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मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य समय-सीमा में पूरा करें : सचिव राज्य निर्चाचन आयोग

मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य समय-सीमा में पूरा करें : सचिव राज्य निर्चाचन आयोग फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 18 जून को होगा भोपाल  मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य समय-सीमा में पूरा करें। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग दीपक सिंह ने यह बात पंचायत एवं नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा के दौरान कही। सिंह ने जिलेवार लंबित दावे-आपत्तियों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण कार्य में पूरी पारदर्शिता रहनी चाहिए। सिंह ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के संबंध में जो भी कार्यवाही करें, उसकी जानकारी स्टेरिंग कमेटी की बैठक के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में जरूर लायें। उन्होंने वर्किंग और नानवर्किंग ईव्हीएम की जानकारी देने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची को नियत समय पर जिले की वेबसाइट पर अपलोड करें। बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग शहडोल से वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल हुए। इस दौरान उप सचिव राज्य निर्वाचन आयोग मनोज मालवीय, श्रीमती संजू कुमारी सहित अन्य अ‍धिकारी उपस्थित थे।  

चुनावी प्रक्रिया को लेकर बढ़ी हलचल, आयोग ने विभागों से मांगा जरूरी डेटा

जयपुर राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत राज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग से आरक्षण संबंधी नवीनतम आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है. आयोग का मानना है कि आवश्यक डेटा मिलते ही चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा. विभागों से मांगे आंकड़े राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार और संबंधित विभागों को पत्र लिखकर जरूरी आंकड़े मांगे हैं.  आयोग का कहना है कि पंचायत और निकाय चुनावों में आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी किए बिना चुनाव कार्यक्रम जारी करना संभव नहीं है. आयोग ने विभागों को स्पष्ट किया है कि डेटा उपलब्ध होते ही चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा. आयोग को कोर्ट में देना है जवाब उल्लेखनीय है कि चुनाव में देरी को लेकर आयोग को न्यायालय में भी जवाब देना पड़ा था.  15 अप्रैल को चुनाव नहीं कराए जाने के मामले में आयोग ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए आवश्यक आंकड़े उपलब्ध नहीं होने को प्रमुख कारण बताया था. राज्य सरकार की ओर से पहले ओबीसी आरक्षण से संबंधित आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, लेकिन निर्वाचन आयोग का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया शुरू करने के लिए अंतिम और प्रमाणित आंकड़ों की आवश्यकता है.  यही वजह है कि विभागों से एक बार फिर विस्तृत डेटा मांगा गया है. पंचायत और निकाय चुनाव लंबित राजस्थान में पंचायत राज और नगरीय निकायों के चुनाव काफी समय से लंबित हैं. ऐसे में आयोग के ताजा पत्राचार के बाद चुनावों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं.  अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार आयोग को मांगा गया डेटा कब तक उपलब्ध कराती है क्योंकि इसी पर चुनावी प्रक्रिया की दिशा तय होगी.

नैनो उर्वरकों से बढ़ी पैदावार और घटी लागत, सरगुजा के किसान पंकज राजवाड़े बने नवाचार की मिसाल

नैनो उर्वरकों से बढ़ी पैदावार और घटी लागत, सरगुजा के किसान पंकज राजवाड़े बने नवाचार की मिसाल नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती हुई अधिक लाभकारी, किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील रायपुर कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत में भी कमी ला रहे हैं। राज्य शासन और कृषि विभाग द्वारा प्रोत्साहित नैनो उर्वरकों का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर के प्रगतिशील किसान पंकज राजवाड़े इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया है। पंकज राजवाड़े पिछले दो वर्षों से अपनी फसलों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का नियमित उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन उन्नत तरल उर्वरकों के प्रयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, उत्पादन में सुधार आया है तथा खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। कम खर्च में बेहतर परिणाम मिलने से उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग विभिन्न प्रकार की फसलों और सब्जियों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है। आलू, टमाटर, बैंगन, लहसुन, प्याज सहित अन्य व्यावसायिक फसलों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। तरल स्वरूप में उपलब्ध होने के कारण इनका छिड़काव आसान है और पौधों को पोषक तत्व सीधे एवं प्रभावी रूप से प्राप्त होते हैं। इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में सुधार होता है। पंकज ने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की आवश्यकता कम मात्रा में पड़ती है, जिससे परिवहन और भंडारण की सुविधा बढ़ती है तथा किसानों का खर्च भी कम होता है। इसके साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी अपेक्षाकृत अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है। अपनी सफलता के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से उन्हें बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं और किसान भाई भी इसका लाभ लेकर अपनी खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बना सकते हैं। कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जगदीशपुर के किसान पंकज राजवाड़े की सफलता यह दर्शाती है कि नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

