहीं है तो पीएम- उदय पोर्टल पर सीधे जाएंगे। अगर केस आईडी है तो उसे भरें। सीडी/एएस (कन्वेस डीडी) जारी किया गया है तो आवेदन पत्र खुल जाएगा। यदि जारी नही किया गया है तो उसका स्टेटस जानने के लिए पीएम-उदय पोर्टल पर फिर रीडायरेक्ट किया जाएगा। दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग द्वारा डीडीए के सहयोग से आवेदनों की प्रक्रिया और सीडी/एएस जारी करेगी। जारी की गई सीडी/एएस को स्वगम पोर्टल के माध्यम से एमसीडी को भेजा जाएगा।  

स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम को लेकर केंद्र की नई योजना, चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार

चंडीगढ़  उत्तर प्रदेश में लोगों द्वारा अपने घरों के बाहर लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटरों का प्रबल विरोध करने के बाद केंद्र सरकार हरियाणा में नया प्रयोग करने की तैयारी में है। केंद्र सरकार ने हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके पीछे केंद्र व राज्य सरकार की सोच है कि लोगों में इन स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के प्रति भरोसा जागेगा। सरकारी कार्यालयों में पहले प्रीपेड मीटर लगने से लोगों में यह संदेश जाएगा कि इन प्रीपेड मीटरों में किसी तरह की कोई खराबी नहीं है, क्योंकि सरकार स्वयं इन्हें अपने कार्यालयों में लगाने की पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर लोगों ने इस व्यवस्थछा का विरोध किया था। चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में क्या बोले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों तथा केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में कहा कि स्मार्ट मीटरों से बिजली हानियों को कम करने में सहायता मिलेगी। इस पर हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से युक्त हैं तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ एकीकृत होने की क्षमता रखते हैं। मनोहर लाल ने कहा कि बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में बिजली निगमों का कुल लाइन लास लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए। राज्य में लाइन लास 10 प्रतिशत के आसपास है, जिसमें रिकार्ड कमी आई है। बिजली मंत्री अनिल विज ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत चल रहे लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री रहते मनोहर लाल के पास बिजली मंत्रालय भी था, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत सुधार किए थे। हरियाणा में मांग से अधिक बिजली उपलब्ध हरियाणा के पास वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। इसमें लगभग 9,929.92 मेगावाट क्षमता तापीय, परमाणु और गैस आधारित स्रोतों से तथा 6,622.58 मेगावाट क्षमता जलविद्युत, सौर, पवन, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही है। चालू वर्ष में हरियाणा में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य के पास इससे अधिक बिजली उपलब्ध है। वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर लगभग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसके मद्देनजर दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर कार्य किया जा रहा है। हरियाणा में चालू वर्ष में 2.20 लाख रूफटाप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य है। अब तक लगभग 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