रायपुर में World Bicycle Day पर लोगों ने भरी साइकिल की रफ्तार, सेहत और हरियाली का दिया संदेश

रायपुर. दुनियाभर में आज विश्व साइकिल दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राजधानी रायपुर में द बाइसिकल कैफे (The Bicycle Cafe) एवं स्पोर्ट्स एंथूज़ियास्ट एसोसिएशन (SEA) के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य साइकिल राइड का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में शहर के साइक्लिंग प्रेमियों ने हिस्सा लेकर फिटनेस, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। बता दें कि साइकिल राइड का उद्देश्य लोगों को नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित करना तथा साइक्लिंग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। द बाइसिकल कैफे के संचालक राघवेंद्र औऱ स्पोर्ट्स एंथूज़ियास्ट एसोसिएशन (Sports Enthusiast Association) के सचिव नीलेश कटारिया ने इस अवसर पर साइक्लिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साइक्लिंग केवल एक खेल या शौक नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि साइक्लिंग शरीर को फिट रखने के साथ-साथ हृदय को मजबूत बनाती है और मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक होती है। इसके अलावा यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त परिवहन का एक बेहतर विकल्प है। SEA के अध्यक्ष समीर सिंह ने भी इस दौरान साइक्लिंग को लेकर अपने विचार और सुझाव साझा किए। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से साइक्लिंग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण के निर्माण में भी योगदान मिलता है। कार्यक्रम का सफल संचालन SEA की प्रवक्ता लिपि जैन ने किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों का उत्साह और ऊर्जा देखने लायक रही। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में फिटनेस, स्वास्थ्य जागरूकता और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सके। विश्व साइकिल दिवस पर आयोजित यह राइड लोगों को स्वस्थ रहने, पर्यावरण संरक्षण और नियमित शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक करने का एक सार्थक प्रयास साबित हुई।

Ranveer Singh के कानूनी कदम का असर? DON 3 पर FWICE का यू-टर्न, फरहान अख्तर पर नजरें