AC में नहीं आ रही ठंडक? ये 5 संकेत बताते हैं गैस कम हो गई है

गर्मी शुरू होते ही एसी सबसे जरूरी चीज बन जाता है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि एसी चल रहा होता है, फिर भी ठंडक नहीं मिलती. लोग समझ नहीं पाते कि दिक्कत क्या है. ऐसे में सबसे बड़ा शक AC की गैस पर जाता है. एसी में गैस कम होना एक आम समस्या है. लेकिन अच्छी बात यह है कि इसके कई साइन घर बैठे ही समझे जा सकते हैं. इसके लिए हर बार मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं होती. क्योंकि थर्ड पार्टी मैकेनिक कई बार ज्यादा पैसे बनाने के लिए गैस को लेकर झूठ बोलते हैं या दूसरी गैस भर देते हैं. अलग अलग एसी में रेफ्रिज्रेंट यानी गैस भी अलग तरह की भरी जाती है. कूलिगं कम हो गई? गैस कम या लीक होने का सबसे पहला साइन ठंडक से जुड़ा होता है. अगर आपका एसी पहले जल्दी ठंडा करता था और अब काफी देर लग रही है, तो यह गैस कम होने का साइन हो सकता है. कई बार एसी सिर्फ हवा देता है, लेकिन ठंडक नहीं आती. इसका मतलब होता है कि कूलिंग सही तरीके से नहीं हो रही. दूसरा बड़ा साइन आउटडोर यूनिट से जुड़ा होता है. अगर आप ध्यान से देखें तो आउटडोर यूनिट के पाइप पर बर्फ जमने लगती है. यह आम बात नहीं है. ऐसा तब होता है जब गैस का प्रेशर सही नहीं होता. यह संकेत मिलने पर तुरंत ध्यान देना चाहिए. तीसरी चीज बिजली बिल से समझ आती है. अगर आपका AC पहले से ज्यादा बिजली खपत कर रहा है और फिर भी ठंडक कम दे रहा है, तो यह भी गैस कम होने का इशारा हो सकता है. क्योंकि जब गैस कम होती है, तो कंप्रेसर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. घर पर एसी की गैस कैसे चेक करें? अब सवाल आता है कि घर पर कैसे चेक करें. इसके लिए आप AC को 16 से 18 डिग्री पर चलाकर देखें. अगर 10 से 15 मिनट में कमरा ठंडा नहीं होता, तो समझ लें कि कुछ गड़बड़ है. साथ ही इनडोर यूनिट से आने वाली हवा को हाथ लगाकर देखें. अगर हवा ठंडी नहीं लग रही, तो गैस कम हो सकती है. विंडो AC में यह चेक करना थोड़ा आसान होता है. आप पीछे की ग्रिल के पास पाइप को देख सकते हैं. अगर वहां बर्फ जमी दिखे या पानी ज्यादा टपक रहा हो, तो यह साइन है कि गैस का बैलेंस सही नहीं है. स्प्लिट AC में आउटडोर यूनिट पर नजर रखनी पड़ती है. वहां से आने वाली आवाज, पाइप की हालत और कूलिंग सब कुछ संकेत देते हैं. अगर आवाज ज्यादा आ रही है और कूलिंग कम है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐप के जरिए गैस पता करें कुछ नए AC मॉडल में स्मार्ट फीचर भी आते हैं. कई कंपनियां ऐप के जरिए कूलिंग परफॉर्मेंस और एरर दिखाती हैं. हाल ही में भारतीय ब्रांड ऑप्टिमिस्ट ने एसी लॉन्च किया. कंपनी ने गैस चेक करना आसान बना दिया है और ऐप के जरिए ही आप गैस चेक कर सकते हैं. कुछ AC में प्रेशर या गैस से जुड़े एरर कोड भी दिख जाते हैं. हालांकि सीधे गैस लेवल दिखाने वाला फीचर हर AC में नहीं होता. एरर कोड को आप इंटरनेट पर सर्च करके या कस्टमर केयर से बात करके चेक कर सकते हैं. एक बात ध्यान रखना जरूरी है. AC की गैस खुद से भरने की कोशिश न करें. यह काम हमेशा ट्रेनड टेक्नीशियन से ही करवाएं. क्योंकि गैस का सही प्रेशर बहुत जरूरी होता है. अगर समय रहते गैस की समस्या पहचान ली जाए, तो AC की लाइफ भी बढ़ती है और बिजली बिल भी कंट्रोल में रहता है. इसलिए हर सीजन से पहले AC की जांच करना हमेशा बेहतर होता है.

जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक काशी में आयोजित होने जा रही

वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक 4 और 5 जून को    जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक काशी में आयोजित होने जा रही योगी सरकार में वैश्विक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है उत्तर प्रदेश   ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक से वैश्विक मंच पर चमकेगी काशी की कला और संस्कृति बैठक के दौरान काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई टैग एवं ओडीओपी उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगेगी  इस बैठक में देश-विदेश के वरिष्ठ राजनयिक, नीति-निर्माता, सांस्कृतिक विशेषज्ञ एवं विशिष्ट प्रतिनिधि भाग लेंगे वाराणसी,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र एवं विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी काशी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। जी-20 बैठकों की सफल मेजबानी के बाद अब 4 और 5 जून को वाराणसी में ब्रिक्स (BRICS) संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक आयोजित होने जा रही है। 4 -5 जून को ताज होटल में प्रस्तावित इस बैठक में देश-विदेश के वरिष्ठ राजनयिक, नीति-निर्माता, सांस्कृतिक विशेषज्ञ एवं विशिष्ट प्रतिनिधि भाग लेंगे।  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश आज वैश्विक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पर्यटन विकास, स्थानीय उत्पादों के संवर्धन और रोजगार सृजन के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है कि काशी को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। बैठक के दौरान काशी के विश्व प्रसिद्ध जीआई टैग एवं ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में वाराणसी की समृद्ध शिल्प परंपरा के 6 शिल्पियों के 6 विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ये सभी उत्पाद काशी की सदियों पुरानी कला, शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रतीक हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को न केवल इन उत्पादों की विशिष्टता से परिचित कराया जाएगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी मिलेगा। योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों के संरक्षण, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। इन प्रयासों से हजारों शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को नई पहचान एवं रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। काशी के हस्तशिल्प उत्पाद आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। ब्रिक्स के सदस्य देश   ब्राजील ,चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान,रूस, सऊदी अरब ,दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ।  प्रदर्शित होने वाले प्रस्तावित जीआई और ओडीओपी उत्पादों के नाम वुडेन लेकर वेयर एंड टॉयज बनारस गुलाबी मीनाकारी क्राफ़्ट  बनारस ब्रोकेड एण्ड साड़ी वाराणसी सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क वाराणसी वुडेन लेकर वेयर एंड टॉयज बनारस मेटल रिपोजी क्राफ्ट बनारस ग्लास बीड्स   ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्थानीय कलाकारों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। विदेशी प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे अपने उत्पादों का प्रदर्शन होने से निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और काशी के पारंपरिक शिल्प को नई वैश्विक पहचान प्राप्त होगी।     पद्मश्री रजनीकांत  जीआई ,विशेषज्ञ  अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से बड़ा मंच मिलता है, ब्रिक्स में हैंडीक्राफ्ट के प्रदर्शन से शिल्पियों के हाथ के हुनर को लोकल से ग्लोबल मार्केट  मिलेगा।   रामेश्वर सिंह  नेशनल अवार्डी  वाराणसी वुडेन लेकर एंड टॉयज  मोदी जी और योगी जी खुद जीआई एवं ओडीओपी उत्पादों के ब्रांड अंबेसडर हैं। जिन्होंने प्रदेश के हस्तशिल्प को नई पहचान देते हुए  प्राचीन मरती हुई कला को जीवित कर दिया है। इस प्रदर्शनी से वाराणसी के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रचार प्रसार होगा, देश-विदेश से आए विशिष्ट मेहमान काशी की इस कला से परिचित होंगे और हैंडीक्राफ्ट की बारीकियों को जानेंगे। इस मंच से ऑर्डर मिलेंगे की संभावनाएं बढ़ेंगी। कुञ्ज बिहारी  नेशनल अवार्डी, गुलाबी मीनाकारी  देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर रखने का मौका मिल रहा है, ऐसे अवसर देश की विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मौका देते हैं।  दुर्गा प्रसाद पटेल  आर्टिजन ग्लास बिड्स

वरुण धवन मंदिर में शॉर्ट्स-बनियान पहनकर पहुंचे, वायरल वीडियो पर फैंस में बहस

वरुण धवन इन दिनों अपनी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' को लेकर सुर्खियों में हैं. वरुण की ये फिल्म 5 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है. फिल्म रिलीज से पहले वरुण ने मंदिर जाकर फिल्म की सक्सेस को लेकर प्रार्थना की. लेकिन वरुण ने इस दौरान एक ऐसी गलती करदी, जिसके बाद से वो ट्रोल्स के निशाने पर आ गए हैं. वरुण पर क्यों भड़के लोग? दरअसल, वरुण धवन शॉर्ट्स और बनियान पहनकर मंदिर से बाहर निकलते हुए दिखाई दिए. उन्होंने माथे पर तिलक भी लगाया हुआ है. मंदिर से बाहर निकलते हुए उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वरुण ने मंदिर के बाहर मौजूद पैप्स को प्रसाद भी बांटा और फैंस संग तस्वीरें भी क्लिक कराईं. वरुण धवन को भक्ति में डूबा देखकर उनके फैंस खुशी से गदगद नजर आए. लेकिन शॉर्ट्स और बनियान पहनकर मंदिर जाने पर कुछ लोग एक्टर को जमकर ट्रोल कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- मंदिर जाने का ये कौन सा तरीका है? दूसरे ने लिखा- मंदिर जाते वक्त तो सही से कपड़े पहनने चाहिए. कुछ ने कहा कि बॉलीवुड स्टार्स भी हॉलीवुड कल्चर अपनाते जा रहे हैं. रिलीज से पहले फिल्म पर विवाद वरुण धवन इस समय अपनी आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' की रिलीज की तैयारियों में बिजी हैं. वो फिल्म का जमकर प्रमोशन कर रहे हैं. डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में पूजा हेगड़े, मृणाल ठाकुर भी अहम रोल में दिखाई देंगी. हालांकि, रिलीज से फिल्म अपनी स्टोरीलाइन और गानों लेकर विवादों में है. दरअसल, वाशु भगनानी ने दावा किया है कि फिल्म का 'चुनरी चुनरी' सॉन्ग उनकी आइकॉनिक हिट फिल्म बीवी नंबर 1 से उनकी बिना परमिशन के इस्तेमाल किया गया है. मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि विवादों के बीच रिलीज होने जा रही फिल्म को दर्शकों का कैसा रिस्पॉन्स मिलेगा. 

अग्निकांड पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान, पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन

नई दिल्ली  दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। जिसमें अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों को बाहर निकाला जा चुका है। अब इस हादसे पर पीएम मोदी व दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हादसे में मृतक को परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया गया है। दिल्ली मोदी ने मालवीय नगर अग्निकांड पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, 'अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।' पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान इसके साथ ही पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। मालवीय नगर अग्निकांड पर सीएम रेखा गुप्ता ने क्या बताया? सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मालवीय नगर में हुई भीषण अग्निकांड की घटना में हुई जनहानि से मैं अत्यंत दुखी हूं। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने तथा इस हृदयविदारक त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करती हूं।' 'मौके पर आपातकालीन एजेंसियां मौजूद' मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा, 'दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), CATS एम्बुलेंस सेवा तथा अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया और उन्होंने बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिया गया था। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण प्रभावित परिसर से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनका सफलतापूर्वक बचाया गया है। ' रेखा गुप्ता ने आगे कहा, 'दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दुख की घड़ी में दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। हम इस त्रासदी से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' प्रशासन ने क्या कहा? मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, 'जैसे ही आज सुबह मुझे यह जानकारी मिली, हमने अपनी टीम को सक्रिय किया और वहां से सभी बलों को सूचित किया। उन्हें घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया। मुझे ट्रेनिंग पर जाना था, लेकिन मैं ट्रेनिंग छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचा। हमें जानकारी मिली कि इस इमारत के नीचे एक रेस्टोरेंट चलाया जा रहा था। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन आशंका है कि उस रेस्टोरेंट की वजह से ही आग लगी है।' उन्होंने आगे बताया, 'अब तक कुछ शव बरामद कर अस्पताल भेजे जा चुके हैं और 7-8 अन्य लोग भी घायल हुए हैं। कुछ लोग तीसरे मंजिल से कूदे, स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दा बिछाया और उन्हें बचाने का प्रयास किया। समय रहते बीएसईएस ने बिजली की आपूर्ति काट दी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी जरूरी है। रेस्टोरेंट के लाइसेंस की जांच के लिए भी आदेश दिए गए है।' 'आप' नेता सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, 'आज सुबह करीब 8.30 बजे, मेरे विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई; इसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक हैं। तलाश और बचाव अभियान अभी भी जारी है, और आगे की जानकारी का इंतजार है।' अभिषेक पाण्डेय