मुंबई  रणवीर सिंह, फिल्म 'डॉन 3' को लेकर विवादों में हैं. फरहान अख्तर की पिक्चर से बाहर होने के बाद से उन्हें एक के बाद एक मुसीबत का सामना करना पड़ा रहा है. हाल ही में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने उनपर बैन लगा दिया था. इसके बाद खबर आई कि एक्टर ने FWICE को लीगल नोटिस भेजा है. अब FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी अपने नॉन-कोऑपरेशन निर्देश को वापस ले लिया है।  जानकारी के मुताबिक, संगठन ने कहा, 'हम लीगल नोटिस का कानूनी तरीके से जवाब देंगे. हम अभी भी रणवीर सिंह से अपील कर रहे हैं. हम उन्हें आमंत्रित करते हैं कि वे हमारे साथ बैठकर इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाएं और इंडस्ट्री के हितों की रक्षा करें।  FWICE के निर्देश को रणवीर सिंह ने दी चुनौती इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने बताया कि FWICE को असहयोग नोटिस मामले में रणवीर सिंह की ओर से कानूनी नोटिस मिला है। उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एसोसिएशन ने इस पूरे मामले पर बातचीत के लिए आज मुंबई में एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने का फैसला किया है। हालांकि,अशोक पंडित ने इसका खुलासा नहीं किया है कि इस नोटिस में क्या लिखा है, लेकिन अभिनेता के नोटिस के बाद ये मामला और गर्माता नजर आ रहा है। FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किया था नोटिस जानकारी के लिए बता दें कि पिछले महीने ही फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ (FWICE) ने फरहान अख्तर के प्रोडक्शन की फिल्म 'डॉन 3' आखिरी मौके पर छोड़ने को लेकर रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग नोटिस (NCD) जारी किया था। ANI द्वारा शेयर की गई विज्ञप्ति में FWICE ने कहा कि उसने रणवीर सिंह के कथित तौर पर अचानक प्रोजेक्ट से बाहर होने के संबंध में इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) ने शिकायत भेजी थी, जिसे संज्ञान में लेते हुए रणवीर के खिलाफ नॉन को-ऑपरेशनल नोटिस जारी किया गया है। फरहान अख्तर ने 11 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए FWICE को सौंप दिया गया। शूटिंग से ठीक पहले पीछे हटे रणवीर रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर सिंह ने 'डॉन 3' की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले इस फिल्म से अपने हाथ पीछे खींच लिए, जिसके बाद उनके और फिल्म का निर्माण कर रहे फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बीच तनाव बढ़ गया। इस फिल्म का निर्माण  'एक्सेल एंटरटेनमेंट' के तहत किया जा रहा है। रणवीर के शूटिंग से कुछ दिन पहले पीछे हटने से मेकर्स को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा, जिसके बाद मामला बढ़ता गया और फिर FWICE के पास जा पहुंचा। रणवीर सिंह के इस तरह आखिरी मौके पर फिल्म छोड़ने के बाद फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी, मुख्य सलाहकार अशोक पंडित, मानद महासचिव अशोक दुबे सहित शीर्ष नेतृत्व ने एक महत्वपूर्ण आंतरिक बैठक की। इस बैठक के बाद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर FWICE द्वारा इंडस्ट्री को इस फैसले की जानकारी दी गई थी। क्या है पूरा मामला? ये पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने फिल्म 'डॉन 3' को छोड़ दिया. जानकारी के मुताबिक, पिक्चर की शूटिंग शुरू होने से 10 दिन पहले एक्टर उससे बाहर हो गए थे. ये दावा किया गया कि रणवीर के 'डॉन 3' छोड़ने से फरहान अख्तर को करोड़ों का नुकसान हुआ. फरहान अख्तर ने रणवीर से 40 करोड़ रुपये के नुकसान भरपाई की मांग की थी, जिसे एक्टर ने नहीं भरा।  इसके बाद फरहान अख्तर ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) में शिकायत की. इसके चलते FWICE ने रणवीर के खिलाफ नॉन कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी कर दिया. पूरी इंडस्ट्री के सामने ऐलान किया गया कि अब रणवीर सिंह के साथ काम नहीं किया जाएगा. FWICE के इसी फैसले का विरोध करते हुए रणवीर सिंह ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा था. इसी के बदले FWICE ने अपना फैसला वापस लेते हुए एक्टर से बातचीत की अपील की है।  FWICE ने रणवीर सिंह के ख‍िलाफ क्‍यों लिया 'बैन' का फैसला हालांकि, अशोक पंडित ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि रणवीर सिंह के लीगल नोटिस में क्या लिखा है। लेकिन सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि FWICE ने एक्‍टर के ख‍िलाफ 'नॉन कॉपरेशन नोटिस' क्‍यों जारी किया। मोटे तौर पर यह फैसला फरहान अख्‍तर की उस शिकायत के आधार पर लिया गया था, जो इस साल की शुरुआत में उन्‍होंने रणवीर सिंह के ख‍िलाफ की थी। अपने आधिकारिक बयान में, फेडरेशन ने बताया कि 'डॉन 3' को लेकर करीब तीन साल तक सारी तैयारी करने के बाद रणवीर सिंह ने अचानक शूटिंग शुरू होने से तीन हफ्ते पहले यह फिल्‍म छोड़ दी। एक्‍टर का रवैया सही नहीं था और तीन बार फेडरेशन की ओर से समन भेजने के बावजूद रणवीर ने बात करने से इनकार कर दिया। बयान में कहा गया, 'फेडरेशन और इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के प्रति दिखाए गए रवैये को देखते हुए, FWICE के कार्यालय ने रणवीर सिंह के ख‍िलाफ 'असहयोग निर्देश' (NCD) जारी करने का फैसला किया है।' रणवीर सिंह और फरहान अख्‍तर विवाद में अब आगे क्या होगा? सबसे पहली बात तो यह है कि फरहान अख्‍तर ने रणवीर सिंह के ख‍िलाफ कानूनी रास्‍ता नहीं अपनाया है। वह किसी अदालत में नहीं गए। उन्‍होंने एक फ‍िल्म संस्था में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है, जहां उनकी कंपनी Excel Entertainment ने 'डॉन 3' के प्री-प्रोडक्‍शन पर खर्च हुए ₹45 करोड़ का सबूत दिया है। कंपनी ने रणवीर सिंह की उन शिकायतों का जवाब भी दिया, जिसकी वजह से उन्हें Don 3 से बाहर होना पड़ा था। FWICE ने उन सभी दस्तावेजों को सबूत मानते हुए और रणवीर से मनचाहा जवाब न मिलने पर अपना फैसला लिया है।     FWICE का दावा है कि फिल्‍म इंडस्‍ट्री के 30 अलग-अलग विभाग से 4 लाख से ज्यादा सदस्य उनसे जुड़े हैं। इसमें क्रू मेंबर्स से लेकर तकनीकी टीम के लोग भी हैं। अब जब रणवीर सिंह ने कोर्ट जाने का फैसला किया है तो वहां FWICE अपने फैसले को सही साबित करने के लिए तर्क देगी। यदि अदालत भी यह मानती है कि गलती रणवीर … Read more

बेटियों-बहनों के लिए पंजाब सरकार की सौगात, हर महीने मिलेंगे 1000 रुपए

चंडीगढ़   पंजाब में मुख्यमंत्री मावन ध्यान सत्कार योजना के तहत 1 जुलाई से 52 लाख महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी, और दलित महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता मिलेगी। 35 लाख लाभार्थियों को कार्ड जारी किए जा चुके हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सब्जी और फल उत्पादकों तथा मत्स्यपालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के विस्तार की घोषणा के लिए आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। मान ने कहा कि सरकार ने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक धनराशि का बजट पहले ही बना लिया है। राज्य की महिलाओं को यह कहकर गुमराह न किया जाए कि यह योजना केवल कुछ महीनों तक चलेगी। यह महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए एक दीर्घकालिक योजना है। क्या है 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना'? सीएम भगवंत मान ने मंगलवार को किसान क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिलाओं से जुड़ी यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के लिए सरकार ने फंड अलग से रख दिया है।     योजना के तहत लगभग 52 लाख लाभार्थी महिलाओं की पहचान कर ली गई है।     इनमें से करीब 35 से 36 लाख महिलाओं को योजना के कार्ड जारी किए जा चुके हैं।     सरकार को उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक सभी पात्र लाभार्थियों तक उनके कार्ड पहुंच जाएंगे। बता दें कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2026-27 के अपने बजट प्रस्तावों में इस योजना को लागू करने के लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। किसे नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ? सरकार के मुताबिक, राज्य की अधिकतर महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा, लेकिन कुछ विशेष श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है। योजना का लाभ इन्हें नहीं मिलेगा:     मौजूदा और रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) सरकारी कर्मचारी     इनकम टैक्स (आयकर) देने वाली महिलाएं     मौजूदा और पूर्व विधायक व सांसद योजना से जुड़ी अन्य अहम बातें पेंशन के साथ भी मिलेगा लाभ: जिन महिलाओं को पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही है, उन्हें वह पेंशन मिलती रहेगी। उन्हें इस नई योजना का लाभ भी अतिरिक्त रूप से मिलता रहेगा। देर से कार्ड बनने पर भी नुकसान नहीं: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी योग्य महिला का कार्ड देरी से यानी अक्टूबर में भी बनता है, तो भी उसे 1 जुलाई से ही योजना का पैसा मिलना शुरू माना जाएगा और पिछला भुगतान भी किया जाएगा। लंबी अवधि की योजना: सीएम मान ने कहा है कि कोई भी इस योजना को चुनावी हथकंडा न समझे। यह एक लंबी अवधि की योजना है जो चुनावों के बाद भी लगातार जारी रहेगी। AAP का प्रमुख चुनावी वादा महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए प्रमुख वादों में से एक थी। योजना को शुरू करने में हो रही देरी की वजह से विपक्ष लगातार सरकार की आलोचना कर रहा था। आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की कुल महिलाओं की संख्या 1.01 करोड़ है, जिनमें से 51.48 प्रतिशत महिलाओं को हर महीने यह ग्रांट मिलेगी। अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस उनकी तलाश कर रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वह सिर्फ कागजी शेर है। उसने अपने आदमियों को पुलिस केस में फंसाया और उन्हें छोड़कर भाग गया। इसी बीच, सहकारिता विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मान ने 26 साल पुरानी किसान क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल के लिए ऋण सीमा 24,380 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। पहली बार, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड में 2,000 रुपये प्रति एकड़ का अलग प्रावधान शामिल किया गया है। गन्ने के किसानों को बड़ी राहत देते हुए, ऋण सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। सब्जियों और बागवानी फसलों के लिए सीमा 32,000 रुपये से बढ़ाकर 1.57 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि ड्रैगन फ्रूट, बांस, चिनार और लेमनग्रास जैसी फसलों को पहली बार केसीसी योजना में शामिल किया गया है। संशोधित योजना के तहत, किसानों को छह साल के लिए वैध केसीसी अनुमोदन प्राप्त होगा, जिसकी ऋण सीमा वार्षिक रूप से बढ़ती जाएगी। किसान एटीएम, यूपीआई और डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से आसानी से धनराशि निकाल सकते हैं। 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान उन्होंने कहा कि यह एक दूरगामी योजना है और सरकार ने तभी शुरू किया जब इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है. योजना के तहत इस वित्त वर्ष में 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ? हालांकि इस योजन में सरकारी कर्मचारी या सरकार से रिटायर हो चुकी महिलाओं, पूर्व और मौजूदा विधायक और सांसद महिलाओं और टैक्स अदा करने वाली महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा।  विधवा पेंशन पाने वालीं महिलाओं को भी लाभ अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन ले रही महिलयन को इस योजना के तहत सहायता राशि दी जाएगी।  महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति महीना सहायता राशि देने का वायदा आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले किया था. हालांकि विपक्ष ये सवाल उठा रहा है कि सरकार ने ये योजना कार्यकाल के चार साल पूरे होने के बाद शुरू की है. विपक्ष यह भी मांग करता रहा है कि महिलाओं को ये राशि पिछले चार साल के लिए दी जाए। 