‘मजीठिया कहां हैं?’ CM के बयान पर गनीव कौर का पलटवार, बोलीं- न भागे हैं, न भागेंगे

अमृतसर  अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के अंडरग्राउंड होने के मामले में सीएम भगवंत मान ने टिप्पणी की है। सीएम भगवंत सिंह मान ने उन पर तंज कसते हुए पूछा है कि अब वो मूछें नहीं दिख रही हैं, जिन पर ताव दिया जाता था। दरअसल, पुलिस कस्टडी से अपने समर्थक को छुड़वाने के आरोप में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज कर पंजाब पुलिस की टीमें उन्हें तलाश रही है। वहीं सीएम के बयान पर मजीठिया की पत्नी और अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि उनके पति न तो भागे हैं और न ही भागेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपनी कानूनी टीम के साथ संपर्क में हैं और इस मामले को अदालतों के ज़रिए आगे बढ़ाएंगे। कागजी शेर हैं मजीठिया मजीठिया पर तंज कसते हुए सीएम मान ने कहा कि अब उसकी मूंछें कहां गईं। उसे अब सामने आना चाहिए। मजीठिया माझे का जरनैल बनकर आगे आए मगर ये तो कागजी शेर हैं। इन्होंने लोगों को फंसाया और अब खुद फरार हो गया है। विदेश न भाग जाए, लिहाजा उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। सीएम ने कहा कि लोग जान गए हैं कि गुंडागर्दी इनके व्यवहार में शामिल है। ये लोग पुलिस के काम में किस तरह बाधा डाल रहा है, सबके सामने आ चुका है मगर इस मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। सीएम के अनुसार पुलिस मजीठिया को तलाश रही है। लापता होने के लगे पोस्टर उधर, मजीठा क्षेत्र में मजीठिया के लापता होने के पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में बिक्रम मजीठिया भगोड़े की तलाश लिखा गया है। पोस्टर में आगे लिखा कि अगर किसी को बिक्रम मजीठिया के बारे में कोई जानकारी हो तो वह इसकी सूचना पुलिस को दे ताकि कार्रवाई की जा सके। उल्लेखनीय है कि मजीठा थाने में पुलिस ने मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन पर पुलिस के काम में बाधा डालते हुए अपने समर्थक को छुड़वाने का आरोप है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी जोबनप्रीत को फिर गिरफ्तार कर लिया था।  

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त, बोले- नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त बोलेः नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर नहीं रायपुर  छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश की नदियों और बड़े नालों में हो रहे अवैध व बेतरतीब रेत उत्खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरण और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए इस पर तत्काल व प्रभावी रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि रेत राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण के लिए एक अनिवार्य खनिज है, परंतु इसके अनियंत्रित और अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है।         लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद से इस संवेदनशील विषय पर विस्तृत चर्चा की और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन पूरी तरह से वैज्ञानिक, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि विकास की रफ्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन बना रहे। अनियंत्रित खनन से पर्यावरण और भू-जल स्तर को खतरा           राज्यपाल ने अवैध उत्खनन से होने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंधाधुंध खुदाई के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नदी के तल में अत्यधिक गहराई तक खुदाई होने से उनकी जलधारण क्षमता घट रही है, जिसका सीधा प्रतिकूल असर भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। नदी तटों के तीव्र कटाव की समस्या बढ़ रही है। इसके साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्रोत सूख रहे हैं और जलीय जैव विविधता के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदियों व बड़े नालों की जल क्षमता को बनाए रखने तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिए अब दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। आई आई टी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से कराया जाएगा वैज्ञानिक सर्वे           भविष्य की कार्ययोजना पर बात करते हुए राज्यपाल डेका ने निर्देश दिए कि रेत खनन से प्रभावित क्षेत्रों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन के सटीक आकलन, तकनीकी अध्ययन और सर्वे के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई आई टी) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जा सकता है। पारदर्शी व्यवस्था और कड़ी निगरानी के निर्देश          राज्यपाल ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए रेत बेहद जरूरी है, लेकिन इसका दोहन निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।