BCCI ने जारी किया न्यूजीलैंड टूर शेड्यूल, इस तारीख से शुरू होगा टीम इंडिया का दौरा

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के व्यस्त इंटरनेशनल कैलेंडर में अब एक और बड़ा दौरा जुड़ गया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अक्टूबर-नवंबर 2026 में होने वाले टीम इंडिया के न्यूजीलैंड दौरे का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. इस दौरे पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच कुल 12 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें 5 टी20 इंटरनेशनल, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच शामिल हैं।  दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर 2026 को क्राइस्टचर्च में पहले टी20 मुकाबले से होगी. टी20 सीरीज के सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होंगे. इसके बाद दोनों टीमें पांच मैचों की वनडे सीरीज में आमने-सामने होंगी, जिसका पहला मुकाबला 4 नवंबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जाएगा।  वनडे सीरीज के सभी मैच भारतीय समयानुसार सुबह 8:30 बजे शुरू होंगे. ऑकलैंड, वेलिंगटन, हैमिल्टन और माउंट माउंगानुई इस सीरीज की मेजबानी करेंगे।  BCCI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि यह ऐतिहासिक दौरा अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जिसमें पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच शामिल होंगे. टेस्ट सीरीज के दो मैच 19 और 27 नवंबर से होंगे।  भारतीय टीम के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि न्यूजीलैंड की परिस्थितियां हमेशा से विदेशी टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण रही हैं. ऐसे में यह सीरीज खिलाड़ियों की तैयारी और टीम संयोजन को परखने का बड़ा अवसर होगी।  भारत बनाम न्यूजीलैंड 2026: टी20 सीरीज का शेड्यूल पहला टी20 – 22 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल), दोपहर 1:30 बजे दूसरा टी20 – 24 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल), दोपहर 1:30 बजे  तीसरा टी20 – 27 अक्टूबर, वेलिंगटन (एचएनआरवाई स्टेडियम), दोपहर 1:30  चौथा टी20 – 30 अक्टूबर, ऑकलैंड (ईडन पार्क), दोपहर 1:30 बजे  पांचवां टी20 – 1 नवंबर, हैमिल्टन (सेडन पार्क), दोपहर 1:30 बजे  भारत बनाम न्यूजीलैंड 2026: वनडे सीरीज का शेड्यूल पहला वनडे – 4 नवंबर, ऑकलैंड (ईडन पार्क), सुबह 8:30 बजे  दूसरा वनडे – 7 नवंबर, वेलिंगटन (एचएनआरवाई स्टेडियम), सुबह 8:30 बजे  तीसरा वनडे – 10 नवंबर, हैमिल्टन (सेडन पार्क), सुबह 8:30 बजे  चौथा वनडे – 13 नवंबर, माउंट माउंगानुई (बे ओवल), सुबह 8:30 बजे  पांचवां वनडे – 15 नवंबर, माउंट माउंगानुई (बे ओवल), सुबह 8:30 बजे  भारत बनाम न्यूजीलैंड 2026: टेस्ट सीरीज का शेड्यूल पहला टेस्ट: 19 से 23 नवंबर, वेल‍िंगटन (बेस‍िन र‍िजर्व), सुबह 4:30 बजे  दूसरा टेस्ट: 27 से 1 द‍िसंबर, क्राइस्टचर्च (हेगले ओवल), सुबह 4:30 बजे 

महिला शिक्षिकाओं को नजदीकी पंचायत में पोस्टिंग, पुरुष शिक्षकों का भी होगा ट्रांसफर

पटना बिहार में अपने तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया है कि जून के महीने में टीचरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग होगी। मंगलवार को शेखपुरा में एक कार्यक्रम में मौजूद सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी बताया है कि पुरुष और महिला टीचरों की कहां पोस्टिंग होगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्होंने निर्देश दिया है कि जो महिला शिक्षिका हैं उन्हें बगल वाले पंचायत में पोस्टिंग मिलेगी। सम्राट चौधरी ने कहा, 'आपकी चिंता सरकार की चिंता है। हमने शिक्षकों को कहा है कि जून के महीने में सभी का ट्रांसफर होगा। जो महिला शिक्षिका हैं उनको उनके पंचायत के बगल वाले पंचायत में पोस्टिंग किया जाए। जो पुरुष शिक्षक हैं उनको बगल के प्रखंड में ट्रांसफर कर दिया जाए। पूरी व्यवस्था उनके घर में रहे। वो घर से जाकर हमारे बच्चों को पढ़ाने का काम कर सकें। हम उनको घर का किराया नहीं दे रहे हैं लेकिन हम व्यवस्था को लेकर उनके साथ खड़े होना चाहते हैं। हमारी शिक्षा की व्यवस्थाा सुदृढ़ हो उसको आगे बढ़ाना है।' छात्रों-अभिभावकों की शिकायतों का 30 दिन में होगा निपटारा- शिक्षा मंत्री इधर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों का हर हाल में अधिकतम 30 दिनों के अंदर समाधान करना होगा। निष्पादन नहीं कर सकने की स्थिति में कारण बताना होगा। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था के माध्यम से छात्रवृत्ति, नामांकन, प्रमाण पत्र, विद्यालय संबंधी शिकायतों एवं अन्य शैक्षणिक समस्याओं का समाधान अधिक सरल और सुगम हो सकेगा। शिक्षा विभाग ने इसको लेकर एसओपी बनाना शुरू कर दिया है। इसके तहत सारी शिकायतों की कैटेगरी बनायी जा रही है। इसके बाद उनके निष्पादन के लिए दिनों का निर्धारण किया जाएगा। इसमें यह बताया जाएगा कि किस शिकायत का निष्पादन कितने दिनों में किया जाएगा। किसी प्रकार की शिकायत को किसी सूरत में लंबित नहीं रखा जा सकेगा। शिक्षा विभाग ने तैयार किया है सिंगल विंडो सिस्टम छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की सारी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर करने के लिए शिक्षा विभाग ने सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किया है। विभाग की ओर से टोल-फ्री नंबर 14417 और 18003454417 जारी किया जा चुका है। इन नंबरों पर आमजन शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था, छात्र-छात्राओं तथा विद्यालय संबंधी शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज कर सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अब विद्यार्थी और अभिभावक टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे, जिनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिपोर्ट करेंगे हार्दिक पांड्या, अफगानिस्तान सीरीज से पहले तैयारी तेज

नई दिल्ली  IND vs AFG ODI: भारतीय टीम और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट और तीन वनडे मैच की सीरीज कुछ ही दिन बाद खेली जाएगी। एकमात्र टेस्ट 6 जून से शुरू होगा, वहीं वनडे सीरीज 13 जून से होगी। बीसीसीआई ने दोनों फॉर्मेट के लिए भारतीय टीम का एलान पहले ही कर दिया है, जहां वनडे टीम में हार्दिक पांड्या और रोहित शर्मा को शामिल किया गया है, लेकिन बोर्ड ने ये भी बताया कि दोनों का खेलना फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा। अफगानिस्तान वनडे सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली की उपलब्धता पर एक बड़ा भी अपडेट सामने आया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी CoE पहुंचने वाले है। वो वहां एक हफ्ता बिताएंगे और फिर अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम से जुड़ेंगे। Rohit-Hardik को लेकर क्या अपडेट? रिपोर्ट में कहा गया कि बीसीसीआई ने हार्दिक और रोहित दोनों को CoE में रिपोर्ट करने को कहा था, लेकिन रोहित को फिलहाल कोई अपडेट नहीं सामने आया है। IND vs AFG ODI 2026: भारत की वनडे टीम इस प्रकार- शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे। अफगान टेस्ट से पहले बुलाए गए नेट बॉलर्स जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार को टीम मैनेजमेंट ने 6 जून से शुरू हो रहे अफगानिस्तान टेस्ट से पहले नेट्स में बॉलिंग के लिए बुलाया है। आकिब को टेस्ट टीम में नहीं चुने जाने पर काफी सवाल उठे थे। उनके साथ 6 और गेंदबाजों को भी नेट्स के लिए बुलाया गया है।  

झारखंड में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र घोटाला, रांची-बिहार तक फैला नेटवर्क सामने आया

जमशेदपुर सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड में चार हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का बड़ा घोटाला सामने आया है। रसुनिया, रुचाप और चौका जैसी पंचायतों से ये कंप्यूटर जनरेटेड सरकारी प्रमाण पत्र धड़ल्ले से बांटे गए। हैरानी की बात यह है कि इनमें सबसे ज्यादा प्रमाणपत्र रांची जिले के लोगों के हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्य बिहार और पश्चिम बंगाल के निवासियों को भी फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। भंडाफोड़ होने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू तो की, लेकिन अब इसकी रफ्तार इतनी धीमी हो गई है कि लोगों को लीपापोती का डर सताने लगा है। ऐसे खुला घोटाले का राज इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा मई के पहले हफ्ते में हुआ। विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के संस्थापक राकेश रंजन महतो ने रुचाप पंचायत में पश्चिम बंगाल (बाघुड़िया) के एक व्यक्ति को पकड़ा। वह व्यक्ति प्रखंड के कंप्यूटर ऑपरेटर राकेश गुप्ता को पैसे देकर अपना फर्जी जन्म प्रमाण पत्र लेकर लौट रहा था। शिकायत के बाद अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) ने जांच के आदेश दिए। पंचायत सचिवों और ऑपरेटर राकेश गुप्ता से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। लेकिन इसके बाद से ही ऑपरेटर राकेश गुप्ता इलाके से गायब है और जांच ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। सरकारी प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल नियम के मुताबिक, एक साल से अधिक उम्र के व्यक्ति का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन, पंचायत स्तर पर वेरिफिकेशन, प्रखंड कार्यालय की जांच और अंत में अनुमंडल कार्यालय की मंजूरी अनिवार्य होती है। बड़ा सवाल यह है कि इतनी सख्त और लंबी प्रक्रिया होने के बावजूद चार हजार फर्जी आवेदन कैसे पास हो गए? स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि इतना बड़ा खेल बिना बड़े अधिकारियों की मिलीभगत के नहीं चल सकता। सिर्फ निचले कर्मचारियों को मोहरा बनाकर असली दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है। इस मामले को लेकर हाल ही में राजनीतिक दलों ने भी धरना-प्रदर्शन कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पहले भी हो चुके हैं ऐसे कांड झारखंड में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया और बोकारो में भी बिल्कुल ऐसा ही रैकेट पकड़ा गया था। वहां भी बाहरी लोगों को झारखंड का निवासी बनाने के लिए हजारों फर्जी प्रमाणपत्र बेचे गए थे। चाकुलिया मामले में पंचायत सचिव और प्रज्ञा केंद्र संचालकों समेत पांच लोग जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद चांडिल प्रशासन ने पुरानी घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। अब जनता इस पूरे गिरोह के पर्दाफाश और सख्त कार्रवाई का इंतजार कर रही है। मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। -तालेश्वर रविदास, प्रखंड विकास पदाधिकारी, चांडिल